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मुख्यमंत्री डॉ. यादव आपकी अदालत में करेंगे संवाद

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का एक प्रतिष्ठित मीडिया समूह के 'आपकी अदालत' संवाद कार्यक्रम में विशेष साक्षात्कार शनिवार (30 अगस्त को) रात 10 बजे प्रसारित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस विशेष साक्षात्कार में मध्यप्रदेश के विकास एवं समसामयिक मुद्दों पर संवाद करेंगे।

मध्यप्रदेश के कण-कण में है सौंदर्य: सीएम यादव

भोपाल  भारत का हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश अप्रतिम सौंदर्य से समृद्ध प्रदेश है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि मध्यप्रदेश सर्वाधिक सम्मोहित करने वाला राज्य है। इसके कण-कण में सौंदर्य है। जो एक बार आता है यहां की स्मृतियों के सम्मोहन में बंधकर बार-बार आता है। मध्यप्रदेश में हर आयु के पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता है। पर्यटन के संबंध में दशकों पहले की अवधारणाएं अब समाप्त हो गई हैं। मध्यप्रदेश के पर्यटन ने अब उद्योग का रूप ले लिया है। हमारी नीतियों और दूरदर्शी निर्णयों से पर्यटन क्षेत्र का तेजी से विस्तार हो रहा है। यह सर्वमान्य तथ्य है कि अर्थव्यवस्था में पर्यटन सर्वाधिक रोजगार उत्पन्न करने वाला सैक्टर है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अतुल्य भारत का वैश्विक स्तर पर मान-सम्मान बढ़ा है। इसका सकारात्मक प्रभाव सभी राज्यों के पर्यटन उद्योग पर पड़ा है। देश का घरेलू पर्यटन बढ़ने से मध्यप्रदेश जैसे तेजी से बढ़ते राज्य को सीधा लाभ हुआ है। मध्यप्रदेश के शांतिप्रिय नागरिकों के लिये सबसे ज्यादा खुशी की बात है कि मध्यप्रदेश अब वैश्विक पर्यटन नक्शे पर ध्रुव तारे जैसा चमक रहा है। हमारे पर्यटन की सबसे बड़ी विशेषता है कि यह अत्यंत समृद्ध और विविधता से सम्पन्न है। साथ ही जिम्मेदार और सुरक्षित भी। प्रदेश में पर्यटन की नई-नई शाखाएं उभरी हैं। प्राकृतिक पर्यटन हो या सांस्कृतिक पर्यटन, आध्यात्मिक पर्यटन हो या वन्यजीव पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन हो या रोमांचकारी पर्यटन, कृषि पर्यटन हो या फिल्म पर्यटन या नया उभरता हुआ चिकित्सा पर्यटन। इन सभी नये स्वरूपों के साथ मध्यप्रदेश की पहचान बहु आयामी पर्यटन प्रदेश के रूप में हो रही है। प्रदेश में अब पर्यटकों की संख्या हर वर्ष बढ़ती जा रही है। गत वर्ष देश में सर्वाधिक पर्यटक मध्यप्रदेश में आए। नैसर्गिक सौन्दर्य, वन्य प्राणी, धार्मिक स्थल, आकर्षक ऐतिहासिक विरासतें और हरे-भरे वन हमारी विशेषता हैं। हमारे वन जीवित हैं। देश में सर्वाधिक बाघ मध्यप्रदेश में हैं। चंबल सबसे साफ नदी है जिसमें घड़ियालों का संरक्षण हो रहा है। नर्मदा मैया के दर्शन करने हजारों श्रद्धालु दूर-दूर से आते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्टि से मध्यप्रदेश अब देश का एकमात्र चीता प्रदेश बन गया है। चीतों का परिवार पालपुर कूनो में फल फूल रहा है। सांची, खजुराहो और भीमबेटका जैसी विश्वविख्यात धरोहर हमारी वैश्विक सांस्कृतिक पहचान है। अब यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में ग्वालियर किला, बुरहानपुर का खूनी भंडारा, चंबल के पत्थर कला स्थल, भोजेश्वर महादेव मंदिर भोजपुर, रामनगर मंडला के गोंड स्मारक और मंदसौर का धमनार भी जुड़ने की तैयारी में हैं। इसके अलावा नर्मदा परिक्रमा, गोंड चित्रकला और भगोरिया उत्सव भी पर्यटन के नक्शे पर प्रमुखता से उभरे हैं। मध्यप्रदेश ऐसा अग्रणी राज्य बन गया है, जिसने सबसे ज्यादा 18 स्थलों को विश्व विरासत सूची में शामिल करने की पहल की है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार के सहयोग से मध्यप्रदेश के पर्यटन को नई दिशा मिली है। केन्द्र का भरपूर सहयोग मिल रहा है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां ईको सेंसिटिव जोनल मास्टर प्लान बनाने का काम शुरू किया गया और 27 राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों में से सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान और बोरी वन्य जीव अभयारण्य में पूरा हो गया। हैरिटेज पर्यटन की कई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। प्रदेश में अधोसंरचना मजबूत होने, सड़क संपर्क में निरंतर सुधार होने और केन्द्र सरकार के सहयोग से रेल सुविधाओं के बढ़ने से पर्यटन क्षेत्र और उद्योग को लाभ मिला है। इस क्षेत्र में निवेश निरंतर बढ़ रहा है। हाल में रीवा पर्यटन कॉन्क्लेव में तीन हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। पर्यटन स्थलों में सुविधाएं निरंतर बढ़ाई जा रही हैं। पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा की शुरुआत हुई है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, सतना और सिंगरौली के मध्य वायु सेवा का संचालन हो रहा है। मध्यप्रदेश सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है। इसी समय आध्यात्मिक पर्यटन भी निरंतर विस्तार ले रहा है। भगवान श्रीमहाकाल की नगरी उज्जैन और यहां श्रीमहाकाल लोक विश्व विख्यात हैं। पिछले साल सात करोड़ श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। प्रदेश की जीडीपी में पर्यटन क्षेत्र के योगदान में आध्यात्मिक पर्यटन भागीदारी को और ज्यादा सशक्त बनाने की तैयारी चल रही है। ओरछा में भगवान श्रीराम का मंदिर है। यह विश्व का एकमात्र मंदिर है, जहां भगवान को राजा के रूप में गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है। यह अभूतपूर्व आध्यात्मिक घटनाक्रम है। यहां भगवान श्रीराम राजा की सरकार स्थापित है। ग्वालियर के ऐतिहासिक भव्य किले के संबंध में उल्लेख मिलता है कि भारत में पहली बार जीरो का लिखित इस्तेमाल कहां हुआ। ग्वालियर किले में नवीं शताब्दी के इस चतुर्भुज मंदिर में शून्य का सबसे शुरुआती शिलालेख पर उकेरा हुआ प्रमाण मिलता है। इस मंदिर को दुनिया में 'टैंपल ऑफ जीरो' के नाम से भी पहचाना जाता है। धार्मिक आयोजनों को नया स्वरूप दिया जा रहा है। बाबा श्रीमहाकाल की दिव्य सवारी को भव्य रूप दिया गया। रक्षा बंधन के त्यौहार और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को सार्वजनिक रूप से प्रदेश के कोने-कोने में मनाया गया।  

कर्मा पूजा पर स्नान करने गईं दो सहेलियां दामोदर में बह गईं, एक की लाश बरामद, एक की तलाश जारी

धनबाद झारखंड के धनबाद जिले में दामोदर नदी पर बृहस्पतिवार को 14 वर्षीय एक लड़की की डूब जाने से मौत हो गई और एक लड़की लापता हो गई, जबकि तीन लड़कियों को बचा लिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। सुबह करीब नौ बजे सुदामडीह थाना क्षेत्र के अंतर्गत इलाके में ये लड़कियां स्नान करने आई थी और तभी यह घटना हुई। सुदामडीह थाना प्रभारी राहुल कुमार सिंह ने बताया कि पांच लड़कियां कर्मा पूजा के लिए दामोदर नदी में स्नान करने गई थीं। सिंह ने बताया, ‘‘पांचों लड़कियां नदी के तेज़ बहाव में बहने लगी। स्थानीय मछुआरों ने उनमें से तीन लड़कियों को बचा लिया, लेकिन दो लड़कियां बह गईं और एक घंटे बाद मोहलबनी बर्निंग घाट के पास एक लड़की को नदी से बाहर निकाला गया। उसे स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।'' मृतका की पहचान रूमानी कुमारी के रूप में हुई है। उन्होंने कहा, ‘‘संध्या कुमारी अब भी लापता है, जिसको ढूंढने के लिए तलाशी अभियान जारी है।''  

केंद्रीय मंत्री अमित शाह से मिले पंजाब राज्यपाल, बाढ़ राहत कार्यों पर हुई चर्चा

पंजाब पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया अपने दो दिवसीय गुवाहाटी (असम) प्रवास के दौरान आज कोइनाधारा गेस्ट हाउस, गुवाहाटी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस अवसर पर राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने गुवाहाटी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जहां चंडीगढ़ नगर निगम हेतु स्वीकृत करोड़ों की अनुदान राशि पर आभार जताया वहीं पंजाब की बाढ़ स्थिति से अवगत कराया। इस मुलाकात के दौरान, राज्यपाल कटारिया ने चंडीगढ़ नगर निगम के लिए हाल ही में स्वीकृत 125 करोड़ रुपए की अनुदान राशि के लिए केंद्रीय गृह मंत्री का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह राशि शहर के बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने में सहायक सिद्ध होगी। राज्यपाल ने केंद्रीय गृह मंत्री को पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ की स्थिति की भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति, प्रभावित क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति तथा भविष्य में आवश्यक सहयोग के बारे में भी अवगत कराया। मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय विकास, जनसेवा और आपदा प्रबंधन जैसे विभिन्न विषयों पर भी विचार-विमर्श किया। 

स्वच्छ भारत मिशन की मीटिंग में गूंजा फरमान, कैथल के वाइस चेयरमैन बोले- लापरवाह अधिकारियों का दो वीडियो

कैथल  कैथल में आज एक स्वच्छता अभियान को लेकर अहम बैठक का आयोजन हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती और स्वच्छ भारत मिशन के कार्यकारी वाइस चेयरमैन सुभाष चंद्र ने अधिकारियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया।  इस बैठक का उद्देश्य था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने के लिए अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारी का एहसास कराना। लेकिन, इस महत्वपूर्ण वर्कशॉप में मौजूद अधिकारियों की उदासीनता ने सबको हैरान कर दिया। ज्यादातर अधिकारी स्वच्छता पर चर्चा के बजाय अपने मोबाइल फोनों में व्यस्त दिखे। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो उन्हें इस अभियान से कोई सरोकार ही नहीं है।  पत्रकारों से बातचीत में सुभाष चंद्र ने जोश के साथ कहा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना के पूरे भारत को स्वच्छ बनाना है इसी तरह हरियाणा के मुख्यमंत्री भी पूरे हरियाणा को स्वच्छ बनाने पर जोर दे रहे हैं और हम उनके प्रयासों को आगे बढ़ा रहे हैं, "हमें पूरे भारत को स्वच्छ बनाना है। स्वच्छ भारत ही रोगमुक्त भारत की नींव है। इसके लिए हम अधिकारियों को जागरूक कर रहे हैं।" लेकिन जब पत्रकारों ने उनसे अधिकारियों की लापरवाही और मोबाइल में व्यस्त रहने का सवाल उठाया, तो सुभाष चंद्र ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, "अगर आपके पास ऐसा कोई तथ्य या वीडियो है, तो हमें उपलब्ध कराएं। हम ऐसे गैर-जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। "यह घटना न केवल स्वच्छ भारत मिशन के प्रति अधिकारियों की गंभीरता पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर करती है कि क्या इस तरह की उदासीनता के साथ स्वच्छ भारत का सपना सचमुच पूरा हो पाएगा?

योगी आदित्यनाथ ने किया निर्वाचन आयोग कार्यालय भवन का शिलान्यास, राजभर ने दी प्रतिक्रिया

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ की अवध विहार योजना में शुक्रवार को राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय भवन के निर्माण लिए भूमि पूजन किया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और उत्तर प्रदेश का राज्य निर्वाचन आयोग सर्वाधिक जनप्रतिनिधियों का चुनाव करता है। यहां 12 करोड़ से ज्यादा मतदाता हैं। ऐसे आयोग के पास अपना भवन तक नहीं था पर अब डेढ़ वर्ष में आयोग का छह मंजिला भवन बनकर तैयार हो जाएगा। उन्होंने कहा कि हम बचपन से ही सुनते आए हैं कि रोटी, कपड़ा और मकान किसी भी व्यक्ति की बुनियादी जरूरतें हैं और आयोग के पास अपना भवन तक नहीं था। अब ये कमी दूर हो जाएगी। राजभर बोले, जो पहले नहीं हुआ वो अब हो रहा है इस मौके पर पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि योगी जी के रूप में हमें पहली बार ऐसा मुख्यमंत्री मिला है जो लगातार परिश्रम कर प्रदेश को आगे बढ़ा रहे हैं। उनकी सरकार में इस तरह से काम हो रहे हैं जो कि अभी तक नहीं हुए हैं।  

CBI कोर्ट का फैसला: झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का सहित 10 लोग दोषी

रांची झारखंड में लागू जमीन संबंधी विशेष कानून 'छोटानागपुर टेनेंसी एक्ट (सीएनटी एक्ट)' के उल्लंघन से जुड़े 15 साल पुराने मामले में रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने राज्य के पूर्व मंत्री एनोस एक्का, उनकी पत्नी मेनन एक्का, रांची के तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्ता कार्तिक कुमार प्रभात सहित 10 लोगों को दोषी करार दिया। इसके तुरंत बाद सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अदालत ने सजा पर सुनवाई के लिए 30 अगस्त की तारीख तय की है। सिमडेगा निवासी एनोस एक्का वर्ष 2005 से 2008 के बीच अर्जुन मुंडा और बाद में मधु कोड़ा सरकार में मंत्री रहे। आरोप है कि मंत्री रहते उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए फर्जी पते का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर आदिवासी जमीन की खरीद-फरोख्त की। रांची के तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात ने उनकी मदद की। प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से यह सौदे किए गए। सीबीआई की जांच में सामने आया कि मार्च 2006 से मई 2008 के बीच एनोस एक्का की पत्नी मेनन एक्का के नाम पर विभिन्न इलाकों में जमीन खरीदी गई। इसमें हिनू में 22 कट्ठा, ओरमांझी में 12 एकड़, नेवरी में 4 एकड़ और चुटिया के सिरम टोली मौजा में 9 डिसमिल भूमि शामिल है। कोर्ट ने सीबीआई के सभी आरोप सही पाए। इस मामले की सुनवाई सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक प्रियांशु सिंह ने की। अदालत में दलीलों और गवाहों के आधार पर यह साबित हुआ कि जमीन खरीदने-बेचने में सीएनटी एक्ट का खुला उल्लंघन हुआ है। गौरतलब है कि छोटानागपुर टेनेंसी एक्ट,1908 ब्रिटिश शासनकाल में लागू हुआ था। इसका उद्देश्य आदिवासी समुदाय की जमीन की सुरक्षा करना है। इस कानून के तहत आदिवासी भूमि को गैर-आदिवासियों को बेचना, गिरवी रखना या स्थानांतरित करना प्रतिबंधित है। यहां तक कि कोई आदिवासी भी अपने थाना क्षेत्र से बाहर के किसी अन्य आदिवासी को भूमि नहीं बेच सकता है।

जनकल्याण के कार्य प्राथमिकता से किए जाएं-राज्यमंत्री

अनूपपुर  मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र कोतमा में सभी प्रकार के लंबित अधोसंरचनात्मक विकास एवं निर्माण कार्य नियोजित ढंग से जल्द से जल्द पूर्ण किए जाएं। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में कोई कमी न रहे। कार्य की गुणवत्ता से ही अधिकारियों के कार्य प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा। सुनिश्चित करें कि सभी प्रकार के कार्य तय समय-सीमा में ही पूरे हों। राज्यमंत्री श्री जायसवाल गुरुवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय के नर्मदा सभागार में विधानसभा क्षेत्र कोतमा में चल रहे विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे।  राज्यमंत्री ने कहा कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं पाए जाते हैं या उनमें गुणवत्ता की कमी होती है, तो इसके लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार माने जाएंगे। बैठक में राज्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के निर्माणाधीन कार्यों की समीक्षा की। इसमें कटकोना से ऊरा मार्ग तथा राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से पथरौड़ी मार्ग व अन्य मार्ग की स्थिति की जानकारी ली। इसी क्रम में पीआईयू द्वारा निर्माणाधीन भवनों की जानकारी प्रस्तुत की गई। कार्यपालन यंत्री ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र कोतमा में कुल 17 भवन स्वीकृत हैं, जिनमें 4 आदिवासी कन्या शिक्षा परिसर, 1 लोक शिक्षा केंद्र तथा 12 राज्य शिक्षा केंद्र के भवन शामिल हैं। ये सभी भवन निर्माणाधीन हैं और शीघ्र ही पूर्ण हो जाएंगे। मंत्री ने भवनों की गुणवत्ता के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।  बैठक में लोक निर्माण विभाग सेतु के अधिकारियों से शिकारपुर से बगडुमरा मार्ग में भेड़वा नाला पुल निर्माण की स्थिति पर भी चर्चा हुई। साथ ही सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत खनिज प्रतिष्ठान मद से निर्माणाधीन पांच माध्यमिक शालाओं एवं चार प्राथमिक शालाओं की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की गई। बैठक में ऊर्जा विभाग द्वारा पीएम जनमन योजना के अंतर्गत विद्युत अधोसंरचना से संबंधित निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त राज्यमंत्री ने नेशनल हाईवे के 2 कार्य, मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पाेरेशन के 11 कार्य, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के 14 कार्य तथा जल संसाधन विभाग के 1 कार्य की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए।  बैठक में कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अनूपपुर जिले में विकास कार्यों के दौरान जनप्रतिनिधियों से भूमि पूजन कराया जाए तथा निर्माण पूर्ण होने पर लोकार्पण भी अवश्य कराया जाए। साथ ही, प्रत्येक निर्माण स्थल पर शिलालेख पत्थर स्थापित किए जाएं, ताकि लोगों को कार्यों की जानकारी प्राप्त हो सके। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही, सभी कार्य नियोजित एवं व्यवस्थित ढंग से पूरे किए जाएं। बैठक में अन्य विभिन्न महत्वपूर्ण आवश्यक बिंदुओं पर भी चर्चा की गई तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए गए।  बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री तन्मय वशिष्ठ शर्मा, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कोतमा श्री अजीत तिर्की सहित विभिन्न निर्माण विभागों के कार्यपालन यंत्री, अनुविभागीय अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

प्रदेश में रासायनिक खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध

चालू खरीफ सीजन के लिए 7.12 लाख मीट्रिक टन यूरिया के विरूद्ध 6.39 लाख मीट्रिक टन यूरिया का वितरण 5.30 लाख बॉटल नैनो उर्वरक का भंडारण कर किसानों को 4.18 लाख बॉटल नैनो उर्वरक का किया गया वितरण  रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश के किसानों को हर संभव रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं रासायनिक उर्वरक की लागत में कमी लाने तथा डीएपी खाद की आपूर्ति में कमी को ध्यान में रखते हुए नैनो उर्वरक के उपयोग के लिए किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है। प्रदेश में चालू खरीफ सीजन के लिए भारत सरकार द्वारा 14.62 लाख मीट्रिक टन विभिन्न रासायनिक खादों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य के विरूद्ध सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में 15.64 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद का भंडारण कर लिया गया है। भंडारण के विरूद्ध किसानों को 13.19 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया गया है। समितियों एवं निजी क्षेत्रों में भी यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसान भी उत्साह पूर्वक नैनो उर्वरकों का उपयोग कर रहे हैं।  कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चालू खरीफ सीजन के लिए 25 अगस्त की स्थिति में 3 लाख 91 हजार 79 मीट्रिक टन एवं निजी क्षेत्र में 3 लाख 11 हजार 563 मीट्रिक टन इस तरह कुल 7 लाख 2 हजार 642 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है। भंडारण के विरूद्ध 6 लाख 38 हजार 599 मीट्रिक टन यूरिया किसानों को वितरित किए जा चुके हैं। इसमें 3 लाख 42 हजार 444 सहकारी क्षेत्र और 2 लाख 96 हजार 155 मीट्रिक टन निजी क्षेत्र से वितरण शामिल है, जबकि पिछले खरीफ सीजन वर्ष 2024 में 6 लाख 17 हजार 798 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया गया था। इसी तरह नैनो यूरिया का सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 78 हजार 919 बॉटल (500 मि.ली.) एवं निजी क्षेत्र में 1 लाख 12 हजार 140 बॉटल इस तरह कुल 2 लाख 91 हजार 59 बॉटल  भंडारण किया गया है। वहीं नैनो डीएपी का सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 58 हजार 809 बॉटल तथा निजी क्षेत्र में 79 हजार 810 बॉटल इस तरह कुल 2 लाख 38 हजार 619 बॉटल भंडारण किया गया है। भंडारण के विरूद्ध नैनो यूरिया किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल और नैनो डीएपी 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल (500 मि.ली.) वितरित किया जा चुका है।  कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल (500 मि.ली.) नैनो यूरिया का वितरण किया गया है जिससे 2 हजार 617 मीट्रिक टन परंपरागत यूरिया की आपूर्ति के बराबर प्रभाव पड़ा। वहीं 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल (500 मि.ली.) नैनो डीएपी का वितरण किया गया जो 4 हजार 628 मीट्रिक टन परंपरागत डीएपी के बराबर है। इससे यह स्पष्ट होता है कि नैनो उर्वरको का उपयोग परंपरागत उर्वरक भार को कम करने और आपूर्ति में संतुलन लाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि नैनो यूरिया उपयोग से 80 से 90 प्रतिशत पोषक तत्व प्राप्त होता है इसके साथ ही लागत मंे भी कमी आती हैं वहीं साथ ही पर्यावरण के अनुकूल होते है तथा प्रदूषण स्तर को घटाता है। नैनो यूरिया के उपयोग से परिवहन और भंडारण पर बचत होती है तथा पर्यावरण पर भी कम प्रभाव पड़ता है।       कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, धान की एक एकड़ फसल के लिए आवश्यक 50 किलोग्राम ठोस डीएपी खाद के स्थान पर केवल 25 किलोग्राम ठोस डीएपी तथा एक आधा लीटर नैनो डीएपी की बोतल पर्याप्त होती है। कृषि विभाग के कर्मचारी गांव-गांव जाकर कृषि चौपालों एवं विकसित कृषि संकल्प अभियान के माध्यम से किसानों को डेमो दिखाए गए और विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही, नैनो उर्वरक से संबंधित पंपलेट, बैनर और पोस्टर सहकारी समितियों में प्रदर्शित किए गए हैं। कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारी द्वारा लगातार खेतों का भ्रमण कर रहे हैं और किसानों को नैनो उर्वरक के प्रयोग और इसके लाभों की जानकारी दे रहे हैं जिसके परिणामस्वरूप किसान पूरे विश्वास के साथ अपनी धान की फसल में नैनो उर्वरक का उपयोग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कोरिया प्रवास में ModernTech Corp. और UNECORAIL को छत्तीसगढ़ में निवेश व सहयोग के लिए किया आमंत्रित

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कोरिया प्रवास में ModernTech Corp. और UNECORAIL को छत्तीसगढ़ में निवेश व सहयोग के लिए किया आमंत्रित ईवी चार्जिंग मैन्युफैक्चरिंग, रेलवे अधोसंरचना और तकनीकी हस्तांतरण से राज्य की स्वच्छ ऊर्जा व लॉजिस्टिक्स क्षमता को मिलेगी नई गति रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान ग्रीन मोबिलिटी सॉल्यूशंस की अग्रणी कंपनी ModernTech Corp. और रेल रखरखाव समाधानों की प्रमुख कोरियाई कंपनी UNECORAIL को छत्तीसगढ़ में निवेश और सहयोग के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना, सतत परिवहन अधोसंरचना का निर्माण करना और रेलवे नेटवर्क को मज़बूत बनाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन दोनों कंपनियों के साथ साझेदारी से छत्तीसगढ़ की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा और लॉजिस्टिक्स बैकबोन को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  ग्रीन मोबिलिटी सॉल्यूशंस की अग्रणी कंपनी ModernTech Corp. को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित कर कंपनी को प्रदेश में अत्याधुनिक ईवी चार्जिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव देते हुए कहा कि यह परियोजना राज्य को स्वच्छ ऊर्जा और सतत परिवहन अधोसंरचना के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की औद्योगिक नीति 2024–30, हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लक्ष्यों के अनुरूप है। उन्होंने कहा— “छत्तीसगढ़ में ईवी चार्जिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना से न केवल स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को बल मिलेगा, बल्कि प्रदेश की जनता को बेहतर और आधुनिक परिवहन अवसंरचना भी उपलब्ध होगी। यह पहल भविष्य की पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण का उपहार देने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।” उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इस निवेश से स्थानीय युवाओं के लिए व्यापक रोज़गार अवसर सृजित होंगे, राज्य में हरित तकनीकी कौशल का विकास होगा और ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में सतत परिवहन नेटवर्क को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ModernTech Corp. का अनुभव और विशेषज्ञता छत्तीसगढ़ की ऊर्जा संक्रमण यात्रा को तेज़ करेगी। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा तथा स्थानीय स्तर पर घटक निर्माण इकाइयों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे छत्तीसगढ़ हरित ऊर्जा के क्षेत्र में एक उभरते हुए राष्ट्रीय हब के रूप में स्थापित होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ModernTech Corp. के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि “प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया गया है, ताकि निवेशक बिना किसी बाधा के अपने प्रोजेक्ट को शीघ्रता से क्रियान्वित कर सकें।” मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान UNECORAIL के सीईओ श्री डोंग पिल पार्क से मुलाकात की। यह कंपनी कोरिया की अग्रणी रेल मेंटेनेंस समाधान प्रदाता है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री और कंपनी के प्रतिनिधियों के बीच स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग, तकनीकी हस्तांतरण और रेलवे  अधोसंरचना विकास में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तेज़ी से बढ़ती औद्योगिक और लॉजिस्टिक आवश्यकताओं को देखते हुए रेलवे क्षेत्र में अत्याधुनिक समाधान बेहद अहम हैं। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि UNECORAIL के अनुभव और विशेषज्ञता से राज्य में रेलवे नेटवर्क को सुदृढ़ करने, रखरखाव को बेहतर बनाने और लॉजिस्टिक्स बैकबोन को मजबूत करने में नई दिशा मिलेगी। इससे न केवल औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी बल्कि आम जनता को भी सुरक्षित और सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास को नीति का केंद्रीय तत्व बना रही है। उन्होंने सभी निवेशकों से आग्रह किया कि वे छत्तीसगढ़ के विकास भागीदार बनें और इस परिवर्तनकारी यात्रा में शामिल होकर राज्य को नए शिखरों पर पहुँचाएँ।