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‘राजनीति का गिरता स्तर चिंताजनक’ – पीएम मोदी को गाली पर मायावती की प्रतिक्रिया

पटना  बिहार में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मां की गाली से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती भी दुखी हैं। मायावती ने शुक्रवार को कहा कि राजनीति में उच्च पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ अभद्र टिप्‍पणी किया जाना दुखद और चिंतनीय है। मायावती ने 'एक्‍स' पर लिखा कि देश में खासकर राजनीतिक स्वार्थ के कारण राजनीति का गिरता हुआ स्तर अति-दुखद एवं चिंतनीय है। उन्होंने कहा कि देश में उच्च सरकारी व गैर-सरकारी संस्थाओं व विशेषकर राजनीति में उच्च पदों पर बैठे लोगों के बारे में जिस प्रकार की अभद्र, अशोभनीय, अमर्यादित व असंसदीय टिप्पणी करके उनकी व देश की छवि को भी धूमिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं वह अत्यंत दुखद व चिंतनीय है। कहा कि इस संबंध में सभी दलों की राजनीति सिद्धांत आधारित और देश और आमजन के हित में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि खासकर चुनाव के समय यह प्रक्रिया और भी अधिक विषैली व हिंसक हो जाती है। इसी क्रम में अभी बिहार में भी जो कुछ देखने व सुनने को मिला है वह देश की चिंता को बढ़ाने वाला है। मायावती ने कहा कि बसपा किसी भी प्रकार की दूषित व जहरीली राजनीति के खिलाफ है। भाजपा ने इस मुद्दे पर कहा है कि बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नीत 'इंडिया' गठबंधन को जनता द्वारा ''दंडित'' किया जाएगा। सोशल मीडिया पर आई एक वीडियो क्लिप में कुछ लोग 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान दरभंगा में एक मंच से प्रधानमंत्री मोदी को मां की गाली देते सुनाई और दिखाई दे रहे हैं। हालांकि शुक्रवार को पुलिस ने गाली देने वाले को गिरफ्तार कर लिया है। सीएम योगी आक्रोशित इससे पहले सीएम योगी ने इसी लेकर गुस्से का इजहार किया था। योगी ने कहा कि कांग्रेस और आरजेडी के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए प्रयुक्त अभद्र भाषा अत्यंत निंदनीय एवं राजनीतिक मर्यादा का पतन है। INDI गठबंधन के नेताओं द्वारा किया गया यह कृत्य सिर्फ प्रधानमंत्री जी का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारत वासियों की भावनाओं का अपमान है। याद रहे, एक साधारण माँ ने अपने संघर्षों और संस्कारों से ऐसे पुत्र को गढ़ा, जिसने स्वयं को राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित कर दिया और आज विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता के रूप में जन-जन के मन में बसते हैं। बिहार की जनता निश्चित ही इस घृणित राजनीति का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी और भारतीय संस्कृति व लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करेगी।  

पटना कोर्ट परिसर में बम की सूचना पर मचा हड़कंप, जांच में जुटी पुलिस

पटना पटना व्यवहार न्यायालय को शुक्रवार को गंभीर बम धमकी मिली, जिसके बाद पूरे न्यायालय परिसर में हड़कंप मच गया। धमकी ईमेल के माध्यम से न्यायालय के जज को भेजी गई। सूचना मिलने के तुरंत बाद पटना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच में जुट गए। वहीं, कोर्ट परिसर को पूरी तरह खाली करवा दिया गया और सभी सुनवाईयां नई तारीख पर स्थगित कर दी गईं। बम स्क्वॉड की टीम को भी बुलाया गया और न्यायालय परिसर में विस्तार से तलाशी अभियान चला। हालांकि, तलाशी के दौरान किसी प्रकार का विस्फोटक पदार्थ नहीं मिला। पटना पुलिस का कहना है कि धमकी किस ओर से और किसने भेजी, इसकी जांच की जा रही है। साइबर सेल और अन्य जांच टीमों की मदद भी ली जा रही है। पुलिस ने कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। धमकी ईमेल में कहा गया है कि बिहार से तमिलनाडु जाने वाले प्रवासी मजदूरों की संख्या बढ़ने से तमिलनाडु की स्थानीय जनसंख्या संरचना प्रभावित हो रही है। धमकी में बताया गया कि चार आरडीएक्स आईईडी न्यायाधीश के कक्ष और परिसर में स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही ईमेल में यह भी दावा किया गया कि यह अभियान पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के सहयोग से चलाया जा रहा है और बिहार श्रमिकों को चेन्नई भेजना बंद किया जाए। इस धमकी के बाद पटना व्यवहार न्यायालय की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और पुलिस मामले की गहन जांच में लगी हुई है। वहीं, पटना व्यवहार न्यायालय के वकील राजन सिंह ने बताया कि यह दूसरी बार है जब पटना सिविल कोर्ट को बम धमकी मिली है। उन्होंने कहा कि पटना पुलिस से अपील है कि इस मामले को गंभीरता से लें और धमकी देने वाले को तुरंत गिरफ्तार करें। उन्होंने यह भी बताया कि पिछली बार धमकी देने वाले की गिरफ्तारी हुई या नहीं, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। इस बार धमकी मिलने के बाद कोर्ट में अफरातफरी मच गई और हम सभी फौरन अपने-अपने चैंबर से बाहर निकल आए। राजन सिंह ने कहा कि पटना पुलिस कोर्ट में कड़ी सुरक्षा मुहैया कराए।

CM मोहन यादव बोले – मध्यप्रदेश के कण-कण में बसा है सौंदर्य

सीएम ब्लॉग भोपाल  भारत का हह्यदय प्रदेश मध्यप्रदेश अप्रतिम सौंदर्य से समृद्ध प्रदेश है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि मध्यप्रदेश सर्वाधिक सम्मोहित करने वाला राज्य है। इसके कण-कण में सौंदर्य है। जो एक बार आता है यहां की स्मृतियों के सम्मोहन में बंधकर बार-बार आता है। मध्यप्रदेश में हर आयु के पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता है। पर्यटन के संबंध में दशकों पहले की अवधारणाएं अब समाप्त हो गई हैं। मध्यप्रदेश के पर्यटन ने अब उद्योग का रूप ले लिया है। हमारी नीतियों और दूरदर्शी निर्णयों से पर्यटन क्षेत्र का तेजी से विस्तार हो रहा है। यह सर्वमान्य तथ्य है कि अर्थव्यवस्था में पर्यटन सर्वाधिक रोजगार उत्पन्न करने वाला सेक्टर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अतुल्य भारत का वैश्विक स्तर पर मान-सम्मान बढ़ा है। इसका सकारात्मक प्रभाव सभी राज्यों के पर्यटन उदयोग पर पड़ा है। देश का घरेलू पर्यटन बढ़ने से मध्यप्रदेश जैसे तेजी से बढ़ते राज्य को सीधा लाभ हुआ है। मध्यप्रदेश के शांतिप्रिय नागरिकों के लिये सबसे ज्यादा खुशी की बात है कि मध्यप्रदेश अब वैश्चिक पर्यटन नक्शे पर ध्रुव तारे जैसा चमक रहा है। हमारे पर्यटन की सबसे बड़ी विशेषता है कि यह अत्यंत समृद्ध और विविधता से सम्पन्न है। साथ ही जिम्मेदार और सुरक्षित भी। प्रदेश में पर्यटन की नई-नई शाखाएं उभरी है। प्राकृतिक पर्यटन हो या सांस्कृतिक पर्यटन, आध्यात्मिक पर्यटन हो या वन्यजीव पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन हो या रोमांचकारी पर्यटन, कृषि पर्यटन हो या फिल्म पर्यटन या नया उभरता हुआ चिकित्सा पर्यटन। इन सभी नये स्वरूपों के साथ मध्यप्रदेश की पहचान बहुआयामी पर्यटन प्रदेश के रूप में हो रही है। प्रदेश में अब पर्यटकों की संख्या हर वर्ष बढ़ती जा रही है। गत वर्ष देश में सर्वाधिक पर्यटक मध्यप्रदेश में आए। नैसर्गिक सौन्दये, वन्य प्राणी, धार्मिक स्थल, आकर्षक ऐतिहासिक विरासतें और हरे-भरे वन हमारी विशेषता है। हमारे वन जीवत है। देश में सर्वाधिक बाघ मध्यप्रदेश में हैं। चंबल सबसे साफ नदी है जिसमें घड़ियालों का संरक्षण हो रहा है। नर्मदा मैया के दर्शन करने हजारों श्रद्धालु दूर-दूर से आते है। प्रधानमवी नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्टि से मध्यप्रदेश अब देश का एकमात्र चौता प्रदेश बन गया है। चौतों का परिवार पालपुर कूनो में फल फूल रहा है। सांची, खजुराहो और भीमबेटका जैसी विश्वविख्यात धरोहर हमारी वैश्विक सांस्कृतिक पहचान है। अब यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में ग्वालियर किला, बुरहानपुर का खूनी भंडारा, चंबल के पत्थर कला स्थल, भोजेश्वरा महादेव मंदिर भोजपुर, रामनगर मंडला के गाँड स्मारक और मंदसौर का धमनार भी जुड़ने की तैयारी में हैं। इसके अलावा नर्मदा परिक्रमा, गौड चित्रकला और भगोरिया उत्सव भी पर्यटन के नक्शे पर प्रमुखता से उभरे हैं। मध्यप्रदेश ऐसा अग्रणी राज्य चल गया है. जिसने सबसे ज्यादा 18 स्थलों को विश्व विरासत सूची में शामिल करने की पहल की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार के सहयोग से मध्यप्रदेश के पर्यटन को नई दिशा मिली है। केन्द्र का भरपूर सहयोग मिल रहा है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जहां इको सेंसिटिव जोनल मास्टर प्लान बनाने का काम शुरू किया गया और 27 राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों में से सतपुड़ा राष्ट्रीय उदयान और बोरी वन्य जीव अभ्यारण्य में पूरा हो गया। हैरिटेज पर्यटन की कई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। प्रदेश में अधोसंरचना मजबूत होने, सड़क संपर्क में निरंतर सुधार होने और केन्द्र सरकार के सहयोग से रेल सुविधाओं के बढ़ने से पर्यटन क्षेत्र और उदयोग को लाभ मिला है। इस क्षेत्र में निवेश निरंतर बढ़ रहा है। हाल में रीवा पर्यटन कॉन्क्लेव में तीन हजार करोड के निवेश प्रस्ताव मिले। पर्यटन स्थलों सुविधाएं निरंतर बढ़ाई जा रही हैं। पीएमपर्यटन वायु सेवा की शुरुआत हुई है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, सतना और सिगरौली के मध्य वायु सेवा का संचालन हो रहा है। मध्यप्रदेश सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है। इसी समय आध्यात्मिक पर्यटन भी निरंतर विस्तार ले रहा है। भगवान श्रीमहाकाल की नगरी उज्जैन और यहां श्रीमहाकाल लोक विश्व विख्यात हैं। पिछले साल सात करोड़ श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। प्रदेश की जीडीपी में पर्यटन क्षेत्र के योगदान में आध्यात्मिक पर्यटन भागीदारी को और ज्यादा सशक्त बनाने की तैयारी चल रही है। ओरछा में भगवान श्रीराम का मंदिर है। यह विश्व का एकमात्र मंदिर है जहां भगवान को राजा के रूप में गार्ड ओफ आनर दिया जाता है। यह अभूतपूर्व आध्यात्मिक घटनाक्रम है। यहां भगवान श्रीराम राजा की सरकार स्थापित है। ग्वालियर के ऐतिहासिक भव्य किले के संबंध में उल्लेख मिलता है कि भारत में पहली बार जीरो का लिखित इस्तेमाल कहां हुआ। ग्वालियर किले में नीं शताब्दी के इस चतुर्भुज मंदिर में शूल्य का सबसे शुरुआती शिलालेख पर उकेरा हुआ प्रमाण मिलता है। इस मंदिर को दुनिया में टैपल ऑफ जीरो के नाम से भी पहचाना जाता है। धार्मिक आयोजनों को नया स्वरूप दिया जा रहा है। बाबा श्रीमहाकाल की दिव्य सवारी को भव्य रूप दिया गया। रक्षा बंधन के त्यौहार और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को सार्वजनिक रूप से प्रदेश के कोने-कोने में मनाया गया। धार्मिक महत्व के स्थलों में धार्मिक और सांस्कृतिक लोगों और स्मारकों का निर्माण अध्यात्मिक पर्यटन को नया आयाम देगा। संत रविदास लोक सागर, रानी दुर्गावती स्मारक जबलपुर देवी लोक सलकनपुर सीहोर रामराजा लोक ओरछा, जाम सांवली हनुमान लोक पांढुर्ना, पशुपतिनाथ लोक मंदसौर, परशुराम लोक जानापाव महू, महाराणा प्रताप लोक भोपाल, भादवामाता लोक नीमच, रानी अवंतीबाई स्मारक जबलपुर, मा नर्मदा महालोक अमरकंटक अनूपपुर देवी अहिल्या लॉक खरगौन और नागलवाडी लोक बड़वानी में किया जा रहा है। एक और जहां आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन समृद्ध हो रहा है वहीं दूसरी ओर फिल्म पर्यटन भी तेजी से बढ़ रहा है। फिल्म निर्माताओं को मध्यप्रदेश में आकर्षक सुविधाएं मिल रही है। कई प्रसिद्ध फिल्मों की शूटिंग मध्यप्रदेश में हुई है। इससे स्थानीय कलाकारों को फिल्मो में काम मिला। फिल्म यूनिट के सदस्यों को होम स्टे की सुविधाओं का लाभ मिला। होम स्टे की संख्या निरंतर बढ़ते जा रही है। प्रदेश की ग्रामीण संस्कृति को देखने-समझने में होम स्टे अच्छी भूमिका निभा रहे हैं। फिलहाल 100 पर्यटन ग्राम विकसित किए गए हैं, जिसमें से 63 पर्यटन याम विकसित हो चुके हैं। इनमें 470 से ज्यादा होम स्टे हैं। देश के पहले हैंडलूम गाव प्राणपुर को वैश्विक पहचान मिली है। गॉड, भील पेंटिंग और मांडना आर्ट जैसी जनजातीय … Read more

सड़क पर लगे ‘इस्लाम जिंदाबाद’ बैनर से हंगामा, इंदौर में बढ़ा विवाद

इंदौर   इंदौर का एक वीडियो वायरल हो रहा है। शहर के मुस्लिम कॉलोनी में बीच सड़क पर इस्लाम जिंदाबाद के बैनर लगे हुए हैं। इसका वीडियो सामने आते ही हड़कंप मच गया है। इसके बाद विश्व हिंदू परिषद ने विरोध जताया है। विरोध के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने बैनर को हटवा दिया है। साथ ही मामले की जांच की जा रही है कि इसे किसने लगवाया था। बैनर पर लिखा था इस्लाम जिंदाबाद इंदौर के मुस्लिम बहुल इलाके में कुछ बैनर लगाए गए थे। इन बैनरों पर 'इस्लाम जिंदाबाद' लिखा हुआ था। वीएचपी के कुछ नेताओं ने इस पर आपत्ति जताई। उन्होंने पुलिस से इसकी शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। थाने पहुंचकर दी शिकायत वीएचपी नेता तन्नू शर्मा मल्हारगंज थाने पहुंचे। उन्होंने एसीपी विवेक सिंह से मुलाकात की। उन्होंने बैनर को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। शर्मा ने कहा कि ऐसे बैनर धार्मिक भावनाओं को भड़का सकते हैं। उनका कहना था कि यह एकतरफा प्रचार करने का तरीका है। उन्होंने पुलिस से इस पर कार्रवाई करने की मांग की। विवादित बैनर जिंसी चौराहे पर लगाए गए थे, जिसकी जानकारी मिलते ही हिंदूवादी नेता तन्नू शर्मा मल्हारगंज पहुंचे और एसीपी विवेक सिंह से मुलाकात कर आपत्ति दर्ज कराई। शर्मा ने बताया कि यह बैनर धार्मिक भावनाएं भड़काने और एकतरफा प्रचार के उद्देश्य से लगाए गए हैं। शिकायत के बाद मल्हारगंज थाना क्षेत्र की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और विवाद को देखते हुए बैनर तत्काल हटा दिए गए। पुलिस का कहना है कि इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई है और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने बैनर को तुरंत हटा दिया वहीं, पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत कार्रवाई की है। मौके पर पहुंची पुलिस ने तुरंत बैनर को हटा दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि आखिर सड़क पर यह बैनर किसने लगाए थे। साथ ही उनका मकसद क्या था। लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सीएम हेमंत सोरेन का बड़ा फैसला: मृत कर्मियों के परिजनों को मिली आर्थिक सहायता

रांची झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अलग-अलग दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले तीन सरकारी कर्मचारियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये के चेक सौंपे। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, गुमला के कांस्टेबल अजीत कुमार, सरायकेला के कांस्टेबल अनिल कुमार और राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक सुशील कुमार मरांडी अलग-अलग दुर्घटनाओं में मारे गए थे। मृतकों के परिवारों को राज्य विधानसभा में एक विशेष बीमा योजना के तहत यह राशि प्रदान की गई। सोरेन ने चेक सौंपने के बाद ‘एक्स' पर लिखा, “हमारी सरकार राज्य में कार्यरत उन कर्मचारियों के परिवारों के साथ हमेशा खड़ी है, जिनकी सेवा के दौरान किसी दुर्घटना में मृत्यु हो गई। मृतक कर्मचारियों के परिवारों को उनके अधिकार और हक सम्मान के साथ दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।” मौके पर दिवंगत कर्मियों के परिजनों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति आभार व्यक्त किया। आश्रितों ने कहा कि राज्य सरकार के कार्य सराहनीय हैं। मुख्यमंत्री को आज सभी आश्रित परिजन धन्यवाद देते हैं। राज्य सरकार के प्रयास से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की विशेष बीमा कवरेज योजना के तहत सभी आश्रित परिजनों को एक-एक करोड़ रुपए का आकस्मिक लाभ मिला है।. इस राशि से परिवार का भरण-पोषण एवं बच्चों की पढ़ाई में काफी मदद मिलेगी।  

राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज़, वसुंधरा ने ‘वनवास’ को जोड़ा जीवन से

 धौलपुर राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सुर्खियों में हैं। धौलपुर में रामकथा के दौरान उन्होंने धार्मिक अंदाज में संबोधित करते हुए कहा कि वनवास केवल भगवान राम के जीवन का हिस्सा नहीं है, बल्कि हर इंसान के जीवन का भी हिस्सा है। राजे ने कहा कि जीवन में चाहे सुख हो या दुख, कुछ भी स्थायी नहीं होता। जिस तरह वनवास आता है, उसी तरह चला भी जाता है, इसलिए धैर्य और विश्वास के साथ हर परिस्थिति का सामना करना चाहिए।  राजे गुरुवार को धौलपुर शहर की परशुराम धर्मशाला में कई दिनों से चल रही राम कथा सुनने के लिए आई थीं। इसी कथा के मध्य में उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित भी किया। अपने संबोधन में राजे ने धौलपुर को अपना परिवार तथा अपने आप को इस परिवार की बहू बताया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार में बहू, बेटी, मां, सास आज सभी की अपनी अपनी भूमिका एवं कर्तव्य होते हैं और सभी को इस प्रकार निर्वहन करना होता है। उन्होंने भगवान राम की सीख का उल्लेख करते हुए कहा कि रामराज्य का मूल मंत्र है- सभी जाति, धर्म और वर्ग के लोग मिलकर साथ रहें। परिवार और समाज को एकजुट करके आगे बढ़ाना ही रामराज्य की भावना है। राजे ने यह भी कहा कि डर तभी लगता है जब इंसान जान-बूझकर गलत करता है। यदि जीवन में धर्म और वेद विज्ञान को अपनाया जाए तो भय समाप्त हो जाता है। हालांकि वसुंधरा राजे ने यह बयान धार्मिक कथा के संदर्भ में दिया था लेकिन उनके इस भाषण के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि मौजूदा हालात में लंबे समय से राजस्थान की राजनीति में सक्रिय रहते हुए वसुंधरा पार्टी और प्रदेश संगठन के भीतर उतार-चढ़ाव का सामना करती रही हैं। ऐसे में उनके वनवास वाले कथन को राजनीतिक वनवास से भी जोड़ा जा रहा है। राजे का यह धार्मिक बयान धार्मिक मंच से उठकर राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।

कलेक्टर से विवाद पर पार्टी की नाराज़गी, विधायक नरेंद्र कुशवाह को BJP ने लगाई फटकार

भोपाल  भिंड कलेक्‍टर से अभद्रता व हाथापाई की कोशिश मामले के सामने आने के बाद भाजपा विधायक नरेंद्र कुशवाह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। संगठन ने उन्‍हें भोपाल बुलाकर कड़े शब्‍दों में चेतावनी दी है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। अब पार्टी ने अपनी साख बचाने के लिए अपने बेलगाम विधायक को समझाइश देकर डेमेज कंट्रोल की शुरुआत की है। इस क्रम में भाजपा प्रदेश अध्‍यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने नरेंद्र कुशवाह से चर्चा की। विधायक ने संगठन महामंत्री से की मुलाकात भोपाल में कुशवाह ने प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा से मुलाकात की। इस दौरान संगठन ने उनके व्यवहार को गंभीर मानते हुए साफ चेतावनी दी कि 'आपका आचरण पार्टी लाइन के खिलाफ है, इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में इस तरह की घटना स्वीकार्य नहीं होगी।' अन्य जिलों के विवाद बड़वानी– प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने कलेक्टर काजल जावला को हटाने की मांग मुख्यमंत्री से की। भोपाल- सांसद आलोक शर्मा ने निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण पर फोन न उठाने का आरोप लगाकर बैठक छोड़ दी थी। डिंडोरी- विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने कलेक्टर नेहा मारव्या पर अभद्रता और योजनाएं बिगाड़ने के आरोप लगाए। मंडला– विधायक नारायण सिंह पट्टा ने प्रशिक्षु IAS आकिब खान पर घर में घुसकर उनकी मां को धक्का देने का आरोप लगाया। रायसेन– राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने अवैध शराब बिक्री पर कार्रवाई न करने को लेकर कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा को घेरा। ग्वालियर- पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने आबकारी अधिकारी राकेश कुर्मी को कांग्रेस समर्थक बताकर मुख्यमंत्री से हटाने की मांग की। सेवानिवृत्त अपर मुख्य सचिव केके सिंह का कहना है – 'विवाद की स्थिति आनी ही नहीं चाहिए। चाहे जनप्रतिनिधि हों या प्रशासनिक अधिकारी, सभी को संयमित रहना चाहिए। पहले अधिकारी और नेता बहुत शालीनता से रहते थे, लेकिन अब माहौल बिगड़ता जा रहा है।'

जिले में उर्वरक वितरण होगा हाई-टेक, निजी विक्रेताओं को मिली L1 Pos मशीनें

एमसीबी जिले के निजी उर्वरक विक्रेताओं को अब उर्वरक वितरण में पारदर्शिता और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए नई पीढ़ी की L1 Pos मशीनें प्रदान की गई हैं। गुरुवार को कार्यालय उप संचालक कृषि मनेन्द्रगढ़ के सभा कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में इन मशीनों का वितरण किया गया। इस अवसर पर उप संचालक कृषि इन्द्रासन पैकरा ने बताया कि 15 अगस्त 2025 से पूर्व प्रदाय Lo Pos मशीनें निष्क्रिय हो चुकी थीं, जिसके बाद आधुनिक तकनीक से युक्त  L1 Pos  मशीनों की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि नई मशीन से किसानों को उर्वरक प्राप्त करने में आसानी होगी, वहीं विक्रेताओं को स्टॉक और बिक्री संबंधी अद्यतन जानकारी रखने में भी सुविधा मिलेगी। कार्यक्रम में निजी उर्वरक विक्रेताओं सहित  IPL कंपनी के प्रतिनिधि, सहायक संचालक कृषि जयंत कुमार पैकरा और शाखा प्रभारी दीपक कुमार साहू भी उपस्थित रहे। उप संचालक कृषि ने आशा व्यक्त की कि इस तकनीकी पहल से जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था और अधिक पारदर्शी व व्यवस्थित होगी।

एकलव्य छात्रावास में गणेश उत्सव का भव्य आयोजन

एमसीबी/मनेन्द्रगढ़ एकलव्य वनवासी बालक छात्रावास, चैनपुर में इस वर्ष गणेश उत्सव का भव्य आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष गणेश अग्रवाल, छात्रावास अध्यक्ष जगदंबा अग्रवाल, सचिव प्रभात वर्मा, जिला उपाध्यक्ष आर. डी. दीवान, नगर सचिव रितेश श्रीवास्तव, छात्रावास के भैया जोग सिंह, संदीप सिंह, पीयूष सिंह, दीपक सिंह तथा जिला संगठन मंत्री हरभजन सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। धार्मिक आयोजन के बीच विनोद शुक्ला ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि सनातन धर्म से जुड़ाव और संस्कार ही जीवन की वास्तविक धरोहर हैं। उन्होंने भगवान श्री गणेश जी के जीवन चरित्र एवं उनकी स्थापना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को सनातन धर्म की परंपराओं से अवगत कराया। गणेश प्रतिमा की स्थापना 27 अगस्त को की गई थी, जिसके उपरांत कल 31 अगस्त, रविवार को दोपहर 2 बजे से भजन संध्या एवं भंडारे का आयोजन हुआ। इसमें नगरवासियों और श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया गया है.

विधानसभा भवन को मिलेगा नया गौरव, स्थापित होगी डॉ. भीमराव अंबेडकर की विशाल प्रतिमा

रायपुर नवा रायपुर अटल नगर स्थित नवनिर्मित छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन परिसर में भारतीय संविधान के शिल्पकार, भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 25 फीट से ऊंची भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी. छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की अनुशंसा की है. विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से लोक निर्माण विभाग और संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में जल्द आवश्यक निर्देश जारी करने का भी आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य ने अपने गठन के 25 वर्षों की यात्रा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं. संविधान में निहित स्वतंत्रता, समता, न्याय और बंधुत्व के सिद्धांतों से प्रेरित होकर यह राज्य समावेशी विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि नवनिर्मित विधानसभा परिसर में प्रस्तावित डॉ. अंबेडकर की यह भव्य प्रतिमा न केवल संविधान निर्माता को यथोचित सम्मान अर्पित करेगी, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए सामाजिक समता, न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की प्रेरणा का प्रतीक भी बनेगी. उल्लेखनीय है कि बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर 12 दिसंबर 1945 को रायपुर आए थे और वर्तमान माधवराव सप्रे शाला परिसर (तात्कालीन लॉरी स्कूल) में ऐतिहासिक जनसभा को संबोधित किया था. इस यात्रा ने छत्तीसगढ़ की धरती को उनके विचारों और व्यक्तित्व से सशक्त बनाया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस और छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर नवा रायपुर में नवनिर्मित विधानसभा भवन का लोकार्पण करेंगे. यह पहल डॉ. अंबेडकर वेलफेयर सोसाइटी (ए.डब्ल्यू.एस.) की ओर से की गई है. सोसाइटी के चेयरमैन दिलीप वासनीकर एवं प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा अध्यक्ष से विगत दिनों मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था. उन्होंने राज्य स्थापना के रजत महोत्सव वर्ष में यह प्रतिमा स्थापित करने का निवेदन करते हुए इसे सामाजिक समता और लोकतांत्रिक मूल्यों के संवर्द्धन की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया.