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प्रदेश में रासायनिक खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध

चालू खरीफ सीजन के लिए 7.12 लाख मीट्रिक टन यूरिया के विरूद्ध 6.39 लाख मीट्रिक टन यूरिया का वितरण 5.30 लाख बॉटल नैनो उर्वरक का भंडारण कर किसानों को 4.18 लाख बॉटल नैनो उर्वरक का किया गया वितरण  रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश के किसानों को हर संभव रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं रासायनिक उर्वरक की लागत में कमी लाने तथा डीएपी खाद की आपूर्ति में कमी को ध्यान में रखते हुए नैनो उर्वरक के उपयोग के लिए किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है। प्रदेश में चालू खरीफ सीजन के लिए भारत सरकार द्वारा 14.62 लाख मीट्रिक टन विभिन्न रासायनिक खादों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य के विरूद्ध सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में 15.64 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद का भंडारण कर लिया गया है। भंडारण के विरूद्ध किसानों को 13.19 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया गया है। समितियों एवं निजी क्षेत्रों में भी यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसान भी उत्साह पूर्वक नैनो उर्वरकों का उपयोग कर रहे हैं।  कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चालू खरीफ सीजन के लिए 25 अगस्त की स्थिति में 3 लाख 91 हजार 79 मीट्रिक टन एवं निजी क्षेत्र में 3 लाख 11 हजार 563 मीट्रिक टन इस तरह कुल 7 लाख 2 हजार 642 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है। भंडारण के विरूद्ध 6 लाख 38 हजार 599 मीट्रिक टन यूरिया किसानों को वितरित किए जा चुके हैं। इसमें 3 लाख 42 हजार 444 सहकारी क्षेत्र और 2 लाख 96 हजार 155 मीट्रिक टन निजी क्षेत्र से वितरण शामिल है, जबकि पिछले खरीफ सीजन वर्ष 2024 में 6 लाख 17 हजार 798 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया गया था। इसी तरह नैनो यूरिया का सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 78 हजार 919 बॉटल (500 मि.ली.) एवं निजी क्षेत्र में 1 लाख 12 हजार 140 बॉटल इस तरह कुल 2 लाख 91 हजार 59 बॉटल  भंडारण किया गया है। वहीं नैनो डीएपी का सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 58 हजार 809 बॉटल तथा निजी क्षेत्र में 79 हजार 810 बॉटल इस तरह कुल 2 लाख 38 हजार 619 बॉटल भंडारण किया गया है। भंडारण के विरूद्ध नैनो यूरिया किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल और नैनो डीएपी 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल (500 मि.ली.) वितरित किया जा चुका है।  कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल (500 मि.ली.) नैनो यूरिया का वितरण किया गया है जिससे 2 हजार 617 मीट्रिक टन परंपरागत यूरिया की आपूर्ति के बराबर प्रभाव पड़ा। वहीं 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल (500 मि.ली.) नैनो डीएपी का वितरण किया गया जो 4 हजार 628 मीट्रिक टन परंपरागत डीएपी के बराबर है। इससे यह स्पष्ट होता है कि नैनो उर्वरको का उपयोग परंपरागत उर्वरक भार को कम करने और आपूर्ति में संतुलन लाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि नैनो यूरिया उपयोग से 80 से 90 प्रतिशत पोषक तत्व प्राप्त होता है इसके साथ ही लागत मंे भी कमी आती हैं वहीं साथ ही पर्यावरण के अनुकूल होते है तथा प्रदूषण स्तर को घटाता है। नैनो यूरिया के उपयोग से परिवहन और भंडारण पर बचत होती है तथा पर्यावरण पर भी कम प्रभाव पड़ता है।       कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, धान की एक एकड़ फसल के लिए आवश्यक 50 किलोग्राम ठोस डीएपी खाद के स्थान पर केवल 25 किलोग्राम ठोस डीएपी तथा एक आधा लीटर नैनो डीएपी की बोतल पर्याप्त होती है। कृषि विभाग के कर्मचारी गांव-गांव जाकर कृषि चौपालों एवं विकसित कृषि संकल्प अभियान के माध्यम से किसानों को डेमो दिखाए गए और विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही, नैनो उर्वरक से संबंधित पंपलेट, बैनर और पोस्टर सहकारी समितियों में प्रदर्शित किए गए हैं। कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारी द्वारा लगातार खेतों का भ्रमण कर रहे हैं और किसानों को नैनो उर्वरक के प्रयोग और इसके लाभों की जानकारी दे रहे हैं जिसके परिणामस्वरूप किसान पूरे विश्वास के साथ अपनी धान की फसल में नैनो उर्वरक का उपयोग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कोरिया प्रवास में ModernTech Corp. और UNECORAIL को छत्तीसगढ़ में निवेश व सहयोग के लिए किया आमंत्रित

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कोरिया प्रवास में ModernTech Corp. और UNECORAIL को छत्तीसगढ़ में निवेश व सहयोग के लिए किया आमंत्रित ईवी चार्जिंग मैन्युफैक्चरिंग, रेलवे अधोसंरचना और तकनीकी हस्तांतरण से राज्य की स्वच्छ ऊर्जा व लॉजिस्टिक्स क्षमता को मिलेगी नई गति रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान ग्रीन मोबिलिटी सॉल्यूशंस की अग्रणी कंपनी ModernTech Corp. और रेल रखरखाव समाधानों की प्रमुख कोरियाई कंपनी UNECORAIL को छत्तीसगढ़ में निवेश और सहयोग के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना, सतत परिवहन अधोसंरचना का निर्माण करना और रेलवे नेटवर्क को मज़बूत बनाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन दोनों कंपनियों के साथ साझेदारी से छत्तीसगढ़ की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा और लॉजिस्टिक्स बैकबोन को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  ग्रीन मोबिलिटी सॉल्यूशंस की अग्रणी कंपनी ModernTech Corp. को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित कर कंपनी को प्रदेश में अत्याधुनिक ईवी चार्जिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव देते हुए कहा कि यह परियोजना राज्य को स्वच्छ ऊर्जा और सतत परिवहन अधोसंरचना के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की औद्योगिक नीति 2024–30, हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लक्ष्यों के अनुरूप है। उन्होंने कहा— “छत्तीसगढ़ में ईवी चार्जिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना से न केवल स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को बल मिलेगा, बल्कि प्रदेश की जनता को बेहतर और आधुनिक परिवहन अवसंरचना भी उपलब्ध होगी। यह पहल भविष्य की पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण का उपहार देने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।” उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इस निवेश से स्थानीय युवाओं के लिए व्यापक रोज़गार अवसर सृजित होंगे, राज्य में हरित तकनीकी कौशल का विकास होगा और ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में सतत परिवहन नेटवर्क को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ModernTech Corp. का अनुभव और विशेषज्ञता छत्तीसगढ़ की ऊर्जा संक्रमण यात्रा को तेज़ करेगी। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा तथा स्थानीय स्तर पर घटक निर्माण इकाइयों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे छत्तीसगढ़ हरित ऊर्जा के क्षेत्र में एक उभरते हुए राष्ट्रीय हब के रूप में स्थापित होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ModernTech Corp. के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि “प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया गया है, ताकि निवेशक बिना किसी बाधा के अपने प्रोजेक्ट को शीघ्रता से क्रियान्वित कर सकें।” मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान UNECORAIL के सीईओ श्री डोंग पिल पार्क से मुलाकात की। यह कंपनी कोरिया की अग्रणी रेल मेंटेनेंस समाधान प्रदाता है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री और कंपनी के प्रतिनिधियों के बीच स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग, तकनीकी हस्तांतरण और रेलवे  अधोसंरचना विकास में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तेज़ी से बढ़ती औद्योगिक और लॉजिस्टिक आवश्यकताओं को देखते हुए रेलवे क्षेत्र में अत्याधुनिक समाधान बेहद अहम हैं। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि UNECORAIL के अनुभव और विशेषज्ञता से राज्य में रेलवे नेटवर्क को सुदृढ़ करने, रखरखाव को बेहतर बनाने और लॉजिस्टिक्स बैकबोन को मजबूत करने में नई दिशा मिलेगी। इससे न केवल औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी बल्कि आम जनता को भी सुरक्षित और सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास को नीति का केंद्रीय तत्व बना रही है। उन्होंने सभी निवेशकों से आग्रह किया कि वे छत्तीसगढ़ के विकास भागीदार बनें और इस परिवर्तनकारी यात्रा में शामिल होकर राज्य को नए शिखरों पर पहुँचाएँ।

सियासत गरमाई! Sambhal हिंसा पर CM Yogi ने कहा- दोषियों को छोड़ना होगा यूपी

प्रतापगढ़  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल में हुई हालिया हिंसा पर टिप्पणी करते हुए शुक्रवार को कहा कि न्यायिक आयोग की एक दिन पहले सौंपी गई रिपोर्ट दंगों की साजिश की पुष्टि करती है। विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद यहां आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने रिपोर्ट के निष्कर्षों का जिक्र किया।  रिपोर्ट में यूपी पुलिस को दिया गया "नरसंहार" रोकने का श्रेय  मुख्यमंत्री ने कहा, "न्यायिक आयोग ने कल संभल घटना पर अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें 2024 में दंगों की साजिश के कुछ हिस्सों का खुलासा किया गया है।" योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के समय में हिंदुओं को निशाना बनाया गया और उनकी जनसांख्यिकी को कम किया गया। उन्होंने कहा कि लेकिन आज, डबल इंजन वाली सरकार है जो जनसांख्यिकी को बदलने नहीं देगी। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपी गई रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश पुलिस को "नरसंहार" रोकने का श्रेय दिया गया है और इसमें यह भी उल्लेख किया गया है कि जिले में "बाहर से दंगाइयों को लाया गया था।"  संभल में सांप्रदायिक दंगों का इतिहास रिपोर्ट में आज़ादी के बाद से संभल में हुए महत्वपूर्ण जनसांख्यिकीय परिवर्तनों पर चिंता व्यक्त की गयी है, जब संभल की नगरपालिका आबादी में हिंदुओं की हिस्सेदारी 45 प्रतिशत थी। सूत्रों ने कहा कि रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि संभल में सांप्रदायिक दंगों का इतिहास रहा है, जिसकी शुरुआत 1953 में शिया-सुन्नी संघर्ष से हुई, जिसके बाद 1956, 1959 और 1966 में दंगे हुए। उत्तर प्रदेश के संभल में पिछले साल 24 नवंबर को शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा के मामले की जांच के लिये गठित तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग ने बृहस्पतिवार को अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी।   

बिहार बोर्ड 2026: छात्रों के लिए बड़ी राहत, 10वीं-12वीं रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन बढ़ी

पटना बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने मैट्रिक और इंटर परीक्षा 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख बढ़ा दी है। अब स्टूडेंट्स 3 सितंबर 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया क्लास 10 के लिए secondary.biharboardonline.com और क्लास 12 के लिए seniorsecondary.biharboardonline.com पर पूरी होगी। वहीं परीक्षा शुल्क का भुगतान 1 सितंबर 2025 तक करना जरूरी है। बोर्ड की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, स्कूल प्रिंसिपल्स को सलाह दी गई है कि वे तय समय सीमा के भीतर अपने छात्रों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पूरा करें ताकि अंतिम समय की दिक्कतों से बचा जा सके। दरअसल, बिहार बोर्ड ने यह कदम 2026 परीक्षा सेशन की तैयारियों को और मजबूत करने के लिए उठाया है। हाल ही में सम्पन्न हुई 2025 की मैट्रिक परीक्षा में कुल 15,58,077 छात्र बैठे थे, जिनमें से 12,79,294 ने सफलता पाई। इस बार भी लड़कियों ने बाजी मारी, कुल 6,49,674 लड़कियां पास हुईं जबकि 6,29,620 लड़के सफल हो सके। पास प्रतिशत 82.11% रहा। BSEB Bihar Board 2026 : ऐसे करें रजिस्ट्रेशन 1. बिहार बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट biharboardonline.com पर जाएं। 2. होम पेज पर Bihar Board Exam 2026 Secondary/Senior Secondary लिंक पर क्लिक करें। 3. नया पेज खुलेगा, यहां रजिस्ट्रेशन करें। 4. आवेदन फॉर्म भरें और सभी डिटेल्स सही सही डालें। 5. परीक्षा शुल्क का भुगतान करें। 6. सबमिट करने के बाद कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करें। 7. भविष्य की जरूरत के लिए इसका प्रिंट आउट रखें।  

हरियाणा से रामदेवरा तक सीधी बस कनेक्टिविटी, भक्तों की होगी बड़ी सुविधा

हरियाणा  तेहाबादवासियों के लिए राहत की खबर आई है। फतेहाबाद डिपो से राजस्थान के रामदेवरा के लिए सीधी बस शुरू हो गई है। इस बस की शुरुआत से रामदेवसरा मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के चेहरे खुशी से खिल गए। अब वह बस से सीधा बाबा रामदेव जी के मंदिर में पहुंच सकेंगे। यह बस धांगड़, खाराखेड़ी, भट्टू, चौपटा, बीकानेर होते हुए रामदेवरा पहुंचेगी।  जानें क्या है बस की टाइमिंग      यह बस फतेहाबाद से रामदेवरा के लिए सुबह 8:10 बजे रवाना होगी।      खाराखेड़ी से रामदेवरा के लिए सुबह 8:35 बजे रवाना होगी।      भट्टू से रामदेवरा के लिए  सुबह 9:30 बजे रवाना होगी।      चौपटा से रामदेवरा के लिए  सुबह 10:00 बजे रवाना होगी।      बीकानेर से रामदेवरा के लिए शाम 5:30 बजे रवाना होगी।      रामदेवरा पहुंचने का समय: रात 10:00 है।  वहीं वापसी के समय बस सुबह 8:10 बजे रामदेवरा से फतेहाबाद के लिए रवाना होगी। बीकानेर से दोपहर 1:00 बजे चलेगी। फिर फतेहाबाद में रात 10:00 बजे पहुंचेगी। 

समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के शासनकाल में चुन-चुनकर हिंदुओं को निशाना बनाया गया : सीएम योगी

  जो भी प्रदेश की डेमोग्राफी बदलने का प्रयास करेगा, उसे स्वयं पलायन करना होगा- मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतापगढ़ की ₹570 करोड़ की 186 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास विकास कार्यों को देख बौखला गया है विपक्ष, प्रधानमंत्री मोदी पर अभद्र टिप्पणी में दिख रही हताशा- योगी आदित्यनाथ   प्रतापगढ़, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को प्रतापगढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने संभल में 2024 की हिंसा पर आई न्यायिक आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के शासनकाल में चुन-चुनकर हिंदुओं को निशाना बनाया गया। उस वक्त हिन्दुओं की जनसांख्यिकी को कम करके डेमोग्राफी बदलने की साजिशें रची गईं। आज डबल इंजन की सरकार किसी भी कीमत पर ऐसी विभाजनकारी राजनीति नहीं होने देगी। जो भी प्रदेश की डेमोग्राफी बदलने का प्रयास करेगा, उसे स्वयं पलायन करना होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रतापगढ़ में 570 करोड़ रुपये की 186 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास के अवसर पर जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को देखकर विपक्ष बौखला गया है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का इंडी गठबंधन वास्तव में एंटी इंडिया गठबंधन है। यह गठबंधन भारत की आन-बान-शान से खिलवाड़ करता है और देश को जाति-धर्म के आधार पर बांटने का काम करता है। सीएम योगी ने कहा कि जब-जब इन्हें सत्ता मिली, तब-तब इन्होंने माफिया को बढ़ावा दिया, गुंडागर्दी करवाई और गरीबों का हक छीना। अब जब जनता ने इन्हें नकार दिया है।   प्रधानमंत्री मोदी दुनिया के सबसे अधिक लोकप्रिय नेता, इन पर अभद्र टिप्पणी सूरज पर थूकने जैसा- सीएम मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और प्रदेश में विकास कार्यों को देखकर विपक्ष बौखला गया है। सीएम योगी ने हाल ही में बिहार में इंडिया गठबंधन की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां पर की गई अभद्र टिप्पणियों को विपक्ष की हताशा का नतीजा बताते हुए कहा कि ऐसे लोग राजनीति में जगह के लायक नहीं हैं। इन लोगों को समझना चाहिए भारत के प्रधानमंत्री मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता हैं और उनके प्रति अपशब्दों का प्रयोग करने का मतलब सूरज पर थूकने जैसा है। यह थूक इनके ऊपर आ रहा है। इन लोगों की भाषा से आज 140 करोड़ भारतवासी अपने आपको अपमानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब तुष्टिकरण नहीं संतुष्टीकरण के माध्यम से सशक्तिकरण की तरफ हम लोग आगे बढ़ रहे हैं, इसलिए 8 वर्ष में 6 करोड लोगों को गरीबी रेखा से उभारने में मदद मिली। डबल इंजन की सरकार ने खत्म किया माफियाराज- मुख्यमंत्री सीएम योगी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने आज माफिया संस्कृति को खत्म कर प्रदेश को विकास की राह पर ला दिया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने हर जिले को एक माफिया दिया था, जो लूट-खसोट करता था, विकास योजनाओं में डकैती डालता था और गरीबों के हक छीनता था। लेकिन डबल इंजन की सरकार ने माफिया को खत्म कर वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट और वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज दिया है। सीएम योगी ने कहा कि आज प्रतापगढ़ का आवला का उत्पादन अब दुनिया भर में पहुंच रहा है, सोनेलाल पटेल मेडिकल कॉलेज बन चुका है और गंगा एक्सप्रेसवे जैसी कनेक्टिविटी परियोजनाएं विकास को गति दे रही हैं। प्रतापगढ़ आज विकास के नए प्रतिमान गढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां के किसानों ने आवला की खेती से प्रदेश को नई पहचान दी है, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने देश की आजादी में योगदान दिया और स्थानीय उत्पाद जैसे रसमलाई की मिठास घर-घर पहुंच रही है। मां बेल्हा देवी की कृपा से प्रतापगढ़ विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है। सीएम योगी ने कहा कि 263 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और 306 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। उन्होंने कहा कि यह विकास का मूर्त रूप है, जो स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और उद्यमिता को मजबूत कर रहा है। बेटी की इज्जत पर हाथ डालने वाले को अगले चौराहे पर यमराज इंतजार करेगा- सीएम योगी महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा पर जोर देते हुए सीएम ने कहा कि सरकार ने माफिया मुक्त प्रदेश बनाया है। बेटी की इज्जत पर हाथ डालने वाले को अगले चौराहे पर यमराज इंतजार करेगा। हालिया पुलिस भर्ती में 60,244 पदों पर भर्ती का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस भर्ती में 12,000 से अधिक बेटियां शामिल हुईं। महिला एवं बाल विकास विभाग में 2,425 मुख्य सेविकाओं की भर्ती भी बेटियों को सशक्त करने की दिशा में कदम है। उन्होंने कहा कि आज "बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, कन्या सुमंगला और सामूहिक विवाह योजना जैसे कार्यक्रमों से बेटियां आत्मनिर्भर बन रही हैं। प्रदेश के हर कमिश्नरी में स्पोर्ट्स कॉलेज बनेगा- मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेजर ध्यानचंद की जयंती का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने उनके नाम पर खेल रत्न पुरस्कार दिया, हम मेरठ में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल की प्रतिभा को निखारने के लिए आने वाले दिनों में प्रदेश के हर कमिश्नरी में स्पोर्ट्स कॉलेज बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रतापगढ़ में स्टेडियम और स्मार्ट सिटी जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सीएम योगी ने किया मां बेल्हा देवी का दर्शन प्रतापगढ़ दौरे के दौरान सीएम योगी ने सुप्रसिद्ध बेल्हा देवी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर परिसर का अवलोकन किया। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के विस्तार के लिए अधिकारियों के दिशा-निर्देश दिए। प्रतापगढ़ में विकास की सौगात: सीएम योगी ने बांटे आवास, सोलर पंप और गोल्डन कार्ड मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतापगढ़ में 570 करोड़ की 186 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। जनसभा में उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को चाभी, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूहों को सहायता राशि, पीएम-कुसुम योजना के तहत सोलर पंप, आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के गोल्डन कार्ड, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड-19) के बच्चों को चेक, तथा एक जनपद-एक उत्पाद, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार और ग्रामोद्योग योजनाओं के लाभार्थियों को चेक वितरित किए। इन परियोजनाओं का हुआ लोकार्पण •    पूरे ईश्वरनाथ-गडई-चकदेड़या मार्ग पर सई नदी के करौदीबाट पर सेतु, पहुंच मार्ग एवं सुरक्षात्मक कार्य •    लालगंज-मंझनपुर-मऊ मार्ग के … Read more

AAP-कांग्रेस पर हरियाणा का वार, महिलाओं को मासिक ₹2100 देकर खड़ा किया सवाल

चंडीगढ़  हरियाणा में नायब सैनी सरकार द्वारा लिए जा रहे फैसलों से जहां प्रदेश में विपक्षी दल सकते में आ गए हैं वहीं पंजाब की राजनीति पूरी तरह से गरमा गई है। पंजाब में वर्ष 2027 की शुरूआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। राजनीतिक दल अभी से चुनावी मोड पर आ गए हैं। भारतीय जनता पार्टी पंजाब में अभी तक शिरोमणि अकाली दल के सहारे सत्ता में आती रही है लेकिन वर्तमान में अकाली दल व भाजपा अलग-अलग राह पर चल रहे हैं।  दूसरी तरफ हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी लगातार तीसरी बार सत्ता में आई है। पहले दो चुनावों के मुकाबले भाजपा को तीसरे चुनाव में अधिक सीटों पर जीत हासिल हुई है। पंजाब के फिरोजपुर, मुक्तसर, मानसा, भटिंडा, संगरूर, पटियाला, मोहाली जिले हरियाणा से सटे हुए हैं। हरियाणा के सिरसा, फतेहाबाद, जींद, कैथल, कुरुक्षेत्र, अंबाला और पंचकूला जिले पंजाब के जिलों के साथ अपनी सीमाएं साझा करते हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी द्वारा पिछले दिनों लिए गए फैसलों से इन दिनों पंजाब की राजनीति गरमाई हुई है। पंजाब की राजनीति पर वर्ष 1984 में हुए दंगों का असर आज भी दिखाई देता है। वर्ष 1984 में हुए दंगों में हरियाणा के 121 लोगों की मृत्यु हुई थी। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए  सभी 121 परिवारों के वर्तमान सदस्य को उनकी सहमति से प्राथमिकता के आधार पर नौकरी देने का फैसला किया है। इसके अलावा गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर शहीदी वर्ष को गरिमापूर्ण ढंग से मनाने का फैसला किया है। अपनी यात्राओं के दौरान गुरु साहिब ने कुरुक्षेत्र, पिहोवा, कैथल, जींद, अंबाला, चीका और रोहतक में आकर इस भूमि को पवित्र किया है। सरकार इन कार्यक्रमों की रूपरेखा को जल्द जारी करेगी। पंजाब में आम आदमी पार्टी ने चुनाव से पहले महिलाओं को हर माह 1100 रुपये देने का ऐलान किया था, वहीं पड़ोसी राज्य हिमाचल में कांग्रेस ने महिलाओं को 1500 रुपये महीना देने का ऐलान किया था। दोनों सरकारों का आधा-आधा कार्यकाल बीत चुका है लेकिन अभी तक इस योजना को लागू करने की दिशा में कोई प्रयास नहीं हुआ है। दूसरी तरफ हरियाणा में भाजपा सकरार ने अपने पहले ही साल में इस योजना को लागू करके आम आदमी पार्टी तथा कांग्रेस को मुद्दा विहीन करते हुए सवाल खड़ा कर दिया है। हरियाणा के इन फैसलों का सीधा असर पंजाब की राजनीति पर हो रहा है। मुख्यमंत्री नायब सैनी द्वारा लिए गए फैसलों से भारतीय जनता पार्टी को पंजाब में मजबूत मैदान मिल गया है। पंजाब भाजपा के नेता पड़ोसी राज्य की सरकार द्वारा लिए जा रहे फैसलों को भुनाकर जनता से सीधा संवाद कर रहे हैं। हरियाणा द्वारा पंजाब के संबंध में लिए गए फैसलों के बल पर पंजाब में भाजपा की राह आसान बना दी है।  सदस्यता अभियान की निगरानी से हुई थी पंजाब में एंट्री हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी की पंजाब में एंट्री उस समय हुई जब पंजाब में भाजपा द्वारा सदस्यता अभियान चलाया जा रहा था। नायब सैनी ने पंजाब भाजपा कार्यालय जाकर अभियान का जायजा लिया और भाजपा के साथ जुड़े लुधियाना व अमृतसर के लोगों से बातचीत की। इसके बाद चंडीगढ़ से सटे जीरकपुर व डेराबस्सी में कार्यक्रमों के दौरान कई जनप्रतिनिधियों को भाजपा में शामिल करवाया। मुख्यमंत्री नायब सैनी पिछले समय के दौरान बैसाखी के अवसर पर आनंदपुर साहिब गए तो उन्होंने जालंधर के निकट राधा स्वामी सत्संग ब्यास का दौरा किया। नायब सैनी जालंधर में हुए धार्मिक कार्यक्रम का हिस्सा बने वहीं शहीद उधम सिंह की जयंती के अवसर पर सुनाम में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इसके अलावा पंजाब में भाजपा नेता मनोरंजन कालिया के घर पर हुए ग्रेनेड हमले के बाद भी नायब सैनी जालंधर पहुंचे। पंजाब के सीमावर्ती जिलों के जनप्रतिनिध नियमित रूप से चंडीगढ़ मुख्यमंत्री आवास पर आकर पंजाब के कार्यक्रमों मुख्यमंत्री को शामिल कर रहे हैं। भाजपा ने सत्ता में आने के बाद वर्ष 2014, 2019 तथा 2024 के संकल्प पत्रों को ध्यान में रखकर काम किया है। कांग्रेस व आम आदमी पार्टी एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। वादा करके भूलना दोनों राजनीतिक दलों की पुरानी आदत रही है। हरियाणा में इस समय कोई चुनाव नहीं है। फिर भी हरियाणा सरकार द्वारा पिछले दस दिन में लिए गए फैसलों ने यह साबित कर दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी भी सभी वर्गों के हित की सोचते हैं।  

अंबाला के रिहायशी इलाकों में बाढ़ का खतरा, अनिल विज ने लिया जायजा, NDRF जुटाई राहत टीम

अंबाला बरसाती दिनों में अक्सर परेशानी खड़ी करने वाली टांगरी नदी बृहस्पतिवार सुबह अचानक उफान पर आ गई। सुबह करीब 30 हजार क्यूसिक से अधिक पानी नदी में पहुंचा, जो सामान्य से कई गुना ज्यादा था। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला जाने पर आसपास की कॉलोनियों में चिंता फैल गई। हालात का जायजा लेने ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज खुद मौके पर पहुंचे और प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए। मंत्री अनिल विज ने सुबह सबसे पहले टांगरी नदी पुल पर खड़े होकर बहाव की स्थिति देखी। इसके बाद उन्होंने टांगरी बांध रोड, मतिदास नगर, गोल्डन पार्क, बब्याल, रामपुर, सरसेहड़ी, प्रभु प्रेम पुरम, करधान और नग्गल तक का दौरा किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को बार-बार अनाउंसमेंट कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए। मौके पर भाजपा नेता कपिल विज, संजीव वालिया, अजय बवेजा और विशाल टांगरी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। विज ने कहा कि बरसात से पहले टांगरी नदी की खुदाई कर इसे गहरा किया गया था, जिससे पानी का बहाव सुरक्षित निकल सके। हालांकि अवरोधों के कारण केवल 25 फीसदी काम ही हो पाया है। “इसके बावजूद हमें उम्मीद है कि पानी सुरक्षित निकल जाएगा, लेकिन खतरे को देखते हुए सभी विभागों को सतर्क रहने को कहा गया है।” स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अंबाला छावनी में एनडीआरएफ की टीम तैनात कर दी गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने कश्तियां भी मंगवाई हैं। मंत्री विज ने कहा कि जिनके घर टांगरी नदी के किनारे या कैचमेंट एरिया में हैं, उन्हें अपना जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।   मंत्री ने मौके पर सिंचाई विभाग, पुलिस, नगर परिषद और अन्य विभागों के अधिकारियों की बैठक भी की और सभी को मिलकर काम करने के आदेश दिए। उन्होंने सिंचाई विभाग से जानकारी ली कि दोपहर तक नदी में और कितना पानी आ सकता है।

प्रदेश की फॉरेंसिक संरचना को ‘नई वैज्ञानिक शक्ति’ उपलब्ध कराने का माध्यम बनेगा एमओयू

-राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला उ.प्र तथा सेंचुरियन विश्वविद्यालय ओडिशा में अहम समझौता ज्ञापन पर हुए हस्ताक्षर -सीएम योगी के विजन अनुसार यह पहल प्रशासनिक, शैक्षणिक और संस्थागत सहयोग को मजबूत करने में होगी निर्णायक -उत्तर प्रदेश को वैज्ञानिक अन्वेषण व फॉरेंसिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में प्रभावी होगा कदम -पुलिस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा की उपस्थिति में एमओयू पर हुए हस्ताक्षर लखनऊ,  उत्तर प्रदेश को आधुनिक तकनीक से युक्त प्रदेश के तौर पर रूपांतरित कर रहे सीएम योगी का विजन धरातल पर उतरने लगा है। इसी कड़ी में, प्रदेश में फॉरेंसिक संरचना को भी नई वैज्ञानिक शक्ति प्रदान करने के उद्देश्य से शुक्रवार को एक बड़ी पहल हुई। पुलिस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उ.प्र के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा की उपस्थिति में राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला उ.प्र व सेंचुरियन विश्वविद्यालय ओडिशा के मध्य समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुआ। यह एमओयू कई मायनों में विशिष्ट होगा। यह सहयोग हाल ही में प्रदेश में शुरू की गई कई फॉरेंसिक पहलों को और गति देगा। उल्लेखनीय है कि नए आपराधिक कानूनों के अंतर्गत अब गंभीर अपराधों में फॉरेंसिक विशेषज्ञ का घटनास्थल पर पहुंचना अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे सबूतों का वैज्ञानिक और सटीक संकलन सुनिश्चित हो रहा है। राजीव कृष्णा ने की सराहना पुलिस महानिदेशक (उ.प्र) राजीव कृष्णा ने इस एमओयू की सराहना करते हुए कहा कि यह ज्ञान-विनिमय, नवाचार और फॉरेंसिक क्षमता-वृद्धि की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह न केवल शैक्षणिक शोध को मज़बूत करेगा बल्कि प्रदेश की फॉरेंसिक संरचना को भी नई वैज्ञानिक शक्ति प्रदान करेगा। उनके अनुसार, यह पहल उत्तर प्रदेश को वैज्ञानिक अन्वेषण और फॉरेंसिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अत्याधुनिक अनुसंधान को बढ़ावा देने वाला कदम अपर पुलिस महानिदेशक नवीन अरोरा (तकनीकी सेवाएं) ने बताया कि इस समझौता ज्ञापन के कई लाभ हैं। यह संयुक्त शिक्षण/प्रशिक्षण और अनुसंधान पहल, शोध सामग्री प्रकाशनों और पुस्तकालय संसाधनों का आदान-प्रदान, वैज्ञानिक उपकरणों/ सॉफ्टवेयर और प्रयोगशाला सुविधाओं का सदुपयोग, वैज्ञानिकों/शोधार्थियों के लिए सह-मार्गदर्शन के अवसर प्रदान करेगा। यह एमओयू छात्रों को तेजी से विकसित हो रहे फॉरेंसिक विज्ञान क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्रदान करेगा, उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाएगा तथा अत्याधुनिक अनुसंधान को बढ़ावा देगा, जो देश भर में कानून प्रवर्तन और न्यायिक प्रणालियों का समर्थन करेगा। उल्लेखनीय है कि इसी महीने 75 अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेन्सिक वैन का शुभारम्भ सीएम योगी द्वारा किया गया है। ये वैन डीएनए सैंपलिंग, फिंगरप्रिंट विश्लेषण, टॉक्सिकोलॉजी परीक्षण और अन्य आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हैं। इससे प्रदेश में फॉरेंसिक-आधारित पुलिसिंग को नया आयाम मिला है। उत्कृष्टता केन्द्र के तौर पर है अधिसूचित सेंचुरियन विश्वविद्यालय, व्यावसायिक शिक्षा व प्रशिक्षण स्कूल को हाल ही में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर फॉर एक्सिलेंस) के रूप में अधिसूचित किया गया है, जो अब तक यह मान्यता प्राप्त करने वाला भारत का एकमात्र विश्वविद्यालय है। सेंचुरियन विश्वविद्यालय के प्रेसीडेंट, प्रोफेसर मुक्तिकान्त मिश्र ने कहा कि विधि विज्ञान प्रयोगशाला की फॉरेंसिक विशेषज्ञता के साथ हमारे शैक्षिक संसाधनों को संयोजित करके, हम छात्रों और शोधकर्ताओं को फॉरेंसिक विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी में प्रगति में सार्थक योगदान देने के लिए सशक्त बनाएंगे।              समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर के कार्यक्रम में अपर पुलिस महानिदेशक/पुलिस महानिदेशक के जनरल स्टाफ ऑफिसर, पुलिस उपमहानिरीक्षक, तकनीकी सेवायें मुख्यालय एवं प्रभारी निदेशक, विधि विज्ञान प्रयोगशाला उपस्थित रहे। साथ ही, सेंचुरियन विश्वविद्यालय, ओडिशा के प्रेसीडेंट, प्रोफेसर मुक्तिकान्त मिश्र, वॉयस चांसलर डॉ. सुप्रिया पटनायक, निदेशक मोनालिशा घोष एवं एसोसिएट डीन डॉ. रीना सी. झमतानी व अन्य उपस्थित रहे।

कर्मठता को सलाम! हरियाणा के पांच कर्मचारियों को मिला HSSC चेयरमैन का सम्मान

हरियाणा  हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) ने कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (सीईटी)-2025 के सफल आयोजन में असाधारण योगदान देने वाले पांच कर्मचारियों को बुधवार को विशेष प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। यह आयोजन पंचकूला स्थित आयोग मुख्यालय में हुआ। एचएसएससी के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने सम्मानित कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि सीईटी जैसी बड़ी परीक्षा का सफल आयोजन केवल टीम भावना, मेहनत और ईमानदारी से ही संभव है। उन्होंने बताया कि सम्मानित कर्मचारियों ने परीक्षा प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में उत्कृष्ट निष्ठा और समर्पण दिखाया, जो सभी के लिए प्रेरणास्पद है। सम्मानित कर्मचारियों में सोनीपत के स्पेशल पुलिस अधिकारी देवेंद्र कुमार और पवन कुमार, ईएसआई पद पर कार्यरत ऋषिपाल, पंचकूला में क्लर्क पद पर कार्यरत अमित कुमारी और रोहतक रोडवेज में क्लर्क पद पर कार्यरत सतीश कुमार शामिल हैं। इन सभी ने परीक्षा के दौरान अनुकरणीय कार्यशैली और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया। चेयरमैन हिम्मत सिंह ने बताया कि उन्होंने स्वयं निरीक्षण दौरे के दौरान इन कर्मचारियों के कार्य को देखा और उनकी मेहनत को देखते हुए उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, आयोग ने प्रत्येक जिले के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को भी प्रशंसा पत्र जारी किया है और सुझाव दिया कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को भी प्रेरित करें।   हिम्मत सिंह ने आगे कहा कि जल्द ही एचएसएससी स्टाफ के अन्य कर्मचारियों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे, जिन्होंने सीईटी परीक्षा की प्रक्रिया को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उल्लेखनीय है कि 26 और 27 जुलाई को सीईटी परीक्षा का सफल आयोजन किया गया। इसमें कुल 13 लाख 48 हजार से अधिक अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड जारी किए गए थे। इस बड़ी परीक्षा को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए सभी कर्मचारियों की मेहनत और प्रतिबद्धता सराहनीय रही।