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डांट के डर से निकली घर से, गोल्डन टेंपल पहुंची NEET परीक्षार्थी

  जयपुर कई बार हम देखते हैं कि नंबर कम आने पर घरवालों की डाट से बचने के लिए बच्चे घर छोड़कर चले जाते हैं। कुछ ऐसा ही सीकर में रहने वाली 20 साल की लड़की ने किया। यह लड़की सीकर में नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी। नंबर कम आने पर वह घर छोड़कर चली गई। अब एक महीने बाद पुलिस ने उसे अमृतसर के गोल्डन टेंपल से दस्तयाब कर लिया। वहां पर युवती लंगर में सेवा करती और अपना पेट भरती थी। पूरा घटनाक्रम सीकर के उद्योग नगर इलाके का है। सीकर पुलिस के मुताबिक 25 जुलाई की सुबह 6:15 बजे के करीब 20 साल की युवती अपने घरवालों को बिना बताए कहीं पर चली गई। जैसे ही परिजनों ने पुलिस में गुमशुदगी दर्ज करवाई तो पुलिस भी मामले में एक्टिव हुई।  इसके बाद पुलिस ने उसे 29 अगस्त को अमृतसर के गोल्डन टेंपल से दस्तयाब कर लिया। यहां पर युवती ने पुलिस को बताया कि इस बार नीट परीक्षा में उसके नंबर कम आए थे। उसे घरवालों कि डाट का डर था। इसलिए उसने घरवालों को कहा कि उसके नंबर अच्छे आए हैं और कॉलेज भी अच्छी मिलेगी। परीक्षा में कम नंबर आए फिर काउंसिल में पोल खुलने के डर से घर छोड़ा लेकिन जब काउंसलिंग का वक्त आया तो लड़की को लगा कि अब उसके घरवालों को हकीकत पता चल जाएगी। ऐसे में वह अपना घर छोड़ कर चली गई। वह ट्रेन के जरिए रेवाड़ी पहुंची। रेवाड़ी से फिर वह दिल्ली और दिल्ली से हरिद्वार गई। हरिद्वार में उसने लोगों को तिलक लगाने का काम शुरू किया। इससे कुछ पैसे मिले तो अपना पेट भरा और कुछ नए कपड़े खरीद लिए। यहां से लड़की पठानकोट गई। पठानकोट में उसने सुना कि अमृतसर के गोल्डन टेंपल में लंगर में सेव करके फ्री में खाना खा सकते हैं। बस फिर क्या था लड़की सीधे ट्रेन पकड़कर अमृतसर चली गई। यहां पर उसने लंगर में सेवा करना शुरू किया और फिर खाना खाकर वहीं पर रहने लगी। करीब 2 से 3 दिन पहले उसने अपने पिता को कॉल करके कहा कि अब वह घर पर नहीं आना चाहती। जैसे ही पुलिस को उसकी लोकेशन मिली तो पुलिस उसे दस्तयाब करके लेकर आई है। मामले में सीकर एसपी प्रवीण नायक का कहना है कि युवती को सकुशल उसके घरवालों को सुपुर्द कर दिया गया है। सभी लोगों से अपील है कि वह अपने बच्चों पर किसी तरह का दबाव न डालें।

राज्यभर में बारिश का आंकड़ा 881.4 मि.मी. तक पहुँचा, बलरामपुर में सर्वाधिक वर्षा

छत्तीसगढ़ में अब तक 881.4 मि.मी. औसत बारिश, बलरामपुर सबसे आगे और बेमेतरा सबसे पीछे राज्यभर में बारिश का आंकड़ा 881.4 मि.मी. तक पहुँचा, बलरामपुर में सर्वाधिक वर्षा छत्तीसगढ़ में झमाझम: बलरामपुर में 1273.7 मि.मी. तो बेमेतरा में सबसे कम 430.9 मि.मी. बारिश दर्ज रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 881.4 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1273.7 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 430.9 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।   रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 753.4 मि.मी., बलौदाबाजार में 618.8 मि.मी., गरियाबंद में 739.1 मि.मी., महासमुंद में 647.5 मि.मी. और धमतरी में 784.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 839.3 मि.मी., मुंगेली में 824.7 मि.मी., रायगढ़ में 1050.2 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 713.8 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1034.9 मि.मी., सक्ती में 913.2 मि.मी., कोरबा में 848.4 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 847.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 713.5 मि.मी., कबीरधाम में 623.8 मि.मी., राजनांदगांव में 787.7 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1129.2 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 657.2 मि.मी. और बालोद में 952.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 629.6 मि.मी., सूरजपुर में 960.2 मि.मी., जशपुर में 868.0 मि.मी., कोरिया में 982.6 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 881.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1259.6 मि.मी., कोंडागांव में 829.1 मि.मी., कांकेर में 1035.3 मि.मी., नारायणपुर में 1123.0 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1197.4 मि.मी., सुकमा में 955.7 मि.मी. और बीजापुर में 1180.9 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

कांग्रेस बोली- जीतू पटवारी पर खतरा, रतलाम घटना के बाद सुरक्षा की जरूरत

भोपाल   मध्य प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर हुए हमले ने पार्टी नेताओं की टेंशन बढ़ा दी है। रतलाम में कांग्रेस नेता की सुरक्षा में हुई चूक के बाद उनकी सुरक्षा बढ़ाने की मांग होने लगी है। पूर्व कानून मंत्री व कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने कहा कि जीतू पटवारी पार्टी के चीफ हैं, उनकी सुरक्षा में चूक न हो इसका ध्यान रखना चाहिए। कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने जीतू पटवारी की सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि जीतू पटवारी कांग्रेस के पीसीसी चीफ हैं, किसी भी पार्टी के नेता हो, उनकी सुरक्षा में चूक न हो इसका ध्यान रखा जाए। हर नागरिक को सुरक्षा मिलनी चाहिए। दरअसल, रतलाम जिले में वोट चोर गद्दी छोड़ जन समर्थन रैली में शामिल होने आए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को धाकड़ समाज के लोगों का विरोध झेलना पड़ा। महू नीमच हाइवे पर धाकड़ समाज के लोगों ने जीतू पटवारी के खिलाफ नारेबाजी की और काले झंडे दिखाए। धाकड़ समाज का विरोध देख पटवारी गाड़ी से नीचे उतरे और अपने बयान को लेकर माफी मांगी। इसके साथ ही उनके गाड़ी के अज्ञात लोगों ने कांच भी फोड़ दिए। क्या है पूरा मामला जीतू पटवारी ने विगत दिनों बीजेपी के नेता मनोहर लाल धाकड़ के 8 लेन कांड को लेकर बयान दिया था। इसको लेकर धाकड़ समाज के लोग विरोध कर रहे थे। अपने बयान पर पटवारी ने धाकड़ समाज के लोगों के बीच पहुंचकर कहा कि अगर आप लोगों को मेरे बयान से ठेस पहुंची हो तो सॉरी मैं आपसे माफी मांगता हूं। मैं भी धाकड़ हूं धाकड़ समाज से ही हूं कोई गलती हुई हो तो क्षमा मांगता हूं। जिसके बाद धाकड़ समाज के लोगों से गले मिलकर पटवारी रतलाम जन समर्थन रैली में पहुंचे। इस दौरान पटवारी के गाड़ी के कांच भी अज्ञात लोगों ने कांच फोड़ दिए।

रायपुर : नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर रोकथाम के लिए राज्य भर में कार्रवाई लगातार जारी

रायपुर दवाओं का दुरुपयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। औषधि विभाग एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त कार्रवाई कर नशीली दवाओं के अवैध व्यापार पर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। हाल ही में की गई कार्रवाइयों में कई स्थानों से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित औषधियां जब्त की गईं और आरोपियों को हिरासत में भी लिया गया।    हाल ही में पंडरिया जिला कबीरधाम में प्रतिबंधित औषधि की अवैध बिक्री की सूचना पर छापा मारकर इसकी 200 स्ट्रिप जब्त की गई। वहीं रायपुर में कोडीन फॉस्फेट युक्त औषधियों की अवैध बिक्री पर कार्रवाई करते हुए दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया और इनसे 120 नग औषधियां बरामद की गयी। दोनों मामलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।        गरियाबंद जिले के कोपरा में चन्दन मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर प्रतिबंधित नशीली दवाओं के क्रय विक्रय रिकॉर्ड में अनियमितता पायी गयी। इसके पश्चात दुकान संचालक के विरूद्ध औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 व नियमावली 1945 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जा रही है।      महासमुंद में नगर पालिका कार्यालय में मेडिकल संचालकों की बैठक आयोजित की गई। इसमें नशामुक्त महासमुंद अभियान पर चर्चा हुई और सभी दवा विक्रेताओं ने समाज को नशे की बुराई से बचाने के लिए सहयोग देने का आश्वासन दिया। बैठक में ये चर्चा की गयी कि नशे के आदि लोग अक्सर दवाइयों का गलत उपयोग करते हैं, जिससे अपराधों में वृद्धि होती है। सभी से अपील है कि नशीली दवाओं की अवैध बिक्री में किसी भी प्रकार से सहयोग न करें।         औषधि विभाग द्वारा  जागरूकता गतिविधियां भी लगातार संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में बेमेतरा जिला मुख्यालय स्थित टाउन हॉल में महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए आमजन को नशा पान से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया। इसके अतिरिक्त जिला कोंडागांव, जांजगीर-चाम्पा, बिलासपुर,  एवं राजनांदगांव मे भी औषधि निरीक्षकों द्वारा समाज में नशीली दवायों के दुष्प्रभावों के सम्बन्ध में जागरूकता लाने के उद्देश्य से शासकीय विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजन किये गए व युवाओं को नशे की लत से दूर रहने के लिए शपथ दिलाई गयी।        एम्स रायपुर के सेंट्रल फार्मेसी स्टोर का राज्य औषधि नियंत्रण प्रशासन के अधिकारियों एवं केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के प्रतिनिधियों द्वारा,  सीडीएससीओ मुंबई से प्राप्त निर्देशों के अनुसार संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान हिंदुस्तान एंटीबायोटिक्स लिमिटेड,  पुणे की कुछ दवाइयों का विधिक सैंपल लिया गया। ये नमूने निर्धारित विधिक प्रक्रियाओं के अनुसार एकत्र किए गए हैं तथा परीक्षण एवं विश्लेषण हेतु अग्रेषित किए जाएंगे, ताकि दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा एवं प्रभावकारिता सुनिश्चित की जा सके।

40 से ज्यादा वारदातों में वांछित नक्सली दबोचे, पुलिस को मिली बड़ी सफलता

रांची पश्चिम सिंहभूम जिले के सारंडा के जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में पुलिस ने दो कुख्यात नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। दोनों नक्सलियों पर 40 से अधिक नक्सली घटनाओं में शामिल होने का आरोप है। उनके पास से हथियार सहित अन्य सामान बरामद किए गए हैं। पुलिस की पकड़ में आए नक्सलियों की पहचान सब जोनल कमेटी सदस्य संदीप उर्फ हिडिमा पाडेयाम (निवासी – बीजापुर, छत्तीसगढ़) और एरिया कमेटी सदस्य शिवा बोदरा उर्फ शिबु (निवासी – जोजोडीह, सरायकेला) के रूप में हुई है। इनकी गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उनके पास से एक पिस्टल, 11 जिंदा कारतूस, दो मैगजीन, दो वॉकी-टॉकी, डेटोनेटर और आईईडी बनाने की सामग्री भी बरामद की है। पश्चिम सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने रविवार को बताया कि यह कारर्वाई नक्सलियों के खिलाफ जारी अभियान की बड़ी सफलता है। क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि 30 अगस्त को गुप्त सूचना मिली थी कि प्रतिबंधित माओवादी संगठन के शीर्ष नेता अनल उर्फ रमेश, मिसिर बेसरा, अजय महतो सहित कई नक्सली अपने दस्ते के साथ सारंडा क्षेत्र में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना के आधार पर अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) पारस राणा के नेतृत्व में चाईबासा पुलिस और कोबरा 209 बटालियन की संयुक्त टीम बनाई गई। अभियान के दौरान जराईकेला थाना क्षेत्र के जंगलों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जहां से दोनों नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया। संदीप उर्फ हिडिमा पाडेयाम पर झारखंड के विभिन्न थानों में हत्या, पुलिस पर हमले, विस्फोट, आर्म्स एक्ट, यूएपीए और सीएलए एक्ट समेत कुल 30 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह वर्ष 2015 से सक्रिय है और राज्य में कई नक्सली घटनाओं को अंजाम दे चुका है।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे सीएम विष्णुदेव साय, हालात का लिया जायजा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज बस्तर दौरे पर हैं. उन्होंने बस्तर जिले के बाढ़ प्रभावित इलाके का हवाई निरीक्षण किया. उनके साथ मंत्री केदार कश्यप और मंत्री टंक राम वर्मा भी मौजूद रहे. निरीक्षण के बाद मुख्ममंत्री बस्तर, बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा के अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ प्रभावितों की सहायता के लिए अधिकारियों के समीक्षा करेंगे. बाढ़ से प्रभावितों के लिए प्रशासन ने स्थापित किए राहत शिविर प्रशासन ने बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर भी स्थापित किए हैं, जहां उन्हें भोजन और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. इसके अलावा डोनेशन के माध्यम से कपड़े इकट्ठा कर उनका वितरण किया जा रहा है. रोटरी क्लब के सदस्यों ने कपड़े वितरित किए, जबकि पिछले दिनों जनप्रतिनिधियों द्वारा भी राहत सामग्री प्रदान की गई. नीतीश वर्मा ने बताया कि लगभग 100 से अधिक परिवार प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 22 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि कई मकानों को आंशिक क्षति हुई है.

सलका जलाशय योजना के कार्यों के लिए 2.50 करोड़ रूपए स्वीकृत

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा मनेन्द्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी जिले में खड़गंवा की सलका जलाशय योजना के कार्यों के लिए दो करोड़ 50 लाख 18 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्यों के पूर्ण होने पर योजना की रूपांकित सिंचाई क्षमता 297 हेक्टेयर में 145 हेक्टेयर की कमी की पूर्ति होगी तथा 10 हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई हो सकेगी। योजना से क्षेत्र के किसानों को कुल 307 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।

मध्य प्रदेश के नीमच-मंदसौर से डोडा चूरा तस्करी का नया मार्ग, अधिकारियों में चिंता

 नीमच  अफीम उत्पादन के लिए देशभर में प्रसिद्ध मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिले मंदसौर और नीमच इन दिनों डोडा चूरा तस्करी का नया केंद्र बनकर उभर रहे हैं। राजस्थान के रास्ते दिल्ली, पंजाब और हरियाणा तक डोडा चूरा सप्लाई का रूट तस्करों ने तैयार कर लिया है। सात माह में 30 किलो से लेकर 300 किलो तक डोडा चूरा तस्करी के दो दर्जन से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। हाल ही में नीमच जिले का एक पुलिसकर्मी खुद डोडा चूरा तस्करी के आरोप में पकड़ा जा चुका है। प्रतिबंधित डोडा चूरा को पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के बाहरी इलाकों में पानी या चाय में मिलाकर नशे के रूप में उपयोग किया जाता है। सस्ता नशा होने से इसकी बड़ी मांग रहती है। ट्रक, एंबुलेंस और निजी वाहनों के माध्यम से इसकी तस्करी के मामले में सामने आए हैं। सिर्फ मप्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के अधीन अफीम की खेती होती है। अफीम वर्ष 2024-25 में समूचे देश में 1 लाख 6 हजार 390 किसानों को अफीम की खेती का लाइसेंस दिया गया, इनमें से 56 हजार 874 चीरा और 49 हजार 516 सीपीएस पद्धति से दिए गए। अकेले मप्र में चीरा पद्धति से 26 हजार 96 किसानों को लाइसेंस दिए गए। इन लाइसेंसी किसानों के पास लगभग 18 लाख 26 हजार 720 किलो डोडा चूरा की पैदावार होने का अनुमान है। वास्तविकता यह है कि 1 अप्रैल 2016 से केंद्र सरकार डोडाचूरा पर प्रतिबंध लगा चुकी है और नष्टीकरण कराने की बात कह चुकी है। इसके बाद से ही मप्र की आबकारी नीति से डोडा चूरा को हटा दिया गया है लेकिन नष्टीकरण को लेकर आज तक को कोई स्पष्ट नीति नहीं है, जिसका फायदा उठाकर तस्कर डोडा चूरा को प्रदेश से बाहर नशे के आदी लोगों तक पहुंचा रहे हैं और काली कमाई कर रहे हैं। डोडाचूरा का उपयोग डोडा चूरा का विशुद्ध रूप से उपयोग नशे के लिए किया जाता है। राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और अन्य स्थानों पर डोडा चूरा की मांग रहती है। इन क्षेत्रों में नशे के आदी लोग डोडा चूरा को पानी में गलाकर व छानकर उस पानी का उपयोग नशे के लिए करते हैं। इसे चाय में मिलाकर भी पीया जाता है। डोडा चूरा में मार्फिन का प्रतिशत काफी कम 0.02 प्रतिशत होने से भी यह हल्के नशे के रूप में प्रयोग किया जाता है। अब तक हुई कार्रवाई     26 जुलाई को नीमच कैंट थाने के आरक्षक राजेंद्र सिंह को नारायणगढ़ पुलिस ने डोडा चूरा की तस्करी करते पकड़ा। इसके बाद एसपी अंकित जायसवाल ने आरक्षक को बर्खास्त कर दिया।     21 अगस्त को नीमच सिटी पुलिस ने एक आरोपित के पास से 300 किलो डोडा चूरा पकड़ा।     1 सप्ताह पहले नयागांव पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार कर 280 किलो डोडा चूरा व दो अवैध पिस्टल मय कारतूस के जब्त की।     मंदसौर और नीमच में पहले भी डोडा चूरा तस्करी में एबुलेंस तक का उपयोग हुआ है और कार्रवाई कर एंबुलेंस जब्त की गई है। पुलिस के अलावा केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो और मप्र पुलिस की नारकोटिक्स विंग भी तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करती है। डोडा चूरा नष्ट करने के लिए समिति गठित     जिला स्तर पर डोडा चूरा नष्टीकरण की प्रक्रिया के लिए समिति गठित है। इसमें कलेक्टर, एसपी, केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के अधिकारी व जिला आबकारी अधिकारी सदस्य हैं। विकासखंड स्तर पर इसी अनुक्रम में समिति है। डोडा चूरा नष्टीकरण के संबंध में आधिकारिक रूप से स्पष्ट नीति नहीं है। – एनपी सिंह, जिला आबकारी अधिकारी नीमच तस्करी रोकने के लिए निरंतर हो रही कार्रवाई     जिला स्तरीय समिति की दो बार बैठक हो चुकी है। डोडा चूरा नष्टीकरण का विषय नीतिगत है। इसके संबंध में राज्य शासन स्तर पर निर्णय लिया जाना है। रही बात डोडा चूरा नष्टीकरण की तो पुलिस और अन्य एजेंसियों द्वारा जब्त डोडा चूरा का नष्टीकरण समय-समय पर किया जाता है। तस्करी रोकने के लिए भी निरंतर कार्रवाई की जाती है। – अंकित जायसवाल, एसपी नीमच तस्करों के खिलाफ की जाती है कार्रवाई     डोडा चूरा नष्टीकरण का विषय नीतिगत विषय है। इसके संबंध में मैं कुछ नहीं कहना चाहूंगा। मादक पदार्थ के नियंत्रण के लिए जिला स्तरीय समन्वय समिति की मासिक एवं त्रैमासिक बैठक होती है, जिसमें सभी संबंधित विभाग के अधिकारी शामिल होते हैं। कार्रवाई की जानकारी भी बैठक में रखी जाती है। जिले में तस्करों के खिलाफ कार्रवाई भी जारी है। – हिमांशु चंद्रा, कलेक्टर नीमच  

जल विभाग का ऐलान: दुर्ग में कल शाम से नहीं आएगा पानी, आज ही भर लें स्टोर

दुर्ग मंगलवार की शाम को शहर के आधे हिस्से में पानी की आपूर्ति नहीं होगी. क्योंकि मालवीय नगर चौक में मेन राइजिंग पाइपलाइन के बड़े लीकेज के लिए 24 एमएलडी इंटकवेल को शटडाउन में लिया गया है. रिपेयर के बाद बुधवार से जलापूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है. मालवीय नगर चौक में दिस मेन राइजिंग पाइप लाइन जिसका डाया 600 एमएम हैं वह लंबे समय से लीकेज है. रिपेयर करने में हो रही देरी की वजह से लीकेज की साइज लगातार बढ़ती जा रही है. इस वजह से उस पाइपलाइन से जुड़े दो और पाइप से दूसरे इलाके की टंकियां भी नहीं भर पा रही है. जिसका असर घरों में की जाने वाली जलापूर्ति पर पड़ रहा है.  निगम प्रशासन ने 2 सितंबर को उसे रिपेयर करने का निर्णय लिया है. इसके लिए 24 एमएलडी से फिल्टर प्लांट तक पानी की सप्लाई बंद रखी जाएगी. इस वजह से पद्मनाभपुर, शक्ति नगर, हनुमान नगर, गिरधारी नगर, शंकर नगर, शनिचरी बाजार पानी टंकी से जुड़े एरिया में मंगलवार की सुबह तो नलों में पानी आएगा लेकिन शाम को जलापूर्ति नहीं होगी. जल विभाग की एमआईसी मेंबर लीना दिनेश देवांगन के मुताबिक प्रभावित इलाके के – लिए टैंकरों की व्यवस्था की गई है. बता दें कि बारिश के सीजन की शुरुआत से ही दुर्ग की जनता को अनेक बार लीकेज व अन्य दिक्कतों के कारण पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है.

गुरदास मान ने बाढ़ प्रभावितों के लिए किया बड़ा दान, लाखों रुपए मदद में

पंजाब  पंजाब में लगातार हो रही बारिश के कारण कई गांव बाढ़ की मार झेल रहे हैं, जिसे देखते हुए कई समाजसेवी संस्थाओं के साथ-साथ पंजाब के कलाकार भी बाढ़ पीड़ितों की हर संभव मदद कर रहे हैं। इसी कड़ी में पंजाबी गायक गुरदास मान भी बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष में 25 लाख रुपये दान करने की घोषणा की है। बता दें कि इससे पहले बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा और पंजाबी गायक रंजीत बावा, बब्बू मान और सतिंदर सरताज ने भी पंजाब के बाढ़ पीड़ितों की मदद करने की घोषणा की थी।