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ग्वालियर में ज्योतिष ‘ओपीडी’ की शुरुआत, संस्कृत महाविद्यालय बना केंद्र

ग्वालियर अगर आपकी कुंडली में मंगल उग्र है, राहु-केतु नींद खराब कर रहे हैं, विवाह टलता जा रहा है या करियर की दिशा धुंधली लग रही है, तो सीधे जाएं ओपीडी! पर ये कोई अस्पताल नहीं, बल्कि संस्कृत महाविद्यालय की ज्योतिष ओपीडी है, जहां इलाज नहीं ज्योतिषीय परामर्श मिलेगा वो भी विशेषज्ञ आचार्यों से। संस्कृत की प्राचीन परंपराओं को जनसामान्य से जोड़ने के लिए शासकीय संस्कृति महाविद्यालय सत्र 2025-26 से अनूठी पहल करने जा रहा है। जहां अस्पताल की ओपीडी की तर्ज पर ज्योतिष परामर्श ओपीडी संचालित की जाएगी। इसमें लोग अपनी जीवन से जुड़ी समस्याओं का समाधान संस्कृत के आचार्यों से पा सकेंगे। यह ओपीडी हर सप्ताह सोमवार और शुक्रवार को संचालित होगी। ज्योतिषीय मार्गदर्शन होगा सरल इस नवाचार के तहत महाविद्यालय के 12 आचार्य ओपीडी की तर्ज पर कक्ष में बैठेंगे, जहां लोग सीधे उनसे मुलाकात कर अपनी जिज्ञासाएं और समस्याएं साझा कर सकेंगे। परामर्श के लिए न्यूनतम शुल्क लिया जाएगा, जिससे यह सेवा आम जनता के लिए सुलभ बनी रहे।   संस्कृत ज्ञान को आधुनिक संदर्भ से जोड़ने की पहल संस्कृत महाविद्यालय की यह पहल न केवल लोगों को ज्योतिषीय समाधान प्रदान करेगी, बल्कि विद्यार्थियों और जनसामान्य के बीच संस्कृत भाषा, संस्कृति और शास्त्रों के प्रति जागरूकता भी बढ़ाएगी। महाविद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि यह अपनी तरह की पहली पहल है, जिसमें शास्त्रीय ज्ञान को आधुनिक परामर्श प्रणाली से जोड़ा गया है। छात्रों को मिलेगा व्यावहारिक अनुभव यह परामर्श सेवा एक तरफ जहां जनता को लाभ पहुंचाएगी, वहीं संस्कृत के विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष परामर्श प्रक्रिया का अनुभव भी मिलेगा। इससे उनके अध्ययन को व्यवहारिक धरातल पर लाने में मदद मिलेगी।

जीवाजी यूनिवर्सिटी ग्वालियर ने फेल विद्यार्थियों के लिए शुरू की आंसरशीट देखने की प्रक्रिया

ग्वालियर जीवाजी विश्वविद्यालय (जेयू) ने परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट विद्यार्थियों के लिए उत्तरपुस्तिका अवलोकन का शेड्यूल जारी कर दिया है। अधिसूचना के अनुसार, वे छात्र जो अपने परिणामों को लेकर असंतुष्ट हैं या संदेह रखते हैं, निर्धारित तिथियों और समय में अपनी उत्तरपुस्तिकाएं देख सकते हैं। यह सुविधा विशेष रूप से फेल घोषित विद्यार्थियों के लिए रखी गई है, ताकि वे मूल्यांकन प्रक्रिया को समझ सकें और अपनी संतुष्टि के लिए अंकन की जांच कर सकें। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि उत्तरपुस्तिका अवलोकन का समय प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगा। छात्र संबंधित विषय और तिथि के अनुसार विश्वविद्यालय परिसर में आकर यह प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।   अवलोकन कार्यक्रम के तहत     11 अगस्त : बी.ए. प्रथम सेमेस्टर (मार्च 2025)     12 अगस्त : बी.एड. चतुर्थ सेमेस्टर (जून 2025)     13 अगस्त : एम.एससी. द्वितीय और चतुर्थ सेमेस्टर (जून 2025)     14 अगस्त : बी.एड., एम.एड. प्रथम सेमेस्टर (जून 2025)     18 अगस्त : एल.एल.बी. द्वितीय और चतुर्थ सेमेस्टर (जून 2025)     19 अगस्त : एम.बी.ए. द्वितीय सेमेस्टर (जून 2025) जेयू प्रशासन का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य पारदर्शिता बनाए रखना और छात्रों में परीक्षा प्रक्रिया के प्रति विश्वास कायम करना है। उत्तरपुस्तिका अवलोकन से विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिलेगा कि उनके उत्तर किस प्रकार से मूल्यांकित किए गए हैं।  

शाजापुर तिरंगा यात्रा 14 अगस्त को, गांव-गांव जाकर दे रहे लोगों को बुलावा

शाजापुर   शाजापुर में 14 अगस्त को तिरंगा यात्रा को सफल बनाने के लिए करणी सेना परिवार जोर-शोर से तैयारियों में जुटा है। संगठन ने जिले के विभिन्न गांवों में जनसंपर्क कर लोगों से इस यात्रा में शामिल होने की अपील की है। इस तिरंगा यात्रा में करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर भी उपस्थित रहेंगे। यात्रा को ऐतिहासिक बनाने के उद्देश्य से रविवार को नवनियुक्त जिला संयोजक भीम सिंह बना डूंगरगांव और अन्य पदाधिकारियों ने जिले के कई गांवों का दौरा किया। कार्यक्रम में टीम ने उमरिया दया, बांड़ाहेड़ी, जमलाय, टिगरिया, धीनका कुमारिया पाल, सादनखेड़ी, पचावता, दुधाना, ढंगीचा और चंदोनी सहित दर्जनों गांवों में पहुंचकर लोगों को यात्रा में शामिल होने का न्योता दिया।

त्योहार के बाद ट्रेनों में लगी मारामारी, रेलवे ने जन्माष्टमी के अवसर पर शुरू की स्पेशल ट्रेन सेवा

ग्वालियर रक्षाबंधन का त्योहार समाप्त होने के साथ ही अब वापस काम पर लौटने के लिए ट्रेनों में आरक्षण की मारामारी मची हुई है। ट्रेनों में भीड़ तो चल ही रही है, साथ ही लोगों को आसानी से आरक्षित टिकट नहीं मिल पा रहे हैं। वहीं आगामी दिनों में जन्माष्टमी के त्योहार को देखते हुए रेलवे द्वारा विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। विशेष ट्रेनों का संचालन रेलवे द्वारा वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-मथुरा के बीच अनारक्षित स्पेशल ट्रेन 15 से 17 अगस्त तक चलाई जाएगी। यह ट्रेन वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी से दोपहर 2:45 बजे चलकर ग्वालियर शाम 5:23 बजे आएगी। वहीं मुरैना, धौलपुर, आगरा कैंट होते हुए मथुरा जंक्शन शाम 7:30 बजे पहुंचेगी। यह ट्रेन पूरी तरह अनारक्षित (जनरल) श्रेणी की होगी, जिससे बिना आरक्षण के यात्रा करने वाले यात्रियों को सुविधा मिल सकेगी।   यात्रियों की सुविधा के लिए होगी और ट्रेनों की घोषणा रेलवे अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों के मौसम में यात्रियों की सुविधा के लिए और भी ट्रेनों की घोषणा की जा सकती है। दरअसल, रक्षाबंधन का त्योहार समाप्त होते ही ट्रेनों में एक बार फिर यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी है। अब लोग अपने-अपने कार्यस्थलों पर लौटने के लिए स्टेशन का रुख कर रहे हैं, लेकिन ट्रेनों में आरक्षित सीटें मिलना बेहद मुश्किल हो गया है। कई प्रमुख ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है, जिससे यात्रियों को खासा परेशान होना पड़ रहा है। रक्षाबंधन की भीड़ जैसे ही समाप्त होगी, वैसे ही ग्वालियर से मथुरा के लिए जन्माष्टमी के त्योहार की भीड़ ट्रेनों में शुरू हो जाएगी। स्वतंत्रता दिवस को लेकर भी हाई अलर्ट स्वतंत्रता दिवस से पहले ग्वालियर समेत सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) और शासकीय रेल पुलिस (जीआरपी) अलर्ट मोड में आ गई है। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में गश्त और निगरानी बढ़ाएं। आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीमों को सक्रिय होकर ट्रेनों और प्लेटफार्म पर संदिग्ध व्यक्तियों, असामाजिक तत्वों और अपराधियों पर निगरानी रखने के साथ ही विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और यात्रियों की सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाने को कहा गया है।   इस क्रम में स्टेशनों पर पहले से सक्रिय अपराधियों की सूची तैयार कर उनसे पूछताछ की जा रही है। स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए स्टेशन परिसर, रेलवे ट्रैक, यार्ड, पार्सल ऑफिस, वेटिंग हाल और फुटपाथों पर सादी वर्दी में पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।

आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव पर्यावरण से समन्वय पर विशेष संगोष्ठी-सह प्रशिक्षण कार्यशाला में होंगे शामिल

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लोक निर्माण विभाग के ध्येय “लोक निर्माण से लोक कल्याण” को साकार करने की दिशा में 11 अगस्त को भोपाल स्थित रवींद्र भवन में ‘पर्यावरण से समन्वय’ विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी-सह प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। कार्यशाला में अखिल भारतीय संयोजक पर्यावरण संरक्षण गतिविधि श्री गोपाल आर्य, लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह और भास्कराचार्य संस्थान के महानिदेशक श्री टी.पी. सिंह सहित अनेक विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे। कार्यशाला में उद्घाटन-सत्र, मुख्य अतिथियों के संबोधन, तकनीकी सत्र और विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन होगा। इस अवसर पर पर्यावरण-अनुकूल निर्माण तकनीकों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें नवीनतम और टिकाऊ तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। यह ऐतिहासिक आयोजन प्रदेश के लगभग 1500 अभियंताओं को एक मंच पर एकत्र करेगा, जिससे वे हरित और टिकाऊ निर्माण के नए आयामों से परिचित होंगे। संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य अभियंताओं को पर्यावरण संरक्षण के प्रति अधिक संवेदनशील बनाना और उनकी तकनीकी दक्षता को बढ़ाना है। इस दौरान भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष उपयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान (BISAG-N), गांधीनगर के विशेषज्ञ पीएम गतिशक्ति योजना के अंतर्गत डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) निर्माण और जीआईएस पोर्टल पर सड़कों व पुलों की भौगोलिक मैपिंग पर विशेष प्रशिक्षण देंगे। इस तकनीकी ज्ञान से विभागीय परियोजनाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और प्रभावशीलता में और वृद्धि होगी। यह कार्यशाला केवल तकनीकी कौशल विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण को विभागीय योजनाओं के केंद्र में लाने का ठोस प्रयास भी है। इससे प्रदेश में हरित, टिकाऊ और जिम्मेदार बुनियादी ढांचे के निर्माण को नई दिशा मिलेगी और “लोक निर्माण से लोक कल्याण” की परिकल्पना को मजबूती मिलेगी।  

13 अगस्त से फिर तेज बरसात के संकेत, MP के 22 जिलों में बारिश के आसार

भोपाल अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी क्रम में शनिवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक दमोह में 92, पचमढ़ी में 29, रीवा में 15, खजुराहो में पांच, सिवनी में तीन, जबलपुर एवं सीधी में दो, छिंदवाड़ा में एक मिलीमीटर बारिश हुई। आज और कल भोपाल, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, गुना, ग्वालियर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, मुरैना, श्योपुर, भिंड, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सागर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले में बारिश के आसार हैं। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक 13 अगस्त को बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है। उसके असर से एक बार फिर झमाझम बारिश का दौर शुरू होने के आसार हैं। रविवार, सोमवार को सागर, नर्मदापुरम, भोपाल, ग्वालियर, चंबल संभाग के जिलों में मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है।   यहां बना हुआ है चक्रवात मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी पीके रायकवार ने बताया कि मानसून द्रोणिका वर्तमान में भटिंडा, रोहतक, दिल्ली, हरदोई, बाराबंकी, देहरी, बांकुरा, कोंटाई से बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इस चक्रवात से लेकर झारखंड तक एक द्रोणिका बनी हुई है। इसी चक्रवात से एक अन्य द्रोणिका गुजरात तक बनी हुई है, जो पश्चिमी मध्य प्रदेश से होकर जा रही है। मध्य प्रदेश में फिर शुरू होगी अच्छी बारिश 13 अगस्त को बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है। इस मौसम प्रणाली के असर से मध्य प्रदेश में एक बार फिर अच्छी बारिश का सिलसिला शुरू होने की उम्मीद है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि मानसून द्रोणिका नीचे आने लगी है। पश्चमी मध्य प्रदेश से होकर द्रोणिका भी गुजर रही है। इस वजह से रुक-रुककर बारिश होने लगी है। 13 अगस्त को कम दबाव का क्षेत्र बनने के बाद अच्छी बारिश होने की उम्मीद है।

वित्त विभाग की देरी से छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में गेस्ट लेक्चरर्स पर बढ़ा निर्भरता

रायपुर राज्य में स्कूली शिक्षा के लिए पांच हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। वहीं उच्च शिक्षा में अभी तक सहायक प्राध्यापकों के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। लिहाजा, इस सत्र में भी अतिथि शिक्षकों के भरोसे ही कॉलेज चलेंगे। कांग्रेस की पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के दौरान 2019 में 1384 सहायक प्राध्यापकों की भर्ती हुई थी। इसके बाद 2021 में शासकीय कॉलेजों में प्रोफेसर के 595 पदों को भरने के लिए विज्ञापन निकाला गया। अभी तक ये भर्ती प्रक्रिया छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में चल रही है। वहीं सहायक प्राध्यापकों की भर्ती का प्रस्ताव अभी तक वित्त विभाग में अटका हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक वित्त विभाग को उच्च शिक्षा विभाग ने सहायक प्राध्यापकों की भर्ती के लिए पहले ही प्रस्ताव भेजा था मगर अभी तक अनुमति नहीं मिल पाई है। सहायक प्राध्यापक के इतने पद खाली बता दें कि सरकारी कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक के 5, 315 पद हैं। इनमें से 3,146 पद स्वीकृत हैं और 2,169 पद रिक्त हैं। इसी तरह प्राचार्य के 335 पद स्वीकृत है, इनमें आधे से अधिक पदों पर प्रभारी हैं। नियमित भर्ती नहीं होने से हर साल उच्च शिक्षा विभाग को अतिथि शिक्षकों की मदद लेनी पड़ रही है। अतिथि व्याख्याताओं को कालखंड के आधार पर वेतन नई अतिथि व्याख्याता नीति के अनुसार कॉलेजों प्रति कालखंड 40 से 45 मिनट पढ़ाने पर अतिथि व्याख्याताओं को 400 रुपये और सहायक अतिथि व्याख्याताओं को 300 रुपये मिलेंगे। यदि कोई अतिथि व्याख्याता एक दिन में चार कालखंड पढ़ाते हैं तो उन्हें प्रतिदिन 1600 रुपये मिलेंगे। महीने में अधिकतम 50 हजार रुपये सैलरी उठा सकेंगे। इसी तरह सहायक अतिथि व्याख्याता भी 35,000 रुपये प्रति महीने कमा सकेंगे। खेल अधिकारी और ग्रंथपाल का वेतन 40,000 रुपये होगा। इतने पदों पर हुई थी स्कूली शिक्षकों की भर्ती स्कूल शिक्षा विभाग कांग्रेस सरकार के दौरान 2019 और 2023 में क्रमशः 14,580 और 12,489 पदों का विज्ञापन जारी किया गया था। बावजूद इसके, सेवानिवृत्ति और पदोन्नति के कारण बड़ी संख्या में पद अब भी खाली हैं। लोक शिक्षण संचालनालय के अनुसार 15 जून 2025 तक स्कूल शिक्षा विभाग में कुल 2,00,180 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 30,561 पद सीधी भर्ती के लिए रिक्त हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार सहायक शिक्षक के 81,721 स्वीकृत पदों में से 18,983 पद खाली हैं। सहायक शिक्षक (प्रयोगशाला) के 8,337 में से 1,599, शिक्षक के 61,432 में से 4,384, कृषि शिक्षक के 324 में से 150 तथा व्यायाम शिक्षक के 48,316 में से 5,445 पद रिक्त हैं। वर्तमान में भी कई विद्यालयों में एकल शिक्षक व्यवस्था चल रही है, जिससे शिक्षण की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों की कमी अधिक महसूस की जा रही है।

दुर्लभ प्रवासी परिंदे की वापसी! खैरागढ़ में दिखा ग्रेटर सैंड प्लोवर

राजनांदगांव छत्तीसगढ़ के कई स्थानों पर प्रवासी और दुर्लभ पशु-पक्षी समय समय पर दिखते रहते हैं। खैरागढ़ में हालहीं में दो ग्रेटर सैंड प्लोवर की उपस्थिति दर्ज की गई है। यह 2022 के बाद से जिले में पहला पुष्टि किया गया रिकार्ड है। तीन साल पहले प्रकृति शोध एवं संरक्षण कल्याण समिति के सदस्य दनेश सिन्हा ने इस प्रजाति का फोटोग्राफ लिया था। इस बार मध्य भारत के लिए एक महत्वपूर्ण अवलोकन में वन्यजीव फोट्रोग्राफर और संरक्षणकर्मी प्रतीक ठाकुर ने इस दुर्लभ पक्षी को कैद किया है। बता दें कि ग्रेटर सैंड प्लोवर, एक प्रवासी तटीय जलपक्षी, मध्य एशिया के ऊंचे और शुष्क क्षेत्रों में प्रजनन करता है और आमतौर पर सर्दियों में तटीय कीचड़ भरे मैदानों और मुहानों में पाया जाता है। छत्तीसगढ़ के अंदरूनी हिस्सों में इसकी उपस्थिति दुर्लभ है और प्रवासी मार्गों को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। उसी आर्द्रभूमि में अन्य प्रवासी जलपक्षी भी देखे गए, जिनमें कामन सैंडपाइपर, ग्रीन सैंडपाइपर और वुड सैंडपाइपर शामिल हैं। छत्तीसगढ़ में पिछले सालों के रिकॉर्ड     रायपुर – 2017, 2019, 2021     धमतरी – 2022     बिलासपुर – 2024 वेटलैंड के संरक्षण की जरुरत वेटलैंड्स क्षेत्रों में कई प्रकार के पक्षी प्रवास के लिए आते हैं। जशपुर जिले में भी सावेरियन प्रवासी पक्षियों को देखा जाता है। जो जलीय स्थानों के आस-पास आकर अपना डेरा डालते हैं। ऐसे में राज्य में वेटलैंडो का संरक्षण जरूरी है। इससे जैव विविधता को लाभ मिलेगा। बता दें कि खैरागढ़ से यह ताज़ा अवलोकन दर्शाता है कि अंदरूनी आर्द्रभूमियां प्रवासी समुद्री पक्षियों के लिए संभावित विश्राम स्थल के रूप में कितनी महत्वपूर्ण हैं। ठाकुर ने कहा, इन समुद्री पक्षियों के मार्गों को समझने के लिए व्यवस्थित और व्यापक सर्वेक्षण की तत्काल आवश्यकता है और इन आवासों के संरक्षण की जरूरत पर बल दिया।

इंदौर में लव जिहाद की वारदात: दोस्ती के बहाने कलमा पढ़ाया, जन्नत का दिया वादा

इंदौर मुस्लिम युवक ने सोशल मीडिया पर चैट कर हिंदू युवती को फंसाया और शादी के बहाने गुजरात ले गया। शादी के पहले उसने होटल में दुष्कर्म किया और बाद में लिखा-पढ़ी करवा ली। पूरी तरह जाल में फंस चुकी युवती का सात दिनों तक ब्रेनवाश कर इस्लाम कबूलने के लिए मजबूर किया गया। मौलवी को बुलाकर इस्लाम की तारीफ की और कहा कि तुम्हें जन्नत मिलेगी। शादी का प्रस्ताव रखा और कहा घर छोड़ दो नंदानगर निवासी पीड़िता की तीन साल पूर्व सोशल मीडिया पर फाइटर राजपूत से दोस्ती हुई थी। वह उससे चैटिंग करने लगा। कुछ दिनों बाद उसने सोहिल राजपूत नाम बताया और घंटों तक बातचीत करने लगा। वह खुद को हिंदू ही बताता था। करीब एक साल बाद उसने शादी का प्रस्ताव रखा और कहा कि तुम घर छोड़ दो। युवती 3 लाख रुपये कैश, मार्कशीट, आधार कार्ड और कपड़े लेकर घर से निकल गई। 21 जून को सोहिल रेलवे स्टेशन पर मिला और वह अहमदाबाद (गुजरात) ले गया।   होटल ले गया और शारीरिक संबंध बनाए सोहिल युवती को होटल ले गया और दो दिन तक शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद वह नेशनल मील चाल (अहमदाबाद) स्थित घर पर ले गया। उसने गुजराती में अनुबंध तैयार करवाया और पीड़िता से हस्ताक्षर करवा लिए। इसके बाद उसे दोस्त सेजर के रामोल क्षेत्र स्थित प्लास्टिक कारखाना पर ले गया। 3 अगस्त को सोहिल पुन: अपने घर (नेशनल मील चाल रखियाल सोमा टेक्सटाइल) लेकर आ गया। अल्लाह के अलावा कोई भगवान नहीं, इस्लाम कबूलों जन्नत मिलेगी सोहिल और उसकी मां शमा नाज फातिमा, पिता शाकीर इकबाल, भाई नदीम अख्तर, यासिर सहवर, शारिक, नदीम, भाभी गुलफ्शा, बहन शिवा जरीन मिली और एक सप्ताह तक इस्लाम धर्म के बारे में ब्रेनवाश किया गया। आरोपितों ने कहा कि इस्लाम बहुत खुबसूरत धर्म है। अल्लाह ही दुनिया में सबसे बड़ा है। अल्लाह के अलावा कोई भगवान नहीं है। धर्म और नाम बदलने का दबाव इस्लाम कबूल करोगी तो जन्नत मिलेगी। जन्नत से खुबसूरत कोई जगह नहीं है। तुमको मुस्लिम बनना पड़ेगा। सोहिल इसके बाद ही तुमसे शादी करेगा। तुम्हें धर्म और नाम तो बदलना ही पड़ेगा। आरोपितों ने घर पर ही मौलवी को बुलाया और 8 अगस्त को सोहिल के चाचा-चाची सहित रिश्तेदार शोकत राजपूत, नजाकत राजपूत, गुलजार आदी ने अन्य एकत्र होकर इस्लाम कबूल करवा कर उसका नाम सना फातिमा कर दिया। जबरदस्ती कलमा पढ़ाया गया। पीड़िता के रुपयों से कपड़े-स्कूटर खरीदे पीड़िता के तीन लाख रुपयों से सोहिल ने कपड़े, स्कूटर खरीद लिया। पीड़िता को नजरबंद रखा जाता था। एक दिन उसने सोहिल के मोबाइल में अन्य लड़कियों की चैटिंग पढ़ी तो हिंदू लड़कियों से संबंध का खुलासा हुआ। सोहिल ने खुद स्वीकारा वह इसी तरह हिंदू लड़कियों से दोस्ती कर उनका शोषण करता है। परिवार से मिली खबर के बाद पुलिस गुजरात पहुंची और युवती को मुक्त करवाया। शनिवार को उसके कथन लेकर प्रकरण दर्ज कर लिया।

राजनाथ सिंह का डोनाल्ड ट्रंप पर तगड़ा पलटवार, बोले- सबके बॉस तो हम ही हैं

रायसेन मध्य प्रदेश के रायसेन में रेल कोच फैक्ट्री की आधारशिला रखने पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमला बोला। इशारों में ही सही, राजनाथ सिंह ने टैरिफ वॉर के चलते बढ़ती टेंशन के बीच कहा कि कुछ लोग खुद को दुनिया का बॉस समझते हैं लेकिन उन्हें नहीं पता कि सबके बॉस तो हम हैं। ट्रंप का नाम लिए बगैर रक्षा मंत्री ने कहा कि कुछ लोगों को भारत की तरक्की पसंद नहीं आ रही है। रायसेन में अपने संबोधन के दौरान रक्षा मंत्री ने कहा कि कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें भारत की तेजी से हो रही तरक्की पसंद नहीं आ रही है। वे इसे पसंद नहीं कर रहे हैं। 'सबके बॉस तो हम हैं'। वो सोच रहे हैं कि भारत इतनी तेजी से कैसे आगे बढ़ रहा है और कई लोग यह कोशिश कर रहे हैं कि भारत में बनी, भारतीयों के हाथों से बनी चीजें उन देशों में बनी चीजों से ज्यादा महंगी हो जाएं, ताकि जब चीजें महंगी होंगी तो दुनिया उन्हें नहीं खरीदेगी। यह कोशिश की जा रही है। लेकिन भारत इतनी तेजी से आगे बढ़ रहा है, मैं पूरे विश्वास के साथ कहता हूं कि अब दुनिया की कोई भी ताकत भारत को दुनिया की एक बड़ी शक्ति बनने से नहीं रोक सकती। राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि जब 2014 में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने, उस समय भारत के रक्षा उत्पाद की चीजें जो एक्सपोर्ट होती थीं,उनकी कीमत 600 करोड़ रुपये थी। उन्होंने कहा कि आपको जानकर खुशी होगी कि हम लोग अब 24000 हजार करोड़ से ज्यादा के डिफेंस के उत्पाद दूसरे देशों को भेज रहे हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि यह नए भारत का नया रक्षा क्षेत्र है। यही भारत की ताकत है, यही नए भारत का नया रक्षा क्षेत्र है और निर्यात लगातार बढ़ रहा है। पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पहलगाम की घटना के बाद उन्होंने मान लिया था कि भारत शांत बैठ जाएगा। प्रधानमंत्री का संकल्प था कि हम इसका मुंह तोड़ जवाब देंगे। ऐसी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी कि धर्म पूछकर मारेंगे। हम किसी की हत्या में विश्वास ही नहीं करते हैं। हमने ठान लिया था कि हम धर्म पूछकर नहीं मारेंगे हम उनका कर्म देखकर मारेंगे और हमने कर्म देखकर मारा।