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सदन में गर्मा-गर्मी: सीएम योगी का बयान बना चर्चा का विषय

लखनऊ यूपी विधानसभा का मानसून सत्र के सोमवार को शुरू होते ही सदन में और विधानसभा से बाहर मुख्य द्वार पर प्रतिपक्ष में सपा विधायक नारेबाजी और हंगामा करते रहे. विगत दिनों नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेये के गोरखपुर दौरे के दौरान उनके अपमान का मुद्दा बनाकर गुस्साए सपा विधायक नारेबाजी करने लगे. इस बीच माता प्रसाद पांडेय के आरोप पर सीएम योगी ने भी पलटवार किया. CM योगी ने कहा कि गोरखपुर और प्रदेश के व्यापारियों में आपके (सपा) प्रति आक्रोश है. व्यापारी इसी बात को लेकर आशंकित थे कि उनके विकास के लिए कोई काम नहीं हुआ है, व्यापारियों ने तो आपका सम्मान किया लेकिन यदि कोई और होता तो बहुत कायदे से जवाब देते. सपा से यह उम्मीद ही नहीं की जा सकती है कि वे सुरक्षा की बात करेगी और विकास का काम करेगी या लोकतंत्र की बात करेगी. विपक्ष को घेरते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरखपुर में विकास के लिए अतिक्रमण हटाकर सड़के बनाई जा रही हैं. समाजवादी पार्टी ने अपने समय में कोई कार्य विकास का नहीं किया है और कोई एजेंडा भी नहीं था. बाबजूद इसके भाजपा सरकार के विकास का भी विरोध कर रहे हैं. नेता विपक्ष गोरखपुर में राजनीति करने गए थे तब गोरखपुर के व्यापारियों ने आपका विरोध किया था. स्थानीय व्यापारियों में गुंडा टैक्स की वसूली को लेकर जो भय था यह उसका विरोध था, इसी का खामियाजा आपको भुगतना पड़ा.

खतरे के निशान के पास पहुंची यमुना, 32 गांवों में सतर्कता बढ़ी

नई दिल्ली सावधान! दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर फिर से खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, जिसके चलते प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है. गाजियाबाद में यमुना और हिंडन नदी के किनारे बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है, इसलिए जिला प्रशासन ने इन नदियों के किनारे स्थित लगभग 32 गांवों में निगरानी शुरू कर दी है. इसके साथ ही, डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों को भी चेतावनी दी गई है. प्रशासन के अनुसार, रविवार को पुराने लोहे के पुल के पास जलस्तर 204.05 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर 2024.50 मीटर से थोड़ा कम है, जबकि खतरे का निशान 205.33 मीटर से अभी भी नीचे है. इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही सावधानी बरतने का निर्णय लिया है. हिंडन नदी गाजियाबाद से होकर गौतमबुद्धनगर में यमुना में मिलती है, जबकि यमुना नदी लोनी क्षेत्र से दिल्ली में प्रवेश करती है और गौतमबुद्धनगर के रास्ते मथुरा की ओर बढ़ती है. गाजियाबाद में यमुना और हिंडन के किनारे लगभग 32 गांव स्थित हैं. नदियों के जलस्तर में वृद्धि होने पर बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है, और वर्तमान में पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश के कारण यमुना का जल स्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है. रविवार को यमुना का जल स्तर 209.00 मीटर दर्ज किया गया, जो दो दिन पहले 209.50 मीटर था. हथनी कुंड से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण अगले दो से तीन दिनों में जलस्तर में और वृद्धि की संभावना है, इसलिए इन नदियों के तटबंधों की निगरानी की जा रही है. हाल ही में हिंडन नदी में पानी का स्तर तेजी से बढ़कर 1900 क्यूसेक तक पहुंच गया है, जबकि कुछ दिन पहले यह मात्र 660 क्यूसेक था. इस वृद्धि के कारण डूब क्षेत्र में खतरा उत्पन्न हो गया है. दो साल पहले जब हिंडन में पानी का स्तर 2000 क्यूसेक से अधिक था, तब बाढ़ आई थी, जिससे कई क्षेत्रों में जलभराव हो गया था और सिटी फोरेस्ट पूरी तरह से जलमग्न हो गया था. अब एक बार फिर हिंडन में पानी बढ़ने से बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका बढ़ गई है. सिचाई विभाग ने डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों को चेतावनी दी है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन गांवों के निकट स्थित डूब क्षेत्र में किसी भी प्रकार की गतिविधि या अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाना चाहिए. इसके अलावा, सिचाई विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन ने भी यह स्पष्ट किया है कि यदि इस क्षेत्र में जनधन की हानि होती है, तो संबंधित व्यक्ति इसके लिए स्वयं जिम्मेदार होगा. हिंडन किनारे आवासीय क्षेत्र में प्रवेश कर जाता है पानी सिचाई विभाग के अधिशासी अभियंता राजकुमार वर्ण ने जानकारी दी कि बरसात के मौसम में हिंडन नदी का पानी कई किलोमीटर तक आवासीय क्षेत्रों में घुस जाता है. इसे रोकने के लिए नदी के किनारे तटबंध बनाए गए हैं और बाढ़ की एक सीमा निर्धारित की गई है, जिसे डूब क्षेत्र कहा जाता है. इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अतिक्रमण या स्थायी निर्माण की अनुमति नहीं है, फिर भी धीरे-धीरे यहां अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है. यमुना और हिंडन के डूब क्षेत्र में बाढ़ की संभावना को लेकर चेतावनी जारी की गई है, और अवैध अतिक्रमण के कारण स्थिति और भी गंभीर हो गई है. जलस्तर पर नजर रख रहा प्रशासन प्रशासन यमुना के बढ़ते जलस्तर पर लगातार निगरानी रख रहा है. अधिकारियों का कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर राहत और बचाव कार्य तुरंत आरंभ किए जाएंगे. उन्होंने बताया कि यमुना में 204.5 मीटर पर चेतावनी, 205.3 मीटर पर खतरा और 206 मीटर पर निकासी की प्रक्रिया शुरू होती है. इस स्तर पर प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाता है. केंद्रीय बाढ़ कक्ष के अनुसार, जलस्तर में वृद्धि का प्रमुख कारण वजीराबाद और हथिनीकुंड से हर घंटे बड़ी मात्रा में पानी का प्रवाह है. इसके अलावा, हरियाणा और उत्तराखंड के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही बारिश भी जलस्तर को लगातार बढ़ा रही है. जानकारी के अनुसार, वजीराबाद बैराज से लगभग 30,800 क्यूसेक और हथिनीकुंड बैराज से लगभग 25,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे दिल्ली में चेतावनी के स्तर के करीब पहुंचने की संभावना बढ़ गई है.

धमतरी सड़क हादसे की दर्दनाक घटना: बीच सड़क पलटा वाहन, एक की मौत, आठ घायल

धमतरी धमतरी जिले में फिर एक सड़क हादसा हुआ है। जिसके चलते एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि लगभग आठ लोग घायल हो गए है। इस घटना से वाहन में सवार लोगों में चीख-पुकार मच गई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 10 अगस्त को पटेल समाज का शपथ ग्रहण कार्यक्रम सिहावा गए थे। कार्यक्रम होने के बाद सभी तूफान वाहन से वापस लौट रहे थे, तभी सिक्सलेन विशाखापट्टनम रोड से वापस आ रहे थे कि राजपुर के आगे सड़क पर रखे मुरुम के ऊपर वाहन चढ़ने से वाहन पलट गया। इस हादसे के बाद वाहन में सवार लोगों में चीख पुकार मच गई। दुर्घटना में मेघा निवासी बुजुर्ग सुखाऊ राम पटेल 65 वर्ष पुत्र बुधराम की मौत हो गई। जबकि लगभग आठ लोग घायल हुए हैं। सूचना मिलने पर कुरूद और मगरलोड पुलिस पहुंच गई थी। घायलों को 108 एंबुलेंस से कुरूद इलाज के लिए भेजा गया। मृतक का शव पंचनामा के बाद मगरलोड पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घायलों में कुमार पटेल 58 वर्ष पुत्र ठाकुर राम ग्राम मंदरौद, मनोज पटेल 46 वर्ष पुत्र भीषण पटेल ग्राम खैरा, पुरुषोत्तम पटेल 32 वर्ष पुत्र ललित पटेल ग्राम मेघा, तुलसीराम पटेल 45 वर्ष पुत्र गुलाब राम ग्राम कोकड़ी, नीरज पटेल 35 वर्ष पुत्र थनेश्वर पटेल ग्राम सेलदीप इसके अलावा लगभग चार लोग और घायल हैं। बताया जा रहा है कि मृतक सुखाऊ राम पटेल वाहन मालिक था, इनका कोई रिश्तेदार वाहन चला रहा था। ग्रामीणों ने बताया है कि सिक्स लेन निर्माण के दौरान ठेकेदार की बड़ी लापरवाही है। सड़क के बीचों बीच मुरूम रख दिया गया है। वहां पर लगभग सड़क पूरा बन चुका है और कई वाहन आना-जाना भी कर रहे हैं। रात के अंधेरे में बीच में रखा मुरूम नहीं दिखा। इस पर चढ़ने के बाद वाहन पलट गया। सड़क अभी पूरी बनी भी नहीं है और हादसे होने लगे हैं।

रूफटॉप सोलर वेंडर्स के कौशल विकास के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित

भोपाल मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम द्वारा रूफटॉप सोलर के वेंडर्स के लिए प्रदेश के 10 जिलों में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। विभिन्न 10 जिलों के लिए अलग-अलग तारीखों का निर्धारण किया गया है। इसकी शुरुआत 11 अगस्त को भोपाल से होने जा रही है। कार्यशाला इंदौर में 13, जबलपुर में 18, ग्वालियर में 20 सागर में 22 उज्जैन 25 रीवा 27 मुरैना 29 नर्मदापुरम में एक सितंबर और शहडोल में 4 सितंबर को होगी। भोपाल में कार्यशाला सोमवार 11 अगस्त को कार्यालय, मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम प्रातः 10 से दोपहर 2 बजे तक आयोजित की गई है। कार्यशाला में वेंडर्स को सोलर रूफटॉप की उच्च गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक जानकारियां प्रदान की जाएगी। कार्यशाला में वेंडर की क्षमता संवर्धन के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा इससे प्रदेश द्वारा तय की गई निर्धारित सीमा में लक्ष्य को प्राप्त करने में आसानी होगी।  

समाजसेवा की प्रतीक मिनीमाता को सीएम साय ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद और समाजसेविका स्वर्गीय मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मिनीमाता जी ने अपना संपूर्ण जीवन समाज के वंचित वर्गों, महिलाओं, दलितों और गरीबों के अधिकारों की रक्षा एवं उत्थान के लिए समर्पित किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मिनीमाता जी ने सामाजिक कुरीतियों, बाल विवाह, दहेज प्रथा और छुआछूत जैसी बुराइयों के खिलाफ दृढ़ता से आवाज़ उठाई और संसद में रहते हुए कई महत्वपूर्ण सामाजिक सुधारों की दिशा में उल्लेखनीय योगदान दिया। उनकी कार्यशैली में सदैव सेवा, सरलता और संवेदनशीलता झलकती थी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मिनीमाता जी का जीवन संघर्ष और सेवा का अद्वितीय उदाहरण है, जो आने वाली पीढ़ियों को समाज में समानता, न्याय और भाईचारे की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि हम सब मिलकर उनके आदर्शों को अपनाएँ और एक न्यायपूर्ण एवं समावेशी समाज के निर्माण में योगदान दें।

भारत में शराब की खपत में शीर्ष पर कौन सा राज्य?

रायपुर   भारत में शराब का सेवन लगातार बढ़ रहा है और हर साल इसकी खपत अरबों लीटर में पहुँच रही है। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार देश में लगभग 16 करोड़ लोग शराब का सेवन करते हैं। ऐसे में यह जानना दिलचस्प हो जाता है कि आखिर कौन सा शहर शराब पीने के मामले में सबसे आगे है। छत्तीसगढ़ राज्य में सबसे ज़्यादा शराब पीने वाले लोग  ICRIER और लॉ कंसल्टिंग फर्म PLR Chambers की एक रिपोर्ट बताती है कि भारत में सबसे ज्यादा शराब की खपत वाले राज्यों में छत्तीसगढ़ का नाम सबसे ऊपर है। यहाँ कुल आबादी के लगभग 35.6% लोग शराब का सेवन करते हैं, जो एक महत्वपूर्ण आँकड़ा है। कोलकाता नहीं, दिल्ली है खपत में दूसरे नंबर पर जब बात सबसे ज्यादा शराब पीने वाले शहरों की आती है तो स्थिति थोड़ी अलग दिखती है। 2021 के एक सर्वे के अनुसार कोलकाता में शराब की खपत दर 32.9% थी। यह दर भारत के अन्य प्रमुख शहरों की तुलना में अधिक है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी शराब की खपत कोलकाता जितनी ही या उससे भी ज़्यादा हो सकती है, क्योंकि 2021 की एक रिपोर्ट के अनुसार अकेले पश्चिम बंगाल में लगभग 1.4 करोड़ लोग शराब पीते थे। प्रमुख शहरों में शराब की खपत के आँकड़े कोलकाता के बाद शराब की खपत के मामले में दिल्ली का नंबर आता है, जहाँ 31% लोग शराब का सेवन करते हैं। इस सूची में तीसरे स्थान पर चंडीगढ़ है, जहाँ 29.1% लोग शराब पीते हैं। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में शराब पीने वालों का आँकड़ा 28.1% है, वहीं लखनऊ में यह आँकड़ा 27.9% के आसपास है। भारत के आईटी हब बेंगलुरु में शराब पीने वालों की संख्या 27.3% है। अन्य शहरों में पुणे में 26.2% और भुवनेश्वर में 24.9% लोग शराब का सेवन करते हैं। यह आँकड़े बताते हैं कि भारत के शहरी क्षेत्रों में शराब का सेवन काफी व्यापक है, और इस पर और अध्ययन की आवश्यकता है ताकि इसके सामाजिक और स्वास्थ्य प्रभावों को समझा जा सके।  

कानपुर ढाबे में छिपकली मिलने से मचा हड़कंप, जांच के लिए आई टीम

कानपुर  कानपुर का एक ढाबा इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के कारण सुर्खियों में है. वीडियो में दावा किया गया है कि यहां परोसी गई तंदूरी रोटी में एक छिपकली निकली. इस मामले की वैसे तो शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है लेकिन वायरल वीडियो के आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग सक्रिय हो गया और मौके पर जांच की, जहां ढेर सारी गंदगी और लापरवाही मिली. नतीजतन, ढाबे को अस्थायी रूप से बंद करा दिया गया. वीडियो में दिखी हैरान करने वाली तस्वीर वायरल वीडियो में दिखा कि कुछ युवक ढाबे पर बैठकर खाना खा रहे हैं. जब उनमें से एक युवक तंदूरी रोटी को तोड़ता है, तो उसमें से एक मरी हुई छिपकली दिखाई देती है. युवक यह रोटी तुरंत ढाबा मालिक को दिखाता है. वीडियो में मालिक यह कहते सुना जा सकता है, इस रोटी को बदल दो. युवक ने मौके पर उल्टी जैसा महसूस होने की बात भी कही. मामले में कोई औपचारिक शिकायत नहीं दिलचस्प बात यह है कि वीडियो भले ही तेजी से फैल गया हो, लेकिन ढाबे पर खाना खाने पहुंचे किसी भी ग्राहक ने अभी तक पुलिस या खाद्य सुरक्षा विभाग में लिखित शिकायत नहीं दी. चौबेपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि वायरल वीडियो की जानकारी उन्हें है, लेकिन शिकायत न मिलने के कारण पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. उन्होंने कहा कि यदि कोई औपचारिक शिकायत दर्ज कराता है, तो नियमानुसार जांच और कार्रवाई की जाएगी. खाद्य विभाग ने स्वत: संज्ञान लिया सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही खाद्य सुरक्षा विभाग ने बिना शिकायत के भी कार्रवाई का निर्णय लिया. कानपुर के खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया, भले ही शिकायत नहीं आई, लेकिन वायरल वीडियो को देखते हुए हमारी टीम ने तुरंत ढाबे का निरीक्षण किया. मौके पर साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब थी. ढाबे की हालत बेहद गंदी मिली जांच के दौरान विभाग की दो सदस्यीय टीम राजेश यादव और अजीत सिंह ने ढाबे के रसोई क्षेत्र में भारी गंदगी पाई. बर्तनों और खाना बनाने की जगह पर स्वच्छता के मानक बिल्कुल भी पूरे नहीं किए जा रहे थे. तंदूरी पनीर और अन्य सब्जियों के नमूने मौके से लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं. खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि ढाबे की रसोई में गंदगी के कारण खाना बनाने की अनुमति तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है. ढाबा मालिक को निर्देश दिया गया है कि जब तक सभी स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित नहीं होता, तब तक ढाबा बंद रहेगा. पुलिस और विभाग में समन्वय हालांकि पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है, लेकिन विभाग और पुलिस के बीच इस मामले पर समन्वय बना हुआ है. खाद्य विभाग की ओर से भी माना गया है कि वीडियो किस तारीख का है, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है. साथ ही, वीडियो में दिख रहे युवकों की पहचान भी नहीं हो सकी है. मालिक बोला रोटी बदल दाे  स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह ढाबा सोनू बाजपेई का है. इस घटना पर ढाबा मालिक की ओर से कोई आधिकारिक बयान फिलहाल नहीं आया है. हालांकि, वीडियो में उन्होंने रोटी बदलने की बात जरूर कही थी, जिससे यह संकेत मिलता है कि उस समय स्थिति को शांत करने की कोशिश की गई थी. सोशल मीडिया पर मिली तीखी प्रतिक्रिया वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. कई यूजर्स ने कहा कि इस तरह की घटनाएं न केवल ग्राहकों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं, बल्कि शहर की खाद्य स्वच्छता व्यवस्था पर भी सवाल उठाती हैं. कुछ लोगों ने विभाग की तत्परता की सराहना की, तो कुछ ने पूछा कि ऐसे ढाबों पर नियमित रूप से निगरानी क्यों नहीं होती. हो सकती है कार्रवाई  खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. यदि रिपोर्ट में भोजन में किसी भी तरह की हानिकारक या अस्वच्छ सामग्री पाई जाती है, तो ढाबा मालिक पर जुर्माना या अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है.

आज से यूपी विधानसभा का मॉनसून सत्र, सदन में nonstop 24 घंटे की बैठक

लखनऊ  उत्तर प्रदेश विधानसभा का मॉनसून सत्र आज से शुरू हो रहा है, जो सिर्फ 4 दिनों तक चलेगा. इस बार का सत्र बेहद खास होगा क्योंकि एक दिन लगातार 24 घंटे तक विधानसभा की कार्यवाही चलेगी. इस दौरान मंत्री अपने-अपने विभागों का विजन डॉक्यूमेंट पेश करेंगे. 13 अगस्त को दोनों सदनों में विजन डॉक्यूमेंट पर विस्तृत चर्चा होगी. सत्र से पहले  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में आयोजित सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लिया.विधानसभा अध्यक्ष महाना ने बैठक में सभी दलों के नेताओं से सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए सहयोग का अनुरोध किया.  उन्होंने कहा कि संसदीय प्रणाली में संवाद और सकारात्मक चर्चा से ही लोकतंत्र मजबूत होता है. उन्होंने सभी नेताओं से संसदीय मर्यादा के भीतर रहकर अपने विचार रखने की अपील की. सीएम की अपील मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा अपनी तकनीकी नवाचारों के कारण अन्य राज्यों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रही है. उन्होंने कहा कि सदन में जनहित से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा होना जरूरी है. मुख्यमंत्री ने बताया कि यह पहली विधानसभा होगी जिसमें 'विजन डॉक्यूमेंट' पर विस्तृत चर्चा होगी, जिसमें राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए सभी दलों के सुझाव शामिल होंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी राजनीतिक दल का एजेंडा नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य के लिए एक साझा खाका होगा. विपक्ष ने दिया आश्वासन संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह पहल एक ऐतिहासिक अवसर है. अब तक सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों की बात करते थे, लेकिन यह चर्चा पूरे राज्य के भविष्य को दिशा देगी. विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडे ने राज्य के विकास के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया.  कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा 'मोना' ने 'विजन डॉक्यूमेंट' पर लंबी और गंभीर चर्चा की मांग की, ताकि अधिक से अधिक सुझाव एकत्र किए जा सकें. इस सत्र में मंत्रियों द्वारा अपने-अपने विभागों का विजन डॉक्यूमेंट पेश किया जाएगा. विपक्ष स्कूलों के विलय और बिजली के निजीकरण जैसे मुद्दों पर हंगामा कर सकता है. 13 अगस्त को दोनों सदनों में विजन डॉक्युमेंट पर चर्चा होगी.

बीएसएफ परिसर एवं पितृ पर्वत के पीछे 11-11 हजार पौधों का रोपण

पर्यावरण संरक्षण के लिए इंदौर काम कर सकता है तो देश के अन्य शहर क्यों नहीं : रक्षा राज्य मंत्री सेठ आने वाली पीढ़ी को एक स्वच्छ वातावरण के साथ ही बेहतर कल का उपहार दे : मंत्री विजयवर्गीय बीएसएफ परिसर एवं पितृ पर्वत के पीछे 11-11 हजार पौधों का रोपण इंदौर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ द्वारा आज "एक बगिया मां के नाम" अभियान अंतर्गत इंदौर में बड़े स्तर पर पौधारोपण किया गया। इस अवसर पर बीएसएफ परिसर एवं पितृ पर्वत के पीछे गांधीनगर थाने के पास 11-11 हजार पौधों का रोपण कार्य शुभारंभ किया गया। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में इंदौर का योगदान सराहनीय है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के नेतृत्व में इंदौर ने विगत वर्ष 51 लाख से अधिक पौधे लगाकर एक बड़ा लक्ष्य हासिल किया है, जो नागरिकों के सहयोग से संभव हुआ। "एक पेड़ मां के नाम" एवं एक बगिया मां के नाम अभियान से पूरे भारत में पर्यावरण संरक्षण का संदेश गया है। जिस प्रकार इंदौर ने स्वच्छता में लगातार आठवीं बार प्रथम स्थान प्राप्त किया है, उसी तरह हरियाली और पर्यावरण में भी इंदौर देश का अग्रणी शहर बनेगा। पर्यावरण संरक्षण के लिए इंदौर ने जो काम किया है, उसका अनुसरण देश के अन्य शहर करके यह मुकाम प्राप्त कर सकते हैं।  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आह्वान पर "एक पेड़ मां के नाम" अभियान को इंदौर ने पूरे जोश और समर्पण से अपनाया है। पिछले वर्ष रेवती रेंज एवं अन्य स्थानों पर 51 लाख पौधों का रोपण किया गया, जिसमें पितृ पर्वत जैसे स्थान हरियाली से आच्छादित हो गए हैं। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि अपनी मां के नाम एक पेड़ अवश्य लगाएं, उसकी देखभाल करें और आने वाली पीढ़ी के लिए हरियाली का उपहार छोड़ें। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि आज का पौधारोपण भविष्य में आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ा उपहार है। जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान के बीच यह संकल्प हमें आने वाले समय में राहत देगा।   उद्यान प्रभारी राजेंद्र राठौर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की संकल्पना पर आधारित इस अभियान के तहत, पिछले वर्ष गृह मंत्री अमित शाह जी की उपस्थिति में रेवती रेंज पर एक दिन में 12 लाख 41 हजार पौधों का रोपण कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया था, जिसमें लगभग ढाई लाख पौधे बीएसएफ जवानों द्वारा लगाए गए। इसके अलावा बिजासन टेकरी एवं बीएसएफ परिसर में भी एक लाख से अधिक पौधारोपण किया गया। उन्होंने बताया कि बीएसएफ द्वारा लगाए गए पौधों की देखरेख हेतु उपचारित जल की पाइपलाइन और सम्पवेल निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराई गई है, जिसके लिए नगर निगम, इंदौर, बीएसएफ का आभार व्यक्त करता है। इस वर्ष भी 51 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है और शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लाखों पौधे लगाए जा चुके हैं। कार्यक्रम में सांसद शंकर लालवानी, विधायक महेंद्र हार्डिया, रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, मधु वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।  

ग्वालियर के हज़ार बिस्तर अस्पताल में एनसीडी क्लीनिक का शुभारंभ, उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने किया उद्घाटन

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने किया हज़ार बिस्तर अस्पताल ग्वालियर में एनसीडी क्लीनिक का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने हज़ार बिस्तर अस्पताल ग्वालियर में एनसीडी क्लीनिक का उद्घाटन किया ग्वालियर के हज़ार बिस्तर अस्पताल में एनसीडी क्लीनिक का शुभारंभ, उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने किया उद्घाटन एनसीडी के समय से चिन्हांकन से गंभीर स्थितियों से होगा बचाव भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने  जयारोग्य चिकित्सालय समूह के हज़ार बिस्तर अस्पताल में नॉन-कम्युनिकेबल डिज़ीज़ (एनसीडी) क्लीनिक का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि एनसीडी क्लीनिक गंभीर बीमारियों का समय रहते पता लगाने और उनका इलाज शुरू करने में सहायक होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बदलती जीवन शैली, खान-पान की गलत आदतें, तनाव और शारीरिक श्रम की कमी के कारण हृदय रोग, मधुमेह, कैंसर, उच्च रक्तचाप और थायरॉइड जैसी एनसीडी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अक्सर इन बीमारियों का देर से पता चलने पर ये जानलेवा साबित होती हैं। इसी समस्या को देखते हुए एम्स भोपाल के बाद अब जयारोग्य अस्पताल समूह में यह विशेष क्लीनिक शुरू किया गया है। गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. धाकड़ ने बताया कि क्लीनिक कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के अधीन संचालित होगा। इसका उद्देश्य प्रदेश में बढ़ते एनसीडी मामलों पर नियंत्रण करना है। यहां मरीजों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, परामर्श और आवश्यकतानुसार उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। एनसीडी क्लीनिक को भविष्य में टेलीमेडिसिन और डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड की सुविधा से भी जोड़ा जाएगा, जिससे मरीजों का डेटा सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध रहे। एनसीडी क्लीनिक में हृदय रोग, मधुमेह, कैंसर, थायरॉइड और उच्च रक्तचाप जैसे रोगों का शुरुआती चरण में पता लगाकर समय पर इलाज किया जाएगा। इससे स्ट्रोक, हार्ट अटैक और किडनी फेलियर जैसी गंभीर स्थितियों से बचाव संभव होगा। आम जनता को बिना किसी अतिरिक्त खर्च के जांच व परामर्श की सुविधा मिलेगी और समय पर उपचार मिलने से समयपूर्व मौत के मामलों में कमी आएगी। जयारोग्य चिकित्सालय समूह के अधीक्षक डॉ. सुधीर सक्सेना, कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज बंसल सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं यूजी व पीजी विद्यार्थी मौजूद थे।