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एनईबी थाना पुलिस की दबिश, धारदार हथियार के साथ एक आरोपी गिरफ्तार

अलवर अलवर के एनईबी थाना पुलिस ने धारदार हथियार लेकर घूम रहे एक आदतन अपराधी को गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी दिनेश चंद्र ने बताया कि कल मुखबिर से सूचना मिली कि एनईबी हाउसिंग बोर्ड के पास एक युवक हथियार के साथ घूम रहा है और किसी वारदात की फिराक में है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी मनीष पुत्र रामावतार, निवासी एनईबी, को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार मनीष आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पहले से कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह कई दिनों से पुलिस की निगरानी से नदारद था और अपने घर पर भी नहीं मिल रहा था। पुलिस ने आरोपी के पास से बरामद धारदार हथियार को जब्त कर लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और कई मामलों में न्यायालय से भी गैरहाजिर था। उसे जल्द ही अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।  

रक्षाबंधन पर अनोखी पहल: नक्सली महिलाओं से राखी बंधवाकर नेताओं ने बढ़ाया विश्वास

रायपुर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और मंत्री केदार कश्यप ने आज दंतेवाड़ा प्रवास के दौरान आत्मसमर्पित नक्सली महिलाओं से राखी बंधवाई। इस दौरान उन्होंने कहा कि ऐसी माता और बहनें जो पहले नक्सली थी और जिन्होंने पुनर्वास किया है। अभी किसी सरकारी दायित्व पर हैं या सामान्य जीवन जी रही हैं उनसे हमने आज राखी बंधवाई। सभी के मंगलमय जीवन की कामना करते हैं। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि  "जो माताएं और बहनें पहले नक्सली थीं और मुख्यधारा में शामिल हो गई हैं, उनसे मैं, मंत्री केदार कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष, बस्तर कमिश्नर, बस्तर आईजी, दंतेवाड़ा कलेक्टर, दंतेवाड़ा एसपी और अन्य सभी वरिष्ठ अधिकारी आज रक्षाबंधन पर उनसे मिलने गए। उन्होंने कहा कि अगर कोई बहन वापस आना चाहती है, तो पूरा समाज उसे अपना माने और हम सब मिलकर उसकी सुरक्षा और आजीविका सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे।" वहीं दूसरी ओर सीएम विष्णुदेव साय ने रक्षाबंधन के पावन पर्व पर ब्रह्मकुमारी बहनों ने राखी बांधी। 

शक्ति और एकता का संगम: कोरबा-पाली में आदिवासी दिवस की गूंज

  कोरबा विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर कोरबा जिले के पाली में आदिवासी समाज ने अपनी एकजुटता और ताकत का ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। आयोजन स्थल पर सुबह से ही पारंपरिक वेशभूषा और झंडों के साथ समाजजन पहुंचने लगे। देखते ही देखते पाली का मैदान हजारों आदिवासी भाइयों-बहनों से भर गया। अनुमान है कि 10 हजार से अधिक लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलेश्वर मरकाम ने शिरकत की। इस अवसर पर आदिवासी समाज के विभिन्न संगठन, युवा मंडल, महिला मंडल और सांस्कृतिक दल भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के तहत एक विशाल रैली का आयोजन हुआ, जिसमें आदिवासी समाजजन ढोल-मांदर की थाप पर पारंपरिक नृत्य करते हुए आगे बढ़े। हजारों की संख्या में सड़क पर रैली निकाली गई जहां रैली पाली थाना के बाहर पहुंचे। इस दौरान सभी लोगों ने शराब भट्टी को बंद करने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। इस दौरान सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई और जाम की स्थिति निर्मित हो गई। वहीं, इस दौरान पाली पुलिस भी मौजूद रही और लोगों को समझने का प्रयास किया। क्षेत्रीय विधायक और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलेश्वर मरकाम ने बताया कि विश्व आदिवासी दिवस हर साल 9 अगस्त को दुनियाभर में मनाया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 1994 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने की थी, ताकि मूलवासी और आदिवासी समुदायों के अधिकारों, संस्कृति और अस्तित्व की रक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह दिवस आदिवासी समाज के लिए अपनी परंपराओं, इतिहास और अधिकारों को याद करने और आने वाली पीढ़ी को प्रेरित करने का अवसर होता है।

वंदे भारत और मेट्रो कोच निर्माण का बड़ा हब बनेगा रायसेन, ब्रह्मा परियोजना का भूमिपूजन संपन्न

रायसेन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर मध्य प्रदेश को रेल कोच इकाई की बड़ी सौगात प्राप्त हुई है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने रायसेन के उमरिया गांव में ब्रह्मा परियोजना का भूमिपूजन किया है। रायसेन के ग्राम उमरिया में 60 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर 1800 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली ब्रह्मा परियोजना (बीईएमएल रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग) से भोपाल, रायसेन, सीहोर और विदिशा आदि जिलों को लाभ होगा। इन जिलों के तकनीकी संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सीएम और शिवराज जी ने बताया है कि यह छोटी मोटी सौगात नहीं है बहुत बड़ी है। क्षेत्र के लिए भी और प्रदेश के लिए भी, यह हृदय प्रदेश है। मैं जब यूथ विंग में काम करता था तब शिवराज जी प्रदेश में काम करते थे। बहुत पुराना हमारा रिश्ता है। सिलसिला बहुत पुराना है। मध्य प्रदेश मेहमान नवाजी में बेजोड़ है। कोई भी यहां आए मध्यप्रदेश वासियों से प्रभावित हुए बिना नहीं जा सकता है। शिवराज सिंह चौहान के विकास को आगे बढ़ा रहे मोहन यादव जो गति यहां विकास की शिवराज जी ने दी थी उसे आगे ले जाने का काम मोहन जी कर रहे हैं। 1800 करोड़ के निवेश के साथ इस परियोजना का शुभारंभ यहां हो रहा है। 5000 नौजवानों को रोजगार मिलेगा। मोहन जी, शिवराज जी इन सबके प्रयास से हुआ है। रक्षा क्षेत्र में जो हो सकेगा उसके लिए मैं सब करूंगा। 18 वर्षों की शिवराज जी की विरासत को आगे बढ़ाने का काम मोहन यादव कर रहे हैं। रायसेन में एक महत्वपूर्ण यूनिट स्थापित की जा रही है। यह एक यूनिट नहीं बल्कि ऐसी बहुत सी छोटी छोटी MSME भी लगेगी। मध्यप्रदेश बहुत तेजी से आगे बढ़ेगा। औद्योगिक विकास के जो प्रयास हो रहे है 30 लाख करोड़ के निवेश बड़ी बात है। अधिक से अधिक उद्योग को लाने का काम किया जा रहा है। खमरिया और जबलपुर में रक्षा क्षेत्र की इकाईयां काम कर रही हैं कनेक्टिविटी की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। खमरिया और जबलपुर में रक्षा क्षेत्र की कई इकाइयां अच्छे से काम कर रही हैं, मैने 30 वर्षों में यह अनुभव किया है जो गुण चाहिए संसाधन चाहिए रक्षा क्षेत्र के लिए वे सब मध्य प्रदेश में है। नेतृत्व अगर शानदार हो तो विकास तेजी से होता है। शायद कुछ वर्षों के बाद मध्यप्रदेश को मॉर्डन प्रदेश कहेंगे। परियोजना का नाम भी सृष्टि के रचयिता पर रखा गया है। सोच समझकर इसका नाम रखा गया है रेल के डब्बों का निर्माण तो होगा ही रेल का और अलग-अलग सामान भी यहां बनेगा। जो जानकारी मुझे है 2 साल में यह काम होकर रहेगा। जब फैक्ट्री यहां लगेगी तो आसपास के क्षेत्रों का भी विकास होगा। तेज गति से चलने वाली ट्रेन में जब कोई कोच लगेगा तो आपके यहां का बना हुआ कोच लगेगा। बीईएमएल भारत के आर्थिक विकास में अपना पूरा साथ देगा। प्रधानमंत्री ने किया करिश्माई काम प्रधानमंत्री ने कहा है भारत को आत्मनिर्भर बनाकर ही दम लेंगे। प्रधानमंत्री ने करिश्माई काम किया है। आज बड़ी बड़ी चीजें बड़े-बड़े प्लेटफार्म भारत में तैयार हो रहे हैं। हम भारत में उपयोग कर ही रहे हैं दुनिया को भी भेज रहे है। धन दौलत के मामले में भारत दुनिया के टॉप के चार देशों की कतार में आकर खड़ा हो गया है। सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था भारत की है। भारत जब इतनी तेजी से आगे बढ़ रहा है तो देशवासी भी आगे बढ़ रहे हैं। 40 हजार कोचेस अपडेट किए गए रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने अपने संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पिछले 11 साल में पैंतीस हजार किमी पटरी बिछाई गई। देश को एक नई जनरेशन की ट्रेन दी गई है। 11 वर्षों में 40 हजार कोचेस अपडेट किए हैं। ब्रह्मा इसी कड़ी में जुड़कर नए आयाम स्थापित करेगा। शिवराज सिंह चौहान ने कहा- 2 दिन में घुटनों पर आ गया था पाकिस्तान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में जिनके नेतृत्व में भारत की सेना ने शौर्य का प्रदर्शन किया है ऐसे भारत के रक्षा मंत्री मेरे बड़े भाई राजनाथ सिंह आए हैं, उनका स्वागत करें। राजनाथ जी पधारे हैं ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार मध्य प्रदेश आए हैं। पहलगाम में धर्म पूछ-पूछकर मारा था और कहा था जाओ मोदी को बता देना तब प्रधानमंत्री ने दंड देना तय किया था। आपके नेतृत्व में 21 मिनिट में आतंकवादियों के ठिकाने खत्म कर दिए। आतंक के आकाओं को मारा। भारत ने पहले ही कह दिया था कि हम किसी को छेड़ेंगे नहीं, लेकिन किसी ने हरकत की तो छोड़ेंगे नहीं। रक्षा मंत्री के नेतृत्व में हमारी सेना ने 2 दिन में पाक की सेना को घुटनों पर ला दिया। हाथ जोड़कर पाकिस्तान सामने आ गया कि बात करो बात करो…शिवराज ने कहा बीच में कोई तीसरा नहीं था। 'मैंने यहां पद यात्रा भी की है' शिवराज ने कहा कि जो लोग निर्दोष मारे गए थे उनके परिजनों ने कहा था कि उनके सिर में सीधे गोली मारना हमारी सेना ने वही किया। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गौरवशाली भारत शक्तिशाली भारत का निर्माण हो रहा है। शिवराज ने कहा हमें गर्व है प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री पर आपके नेतृत्व में सब सुरक्षित है। उमरिया वालों को कहा कि 1800 करोड़ की सौगात मिल रही है। रेलवे कोच बनेंगे यहां, मैंने यहां पद यात्रा और साइकिल यात्रा भी की है। स्वर्गीय सुंदरलाल पटवा के नेतृत्व में विकास शुरू हुआ यहां, यहां 752 औद्योगिक इकाई हैं। मुझे विधानसभा से जनता ने जीताकर भेजा। यहां रेलवे के कोच बनेंगे, मेट्रो के कोच बनेंगे। किसानों के हित बरकरार रहेंगे शिवराज सिंह ने कहा कि हम रक्षा मंत्री जी के संपर्क में थे जब आपके पास चुनाव के समय आया था तो कहा था कि अटल जी, सुषमा जी पटवा जी ने इस क्षेत्र का नेतृत्व किया है। इसे आइडल क्षेत्र बनाएंगे। किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने कह दिया है कि कोई समझौता ऐसा नहीं होगा जो देश हित में नहीं है। किसानों के हित से कोई समझौता नहीं होगा। … Read more

मुख्यमंत्री साय बोले- छत्तीसगढ़ की बहनों की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध

रक्षाबंधन पर जशपुर एक्सप्रेस का शुभारंभ : बिहान की 12 दीदियों को ई-रिक्शा का उपहार रायपुर रक्षाबंधन के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के गृहग्राम बगिया से जशपुर एक्सप्रेस का शुभारंभ किया और बिहान योजना से जुड़ी 12 दीदियों को राखी के उपहार स्वरूप ई-रिक्शा प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने स्वयं स्व-सहायता समूह की महिला श्रीमती गिलसोनिका पाण्डे के ई-रिक्शा में बैठकर बगिया निवास परिसर की यात्रा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह ई-रिक्शा न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि इसकी परिचालन लागत भी कम है। इससे महिलाएं स्थानीय परिवहन सेवाओं में अपनी भागीदारी निभाते हुए आत्मनिर्भर बनेंगी और अपने परिवार की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा कर सकेंगी। उन्होंने रक्षाबंधन की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारी सरकार छत्तीसगढ़ की सभी बहनों की सुरक्षा और सहयोग के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। स्व-सहायता समूह की बहनों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए ही यह ई-रिक्शा वितरण किया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उनकी सरकार मोदी की गारंटी को तेजी से लागू कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत 18 लाख आवास का कार्य तीव्र गति से पूरा किया जा रहा है। इसके साथ ही आवास प्लस प्लस योजना के अंतर्गत 5 एकड़ असिंचित भूमि, 2.50 एकड़ सिंचित भूमि, टू-व्हीलर और 15 हजार रुपये मासिक आमदनी वाले पात्र परिवारों को भी लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से 70 लाख बहनों को प्रति माह 1000 रुपये दिए जा रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों की आय बढ़ाने के लिए तेंदूपत्ता का समर्थन मूल्य 5500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है। गांवों में बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने हेतु अटल डिजिटल सुविधा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिन्हें आगामी पंचायत दिवस पर सभी ग्राम पंचायतों में शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम नागरिकों की सुविधा के लिए रजिस्ट्री में 10 नई क्रांतियों के तहत पंजीयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल, डिजिटल और नागरिक-केंद्रित बनाया गया है। दूरस्थ एवं पहुंचविहीन क्षेत्रों में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत बस सेवाएं प्रारंभ की गई हैं। उन्होंने बताया कि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज और शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज खोले जाएंगे। कार्यक्रम में बताया गया कि ई-रिक्शा का संचालन जिले के विभिन्न रूट्स पर महिला संचालकों द्वारा किया जाएगा। फरसाबहार में प्रतिमा भगत फरसाबहार- कन्दईबहार- अमडीहा- तपकरा मार्ग पर, मदनावती लवाकेरा- अमडीहा- पुराईनबंध- समडमा- तपकरा मार्ग पर, राजकुमारी पैंकरा तपकरा- कन्दईबहार- तुबा- फरसाबहार मार्ग पर और उर्मिला भगत खुटगांव- सिंगीबहार- साजबहार- तपकरा मार्ग पर परिचालन करेंगी। इसी तरह, दुलदुला में बिंदेश्वरी देवी कोसा- दुलदुला- विपतपुर- छेरडांड मार्ग पर, पार्वती साय कोसा- दुलदुला- पतराटोली- लोरो- बम्हनी मार्ग पर, संगीता देवी छेरडांड- लोरो- बम्हनी- कस्तुरा मार्ग पर और बिमला देवी छेरडांड- दुलदुला- लोरो- पतराटोली मार्ग पर परिचालन करेंगी। कांसाबेल में गिलसोनिका पाण्डे टांगरगांव- हथगड़ा- कांसाबेल मार्ग पर, तियासो पैंकरा बांसबहार- दोकड़ा- पुसरा- खुंटीटोली- कांसाबेल मार्ग पर, नीता रवानी कटंगखार- दोकड़ा- बन्दरचुंआ- कांसाबेल मार्ग पर और अंगावती बाई देवरी- दोकड़ा- छाताबर- कांसाबेल मार्ग पर ई-रिक्शा का परिचालन करेंगी। इस अवसर पर कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, डिप्टी कलेक्टर समीर बड़ा, उपेन्द्र यादव, गणेश जैन एवं रवि यादव उपस्थित थे।  

जीवन के अनुभवों से सिखाए सुशासन के गुर, विद्यार्थियों के जिज्ञासापूर्ण प्रश्नों के दिए प्रेरक उत्तर

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ईमानदारी और निष्ठा से निभाई गई जिम्मेदारी हमेशा सकारात्मक परिणाम देती है। जनसेवा में ईमानदारी और समर्पण के साथ लगे रहने  पर जनता का स्नेह और आशीर्वाद अवश्य ही प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री साय आज मंत्रालय महानदी भवन के पंचम तल स्थित नवनिर्मित सभागार में आयोजित ‘मुख्यमंत्री सुशासन संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह आयोजन IIM रायपुर में अध्ययनरत मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के विद्यार्थियों के साथ हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री ने आत्मीय संवाद करते हुए उन्हें सुशासन की बारीकियों से अवगत कराया और उनके प्रश्नों के प्रेरणादायक उत्तर दिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जिसने सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना की है। प्रदेश में ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई है, जिससे सभी फाइलें डिजिटलीकृत हो रही हैं। इससे शासन की कार्यप्रणाली पारदर्शी बनी है और फाइलों की ट्रैकिंग भी सहज हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा भ्रष्टाचार के सभी मार्गों को बंद करने की है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनता को शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ मिले, यही असली सुशासन है। योजनाएं सोच-समझकर बननी चाहिए, क्योंकि इसके पीछे जनता की गाढ़ी कमाई लगती है। जब योजनाएं जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से क्रियान्वित होती हैं, तभी आमजन को उसका सीधा लाभ मिलता है। मुख्यमंत्री साय ने सुशासन फेलोशिप के विद्यार्थियों से संवाद के दौरान उनके जिज्ञासु सवालों के बेझिझक और प्रेरणाप्रद उत्तर दिए। आरंग के फेलो हर्षवर्धन ने जब मुख्यमंत्री से उनके ग्राम बगिया के पंच से लेकर मुख्यमंत्री बनने के सफर की सबसे महत्वपूर्ण सीख पूछी, तो मुख्यमंत्री साय ने अपने राजनीतिक और पारिवारिक संघर्षों को साझा करते हुए कहा – "बहुत कम उम्र में पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी मेरे कंधों पर आ गई। मैंने कभी कल्पना नहीं की थी कि मैं पंच भी बनूंगा, लेकिन जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे पूरी निष्ठा से निभाया।" उन्होंने आगे कहा – “ईमानदारी और निष्ठा से जब कार्य करते हैं, तो सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। मैंने कभी कर्तव्यपथ नहीं छोड़ा, और जनसेवा को जीवन का लक्ष्य बनाया। जनता ने मुझे पंच, सरपंच, विधायक, सांसद, राज्य मंत्री और अब मुख्यमंत्री तक का दायित्व सौंपा।” बिलासपुर के फेलो मनु पांडेय ने जब यह पूछा कि 2047 तक विकसित भारत के सपने में छत्तीसगढ़ की क्या भूमिका होगी, तो मुख्यमंत्री ने बताया – "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2047 तक विकसित भारत का जो संकल्प लिया है, उसमें छत्तीसगढ़ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। 2014 से पहले भारत अर्थव्यवस्था में दसवें स्थान पर था, जो अब चौथे स्थान पर पहुंच गया है। हमने भी विकसित छत्तीसगढ़ के लिए ‘विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार किया है। वर्तमान में हमारी जीएसडीपी 5 लाख करोड़ रुपये है, जिसे 2047 तक 75 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य है।" मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह लक्ष्य कोई कल्पना नहीं, बल्कि एक ठोस योजना है, जिसे हम अवश्य प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक सम्पन्न राज्य है – यहाँ लोहा, टिन, लिथियम, बॉक्साइट, सोना और हीरे जैसे बहुमूल्य खनिजों के भंडार हैं। राज्य का 44% भूभाग वनों से आच्छादित है, जहां सैकड़ों प्रकार के लघु वनोपज हैं। यहाँ की उर्वरा मिट्टी और मेहनतकश लोग ही छत्तीसगढ़ की असली ताकत हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा – “आप जैसे युवाओं के संकल्प और कौशल से हम विकसित छत्तीसगढ़ जरूर बनाएंगे।” फेलोशिप का उद्देश्य – भविष्य के उत्तरदायी सुशासक तैयार करना कार्यक्रम में सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत ने फेलोशिप योजना की रूपरेखा पर पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप का उद्देश्य राज्य के प्रतिभाशाली युवाओं को गवर्नेंस की उच्च स्तरीय शिक्षा और व्यावहारिक अनुभव प्रदान कर एक दक्ष एवं उत्तरदायी प्रशासनिक पीढ़ी तैयार करना है। इस योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ सरकार, भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रायपुर के साथ मिलकर पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित कर रही है। चयनित फेलोज को शासन के विभिन्न विभागों में प्रायोगिक प्रशिक्षण के अवसर भी दिए जाएंगे। भगत ने बताया कि फेलोज शासन के निर्णय-निर्माण प्रक्रिया में डेटा आधारित नीति निर्धारण, प्रशासनिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण, संसाधनों के कुशल उपयोग, ई-गवर्नेंस को मजबूती, और नीतियों के जमीनी प्रभावों के विश्लेषण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में योगदान देंगे। मुख्यमंत्री ने किया फेलोशिप के प्रोस्पेक्टस का विमोचन, अंजोर विजन डॉक्युमेंट भी किया भेंट  मुख्यमंत्री साय ने मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप कोर्स के प्रोस्पेक्टस का विमोचन किया और विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ अंजोर विजन डॉक्युमेंट की प्रति भी भेंट की। इस अवसर पर गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ ने भी छात्रों को मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के विशेष सचिव रजत बंसल, संयुक्त सचिव मयंक अग्रवाल, IIM रायपुर के प्रोफेसर्स एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।  

भाईचारे के बंधन में बंधे CM विष्णु देव साय, ब्रह्मकुमारी बहनों ने की शुभकामनाएं

रायपुर, रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, रायपुर की संचालिका ब्रह्मकुमारी सविता बहन ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से उनके निवास कार्यालय में सौजन्य भेंट की और उन्हें रक्षा-सूत्र बाँधकर उनके स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुखद जीवन की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने ब्रह्मकुमारी बहनों का हृदय से आभार व्यक्त किया और कहा कि रक्षाबंधन सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी भावनात्मक एकता और सामाजिक मूल्यों की गहराई को दर्शाने वाला अनुपम उत्सव है।उन्होंने कहा कि रक्षा-सूत्र में निहित शुभकामनाएँ उन्हें अपने कर्तव्यों के प्रति और अधिक समर्पित होने की प्रेरणा देती हैं।

अचानक भड़की आग ने मशरूम प्लांट को किया राख, वजह बना शॉर्ट सर्किट

मैनपुरी. बेवर क्षेत्र के गांव करपिया में संचालित सात मंजिला मशरूम प्लांट में शनिवार की देर रात शार्ट सर्किट के चलते आग लग गई। रविवार सुबह आग की लपटें देख ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। प्लांट संचालक की सूचना पर एएसपी नगर और सीओ सिटी ने दमकल टीमों ने आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। विकराल आग को बुझाने में आ रही दिक्कतों को देखते हुए आसपास के जिलों से भी दमकल की गाड़ियों को बुलाकर आग बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्लांट स्वामी ने आग लगने के कारण करोड़ों रुपये के नुकसान का अंदेशा जताया है। काेल्ड स्टोर में चार साल से चल रहा था मशरूम प्लांट बेवर क्षेत्र के गांव करपिया स्थित कपिलमुनि कोल्ड स्टोर में करीब चार साल से कपिल मुनि एग्रो फूड्स के नाम से मशरूम प्लांट का संचालन हो रहा है। इस सात मंजिला प्लांट में मशरूम उत्पादन के लिए करीब सात सौ ब्लाक बनाए गए हैं। इसका संचालन मनोज कुमार सिंह बैस करते हैं। शनिवार देर रात साढ़े 12 बजे के करीब शार्ट सर्किट से प्लांट में आग लग गई। इसकी जानकारी रविवार की सुबह लगभग पांच बजे स्थानीय ग्रामीणों ने प्लांट से धुआं निकलते देखकर दी। सूचना के बाद दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं  सूचना पाकर एएसपी नगर अरुण कुमार सिंह, एसडीएम भोगांव संध्या शर्मा, सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह पुलिस और दमकल विभाग के साथ मौके पर पहुंचे। जहां टीम ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी विकराल थी कि काबू नहीं पाया जा सका। इसके बाद अधिकारियों ने फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर और इटावा जिले से दमकल वाहनों को बुलाया। टीम में अभी भी आग बुझाने में जुटी हुई हैं। आग में जल गए मशरूम के बैग वहीं प्लांट मनोज कुमार सिंह ने बताया कि आग के कारण उनके मशरूम के बैग सहित गोदाम में रखी मशरूम आदि सब कुछ जल गया है। जिससे उन्हें करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। रक्षाबंधन होने के कारण प्लांट में काम करने वाले मजदूर अवकाश पर थे। इसलिए आग लगने के बारे में समय से जानकारी नहीं मिल सकी थी।   

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर संभाग में हो रहा है डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

रायपुर. बस्तर संभाग में नेक्स्ट जेन ई-हॉस्पिटल, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन तथा आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का प्रभावी क्रियान्वयन क्षेत्र के लिए एक बड़ा परिवर्तन साबित हो रहा है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्त विस्तार की दिशा में लगातार सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के सतत मार्गदर्शन में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं आज तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं।  बस्तर के छ :जिला चिकित्सालयों,  दो सिविल अस्पतालों और 41 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में नेक्स्ट जेन ई-हॉस्पिटल प्रणाली का सफल संचालन किया जा रहा है, जिससे ओपीडी पंजीकरण, परामर्श, जांच, दवा वितरण तथा मरीजों की स्वास्थ्य संबंधी सभी जानकारियां अब एक डिजिटल मंच पर उपलब्ध हो रही हैं। इसके तहत मरीजों को बेहतर और समयबद्ध सेवाएं मिल रही हैं। डिजिटल तकनीक के इस समावेशन ने अस्पतालों में पारदर्शिता, कार्यकुशलता और मरीजों की संतुष्टि में उल्लेखनीय वृद्धि की है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत अस्पतालों का हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्रेशन (HFR) और चिकित्सकों व नर्सिंग स्टाफ का हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्रेशन (HPR) सुनिश्चित किया गया है। अस्पताल परिसरों में आभा कियोस्क स्थापित कर मरीजों को आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) बनाने की सुविधा दी जा रही है। स्कैन एंड शेयर एवं आभा आईडी के माध्यम से ऑनलाइन ओपीडी पंजीयन की सुविधा से मरीजों को लम्बी कतारों से राहत मिली है और उन्हें त्वरित सेवाएं मिल रही हैं। डिजिटल नवाचारों का प्रभाव भी स्पष्ट रूप से सामने आया है। जिला चिकित्सालय बस्तर में मई, जून और जुलाई 2025 के दौरान कुल 60,045 ओपीडी पंजीयन दर्ज किए गए, जिनमें से 32,379 पंजीयन आभा लिंक के माध्यम से हुए — जो कि कुल पंजीयनों का 53% है। इसी अवधि में जिला चिकित्सालय दंतेवाड़ा में 33,895 ओपीडी पंजीयन दर्ज हुए, जिनमें से 13,729 पंजीयन आभा से लिंक किए गए — यानी 40% का डिजिटल एकीकरण। यह पूरी प्रक्रिया न केवल समय की बचत सुनिश्चित कर रही है, बल्कि मरीजों के लिए डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड की सुविधा भी प्रदान कर रही है, जिसे वे देश के किसी भी हिस्से में कभी भी देख सकते हैं। इससे स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में पारदर्शिता के साथ-साथ उपचार की निरंतरता और गुणवत्ता में भी वृद्धि हो रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर संभाग में नेक्स्ट जेन ई-हॉस्पिटल और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन जैसी आधुनिक तकनीकों के सफल क्रियान्वयन ने स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति और दिशा दी है। डिजिटल पंजीकरण, हेल्थ रिकॉर्ड और पारदर्शी सेवा प्रणाली से मरीजों को समयबद्ध, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल रहा है। यह पहल न केवल बस्तर के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक अनुकरणीय मॉडल है, जिसे हम शीघ्र ही राज्य के सभी जिलों में लागू कर "स्वस्थ और सशक्त छत्तीसगढ़" के संकल्प को साकार करेंगे। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं का यह तकनीकी उन्नयन न केवल स्थानीय जनता के लिए उपयोगी सिद्ध हो रहा है, बल्कि यह पूरे प्रदेश के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बनकर उभर रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य इस प्रणाली को सभी जिलों में सुदृढ़ रूप से लागू कर "स्वस्थ और सशक्त छत्तीसगढ़" की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ना है। उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में यह पहल केवल स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। बस्तर में मिले सकारात्मक परिणाम इस बात का प्रमाण हैं कि जब तकनीक, प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जनभागीदारी एक साथ आते हैं, तो विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ जाती है। यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव लाएगी, बल्कि ‘स्वस्थ भारत’ के निर्माण में भी छत्तीसगढ़ का महत्त्वपूर्ण योगदान सुनिश्चित करेगी।

गडकरी का कटाक्ष: दादागिरी के पीछे यही वजह है… टैरिफ विवाद में अमेरिका पर निशाना

नई दिल्ली. अमेरिका से चल रहे टैरिफ तनाव पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने परोक्ष रुप से अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि आज जो देश दुनिया में अपनी दादागिरी चला रहे हैं, वह ऐसा इसलिए कर पा रहे हैं क्योंकि वह आर्थिक रूप से मजबूत हैं। उन देशों के पास टेक्नोलॉजी भी है। हमें अगर भारत की 'विश्व गुरु' की छवि को आगे बढ़ाना है तो हमें भी टेक्नोलॉजी और आर्थिक क्षेत्र में मजबूत होना होगा। नागपुर के विश्वेश्वेरैया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में अपनी बात रखते हुए केंद्रीय मंत्री ने आयात को कम करने और निर्यात को बढ़ाने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, "अगर हमारे निर्यात और अर्थव्यवस्था की दर बढ़ती है, तो मुझे नहीं लगता कि हमें किसी के पास जाने की जरूरत पड़ेगी। जो लोग ‘दादागिरी’ कर रहे हैं, वे ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वे आर्थिक रूप से मजबूत हैं और उनके पास टेक्नोलॉजी है।" गडकरी ने भारत की संस्कृति और विश्व बंधुत्व की भावना पर जोर देते हुए कहा कि आज अगर हम आर्थिक रूप से सशक्त हो जाएं और टेक्नोलॉजी में भी आगे हो जाएं। इसके बाद भी हम किसी पर धौंस नहीं जमाएंगे क्योंकि हमारी संस्कृति में यह नहीं है। हमारी संस्कृति हमें सिखाती है कि विश्व का कल्याण सबसे महत्वपूर्ण है। गडकरी ने कहा आज दुनिया की सभी समस्याओं का उपाय साइंस, टेक्नोलॉजी और नॉलेज है। अगर हम इन तीनों चीजों का उपयोग करेंगे तो हमें कभी भी दुनिया के सामने झुकना नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि रिसर्च सेंटर्स, आईआईटी और इंजीनियरिंग कॉलेजों को देश की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शोध करना चाहिए। सभी जिलों, राज्य और क्षेत्रों में अलग-अलग बातें हैं। हमें सभी को ध्यान में रखकर काम करना होगा। अगर हम लगातार ऐसे काम करेंगे तो हमारे देश की अर्थव्यवस्था की विकास दर तीन गुना तक बढ़ जाएगी।