samacharsecretary.com

शक्ति और एकता का संगम: कोरबा-पाली में आदिवासी दिवस की गूंज

 
कोरबा

विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर कोरबा जिले के पाली में आदिवासी समाज ने अपनी एकजुटता और ताकत का ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। आयोजन स्थल पर सुबह से ही पारंपरिक वेशभूषा और झंडों के साथ समाजजन पहुंचने लगे। देखते ही देखते पाली का मैदान हजारों आदिवासी भाइयों-बहनों से भर गया। अनुमान है कि 10 हजार से अधिक लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलेश्वर मरकाम ने शिरकत की। इस अवसर पर आदिवासी समाज के विभिन्न संगठन, युवा मंडल, महिला मंडल और सांस्कृतिक दल भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के तहत एक विशाल रैली का आयोजन हुआ, जिसमें आदिवासी समाजजन ढोल-मांदर की थाप पर पारंपरिक नृत्य करते हुए आगे बढ़े। हजारों की संख्या में सड़क पर रैली निकाली गई जहां रैली पाली थाना के बाहर पहुंचे। इस दौरान सभी लोगों ने शराब भट्टी को बंद करने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। इस दौरान सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई और जाम की स्थिति निर्मित हो गई। वहीं, इस दौरान पाली पुलिस भी मौजूद रही और लोगों को समझने का प्रयास किया।

क्षेत्रीय विधायक और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलेश्वर मरकाम ने बताया कि विश्व आदिवासी दिवस हर साल 9 अगस्त को दुनियाभर में मनाया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 1994 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने की थी, ताकि मूलवासी और आदिवासी समुदायों के अधिकारों, संस्कृति और अस्तित्व की रक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह दिवस आदिवासी समाज के लिए अपनी परंपराओं, इतिहास और अधिकारों को याद करने और आने वाली पीढ़ी को प्रेरित करने का अवसर होता है।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here