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सोशल मीडिया पर पीएम मोदी को गाली, दरभंगा से आरोपी युवक हिरासत में

दरभंगा   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कांग्रेस की वोट अधिकार यात्रा के दौरान गाली देने वाले आरोपी कांग्रेस नेता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बिहार पुलिस की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को दरभंगा से दबोच लिया। पुलिस ने आरोपी की पहचान सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के भोपुरा गांव निवासी रिजवी उर्फ राजा के रूप में की है। उस पर आरोप है कि उसने मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और भद्दी-भद्दी गालियां दीं।   घटना के बाद इस मामले में सिमरी थाना में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। इस घटना के बाद जिले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा जिलाध्यक्ष ने दर्ज करवाई थी प्राथमिकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी स्वर्गीय माता पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष आदित्य नारायण चौधरी ने दरभंगा साइबर थाना में कांग्रेस नेता नौशाद समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। भाजपा नेता ने अपनी लिखित शिकायत में कहा कि 27 अगस्त को विपक्ष के नेता राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की मौजूदगी में महागठबंधन द्वारा आयोजित वोटर अधिकार यात्रा के दौरान मंच से प्रधानमंत्री और उनकी माता के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की गई। जिलाध्यक्ष ने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह सिर्फ प्रधानमंत्री नहीं बल्कि पूरे देश का अपमान है। उन्होंने पुलिस से आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। वहीं, पुलिस टीम मुख्य आरोपी नौशाद की तलाश में छापेमारी कर रही है। एसएसपी जगुनाथ रेड्डी ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में एक आरोपी को पकड़ा गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। अन्य आरोपियों की तलाश में दरभंगा पुलिस की टीम लगातार छापेमारी कर रही है। सिमरी थानाध्यक्ष ने रिजवी उर्फ रफीक उर्फ राजा को गिरफ्तार किया है। पुलिस सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र सरफराज शेख की भी तलाश कर रही है। पीएम मोदी को गाली देने का यह भी आरोपी है।

झमाझम बारिश ने बदला मौसम, दिल्ली-NCR में ठंडी हवा का अहसास

नई दिल्ली इन दिनों देश के कई राज्यों में बारिश का कहर देखने को मिल रहा है। जमकर हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मानसून का कहर पहाड़ों से मैदान तक जारी है। देश के कई शहरों में बाढ़ ने तबाही मचाई है। इस बीच दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में आज सुबह बारिश देखने को मिली। जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए थे। इससे पहले गुरुवार को भी दिनभर बादलों की आंख मिचौली के बीच हल्की बारिश हुई थी। इस दौरान हुई कई इलाकों में हुए जलभराव और जाम से फिर दिल्लीवासी परेशान हुए। मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार बीते 24 घंटे में दिल्ली में 13.4 एमएम बारिश दर्ज की गई। गुरुवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 1.3 डिग्री सेल्सियस अधिक 35.4 जबकि न्यूनतम पारा सामान्य से 1.4 डिग्री सेल्सियस कम के साथ 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शुक्रवार को आसमान में बादल छाए रहने और दोपहर बाद हल्की से मध्यम बारिश के आसार मौसम विभाग ने जताए थे। आईएमडी के अनुसार, 30 अगस्त यानी शनिवार को गरज के साथ हल्की बारिश के आसार हैं।

भव्य हवन में बांटी भस्म, दादा धूनीवाले दरबार में 20 पीपा रसगुल्ले और सोने-चांदी की आहुति

नर्मदापुरम नर्मदापुरम में दादा धूनीवाले दरबार में चल रहे अनुष्ठान में 20 तोला सोने और चांदी की आहुति दी गई। इसके अलावा हवन में 200 साड़ियां, चुनरियां, मगज के 11 हजार लड्डू, 20 पीपा रसगुल्ला, फल और पूजन सामग्री भी डाले गए।  ये अनुष्ठान नर्मदापुरम के हैप्पी मैरिज गार्डन में 10 जुलाई को गुरु पूर्णिमा पर शुरू हुआ था। समापन आज शुक्रवार शाम होगा। इससे पहले गुरुवार रात को आयोजित महाहवन और महाआरती में 10 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे। आयोजन परंपरागत 'धूनीमाई' पद्धति से किया गया, जो दादाजी के समय से चली आ रही परंपरा का हिस्सा है। सेवादार दादा शिवानंद महाराज ने कहा- किसी धार्मिक अनुष्ठान में पहली बार ऐसी हवन सामग्री अर्पित की गई है। यदि कोई ऐसा करता है, तो उसे 7 करोड़ रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इस तरह के आयोजन का प्रमाण वीडियो के रूप में पेश करने पर 51 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा। अब तक सवा किलो सोना, एक किलो चांदी की आहुति सेवादार दादा शिवानंद महाराज ने बताया कि 51 दिन से जारी हवन में रोज काजू, किशमिश, बादाम, लड्डू और नारियल की आहुति दी जा रही है। हर गुरुवार को विशेष महाआरती और हवन होता है। 10 जुलाई से 29 अगस्त तक हर गुरुवार को 20 तोला सोना और चांदी के आभूषण की आहुति दी गई। अब तक करीब सवा किलो सोना और एक किलो चांदी की आहुति दी जा चुकी है। इस भस्म को प्रसादी के रूप में बांटा जाता है। दादाजी सेवक साहब सिंह लोधी ने बताया- हवन के बाद धूनीमाई की भस्म को छान लिया जाता है। बड़े अवशेष नर्मदा नदी में विसर्जित कर दिए जाते हैं। बची भस्म को श्रद्धालुओं में बांट दिया जाता है। चंदा या आर्थिक सहयोग नहीं लिया, स्वेच्छा से मिली सामग्री का उपयोग शिवानंद महाराज ने बताया कि पूरे आयोजन में किसी भी श्रद्धालु से चंदा या आर्थिक सहयोग नहीं लिया गया। जो भी सामग्री उपयोग की गई, वह श्रद्धालुओं द्वारा स्वेच्छा से दी गई थी। इसी सामग्री का उपयोग दरबार में भंडारे और हवन के लिए किया गया। 51 दिन तक लगातार सुबह-शाम काशी से आए ब्राह्मणों ने रूद्राभिषेक, हवन और आरती की। दोनों समय भंडारे हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। शिवानंद महाराज ने कहा कि यदि उनका प्रवास नवरात्रि के समय नर्मदापुरम में रहेगा तो ब्राह्मणों द्वारा दुर्गा सप्तशती के अखंड पाठ कराए जाएंगे। अखंड ज्योति भी जलाई जाएगी। 100 से ज्यादा घंटे बांधे, 5100 दीपकों से सजाया अनुष्ठान में पहुंचे छीपानेर निवासी पृथ्वीराज सिंह चौहान ने बताया कि वे परिवार सहित हर दिन 51 हजार नर्मदेश्वर शिवलिंग के अभिषेक में शामिल रहे। उन्होंने कहा कि दादाजी का दरबार केवल मनोकामना पूर्ति नहीं, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग भी है। आयोजन स्थल पर 100 से अधिक घंटे बांधे गए थे। मंच को 5100 दीपकों से सजाया गया था।

एक्सप्रेस वे हादसे में आगरा के अधिकारी की मौत

आगरा आगरा के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और वर्तमान में कलेक्ट्रेट में अपर नगर मजिस्ट्रेट का चार्ज संभाल रहे एसडीएम राजेश जायसवाल की लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर सड़क हादसे में मौत हो गई। एसडीएम अपनी कार से वापस लौट रहे थे। इटावा के पास एक्सप्रेस वे पर दर्दनाक हादसे में उनकी जान चली गई। जानकारी के अनुसार, राजेश जायसवाल की कार  इटावा के पास एक्सप्रेस वे पर अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे की खबर मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। राजेश जायसवाल किरावली में एसडीएम के पद पर तैनात थे। और वर्तमान में कलेक्ट्रेट में अपर नगर मजिस्ट्रेट का चार्ज संभाल रहे थे। हादसे के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। अधिकारियों ने बताया कि हादसे की पूरी जांच की जा रही है। राजेश जायसवाल का निधन प्रशासनिक सेवा में एक प्रमुख नुकसान माना जा रहा है।  

बारिश बनी आफत: खेतों में डूबीं फसलें, सड़कें-जिंदगी प्रभावित

जयपुर राजस्थान में मानसून का दौर लगातार सक्रिय बना हुआ है और मौसम विभाग ने 10 सितंबर तक राज्य में यलो अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटों में कई जिलों में भारी वर्षा दर्ज की गई, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। बांसवाड़ा जिले में सबसे ज्यादा 5 इंच तक बारिश दर्ज की गई, वहीं झालावाड़, बूंदी, कोटा और जयपुर समेत अन्य जिलों में भी झमाझम बरसात हुई। भारी वर्षा के चलते कुछ जिलों में दुखद घटनाएं भी सामने आईं। सलूंबर के झल्लारा क्षेत्र में एक शिक्षक बाइक समेत नदी में बह गए, वहीं भीलवाड़ा जिले के बड़लियास थाना क्षेत्र में नदी में नहाने गई दो युवतियां पानी का स्तर अचानक बढ़ने से डूब गईं। नदियों और नालों में तेज बहाव ने ग्रामीण क्षेत्रों में खतरा बढ़ा दिया है। मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में मानसून टर्फ लाइन गंगानगर, शिवपुरी और दमोह होते हुए लो-प्रेशर सिस्टम तक गुजर रही है, जिसके चलते बारिश का दौर जारी है। इसके अलावा एक अन्य टर्फ मध्यप्रदेश से दक्षिणी पंजाब की ओर सक्रिय है, जो राजस्थान में बारिश बढ़ाने का कारण बन रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के इस सक्रिय चरण में राज्यभर में हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी। इसके चलते सड़कों पर जलभराव, फसल नुकसान और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन ने प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्यों के लिए निगरानी बढ़ा दी है। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि बारिश का असर और अधिक गंभीर हो सकता है, इसलिए सभी को सतर्क और सावधान रहना जरूरी है।

जस्टिस शम्भू सिंह नहीं रहे, इंदौर हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश का आज होगा अंतिम संस्कार

इंदौर राजगढ़ जिले की खिलचीपुर तहसील के ग्राम ढाबला निवासी और इंदौर हाईकोर्ट के रिटायर्ड न्यायमूर्ति शम्भू सिंह (85) का गुरुवार देर रात निधन हो गया। वह लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और इंदौर के अरविंदो अस्पताल में भर्ती थे। परिवार के अनुसार जस्टिस शम्भू सिंह का अंतिम संस्कार शुक्रवार दोपहर 1 बजे पैतृक गांव ढाबला में होगा। निधन की खबर फैलते ही गांव और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग गांव पहुंचकर शोकाकुल परिवार को सांत्वना दे रहे हैं। निष्पक्षता और सादगी के लिए जाने जाते थे जस्टिस शम्भू सिंह अपने न्यायिक कार्यकाल के दौरान निष्पक्ष फैसलों, ईमानदार छवि और सादगीपूर्ण जीवनशैली के लिए पहचाने जाते थे। सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। 2004 में लड़ा था लोकसभा चुनाव वर्ष 2004 में उन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में राजगढ़ लोकसभा चुनाव भी लड़ा था। हालांकि उन्हें जीत नहीं मिली, लेकिन क्षेत्र में उनकी पहचान न्यायप्रिय और सरल स्वभाव वाले नेता के रूप में बनी रही। न्यायिक और राजनीतिक जगत में शोक उनके निधन से न्यायिक, राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र को गहरा आघात पहुंचा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिवक्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।  

हंगामे के बीच झारखंड विधानसभा की कार्यवाही ठप, स्पीकर का विशेष आग्रह

रांची झारखंड विधानसभा के पूरक मानसून सत्र की कार्यवाही बीते गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। विधानसभा के अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने सदन में भोजनावकाश के बाद सभा की कार्रवाई अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह सदन तृतीय मानसून सत्र के रूप में 1 अगस्त से 7 अगस्त, 2025 तक आहूत था परंतु बीच सत्र में दिशोम गुरू शिबू सोरेन के निधन के आलोक में 4 अगस्त, 2025 को सदन स्थगित की गयी। पुन: सदन नेता का प्रस्ताव प्राप्त होने पर 22 अगस्त 2025 से 28 अगस्त, 2025 तक के लिए तृतीय (मानसून) पूरक सत्र 2025 चल कर आज समाप्त हुआ। सत्र में कुल 324 प्रश्न हुए स्वीकृत विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस सत्र में कुल 324 प्रश्न स्वीकृत की गयी, जिसमें 107 अल्पसूचित, 183 तारांकित तथा 34 अतारांकित प्रश्न शामिल है। शून्यकाल की कुल 70 सूचनाएं स्वीकृत हुई, कुल 21 निवेदन प्राप्त हुए। कुल 34 ध्यानाकर्षण प्राप्त हुए, जिसमें से 20 स्वीकृत हुए तथा 4 ध्यानाकर्षण सदन में उत्तरित हो पाये। इस सत्र में कुल 34 गैर सरकारी संकल्प प्राप्त हुए। महतो ने कहा कि इस सत्र में प्रथम अनुपूरक बजट, सहित 5 अन्य राजकीय विधेयक, झारखण्ड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, झारखण्ड व्यावसायिक शिक्षण संस्थान (शुल्क विनियमन) विधेयक, झारखण्ड कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक, झारखण्ड सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (विशेष छूट) विधेयक तथा झारखण्ड प्लेटफॉर्म आधारित गिग श्रमिक (निबंधन और कल्याण), विधेयक, 2025 सदन में उपस्थापित किया तदोपरांत सदन द्वारा पारित किया गया। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्लेटफॉर्म आधारित गिग श्रमिक विधेयक से झारखण्ड के वर्तमान सरकार का सामाजिक न्याय एवं सामाजिक सुरक्षा की प्रतिबद्धता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। गिग श्रमिकों की पहचान, लाखों युवाओं के लिए सामाजिक सुरक्षा की गारंटी, कानूनी सुरक्षा, प्लेटफॉर्म कंपनियों की जवाबदेही तय करने के लिए लाये गये विधेयक एवं सदन द्वारा पारित एक मिशाल कायम करेगा। यह विधेयक झारखण्ड के गिग श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा एवं न्यायपूर्ण अवसरों की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगा। मैं समझता हूं कि यह कानून अन्य राज्यों के लिए भी मॉडल बन सकता है। झारखण्ड व्यावसायिक शिक्षण संस्थान शुल्क विनियमन विधेयक राज्य में तेजी से बढ़ती निजी शिक्षा, निजी संस्थानों की फीस संरचना और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का सशक्त माध्यम बनेगा। प्रश्नकाल में जनता की आवाज को प्राथमिकता दे अध्यक्ष ने कहा कि झारखण्ड कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक, 2025 के माध्यम से राज्य के कोचिंग संस्थानों को एक व्यवस्थित, पारदर्शी और जवाबदेह ढांचे के अंतर्गत लाने का प्रयास है। इस विधेयक के माध्यम से विद्यार्थियों की सुरक्षा, उनके अधिकारों की रक्षा, शूल्क पर नियंत्रण, गुणवतापूर्ण शिक्षा का वातावरण, मानसिक स्वास्थ्य के साथ डीजिटल प्रणाली को बढ़ावा देगा जिससे अभिभावकों का विश्वास बढ़ेगा तथा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। महतो ने कहा कि सदन की कार्यवाही के बीच एक पीड़ादायक परिणाम भी सामने आती है जिसको आज इस अवसर पर साझा करना आवश्यक हो जाता है। यह देखा जा रहा है कि कई माननीय सदस्यगण अनेक बार अपनी जनप्रतिबद्धता और स्थानीय समस्याओं की अपेक्षा दलगत निर्देशों को प्राथमिकता देने लगते है। जब जनादेश से चुने गये हम सब जनप्रतिनिधि जनता की अपेक्षाओं को पीछे छोड़कर केवल पार्टी कमांड का पालन करते है तो यह सदन के लिए, लोकतंत्र के लिए बहुत उचित प्रतित नहीं होता है। लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा तभी बनी रह सकती है जब प्रत्येकसदस्य अपना दायित्व जनता के प्रति निष्पक्षता से पालन करे। आज यह आग्रह करना चाहूंगा कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जनता की आवाज को प्राथमिकता कम से कम प्रश्नकाल में जरूर दे। उन्होंने कहा कि मैं यहां सदन के प्रथम निर्वाचित भारतीय अध्यक्ष विट्ठल भाई जी के संसदीय अनुशासन को स्मरण करना चाहूंगा। उनका मानना था कि 'सदन की शक्ति उसके परम्परा और अनुशासन में है यदि नियमों का पालन न हो, तो यह केवल बहस का मंच रह जायेगा न की एक लोकतांत्रिक संस्था'। महतो ने कहा कि यह सदन झारखण्ड राज्य के निर्माता, समाज सुधारक, वंचितों, दबे-कुचलों, शोषितों, आदिवासियों के हक हकूक के लिए हमेशा अपना जीवन निछावर करने वाले दिशोम गुरू शिबू सोरेन को भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' प्रदान करने के लिए प्रस्ताव सदन ने सर्वसम्मति से पारित किया। इस निमित्त भी यह सत्र ऐतिहासिक साबित होगा। सत्र के संचालन में मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद, नेता प्रतिपक्ष, सभी दलों के नेता और सभी माननीय सदस्यों का जो सहयोग मुझे प्राप्त हुआ इसके लिए मैं धन्यवाद देना चाहता हूं। राज्य सरकार के समस्त अधिकारियों, विधान सभा सचिवालय के पदाधिकारी / कर्मी, पुलिस बल और मीडिया का भी आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने इस सत्र को सफल बनाने के लिए अपना योगदान दिया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष महतो ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की।  

10 दिन बाद प्रदेश लौटेंगे मुख्यमंत्री साय, समर्थकों में जबरदस्त उत्साह

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने कार्यकाल का पहला 10 दिवसीय विदेश दौरा पूरा करने के बाद वापस लौटेंगे. वे कल यानी 30 अगस्त को रायपुर पहुंचेंगे. उनके वापस लौटने पर स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर रायपुर शहर जिला भाजपा ने भव्य स्वागत की तैयारियां की है. इसे लेकर रायपुर शहर जिला भाजपा की गुरुवार को एक तैयारी बैठक हुई. बैठक में सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, जिलाध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर विशेष रूप से मौजूद रहे. दोनों भाजपा नेताओं ने बताया कि मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित रहने का आह्वान किया गया है. भाजपा की तैयारी विमानतल से मुख्यमंत्री निवास तक स्वागत रैली निकालने की है. कार्यक्रम में भाजपा के पधाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे. बता दें कि मुख्यमंत्री साय ने 10 दिवसीय दौरे पर जापान और साउथ कोरिया पहुंचे. यहां उन्होंने जापान की ओसाका में वर्ल्ड एक्सपो में उद्योगपतियों से मुलाकात की. इसके अलावा उन्होंने सियोल में दक्षिण कोरिया के सबसे बड़े व्यापार संगठन इंटरनेशनल ट्रेड एसोसिएशन (KITA) के चेयरमैन जिन सिक युन और वाइस प्रेसिडेंट किम की ह्यून से मुलाकात की. मुख्यमंत्री ने विदेशी निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित किया.

बिहार सरकार का ऐलान : महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए रोजगार में सीधी नियुक्ति

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने 2005 में सत्ता संभालने के बाद से ही महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं और अब इसी दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। एक्स अकाउंट पर साझा किया बड़ा निर्णय बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने एक्स अकाउंट (पूर्व में ट्विटर) पर महिला सशक्तिकरण को लेकर एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने लिखा कि नवंबर 2005 में सरकार बनने के बाद से ही महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अब महिलाएं अपनी मेहनत से न केवल राज्य के विकास में योगदान दे रही हैं, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर रही हैं। कैबिनेट बैठक में मिली मंजूरी मुख्यमंत्री ने बताया कि इसी मिशन को आगे बढ़ाते हुए कैबिनेट की बैठक में ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ को मंजूरी दी गई है। इस योजना का उद्देश्य राज्य के हर परिवार की एक महिला को उनकी पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है।   योजना की प्रमुख बातें     प्रत्येक परिवार की एक महिला को रोजगार शुरू करने के लिए 10 हजार रुपये प्रथम किस्त के रूप में दिए जाएंगे।     आवेदन प्रक्रिया जल्द शुरू होगी, जिसका संचालन ग्रामीण विकास विभाग करेगा। नगर विकास एवं आवास विभाग का भी सहयोग लिया जाएगा।     सितंबर 2025 से महिलाओं के बैंक खातों में सीधे राशि का हस्तांतरण शुरू होगा।     रोजगार शुरू करने के छह माह बाद महिलाओं को 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता दी जा सकेगी।     महिलाओं के उत्पादों की बिक्री के लिए गांव से लेकर शहर तक हाट बाजार विकसित किए जाएंगे। रोजगार और सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि इस योजना से महिलाओं की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी। साथ ही राज्य के भीतर ही बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध होंगे, जिससे लोगों को मजबूरी में बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

व्यापारियों को बड़ी राहत: योगी सरकार ने खत्म किए सख्त कानून, दंड होगा आर्थिक

लखनऊ उत्तर प्रदेश में औद्योगिक व श्रम सुधारों की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्योग और व्यापार से जुड़े 13 राज्य अधिनियमों में लगभग 99 प्रतिशत आपराधिक प्रावधान खत्म करने के निर्देश दिए हैं। इसके लागू होते ही यूपी अव्यवहारिक हो चुके आपराधिक प्रावधानों को गैर-आपराधिक श्रेणी में बदलने वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा। इसके तहत कारावास की सजा के प्रावधान को अधिक आर्थिक दंड व प्रशासनिक कार्रवाई में बदलने की योजना है। बृहस्पतिवार को उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और मजबूत बनाने के लिए नए कदम उठाना जरूरी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जल्द ही सुगम्य व्यापार (प्राविधानों का संशोधन) विधेयक, 2025 लाया जाएगा। इसके अंतर्गत आबकारी अधिनियम, शीरा अधिनियम, वृक्ष संरक्षण अधिनियम, राजस्व संहिता, गन्ना अधिनियम, भूगर्भ जल अधिनियम, नगर निगम अधिनियम, प्लास्टिक कचरा अधिनियम, सिनेमा अधिनियम तथा क्षेत्र व जिला पंचायत अधिनियम सहित कई कानूनों को अधिक व्यावहारिक बनाया जाएगा। श्रम कानूनों के सरलीकरण पर भी विचार श्रम कानूनों के सरलीकरण के प्रस्तावों में फैक्ट्री लाइसेंस की अवधि बढ़ाने, दुकानों व प्रतिष्ठानों के नियमों में व्यावहारिक बदलाव करने और महिलाओं को अधिक अवसर उपलब्ध कराने जैसे कदम शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि निरीक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए स्व-सत्यापन और थर्ड पार्टी ऑडिट की प्रणाली अपनाई जानी चाहिए। निवेशकों के लिए आवेदन व अनुमोदन प्रक्रिया होगी डिजिटल निवेश मित्र 3.0 के तहत निवेशकों की आवेदन व अनुमोदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सुगम बनाया जाएगा। कॉमन एप्लिकेशन फॉर्म, पैन-आधारित पहचान, स्मार्ट डैशबोर्ड, बहुभाषी सहायता और एआई चैटबॉट जैसी सुविधाएं जोड़ी जाएंगी। सीएम ने निवेश मित्र पोर्टल के नए संस्करण को लांच करने के निर्देश दिए।