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अब हेलमेट पहनिए और इंदौर के दफ्तरों में पाइए सम्मान, नियम तोड़ने वालों को एंट्री नहीं

इंदौर हेलमेट नहीं पहनने वाले दोपहिया वाहन चालकों की सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने नो हेलमेट-नो पेट्रोल का आदेश एक अगस्त से लागू किया है। अब इसकी अगली कड़ी में शासकीय कार्यालयों में भी दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट अनिवार्य किया जा रहा है। कलेक्टर आशीष सिंह ने शुक्रवार को सभी विभाग प्रमुखों को पत्र जारी कर अपने कार्यालयों में आने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों और अन्य दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट अनिवार्य करने के लिए निर्देशित किया था। इसके बाद जिले के शासकीय कार्यालयों में भी हेलमेट अनिवार्य किया गया है। आज से शासकीय कार्यालयों में इसको प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है। दोपहिया वाहनों से आने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। वहीं कार्यालय आने वाले आवेदकों को भी हेलमेट पहनने के लिए समझाइश दी जाएगी। दिखने लगा असर… जिले में शुक्रवार से लागू हुए नो हेलमेट-नो पेट्रोल के आदेश का प्रभावी रूप से पालन किया जा रहा है। रविवार को भी पंपों से दोपहिया वाहन चालकों को बगैर हेलमेट के पेट्रोल नहीं दिया गया। वाहन चालकों के लिए कुछ पंपों पर हेलमेट भी बिक्री के लिए रख दिए गए हैं। साथ ही शहर के फुटपाथों पर भी अब हेलमेट की दुकानें खुल गई हैं। सख्ती का असर अब दिखने लगा है और पंपों पर लोग हेलमेट पहनकर ही पेट्रोल भरवाने आने लगे हैं। प्रशासन और खाद्य विभाग की टीम पंपों की मानिटरिंग भी कर रही है। प्रशासनिक कार्यालय और सभी तहसील कार्यालयों में हेलमेट अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा आइडीए, नगर निगम, डीएवीवी और स्कूल शिक्षा विभाग ने भी हेलमेट पहनना अनिवार्य किया है। विभाग प्रमुखों को किया निर्देशित     सड़क दुर्घटनाओं के दौरान दोपहिया वाहन चालक सुरक्षित रहें, इसके लिए हेलमेट पहनना जरूरी है। पंपों पर पेट्रोल भरवाने के दौरान हेलमेट अनिवार्य किया गया है। वहीं शासकीय कार्यालयों में भी हेलमेट पहनने का नियम लागू करने के लिए सभी विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया गया है। – आशीष सिंह, कलेक्टर कर्मचारियों को दिए निर्देश, जनता से अपील     हमने निगम के सभी कर्मचारियों के लिए निर्देश जारी कर दिए हैं कि यदि वह दोपहिया वाहन से मुख्यालय, जोन कार्यालय पर आ रहे हैं, तो हेलमेट पहनकर आएं। इसके अलावा हमने निगम कार्यालयों में आने वाले कर्मचारियों से भी अपील की है कि वह अपने दोपहिया वाहन पर हेलमेट पहनकर ही कार्यालय आएं। – शिवम वर्मा, निगमायुक्त आवेदकों को भी जागरूक करेंगे     दुर्घटनाओं के दौरान सुरक्षा के लिए हेलमेट बहुत जरूरी है, इसलिए दोपहिया वाहन चलाने के दौरान सभी को हेलमेट पहनना चाहिए। बगैर हेलमेट के लोगों को वाहन नहीं चलाना चाहिए। कार्यालय में इसके लिए निर्देशित किया है और आवेदकों को भी इसके लिए जागरूक किया जाएगा।– आरपी अहिरवार, सीईओ आईडीए परिसर में हेलमेट लगाकर ही आएं     एमजीएम मेडिकल सहित सभी अस्पतालों में दोपहिया वाहन से आने वाले डाक्टर, विद्यार्थी और अन्य स्टाफ को निर्देशित कर दिया है कि वह हेलमेट लगाकर ही परिसर में आएं। साथ ही यह अपील भी की गई है कि शराब पीकर वाहन नहीं चलाना है। – डॉ. अरविंद घनघोरिया, डीन, एमजीएम मेडिकल कॉलेज  

शिक्षा के क्षेत्र में बड़े सुधारों की झलक – 5000 नए शिक्षकों की होगी नियुक्ति, 2047 तक ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का संकल्प

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ‘ज्ञान धारा – शिक्षा संवाद’ कार्यक्रम में हुए शामिल शिक्षा राष्ट्र निर्माण का आधार है – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शिक्षा के क्षेत्र में बड़े सुधारों की झलक – 5000 नए शिक्षकों की होगी नियुक्ति, 2047 तक ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का संकल्प रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  ने  राजधानी रायपुर में हरिभूमि और आईएनएच मीडिया समूह द्वारा आयोजित ‘ज्ञान धारा – शिक्षा संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार शिक्षा को राष्ट्र निर्माण की बुनियाद मानती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जब से मैंने शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभाली, उसी क्षण से मेरी प्राथमिकता रही कि विभाग को गहराई से समझते हुए उसमें सुधार की ठोस पहल की जाए। सबसे पहले एक गहन समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें यह पाया गया कि राज्य में शिक्षक और छात्रों का अनुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर होने के बावजूद वितरण असमान है।ग्रामीण क्षेत्रों में छात्रों की संख्या अधिक है, लेकिन शिक्षक अपेक्षाकृत कम हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में शिक्षक अधिक संख्या में पदस्थ हैं। इस असंतुलन को दूर करने हेतु राज्य में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया आरंभ की गई। इसके परिणामस्वरूप आज छत्तीसगढ़ का कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन नहीं है। इस प्रभाव का विस्तार इतना व्यापक रहा कि इरकभट्टी जैसे गांवों में वर्षों से बंद पड़े विद्यालय पुनः प्रारंभ हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब भी शिक्षकों की आवश्यकता बनी हुई है, जिसे ध्यान में रखते हुए 5000 नए शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया शीघ्र आरंभ की जाएगी। नई शिक्षा नीति का प्रभावी क्रियान्वयन मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में लागू किया गया है, और राज्य में हमारी सरकार ने इसे तत्परता से अपनाया है। छत्तीसगढ़ में अब 18 स्थानीय भाषाओं एवं बोलियों में प्राथमिक शिक्षा प्रदान की जा रही है। इससे न केवल स्थानीय भाषाओं के संरक्षण को बल मिला है, बल्कि बच्चों की सीखने की क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पीएम-स्कूल योजना के अंतर्गत छात्रों को हाई-टेक सुविधाएँ मिल रही हैं। विद्यालय भवनों के रखरखाव हेतु ₹133 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। साथ ही, छात्रावासों की स्थिति सुधारने के लिए भी ठोस कदम उठाए गए हैं। नक्सलवाद से विकास की ओर – बस्तर की नई दिशा मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज, वन, उपजाऊ भूमि और जैव विविधता से परिपूर्ण एक समृद्ध प्रदेश है, किंतु यह भी सत्य है कि यह राज्य वर्षों से नक्सलवाद की पीड़ा झेलता आया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया कि नक्सल समस्या से दोहरे मोर्चे—सुरक्षा और विकास—पर समन्वित रणनीति से निपटा जाएगा। सरकार ने नक्सलियों से हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की, और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अब तक 1500 से अधिक नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। साथ ही, सुरक्षा बलों के द्वारा चलाए जा रहे अभियान में कई सक्रिय नक्सली न्यूट्रलाइज किए गए हैं। पुनर्वास हेतु ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के माध्यम से विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद का स्थायी समाधान केवल सुरक्षा बलों से नहीं, बल्कि शिक्षा, सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से संभव है। सरकार इन क्षेत्रों में विशेष रूप से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर के धुड़मारास गांव को विश्व के 20 प्रमुख पर्यटन ग्रामों में स्थान मिला है, जो प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा प्रदान किया गया है, और बस्तर में बोधघाट परियोजना के माध्यम से 7 लाख हेक्टेयर सिंचाई सुविधा और 200 मेगावॉट बिजली उत्पादन के लक्ष्य पर कार्य प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में अद्वितीय प्रगति हुई है। एक समय था जब राज्य में मात्र 1 मेडिकल कॉलेज था, आज 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। राज्य में अब तक 19 निजी विश्वविद्यालय स्थापित हो चुके हैं और 3 नए विश्वविद्यालयों की स्थापना प्रक्रिया में है। उन्होंने कहा कि भारत प्राचीन काल से ही विश्वगुरु रहा है और आज पुनः वह स्थान प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर है। विदेशों से छात्र भारत में शिक्षा ग्रहण करने आ रहे हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा का केंद्र बने। 2047 का लक्ष्य: विकसित भारत, विकसित छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2047 तक "विकसित छत्तीसगढ़" के लिए एक विस्तृत विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। डॉक्यूमेंट में शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के विद्यालयों और महाविद्यालयों की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो तथा राज्य की जीएसडीपी में शिक्षा का योगदान सशक्त और प्रभावशाली बने। उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को “उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान” से अलंकृत किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों में सुके. शारदा, बी. आर. साहू, भरत किशोर यादव,डॉ. धनंजय पाण्डेय, बलदाऊ सिंह श्याम शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं खेल एवं राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में विधायकगण पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, गुरु खुशवंत साहेब, प्रदेश के शिक्षाविद्, विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ  उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने दिए निर्देश: हिनौती गौधाम का निर्माण कार्य शीघ्र करें पूरा

हिनौती गौधाम में निर्माणाधीन कार्य शीघ्र करें पूर्ण : उप मुख्यमंत्री शुक्ल हिनौती गौधाम के निर्माण कार्य में तेजी लाएं: उप मुख्यमंत्री शुक्ल का निर्देश उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने दिए निर्देश: हिनौती गौधाम का निर्माण कार्य शीघ्र करें पूरा गौसेवा के कार्यों में न हो देरी, हिनौती गौधाम जल्द हो पूर्ण – उप मुख्यमंत्री शुक्ल भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा के हिनौती गौधाम में निर्माणाधीन कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने वृक्षारोपण कार्य को आगामी 15 दिवस में पूरा कराने की बात कही। नवीन सर्किट हाउस रीवा में उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने हिनौती गौधाम में भूसा शेड, गौवंश शेड और प्रशासनिक भवन के निर्माण कार्य की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रशासनिक भवन का कार्य अगस्त माह में पूर्ण कर लिया जाए साथ ही हिनौती गौधाम में फेंसिंग का शेष कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए। उन्होंने गौधाम में 5 हजार पौधों के रोपण का कार्य आगामी 15 दिन में पूरा करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि इनकी सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। आयुक्त नगर निगम रीवा डॉ. सौरभ सोनवड़े, डीएफओ लोकेश निरापुरे सहित जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

मुख्तार अंसारी का बेटा कानून के शिकंजे में, उमर अंसारी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

गाजीपुर गाजीपुर पुलिस ने  पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया. उमर को लखनऊ के दारुलशफा स्थित विधायक निवास से गिरफ्तार किया गया. पुलिस टीम उन्हें गाज़ीपुर ले गई है. उमर अंसारी के खिलाफ गाज़ीपुर जिले के मोहम्मदाबाद थाने में फर्जी दस्तावेज तैयार करने और धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया गया है. इस मामले में गाजीपुर पुलिस को एक गंभीर अनियमितता की जानकारी मिली, जिसके अनुसार उमर अंसारी ने यूपी गैंगस्टर अधिनियम की धारा 14(1) के तहत जब्त संपत्ति को छुड़वाने के लिए अदालत में एक याचिका दायर की थी. ये संपत्ति उनके पिता और गैंगस्टर एक्ट के तहत मृत घोषित पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी से संबंधित थी. याचिका के साथ जो दस्तावेज कोर्ट में दाखिल किया गया, उसमें उमर अंसारी ने अपनी मां अफशा अंसारी के फर्जी हस्ताक्षर कर दस्तावेज प्रस्तुत किया. जांच के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि हस्ताक्षर वास्तव में अफशा अंसारी के नहीं थे. इसके बाद गाज़ीपुर पुलिस ने उमर अंसारी पर जानबूझकर फर्जी दस्तावेज बनाने और न्यायालय को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज किया. उमर अंसारी की गिरफ्तारी को लेकर उनके भाई अब्बास अंसारी ने एक एक्स पोस्ट में बताया, "रात्रि 10:40 पर हमारे छोटे भाई उमर अंसारी को दारुल शिफ़ा स्थित आवास से कुछ पुलिसकर्मी उन्हें अपने साथ ले गये हैं." रणनीति के तहत उमर अंसारी ने बनाए फर्जी दस्तावेज! गाजीपुर पुलिस के अनुसार, उमर अंसारी ने ये कार्य "सोची-समझी रणनीति" के तहत अवैध लाभ उठाने की नीयत से किया था. इस पूरे मामले में उमर अंसारी के साथ-साथ वकील लियाकत अली को भी नामजद किया गया है. पुलिस ने इन धाराओं में दर्ज किया केस पुलिस ने बताया कि इस मामले में अपराध संख्या 245/2025 दर्ज की गई है, जिसमें धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) BNS के तहत कार्रवाई की जा रही है. उमर अंसारी को हिरासत में लेकर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है. गाजीपुर पुलिस ने कहा है कि इस पूरे मामले को लेकर आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी. यह गिरफ्तारी कई राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है.  

विधानसभा भवन निर्माण कार्य अंतिम चरण में, निर्धारित समय पर होगा विधिवत लोकार्पण

रायपुर : रजत जयंती वर्ष में छत्तीसगढ़ को मिलेगा नया विधानसभा भवन – मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया नवीन विधानसभा भवन का निरीक्षण विधानसभा भवन निर्माण कार्य अंतिम चरण में, निर्धारित समय पर होगा विधिवत लोकार्पण रायपुर नवा रायपुर में निर्माणाधीन छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन का कार्य तीव्र गति से अपने अंतिम चरण में पहुँच रहा है। आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने विधानसभा भवन स्थल पर पहुँचकर निर्माणकार्य की प्रगति का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य को निर्धारित समय-सीमा, सितम्बर 2025 तक हर हाल में पूर्ण किया जाए, ताकि राज्योत्सव (1 नवम्बर) के अवसर पर इसे जनता को समर्पित किया जा सके। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का यह रजत जयंती वर्ष है, जिसे पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। नवीन विधानसभा भवन का निर्माण कार्य अब पूर्णता की ओर अग्रसर है। रजत जयंती वर्ष पर राज्य को एक नया, भव्य विधानसभा भवन प्राप्त होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को राज्योत्सव कार्यक्रम हेतु आमंत्रित किया गया है, और उनके करकमलों से इस नवीन विधानसभा भवन का लोकार्पण प्रस्तावित है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि नए विधानसभा भवन का निर्माण अब अंतिम चरण में पहुँच चुका है। आज विधानसभा सदन, विधानसभा अध्यक्ष का कक्ष, मुख्यमंत्री का कक्ष तथा सम्पूर्ण परिसर का अवलोकन कर निर्माण की प्रगति का निरीक्षण किया गया। निर्धारित समय पर नवीन विधानसभा भवन का विधिवत लोकार्पण किया जाएगा। नवीन विधानसभा भवन में छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान, पारंपरिक वास्तुकला और आधुनिक सुविधाओं का समुचित समावेश किया गया है। भवन में तीन प्रमुख विंग निर्मित किए जा रहे हैं – विंग-ए में विधानसभा सचिवालय, विंग-बी में मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय सहित विधानसभा सदन व सेंट्रल हॉल, तथा विंग-सी में उप मुख्यमंत्रियों एवं अन्य मंत्रियों के कार्यालय स्थित होंगे। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि नया विधानसभा भवन केवल एक शासकीय संरचना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक भव्यता एवं वैभव का प्रतीक बनेगा। 52 एकड़ क्षेत्रफल में निर्मित यह नवीन विधानसभा भवन आधुनिक तकनीकी विशेषताओं और सांस्कृतिक सौंदर्य से युक्त एक भव्य परिसर होगा। सदन में 200 विधायकों के बैठने की क्षमता के साथ-साथ 500 दर्शकों की क्षमता वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम भी होगा। परिसर में 700 वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है तथा दो प्रस्तावित सरोवर, प्रत्येक डेढ़ एकड़ क्षेत्र में, विकसित किए जाएँगे। निर्माण पूर्ण होने के पश्चात यह भवन न केवल छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठा को नई ऊँचाइयाँ प्रदान करेगा, बल्कि देशभर में अपनी विशिष्ट स्थापत्य शैली और उन्नत सुविधाओं के कारण एक मिसाल के रूप में स्थापित होगा। निरीक्षण के दौरान अजय जामवाल, पवन साय, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री जूनियर स्टेट लेवल बैडमिंटन चैंपियनशिप के समापन समारोह में हुए शामिल

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन में बैडमिंटन प्रति अच्छा वातावरण बन रहा है। उज्जैन के नानाखेड़ा स्टेडियम का विकास 11:45 करोड रुपए की लागत से किया गया है। आने वाले समय में यहां 50 करोड़ रुपए की लागत से एस्ट्रो टर्फ और पेवीलियन बनाए जाने की मंजूरी सरकार द्वारा दी गई है। यहां सिंथेटिक ट्रेक भी बनाया जाएगा। स्टेडियम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजन भी किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी सिंहस्थ 2028 महापर्व के अंतर्गत विक्रम उद्योगपुरी में 1000 एकड़ जमीन उद्योगों की स्थापना के लिए आवंटित की गई है, आने वाले समय में 1000 एकड़ जमीन और दी जाएगी। विकास के मामलों में अब उज्जैन पीछे नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को नानाखेड़ा स्टेडियम में आयोजित जी एच रायसोनी मेमोरियल 58 वीं मध्यप्रदेश राज्य जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप 2025 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सफल आयोजन के लिए आयोजनकर्ताओं को अपनी ओर से शुभकामनाएं दीं। जिला बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष वैभव यादव ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का शाल और श्रीफल भेंट कर स्वागत किया और एसोसिएशन के सदस्यों ने स्मृति चिन्ह भेंट किया। पुरस्कार वितरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैडमिंटन चैंपियनशिप के विजेताओं और उपविजेताओं को पुरस्कार वितरण किये। चैंपियनशिप के फाइनल में जीते खिलाड़ी मिक्स्ड डबल अंडर 17 कन्हैया शर्मा, कृतिका पाठक, मिक्स्ड डबल्स अंडर 19 ओम पटेल, कीर्ति तिवारी, बॉयज सिंगल अंडर 17 मेदांश शर्मा, बॉयज सिंगल अंडर 19 नैवेद्य तोंडे, गर्ल्स सिंगल अंडर 17 नित्या जादौन, बॉयज डबल अंडर 19 देव कुमावत, अंगद मुछाल, गर्ल्स डबल अंडर 19 आस्था शर्मा, कीर्ति तिवारी, गर्ल्स सिंगल अंडर 19 माही पवार, बॉयज डबल्स अंडर 17 शौर्य मिश्रा, अथर्व सक्सेना, गर्ल्स डबल अंडर 17 नित्या जादौन, नाविका सोमानी को ट्राफी प्रदान की गई। इस दौरान विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव सहित एसोसिएशन के राजेंद्र भारती, संजय अग्रवाल, राजेश धाकड़, अश्विन गुप्ता और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी एवं नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि अंडर 19 के यहां के जो विनर हैं वे गोवा में बेस्ट ज़ोन चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई हुए हैं, जो मध्यप्रदेश की टीम का नेतृत्व करेंगे। आभार प्रदर्शन एसोसिएशन के सचिव अनुराग शर्मा ने किया।  

मध्यप्रदेश व महाराष्ट्र के बीच सामाजिक व आर्थिक संबंधों को मिलेगी मजबूती : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

रीवा उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र उन्नति और प्रगति की ओर सतत अग्रसर है। रीवा को 17वीं ट्रेन की सौगात मिली है। रीवा से पुणे (हडपसर) ट्रेन को रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को वर्चुअली ट्रेन को हरी झण्डी दिखाकर रीवा रेवले स्टेशन से रवाना किया गया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल रीवा रेलवे स्टेशन से कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि इस ट्रेन से मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र के बीच सामाजिक व आर्थिक संबंधों को मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम को रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी वर्चुअली संबोधित किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि रीवा से पुणे ट्रेन के संचालन से रेल कनेक्टिविटी को गति मिलेगी और महाराष्ट्र की व्यावसायिक नगरी पुणे तक पहुंचना अधिक सरल और सुलभ हो जाएगा। विन्ध्य के व्यवसायियों, विद्यार्थियों और अन्य यात्रियों के लिए यह ट्रेन वरदान साबित होगी। उन्होंने कहा कि ललितपुर-सिंगरौली ट्रेन मार्ग के बन जाने से रीवा मुख्य धारा में शामिल हो जाएगा और यह क्षेत्र विकसित क्षेत्र के तौर पर जाना जाने लगेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया। सांसद जनार्दन मिश्र ने कहा कि ललितपुर-सिंगरौली रेलमार्ग के बन जाने पर रीवा विकसित रेलवे स्टेशन होगा और इस क्षेत्र का सम्पूर्ण विकास हो सकेगा। मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन आयोग की शर्त अब मूर्त रूप ले रही है जबकि ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन को गति मिलनी प्रारंभ हो गई है। उन्होंने रेलवे के अधिकारियों से रीवा रेलवे स्टेशन के निर्माणाधीन कार्यों को तीव्र गति से पूर्ण करने की अपेक्षा की। अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा रेलवे के अधिकारी उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा में सीटी स्केन मशीन का किया लोकार्पण उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने संजय गांधी अस्पताल रीवा में 8 करोड़ रुपए की लागत की सीटी स्केन मशीन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि कहा कि अत्याधुनिक मशीन के माध्यम से अब मरीजों को सीटी स्केन की सुलभता हो जाएगी। अत्याधुनिक मशीन उच्च गुणवत्ता से सीटी स्केन करने में सहायक होगी। इस अवसर पर डीन मेडिकल कालेज डॉ सुनील अग्रवाल, अधीक्षक संजय गांधी अस्पताल डॉ राहुल मिश्रा सहित रेडियोलॉजी विभाग के चिकित्सक एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल रीवा में कांवड़ यात्रा में हुए शामिल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने रविवार को बाबा घाट रीवा से कांवड़ यात्रा को रवाना किया। कांवड़ यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुइ पचमठा धाम पहुंची जहाँ वृहद भण्डारे का आयोजन किया गया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल स्वयं कांवड़ लेकर कांवड़ यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने कांवड़ियों का अभिनंदन किया तथा कांवड़ यात्रा में शामिल भगवान के विभिन्न स्वरूपों को धारण करने वालों का अभिनंदन किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने पचमठा शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को दिव्य कांवड़ यात्रा में शामिल होकर शिवभक्ति, सेवा और अनुशासन का अनुपम संगम प्रस्तुत करने के लिए साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि श्रावण मास की यह पावन यात्रा जन आस्था, सामाजिक एकता और आध्यात्म की गहराई का अद्भुत प्रतीक है। शुक्ल ने मनकामेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की और शिवलिंग निर्माण एवं रूद्राभिषेक भी किया। कांवड़ यात्रा में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में कांवड़िए व स्थानीयजन शामिल हुए।      

भक्ति, संस्कृति और समरसता का संगम: रायपुर की भव्य कांवड़ यात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सावन मास के पवित्र अवसर पर राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी क्षेत्र में आयोजित विशाल कांवड़ यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने भगवान भोलेनाथ का रूद्राभिषेक कर छत्तीसगढ़ प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज मारूति मंगलम भवन, गुढ़ियारी से हटकेश्वरनाथ महादेव मंदिर तक हजारों की संख्या में कांवड़िए जलाभिषेक हेतु रवाना हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत बनाए रखने का कार्य करता है और हमारे लोक-विश्वास की गहराई को प्रकट करता है। सावन महीने में कांवड़ यात्रा शिवभक्तों की आस्था, भक्ति और समर्पण का प्रतीक है, जिसमें श्रद्धालु कई-कई किलोमीटर पदयात्रा कर भोलेनाथ को जल अर्पित करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर के महादेव घाट स्थित भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यंत गहरा है। यहां श्रद्धालु बड़ी संख्या में जलाभिषेक हेतु एकत्र होते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती भक्ति, श्रद्धा और संस्कृति का अद्वितीय संगम है। कांवड़ यात्रा जैसी आयोजन न केवल परंपरा को सहेजते हैं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का भी संदेश देते हैं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत, रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी, रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह और रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, गणमान्य नागरिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल बोले – विकास के साथ सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों का संरक्षण भी जरूरी

विकास के साथ संस्कृति, संस्कार, धर्म और आध्यात्म आवश्यक : उप मुख्यमंत्री  शुक्ल विकास तभी पूर्ण जब साथ हों संस्कृति, संस्कार और आध्यात्म: उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री शुक्ल बोले – विकास के साथ सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों का संरक्षण भी जरूरी आधुनिकता के साथ आध्यात्मिकता जरूरी: उप मुख्यमंत्री शुक्ल का संतुलित विकास पर जोर भारतीय संस्कृति उत्थान कार्यक्रम में हुए शामिल रीवा उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि विकास के साथ संस्कृति, संस्कार, धर्म और आध्यात्म आवश्यक है। भारतीय संस्कृति और सनातन को साथ लेकर चलने से ही आने वाली पीढ़ी के लिए विकास वरदान साबित होगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम रीवा में एडीए इंपैक्ट फाउंडेशन के भारतीय संस्कृति उत्थान कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि एडीए इंपैक्ट फाउंडेशन ने फैशन उद्योग के माध्यम से सामाजिक जागरूकता और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का उल्लेखनीय प्रयास किया है। फैशन शो में भारतीय संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी और पारंपरिक भारतीय बुनाई कला, पुनर्नवीनीकरण सामग्री के उपयोग और पर्यावरण चेतना को सशक्त करने के संदेश देने वाले वस्त्र शामिल किए गए हैं, जो प्रशंसनीय हैं। उन्होंने सामाजिक परिवर्तन की ओर फैशन के माध्यम से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने युवाओं को रचनात्मक कार्यों के लिए एकजुट होकर कार्य करने के लिए बधाई देते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामना दी।  

राज्य मंत्री गौर बोलीं – भारतीय त्यौहार संस्कृति और संस्कारों के जीवंत प्रतीक

भारतीय त्यौहारों की बात ही निराली है, हमारे उत्सव हमारी संस्कृति के जीवंत उत्सव हैं: राज्य मंत्री श्रीमती गौर भारतीय उत्सवों में रचा-बसा है हमारी परंपरा और पहचान: श्रीमती गौर का बयान राज्य मंत्री गौर बोलीं – भारतीय त्यौहार संस्कृति और संस्कारों के जीवंत प्रतीक भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंखयक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा है कि भारतीय त्यौहारों की बात ही निराली है, हमारे उत्सव हमारी संस्कृति के जीवंत उत्सव होते हैं। सावन वह ऋतु है, जिसमें प्रकृति स्वयं नृत्य करती है। यह महीना केवल बारिश का नहीं है, यह शिव की भक्ति, नारी की शक्ति और प्रकृति की भव्यता का संगम है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर रविवार को अयोध्या नगर में सावन उत्सव समारोह में हजारों की संख्या में उपस्थित नारी शक्ति को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि सावन तो जैसे नारी का ही महीना है, जिसमें वह घर को सजाती है, समाज को जोड़ती है और परंपरा को अगली पीढ़ी तक सौंपती है। नारी सिर्फ घर की नहीं, हमारी संस्कृति की संरक्षक भी हैं। उन्होंने कहा कि "नारी जब परंपरा निभाती है, तो पीढ़ियाँ संस्कार सीखती हैं। सच पूछिए तो… स्त्री की यही आस्था, हमारी सनातन संस्कृति की असली शक्ति है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि मुझे आज बहुत प्रसन्नता है कि बड़ी संख्या में आप सावन महोत्सव मनाने के लिए आए। यह जरूर कहना चाहूंगी उत्सव के साथ कुछ संकल्प लेने की हमको आवश्यकता है। सामाजिक एकता परिवार की खुशहाली और स्वस्थ जीवन से जुड़ने का काम भी करें। मैं सभी बहनों से कहना चाहूंगी कि सावन के महीने में सभी को एक पेड़ जरूर लगाना है। दूसरा यह कि विवाह और हमारे त्यौहार में गाए जाने वाले गीत अपने घर की बेटी और बेटी स्वरूप बहू को जरूर सिखाएंगे। सावन उत्सव में तीन हजार से अधिक महिलाएं उपस्थित थी। उत्सव स्थल पर स्टाल लगाए, डांस, संगीत, रैंप वाक, झूलों का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बहनों को पुरस्कृत किया गया।