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दिवाली से पहले Steelbird का बड़ा धमाका, FEC-3 हेलमेट में एंटी-फॉग लेंस समेत कई खूबियां

 नई दिल्ली  दिवाली के त्योहार से ठीक पहले हेलमेट निर्माता कंपनी Steelbird ने अपना नया FEC-3 हेलमेट लॉन्च किया है। यह हेलमेट उन राइडर्स के लिए डिजाइन किया गया जो एडवांस सेफ्टी, परफॉर्मेंस-ओरिएंटेड स्टाइलिंग और रोजाना के इस्तेमाल के लिए कंफर्ट चाहते हैं। FEC-3 हेलमेट ग्लोबल लेवल पर मान्यता प्राप्त सेफ्टी सर्टिफिकेट और प्रीमियम फीचर्स को 4,499 की शुरुआती कीमत पर उपलब्ध कराता है। सेफ्टी सर्टिफिकेशन FEC-3 हेलमेट में ट्रिपल होमोलोगेशन दिए गए हैं-     DOT (FMVSS No. 218)     BIS (IS 4151:2015)     ECE 22.06 इस हेलमेट का आउटर शेल हाई-इंपैक्ट PC-ABS ब्लेंड मैटेरियल से बनाया गया है। इसे DOT और ECE 22.06 सेफ्टी स्टैंडर्ड्स की जरूरतों को पूरा करने के लि तैयार किया गया है। हेलमेट का डिजाइन और लुक यह हेलमेट स्पोर्टी और एग्रेसिव लुक के साथ डिजाइन किया गया है और इसका एयरोडायनानिक प्रोफाइल इसके परफॉर्मेंस-इंस्पायर्ड स्टाइलिंग को और बेहतर बनाता है। इस हेलमेट में एक इंटीग्रेटेड इनर सन शील्ड दी गई है जिसे एक आसान स्लाइडर मैकेनिज्म से चलाया जा सकता है। इससे राइडर्स बदलते हुए लाइट के माहौल में आसानी से खुल को ढाल सकते हैं। बेहतर विजिबिलिटी और राइडिंग सुविधा के लिए हेलमेट में हाई-क्वालिटी पॉली कार्बोनेट वाइजर दिया गया है जिस पर एंटी-स्क्रैच कोटिंग है। इसमें Pinlock® 30 एंटी-फॉग लेंस भी दिया गया है जो अलग-अलग मौसम में क्लियर विजिबिलिटी देने में मदद करता है। क्या हैं बाकी फीचर्स? इस हेलमेट में डबल डी-रिंग लॉकिंग सिस्टम, विंड डिफ्लेक्टर, नोज प्रोटेक्टर, वाइजर लॉकिंग सिस्टम और क्विक-रिलीज वाइजर मैकेनिज्म जैसे कई जरूरी फीचर्स दिए गए हैं। ये राइडर की सुविधा, फिट और राइडिंग के एक्सपीरियंस को और बेहतर बनाता है। यह हेलमेट तीन साइज में उपलब्ध है- मीडियम (500mm), लार्ज (600mm) और XL (620mm)। युवाओं को पसंद आने के लिए इसके स्पार्टी ग्राफिक्स और एयरोडायनामिक डिजाइन पर फोकस किया गया है।  

बिना हेलमेट दफ्तर पहुंचे कर्मचारी तो कलेक्टर ने नहीं दी एंट्री, इंदौर में सख्ती से लागू हुआ नियम

इंदौर इंदौर में यातायात नियमों के पालन को लेकर प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। सड़क सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए कलेक्टर ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों, कर्मचारियों और आम आगंतुकों के लिए एक सख्त गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत अब कलेक्टर कार्यालय में आने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है। इन नियमों की अनदेखी करने वालों को परिसर में दाखिल नहीं होने दिया जाएगा। सुरक्षा कर्मियों को सौंपी गई जांच की कमान प्रशासन ने इस व्यवस्था को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए परिसर के सभी प्रवेश द्वारों पर मुस्तैदी बढ़ा दी है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशों के अनुसार दोपहिया वाहन से आने वाले सभी लोगों को हेलमेट लगाना होगा, वहीं चार पहिया वाहनों में सवार अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सीट बेल्ट अनिवार्य की गई है। मुख्य द्वारों पर तैनात सुरक्षा कर्मचारियों को स्पष्ट कहा गया है कि वे नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को अंदर प्रवेश न करने दें। सड़क सुरक्षा और जन-जागरूकता का संदेश इस पहल का मुख्य उद्देश्य केवल शासकीय परिसर में अनुशासन बनाए रखना नहीं है, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के जरिए समाज को एक सकारात्मक संदेश देना भी है। प्रशासन का मानना है कि जब जिम्मेदार अधिकारी स्वयं यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करेंगे, तो इससे आम जनता में भी सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ेगी और लोग नियमों के प्रति सजग होंगे। 

जागरूकता अभियान: एसपी ने वितरित किए हेलमेट, रैली को दिखाई हरी झंडी

बड़वानी  सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और आमजन को सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल के नेतृत्व में हेलमेट जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के महत्व से अवगत कराते हुए हेलमेट वितरित किए गए। कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक मौतें बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाने के कारण होती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए बड़वानी एसपी पद्मविलोचन शुक्ल ने शहर के विभिन्न अस्पताल संचालकों के सहयोग से हेलमेट वितरण कराया। कोतवाली थाना बड़वानी में आयोजित इस कार्यक्रम में सहयोग देने वाले हॉस्पिटल संचालकों का सम्मान भी किया गया। साथ ही एसपी शुक्ल ने घोषणा की कि 1 अप्रैल से जिले के सभी पुलिस कर्मियों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य किया गया है, ताकि पुलिस स्वयं नियमों का पालन कर आमजन के लिए उदाहरण प्रस्तुत कर सके। अभियान के अंतर्गत एसपी द्वारा हेलमेट रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जिसमें पुलिस बल और नागरिकों ने भाग लेकर यातायात नियमों के पालन का संदेश दिया।

जागरूकता के लिए क्रिएटिव कदम, इंदौर में वेस्ट मटेरियल से बनाया विशाल हेलमेट

इंदौर वाहन चालकों को हेलमेट के प्रति जागरूक करने के लिए इंदौर की ट्रैफिक पुलिस द्वारा रोजाना अलग-अलग तरह के जतन किए जा रहे हैं. जहां इंदौर के विभिन्न चौराहों पर पुलिस द्वारा हेलमेट नहीं लगाने वाले वाहन चालकों पर चालानी कार्रवाई की जा रही है. वहीं दूसरी ओर हेलमेट के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान भी चलाया जा रहा है. इसी कड़ी में अब इंदौर पुलिस द्वारा वेस्ट मटेरियल के माध्यम से हेलमेट बनाए गए हैं. जिसे लेकर पुलिस जनता को जागरूक कर रही है. वेस्ट मटेरियल से बनाया हेलमेट इंदौर पुलिस हेलमेट के प्रति वाहन चालकों को जागरूक करने के लिए रोजाना अलग-अलग तरह के अभियान चला रही है. इसी कड़ी में इंदौर की ट्रैफिक पुलिस ने तकरीबन 6 से 7 फीट ऊंचा एक हेलमेट बनाया है. इस हेलमेट की खासियत यह है कि इसे वेस्ट मटेरियल के माध्यम से तैयार किया गया है. इसे बनाने के लिए वेस्ट मटेरियल में मुख्य रूप से कार और बाइक में से निकले हुए विभिन्न तरह के उपकरणों का प्रयोग किया गया है. इसे बनाने में तीन से चार लोगों की टीम के द्वारा दो से तीन सप्ताह में बनाया गया है. चौराहों पर लगाया जाएगा हेलमेट इसे पूरी तरीके से हेलमेट की तरह बनाया गया है, फिलहाल इस वेस्ट मटेरियल से तैयार हेलमेट को इंदौर के पलासिया चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस द्वारा हेलमेट के प्रति वाहन चालकों को जागरूक करने के लिए रखा गया है. आने वाले दिनों में इसे अन्य चौराहों पर भी लगाया जाएगा. वाहन चालकों को इसके माध्यम से भी हेलमेट लगाने के प्रति जागरूक किया जाएगा. इंदौर ट्रैफिक पुलिस का अनूठा प्रयास इंदौर में पुलिस हेलमेट के प्रति वाहन चालकों को जागरूक करने के लिए रोज चालानी कार्रवाई करने के साथ ही उन्हें जागरूक करने के लिए अभियान चला रही है. इसी कड़ी में इंदौर की ट्रैफिक पुलिस के द्वारा इस तरह का अनूठा प्रयास किया है. इंदौर की ट्रैफिक पुलिस के इस तरह के प्रयास करने से अब वाहन चालक हेलमेट के प्रति कितने जागरूक होते हैं यह देखने लायक रहेगा.

हेलमेट बिना घर से बाहर निकले तो भुगतना पड़ेगा चालान, नया नियम लागू

भोपाल   दोपहिया वाहन लेकर घर से निकल रहे हैं तो हेलमेट जरूर पहन लें। कार साथ है तो दस्तावेज व सीट बेल्ट लगाना न भूलें। आपको मुख्यमार्ग पर ट्रैफिक जवान मिल सकते हैं। चालान भी काटा जा सकता है। तेज रफ्तार वाहन से बढ़ती सड़क दुर्घटना रोकने ट्रैफिक पुलिस ने चालान की राह पकड़ी है। 460 ट्रैफिक जवानों को सड़क पर उतारा बता दें कि प्रशासन ने 460 ट्रैफिक जवानों को उतारा गया। 16 पॉइंट पर तेज रफ्तार वाहनों की धरपकड़ की गई। बीते मंगलवार को तेज रफ्तार, बिना हेलमेट वाहन चलाने, रेड लाइन क्रॉस करने वाले वाह चालको पर एक लाख 35 हजार रुपए के चालान बनाए गए हैं।  समीक्षा के बाद सख्ती एक महीने में शहर में हुए सड़क हादसों और व्यस्त चौराहों पर जाम की स्थिति को देखते हुए यह विशेष अभियान चलाया गया। दिनभर चली कार्रवाई में दो हजार से अधिक वाहनों के चालान काटे गए, जिनसे 60 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। नए के साथ पुराने शहर में कई पॉइंट पर चेकिंग ट्रैफिक पुलिस ने एमपी नगर, बोर्ड ऑफिस चौराहे, चेतक ब्रिज, रोशनपुरा, न्यू मार्केट, लालघाटी, कोलार, करोंद, मिसरोद और अयोध्या बायपास जैसे प्रमुख मार्गों पर चेकिंग की। इस दौरान बिना हेलमेट दोपहिया चलाने वालों पर विशेष नजर रखी गई। पुलिस टीम ने उल्टी दिशा में वाहन चलाने, सीट बेल्ट नहीं लगाने, ब्लैक फिल्म और तेज रफ्तार के मामलों में भी चालान किए। शहर में सड़क हादसों की संख्या कम करना प्राथमिकता शहर में सड़क हादसों की संख्या को कम करना हमारी प्राथमिकता है। हेलमेट और सीट बेल्ट आपकी सुरक्षा के लिए हैं। यह अभियान जारी रहेगा। लोगों से अपील है कि घर से निकलते समय ट्रैफिक नियमों का पालन करें और हेलमेट जरूर पहनें। आने वाले दिनों में नियम तोडऩे वालों पर और सख्ती की जाएगी। -बसंत कौल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त यातायात

बहुत बड़ी कार्रवाई, हेलमेट न पहनने पर पुलिस आरक्षक को SP ने सस्पेंड किया

बालाघाट  मध्य प्रदेश के बालाघाट से एक बड़ी खबर सामने आई है। हेलमेट न पहनने पर पुलिस आरक्षक पर बहुत सख्त एक्शन लिया गया है। हेलमेट न लगाने पर कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है। इस कार्रवाई से हड़कंप है। आरक्षक ईश्वरदयाल कोल्हे का बिना हेलमेट पहने वीडियो हुआ था वायरल दरअसल आरक्षक ईश्वरदयाल कोल्हे का बिना हेलमेट के सरकारी दो पहिया वाहन चलाते  हुए वीडियो वायरल हुआ था। एसपी आदित्य मिश्रा ने इसे बड़ी लापरवाही मानते हुए ये कठोर एक्शन लिया है। बालाघाट में पुलिस के आरक्षक के खिलाफ हेलमेट न लगाने के कारण ये बड़ी कार्रवाई हुई है। एसपी आदित्य मिश्रा का बड़ा एक्शन आरक्षक का वर्दी में बिना हेलमेट के बाइक चलाने का वीडियो वायरल होने के बाद बालाघाट एसपी ने आरक्षक को सस्पेंड कर दिया है।आरक्षक ईश्वरदयाल कोल्हे वर्दी में बिना हेलमेट पहने शासकीय दो पहिया वाहन चलाते हुए कैमरे में कैद हो गए थे। आरक्षक के कृत्य से पुलिस की छवि धूमिल हुई-SP इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस पर कानून को लेकर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे थे। जिस पर कार्रवाई करते हुए आरक्षक को निलंबित करने का आदेश जारी किया गया है। आदेश में कहा गया है कि आरक्षक के इस कृत्य से पुलिस की छवि धूमिल हुई है, इसलिए आरक्षक ईश्वरदयाल कोल्हे  को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। आपको बता दें कि  मध्यप्रदेश में इन दिनों हेलमेट न लगाने पर पुलिस अभियान चला रही है, लगातार ऐसे लोगों पर चालानी कार्रवाई की जा रही है जो नियमों को तोड़ रहे हैं। लिहाजा आरक्षक को  सस्पेंड करके बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। SP आदित्य मिश्रा फुल एक्शन में हैं, और नियमों का उल्लंघन करने वालों को सबक सिखा रहे है। इससे पहले हेलमेट चैकिंग अभियान के दौरान आदित्य मिश्रा ने पूर्व विधायक उमाशंकर मुंजारे की बाइक को रोका था और पूर्व विधायक का 2300 रुपये का चालान काटा था। एसपी आदित्य मिश्रा सिंघम मूड में हैं और कानून को तोड़ने वालों को सीधा संदेश दे रहे हैं।

तीसरी बार चालान का झटका – भोपाल में हेलमेट की अनदेखी अब महंगी पड़ सकती है

भोपाल सड़कों पर लोगों के चालान काट खुद नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले पुलिसकर्मियों को यातायात सुरक्षा नियमों की अनदेखी अब बहुत भारी पड़ेगी। पुलिस प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (पीटीआरआई) ने पुलिसकर्मियों को दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य किया है। नए निर्देशों में कहा गया है कि दो बार से अधिक बिना हेलमेट किसी पुलिसकर्मी का चालान हुआ तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। बात यहीं तक नहीं है। नये आदेशों में यह भी है कि इस कार्रवाई के बाद भी पुलिसकर्मी यातायात सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने से बाज नहीं आए तो उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी होगी। यानी इस मनमानी से उनकी नौकरी पर भी आंच आ सकती है। पीटीआरआई के इस निर्देश के बाद पूरे प्रदेश की पुलिस में हलचल मच गई है। भोपाल में ही अब तक 100 से अधिक पुलिसकर्मियों के चालान बनाए जा चुके हैं। इनमें अधिकतर ऐसे हैं जो बिना हेलमेट ड्यूटी पर या निजी काम से दोपहिया वाहन लेकर निकले थे। कई मामलों में तो पुलिसकर्मी खुद ट्रैफिक सिग्नल तोड़ते या मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाते हुए पकड़े गए।   पीटीआरआई ने सभी जिला पुलिस के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों पर नियमित निगरानी रखें और यदि कोई नियमों की अनदेखी करता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई करें। यह भी कहा गया है कि सड़क पर पुलिसकर्मी आम जनता के सामने अनुशासन और जिम्मेदारी का प्रतीक होते हैं, ऐसे में उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे खुद ट्रैफिक नियमों का पालन कर उदाहरण प्रस्तुत करें। अधिकारियों का कहना है कि इस सख्ती का मकसद केवल अनुशासन बनाना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति पुलिसकर्मियों में जागरूकता बढ़ाना भी है। अगर पुलिस ही नियमों को तोड़ेगी तो जनता से पालन की उम्मीद कैसे की जा सकती है? इस तरह पकड़ में आएगी खाकी की बदमाशी चालानी कार्रवाई के दौरान पुलिस नाम और मोबाइल नंबर का ब्यौरा लेती है। जिस-जिस व्यक्ति का चालान बनता है, उसका रिकॉर्ड जिला पुलिस के पास दर्ज होता है। एक निश्चित समय के बाद जिला पुलिस देखेगी कि कितने पुलिसकर्मियों पर लगातार हेलमेट नहीं पहनने को लेकर कार्रवाई हुई है। उनका डाटा तैयार किया जाएगा और फिर दो बार से अधिक उल्लंघन करने वालों के लाइसेंस निरस्त करने का प्रस्ताव तैयार होगा। पुलिस को समाज के आदर्श के रूप में देखा जाता है। नए आदेश के जरिए पुलिसकर्मियों में हेलमेट के प्रति अनुशासन बढ़ाने का प्रयास है। यदि वे लगातार उल्लंघन करते पाए जाते हैं तो कार्रवाई होगी। शाहिद अवसार, एआईजी, पीटीआरआई।

अब इंदौर में बिना हेलमेट भी मिलेगा पेट्रोल, कलेक्टर बोले – सख्ती नहीं, समझदारी जरूरी

इंदौर क्लीन सिटी इंदौर में अब हेलमेट पहनकर गाड़ियों में पेट्रोल डलवाना जरूरी नहीं है, बल्कि हेलमेट को लेकर जागरूकता ज्यादा जरूरी है. इसी तरह के एक आदेश के बाद क्लीन सिटी इंदौर में अब हेलमेट लगाना स्वैच्छिक कर दिया गया है. बीते 1 अगस्त को इंदौर जिला प्रशासन ने दुपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट लगाना जरूरी किया था. इस आदेश को वर्तमान कलेक्टर शिवम वर्मा ने जारी रखने से इनकार कर दिया है. पूर्व कलेक्टर ने अनिवार्य किया था हेलमेट इंदौर में आए दिन होने वाले टू व्हीलर गाड़ियों के एक्सीडेंट में लोगों की सर पर चोट लगने से मौत एक बड़ी वजह है. लिहाजा पूर्व कलेक्टर आशीष सिंह ने पिछले महीने एक आदेश निकालकर शहर में दुपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट लगाना अनिवार्य किया था. इतना ही नहीं बिना हेलमेट के पेट्रोल पंपों पर वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं देने के भी आदेश दिए थे. नए कलेक्टर ने स्वैच्छिक किया हेलमेट लगाना उस दौरान इसी आदेश के उल्लंघन के कारण कई पेट्रोल पंप को सील भी किया गया था. 1 अक्टूबर को फिर इस आदेश को सुचारू रखने के लिए नया आदेश किया जाना था, लेकिन वर्तमान कलेक्टर शिवम वर्मा ने उसे सुचारू नहीं रखते हुए शहर में हेलमेट लगाना एक बार फिर स्वैच्छिक कर दिया है. इतना ही नहीं अब बिना हेलमेट के भी वाहन चालक पेट्रोल पंपों पर अपने वाहनों में पेट्रोल डलवा पाएंगे. हालांकि नए कलेक्टर के इस फैसले से शहर के उन वाहन चालकों ने राहत की सांस ली है जिन्हें ट्रैफिक पुलिस द्वारा हेलमेट के नाम पर लगातार परेशान किया जा रहा था. पेट्रोल डलवाने के लिए भी पहनना पड़ता था हेलमेट वहीं, वाहनों में पेट्रोल डलवाने के लिए भी लोगों को हेलमेट लेकर पेट्रोल पंप पर पहुंचना पड़ता था. इधर इस आदेश को सुचारू नहीं रखने के पीछे एक बड़ा कारण यह भी है कि अधिकांश वाहन चालक पेट्रोल डलवाते समय ही हेलमेट लगा रहे थे. जबकि वाहन चलाते समय हेलमेट लगाने वाले लोगों की संख्या में कोई खास वृद्धि नहीं हुई थी. इधर इस आदेश का स्थानीय भाजपा नेताओं ने भी विरोध किया था. मध्य प्रदेश में सड़क हादसों में इंदौर अव्वल लोगों को हेलमेट न लगाना पड़े इसको लेकर एक जनहित याचिका भी कोर्ट में प्रस्तुत की थी, लेकिन कोर्ट से भी हेलमेट लगाने संबंधी फैसले पर लोगों को राहत नहीं मिल पाई थी. अब जबकि खुद जिला प्रशासन ने ही अपने आदेश को सुचारू नहीं रखा तो पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट के पेट्रोल दिए जाने की पुरानी व्यवस्था फिर शुरू हो गई है. एक्सीडेंट के मामले में इंदौर पहले नंबर पर है, जहां पिछले साल ही करीब 6075 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं जो तुलनात्मक रूप से भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर से सर्वाधिक थी. इन दुर्घटनाओं में अधिकांश वाहन चालक टू व्हीलर थे, जो हेलमेट नहीं लगाए थे.  

सड़क सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला: बिना हेलमेट दोपहिया चालकों को नहीं मिलेगा पेट्रोल और शराब

बालोद जिले में बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चालकों को न तो पेट्रोल पंपों में पेट्रोल मिलेगा, और न ही शराब दुकानों में शराब. सड़क दुर्घटनाओं में हो रही जनहानि को रोकने के लिए बालोद जिला एवं पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है. कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा एवं पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल ने आज संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिले के पेट्रोल पंप संचालकों एवं दोपहिया वाहन विक्रेताओं की बैठक लेकर इस संबंध में आवश्यक दिशानिर्देश दिए हैं. कलेक्टर मिश्रा ने कहा कि प्रत्येक नागरिकों की जीवन की सुरक्षा करना हम सभी की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. इस अभियान को सफल बनाने में पेट्रोल पंप संचालकों एवं दोपहिया वाहन विक्रेताओं को महत्वपूर्ण कड़ी मानते हुए, उन्हें जनहित के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है. इसके अलावा कलेक्टर मिश्रा ने जिले के दोपहिया वाहन विक्रेताओं को उनके दुकानों से दोपहिया वाहन खरीदने वाले ग्राहकों को दोपहिया वाहन के साथ साथ अनिवार्य रूप से हेलमेट भी प्रदान करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को परिवहन विभाग से समन्वय स्थापित कर पेट्रोल पंप के समीप आईएसआई मार्क वाले हेलमेट दुकान प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए. मिश्रा ने जिला परिवहन अधिकारी को इस संबंध में शीघ्र जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए. कलेक्टर मिश्रा ने संयुक्त जिला कार्यालय परिसर स्थित कलेक्टोरेट एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय तथा जिला पंचायत एवं रक्षित आरक्षी केन्द्र में दोपहिया वाहन से कार्यालय आने वाले सभी अधिकारी, कर्मचारियों के लिए भी हेलमेट का उपयोग सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं. इस कार्य को सुनिश्चित कराने हेतु उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्धारित स्थानों पर पुलिस के जवानों की तैनातगी भी कराने के निर्देश दिए हैं. कलेक्टर ने दोपहिया वाहन के माध्यम से बिना हेलमेट पहने कार्यालय आने वाले तथा नियमों का अवहेलना करने वाले अधिकारी कर्मचारियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए. इसके अलावा उन्होंने बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन के माध्यम से शासकीय कार्यालयों में आने वाले आम नागरिकों के विरूद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. बैठक में सर्वसम्मति से जिले के शासकीय शराब दुकानों में दोपहिया वाहन के माध्यम से बिना हेलमेट पहने शराब खरीदी के लिए आने वाले लोगों को भी शराब की बिक्री नहीं करने का निर्णय लिया गया. उन्होंने कहा कि जान है तो जहान है इसलिए शराब दुकानों में भी दोपहिया वाहन में बिना हेलमेट पहने आने वाले लोगों को शराब की बिक्री प्रतिबंधित करना अत्यंत आवश्यक है. कलेक्टर मिश्रा ने जिला आबकारी अधिकारी को इस संबंध में आदेश जारी कर इसका शतप्रतिशत पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं. कलेक्टर ने इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने हेतु नियमित रूप से पुलिस बल के द्वारा पेट्रोलिंग कराने तथा निर्धारित स्थलों पर पुलिस जवानों की भी ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए. मिश्रा ने जिला आबकारी अधिकारी को परिवहन विभाग से समन्वय स्थापित कर शराब दुकानों के समीप आईएसआई मार्क वाले हेलमेट दुकान प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए.

इंदौर में बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं मिलेगा, हाईकोर्ट ने भी लगाई मुहर, नहीं होगा बदलाव

इंदौर  नो हेलमेट, नो पेट्रोल का नियम इंदौर में लागू रहेगा। हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। साथ ही इस नियम को लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया है। कलेक्टर के आदेश के बाद इंदौर में लागू इस नियम के खिलाफ हाईकोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई थी। इंदौर के बाद भोपाल और जबलपुर में भी नियम लागू हो गया है कि बिना हेलमेट के पेट्रोल नहीं मिलेगा। हाईकोर्ट ने नियम को सही ठहराया वहीं, हाईकोर्ट ने इस नियम को सही ठहराया है। इंदौर बेंच ने कहा कि यह नियम लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी है। कोर्ट ने कहा कि यह नियम सही है। याचिकाकर्ताओं ने कहा था कि यह नियम सही नहीं है। इसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया है। एक अगस्त से इंदौर में नियम लागू इंदौर में यह नियम एक अगस्त से लागू किया है। कलेक्टर आशीष सिंह के बाद यह आदेश लागू किया है। हाईकोर्ट में आदेश के बाद दो जनहित याचिकाएं लगाई थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि इस नियम से लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि शहर के बीच में हेलमेट की जरूरत नहीं है क्योंकि वहां ट्रैफिक धीमा रहता है। सारे तर्क को खारिज कर दिया वहीं, याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में कई तर्क दिए हैं। उनलोगों ने कहा कि बिना हेलमेट के पेट्रोल नहीं देना सही नहीं है। साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट में भी ऐसा कोई नियम नहीं है। शहर में ट्रैफिक बहुत ज्यादा है। गाड़ियां धीरे चलती हैं। शहर में कई बाइक पर पांच-पाच लोग सवार रहते हैं। पुलिस को उनका चालान काटना चाहिए। पुलिस भी हेलमेट नहीं लगाती है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि सरकारी विभागों में हेलमेट का नियम शुरू हो गया है। यह तो अस्थायी ऑर्डर है। हाईकोर्ट भी अपने कर्मचारियों के लिए ऐसा नियम लागू करेगा। कोर्ट में भी बिना हेलमेट की एंट्री नहीं होगी।