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रक्षाबंधन पर मिठाइयों में मिलावट की आशंका, फूड सेफ्टी टीम अलर्ट लेकिन रिपोर्ट फंसी

ग्वालियर  भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का पर्व रक्षाबंधन नजदीक आते ही शहर की मिठाइयों की दुकानों पर मिठाई बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। लेकिन इस मिठास में कहीं मिलावट का जहर न घुल जाए, इसे लेकर खाद्य एवं औषधि विभाग ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। पिछले सालों में त्योहारों पर मिलावटी मावा, नकली घी और अशुद्ध दूध की आपूर्ति के कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे पहले से ही सख्त नजर रखी जा रही है, लेकिन सैंपल रिपोर्ट समय पर नहीं आने से कार्रवाई महज औपचारिकता लग रही है। जांच के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमें सक्रिय रक्षाबंधन से पहले बाजार में बिकने वाले मावा, खोया, दूध, मिठाई, घी व तेल की गुणवत्ता की जांच के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमें सक्रिय हैं। संदिग्ध दुकानों से नमूने लेकर भोपाल लैब भेजे जा रहे हैं, और बिना लाइसेंस व लेबलिंग वाले उत्पादों की बिक्री पर सख्ती की जा रही है, लेकिन शहर में फूड लैब शुरू नहीं होने से सख्ती बेअसर नजर आती है, क्योंकि सैंपल की जांच समय पर नहीं हो पा रही है। मिलावट का खतरा सबसे अधिक मावा व मिठाई में गर्म मौसम और बढ़ी हुई मांग को देखते हुए सबसे अधिक मिलावट मावा और मिठाइयों में होने की आशंका है। कई मामलों में स्टार्च, सिंथेटिक दूध, वनस्पति फैट और रासायनिक रंग का उपयोग कर नकली मिठाइयां तैयार की जाती हैं, जो लीवर, किडनी और आंतों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। पिछली कार्रवाई बनी चेतावनी     – अप्रैल 2024 में खाद्य विभाग ने मुरैना ले जाए जा रहे 4,780 किलो मिलावटी मावा को जब्त किया था।     – एक मसाला फैक्ट्री में 100 किलो लकड़ी का बुरादा और रंग बरामद हुआ था, जिसे मसालों में मिलाया जा रहा था।     – दिसंबर में नकली घी बनाने वाली फैक्ट्री भी पकड़ी गई, जहां दूध की जगह केमिकल बेस का उपयोग हो रहा था। इन कार्रवाइयों के बाद 18 दुकानों के लाइसेंस भी रद्द किए जा चुके हैं, जिससे मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है। त्यौहार से पहले शहर में निगरानी तेज –     कलेक्टर डा. रुचिका चौहान के निर्देश पर फ्लाइंग स्क्वाड और स्थानीय प्रशासन की टीमें दुकानों, मिठाई कारखानों, डेयरियों व थोक बाजारों में सघन निरीक्षण कर रही हैं।     खाद्य अधिकारी डा. संतोष शर्मा के मुताबिक जो भी प्रतिष्ठान मिलावटी सामग्री बेचते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ FSSAI अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। उपभोक्ताओं को सलाह     चमकदार, अत्यधिक रंगीन मिठाईयों से बचें ।     बिना ब्रांड, बिना पैकेजिंग व बिना बिल के खरीदारी न करें।     घर पर दूध, मावा की शुद्धता की जांच के लिए FSSAI द्वारा बताए गए घरेलू परीक्षण अपनाएं।  

योगी सरकार की सख्ती जारी, दालमंडी के अतिक्रमण चिन्हित; कार्रवाई की तैयारी

वाराणसी  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  दो दिवसीय वाराणसी दौरे पर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने कानून व्यवस्था और विकास परियोजनाओं को लेकर अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें उन्होंने कई आवश्यक दिशा निर्देश दिया हैं. इसमें सबसे प्रमुख  वाराणसी के चर्चित दाल मंडी बाजार को लेकर सीएम योगी ने स्पष्ट कर दिया है कि बारिश के बाद सड़क चौड़ीकरण कार्य को शुरू किया जाए. इसके अलावा उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फेक अकाउंट बनाकर माहौल खराब करने वालों पर भी पैनी नजर रखने के साथ-साथ सख़्ती से निपटने का आदेश दिया है. बारिश के बाद शुरू होगा दालमंडी का चौड़ीकरण कार्य वाराणसी के सर्किट हाउस में पुलिस अधिकारियों और जिला प्रशासन के साथ बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि अराजकता फैलाने वाले और कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले अराजक तत्वों को चिन्हित करके कड़ी कार्रवाई की जाए. इसके अलावा वाराणसी के सबसे बड़े थोक मार्केट दालमंडी पर होने वाले चौड़ीकरण कार्य को लेकर सीएम योगी ने दिशा निर्देश देते हुए कहा है कि – दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण कार्य को बारिश के बाद तत्काल शुरू किया जाए. दालमंडी चौड़ीकरण अभियान काफी सुर्खियों में रहा है. दरअसल यहां पर सैकड़ो ऐसे दुकान मकान और धार्मिक स्थल हैं जो इस अभियान के जद में आ सकते हैं.  माहौल बिगड़ता वालों को किसी भी हाल में बख्शा न जाए – सीएम योगी अधिकारियों संग बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ ने यह भी स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फेक अकाउंट बनाकर माहौल खराब करने वालों पर पैनी नजर रखी जाए और उनसे पूरी तरह सख्ती से निपटा जाए. जातिगत विषय आधारित मुद्दों पर अराजकता फैलाने वाले, कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले अराजक तत्वों को चिन्हित करके कठोर कार्रवाई के लिए सीएम योगी ने दिशा निर्देश दिया है. इसके अलावा विकास परियोजनाओं को लेकर भी स्पष्ट किया कि 24 बड़ी परियोजनाएं गतिमान है जिनकी कीमत लगभग 15000 करोड रुपए है. वाराणसी के सभी परियोजनाओं को समय से पूरा करने के लिए निर्देश दिया है.  

सुगम परिवहन सेवा का नया ढांचा तैयार, मुख्यमंत्री होंगे राज्य स्तरीय कंपनी के अध्यक्ष

भोपाल प्रदेश में नगर वाहन सेवा समेत अंतरशहरी बस सेवा को सुगम बनाने के लिये मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा प्रदेश में जल्द ही शुरू किये जाने के प्रयास परिवहन विभाग द्वारा किये जा रहे है। इसके लिये प्रदेश में राज्य स्तरीय कम्पनी के साथ 7 सहायक कंपनियां गठित की गई हैं। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना को राज्य शासन द्वारा अप्रैल 2025 में स्वीकृति दी जा चुकी है। कंपनियों का गठन प्रदेश में राज्य स्तरीय कंपनी मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड कंपनी का गठन रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी एक्ट में 3 जुलाई 2025 को पंजीयन के साथ हो गया है। मुख्यमंत्री राज्य स्तरीय कंपनी के अध्यक्ष होंगे। परिवहन मंत्री एवं मुख्य सचिव उपाध्यक्ष होंगे। राज्य स्तरीय कंपनी के अधीन राज्य शासन के द्वारा लिये गये निर्णयों के अनुसार 7 सहायक कंपनी सम्पूर्ण प्रदेश में रहेगी। वर्तमान में इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, रीवा और ग्वालियर में कार्य कर रही सिटी बस कंपनी के शेयर होल्डिंग में परिवर्तन करते हुए इन सातों शहरों की नवगठित कंपनिया बनाई गई है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत सभी संभागों में वैज्ञानिक पद्धति से ट्रैफिक सर्वे करते हुए नये सिरे से नवीन बस रूट निर्धारण और इन रूट्स पर बस फ्रिक्वेंसी के निर्धारण कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस क्रम में उज्जैन एवं इंदौर संभाग का ट्रैफिक सर्वे और रूट निर्धारण का कार्य अंतिम चरण में है। जबलपुर एवं सागर संभाग में सर्वे कार्य जारी है। इसके बाद भोपाल, नर्मदापुरम, रीवा, शहडोल, ग्वालियर तथा चंबल संभाग के रूट्स सर्वेक्षण का कार्य भी किया जाएगा। अधोसंरचना का कार्य पीपीपी मॉडल पर होगा मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा में वर्तमान निजी बस ऑपरेटर्स को पारदर्शी प्रक्रिया के साथ शासन नियंत्रित बस कंपनी द्वारा अनुबंधित कर कंपनी के सुपरविजन में बस संचालित होंगी। इस योजना में प्रत्येक जिले में बस डिपो, अत्याधुनिक बस स्टेंड और बस स्टॉप का निर्माण पीपीपी (पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशीप) मॉडल में किया जाएगा। उज्जैन एवं इंदौर रूट सर्वे कार्य अंतिम चरण होने से इन बस कंपनी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिलेवार बस ऑपरेटर्स से सलाह कर रूट निर्धारण के संबंध में आवश्यक सलाह मशविरा कर सकेंगे। संदीप सोनी को अतिरिक्त प्रभार उज्जैन सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड के सीईओ का अतिरिक्त प्रभार संदीप सोनी को सौपा गया है। संदीप सोनी वर्तमान में मुख्य कार्यपालन अधिकारी उज्जैन प्राधिकरण भी हैं। क्षेत्रीय सहायक कम्पनी प्रदेश की 7 क्षेत्रीय सहायक कम्पनी अपनी क्षेत्राधिकार के जिलों में सिटी बस सेवा और अंतरशहरी बस सेवा के संचालन की जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगी। प्रदेश में लम्बे समय से शहरी और अंतरशहरी बस सेवा की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इन बस सेवाओं में इस बात का ख्याल रखा जाएगा कि यात्रियों को आरामदायक, सुरक्षित और किफायती दर पर निर्धारित समय पर बस सेवा उपलब्ध हो सकें।  

महाकाल की सवारी में उमड़ेगा आस्था और कला का संगम, उमा-महेश की झलक और जनजातीय नृत्य का समावेश

उज्जैन  श्री महाकालेश्वर मंदिर से सावन महीने की चौथी सवारी सोमवार, 4 अगस्त को निकलेगी। इस बार भगवान महाकाल की पालकी के साथ नंदी रथ पर भगवान श्री उमा-महेश की प्रतिमा भी शामिल की जाएगी। चौथी सवारी की थीम मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आधारित होगी। सवारी शाम 4 बजे निकलेगी भगवान महाकाल की यह सवारी शाम 4 बजे मंदिर से निकलेगी। भगवान श्री चंद्रमौलेश्वर पालकी में विराजेंगे, श्री मनमहेश हाथी पर और श्री शिव-तांडव गरुड़ रथ पर होंगे। भगवान का पूजन-अर्चन मंदिर में किया जाएगा, फिर पालकी नगर भ्रमण पर रवाना होगी। मंदिर के बाहर पुलिस जवान भगवान को सलामी देंगे। सवारी के साथ घुड़सवार पुलिस, होमगार्ड, भजन मंडली, झांझ मंडली और पुलिस बैंड भी चलेगा। इन मार्गो से निकलेगी सवारी सवारी महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी से होती हुई रामघाट पहुंचेगी। वहाँ भगवान का शिप्रा नदी के जल से अभिषेक होगा। इसके बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार होते हुए वापस महाकाल मंदिर पहुंचेगी। पर्यटन पर आधारित झांकियां रहेगी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुसार, इस बार की सवारी में मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों की झांकियां भी शामिल रहेंगी।     वन्यजीव पर्यटन: कान्हा, पेंच, रातापानी और पन्ना टाइगर रिजर्व की झांकियां     धार्मिक पर्यटन: उज्जैन के सांदीपनि आश्रम और ओंकारेश्वर का एकात्मधाम     ऐतिहासिक स्थल: ग्वालियर और चंदेरी के किले, खजुराहो के मंदिर     ग्रामीण पर्यटन: ओरछा में होम स्टे और मंदिर की झांकी चार जनजातीय और लोक नृत्य दल सवारी में प्रस्तुति देंगे।     धार से भगोरिया नृत्य– मनीष सिसोदिया के नेतृत्व में     छिंदवाड़ा से भड़म नृत्य– मोजीलाल डाडोलिया     उज्जैन से मटकी नृत्य- कृष्णा वर्मा के नेतृत्व में     सिवनी से सैला नृत्य- राहुल धुर्वे के नेतृत्व में  

प्रधानमंत्री की पहल का असर: बस्तर में पहुंची नई रेलसेवा, CM ने किया उद्घाटन

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने आज राजधानी रायपुर रेलवे स्टेशन से रायपुर-जबलपुर नई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और नई सेवा के लिए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी। शुभारंभ के खास मौके पर गुजरात के भावनगर में आयोजित मुख्य समारोह से केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और मनसुख मांडविया तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअली उपस्थित रहे। मुख्य समारोह में रीवा-पुणे (हड़पसर) एक्सप्रेस एवं भावनगर टर्मिनस-अयोध्या एक्सप्रेस का भी रीवा एवं भावनगर से शुभारंभ किया गया।  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की विशेष पहल से आज तीन नई ट्रेन सेवाओं का शुभारंभ हुआ है और इसमें छत्तीसगढ़ को भी रायपुर-जबलपुर नई ट्रेन सेवा की बड़ी सौगात मिली है। उन्होंने नई रेल सेवा के लिए प्रदेश की 3 करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में छत्तीसगढ़ का रेल का बजट 21 गुना बढ़ा है और इस साल 6 हजार 900 करोड़ की राशि मिली है। श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 47 हजार करोड़ रुपए से अधिक की रेल परियोजनाएं संचालित है, जो छत्तीसगढ़ में रेलवे नेटवर्क और यात्री सुविधाओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों को 680 करोड़  की लागत से सर्वसुविधायुक्त बनाने के साथ ही पूरा कायाकल्प जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा बस्तर क्षेत्र नक्सलवाद से पीड़ित और वहां भी  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई रेल परियोजनाओं की सौगात दी है। रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना सहित अन्य महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएं भी हमारे छत्तीसगढ़ को मिली है, इसके लिए भी उन्होंने विशेष रूप से आभार जताया। श्री साय ने कहा कि रायपुर से जबलपुर के लिए वैकल्पिक रेल सेवा मिलने से पर्यटन, शैक्षणिक गतिविधियों के साथ ही व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। नई रेल सेवा मिलने से छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के आस्था और पर्यटन के प्रमुख केंद्र जैसे मां बमलेश्वरी की भूमि डोंगरगढ़ और भेड़ाघाट सीधे इन बड़े शहरों से जुड़ पाएंगे। पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने रायपुर-जबलपुर एक्सप्रेस के शुभारंभ को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह रेलसेवा  छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के बीच बेहतर संपर्क का सशक्त माध्यम बनेगी। उन्होंने बताया कि यह गाड़ी रायपुर से जबलपुर तक लगभग 410 किलोमीटर की दूरी को केवल 8 घंटे में तय करेगी। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रदेश के यात्री अब सुगमता के साथ गोंदिया, बालाघाट और जबलपुर  की यात्रा कर पाएंगे और इससे क्षेत्रीय व्यापार व पर्यटन को भी गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि 'अमृत भारत स्टेशन योजना’ के माध्यम से प्रदेश के 32 स्टेशन का पुनर्विकास हो रहा है और रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग जैसे बड़े स्टेशनों में यात्री सुविधाएं लगातार बढ़ रही है। उन्होंने नई कनेक्टिविटी के लिए बधाई देते हुए कहा कि निश्चित रूप से आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के रेलवे नेटवर्क का और अधिक सशक्त विस्तार होगा। इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक  मोतीलाल साहू, विधायक पुरंदर मिश्रा, महाप्रबंधक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे तरुण प्रकाश, डीआरएम रायपुर  दयानंद सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। गौरतलब है कि यह नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश तीन राज्यों को जोड़ रही है। यह ट्रेन रायपुर, गोंदिया और जबलपुर के बीच यात्रियों को तेज़, वैकल्पिक और सुगम मार्ग उपलब्ध कराएगी।  इस नई सेवा से यात्रियों को न केवल आरामदायक सफर मिलेगा, बल्कि व्यापार, शिक्षा और पर्यटन की दृष्टि से भी यह अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि नियमित सेवा के तहत गाड़ी संख्या 11701 रायपुर से दोपहर 2:45 बजे प्रस्थान करेगी और रात 10:45 बजे जबलपुर पहुंचेगी। वहीं, वापसी में गाड़ी संख्या 11702 जबलपुर से सुबह 6:00 बजे चलकर दोपहर 1:50 बजे रायपुर पहुंचेगी। इस ट्रेन में कुल 15 कोच होंगे, जिनमें एक एसी चेयर कार, चार चेयर कार, आठ सामान्य कोच, एक पावर कार और एक एसएलआरडी कोच शामिल हैं। यह सेवा व्यापारियों, विद्यार्थियों, पर्यटकों और दैनिक यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी होगी। रायपुर, डोंगरगढ़, बालाघाट, नैनपुर और जबलपुर जैसे शहर सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व से समृद्ध हैं। नंदनवन जूलॉजिकल पार्क, माँ बमलेश्वरी मंदिर, कान्हा नेशनल पार्क, भेड़ाघाट और धुआंधार जलप्रपात जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुँच अब और आसान हो सकेगी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने इस नई रेलसेवा की शुरुआत कर यात्रियों के लिए यात्रा को और अधिक सुलभ, सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह सेवा क्षेत्रीय संपर्क को सशक्त बनाएगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देगी।

बाघ के खौफ से दहशत : जंगल में दिखे निशान, वन विभाग ने जारी किया चेतावनी अलर्ट

रायगढ़ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बढ़ते जंगली हाथियों के बाद अब यहां के जंगलों में बाघ की धमक होने की बात सामने आई है और इसको लेकर धरमजयगढ़ वन मंडल द्वारा गांव वालों को अलर्ट करते हुए, जिस जगह बाघ आने की सूचना मिली है, आसपास के जंगलों में बाकायदा सर्चिंग की जा रही है। बाघ आने की आहट छाल के जंगलों से मिली है, जहां के ग्रामीणों ने बड़े पांव के निशान मिलने के बाद वन विभाग को सूचना दी थी। छाल के जंगलों में बाघ की धमक के बाद एक दर्जन से भी अधिक गांवों में मुनादी के जरिए गांव वालों को अलर्ट करते हुए कहा जा रहा है कि जंगलों की तरफ जाने से बचें, चूंकि हाथियों के बाद अब यहां बाघ के आने की जानकारी मिली है। वन विभाग ने कर दी पुष्टि सप्ताह भर पहले छाल से लगे गांव हाटी से लगे साम्हरसिंघा में बाघ के पदचिह्नों की जानकारी मिली और यहां बाघ के पदचिह्नों के अलावा जंगली सूअर के भी पांव के निशान मिले थे। ग्रामीणों ने जब पास के वन विभाग कर्मियों को इसकी सूचना दी तब जांच करते हुए उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि जो पंजों के निशान मिले हैं वो बाघ के ही हैं और इसकी पुष्टि होने के बाद छाल रेंज के वन कर्मियों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी। हाथी के बाद अब बाघ से दहशत रायगढ़ जिले के रायगढ़ वन मंडल एवं धरमजयगढ़ वन मंडल में पहले से ही कई दर्जन गांव में जंगली हाथियों की बढ़ती संख्या से उनके आतंक के कारण गांव के लोग दहशत में हैं और अब बाघ की धमक होने से यह दहशत और बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि हाथियों के चलते गांव के लोग पहले रतजगा करते थे और अब बाघ के आने से वे वन विभाग से सहयोग की उम्मीद करते हुए सुरक्षा के उपाय तलाश रहे हैं। इतना ही नहीं, बाघ की दहशत के चलते गांव के ग्रामीण अपने मवेशियों को जंगल भेजने से भी कतरा रहे हैं और सड़क किनारे चराते नजर आ रहे हैं। क्या कहते हैं डीएफओ रायगढ़ जिले के जंगलों में शेर की आमद के बाद वन विभाग अलर्ट मोड में है। इस संबंध में धरमजयगढ़ वन मंडल के डीएफओ जितेन्द्र कुमार उपाध्याय का कहना है कि बाघ के मूवमेंट पर लगातार निगरानी रखने के लिए 6 अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। हाल ही में इसकी पहली जानकारी छाल के जंगलों में मिले पदचिह्नों से हुई थी और अब लैलूंगा के जंगलों में भी इसके पैरों के निशान मिले हैं, जिसके कारण आसपास के गांव में मुनादी के जरिए गांव वालों को अलर्ट किया गया है। उन्होंने इस बात को माना कि जिले में लैलूंगा व छाल घने जंगल बचे हुए हैं, जिसके कारण बाघ के आने की खबर सुखद है। जिन टीमों को इसके मूवमेंट पर नज़र रखने को कहा है, उन्हें इसकी सुरक्षा के लिए भी कहा गया है। चूंकि जंगलों में बाघ के घूमने के कारण गांव में मवेशियों के शिकार की संभावना ज़्यादा है। साथ ही साथ धरमजयगढ़ वन मंडल में बहुतायत मात्रा में हाथी अलग-अलग झुंड में विचरण कर रहे हैं, इसलिए बाघ के मूवमेंट पर नज़र रखना जरूरी हो गया है।

मासूम जानवर पर दरिंदगी: कुत्तों के हमले में घायल हिरणी ने अस्पताल में तोड़ा दम

बालोद छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के दल्ली राजहरा वन परिक्षेत्र में गर्भवती हिरणी की मौत का मामला सामने आया है. हिरणी की मौत कुत्तों के हमले से घायल होने के बाद बताई जा रही है. वहीं क्षेत्रीय लोगों के अनुसार, मौत की वजह गोली लगना हो सकती है. हालांकि मौत की असली वजह का खुलासा पीएम रिपोर्ट से होगा.  वन विभाग ने बताया कि दल्ली राजहरा वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम पेण्ड्री बीट में घायल मादा हिरण मिली, जिससे कुत्तों का झुंड दौड़ा रहा था . स्थानीय लोगों की सूचना पर वन अधिकारी ने मौके पर पहुंचे और घायल हिरणी को सरकारी पशु चिकित्सालय लेकर आए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. पोस्टमार्टम में सामने आया कि मादा हिरण के पेट में बच्चा भी था. हिरणी का किया गया अंतिम संस्कार वन विभाग ने पोस्टमार्टम के बाद हिरणी का अंतिम संस्कार कर दिया. इस घटना को लेकर लोगों के बीच चर्चा है कि हिरण की मौत गोली लगने से हुई होगी. हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा कि हिरणी की असली मौत की वजह क्या है.

सट्टा किंग की गिरफ्तारी में आया मोड़, डॉग रेस्क्यू टीम ने तोड़ा खौफ का कुत्तों वाला किला

जगदलपुर  जगदलपुर के जवाहर नगर वार्ड में रहने वाले सट्टा किंग प्रेम परिहार को पकड़ने के लिए पुलिस को महीनों तक मशक्कत करनी पड़ी. वजह थी आरोपी की अनोखी 'डॉग डिफेंस' रणनीति. प्रेम परिहार ने अपने घर में चार खतरनाक कुत्ते पाल रखे थे, जिन्हें वह हर बार पुलिस को देखते ही छोड़ देता था. इन खूंखार कुत्तों के डर से कार्रवाई में बाधा आती थी. हालांकि इस बार पुलिस पूरी तैयारी के साथ पहुंची. बोधघाट थाना प्रभारी लीलाधर के नेतृत्व में टीम बनाई गई और इसी के साथ डॉग वेलफेयर-रेस्क्यू टीम भी मौजूद रही. जैसे ही पुलिस ने प्रेम परिहार के घर दबिश दी, चारों कुत्ते भौंकते हुए पुलिस पर झपटने लगे, लेकिन इस बार रेस्क्यू टीम ने मोर्चा संभाला और कुत्तों को काबू में करके पुलिस को सुरक्षित तरीके से घर के अंदर पहुंचाया. घर की तलाशी में लाखों रुपये की सट्टा पर्चियां और एक लाख 36 हजार रुपये कैश बरामद हुए. पुलिस ने आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग ने बताया कि प्रेम परिहार के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं. वह अपने घर से ही सट्टा चला रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए हर बार कुत्तों का सहारा लेता था. इस बार पुलिस ने उसकी हर चालाकी का तोड़ निकाल लिया. आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है. अतरिक्त पुलिस अधीक्षक ने कहा कि कुछ महीनों से सूचना मिल रही थी कि आरोपी घर के अंदर सट्टे का संचालन कर रहा है. उसने घर में चार खतरनाक कुत्ते भी पाल रखे हैं. पहले भी पुलिस ने रेड मारने की कोशिश की थी. वह पुलिस को आते देखकर कुत्ते छोड़ दिया करता था. इस बार पुलिस ने नई रणनीति अख्तियार की और छापा मारा.

साध्वी ने एक बार फिर विवादित बयान देकर सियासी तापमान बढ़ा दिया, बोली आतंकवाद का रंग हरा होता है

भोपाल  मालेगांव ब्लास्ट केस में बरी होने के बाद पूर्व बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर अपने गृह नगर भोपाल पहुंचीं, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया. भारत माता की जय के नारों और फूल-मालाओं के साथ समर्थकों ने उन्हें सम्मानित किया. लेकिन इस स्वागत समारोह के दौरान साध्वी ने एक बार फिर विवादित बयान देकर सियासी तापमान बढ़ा दिया. भोपाल में मीडिया से बातचीत करते हुए प्रज्ञा ठाकुर ने आतंकवाद और मुसलमानों को लेकर कहा, कौन कहता है कि आतंकवाद का कोई रंग नहीं होता? आतंकवाद का रंग हरा होता है. उन्होंने कहा हरे रंग के झंडे के नीचे आतंकवाद फैलाया जाता है. साध्वी प्रज्ञा ने कहा, ‘इन्होंने हरा रंग लेकर पहलगाम में जो कुछ किया, वो सबके सामने है. पूछ-पूछकर कहा गया कि क्या तुम हिंदू हो? और फिर कपड़े उतरवाकर परीक्षण करके मारा गया. मुसलमान आतंकवाद होता है, ये निश्चित है.’ ‘हिंदू आतंकवादी हो ही नहीं सकता…’ इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि मालेगांव केस में उन्हें 17 वर्षों तक मानसिक और शारीरिक यातनाएं दी गईं, लेकिन आखिरकार सत्य की विजय हुई. उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने हिंदुओं को हमेशा कुचला और प्रताड़ित किया है. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस ने भगवा आतंकवाद की झूठी स्क्रिप्ट रची, लेकिन वो टिक नहीं सकी. हिंदू आतंकवादी हो ही नहीं सकता, क्योंकि हिंदू तो सहिष्णु होता है. हमारा तो वसुधैव कुटुंबकम का मंत्र है.’ साध्वी प्रज्ञा ने कांग्रेस और विशेष रूप से दिग्विजय सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने विधर्मी मानसिकता को बढ़ावा दिया है और हिंदुओं को अपमानित करने की साजिश की है. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस आतंकवादियों के लिए आँसू बहाती है और हिंदुओं को प्रताड़ित करती है. दिग्विजय तो पूरी तरह दिग्भ्रमित हैं, उनका नाम ही अशुभ है.’ ‘ISI के जासूस करने वाले कौन?’ साध्वी के इस बयान पर विपक्षी दलों और मुस्लिम संगठनों की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है. ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने साध्वी के बयान को इस्लामोफोबिया से ग्रसित बताया और कहा कि आतंकवाद को किसी धर्म से जोड़ना न केवल गलत है, बल्कि समाज को बांटने वाला है. उन्होंने कहा, ‘जो अन्य धर्मों के लोग ISI के लिए जासूसी करते हुए पकड़े जाते हैं, तो क्या उन्हें हिंदू या भगवा आतंकी कहा जाता है? आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता, वे मानवता के दुश्मन होते हैं.’ वहीं कांग्रेस की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया दी गई. पार्टी के मध्य प्रदेश प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि अदालतें पहले ही यह स्पष्ट कर चुकी हैं कि आतंकवाद का कोई रंग नहीं होता. उन्होंने कहा, ‘साध्वी का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है. वह एक बार फिर समाज को बांटने की कोशिश कर रही हैं. अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि आतंकवाद किसी धर्म या रंग से नहीं जुड़ा होता.’

मुख्यमंत्री ने सावन में शिव का रूद्राभिषेक कर मांगी प्रदेशवासियों की सुख-शांति की प्रार्थना

  भक्ति, संस्कृति और समरसता का संगम: रायपुर की भव्य कांवड़ यात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सावन मास के पवित्र अवसर पर राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी क्षेत्र में आयोजित विशाल कांवड़ यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने भगवान भोलेनाथ का रूद्राभिषेक कर छत्तीसगढ़ प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज मारूति मंगलम भवन, गुढ़ियारी से हटकेश्वरनाथ महादेव मंदिर तक हजारों की संख्या में कांवड़िए जलाभिषेक हेतु रवाना हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत बनाए रखने का कार्य करता है और हमारे लोक-विश्वास की गहराई को प्रकट करता है। सावन महीने में कांवड़ यात्रा शिवभक्तों की आस्था, भक्ति और समर्पण का प्रतीक है, जिसमें श्रद्धालु कई-कई किलोमीटर पदयात्रा कर भोलेनाथ को जल अर्पित करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर के महादेव घाट स्थित भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यंत गहरा है। यहां श्रद्धालु बड़ी संख्या में जलाभिषेक हेतु एकत्र होते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती भक्ति, श्रद्धा और संस्कृति का अद्वितीय संगम है। कांवड़ यात्रा जैसी आयोजन न केवल परंपरा को सहेजते हैं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का भी संदेश देते हैं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर पश्चिम विधायक  राजेश मूणत, रायपुर दक्षिण विधायक  सुनील सोनी, रायपुर ग्रामीण विधायक  मोतीलाल साहू, रायपुर उत्तर विधायक  पुरंदर मिश्रा, पूर्व सांसद  अभिषेक सिंह और रायपुर महापौर मीनल चौबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, गणमान्य नागरिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।