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भोपाल मेट्रो का रफ्तार परीक्षण सफल, जल्द शुरू होगा टेक्निकल ट्रायल

भोपाल सुभाष नगर से एम्स तक 90 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से मेट्रो रेल को दौड़ाया जा रहा है। यह परीक्षण पिछले तीन दिन से तीन से चार घंटे तक किया जा रहा है, जिसके तहत 10 से 15 फेरे लगाए जा रहे हैं। इसी बीच एम्स, अलकापुरी और डीआरएम ऑफिस स्टेशन पर आवागमन सहित अन्य काम किए जा रहे हैं। दरअसल, आरडीएसओ (रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड आर्गेनाइजेशन) की टीम भोपाल मेट्रो की तकनीकी जांच करने इसी महीने आ सकती है। इसके लिए सभी जरूरी दस्तावेज पहले ही जमा किए जा चुके हैं। यह टीम रेलवे से जुड़ी है और लखनऊ से आएगी। इसकी अनुमति के बाद सीएमआरएस (आयुक्त मेट्रो रेल सेफ्टी) की टीम अंतिम निरीक्षण करेगी। इस टीम द्वारा रिपोर्ट मिलने के बाद ही भोपाल मेट्रो में यात्रियों की आवाजाही शुरू हो सकेगी। सितंबर तक तय की डेटलाइन बता दें कि परीक्षण के दौरान एक्सपर्ट ट्रैक, उसकी फिटनेस, अधिकतम स्पीड, सिग्नल, ब्रेकिंग सिस्टम आदि पैमाने पर जांच कर रहे हैं। मेट्रो कारपोरेशन ने सभी काम को खत्म करने की डेटलाइन सितंबर तक तय की है। इसके बाद अक्टूबर या नवंबर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मेट्रो की शुरुआत कर सकते हैं। वर्ष 2018 में शुरू हुआ था काम भोपाल में मेट्रो का पहला मार्ग एम्स से करोंद तक 16.05 किलोमीटर लंबा है। इसमें से 6.22 किमी एम्स से सुभाष नगर के बीच का काम प्रायोरिटी कारिडोर के रूप में 2018 में शुरू हुआ था। सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन तक काम पूरा सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन तक काम पूरा हो गया है। इसके आगे अलकापुरी, एम्स और डीआरएम मेट्रो स्टेशन तक ट्रैक का काम हो चुका है और मेट्रो यहां तक पहुंच चुकी है। वहीं, दोनों स्टील ब्रिज की लोड टेस्टिंग भी की जा चुकी है। तीन अक्टूबर 2023 को भोपाल में पहली बार मेट्रो ट्रैक पर दौड़ी थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुभाषनगर से रानी कमलापति स्टेशन तक मेट्रो में सफर किया था। इसके बाद से ही लगातार परीक्षण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज करेंगे नवीन विधायक विश्राम-गृह का भूमि-पूजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य एवं विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में आज प्रातः 10:30 बजे विधायक विश्राम गृह खण्ड-क्र.-1 के सामने, विधायक विश्राम गृह परिसर भोपाल में नवीन विधायक विश्राम गृह निर्माण कार्य का भूमि-पूजन होगा। कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय और लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह भी शामिल होंगे। लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने रविवार को भूमि-पूजन स्थल का निरीक्षण किया और भूमि-पूजन कार्यक्रम की उत्कृष्ट तैयारियों के अधिकारियों को निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि यह नवीन विधायक विश्राम गृह लगभग 160 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा और इसमें सभी आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ 102 फ्लैट्स का निर्माण प्रस्तावित है।  

नेपानगर में पानी की नई क्रांति: 36 करोड़ से घर-घर पहुंचेगा नल कनेक्शन

भोपाल बुरहापुर जिले के नेपानगर में अब हर घर तक नल का स्वच्छ जल पहुँच रहा है। नगरीय विकास एवं आवास के उपक्रम म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा संचालित यह परियोजना, एशियन डेवलपमेंट बैंक  की सहायता से संचालित हो रही है। परियोजना की कुल लागत लगभग 36 करोड़ रुपये है। इसमें आगामी दस वर्षों का संचालन और संधारण भी शामिल है। बुरहानपुर जिले की नेपानगर की इस परियोजना के अंतर्गत, ताप्ती नदी से जल लेकर इसे 7.7 एमएलडी क्षमता वाले जल शोधन संयंत्र के माध्यम से शोधित किया जा रहा है। शोधित जल को संग्रहित करने के लिए नगर में 150 किलोलीटर और 160 किलोलीटर की क्षमता वाले दो ओवरहेड टैंक बनाए गए हैं। इसके साथ ही 1900 किलोलीटर क्षमता का ग्राउंड स्टोरेज रिजर्वायर  भी स्थापित किया गया है। इस जल प्रदाय परियोजना से नेपानगर की 35 हजार से अधिक आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। हर घर तक पहुँचते नल कनेक्शन न केवल स्वच्छ जल की उपलब्धता सुनिश्चित कर रहे हैं, बल्कि आमजन के जीवन स्तर को भी सुदृढ़ बना रहे हैं। घर में आसानी से जल उपलब्ध होने पर क्षेत्रीय नागरिक भी खासे उत्साहित हैं। नेपानगर वार्ड क्रमांक 22निवासी हेमंत पाटिल का कहना है कि इस योजना के माध्यम से हमें पर्याप्त जल मिल रहा है। स्वच्छ जल मिलने से बीमारियों का खतरा कम हुआ है। वार्ड क्रमांक 23 निवासी भास्कर पवार का कहना है कि नल के माध्यम से जल मिलने से अब समय की बचत हो रही है। मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा संचालित यह प्रयास  न केवल शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि सतत विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति की ओर भी अग्रसर है।  

रक्षाबंधन पर रेलवे का गिफ्ट: MP में पहली बार दौड़ेगी तेजस ट्रेन, 23 जुलाई से संचालन शुरू

इंदौर रक्षाबंधन सहित अन्य आगामी त्यौहारों को देखते हुए मध्य प्रदेश में पहली बार इंदौर से मुंबई के बीच सुपरफास्ट तेजस स्पेशल ट्रेन का चलेगी। जिससे इंदौर से मुंबई जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी। पश्चिम रेलवे ने लंबे समय से यात्रियों द्वारा की जा रही मांग के बाद सुपरफास्ट तेजस स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। इस ट्रेन का संचालन 23 जुलाई से 30 अगस्त तक किया जाएगा। जानें कब-कब चलेगी ट्रेन पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक के मुताबिक ट्रेन संख्या 09085 मुंबई सेंट्रल – इंदौर स्पेशल प्रत्येक सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार को मुंबई सेंट्रल से 11.20 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन एक बजे इंदौर पहुंचेगी। इसी प्रकार ट्रेन संख्या 09086 इंदौर–मुंबई सेंट्रल स्पेशल प्रत्येक मंगलवार, गुरुवार एवं शनिवार को इंदौर से शाम पांच बजे प्रस्थान करेगी तथा अगले दिन सुबह 7.10 बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचेगी।   ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरिवली, वापी, सूरत, वडोदरा, दाहोद, रतलाम तथा उज्जैन स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में फर्स्ट एसी, एसी 2-टियर एवं एसी 3-टियर कोच होंगे। सोमवार से इसकी बुकिंग सभी पीआरएस काउंटरों एवं आईआरसीटीसी वेबसाइट पर शुरू होगी। बता दें कि इसका किराया अभी तक तय नहीं हुआ है। अवंतिका से महंगा होगा तेजस का किराया तेजस स्पेशल ट्रेन का किराया अभी इंदौर से मुंबई के बीच चल रही अवंतिका ट्रेन से अधिक रहेगा। तेजस ट्रेन की स्पीड भी अधिक रहेगी। इससे यह जल्दी गंतव्य तक पहुंचाएगी। तेजस स्पेशल ट्रेन के किराए निर्धारण का अधिकार आईआरसीटीसी को है। यदि ट्रेन चलने में देरी होती है तो आईआरसीटीसी यात्रियों को रिफंड भी देता है। जानकारी अनुसार इस ट्रेन में पांच से 12 साल के बच्चे का पूरा किराया लगेगा। इमरजेंसी कोटा के तहत यात्री ट्रेन राजधानी, शताब्दी, दुरंतो, मेल-एक्सप्रेस आदि में वेटिंग टिकट के एवज में बर्थ उपलब्ध कराई जाती है। वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग, गंभीर रोगी, पुरस्कार विजेता आदि किसी को भी रियायती टिकट नहीं दिए जाएंगे। ऐसे सभी यात्रियों को पूरा किराया देना होगा।

सड़क हादसा: यात्री बस की चपेट में आया बाइक सवार, मौके पर ही तोड़ा दम

बलरामपुर छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में रविवार को दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है. यात्री बस की चपेट में आकर बाइक सवार युवक की दर्दनाक हादसे में मौत हो गई. घटना बलांगी पुलिस चौकी अंतर्गत तुंगवा पुलिस चेक पोस्ट के पास हुई है. जानकारी के अनुसार, बाइक सवार अचानक यात्री बस की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. हादसे के बाद बस चालक और कंडक्टर वाहन को घटनास्थल पर ही छोड़कर फरार हो गए. सूचना पर बलांगी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई. बलांगी पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज रही है. फिलहाल, मृतक युवक की पहचान नहीं हो सकी है. वहीं वाहन को जब्त कर फरार बस चालक और कंडक्टर की तलाश शुरू कर दी है. बलंगी पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और शव की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं.

दिल्ली में मरीज के पेट से निकला 10.6 किलो वजनी ट्यूमर, डॉक्टरों की बड़ी सफलता

नई दिल्ली  दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने एक बेहद जटिल और दुर्लभ सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। डॉक्टरों की टीम ने मरीज के पेट से 10.6 किलो वजनी Gastrointestinal Stromal Tumor (GIST) को निकालने में सफलता प्राप्त की। ट्यूमर पिछले 8 महीनों से मरीज के शरीर में था और धीरे-धीरे पूरे पेट में फैल गया था। यह ट्यूमर इतना बड़ा हो गया था कि उसने पेट के सभी हिस्सों को घेर लिया था और दोनों तरफ की एक्सटर्नल इलिएक वेसल्स को अपनी चपेट में ले लिया था। इसकी वजह से मरीज को राइट हाइड्रोनेफ्रोसिस (Hydronephrosis) हो गया था। डॉक्टरों के लिए यह सर्जरी काफी चुनौतीपूर्ण थी क्योंकि ट्यूमर कई अहम अंगों, ओमेंटम और ब्लैडर डोम से जुड़ा हुआ था। इस जटिल सर्जरी का नेतृत्व डॉ. शिवानी बी. परुथी ने किया। सर्जरी में उनका साथ डायरेक्टर डॉ. संदीप बंसल, डॉ. चारु भांबा (MS), सर्जरी विभाग की HOD डॉ. कविता, और डॉ. आरके चेजारा ने दिया। टीम ने आपसी तालमेल और सटीक योजना से इस बड़े ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकालने में कामयाबी पाई। सर्जरी की सफलता पर डॉ. संदीप बंसल ने कहा, 'इतना बड़ा GIST ट्यूमर निकालना हमारे अस्पताल में मेडिकल एडवांसमेंट और टीमवर्क का बड़ा उदाहरण है। ऐसी जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक करना पूरे मेडिकल स्टाफ के समर्पण का नतीजा है। हम आगे भी इस तरह के केस को चुनौती मानकर मरीजों को बेहतर इलाज देने की कोशिश करेंगे।'   गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्ट्रोमल ट्यूमर (GIST) एक दुर्लभ प्रकार का ट्यूमर है, जो पाचन तंत्र की संयोजी ऊतकों में पैदा होता है और Interstitial Cells of Cajal (ICC) से विकसित होता है। सफल सर्जरी के बाद मरीज को छुट्टी दे दी गई है और अब Medical Oncology Team उसकी रिकवरी पर लगातार नजर रख रही है। इस ऑपरेशन ने एक बार फिर साबित किया कि सही तकनीक, अनुभवी टीम और समर्पण से किसी भी जटिल केस को सफल बनाया जा सकता है।

चैतन्य बघेल से मिलने पहुंचे भूपेश बघेल, ईडी कार्रवाई पर उठाए सवाल– कहा ‘राजनीतिक दबाव’

रायपुर शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रिमांड पर भेजे गए चैतन्य बघेल से मुलाकात करने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रविवार को सपरिवार ईडी कार्यालय पहुंचे. इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि बेवजह मेरे बेटे को फंसाया जा रहा है. हम लड़ाई लड़ते रहेंगे. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि चैतन्य की गिरफ्तारी के बाद सबसे पहला राहुल गांधी का और उनके बाद प्रियंका गांधी का फोन आया था. बेटे से मिलकर कहा कि अगर आज चैतन्य के दादा जिंदा होते तो खुश होते, क्योंकि वे बहुत से मुद्दों पर जेल जाते रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि जिनके बयान हो चुके हैं, उन पर भी उनका और उनके बेटे का नाम लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है. बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार सुबह लगभग 6 बजे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई स्थित आवास पर शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापामारी की थी. इस दौरान उनके बेटे चैतन्य बघेल से पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर दोपहर को कोर्ट में पेश किया गया था, जहां कोर्ट ने सुनवाई के बाद कोर्ट ने पांच दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया था. चैतन्य बघेल से कथित रूप से जुड़ी कंपनियों को कथित शराब घोटाले से अर्जित लगभग 17 करोड़ रुपये की ‘अपराध आय प्राप्त हुई.” लगभग 1,070 करोड़ रुपये की धनराशि के साथ ही चैतन्य बघेल की भूमिका भी एजेंसी की जांच के दायरे में है. ईडी ने दावा किया है कि घोटाले के परिणामस्वरूप राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों की जेबों में लगभग 3200 करोड़ रुपये से अधिक की रकम गई है. कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई का धरना चैतन्य बघेल को गिरफ्तार कर शराब घोटाले के संबंध में ईडी पूछताछ कर रही है. वहीं दूसरी ओर चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के विरोध में सुबह से ईडी कार्यालय के पास राजीव गांधी चौक पर कांग्रेस युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के नेता-कार्यकर्ता धरना दे रहे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सपरिवार बेटे से मुलाकात करने के लिए आने की वजह से ईडी कार्यालय के बाहर पुलिस बल को तैनात किया गया है.

चैतन्य बघेल से मिलने पहुंचे भूपेश बघेल, ईडी कार्रवाई पर उठाए सवाल– कहा ‘राजनीतिक दबाव’

रायपुर शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रिमांड पर भेजे गए चैतन्य बघेल से मुलाकात करने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रविवार को सपरिवार ईडी कार्यालय पहुंचे. इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि बेवजह मेरे बेटे को फंसाया जा रहा है. हम लड़ाई लड़ते रहेंगे. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि चैतन्य की गिरफ्तारी के बाद सबसे पहला राहुल गांधी का और उनके बाद प्रियंका गांधी का फोन आया था. बेटे से मिलकर कहा कि अगर आज चैतन्य के दादा जिंदा होते तो खुश होते, क्योंकि वे बहुत से मुद्दों पर जेल जाते रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि जिनके बयान हो चुके हैं, उन पर भी उनका और उनके बेटे का नाम लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है. बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार सुबह लगभग 6 बजे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई स्थित आवास पर शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापामारी की थी. इस दौरान उनके बेटे चैतन्य बघेल से पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर दोपहर को कोर्ट में पेश किया गया था, जहां कोर्ट ने सुनवाई के बाद कोर्ट ने पांच दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया था. चैतन्य बघेल से कथित रूप से जुड़ी कंपनियों को कथित शराब घोटाले से अर्जित लगभग 17 करोड़ रुपये की ‘अपराध आय प्राप्त हुई.” लगभग 1,070 करोड़ रुपये की धनराशि के साथ ही चैतन्य बघेल की भूमिका भी एजेंसी की जांच के दायरे में है. ईडी ने दावा किया है कि घोटाले के परिणामस्वरूप राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों की जेबों में लगभग 3200 करोड़ रुपये से अधिक की रकम गई है. कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई का धरना चैतन्य बघेल को गिरफ्तार कर शराब घोटाले के संबंध में ईडी पूछताछ कर रही है. वहीं दूसरी ओर चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के विरोध में सुबह से ईडी कार्यालय के पास राजीव गांधी चौक पर कांग्रेस युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के नेता-कार्यकर्ता धरना दे रहे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सपरिवार बेटे से मुलाकात करने के लिए आने की वजह से ईडी कार्यालय के बाहर पुलिस बल को तैनात किया गया है.

छेड़छाड़ का मामला: हाईकोर्ट का सख्त रुख, शिक्षक की सजा बरकरार

बिलासपुर अपने ही स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा (13 साल) के साथ छेड़छाड़ करने के आरोपी शिक्षक की सजा के खिलाफ पेश अपील को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है. आरोपी शिक्षक को 5 साल कैद और 2000 रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है. बता दें कि मुंगेली जिला निवासी अपीलकर्ता अमित सिंह शासकीय हाई स्कूल में व्याख्याता के पद में कार्यरत था. स्कूल में पढ़ने वाली 13 साल की छात्रा की मां ने 25 अगस्त 2022 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया. जिसमें बताया गया, कि शिक्षक उसकी पुत्री के साथ छेड़छाड़ किया है. पुलिस ने रिपोर्ट पर पीड़िता के अनुसूचित जाति/जनजाति का होने के कारण, भारतीय दंड संहिता की धारा 354 के अंतर्गत दंडनीय अपराध किया गया. यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 10 और अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1) के तहत अपराध दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया. न्यायालय ने दोष सिद्ब होने पर आरोपी को यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 10 के अंतर्गत दोषी करार दिया गया और उसे 5 वर्ष का कारावास और 2,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई. सजा के खिलाफ शिक्षक ने हाईकोर्ट में अपील की. जिसमें कहा गया कि आरोपी ने 25 अगस्त को स्कूल में नहीं होने और अकास्मिक अवकाश में होने की बात कही गई. न्यायालय ने उक्त दस्तावेज में सिर्फ स्कूल के प्राचार्य का हस्ताक्षर होने के कारण साक्ष्य के रूप में अस्वीकार किया था. इसके अलावा अपीलकर्ता ने 25 अगस्त के अलावा अन्य दिनों भी छात्रा से छेड़छाड़ किया था. जस्टिस संजय के अग्रवाल ने अपीलकर्ता और शासन के पक्ष को सुनने के बाद अपने आदेश में कहा कि अपीलकर्ता ने 25 अगस्त 2022 को पीड़िता की गरिमा को ठेस पहुंचाई है. कोर्ट ने अपील खारिज करते हुए रजिस्ट्री को निर्देश दिया है कि वह इस निर्णय की एक प्रति संबंधित जेल अधीक्षक को भेजने कहा है. जहां अपीलकर्ता अपनी जेल की सजा काट रहा है.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 7 दिन की विदेश यात्रा से स्वदेश लौटे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 7 दिन की दुबई और स्पेन की विदेश यात्रा से रविवार को स्वदेश लौट आए। वैदेशिक संबंधों को नई ऊर्जा देने वाली दुबई और स्पेन की इस यात्रा को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सफलतम यात्रा निरूपित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यात्रा की सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूर-दृष्टि और कुशल नेतृत्व को दिया है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मीडिया से चर्चा में कहा कि प्रदेश में अलग-अलग सेक्टर में काफी निवेश की संभावनाएं हैं। दुबई और स्पेन के 7 दिन के प्रवास से मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की अच्छी संभावनाएं बनी है। यात्रा के दौरान कई विदेशी कंपनियों से मध्यप्रदेश में निवेश और नॉलेज शेयरिंग के लिए करार भी हुए हैं। अभी तक की सफलतम विदेशी यात्राओं में स्पेन दुबई की यात्रा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इससे पहले मध्यप्रदेश में रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव और भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से लगभग 30.77 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। निवेश धीरे-धीरे धरातल पर भी उतर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस विदेश यात्रा से मध्यप्रदेश में कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, खनन, उद्योग और पर्यटन विकास के क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं निकलकर सामने आईं हैं, जिससे रोजगार के नए अवसरों के साथ-साथ औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब बड़ी तेजी से निवेश के लिए एक आदर्श राज्य के रूप में उभर रहा है।