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हरदा छात्रावास मामले की होगी विस्तृत जांच : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सामाजिक न्याय और परस्पर सद्भाव हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरदा के एक छात्रावास में हुई घटना का संज्ञान लिया है। उन्होंने जिला प्रशासन हरदा से मामले की विस्तृत जांच कर डिटेल रिपोर्ट तलब की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'एक्स' पर कहा कि प्रदेश में सामाजिक न्याय और परस्पर सद्भाव बना रहे, यही हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में सामाजिक सौहार्द्र बिगाड़ने की किसी को भी अनुमति नहीं दी जाएगी।

स्पेन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भारत के राजदूत श्री दिनेश के. पटनायक ने की शिष्टाचार भेंट

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की स्पेन यात्रा के पहले दिन भारत के राजदूत श्री दिनेश के. पटनायक ने मैड्रिड में उनसे सौजन्य भेंट की और भारत-स्पेन संबंधों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। श्री पटनायक जनवरी 2022 से स्पेन और अंडोरा में भारत के दूत के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार के निवेश प्रोत्साहन प्रयासों की सराहना की। उन्होंने स्पेन के प्रमुख उद्योगों के साथ संभावित साझेदारियों पर चर्चा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश और स्पेन के बीच द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को और सशक्त बनाने की दिशा में यह यात्रा एक महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास, निवेश की संभावनाओं और राज्य सरकार की नीतियों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश वैश्विक निवेशकों के लिए एक उभरता हुआ केंद्र बन रहा है और यूरोपीय देशों के साथ विशेषकर स्पेन के साथ सहयोग को लेकर राज्य गंभीर प्रयास कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस यात्रा के साथ मध्यप्रदेश और स्पेन के बीच सहयोग के नए द्वार खुलने की संभावना है। बैठक सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई और दोनों पक्षों ने निरंतर संवाद बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की।  

म.प्र. में हर सेक्टर में हैं बड़ी संभावनाएं, स्पेन के निवेशकों को देंगे वर्ल्ड क्लास सुविधाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

बेहिचक म.प्र. से जुड़िए और हमारी 18 हाईटेक औद्योगिक नीतियों का लाभ लें निवेश के लिए बढ़ाया गया हर कदम व्यापार-व्यवसाय में होगा मील का पत्थर साबित मध्यप्रदेश निवेशकों को केपिटल रिटर्न देने में पीछे नहीं रहेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मैड्रिड में इन्वेस्ट इन एमपी बिजनेस फोरम मीट में संबोधन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत और स्पेन दो प्राचीन सभ्यताओं के संवाहक हैं। दोनों देशों ने नैतिक मूल्यों के आधार पर अपनी पुरा संस्कृति को आगे बढ़ाया है। दोनों देश जुड़वा भाईयों की तरह हैं। अब विकास के मामले में भी हम मिलकर आगे बढ़ेंगे। संस्कृति के साथ-साथ तकनीक में भी स्पेन की एक अलग ही पहचान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को स्पेन की राजधानी मैड्रिड में इन्वेस्ट इन एमपी बिजनेस फोरम मीट को संबो‍धित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत का सबसे तेजी से विकासशील प्रदेश है। यहां निवेश करना नि:संदेह फायदे का सौदा है। उन्होंने निवेशकों को मध्यप्रदेश की बेजोड़ खूबियां बताते हुए कहा कि यदि आप भारत में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो एक बार मध्यप्रदेश अवश्य आइये, मध्यप्रदेश को भूल नहीं पाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में खनिज, पर्यटन, बड़े उद्योग, फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री, तकनीकी विकास से जुड़े उद्योग स्थापित करने की अपार संभावनाएं हैं। भारत में एमपी टूरिज्म सबसे तेजी बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में भरपूर भू-संपदा उपलब्ध है, जिसमें नई तकनीक का इस्तेमाल करने से विकास की अपार संभावनाएं हैं। मध्यप्रदेश, भारत के मध्य क्षेत्र में स्थित है, इसलिए हम लॉजिस्टिक सेक्टर में अग्रणी बनने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। अगर आप भारत के किसी और राज्य में भी उद्योग स्थापित करते हैं, तब भी आपको मध्यप्रदेश की आवश्यकता जरूर पड़ेगी। मध्यप्रदेश आंतरिक सड़कों, नेशनल हाईवेज, रेल और हवाई मार्ग से देश-विदेश से जुड़ा है। मध्यप्रदेश सभी सेक्टर्स में तेजी से आगे बढ़ने वाला भारत का राज्य बना है। हम अपने देश की अर्थव्यवस्था को गति देने में भी अपनी भूमिका बखूबी निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में फूड प्रोसेसिंग, सोलर एनर्जी, विंड एनर्जी, एग्री बेस्ड इंडस्ट्री और टेक्सटाईल सेक्टर में बड़ी संभावनाएं हैं। हम सभी सेक्टर्स में यहां आने वाले निवेशकों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं देने की क्षमता रखते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से आग्रह किया कि सुरक्षित निवेश के लिए आप बेहिचक मध्यप्रदेश से जुड़िए। हमारी 18 प्रकार की हाईटेक औद्योगिक नीतियों का लाभ लें। मध्यप्रदेश निवेशकों को केपिटल रिटर्न देने में पीछे नहीं रहेगा। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश की विकासशीलता ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को भी प्रभावित किया है। मध्यप्रदेश में निवेश करने पर भारत सरकार की ओर से भी देशी-विदेशी निवेशकों को कई तरह की रियायतें दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में मेडिकल कॉलेजेस की संख्या भी तेजी से बढ़ाई जा रही है और नई मेडिकल डिवाईसेस के लिए देशी और विदेशी कंपनियां यहां निवेश कर रही हैं। अब मध्यप्रदेश में मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्पेन की शांतिप्रियता, सामुदायिक विकास, तकनीक के इस्तेमाल और फुटबॉल प्रेम ने भी यहां की अर्थव्यवस्था को बेहद मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि स्पेन आर्थिक व्यापार के मामले में भारत का छठा सबसे बड़ा साझेदार है। वर्तमान में स्पेन के साथ 9.32 बिलियन डॉलर का व्यापार हो रहा है। उन्होंने कहा कि स्पेन के निवेशकों द्वारा मध्यप्रदेश में निवेश के लिए बढ़ाया गया हर एक कदम व्यापार-व्यवसाय के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सचिव एवं एमडी टूरिज्म डॉ. इलैया राजा टी., एमडी एमपीआइडीसी श्री चंद्रमौली शुक्ला सहित फ्रेंड्स इन एमपी इन स्पेन के सदस्य एवं बड़ी संख्या में उद्योगपति/निवेशक उपस्थित थे। म.प्र. में हॉस्पिटैलिटी, वेलनेस और एडवेंचर टूरिज्म में निवेश के अवसर : प्रमुख सचिव पर्यटन श्री शुक्ला मध्यप्रदेश, इतिहास और विरासत की भूमि है। भारत में स्थित यूनेस्को की 62 विश्व धरोहर है जिसमें से 18 मध्यप्रदेश में है। संस्कृति और आध्यात्म की दृष्टि से मध्यप्रदेश अत्यंत समृद्ध है। प्रदेश में 2 ज्योतिर्लिंग के साथ विश्व की प्राचीनतम नदियों में से एक और प्रदेश में पूजनीय नदी माँ नर्मदा बहती है। आज के तनाव भरे जीवन में मां नर्मदा के किनारे स्थित सभी स्थल आपको अध्यात्म और सकारात्मक ऊर्जा से भर देते हैं। मध्यप्रदेश पर्यटन नीति 2025 की विशेषता बताते हुए प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में निवेशकों के लिए प्रदेश में अपार संभावनाएं है। प्रदेश में हॉस्पिटैलिटी, वेलनेस टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म आदि विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के अवसर है। अपार संभावनाओं का भरोसेमंद स्थल मध्यप्रदेश : प्रमुख सचिव श्री राघवेन्द्र सिंह औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन विभाग के प्रमुख सचिव श्री राघवेन्द्र सिंह ने कहा कि म.प्र. अपार संभावनाओं का भरोसेमंद निवेश स्थल है। प्रदेश का भौगोलिक विस्तार, संसाधनों की उपलब्धता, कुशल मानव संसाधन और स्थिर नेतृत्व इसे उद्योगों के लिए सबसे उपयुक्त गंतव्य बनाते हैं। स्पेन और भारत के बीच व्यापारिक संबंध लगातार सुदृढ़ हो रहे हैं। वर्ष 2024 में भारत से स्पेन को 5.93 बिलियन यूरो का निर्यात हुआ, जिसमें मध्यप्रदेश का योगदान 58.5 मिलियन यूरो का रहा।  

वन परिक्षेत्र बैढ़न में सांसद विधायक ने एक पेड़ मॉ के नाम अभियान के तहत किया पौधा रोपण

सिंगरौली  एक पेड़ मॉ के नाम अभियान के तहत वन परिक्षेत्र बैढ़न में सीधी सिंगरौली सांसद डॉ. राजेश मिश्र, सिंगरौली विधानसभा के विधायक श्री राम निवास शाह, कलेक्टर श्री चन्द्र शेखर शुक्ला, वन मण्डल अधिकारी अखिल बंसल, सिंगरौली विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष दिलीप शाह, प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष नरेश शाह, समाजसेवी अरविंद द्विवेदी  के द्वारा वन परिक्षेत्र बैढ़न में पौधा रोपण किया गया। ज्ञात हो कि एक पेड़ मॉ के नाम अभियान के तहत पूरे जिले में वृहद स्तर पर पौधा रोपण किया जायेगा।

राज्यपाल पटेल से मनोनीत मुख्य न्यायाधिपति श्री सचदेवा ने की भेंट

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल से मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मनोनीत मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति श्री संजीव सचदेवा ने सौजन्य भेंट की। राज्यपाल श्री पटेल का उन्होंने पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। राज्यपाल श्री पटेल ने मनोनीत न्यायमूर्ति श्री सचदेवा का अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत किया। इस मौके पर न्यायमूर्ति श्री सचदेवा के परिजन भी उनके साथ थे।  

मां की रोटी’ कैंटीन शुरू, गरीबों और छात्रों के लिए राहतभरा कदम

महासमुंद नगर में सामाजिक सरोकार की दिशा में बुधवार को एक प्रेरणादायक पहल हुई। स्टेशन रोड स्थित 'मां की रोटी' नामक महिला संचालित कैंटीन का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू एवं उपाध्यक्ष देवीचंद राठी ने किया। इस कैंटीन का संचालन शहर की जय गंगा मैया महिला समूह द्वारा किया जाएगा, जिसका उद्देश्य जनता को मात्र 50 रुपये में स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है।   सस्ती दर पर मिलेगा भोजन इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू ने कहा कि यह पहल न केवल लोगों को सस्ती दर पर भोजन उपलब्ध कराएगी, बल्कि महिला सशक्तीकरण का भी बेहतरीन उदाहरण बनेगी। महिला समूहों ने समय-समय पर अपनी कार्यकुशलता और प्रतिबद्धता सिद्ध की है, और मुझे विश्वास है कि वे इस जिम्मेदारी को भी बखूबी निभाएंगे। नगर पालिका उपाध्यक्ष देवीचंद राठी ने महिला समूह को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारे नगर की महिलाओं को यह अवसर मिलना गौरव की बात है। हम आशा करते हैं कि यह कैंटीन स्वच्छता, गुणवत्ता और स्वाद तीनों मानकों पर खरा उतरेगी। लोगों को मिलेगा घर जैसा भोजन जनपद उपाध्यक्ष हुलसी चंद्राकर ने महिला समूहों की कार्यक्षमता की सराहना करते हुए कहा कि महिला समूह कोई भी कार्य मन से करे तो उसमें सफलता निश्चित होती है। ‘मां की रोटी’ से आमजन को घर जैसा भोजन मिलेगा, यह विश्वास है। कार्यक्रम में नगर के नेता प्रतिपक्ष नानू भाई, धनेंद्र चंद्राकर, नीरज चंद्राकर, पीयूष साहू, चंद्रशेखर बेलदार समेत कई गणमान्य नागरिक एवं मां फाउंडेशन मुंबई के विलास कांबले, गणेश गुली, संजय तारम उपस्थित रहे। मां फाउंडेशन ने इस कैंटीन में सहयोग प्रदान किया है। कैंटीन की मार्गदर्शक प्रेमशीला बघेल ने बताया कि यह कैंटीन नगर पालिका की राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन योजना के अंतर्गत गठित महिला समूह द्वारा संचालित की जा रही है। समूह में कुल 12 सदस्य हैं। यहां प्रतिदिन केवल 50 में एक प्लेट चावल, तीन रोटी, एक कटोरी दाल और सब्जी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा नाश्ते के विकल्प भी मौजूद हैं। अन्नपूर्णा दाल भात सेंटर का बुरा हालनगर के गुरु घासीदास प्रतीक्षा बस स्टैंड में संचालित अन्नपूर्णा दाल भात सेंटर का बुरा हाल है। यहां स्वच्छता पर जरा भी ध्यान नहीं है। यही नहीं सेंटर खुलने व बंद होने का समय भी निर्धारित नहीं है। नागरिकों ने बताया कि गिनती के लोग ही भोजन करते हैं। इसके बाद भोजन खत्म हो जाता है। यही हाल बिरकोनी औद्योगिक क्षेत्र में संचालित दाल भात सेंटर का है। यहां के श्रमिकों ने बताया कि घंटेभर के लिए यहां का दाल भात केंद्र खुलता है। इस अवधि में कुछ ही लोग भोजन कर पाते हैं। बताया जाता है कि केंद्र संचालन में भाजपा के एक मंडल पदाधिकारी की भूमिका है। संचालन में परोक्ष रूप से जुड़े नेताजी के व्यवहार से श्रमिकों को भोजन नहीं मिल रहा है, दूसरी ओर पार्टी की छवि भी जनमानस में बिगड़ रही है।

धारा 163 के तहत सख्ती: जैसलमेर के बासनपीर जूनी में पुलिस-प्रशासन अलर्ट पर

जैसलमेर जैसलमेर के बासनपीर जूनी क्षेत्र में संभावित अशांति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन धारा 163 लागू की है। सभी तरह के धरना-प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है। पोस्टर-बैनर चिपकाने या नारेबाजी पर भी प्रतिबंध है। इस संबंध में बुधवार को जैसलमेर के उपखंड मजिस्ट्रेट ने आदेश जारी किया। बासनपीर जूनी क्षेत्र में 10 जुलाई को दो समुदायों के बीच विवाद हुआ था। बासनपीर में एक स्कूल के पास छतरी निर्माण के दौरान कथित तौर पर कुछ लोगों ने पथराव किया था। आरोप है कि दूसरे समुदाय के लोगों ने महिलाओं को आगे करते हुए पथराव किया था। इस घटना से वहां तनाव पैदा हुआ। फिलहाल तनापूर्ण हालातों के बीच आगे कोई विवाद न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। जिला प्रशासन ने आशंका जताई है कि बासनपीर जूनी गांव में उत्पन्न तनाव की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए उक्त क्षेत्र में असामाजिक तत्वों की ओर से कानून एवं शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश की जा सकती है, जिससे जन साधारण की सुरक्षा और शांति को खतरा पैदा हो सकता है। जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है, “बासनपीर जूनी की सीमा के भीतर कोई व्यक्ति किसी भी तरह का हथियार लेकर सार्वजनिक स्थलों पर लेकर नहीं घूमेगा। न ही बासनपीर जूनी की सीमा में किसी भी प्रकार की सभा, रैली, जुलूस और प्रदर्शन बिना पूर्व सक्षम अनुमति के निकाले जाएंगे। सिख समुदाय के व्यक्तियों को उनकी धार्मिक परंपरा के अनुसार नियमान्तर्गत निर्धारित कृपाण रखने की छूट रहेगी। आदेश में कहा गया है, “कोई भी व्यक्ति साम्प्रदायिक सद्भावना को ठेस पहुंचाने वाले नारे नहीं लगाएगा और न ही इस प्रकार का भाषण देगा। कोई भी व्यक्ति बिना पूर्व अनुमति के लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं करेगा। किसी भी स्थान पर एक समय में 5 या 5 से अधिक व्यक्ति एकत्रित नहीं रहेंगे।” जिला प्रशासन की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि अगर कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करेगा तो भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के प्रावधानों के अंतर्गत अभियोग चलाए जा सकते हैं।  

विश्वास सारंग का वार: दिग्विजय सिंह जानबूझकर कांवड़ यात्रा को बना रहे विवादित

भोपाल मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह द्वारा सोशल मीडिया पर कांवड़ यात्रा और नमाज को लेकर जारी की गई तस्वीर पर युवा खेल व कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह की मंशा कांवड़ यात्रा को विवादास्पद बनाने की है। राज्य के मंत्री विश्वास सारंग ने दिग्विजय सिंह की सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट को लेकर कहा कि ‘मौलाना दिग्विजय सिंह’ केवल सनातन का विरोध करते हैं; ⁠कांवड़ यात्रा जैसे पावन पर्व को भी वह विवादास्पद बनाना चाहते हैं। उनसे इसके अलावा कोई अपेक्षा की ही नहीं जा सकती है। मंत्री सारंग ने पूर्व में दिग्विजय सिंह द्वारा दिए गए बयानों का हवाला देते हुए कहा कि जाकिर नायक को महिमामंडन करने वाले, आतंकवादियों को संरक्षण करने वाले, सेना के हर ऑपरेशन पर विवाद खड़ा करने वाले, पाकिस्तान परस्ती की बात करने वाले, तुष्टिकरण को आगे बढ़कर राजनीति करने वाले दिग्विजय सिंह से और कुछ अपेक्षा भी नहीं है। दिग्विजय सिंह को मौलाना दिग्विजय कहते हुए सारंग ने कहा कि दिग्विजय सिंह हर समय हिंदू धर्म का, हिंदू धर्मावलंबियों का और हिंदू साधु-संतों के अलावा हिंदू त्योहारों का अपमान करते आए हैं, इसलिए उन्हें मौलाना दिग्विजय सिंह कहा जाता है। भगवा आतंकवाद वाले दिग्विजय सिंह के पुराने बयान का जिक्र करते हुए मंत्री सारंग ने आगे कहा कि ⁠भगवा आतंकवाद जैसे शब्दों का इजाद करके उन्होंने ही सनातन को इस दुनिया में बदनाम करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि वे दिग्विजय सिंह से कहना चाहते हैं कि हिंदू और सनातन धर्म के किसी भी त्यौहार पर इस तरीके की टिप्पणी होगी, तो वह सहन नहीं की जाएगी। दिग्विजय सिंह को चाहिए कि वे इस पूरे मामले में माफी मांगें। दरअसल, दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की है जिसमें एक तरफ सड़क पर कांवड़ यात्रा है तो दूसरी तरफ सड़क पर नमाज करते लोगों की तस्वीर है, जिसमें लिखा है, एक देश, दो कानून।  

घर में मिली बुजुर्ग दंपति की हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस

रायपुर राजधानी रायपुर से सटे अभनपुर थाना क्षेत्र के बिरोदा गांव में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली डबल मर्डर की घटना सामने आई है। गांव के एक घर में बुजुर्ग दंपति भूखन ध्रुव (उम्र 62 साल) और उनकी पत्नी रूखमणी ध्रुव (उम्र 60 साल) की लाशें खून से लथपथ हालत में मिलीं। आशंका जताई जा रही है कि दोनों की घर के अंदर गला रेतकर हत्या की गई है। घटना की सूचना फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना की सूचना मिलते ही अभनपुर पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर डॉ. लाल उमेद सिंह भी अपनी टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मौके पर ACCU टीम, एफएसएल यूनिट, फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट और डॉग स्क्वॉड को बुलाया गया, जिन्होंने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्रित किए। प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि हत्या धारदार हथियार से की गई है और यह मामला पूर्व नियोजित हत्या का हो सकता है। पुलिस ने घर को पूरी तरह सील कर दिया है और सभी संभावित पहलुओं से जांच की जा रही है। मर्ग पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर ली गई है, और अभनपुर थाना पुलिस द्वारा आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। समाचार लिखे जाने तक हत्या के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं हो सका था, न ही किसी आरोपी की पहचान हुई है। हालांकि, पुलिस ने गांव के आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है और जल्द ही किसी बड़े खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है।

राहत कार्यों में तेजी लाएं: लोकसभा अध्यक्ष ने अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में किया स्थलीय निरीक्षण

कोटा कोटा दौरे पर आए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को शहर के अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने जलभराव, नालों की क्षतिग्रस्त बाउंड्री और वर्षा जनित समस्याओं से जूझ रहे नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। बिरला ने रानपुर बंधा, धर्मपुरा, बड़ा बस्ती, अनंतपुरा, रायपुरा और देवली अरब समेत कई क्षेत्रों का दौरा किया। उनके साथ ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, ओएसडी राजीव दत्ता, जिला कलेक्टर पीयूष सामरिया और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि जलभराव की समस्या किन कारणों से उत्पन्न हुई, साथ ही नालों की सीमित क्षमता और जल निकासी के अभाव को भी प्रमुख वजह बताया। रानपुर इलाके में हाल ही में एक युवती की जलभराव में डूबने से मौत हो गई थी। बिरला ने इस मामले में कॉलेज और जिला प्रशासन से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नालों की क्षमता बढ़ाई जाए और वैकल्पिक जलनिकासी मार्गों की तलाश की जाए, जिससे हर साल आने वाली समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जा सके। उन्होंने सभी प्रभावित क्षेत्रों का जल्द से जल्द सर्वे करने और आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने को कहा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिरला इसके बाद कोटा ग्रामीण के निमोदा हरीजी गांव पहुंचे, जहां हाल ही में नदी में डूबने से कुछ लोगों की मौत हो गई थी। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मिलकर शोक संवेदना प्रकट की और उन्हें ढांढस बंधाया। साथ ही अधिकारियों को पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। जिन लोगों का अब तक कोई सुराग नहीं लगा है, उन्हें खोजने के लिए अतिरिक्त रेस्क्यू टीमें लगाने को भी कहा। इस दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन की लापरवाही की शिकायत भी की। ग्रामीणों का कहना था कि यदि समय रहते रेस्क्यू टीमें पहुंच जातीं, तो कुछ लोगों की जान बचाई जा सकती थी। बिरला ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया और संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।