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धरती आबा की छांव में खुशहाली: योजनाओं से सशक्त हो रहे आदिवासी परिवार

आधार, आयुष्मान, राशन कार्ड, बीमा और स्वास्थ्य परीक्षण का लाभ, पोषण वाटिकाएं भी बन रही रायपुर, छत्तीसगढ़  प्रदेश में चलाए जा रहे धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत  अनुसूचित जनजाति ग्रामों में शासन की योजनाओं का व्यापक क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस कड़ी में कोरिया जिले के सोनहत और बैकुंठपुर विकासखंड के इन गांवों में हजारों पात्र परिवारों को आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, पेंशन, श्रम कार्ड, जॉब कार्ड और बीमा योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। जनपद पंचायत सोनहत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने  बताया कि विकासखंड में 2,626 लक्षित परिवारों और 9,320 जनसंख्या के लिए शासन की महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य जरूरी योजनाओं से फायदा पहुंचाने के लिए आवेदन लिया गया है, मनरेगा जॉब कार्ड, जीवन ज्योति बीमा और सुरक्षा बीमा योजना जैसी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक पेंशन योजना के तहत 85 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 28 स्वीकृत हुए, 7 अपात्र पाए गए और शेष प्रक्रियाधीन हैं। साथ ही, 111 जाति प्रमाण पत्र और 100 निवास प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को भी ग्रामीणों तक पहुँचाया जा रहा है। टीबी एवं सिकलसेल की जांच की जा रही है और जरूरतमंदों को उपचार से जोड़ा जा रहा है साथ ही आयुष विभाग द्वारा निःशुल्क जाँच उपरांत दवाई वितरण भी किया जा रहा है। बैकुंठपुर एसडीएम से प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखंड में अब तक 23 क्षय रोग के सक्रिय मरीज चिन्हित किए गए हैं। वहीं, 391 जाति प्रमाण पत्र, 361 निवास प्रमाण पत्र और 269 राशन कार्ड बनाए गए हैं। पोषण सुरक्षा की दिशा में 2,837 पोषण वाटिकाएं भी तैयार की गई हैं। साथ ही, मिशन इंद्रधनुष के अंतर्गत टीकाकरण कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है। अभियान की प्रगति की ऑनलाइन निगरानी के लिए धरती आबा पोर्टल बनाया गया है। अभियान का उद्देश्य दूरस्थ आदिवासी अंचलों के पात्र परिवारों को सीधे शासन की योजनाओं से जोड़ना है, ताकि वे सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।

कालीसिंध नदी में समाई कार, इंदौर-बैतूल मार्ग पर हादसे में दो की जान गई

देवास इंदौर-बैतूल नेशनल हाईवे पर हादसों के लिहाज से डेंजर जोन में शामिल मोखापीपल्या क्षेत्र में कालीसिंध नदी पर बने अंग्रेजों के जमाने के पुल पर रविवार को हादसा हो गया। पुल पर सामने से ट्रक आने के दौरान खातेगांव की ओर से आ रही एक कार अनियंत्रित होकर नदी में गिर गई। कार के दरवाजे लॉक हो जाने के कारण लोग समय पर बाहर नहीं निकल पाए। कार गिरती देख मौके पर मौजूद ग्रामीण नदी में कूदे, कुछ ही देर में पुलिस भी पहुंच गई। कार के कांच तोड़कर चार लोगों को बाहर निकाला गया और बागली के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने जांच करके दो को मृत घोषित कर दिया जबकि दो अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में इंदौर रेफर कर दिया गया।   ओपी और आनंद की मौत पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार कार में उच्या तेवन निवासी चंडीगढ़, आनंदराज निवासी इंदौर, ओपी निवासी अमृतसर, इलैयाराजा निवासी जयपुर सवार थे। इसमें ओपी और आनंद की मौत हुई है। बागली एसडीओपी सृष्टि भार्गव ने बताया किसी कारण से कार अनियंत्रित होकर नदी में गिरी थी, सामने से आ रहे ट्रक से टक्कर नहीं हुई है। बचाव कार्य में कई ग्रामीण कांच लगने से हुए घायल हादसे के बाद मोखापीपल्या के सरपंच जितेंद्र सिंह, अर्जनुसिंह पुत्र बने सिंह दरबार, अर्जुन सिंह पुत्र विक्रमसिंह, सूरज सिंह पुत्र गुलाब सिंह, राजपाल पुत्र अनार सिंह आदि नदी में उतरे थे, कांच तोड़ने के दौरान कई ग्रामीणों हाथ-पैर में कांच से चोट लग गई। ग्रामीणों के अनुसार जहां पर कार गिरी वहां पर करीब 8-10 फीट पानी था। पुल संकरा, हादसों का लंबा इतिहास ग्रामीणों के अनुसार मोखापीपल्या में कालीसिंध नदी पर बना पुल अंग्रेजों के समय का है। यहां हादसे होना आम बात हो गई है। बारिश के मौसम व अन्य दिनों में भी वाहन पलटकर नदी में गिरते रहते हैं। यदि पुल पर कोई वाहन खराब हो जाता है, तो कई किमी का लंबा जाम भी लग जाता है।

बरसात का मिज़ाज: राजधानी में बादल-धूप की लुका-छिपी, कई जिलों में बारिश से राहत

जयपुर राजस्थान में मानसून मेहरबान है। राजधानी जयपुर में शनिवार को सावन की रिमझिम फुहारें चलीं। बादलों ने आसमान में ऐसा नजारा बनाया कि मानों कैनवास पर पहाड़ों की सुंदर तस्वीर हो। दुर्गापुरा से महारानी फार्म की तरफ जाने वाली सड़क पर बादलों ने ऐसा आभास दिया कि जैसे बड़े-बड़े पहाड़ यहां अचानक आ खड़े हुए हों। जबकि असल में यहां कोई पहाड़ नहीं हैं लेकिन बादलों के समूह ने खुद ऐसा नजारा आसमान में बना डाला। देखने में यह नजारा आंखों को बेहद सुकून देने वाला था। जयपुर में शनिवार को मौसम उतार-चढ़ाव वाला रहा। यहां दिन में हल्के बादल रहे और कई जगह बूंदाबांदी हुई। दोपहर में कुछ देर के लिए धूप निकली। अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश हुई। झालावाड़, धौलपुर, करौली और अलवर में तेज बारिश हुई। झालावाड़ में 4 इंच से ज्यादा पानी बरसा। पिछले 24 घंटे के दौरान राजस्थान सबसे ज्यादा बरसात झालावाड़ के मनोहर थाना में 108 एमएम दर्ज हुई। वहीं धौलपुर के सैंपऊ में 50, भरतपुर के नगर में 38, बांसवाड़ा के सलोपत में 35 एमएम बारिश हुई। अलवर के थानागाजी में 50, गंगानगर के केसरीसिंहपुर में 31 और उदयपुर में 36 एमएम बरसात हुई। इन जिलों के अलावा सिरोही, चित्तौड़गढ़, करौली, प्रतापगढ़ समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई।

राज्यपाल पटेल से मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने की सौजन्य भेंट

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल से मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने राजभवन में सौजन्य भेंट की। राज्यपाल श्री पटेल का श्री तोमर ने पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया।  बैठक के दौरान विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।  

एक्सप्रेसवे बना मौत का रास्ता: दर्दनाक हादसे में चार मृत, छह से अधिक घायल

कोटा जिले के दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर हुए भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, वहीं आधा दर्जन लोग घायल हो गए। यह हादसा जिले के बूढ़ादीत थाना इलाके में चम्बल नदी पर हुआ। हादसे में मरने वाले लोग करौली के रहने वाले थे। जो कि मध्यप्रदेश के इंदौर से एक कार्यक्रम में भाग लेकर वापस करौली लौट रहे थे। हादसे में गाड़ी बुरी तरह से चकनाचूर हो गई। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां पर उनका उपचार जारी है। बूढ़ादीत थाना अधिकारी रघुनाथ सिंह ने बताया कि करौली का एक परिवार अपने रिश्तेदारों के साथ गोद भराई के कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के इंदौर गया था। कार्यक्रम समाप्ति के बाद सभी लोग इंदौर से वापस दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे के रास्ते करौली लौट रहे थे। तभी बूढ़ादीत के पास चंबल नदी पर अज्ञात वाहन ने टेंपो ट्रैक्स को टक्कर मार दी, जिससे तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक की अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। इस जोरदार टक्कर के बाद टेंपो ट्रैक्स वाहन पीछे से एक अन्य वाहन से टकरा गया। पुलिस ने बताया कि हादसे में सुरेश सोनी, गीता सोनी और अनिल की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि बृजेश को अस्पताल ले जाते समय उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। हादसे के दौरान गाड़ी में 15 से अधिक लोग सवार थे। घायलों को पहले बूंदी जिले के दहीखेड़ा अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें कोटा एमबीएस अस्पताल रैफर कर दिया गया। जहां सभी का उपचार जारी है। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया है। पुलिस अज्ञात वाहन की पहचान करने के प्रयास कर रही है।

मनेंद्रगढ़ को मिली शैक्षणिक सौगात, चैनपुर में बनेगा नवोदय विद्यालय

एमसीबी मनेंद्रगढ़ अब स्वास्थ्य के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर हो रहा है। क्षेत्रवासियों के लिए एक और बड़ी सौगात के रूप में जवाहर नवोदय विद्यालय की  स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ है। चैनपुर में इस विद्यालय के लिए 11.8 हेक्टेयर भूमि का चिन्हांकन किया गया है।   स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निरंतर प्रयासों से यह महत्वपूर्ण उपलब्धि संभव हो सकी है। उनके नेतृत्व में मनेंद्रगढ़ को पहले ही मेडिकल कॉलेज जैसी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधा मिल चुकी है, और अब शिक्षा के क्षेत्र में भी नई क्रांति की शुरुआत हो रही है।    जवाहर नवोदय विद्यालय की स्थापना से अब जिले के छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने ही जिले में मिल सकेगी। उन्हें उच्च स्तर की पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे अभिभावकों की चिंता भी कम होगी और विद्यार्थियों का समग्र विकास संभव होगा।    यह कदम मनेंद्रगढ़ क्षेत्र के शैक्षणिक विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा और आने वाले वर्षों में यहां की नई पीढ़ी को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाएगा।

विदिशा में लापरवाही पर भड़के शिवराज, चेताया- केंद्र से दल बुलाया तो सबकी खैर नहीं

विदिशा जिले में आयोजित जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री और सांसद शिवराज सिंह चौहान अधिकारियों पर जमकर बरसे। मनरेगा कार्यों में मशीनों के उपयोग और योजना में अनियमितताओं को लेकर उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि केंद्र से जांच दल आया, तो सभी नप जाएंगे। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि जिले में मनरेगा के तहत मशीनों से काम कराया जा रहा है। विधायक उमाकांत शर्मा और जिला पंचायत के कृषि समिति अध्यक्ष धनराज दांगी ने कहा कि मजदूरी दर इतनी कम है कि मजदूर काम ही नहीं करना चाहते। इस पर चौहान ने स्पष्ट किया कि मनरेगा कानून के अनुसार 60 प्रतिशत राशि मजदूरी पर खर्च होनी चाहिए।   मनरेगा में सबसे ज्यादा गड़बड़‍ियां उन्होंने कहा, मनरेगा में सबसे अधिक गड़बड़ियां होती हैं। अगर मैंने केंद्रीय टीम भेजी, तो कोई नहीं बचेगा। चौहान ने 121 अमृत सरोवरों का भौतिक सत्यापन कराने और आवास योजना में धीमी प्रगति पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि आवंटन में कोई गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। दो साल से जिले में हो, कुछ नहीं जानते कृषि विभाग की समीक्षा में भी अधिकारियों की तैयारियों की पोल खुल गई। जब शिवराज ने बीज वितरण और लक्ष्य की जानकारी मांगी, तो उप संचालक कृषि केएस खपेड़िया जवाब नहीं दे सके। इस पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि दो साल से जिले में हो और कुछ नहीं जानते। जिले में 287 किसानों की सोयाबीन बोवनी खराब होने की जानकारी पर चौहान ने तत्काल राहत और मुआवजा प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। दुकानों के साथ कंपनियों पर भी कार्रवाई हो उन्होंने अमानक खाद और कीटनाशक मामले में सिर्फ दुकानदारों पर कार्रवाई को नाकाफी बताया और उत्पादक कंपनियों पर भी कार्रवाई करने को कहा। इसके अलावा विधायक मुकेश टंडन और गीता रघुवंशी ने ठेकेदारों के डंपरों द्वारा ग्रामीण सड़कों को नुकसान पहुंचाने की शिकायत की। इस पर एनएचएआइ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के आदेश दिए गए।

गांव में हाथी का कहर, हमले और तबाही के बाद जंगल की ओर हुई वापसी

धमतरी वनांचल क्षेत्र से भटककर मैदानी क्षेत्र पहुंचा एक हाथी अब केरेगांव क्षेत्र के जंगल में पहुंच गया है। 24 घंटे के भीतर हाथी 50 किलोमीटर चले और हाईवे पार करते हुए अब जंगल में चला गया है। हाथी के जाने के बाद मैदानी क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। वन विभाग इस हाथी पर नजर रखे हुए है। एक ही दिन में हाथी कई किसानों के धान फसल को रौंदकर जमकर नुकसान पहुंचाया है। हाथी के वनांचल क्षेत्र पहुंचने के बाद ही वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने भी राहत महसूस किया है। भखारा क्षेत्र के गांवों में जंगली हाथी कभी पहुंच जाएगा, ऐसा लोगों ने कभी नहीं सोचा था, लेकिन हाथी वनांचल क्षेत्र से भटककर 11 जुलाई को मैदानी क्षेत्र के ग्राम रीवांगहन, भेंडरा, डोमा, खम्हरिया में पहुंच गया। इससे क्षेत्र के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया था। यह हाथी किसानों के खेत होते हुए पहुंचा था।   पल-पल का लोकेशन की जानकारी ले रहा था मैदानी क्षेत्र में हाथी के प्रवेश करने से वन विभाग के अमला भी रातभर नहीं सो पाया, क्योंकि हाथी किसी को मारकर नुकसान न पहुंचा दें। हालांकि हाथी ने मैदानी क्षेत्र में एक युवक पर हमला जरूर किया था, जो घायल हो गया था, ऐसे में वन विभाग की टीम इस हाथी का पल-पल का लोकेशन की जानकारी ले रहा था। रातभर यह हाथी कई किलोमीटर चले और हाईवे पार करके वनांचल क्षेत्र पहुंच गया है। मिली जानकारी के अनुसार हाथी भखारा रोड पार करके डोमा, खम्हरिया, ढिमरटिकुर नवागांव, देवपुर होते हुए केरेगांव परिक्षेत्र के जोगीडीह के जंगल में पहुंचा।   विभाग की टीम व पुलिस जवान लगे रहे हाथी पिछले 24 घंटों के भीतर 50 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर केरेगांव रेंज में पहुंच चुका है। सुरक्षा के मद्देनजर हाथी के पीछे वन विभाग की टीम व पुलिस जवान लगे रहे, ताकि किसी तरह जनहानि न हो। हाथी मानिटरिंग टीम के कर्मचारियों को सिंगल हाथी कक्ष क्रमांक 143 में पद चिन्ह मिला, तब जाकर कर्मचारियों ने राहत ली। डिप्टी रेंजर आरके तिवारी ने बताया कि हाथी केरेगांव क्षेत्र के जंगल पहुंच चुका है। किसानों के धान फसल को पहुंचाया नुकसान हाथी एक ही दिन में ग्राम भेंडरा, रीवांगहन, डोमा, खम्हरिया, डाही, छाती, डांडेसरा, ढिमरटिकुर नवागांव, देवपुर समेत कुछ अन्य गांव खेत वाले मार्ग से पहुंचे। इस दौरान हाथी कई किसानों के खेतों से होते हुए निकले, तो खेतों में लगे खरीफ सीजन के धान फसल को रौंदकर नुकसान पहुंचाया है। धान फसल के रौंदने से कई किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है।

पुलिस की सख्त कार्रवाई से हरदा में करणी सेना का आंदोलन समाप्त, आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल

हरदा मध्य प्रदेश के हरदा में धोखाधड़ी के आरोपी को पुलिस द्वारा संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए शनिवार को करणी सेना ने प्रदर्शन किया। इस दौरान इसके बाद पुलिस ने करणी सेना जिला अध्यक्ष सुनील सिंह राजपूत सहित 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के विरोध में बड़ी संख्या में करणी सेना के कार्यकर्ता खंडवा बायपास पर बैठ गए और जाम लगा दिया। पुलिस ने रात में इन्हें हटाने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ी से पानी की बौछारें डाली और फिर आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इस दौरान पुलिस ने राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर सहित दर्जनों कार्यकर्ता गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद करणी सेना का यहां हो रहा प्रदर्शन खत्म हो गया।   पुलिस ने रिमांड ही नहीं मांगी करणी सेना का आरोप है कि धोखाधड़ी के आरोपी को जब कोर्ट में पेश किया गया तो पुलिस ने उसकी रिमांड भी नहीं मांगी। इस दौरान सिटी कोतवाली पर शनिवार को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज भी कर दिया था। जिला अध्यक्ष सहित 4 लोगों की गिरफ्तारी के खिलाफ करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। इसके साथ ही दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे।

एमपी में पकड़ा गया खुद को डी कंपनी से जोड़ने वाला युवक, पीएम पर बोले थे आपत्तिजनक शब्द

इंदौर  मध्य प्रदेश में खुद को डी कंपनी का बताकर लोगों को धमकाने और प्रधानमंत्री मोदी के बारे में असभ्य बातें करने के आरोप में एक आदमी को गिरफ्तार किया गया है। पीएम मोदी के बारे में आपत्तिजनक बातें करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हिंदूवादी भड़क गए। उन लोगों ने उसकी गिरफ्तारी की मांग करते हुए थाने पर प्रदर्शन भी किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक बातें करने वाले भूमाफिया को खजराना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी खुद को डी कंपनी का आदमी बताकर लोगों को धमका रहा था।जानकारी के अनुसार, आरोपी का नाम रहमत पटेल है और वह खजराना का रहने वाला है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें एक मुस्लिम बुजुर्ग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में अर्मादित बातें कह रहा था। खजराना पुलिस ने जांच की तो आरोपी की पहचान हुई। पूछताछ में सामने आया कि वह लसूड़िया क्षेत्र के पिपलिया कुमार में तुलसी नगर स्थित अपनी जमीन पर खड़े होकर कुछ लोगों को धमकी दे रहा था। इस दौरान वह खुद को डी कंपनी (दाउद इब्राहिम) से जुड़ा होना बता रहा था। मामले में गौतम टिक्वल निवासी शिवबाग कालोनी ने शिकायत दर्ज करवाई थी। खजराना पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। खजराना थाना के इंचार्ज मनोज सेंधव के मुताबिक रहमत ने माफी मांगी और कहा कि उसने उम्रदराज होने के चलते आवेश में आकर बढ़-चढ़कर बातें बोली थीं। सामाजिक संगठनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जांच कराई जाए और रहमत पटेल के डी कंपनी से कथित संबंधों की गहराई से जांच हो। सवाल उठा रहे हैं कि जब आरोपी खुलकर देश विरोधी बयानबाजी कर रहा है, सहकारी जमीन पर कब्जा कर रहा है और खुद को आतंकी नेटवर्क से जोड़ रहा है तब भी प्रशासन क्यों शांत है? स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि ऐसे मामलों पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो यह समाज में भय और अविश्वास का माहौल पैदा करेगा। हिंदू संगठन ने वीडियो वायरल किया यह वीडियो मोहर्रम के वक्त का बताया गया है। इसमें लसूड़िया थाने में एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। लसूड़िया थाना प्रभारी ने बताया कि वीडियो संज्ञान में आने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था। अब यह वीडियो हिंदू संगठन द्वारा तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है।