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पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के निधन पर उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने व्यक्त किया शोक

भोपाल पूर्व राज्यपाल एवं वरिष्ठ राजनेता श्री सत्यपाल मलिक के निधन पर उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि पूर्व राज्यपाल श्री मलिक के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने दिवंगत आत्मा को मोक्ष गति प्रदान करने तथा शोक संतप्त परिजनों एवं उनके अनुयायियों को यह असीम कष्ट सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की समीक्षा: प्रदेश में चलेगा सोलर पंप स्थापित करने का सघन अभियान

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में किसानों के खेतों पर कुसुम योजना के अंतर्गत विभिन्न प्रावधानों का किसानों को लाभ दिलवाते हुए सोलर पंप स्थापना में पूर्ण सहयोग किया जाए। इसके लिए नवकरणीय ऊर्जा विभाग और सभी संबंधित एजेंसियां समन्वय से कार्य कर लक्ष्य पूर्ण करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए। बैठक में नवीन और नवकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्री राकेश शुक्ला की उपस्थित थे। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में इस वर्ष सोलर पंप स्थापित करने का अभियान प्रारंभ हो चुका है। इस कार्य की प्रगति की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विस्तार पूर्वक समीक्षा की। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में आगामी वर्ष तक 10 लाख सोलर पंप स्थापित किए जाएंगे। चरणबद्ध रूप से यह कार्य किया जा रहा है। किसानों को खेतों में सोलर पंप की स्थापना से जहां सामान्य बिजली के उपयोग पर होने वाले अत्यधिक व्यय से मुक्ति मिलेगी वहीं इस नवाचार से अन्य किसान भी प्रेरित होंगे। यह कार्य प्रदेश में गति प्राप्त करेगा। इसके लिए किसानों में जागरूकता बढ़ाने के प्रयास भी किए जाएंगे। आने वाले समय में यह भी संभव होगा कि किसान उत्पादित ऊर्जा का विक्रय कर सकेंगे। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन एवं संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

मंदिर-मस्जिद विवाद पर कोर्ट की कार्रवाई स्थगित, 21 अगस्त को आएगा अगला अपडेट

संभल   चंदौसी की एक दीवानी अदालत ने मंगलवार को स्थानीय बार एसोसिएशन की हड़ताल के कारण शाही जामा मस्जिद-हरिहर मंदिर को लेकर जारी विवाद की सुनवाई 21 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी। यह मामला दीवानी न्यायाधीश (सीनियर डिविजन) आदित्य सिंह के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हुआ था। मुस्लिम पक्ष ने पहले इलाहाबाद उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी कि यह मामला सुनवाई योग्य है या नहीं, लेकिन 19 मई को उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के उस आदेश को बरकरार रखा जिसमें अदालत की निगरानी में सर्वेक्षण की अनुमति दी गई थी और निचली अदालत को सुनवाई जारी रखने का निर्देश दिया था। हिंदू पक्ष की ओर से पेश हुए वकील  गोपाल शर्मा ने कहा कि आज बार एसोसिएशन की हड़ताल के कारण, अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख 21 अगस्त तय की है। बारिश और वकीलों की हड़ताल के चलते टली सुनवाई मुस्लिम पक्ष के वकील शकील अहमद वारसी ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि बारिश के कारण बार एसोसिएशन हड़ताल पर है, जिसके कारण अगली तारीख दी गई है। यह विवाद पिछले वर्ष 19 नवंबर से शुरू हुआ, जब अधिवक्ता हरि शंकर जैन और विष्णु शंकर जैन सहित हिंदू याचिकाकर्ताओं ने संभल जिला अदालत में एक मुकदमा दायर किया था, जिसमें दावा किया गया था कि मस्जिद का निर्माण पहले से मौजूद मंदिर के ऊपर किया गया था। सर्वे के बाद भड़की हिंसा में 4 की हो गई थी मौत बताया जा रहा है कि अदालत के आदेश पर उसी दिन (19 नवंबर) एक सर्वेक्षण किया गया, उसके बाद 24 नवंबर को एक और सर्वेक्षण किया गया। दूसरे सर्वेक्षण के कारण संभल में काफी अशांति फैल गई, जिसके परिणामस्वरूप 4 लोगों की मौत हो गई और 29 पुलिसकर्मी घायल हो गए। हिंसा के सिलसिले में पुलिस ने समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद जियाउर्रहमान बर्क और मस्जिद समिति के प्रमुख जफर अली के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। साथ ही 2,750 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। 

रायपुर: पचरीघाट के पास बैराज निर्माण को मिली 64.75 करोड़ की पुनरीक्षित स्वीकृति

रायपुर राज्य शासन द्वारा बिलासपुर जिले के विकासखण्ड बिल्हा में स्थित अरपा नदी पर पचरीघाट के पास बैराज निर्माण कार्य के लिए 64 करोड़ 75 लाख की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह परियोजना जल संरक्षण, पेयजल आपूर्ति तथा भू-जल संवर्धन के उद्देश्य से प्रस्तावित की गई है। निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पूर्व योजना की तकनीकी स्वीकृति, विभागीय नियमों के अंतर्गत निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार प्रदान की जाएगी। सभी आवश्यक औपचारिकताओं को पूर्ण करने के पश्चात कार्य प्रारंभ किया जाएगा तथा कार्य पूर्ण होने के उपरांत योजना का पूर्णता प्रमाण-पत्र शासन को सौंपा जाएगा। इस योजना के अंतर्गत समस्त कार्यों का क्रियान्वयन बजट शीर्ष ष्लघु सिंचाई पर पूंजी परिव्ययष् के अंतर्गत किया जाएगा। योजना हेतु वित्त विभाग द्वारा भी अपनी सहमति प्रदान कर दी गई है। राज्य शासन द्वारा मुख्य अभियंता को यह निर्देशित किया गया है कि वे कार्य पर नियमित नियंत्रण रखें तथा वित्तीय नियमों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करें। निर्माण कार्य की गुणवत्ता, मितव्ययता एवं समयबद्धता को प्राथमिकता से पूर्ण कराएं। किसी भी प्रकार की लागत वृद्धि स्वीकार्य नहीं होगी। जल संसाधन विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि राज्य के जल संसाधनों का समुचित दोहन कर आमजन को अधिकतम लाभ प्रदान किया जा सके।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जाति और धर्म आधारित आदेश पर नाराज, अधिकारी सस्पेंड

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंचायती राज विभाग के उस आदेश पर कड़ी नाराजगी जताई है, जिसमें ग्राम सभा की जमीन से अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई को खास जाति (यादव) और धर्म (मुस्लिम) से जोड़कर निर्देशित किया गया था। मुख्यमंत्री ने इस आदेश को ‘भेदभावपूर्ण और अस्वीकार्य’ बताते हुए इसे तुरंत रद्द करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने इस मामले को गंभीर प्रशासनिक चूक मानते हुए संबंधित संयुक्त निदेशक एस.एन. सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह की भाषा और सोच न सिर्फ शासन की नीति के खिलाफ है, बल्कि समाज में विभाजन पैदा करने वाली है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई पूरी तरह से निष्पक्ष, तथ्यों और कानून के अनुसार होनी चाहिए, न कि जाति या धर्म के आधार पर। उन्होंने यह भी कहा कि आगे से ऐसी गलती न हो, इसका सख्त ख्याल रखा जाए। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार समरसता, सामाजिक न्याय और सभी के समान अधिकारों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकारी नीतियां किसी भी व्यक्ति, समुदाय या वर्ग के प्रति पूर्वाग्रह पर आधारित नहीं हो सकतीं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार की नीति संविधान और न्याय की मूल भावना पर आधारित है, न कि किसी भेदभाव पर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सहारनपुर में एक कार्यक्रम के दौरान विपक्षी दलों को भी घेरा। उन्होंने कहा, “सनातन धर्म के बढ़ते गौरव से कांग्रेस और सपा परेशान हैं। पहले की सरकारें आतंकियों को संरक्षण देती थीं और सनातन धर्म की परंपराओं को कमजोर करने का प्रयास करती थीं, लेकिन अब भारत अपनी आध्यात्मिक विरासत के साथ विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार ने सहारनपुर क्षेत्र की उपेक्षा को समाप्त कर दिया है और विकास तथा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में एक नया अध्याय शुरू किया है। इस पूरे मामले से सरकार का यह संदेश साफ है कि जाति और धर्म के आधार पर किसी भी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई न तो स्वीकार की जाएगी और न ही उसे बर्दाश्त किया जाएगा।  

हिंसक वन्यप्राणियों द्वारा जनहानि, फसल हानि के प्रकरणों का संवेदनशीलता से करें निराकरण : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के कार्यों की समीक्षा की रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हिंसक वन्यप्राणियों द्वारा जनहानि, पशुहानि एवं फसल क्षति के प्रकरणों में त्वरित, नियमानुसार एवं संवेदनशीलता से क्षतिपूर्ति सहायता प्रदान की जाए। वनांचल में निवासरत लोगों को कई बार वन्यप्राणियों के हमलों से अपनों को खोने की पीड़ा सहनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में प्रभावितों के दुख-दर्द का मानवीय दृष्टिकोण से शीघ्र निराकरण किया जाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री श्री साय आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हाथी-मानव द्वंद्व और अन्य हिंसक वन्यप्राणियों द्वारा जनहानि, पशुहानि एवं फसल क्षति की घटनाएं राज्य के वनांचल क्षेत्रों में चुनौती बनकर उभर रही हैं। ऐसी स्थितियों में शासन की जिम्मेदारी है कि पीड़ितों को शीघ्र एवं न्यायसंगत सहायता उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित प्रकरणों का नियमानुसार त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जंगली हाथियों द्वारा धान जैसी प्रमुख फसल के अतिरिक्त गन्ना, केला, पपीता एवं कटहल जैसी नगदी फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचाया जाता है, जिससे किसानों को आर्थिक ही नहीं, मानसिक रूप से भी दोहरी मार झेलनी पड़ती है। बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में प्रदत्त व्यक्तिगत वनाधिकार पट्टों की अद्यतन स्थिति की भी जानकारी ली। बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शासन द्वारा प्रदत्त सहायता समय पर प्रभावितों तक पहुंचे, इसके लिए विभागीय समन्वय को और अधिक मजबूत किया जाए। जनहानि, स्थायी अपंगता, पशुहानि, मकान क्षति तथा फसल हानि के लिए दी जाने वाली क्षतिपूर्ति दरों में वृद्धि किए जाने का प्रस्ताव भी बैठक में प्रस्तुत किया गया। बैठक में प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली फसल क्षति के आरबीसी के प्रावधानों के अंतर्गत दी जाने वाली सहायता राशि पर भी चर्चा की गई। बैठक मे मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव (वन) श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, कृषि विभाग की सचिव श्रीमती शहला निगार, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी सचिव श्री अंकित आनंद, सचिव (वन) श्री अमरनाथ प्रसाद, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) श्री सुधीर अग्रवाल, अपर मुख्य वन संरक्षक श्री प्रेम कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

किसानों को निर्धारित दर 266 रुपए में दिलाई यूरिया खाद

उत्तर बस्तर कांकेर  कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशानुसार तथा उप संचालक कृषि जितेंद्र कोमरा के मार्गदर्शन में खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद, बीज और कीटनाशक उपलब्ध कराने जिला स्तर पर टीम गठित की गई है। इसी क्रम में सोमवार को भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के कोरर के निजी कृषि दुकानों में छापेमारी की बड़ी कार्यवाही कर कालाबाजारी पर नकेल कसा गया। सहायक संचालक कृषि सुधीर ददोरिया और गुंजन सिंग भदौरिया के नेतृत्व में खाद बीज निरीक्षक अमिनेश गावड़े, कृषि अधिकारी किरण भंडारी, प्रवीण कवाची, आशीष साहू ने कोरर में संचालित निजी कृषि केंद्रों में दबिश दी। इस दौरान दुकानों में लगे पीओएस मशीनों और स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया, जिसमें जांच में गड़बड़ियां पाई गई। किसानों ने की थी शिकायत   वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी भानुप्रतापपुर ने बताया कि किसानों को कोरर क्षेत्र के निजी कृषि केंद्र पर दो से तीन गुना अधिक कीमत पर रासायनिक खाद बिक्री करने की शिकायत दूरभाष के माध्यम से की गई थी। इस पर कृषि विभाग की टीम ने कार्यवाही करते हुए कोरर बाजार दिवस के दिन निजी कृषि सेवा केंद्र विजय ट्रेंड्स खाद गोदाम का निरीक्षण किया। गोदाम में मौजूदा स्टॉक में दो सौ बोरी यूरिया खाद उपलब्ध पाया गया। किसानों ने शिकायत थी कि एक बोरी यूरिया पांच से छै सौ रुपए में बेचा जा रहा है, जिस पर कृषि विभाग द्वारा तत्काल कार्यवाही करते हुए खाद खरीदने आए किसानों को शासन द्वारा निर्धारत दर में यूरिया 266 रुपए पचास पैसा, डीएपी 1350 रुपए, पोटाश 1535 रुपए और एसएसपी राखड़ खाद 495 रुपए की दर से किसानों को उपलब्ध कराई गई।       खाद खरीदने आए 27 किसानों को 79 बोरी यूरिया खाद शासकीय दर 266 रुपए पचास पैसा के दर से दिलवाई गई। कृषि विभाग द्वारा कार्यवाही कर निजी कृषि दुकान संचालकों को सख्त निर्देश देते हुए कहा गया कि किसानों के साथ लूट और काला बाजारी, जमाखोरी बर्दास्त नहीं की जाएगी। किसानों को समझाईश दिया गया कि निजी कृषि दुकान संचालकों द्वारा अधिक दर पर रासायनिक खाद बेचे जाने पर कृषि विभाग के अधिकारियों को तत्काल सूचना दिया, ताकि अविलंब कार्यवाही की जा सके।    

मंत्री कश्यप ने जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

विभागीय कार्यों में आ रही तकनीकी समस्याओं का आपसी समन्वय से करें निराकरण: मंत्री श्री केदार कश्यप  रायपुर विभागीय कार्यों में आ रही समस्याओं का निराकरण आपसी समन्वय स्थापित कर समय-सीमा में निराकरण करें। यह बातें जल संसाधन मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज शिवनाथ भवन अटल नगर में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में कही। उन्होंने बैठक में जल संसाधन विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की और स्पष्ट निर्देश दिए कि विभागीय कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो ने बैठक का संचालन करते हुए कहा कि एमआईएस में आ रही समस्याओं का आपसी समन्वय स्थापित कर 19 अगस्त 2025 के पूर्व समस्त तकनीकी विषयों पर आवश्यक निर्णय लेते हुए निराकरण कर लिया जाए। साथ ही तकनीकी स्वीकृति से संबधित वित्तीय अधिकार को युक्तियुक्त करने हेतु प्रस्ताव 06 अगस्त 2025 तक शासन को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। निविदा प्रपत्र के अंतर्गत 108 प्रकरणों में दोषी पाये गये निविदाकारों के विरूद्ध कार्यवाही एक सप्ताह के भीतर अनिवार्यतः पूर्ण करें और दोषी पाए गए निविदाकारों को आगामी निविदा में भाग लेने के संबंध में निविदा कंडिका में संशोधन हेतु प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर शासन को प्रेषित करना सुनिश्चित करें।  बैठक में सचिव श्री टोप्पो ने अधिकारियों को एमआईएस में संबंधित प्रविष्टी प्रदर्शित होने के लिए आवश्यक व्यवस्था भी समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।  इसके साथ ही निविदा प्रक्रिया में आ रही समस्याओं का संबंधित मुख्य अभियंता एवं निविदा प्रकोष्ठ कार्यालय प्रमुख अभियंता आपस में समन्वय स्थापित कर निराकरण हेतु आवश्यक कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि बोधघाट वृहद् परियोजना, इन्द्रावती-महानदी इंटरलिंकिंग परियोजना, शेखरपुर जलाशय एवं डांडपानी जलाशय के निर्माण हेतु आवश्यक कार्यवाही पूरी कर तथा प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त योजनाओं में निविदा स्वीकृति का कार्य निर्धारित 100 दिवस की समय-सीमा में पूर्ण किया जाना सुनिश्चित करें।  सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो ने बैठक में जलाशयों से कृषकों की माँग के अनुरूप नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करते हुए जल प्रदाय किया जाना सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होंने विभिन्न विषयों पर विभागीय नीति तैयार कर एक माह के भीतर शासन को प्रस्तुत किया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जल-कर में वृद्धि हेतु प्रस्ताव अविलम्ब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्मार्ट मीटरिंग के कार्य को भी पी.पी.पी. माध्यम से कराए जाने हेतु प्रस्ताव अविलम्ब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। सचिव श्री टोप्पो ने मंत्री श्री कश्यप को बताया कि विशेष केन्द्रीय सहायता प्राप्त करने हेतु प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत कर दिया जाएगा और परियोजना मण्डल की आगामी बैठक हेतु आवश्यक तैयारियां एक सप्ताह के भीतर पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं के क्रियान्वयन हेतु आवश्यक कार्यवाही भी समय से पूर्ण कर लिया जाएगा। इस अवसर पर प्रमुख अभियंता श्री इंद्रजीत उईके, मुख्य अभियंता सर्वश्री प्रसून शर्मा, डी.के. बुम्मेरकर, जे.आर. भगत, आर.आर. सारथी, एस.के. टीकम, शंकर ठाकुर, के. एस. भंडारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

विद्यालयों में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के साथ हरित पर्यावरण और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर रहेगा फोकस

अम्बिकापुर नवीन शैक्षणिक सत्र 2025-26 के शुभारंभ पर सरगुजा जिले के कलेक्टर विलास भोसकर ने जिले के समस्त शासकीय विद्यालयों में पालक-शिक्षक बैठक आयोजित करने हेतु प्रेरक पत्र जारी किया है। इस वर्ष यह बैठक 6 अगस्त 2025, बुधवार को विद्यालय स्तर पर आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य पालकों और शिक्षकों के बीच संवाद, सहयोग और समन्वय को बढ़ाना है। कलेक्टर ने अपने पत्र में कहा है कि पालक-शिक्षक बैठकों से बच्चों के शिक्षा, संस्कार और पोषण जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर ठोस चर्चा का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने सभी पालकों और शिक्षकों से अपील की है कि वे बैठक में सक्रिय सहभागिता दें और अपने पाल्यों के सर्वांगीण विकास के लिए सार्थक सुझाव रखें। बैठक के दौरान शासन द्वारा संचालित विद्यार्थी हितैषी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी तथा बच्चों की शिक्षा, पोषण एवं व्यक्तिगत विकास से संबंधित विषयों पर चर्चा की जाएगी। इस बैठक के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का आयोजन भी किया जाएगा। इसमें प्रत्येक पालक एवं शिक्षक से अपील की है कि वे विद्यालय परिसर में एक पौधा अपनी माँ के सम्मान में रोपित करें तथा उसके संरक्षण का संकल्प लें। यह अभियान न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगा, बल्कि विद्यार्थियों में प्रकृति और परिवार के प्रति भावनात्मक जुड़ाव भी विकसित करेगा। कलेक्टर ने पत्र में सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और ऐतिहासिक धरोहरों की चर्चा करते हुए कहा कि यह जिला छत्तीसगढ़ महतारी के मुकुटस्वरूप “स्वर्ग-जया” की भांति है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की है कि वे इसे और अधिक गौरवशाली बनाएं और भावी पीढ़ी को संस्कारित, सक्षम एवं स्वावलंबी बनाकर विकसित भारत के निर्माण में भागीदार बनें।

अलीगढ़ में रक्षा उत्पादन की नई क्रांति, CM योगी बोले- अब देश की शान बनेगा शहर

अलीगढ़  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' योजना आज देश के अंदर एक मॉडल बनकर उभरी है। सीएम योगी ने लोगों से अपील की कि आज स्वदेशी अपनाना हम सब लोगों की सबसे बड़ी आवश्यकता है। हमारा ही पैसा अगर हमारे ही कारीगर और हस्तशिल्पियों के पास जाएगा तो यह विकास और समृद्धि का आधार बनेगा। प्रति व्यक्ति आय को बढ़ाने में निर्णायक भूमिका का निर्वहन करेगा। सीएम ने कहा कि 2018 में शुरू हुआ डिफेंस कॉरिडोर आज ब्रह्मोस मिसाइल जैसे उन्नत हथियारों का उत्पादन कर रहा है। यह मिसाइल विश्व में अद्वितीय है और भारत के हर दुश्मन को जवाब देने में सक्षम है। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए भारत की सैन्य शक्ति और आत्मनिर्भरता की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अलीगढ़ ड्रोन और हार्डवेयर उद्योग में भी अपनी पहचान बना रहा है, जो स्थानीय कारीगरों को रोजगार और समृद्धि प्रदान कर रहा है। सीएम योगी ने मंगलवार को अलीगढ़ के नुमाइश मैदान में आयोजित एक भव्य समारोह में 958 करोड़ रुपए की 186 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा, "अगर हमारा यह पैसा विदेशी हाथों में जाएगा, तो आतंकवाद के रूप में, धर्मांतरण के रूप में, अव्यवस्था के रूप में, विस्फोट के रूप में, भारत को अस्थिर करने के लिए भारत के खिलाफ ही इस्तेमाल किया जाएगा।" सीएम योगी ने आने वाले सभी त्योहारों पर लोगों से अपने स्वजनों को स्वदेशी उत्पादों को गिफ्ट के रूप में देने की अपील की। समारोह में सीएम योगी ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, सहायता राशि, टैबलेट, आवास की चाबियां और आयुष्मान कार्ड वितरित किए। सीएम ने स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और भगवान कृष्ण के रूप में सजे बच्चों को दुलारते हुए उन्हें चॉकलेट, माखन और खिलौने भेंट किए। जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने अलीगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कल्याण सिंह ने अलीगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। उनके सपनों को साकार करते हुए हम 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' के माध्यम से ताला उद्योग को नई ऊंचाइयां दे रहे हैं। उन्होंने राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय का उल्लेख करते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय जल्द ही अलीगढ़ को उच्च शिक्षा का नया केंद्र बनाएगा, जो स्वतंत्रता संग्राम की स्मृतियों को जीवित रखने के साथ-साथ युवाओं को उज्ज्वल भविष्य प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को दोहराते हुए सीएम योगी ने स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ का ताला उद्योग, पीतल की मूर्तियां, और हार्डवेयर आज देश-विदेश में मांग को पूरा कर रहे हैं। विदेशी सामान खरीदने से हमारा पैसा आतंकवाद और अस्थिरता को बढ़ावा देता है। जब हम विदेशी सामान खरीदते हैं, तो उसका मुनाफा आतंकवाद, धर्मांतरण और देशविरोधी ताकतों को मिलता है। उन्होंने मुरादाबाद, फिरोजाबाद, भदोही, और मेरठ जैसे जिलों के ओडीओपी उत्पादों का उदाहरण देते हुए कहा कि ये स्थानीय कारीगरों की समृद्धि और रोजगार का आधार बन रहे हैं। स्वदेशी उत्पादों को अपनाना और इसे बढ़ावा देना आज की जरूरत है। इसी से हम अपने राष्ट्र को मजबूत कर सकते हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्वच्छता अभियान पर जोर देते हुए कहा कि सभी लोग स्वच्छता को जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है। 'सिंगल यूज प्लास्टिक' का उपयोग बंद करें, ताकि नालियां न चोक करें और जलभराव की समस्या न हो। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के लिए ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की अपील की और कहा कि 13 से 15 अगस्त तक हर घर, प्रतिष्ठान और शिक्षण संस्थान में तिरंगा लहराएं। स्वाधीनता संग्राम के स्मारकों की सफाई करें और शहीदों को श्रद्धांजलि दें। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ झंडा नहीं, भारत के गौरव, बलिदान और आत्मसम्मान का प्रतीक है। सीएम योगी ने डबल इंजन सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति की सराहना की। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले अलीगढ़ और उत्तर प्रदेश के कई जिले दंगों और अराजकता से जूझ रहे थे। आज बेहतर कानून व्यवस्था के कारण निवेश और विकास की नई संभावनाएं खुल रही हैं। हाल ही में हुई 60,244 पुलिसकर्मियों की भर्ती में अलीगढ़ से 1,344 युवाओं का चयन हुआ, जिसे उन्होंने स्थानीय परिवारों के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि आगे हम यूपी पुलिस में 30 हजार और भर्तियां करने वाले हैं। उन्होंने कहा, "2017 से पहले सरकारी नौकरियां कुछ परिवारों की बपौती थीं, लेकिन अब चयन मेरिट के आधार पर हो रहा है। लॉजिस्टिक्स और निवेश परियोजनाएं इस बात का प्रमाण हैं।" सीएम योगी ने कहा कि अलीगढ़ ने मूर्ति के निर्माण को लेकर के पूरे देश के अंदर एक नया केंद्र बिंदु बना है। सीएम ने रक्षाबंधन और जन्माष्टमी के लिए उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए सभी लोग अपने स्वजनों को स्वदेशी उत्पादों को उपहार में दें। इससे हमारी मेहनत का पैसा हमारे घर में ही रहेगा। योगी ने कहा कि सरकार 8 से 10 अगस्त तक महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा प्रदान कर रही है। सीएम ने जनप्रतिनिधियों के योगदान को सराहते हुए कहा कि आपके द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों ने डबल इंजन सरकार को समर्थन देकर अलीगढ़ के विकास को गति दी है। हम उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए प्रतिबद्ध हैं।