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CBI बनकर फंसाया, डिजिटल अरेस्ट का ड्रामा रचा और ठग लिए 20.81 लाख, MP में छह गिरफ्तार

देवास डिजिटल अरेस्ट के अपराधों को करने वाले संगठित गिरोह को दबोचने में जिले की सतवास थाना पुलिस को सफलता मिली है। इस गिरोह के सदस्यों ने सतवास के एक व्यक्ति को पुलिस, सीबीआई का अधिकारी बताकर मनी लांड्रिंग का केस चलने की बात करके डिजिटल अरेस्ट कर लिया था और 20.81 लाख रुपए जमा करवा लिए थे। मामले में पुलिस ने छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है जो दिल्ली, महाराष्ट्र, इंदौर, नीमच आदि क्षेत्रों के रहने वाले हैं। आरोपितों में से एक ने खुद को सीबीआई चीफ आकाश कुलहरि बताकर वीडियो कॉल पर बात की थी। खुद को कोलाबा थाने का अधिकारी बताया देवास पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने बताया सतवास निवासी प्रमोद गौर के पास 24 जून 2025 को एक फोन कॉल आया जिसमें सामने वाले ने कोलाबा पुलिस स्टेशन मुंबई का अधिकारी स्वयं को बताया और कहा नरेश गोयल के साथ मनी लांड्रिंग केस में आप शामिल हैं, केनरा बैंक मुंबई में आपका खाता है जिसकी सीबीआई जांच चल रही है जिसके सुप्रीम कोर्ट के नोटिस आपको सोशल मीडिया पर भेजे हैं।   सीबीआई के नाम पर डिजिटल अरेस्ट इसके बाद प्रमोद को वीडियो कॉल किया गया और सामने वाले ने स्वयं को सीबीआई चीफ आकाश कुलहरि बताया और पुलिस, सीबीआई के नाम पर डिजिटल अरेस्ट करके कहा आपके खाते में जितनी भी राशि है, सुप्रीम कोर्ट उसका वेरिफिकेशन कराना चाहती है। इसके बाद फरियादी से 20 लाख 81 हजार रुपए अलग-अलग खातों में आरटीजीएस के माध्यम से डलवाए गए। इन आरोपितों को दबोचा पुलिस ने पुलिस ने सोमेश्वर उर्फ सोम उर्फ सेमीनाम उर्फ सैम, संजय उर्फ संजू उर्फ वैम्पायर, गौरव उर्फ रितिक उर्फ लाला उर्फ गुप्ताजी, हर्ष उर्फ पीटर बास प्रजापति, ऋषिकेश पंवार, सुनील उर्फ सागर जाधव को गिरफ्तार किया है। आरोपित संजय उर्फ संजू पर पहले से हत्या व अन्य धाराओं के मामला दर्ज हैं। कमीशन का लालच देकर अकाउंट लिए किराए पर पुलिस के अनुसार आरोपितों ने सोशल मीडिया पर ग्रुप बनाकर अच्छा कमीशन देने का लालच देकर लोगों के बैंक खाते किराए पर लिए थे, इन खातों में ही धोखाधड़ी की राशि जमा करवाई जाती थी। बैंक खातों के उपयोग के दौरान आरोपी एक शहर से दूसरे शहर में जाने में हवाई यात्रा करते थे। आरोपियों के द्वारा देवास के अलावा मध्य प्रदेश व अन्य राज्यों में इस तरह ठगी की 37 वारदातें की जा चुकी हैं।

प्रेमी के साथ संबंध, फिर रेप का आरोप! कैमरे में कैद हुई हकीकत

गोरखपुर गोरखपुर से मुंबई जा रही ट्रेन में युवती के साथ यौन उत्पीड़न के केस ने दिलचस्प मोड़ आया है। खबर है कि GRP को जांच में पता चला है कि महिला झूठे आरोप लगा रही है और वह अपने प्रेमी के साथ शारीरिक संबंध बनाने के बाद अस्पताल पहुंची थी। खास बात है कि महिला ने पुलिस के बार-बार कहने के बाद भी शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। 30 वर्षीय युवती ने आरोप लगाए थे कि उसके साथ चलती ट्रेन में यौन उत्पीड़न हुआ था। रिपोर्ट के अुसार, 13 जुलाई को दादर GRP को अस्पताल से एक फोन आया। पुलिस को जानकारी दी गई कि एक महिला को अस्पताल में भर्ती किया गया है, जिसके निजी अंगों पर चोट के निशान हैं। पुलिस पूछताछ में महिला ने चलती ट्रेन में यौन हिंसा की बात कही। रिपोर्ट के मुताबिक, महिला ने बताया कि वह एक दिन पहले गोरखपुर एक्सप्रेस के जनरल कोच में प्रयागराज से मुंबई जा रही थी। उसने बताया कि वह ट्रेन में वॉशरूम गई और उस समय वहां एक अनजान शख्स भी पहुंच गया। महिला के आरोप थे कि उस शख्स ने यौन हिंसा से पहले अंदर से गेट बंद कर लिया था। महिला अपमान होने की बात कहकर पुलिस शिकायत से इनकार करती रही। बाद में पुलिस ने उसे समझाने की कोशिश की, जिसमें एक एनजीओ की मदद भी ली गई। पुलिस ने इस संबंध में स्वत: संज्ञान FIR दर्ज कर ली। ऐसे खुला राज पुलिस ने जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मौका-ए-वारदात पर भी पहुंची। जांच में पता चला कि महिला अपने प्रेमी के साथ मुंबई जा रही थी और दोनों ने 12 जुलाई की रात एक गेस्ट हाउस में गुजारी थी, जहां दोनों ने शारीरिक संबंध बनाए। इसके चलते उसे गुप्तांगों में चोट लगी थी और वह अस्पताल में भर्ती हो गई थी।  

बकरी पालन बना आजीविका का सहारा, जय बड़ादेव महिला समूह रायपुर में बना प्रेरणा स्रोत

रायपुर : बकरी पालन से आत्मनिर्भरता की मिसाल बनी जय बड़ादेव महिला समूह रायपुर की महिलाओं ने रचा आत्मनिर्भरता का उदाहरण, जय बड़ादेव समूह ने बकरी पालन से बदली किस्मत बकरी पालन बना आजीविका का सहारा, जय बड़ादेव महिला समूह रायपुर में बना प्रेरणा स्रोत रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुसार राज्य की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के विशेष प्रयास किया जा रहे हैं। विभिन्न विभागों द्वारा चलाई जा रही हितग्राहीमूलक योजनाओं से जोड़कर उन्हें आर्थिक गतिविधियों में सम्मिलित करते हुए  लाभ के अवसर प्रदान किये जा रहे हैं । ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाएं व्यवसाय प्रारंभ कर आत्मनिर्भर हो रही हैं। महासमुंद जिले के ग्राम गुलझर की महिलाओं ने यह सिद्ध कर दिखाया है कि आत्मनिर्भरता का रास्ता दूर नहीं, यदि सही दिशा, दृढ़ इच्छाशक्ति और सामूहिक प्रयास साथ हों। वर्ष 2019 में गठित जय बड़ादेव महिला स्व-सहायता समूह ने स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर आजीविका का सशक्त साधन तैयार किया और अपनी आर्थिक स्थिति को नई दिशा दी। बकरी पालन को बनाया आय का स्थायी माध्यम  समूह की अध्यक्ष श्रीमती गोमती ध्रुव बताती हैं कि उन्होंने शुरुआत में बकरी पालन को एक व्यवसाय के रूप में अपनाया, क्योंकि यह ग्रामीण परिवेश में कम लागत और कम प्रशिक्षण में भी लाभकारी साबित हो सकता है। उनके अनुसार बकरी पालन सिर्फ पशुपालन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने का एक प्रभावी माध्यम बन गया है। बिहान योजना से मिली आर्थिक ताकत  बकरी पालन की शुरुआत उन्होंने बिहान योजना के अंतर्गत 1 लाख रुपये के ऋण से की। नियमित किस्त चुकाने के बाद वे ऋणमुक्त हुईं और फिर क्रमशः 2 लाख और 4 लाख रुपये का ऋण लेकर व्यवसाय का विस्तार किया। समय पर ऋण अदायगी के फलस्वरूप समूह को 15 हजार रुपये का रिवॉल्विंग फंड और 60 हजार रुपये का सामुदायिक निवेश कोष भी प्राप्त हुआ। बकरी खाद से अतिरिक्त आय और बाजार में मांग  आज समूह की 8 महिला सदस्यों के पास चार से पाँच बकरियाँ हैं। वे न केवल बकरी पालन कर रही हैं, बल्कि उससे उत्पादित जैविक बकरी खाद को तैयार कर बाज़ार में बेच रही हैं, जिससे प्रत्येक महिला को प्रति माह 4 से 5 हजार रुपये की अतिरिक्त आय हो रही है। बकरी खाद की गुणवत्ता और जैविक प्रकृति के कारण इसकी मांग पुणे जैसे बड़े शहरों में भी बनी हुई है। आकांक्षा हाट में शानदार प्रदर्शन  हाल ही में जिला पंचायत परिसर में आयोजित आकांक्षा हाट में समूह द्वारा लगाए गए स्टॉल में बकरी खाद को लोगों का जबरदस्त प्रतिसाद मिला। इससे महिलाओं का उत्साह और आत्मविश्वास और भी बढ़ा है। प्रेरणास्रोत बनीं ग्रामीण महिलाएं  श्रीमती गोमती ध्रुव और उनकी साथी महिलाओं ने यह सिद्ध कर दिखाया है कि यदि ग्रामीण महिलाएं संगठित होकर कार्य करें और शासन की योजनाओं का सही लाभ उठाएं, तो न केवल वे अपनी आजीविका को सशक्त बना सकती हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन सकती हैं। समूह की महिलाएं बिहान योजना और अन्य आजीविका उन्मुख सरकारी योजनाओं के लिए शासन का आभार व्यक्त करती हैं, जिन्होंने उन्हें यह मंच और अवसर प्रदान किया।

आपदा में जान गंवाने वालों के परिजनों को मिलेगा आर्थिक सहारा, अम्बिकापुर में 48 लाख मंजूर

अम्बिकापुर  जिला प्रशासन द्वारा प्राकृतिक आपदा में मृतकों के वारिसों को 48 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है। जिसमें तहसील अम्बिकापुर के भिटटीकला निवासी उपदेव यादव की मृत्यु पानी में डूबने से होने पर उनके वारिस रनमेत यादव, तहसील दरिमा के नवापाराकला निवासी रूपनारायण की मृत्यु पानी में डूबने से होने पर उनके वारिस रामबाई, तहसील दरिमा के कतकालो निवासी पार्वती राजवाड़े की मृत्यु पानी में डूबने से होने पर उनके वारिस प्रदीप राजवाड़े, तहसील उदयपुर के पण्डरीपानी निवासी सीता सिरदार की मृत्यु पानी में डूबने से होने पर उनके वारिस पोलेश्वर प्रसाद, तहसील कुन्नी लखनपुर के तुनगुरी निवासी सुरेन्द्र राजवाड़े की मृत्यु सांप के काटने से होने पर उनके वारिस हीरा बाई, तहसील कुन्नी लखनपुर के मांजा निवासी प्यारी बाई की मृत्यु पानी में डूबने से होने पर उनके वारिस लक्षन राम, तहसील सीतापुर के खड़ादोरना निवासी शिवम गुप्ता की मृत्यु पानी में डूबने से होने पर उनके वारिस अमित गुप्ता, तहसील बतौली के कुनकुरीकला निवासी सुरजपति की मृत्यु पानी में डूबने से होने पर उनके वारिस भागीरथी पैकरा, तहसील लुण्ड्रा के बरगीडीह निवासी विक्रम उर्फ डललू तिवारी की मृत्यु पानी में डूबने से होने पर उनके वारिस घनश्याम तिवारी, तहसील लुण्ड्रा के उदारी निवासी लोकेश पैकरा की मृत्यु सांप के काटने से होने पर उनके वारिस सोना सिंह, तहसील रघुनाथपुर लुण्ड्रा के बदगरी निवासी रामलाल खोई की मृत्यु आकाशीय बिजली गिरने से होने पर उनके वारिस सुषमा सिंह, एवं तहसील धौरपुर निवासी फुलेश्वरी कुजूर की मृत्यु सांप के काटने से होने पर उनके वारिस रीखू कुजूर को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की है। इस राशि की मंजूरी राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड 6-4 संशोधित प्रावधानों के तहत प्राकृतिक आपदा राहत के अंतर्गत दी गई है।

महापौर का बयान: अनवर कादरी को पार्षद पद से हटाने की सिफारिश, परिषद में जाएगा प्रस्ताव

इंदौर  लव जिहाद के लिए फंडिंग के आरोपी पार्षद अनवर कादरी को हटाने का प्रस्ताव लाने का निर्णय लिया है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि अनवर कादरी को हटाने का प्रस्ताव एमआईसी में पारित करेंगे और उस प्रस्ताव को परिषद में रखने का निर्णय लिया है। जल्द अगली परिषद में हम दो-तिहाई बहुमत और जिन मुद्दों पर उनको हटाना जरूरी है उन पर चर्चा करेंगे। पार्षद अनवर कादरी को भी सुनवाई का मौका देंगे। पार्षदी समाप्त करने का प्रस्ताव अगली परिषद में लेकर आने का भी एमआईसी में शिकायत के आधार पर निर्णय लिया गया है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि अनवर कादरी जैसे पार्षद ने न केवल अपनी पार्षदी का, बल्कि इस निगम और शहर का मान कम करने का काम किया है। डिविजनल कमिश्नर को भी लिखा लेटर महापौर ने बताया कि कई प्रकरणों के कारण, कब्जों के कारण, लव जिहाद की फंडिंग करने के आरोपों के कारण फरार चल रहा है। इस पार्षद का पार्षद बने रहना न तो शहर हित में है न ही निगम हित में। हमने एक लेटर डिविजनल कमिश्नर को लिखा था कि वह धारा 19 के प्रावधान के तहत तत्काल कार्र‌वाई करें। वो अपनी कार्रवाई कर रहे होंगे। मैं मानता हूं कि वो कार्रवाई करेंगे, नहीं करेंगे तो इंदौर की जनता और हमारे पार्षद उनसे सवाल जरूर करेंगे, लेकिन जो काम हमारी सीमा में है हम वो करेंगे। जानलेवा हमले पर 14 साल पहले काटी एक साल की सजा 2011 में कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी, उसके भाई और एक अन्य आरोपी को जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने एक-एक साल के कारावास की सजा सुनाई थी। यह हमला 6 मई 2009 को इंदौर के आजादनगर चौराहे के पास अनवर हुसैन पर किया गया था। अनवर हुसैन आरोपियों पर चल रहे एक अन्य मामले में गवाह था। पुलिस ने कादरी समेत कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से पिस्तौल, कट्टा, तलवार और चाकू बरामद किए गए थे। उज्जैन में डकैती का केस, इसी से मिला डकैत नाम अनवर कादरी पर 1996 में उज्जैन के महाकाल थाने में डकैती का केस दर्ज किया गया था। इसके बाद उसे अनवर डकैत के नाम से पहचाना जाने लगा। अनवर ने इंदौर में भी मारपीट, घर में घुसकर धमकाने जैसी कई घटनाओं को अंजाम दिया। अनवर कांग्रेस से तीन बार पार्षद रह चुका है। उसकी पत्नी दो बार पार्षद रही है। प्रमोद टंडन के शहर कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए अनवर को शहर कांग्रेस का महामंत्री भी नियुक्त किया गया था। उसने एक बार निर्दलीय चुनाव भी लड़ा था। ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे, जेल जाना पड़ा 28 अप्रैल 2025 को अनवर ने इंदौर के वार्ड 58 स्थित बड़वाली चौकी पर पहलगाम हमले के विरोध में पाकिस्तान और आतंकवाद का पुतला दहन किया था। कार्यक्रम के दौरान जैसे ही कादरी ने 'पाकिस्तान' शब्द बोला, वहां मौजूद उसके कुछ समर्थकों ने 'जिंदाबाद' के नारे लगा दिए। इस मौके पर बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल थे। घटना के वीडियो को लेकर बीजेपी विधायक गोलू शुक्ला ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इस पर अनवर कादरी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

कलेक्टर ने तिरंगा यात्रा, स्वतंत्रता दिवस और योजनाओं की प्रगति की गई समीक्षा

महासमुंद : कलेक्टर ने ली समय-सीमा की बैठक समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने दिए निर्देश, महासमुंद में विकास कार्यों की हुई समीक्षा महासमुंद: कलेक्टर की अध्यक्षता में समय-सीमा की बैठक सम्पन्न, अधिकारियों को सौंपे गए आवश्यक निर्देश कलेक्टर ने तिरंगा यात्रा, स्वतंत्रता दिवस और योजनाओं की प्रगति की गई समीक्षा महासमुंद कलेक्टर विनय लंगेह ने आज सुबह 10 बजे कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक लेकर विभिन्न विभागीय योजनाओं, कार्यक्रमों और आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों की समीक्षा की। इस अवसर पर नवपदस्थ जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अनुविभागीय अधिकारी, सभी विभाग के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। वीसी के माध्यम से जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ सहित सभी ब्लॉक स्तरीय संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर लंगेह ने तिरंगा यात्रा की तैयारी की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस वर्ष तिरंगा यात्रा हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता स्वतंत्रता का उत्सव स्वच्छता के संग थीम पर आयोजित किया जाएगा। यह अभियान तीन चरणों में आयोजित होगा, जो 15 अगस्त तक चलेगा। कलेक्टर ने कहा कि तिरंगा यात्रा की तैयारी हेतु सभी जनपद सीईओ को आवश्यक निर्देश दिए। इस अभियान में स्वयंसेवी संगठनों, स्वयं सहायता समूह और आम नागरिकों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के माध्यम से भी आजादी का महोत्सव मना सकते हैं। साथ ही कलेक्टर ने इस वर्ष मनाए जाने वाले स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों की समीक्षा करते हुए इसे रजत जयंती थीम के अनुरूप एवं गरिमापूर्ण आयोजन करने और पूर्व वर्षों की भांति अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपते हुए कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में लंगेह ने अटल मॉनिटरिंग पोर्टल में समय-सीमा में डेटा अपलोड करने, तथा ई-ऑफिस का अनिवार्य उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने 15 वर्ष से अधिक पुरानी शासकीय वाहनों की नीलामी हेतु संबंधित जानकारी प्रस्तुत करने को कहा। मुख्यमंत्री घोषणाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा करते हुए बसना एवं खल्लारी में प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। पीएम जनमन योजना अंतर्गत निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवासों को 15 अगस्त तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। बहुद्देशीय केंद्रों की प्रगति की जानकारी भी ली गई। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अब तक 87 प्रतिशत कार्ड बनाए जा चुके हैं, शेष शत-प्रतिशत लक्ष्य को जल्द पूर्ण करने हेतु स्वास्थ्य विभाग की टीम को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने को कहा गया। राशन कार्ड में मृत व्यक्तियों के नाम हटाने हेतु विशेष अभियान चलाने को कहा गया। कृषि विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि 66 हजार टन खाद में से 81 प्रतिशत खाद का वितरण किया जा चुका है। वहीं, मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने व जरूरत पड़ने पर गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने आवारा पशुओं की समस्या को लेकर सख्त निर्देश देते हुए कहा कि पशु मालिकों पर अपने पशुओं को सड़क पर खुला छोड़ने पाए जाने पर जुर्माना लगाया जाए। पंचायत स्तर पर पशुओं को रखने की स्थानीय व्यवस्था की जाए। अब तक महासमुंद में 1500 रुपए, पिथौरा में 400, सरायपाली में 1400 एवं बसना में 500 रुपए की पेनाल्टी वसूली गई है तथा कुल 251 पशुओं को विस्थापित किया गया है। अनुविभागीय अधिकारियों को इस पर निजी रूप से मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए। बैठक में पेंशन प्रकरणों की समीक्षा की और सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को समय-सीमा में जानकारी भेजने के निर्देश दिए। बैठक में समय-सीमा में प्राप्त पत्रों की समीक्षा, जनशिकायत निवारण, एवं लोक सेवा गारंटी अधिनियम की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जनता से जुड़े प्रकरणों को समय पर और प्राथमिकता से हल किया जाए।

छत्तीसगढ़ में महत्वपूर्ण खनिजों की खोज से खुला समृद्धि का नया द्वार

रणनीतिक खनिजों की खोज में छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक छलांग:छत्तीसगढ़ में निकेल-क्रोमियम-PGE की पुष्टि रायपुर  खनिज विकास के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। मेसर्स डेक्कन गोल्ड माइनिंग लिमिटेड (DGML) ने राज्य में हाल ही में प्राप्त संयुक्त अनुज्ञा क्षेत्र में निकल (Nickel), क्रोमियम (Chromium) और प्लेटिनम समूह के तत्वों (PGEs) की खोज की है। यह उल्लेखनीय उपलब्धि छत्तीसगढ़ में रणनीतिक एवं महत्वपूर्ण खनिजों की खोज और उनके सतत विकास के एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है। यह खोज महासमुंद जिले के भालुकोना–जामनीडीह निकल, क्रोमियम और PGE ब्लॉक में हुई है, जो लगभग 3000 हेक्टेयर में फैला हुआ है। इस क्षेत्र का प्रारंभिक अन्वेषण भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) द्वारा G4 स्तर पर किया गया था, जिसमें इन खनिजों की उपस्थिति की संभावना प्रकट हुई थी। इस आधार पर, छत्तीसगढ़ शासन के खनिज साधन विभाग के अंतर्गत भूविज्ञान एवं खनिकर्म संचालनालय (DGM) ने विस्तृत भू-वैज्ञानिक आंकड़ों का संकलन कर ब्लॉक की ई-नीलामी प्रक्रिया संपन्न कराई। दिनांक 6 मार्च 2023 को ब्लॉक का सफलतापूर्वक नीलामीकरण हुआ, जिसमें DGML ने 21%  सबसे ऊँची बोली लगाकर इसे हासिल किया। इसके पश्चात DGM छत्तीसगढ़ द्वारा अन्वेषण कार्यों को शीघ्र गति देने हेतु तकनीकी मार्गदर्शन और निरंतर सहयोग प्रदान किया गया। आवश्यक वन और पर्यावरणीय स्वीकृतियाँ प्राप्त होने के बाद, DGML ने अन्वेषण कार्यों की शुरुआत की, जिनमें विस्तृत भू-वैज्ञानिक मानचित्रण, रॉक चिप सैम्पलिंग, ड्रोन आधारित मैग्नेटिक सर्वेक्षण तथा इंड्यूस्ड पोलराइजेशन (IP) सर्वेक्षण शामिल हैं। प्रारंभिक परिणाम उत्साहजनक रहे हैं। अब तक लगभग 700 मीटर लंबी खनिजीकृत पट्टी की पहचान की गई है, जो संभावित मैफिक-अल्ट्रामैफिक चट्टान संरचनाओं में स्थित है। भूभौतिकीय सर्वेक्षणों से प्राप्त संकेतों के अनुसार 300 मीटर गहराई तक सल्फाइड खनिजों की उपस्थिति दर्ज की गई है, जो इस ब्लॉक की समृद्ध खनिज क्षमता को रेखांकित करती है। भालुकोना ब्लॉक के समीप ही स्थित केलवरडबरी निकल, क्रोमियम एवं PGE ब्लॉक पूर्व में मेसर्स वेदांता लिमिटेड को नीलामी के माध्यम से प्रदान किया गया था। इन दोनों ब्लॉकों के संयुक्त विकास से महासमुंद क्षेत्र को देश के रणनीतिक खनिजों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किए जाने की संभावनाएँ सशक्त हुई हैं। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक खोज राज्य और देश के लिए अत्यावश्यक खनिज संसाधनों को सुरक्षित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ मिशन की भावना को सशक्त करती है और रणनीतिक क्षेत्रों में सतत एवं आत्मनिर्भर विकास को प्रोत्साहित करती है। छत्तीसगढ़ शासन वैज्ञानिक एवं विस्तृत खनिज अन्वेषण तथा विकास को पूर्ण समर्थन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य शासन द्वारा रणनीतिक एवं महत्वपूर्ण खनिजों की खोज को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, जिसका प्रमाण 2024-25 के अन्वेषण प्रस्तावों में परिलक्षित होता है, जहां 50% से अधिक प्रस्ताव इन्हीं खनिजों पर केंद्रित हैं। अब तक राज्य द्वारा 51 खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी की जा चुकी है, जिनमें ग्रेफाइट, निकल, क्रोमियम, PGEs, लिथियम, ग्लॉकोनाइट, फॉस्फोराइट एवं ग्रेफाइट-वैनाडियम जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण खनिज शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 6 टिन ब्लॉकों को भारत सरकार के खनिज मंत्रालय को आगामी नीलामी हेतु सौंपा गया है। इस दिशा में योजनाबद्ध एवं संस्थागत प्रयासों को गति देने के लिए DGM, छत्तीसगढ़ ने एक क्रिटिकल मिनरल सेल (Critical Mineral Cell) का गठन किया है, जो शोध, शैक्षणिक एवं पेशेवर संस्थानों के साथ सहभागिता बढ़ाकर खनिज अन्वेषण एवं परिशोधन को प्रोत्साहित कर रहा है। इस संदर्भ में खनिज संसाधन विभाग के सचिव, श्री पी. दयानंद, ने कहा कि यह खोज केवल एक वैज्ञानिक सफलता नहीं, बल्कि एक रणनीतिक छलांग है। बढ़ती वैश्विक मांग के मद्देनज़र, हरित ऊर्जा एवं हाई-टेक तकनीकों के लिए आवश्यक खनिज — जैसे निकेल और प्लेटिनम समूह के तत्व — भविष्य की तकनीकों की रीढ़ हैं। छत्तीसगढ़ भारत के रणनीतिक खनिज मानचित्र में एक केंद्रीय भूमिका निभाने के लिए कटिबद्ध है और हम इसके लिए आवश्यक संस्थागत और संचालनात्मक सहयोग सुनिश्चित कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ की खनिज समृद्धि की स्थिति को और मजबूत करती है, बल्कि आधुनिक तकनीक, राष्ट्रीय सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्रों में उपयोगी खनिजों की खोज की दिशा में अद्भुत संभावनाओं की नींव भी रखती है।

साज़िश या मजबूरी? बच्चा लेकर पहुंची महिला, राजा रघुवंशी के घर से भागा भाई सचिन

इंदौर मेघालय में हनीमून के दौरान जिस रजा रघुवंशी की हत्या कर दी गई, उसके घर अब एक नई मुश्किल आ पड़ी है। राजा के बड़े भाई सचिन रघुवंशी की एक कथित पत्नी सामने आ गई है, जिसका दावा है कि वह उसके बच्चे की मां है। महिला का आरोप है कि सचिन ने मंदिर में उसके साथ शादी की थी और दोनों का एक बच्चा भी है। महिला मंगलवार को अपने बच्चे को लेकर सचिन के घर पहुंच गई और गेट पर खड़ी हो गई। लेकिन सचिन अपनी गाड़ी में बैठकर भाग निकला। रघुवंशी परिवार का गेट पीटती रही महिला खुद को सचिन की पहली पत्नी बताने वाली महिला रोते हुए बच्चे को गोद में लेकर लगातार गेट पीटती रही। लेकिन अंदर से कोई बाहर नहीं आया। बताया जा रहा है कि जब सचिन ने उसे पत्नी मानने से इनकार किया तो उसने दुष्कर्म का आरोप लगाया था और दोनों के बीच कानूनी जंग चल रही है। महिला का दावा है कि कोर्ट के आदेश पर डीएनए की जांच की गई थी और वह सचिन के डीएनए से मैच हो गई है। ऐसे में वह चाहती है कि सचिन अब उसे और अपने बच्चे को स्वीकार करे। 'बच्चे को देखकर भी नहीं पिघला और भाग निकला सचिन' सचिन के घर के बाहर महिला ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, 'जब मैं यहां पहुंची तो सचिन सामने ही खड़ा था। मैंने बच्चे से कहा कि देखो कि पापा खड़े हैं। उसने हमसे कोई बात नहीं की और देखते ही भाग गया। कैसा पिता है, उसे थोड़ा भी दर्द नहीं है कि बच्चे को सामने दिखकर पिघल जाए। उसे देखकर लगा ही नहीं कि उसे कुछ दर्द है बच्चे को लेकर या मेरे साथ इतना गलत किया है। मैं कितनी खराब तरह से अपनी जिंदगी जी रही हूं।' महिला बोली मेरे पास सारे सबूत उधर, सचिन ने कहा कि उन्हें महिला ब्लैकमेल कर रही है। इस पर कथित पत्नी ने कहा, 'बच्चा है क्या, क्या नासमझ है जो मैं उसे ब्लैकमेल करुंगी। बच्चा पैदा नहीं करना था। बच्चे की डीएनए रिपोर्ट आ चुकी है। अब वह यही कह सकते हैं कि मैं ब्लैकमेल कर रही हूं। औरत पर तो यही इल्जाम लगा सकते हैं वो पैसे वाले हैं। वो मुझे गलत साबित करने के लिए कितनी भी नीचता कर सकते हैं। मेरे पास फोटो, वीडियो, बच्चे की डीएनए रिपोर्ट सबकुछ है।' 'आज नहीं तो कल गेट तो खोलना पड़ेगा' महिला ने कहा कि सचिन की मां ने अंदर से गेट बंद कर दिया है, लेकिन वह गेट खुलने के इंतजार में खड़ी रहेगी। उसने कहा, 'मैं यहीं रहूंगी, कहां जाऊं। आज नहीं तो कल उन्हें गेट तो खोलना पड़ेगा। सचिन को लेकर मैं क्या बोलूं, उसको जरा सा दर्द नहीं बच्चे को लेकर।'

कौशल से समृद्धि की ओर – युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर मुख्यमंत्री साय का विशेष जोर

कौशल प्रशिक्षण को रोजगार से जोड़ें, युवाओं को बनाएं आत्मनिर्भर – मुख्यमंत्री श्री साय रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर में कौशल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि युवाओं के कौशल प्रशिक्षण को सीधे रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाना है। इसके लिए विभाग द्वारा निरंतर नवाचार और प्रभावी कार्ययोजना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए वर्ष 2025–26 के लिए जिलेवार प्रशिक्षण उपलब्धि और आबंटित बजट पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0, और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के तहत आत्मसमर्पित माओवादियों को दिए जा रहे प्रशिक्षण के सम्बन्ध में जानकारी ली। बैठक में बताया गया कि अब तक 549 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जबकि पुनर्वास केंद्रों में 382 प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इसी क्रम में पीएम जनमन योजना के तहत अत्यंत पिछड़ी जनजाति (PVTG) के युवाओं को दिए जा रहे कोर्सवार प्रशिक्षण की भी समीक्षा की गई। बैठक में विभागीय उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया गया कि 1 जुलाई 2025 से मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत चेहरा-आधारित स्कैनिंग प्रणाली द्वारा प्रशिक्षणार्थियों की उपस्थिति दर्ज की जा रही है, जिससे पारदर्शिता और निगरानी में सुधार हुआ है। बैठक में विभाग द्वारा निजी संस्थाओं के साथ किए गए एमओयू की जानकारी भी साझा की गई, जिनमें नांदी फाउंडेशन और महिंद्रा एंड महिंद्रा संस्थानों से किए गए समझौते शामिल हैं। इन संस्थानों के माध्यम से राज्य में गुणवत्ता आधारित प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है। बैठक में ‘कौशल तिहार 2025’ के आयोजन की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई, जिसका उद्देश्य युवाओं में कौशल के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह प्रतियोगिता जिला और राज्य स्तरीय दो चरणों में आयोजित की जाएगी, जिसमें दो आयु वर्ग – 22 वर्ष से कम एवं 22 वर्ष से अधिक – के प्रतिभागी भाग लेंगे। प्रतियोगिता में 10 प्रमुख ट्रेड ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी, ब्रिकलेइंग, रिन्युएबल एनर्जी हेल्थ एंड सोशल केयर, प्लंबिंग एंड हीटिंग, इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशंस, इलेक्ट्रॉनिक्स फील्ड टेक्नीशियन, कंप्यूटर, मोबाइल फोन टेक्नीशियन, ग्राफिक डिजाइन टेक्नोलॉजी/डेस्कटॉप पब्लिशिंग तथा रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग शामिल है।जिला स्तर पर प्रत्येक ट्रेड और आयु वर्ग से दो विजेताओं का चयन किया जाएगा, जो राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे। राज्य स्तर के विजेताओं को पुरस्कार, ट्रॉफी और रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। उन्हें इंडिया स्किल्स 2025 की क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाएगा, जहाँ से चयनित प्रतिभागी ‘वर्ल्ड स्किल्स 2026’, शंघाई (चीन) में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कौशल विकास योजनाओं को युवाओं की आजीविका, आत्मनिर्भरता और भविष्य के निर्माण से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने इस दिशा में सतत प्रयास करने के निर्देश दिए। बैठक में वन एवं कौशल विकास मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, कौशल विकास विभाग के सचिव श्री एस. भारतीदासन तथा छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास अभिकरण (CSDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विजय दयाराम के सहित अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम भजनलाल शर्मा और दिया कुमारी ने आंगनबाड़ी बहनों संग बांधा भाईचारे का बंधन

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को जयपुर के बिड़ला सभागार में ‘आंगनबाड़ी बहन सम्मान समारोह’ को संबोधित किया। इससे पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और आंगनबाडी बहनों से राखी बंधवाई। इस दौरान शर्मा ने डीबीटी के माध्यम से प्रदेश की 1 लाख 21 हजार आंगनबाड़ी बहनों को राखी के उपहार स्वरूप 501-501 रुपये की राशि हस्तांतरित की। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी बहनों को छाता एवं मिठाई भी उपहार स्वरुप भेंट किए गए। समारोह में मुख्यमंत्री ने कुपोषित बच्चों के लिए दूध की मात्रा 15 ग्राम से बढ़ाकर 25 ग्राम करते हुए दूध युक्त बालाहार प्रीमिक्स पैकेट का शुभारंभ भी किया। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी बहनों को पोषण शपथ भी दिलवाई।