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वाराणसी में सीएम योगी का दौरा: पीएम मोदी के कार्यक्रम में मौजूदगी और बाढ़ क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण

वाराणसी सीएम योगी आदित्यनाथ वाराणसी दौरे पर है। आज उनके दौरे का दूसरा दिन है। योगी ने काल भैरव और काशी विश्वनाथ में दर्शन पूजन किया। आज सीएम PM मोदी के कार्यक्रम में शामिल होंगे। पीएम आज वाराणसी को 2,200 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। साथ ही योगी आज बाढ़ग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वेक्षण भी करेंगे। 2,200 करोड़ को देंगे तोहफा सीएम योगी ने पीएम के दौरे को लेकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में ‘नई काशी’ बहुआयामी विकास की नई ऊंचाइयों को स्पर्श कर रही है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री द्वारा वाराणसी में लगभग 2,200 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास के साथ ही अन्नदाता किसानों के सम्मान और सशक्तिकरण हेतु ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ की 20वीं किस्त भी जारी की जाएगी। विकसित उत्तर प्रदेश’ की भावना सशक्त होगी सीएम योगी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा प्रदान किए जाने वाले इन उपहारों से बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, ऊर्जा, शहरी विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्र में ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ की भावना और सशक्त होगी। आपका हार्दिक अभिनंदन प्रधानमंत्री।

आज काशी में पीएम मोदी का दौरा, विकास परियोजनाओं का होगा शुभारंभ

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार की सुबह 51वें दौरे पर काशी आएंगे। वह तीन घंटे तक काशी में रहेंगे। विशेष विमान से बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से सेवापुरी के गांव बनौली जाएंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। इससे पहले दिव्यांगों को उपकरण देंगे। 2183.45 करोड़ की 52 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। लोकार्पण की सबसे बड़ी परियोजना 35 किलोमीटर लंबी वाराणसी-भदोही फोरलेन चौड़ीकरण (269.10 करोड़ रुपये) है। शिलान्यास की सबसे बड़ी परियोजना राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का निर्माण (85.72 करोड़) है। प्रधानमंत्री दोपहर 1:25 बजे बाबतपुर से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे। प्रधानमंत्री के आगमन से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा करने ही मुख्यमंत्री योगी आदित्याथ शुक्रवार शाम 7:40 बजे काशी आ गए। उन्होंने अफसरों के साथ बैठक कर प्रधानमंत्री की जनसभा की तैयारियों की समीक्षा भी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशी से ही देश के 9.70 करोड़ से ज्यादा किसानों के खाते में पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त के रूप में 20,500 करोड़ रुपये की धनराशि भेजेंगे। इसमें काशी के 2.21 लाख किसान शामिल रहेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री जीवन ज्योति संस्थान की कक्षा आठ की छात्रा बबली कुमारी को लो विजन उपकरण, रामनगर के रग्बी खिलाड़ी संतोष पांडेय को स्पोर्ट व्हीलचेयर, चुप्पेपुर के राज्य स्तरीय क्रिकेट खिलाड़ी विकास कुमार पटेल को एक्टिव फोल्डिंग व्हीलचेयर, पितरकुंडा के राज्य स्तरीय क्रिकेट खिलाड़ी मनोज कुमार को स्पोर्ट व्हीलचेयर, सेवापुरी के मटुका ककरहा की सीता कुमारी पाल को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, सेवापुरी के कालिका बाजार के किशुन (61 वर्ष) को कान की मशीन देंगे, फिर जनसभा को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री का बाबतपुर एयरपोर्ट पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत अन्य भाजपा नेता स्वागत करेंगे। 565.35 करोड़ की 14 परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण पीएम नरेंद्र मोदी 565.35 करोड़ की 14 परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। इनमें प्रमुख रूप से वाराणसी-भदोही मार्ग का 4 लेन चौड़ीकरण (269.10 करोड़ रुपये), 36वीं वाहिनी पीएसी रामनगर में 300 व्यक्तियों की क्षमता वाले बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण (2.54 करोड़ रुपये), वाराणसी में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर एवं डॉग केयर सेंटर का निर्माण (1.85 करोड़ रुपये), महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र और होमी भाभा कैंसर अस्पताल, वाराणसी में 02 रेडिएशन मशीनों, रोबोटिक सर्जरी यूनिट और सीटी स्कैन मशीन की स्थापना (73.30 करोड़ रुपये), दुर्गाकुंड के जीर्णोद्धार और जल शोधन का कार्य (3.40 करोड़ रुपये) शामिल है। 1618.10 करोड़ की 38 परियोजनाओं का शिलान्यास पीएम नरेंद्र मोदी 1618.10 करोड़ की 38 परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इनमें प्रमुख रूप से राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कालेज एवं अस्पताल का निर्माण (85.72 करोड़), गंगा नदी के 24 घाटों का जीर्णोद्धार एवं साइनेज कार्य (4.66 करोड़), नक्सल क्यूआरटी हेतु बैरक का निर्माण (1.54 करोड़), स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति में ग्राम करखियांव के सुंदरीकरण एवं पर्यटन विकास कार्य (18.26 करोड़), संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी के आवासीय भवनों का नवीनीकरण (8.23 करोड़), लमही स्थित मुंशी प्रेमचंद के घर का संग्रहालय के रूप में विकास (11.82 करोड़), वाराणसी-गाजीपुर मार्ग से स्वर्वेद महामंदिर तक मार्ग के नव निर्माण का (11.46 करोड़ ), दालमंडी मार्ग के चौड़ीकरण (215.88 करोड़ और कलेक्ट्रेट परिसर में अधिवक्ता कक्ष का निर्माण (4.95 करोड़) शामिल है।

भोपाल में यासीन मछली के खिलाफ दूसरी बार दुष्कर्म का आरोप, पीड़िता ने दर्ज कराई FIR

भोपाल  राजधानी की क्राइम ब्रांच द्वारा ड्रग तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किए गए यासीन अहमद उर्फ यासीन मछली के खिलाफ दुष्कर्म का एक और मामला सामने आया है। आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित युवती ने एमपी नगर थाने पहुंचकर केस दर्ज करवाया है। आरोपी ने शादी का झांसा देकर थाने से चंद कदम दूरी पर स्थित एक बड़े एक होटल में पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया था। जानकारी के अनुसार दूसरे जिले की रहने वाली 29 वर्षीय युवती की जान-पहचान करीब दो साल पहले यासीन अहमद उर्फ यासीन मछली से एक क्लब में हुई थी। नंबर एक्सचेंज करने के बाद उनके बीच बातचीत होने लगी थी। उसके बाद यासीन ने युवती को मिलने के लिए एमपी नगर स्थित एक होटल में बुलाया और शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। उसके बाद से वह लगातार उसका शारीरिक शोषण करता रहा। बाद में पीड़िता गोवा चली गई और वहां नौकरी करने लगी। पिछले दिनों क्राइम ब्रांच ने यासीन को ड्रग तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस दौरान पता चला कि उसने कई युवतियों का शारीरिक शोषण किया। यह जानकारी युवती को मिली तो उसने एमपी नगर थाने पहुंचकर शिकायत की। पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट पर यासीन के खिलाफ शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने का मामला दर्ज कर लिया है। रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी पुलिस  आरोपी यासीन को 30 जुलाई को न्यायालय में पेश किया गया था, जहां से एक अगस्त तक के लिए ज्यूडीशियल रिमांड पर जेल भेजा गया था। उसे आज दोपहर बाद फिर से न्यायालय में पेश किया जाएगा। आरोपी के खिलाफ तलैया, कोहेफिजा, अरेरा हिल्स, महिला थाना समेत अन्य थानों में कई केस दर्ज हुए हैं, इसलिए पुलिस उसे दोबारा रिमांड पर ले सकती है। कोहेफिजा पुलिस को आरोपी से पूछताछ कर कुछ सामान बरामद करना है, इसलिए पुलिस द्वारा रिमांड मांगी जा सकती है। अंशुल सिंह गिरफ्तार इधर, ड्रग तस्करी से जुड़े एक अन्य आरोपी अंशुल सिंह को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था। उसे न्यायालय में पेश करने के बाद चार अगस्त तक पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। आरोपी और यासीन के बीच ड्रग तस्करी को लेकर चैट मिली थी, जिसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ा था।  

नोएडा में लहराएगा गौरव: डीएम मेधा ने शूटिंग चैम्पionship में जीतें तीन गोल्ड

 नोएडा  मेधा रूपम गौतमबुद्ध नगर की पहली महिला ज़िला मजिस्ट्रेट का पदभार संभाला है. एक शानदार करियर और प्रतिष्ठित पारिवारिक पृष्ठभूमि के साथ, एक राष्ट्रीय स्तर की राइफल शूटर से लेकर एक शीर्ष नौकरशाह तक का उनका सफ़र कई लोगों को प्रेरित करता है. मेधा रूपम नोएडा ( गौतमबुद्ध नगर ) की पहली महिला जिलाधिकारी (डीएम) हैं. 2014 बैच की आईएएस अधिकारी रूपम ने 30 जुलाई को ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर स्थित कलेक्टर कार्यालय का कार्यभार संभाला है.  भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं पिता मेधा रूपम के पिता ज्ञानेश कुमार केरल कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं. मेधा की नियुक्ति की घोषणा इसी सप्ताह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए गए 23 आईएएस अधिकारियों के तबादले आदेश में की गई थी, जिनमें गाजियाबाद और प्रयागराज के जिला मजिस्ट्रेट भी शामिल हैं. उन्होंने मनीष कुमार वर्मा का स्थान लिया है, जिन्हें प्रयागराज का जिलाधिकारी बनाकर स्थानांतरित किया गया है. कौन हैं मेधा रूपम ? आगरा में जन्मी मेधा ने अपनी स्कूली शिक्षा केरल में पूरी की और दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज से अर्थशास्त्र में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है.  मेधा ने 2014 में यूपीएससी परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 10वीं रैंक हासिल की थी. उन्होंने उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में सहायक मजिस्ट्रेट के रूप में अपना करियर शुरू किया है.  इसके बाद, वे मेरठ, हापुड़ और कासगंज सहित उत्तर प्रदेश के कई जिलों में शीर्ष नौकरशाह के रूप में तैनात रहीं. उन्होंने फरवरी 2023 से जून 2024 तक ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में भी कार्य किया.  शूटिंग चैम्पियनशिप में जीतें तीन गोल्ड मेडल मेधा राष्ट्रीय स्तर की राइफल शूटर भी हैं और उन्होंने केरल राज्य शूटिंग चैम्पियनशिप में तीन स्वर्ण पदक जीते हैं. मेधा के पति मनीष बंसल भी 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और सहारनपुर में सेवारत हैं. सितंबर 2024 में, मेधा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह एक ट्रैक्टर में बैठी थीं और उनके साथ ड्राइवर समेत दो लोग थे. वह जलभराव वाले ग्रामीण इलाकों का निरीक्षण कर रही थीं. मेधा की नियुक्ति भारतीय प्रशासन में नेतृत्वकारी भूमिकाओं में महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. मेधा के पिता ज्ञानेश कुमार, केरल कैडर के 1988 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. 60 वर्षीय कुमार इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ काम कर चुके हैं. वे 31 जनवरी, 2024 को अमित शाह के अधीन आने वाले सहकारिता मंत्रालय में सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए. इससे पहले, वे संसदीय कार्य मंत्रालय में सचिव के पद पर भी कार्यरत थे. कुमार ने इस वर्ष फरवरी में राजीव कुमार का स्थान लेते हुए भारत के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के रूप में पदभार ग्रहण किया था.

डायल-100 की जगह नया इमरजेंसी नंबर लागू, पुलिस बुलाने का तरीका बदला

 ग्वालियर ग्वालियर-चंबल इलाके की पहचान पहले बीहड़ों और डकैतों से होती थी, लेकिन अब अपराध का तरीका बदल गया है। आज के समय में ग्वालियर में हो रहे अपराधों में से करीब 60% साइबर क्राइम से जुड़े होते हैं। यानी अब अपराधी इंटरनेट का सहारा लेकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। इसी वजह से ग्वालियर पुलिस को भी हाईटेक बनाया जा रहा है। ग्वालियर में पहले 45 स्थानों पर पुलिस की डायल 100 सेवा तैनात रहती थी, अब इसमें 9 पॉइंट और जोड़कर कुल 54 कर दिए गए हैं। साथ ही डायल 100 का नाम अब बदलकर डायल 112 कर दिया जाएगा। यानी अगर किसी को इमरजेंसी में पुलिस की जरूरत हो, तो अब 112 नंबर डायल करना होगा। पहले डायल 100 में सफारी गाड़ियां इस्तेमाल होती थीं, लेकिन अब इनकी जगह नई बोलेरो और स्कॉर्पियो गाड़ियां लगाई जाएंगी। इन गाड़ियों में GPS सिस्टम और डिजिटल वायरलेस लगाए जाएंगे, जिससे गाड़ियों की लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी और जवान आपस में कॉलिंग भी कर सकेंगे। इन सबके लिए एक स्थानीय सर्वर रूम भी बनाया जा रहा है, जो सीधे सेंट्रल सिस्टम से जुड़ा रहेगा। अब एक नया सिस्टम लागू किया जा रहा है, जिसे इंटीग्रेटेड क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम कहा जाता है। इसके तहत पुलिस, अस्पताल, कोर्ट और जेल को एक नेटवर्क से जोड़ा जाएगा ताकि अपराध से जुड़ी कार्रवाई जल्दी और बिना रुकावट हो सके। साथ ही, ग्वालियर में अब अलग से साइबर क्राइम थाना बनाया जाएगा। अभी तक साइबर मामलों की जांच क्राइम ब्रांच में मौजूद एक छोटी सी साइबर सेल करती थी, लेकिन अब एक पूरा थाना स्थापित किया जाएगा, जो स्थानीय पुलिस थानों से जुड़ा रहेगा। इससे साइबर अपराधों की जांच और रोकथाम आसान हो जाएगी। ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह ने कहा कि शहर की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए पुलिस को हाईटेक किया जा रहा है। नए बदलावों से बदमाशों पर कड़ी नजर रखी जा सकेगी और साइबर अपराधों पर लगाम लगाना भी आसान होगा। सीसीटीवी कैमरों की मदद से पूरे शहर की निगरानी की जाएगी।  

हरपालपुर जल योजना पर तेजी से काम, 28 करोड़ की परियोजना से बदलेंगे हालात

छतरपुर नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधीन कार्यरत उपक्रम मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा छतरपुर जिले के हरपालपुर नगर में जल प्रदाय परियोजना का कार्य तेज गति से चल रहा है। यह परियोजना एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से क्रियान्वित की जा रही है। इस परियोजना की लागत 28 करोड़ 40 लाख रूपये है। इस लागत में आगामी दस वर्षों तक संचालन और संधारण की व्यवस्था भी शामिल है। योजना के अंतर्गत धसान नदी से जल लेकर उसे 3.36 एमएलडी क्षमता वाले जल शोधन संयंत्र में शुद्ध किया जाएगा। जल शोधन संयंत्र का निर्माण कार्य लगभग 83 प्रतिशत तक पूरा किया जा चुका है। जल संग्रहण के लिये परियोजना के अंतर्गत विभिन्न क्षमताओं वाले तीन ओवरहेड टैंक का निर्माण भी किया जा रहा है। संपूर्ण परियोजना की भौतिक प्रगति लगभग 80 प्रतिशत पूरी हो चुकी है। इस परियोजना का जल्द ही काम पूरा हो जायेगा। इस परियोजना से हरपालपुर नगर की 20 हजार से अधिक आबादी को नियमित, सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। यह योजना नगरीय क्षेत्रों में जल संकट की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। परियोजना के प्रति स्थानीय नागरिकों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। उन्हें उम्मीद है कि योजना के पूरा होते ही उन्हें निर्बाध और गुणवत्तायुक्त पेयजल उपलब्ध होगा, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार भी होगा।  

रोजगार के 1165 नए अवसर होंगे उपलब्ध, मुख्यमंत्री डॉ. यादव 6 औद्योगिक इकाइयों को वितरित करेंगे आशय पत्र

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 2 अगस्त शनिवार को सीहोर स्थित औद्योगिक क्षेत्र बड़ियाखेड़ी में लगभग 1406 करोड़ रूपये निवेश करने वाली 4 औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 6 औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटन के आशय पत्र भी वितरित करेंगे। जिससे यहां लगभग 33 करोड़ 85 लाख रूपये का निवेश होगा। इन औद्योगिक इकाइयों से सीहोर जिले में 1165 रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। 4 औद्योगिक इकाइयों का होगा भूमिपूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम में 4 औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन करेंगे। इन इकाइयों में सीहोर जिले में लगभग 1406 करोड़ रूपये का निवेश होगा और 854 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। जिन ऑैद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन होगा उनमें वान्यावेदा ग्रीन्स जो (झिलेला) सीहोर में 20.020 हेक्टेयर में स्थापित होगी। इसमें 115 करोड़ रुपये के निवेश से खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित होगी, जिससे 100 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसी प्रकार बारमॉल्ट माल्टिंग इंडिया प्रा.लि. (बड़ियाखेड़ी फेस.2) 10.250 हेक्टेयर में स्थापित होगी। इसमें 400 करोड़ रुपए के निवेश से देश की सबसे बड़ी माल्ट निर्माता कंपनी की इकाई स्थापित होगी, जिससे 350 लोगों को रोजगार मिलेगा। सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशन लि. (जहांगीरपुरा) सीहोर में 18.260 हेक्टेयर में 888 करोड़ रुपए के निवेश से एशिया की सबसे बड़ी ट्रांसफार्मर इकाई स्थापित होगी, जिसमें 394 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसी प्रकार कृष्णा इंडस्ट्रीज (बड़ियाखेड़ी) सीहोर 0.476 हेक्टेयर में 3 करोड़ रुपए के निवेश से खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित होगी, जिससे 10 लोगों को रोजगार मिलेगा। 6 औद्योगिक इकाइयों को वितरित होंगे आशय पत्र मुख्यमंत्री डॉ यादव सीहोर में 6 औद्योगिक इकाइयों को आशय पत्र वितरित करेंगे, जिनमें आरटीडीबी इंडस्ट्रीज, स्वाति सोनी, संजय कुमार, अमित मूंदड़ा, प्रकाश पैकेजिंग और आरना वेंचर्स शामिल हैं। इन इकाइयों द्वारा सीहोर जिले में लगभग 33 करोड़ 85 लाख रूपये का निवेश होगा और 311 रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।  

अब 1500 रुपए प्रतिमाह! जानें कब आएगी लाडली बहनों की अगली किस्त

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि रक्षाबंधन पर बहनों को शगुन के रूप में 1500 रुपए की राशि दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली के बाद से लाडली बहना योजना की राशि को स्थायी रूप से 1500 रुपए प्रति माह कर दिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों को सम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सहयोग देने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना का लाभ राज्य की 1.31 करोड़ से ज्यादा लाडली बहनों को मिलेगा. कब आएगी 27वीं किस्त  लाडली बहना योजना के तहत पहले लाभार्थियों को 1,250 रुपए दिए जा रहे थे. अब इसे 250 रुपए बढ़ाकर 1500 रुपए किया जा रहा है. जानकारी के अनुसार इस बार संभावना है कि 1 अगस्त से 7 अगस्त के बीच लाडली बहनों के खाते में 27वीं किस्त ट्रांसफर हो सकती है. सीएम ने कहा कि दीपावली के बाद से लाड़ली बहनों को हर माह ₹1500 की राशि प्रदान की जाएगी. इसके साथ ही युवाओं को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से फैक्ट्री में कार्य करने पर सरकार द्वारा ₹5000 की प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी. रक्षाबंधन से पहले खाते में आएंगे कितने पैसे 9 अगस्त को पूरा देश रक्षाबंधन का त्योहार मनाने वाला है। मध्य प्रदेश सरकार के सूत्रों के हवाले से पता चला है कि अगस्त में 1500 रुपये एक साथ नहीं आएंगे। 9 अगस्त से पहले एक कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के खाते में 250 रुपये का शगुन ट्रांसफर किए जा सकते हैं। फिर 10 तारीख के बाद लाडली बहना योजना की 27वीं किस्त के 1250 रुपये खाते में भेजे जाएंगे। एक साथ 1500 रुपये नहीं मिलेंगे। मतलब दो किस्तों में खाते में पैसा आएगा। पिछले महीने 12 जुलाई को ही खाते में लाडली बहना योजना की 26वीं किस्त का पैसा आएगा। 9 अगस्त से पहले 1500 क्यों नहीं अगर आपके मन में भी सवाल है कि 9 अगस्त से पहले 1500 रुपये क्यों खाते में नहीं आएंगे तो हम आपको बता दें कि लाडली बहना योजना के लिए सरकार को हर महीने 1550 करोड़ रुपये की जरूरत होती है। इसके लिए राज्य सरकार केंद्र से मिलने वाले फंड का इस्तेमाल करती है। आमतौर पर यह पैसा 10 तारीख के बाद ही आता है, इसी वजह से लाडली बहना योजना की किस्त की तारीख 10 से आगे बढ़ा दी गई है। कैसे चेक करें भुगतान की स्थिति आपके खाते में पैसा आया या नहीं, इसे आप लाडली बहना योजना की वेबसाइट पर जाकर चेक कर सकते हैं। आपको ऑफिशियल पोर्टल पर जाना है। यहां 'आवेदन एवं भुगतान की स्थिति' पर क्लिक करना है। इसके बाद अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा कोड भरें। इसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा, इसे enter करने के बाद ही आपको आपके खाते की स्थिति का पता चल जाएगा। शिवराज सिंह चौहान ने की थी तोहफे की शुरुआत पूर्व सीएम और वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली बहना योजना की शुरुआत की थी। ये योजना इतनी मशहूर हुई की देश के ज्यादातर राज्य इसे शुरू कर चुनावी दंगल में हाथ आजमाना चाहते हैं। प्रदेश ही नहीं बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी मानी जाने वाली भाजपा की बंपर जीत का कारण इसी योजना को माना जाता है। भाजपा की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ तब और बढ़ गया जब शिवराज सिंह ने ऐलान किया कि अब रक्षाबंधन साल में एक बार लाड़ली बहनों को 250 रुपए की अतिरिक्त राशि किस्त की राशि के साथ लाडली बहनों के खातों में जमा की जाएगी। लाड़ली बहना योजना पर एक नजर कहां से हुआ शुभारंभ शुरुआत- 5 मार्च 2023, भोपाल से उद्देश्य- महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना, परिवार में सम्मान दिलाना तथा पोषण सुधारना पूर्व सीएम शिवराज की योजना को आगे बढ़ा रहे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मासिक आर्थिक सहायता शुरुआत- 1000 रुपए 2023 अक्टूबर से – 1250 रुपए अब घोषणा- दिवाली 2025 से बढ़ेंगे 250 रुपए, 1500 रुपए होगी हर माह की किस्त, वहीं 2028 तक खाते में 3000 रुपए जमा करने का वादा रक्षाबंधन पर का तोहफा- जुलाई 2025 की किस्त के साथ 250 रुपए का शगुन (Rakshabandhan Bonus), पिछले साल भी मिला था तोहफा, इस तोहफे की शुरुआत भी शिवराज सिंह चौहान ने अपने शासनकाल में ही की थी। लाड़ली बहना योजना की पात्र कौन? उम्र- 21-60 साल स्थिति- विवाहित, विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता निवास- मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य आय सीमा- सालाना पारिवारिक आय 2.5 लाख से कम परिवार में कोई आयकरदाता, सरकारी कर्मचारी या पेंशनर नहीं होना चाहिए। परिवार के नाम पर पांच एकड़ जमीन से कम कृषि भूमि और निजी चार पहिया वाहन नहीं होना चाहिए। महिला का खाता आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए। कब आती है लाड़ली बहना योजना की किस्त? लाडली बहना योजना की किस्त हर महीने की 10-15 तारीख के बीच पात्र महिला के खाते में डायरेक्ट ट्रांसफर की जाती है। कुल लाभार्थी महिलाएं, कितना है सरकार का बजट वर्तमान में1.27 करोड़ से ज्यादा महिलाएं लाड़ली बहना योजना का लाभ ले रही हैं। इसके लिए राज्य सरकार को 22,000 करोड़ रुपए सालाना खर्च करने पड़ते हैं। लाड़ली बहना योजना के लिए आवेदन (फिलहाल बंद) लाडली बहना योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया वर्तमान में बंद है। अगस्त 2023 के बाद से अब तक नए पंजीयन नहीं किए जा रहे हैं। पहले आवेदन MP Online, समग्र पोर्टल और ग्राम पंचायत/वार्ड कैंप के माध्यम से किए गए थे। कांग्रेस को मिला भाजपा को घेरने का मौका बता दें कि भाजपा की महत्वाकांक्षी लाडली बहना योजना कांग्रेस के लिए ऐसा मोहरा बनी हुई है, जिसे लेकर एमपी की भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस कई बार मोर्चा खोल चुकी है। चाहे विधान सभा सत्र हों या फिर सामान्य दिन, अक्सर भाजपा को घेरने का मौका तलाश रही कांग्रेस बार-बार एक ही सवाल पूछती है कि आखिर लाडली बहना योजना के तहत प्रदेश की करोड़ों बहनों को सरकार कब तक 3000 रुपए देगी? कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी हों या फिर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी कई बार भाजपा सरकार के वादे पर सवाल उठा चुके हैं। यही नहीं कई बार राजनीतिक गलियारों में ये खबरें भी सुर्खियों में रहीं कि लाडली बहना योजना बंद होने वाली … Read more

फुट ओवरब्रिज नेटवर्क का विस्तार: इंदौर में नई सौगात, पुराने पुलों के रखरखाव की तैयारी

इंदौर  शहर में पैदल यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम चार नए फुट ओवरब्रिज बनाने की तैयारी में है। लंबे समय से निगम द्वारा शहर में एक दर्जन फुट ओवरब्रिज बनाए जाने का दावा किया जा रहा था, लेकिन भूमि की अनुपलब्धता के चलते यह योजना अटकी रही। अब चार स्थानों पर फुट ओवरब्रिज निर्माण के लिए ठेकेदार फर्मों की तलाश की जा रही है, जबकि तीन पुराने फुट ओवरब्रिजों को 10 साल की अवधि के ठेके पर दिया जाएगा, जिससे उनका बेहतर रख-रखाव किया जा सके। ऑनलाइन टेंडर जारी, नए ओवरब्रिज बनेंगे डिजाइन-बिल्ट-ऑपरेट सिस्टम से नगर निगम के यातायात विभाग ने चार नए फुट ओवरब्रिजों के निर्माण के लिए ऑनलाइन टेंडर जारी किए हैं। ये सभी ओवरब्रिज डिजाइन, बिल्ट, ऑपरेट और ट्रांसफर सिस्टम के तहत बनाए जाएंगे। साथ ही तीन पुराने फुट ओवरब्रिजों को भी दस साल की अवधि के लिए ठेके पर दिया जाएगा, जिनकी लाइसेंस अवधि को आगे पांच साल तक बढ़ाया जा सकेगा। निगम ने पहले भी एक बार टेंडर जारी किए थे, लेकिन तब कोई भी ठेकेदार फर्म आगे नहीं आई थी। इस बार दूसरी बार प्रयास किया जा रहा है। कर्बला, एमवाय, दवा बाजार और जुपिटर हॉस्पिटल क्षेत्र में बनेंगे नए ब्रिज फुट ओवरब्रिज निर्माण की योजना के तहत निगम ने कर्बला से जीडीसी कॉलेज की ओर एक नया ओवरब्रिज बनवाने की योजना तैयार की है। वहीं एमवाय अस्पताल के सामने भी फुट ओवरब्रिज बनाया जाएगा, ताकि मरीजों के परिजन सड़क पार कर दवा दुकानों तक सुरक्षित पहुंच सकें। दवा बाजार क्षेत्र में भी एक फुट ओवरब्रिज की संभावना तलाशी जा रही है। इसके अलावा एक और नया फुट ओवरब्रिज विशेष जुपिटर हॉस्पिटल के सामने प्रस्तावित किया गया है, जहां आए दिन ट्रैफिक के कारण पैदल चलने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। तीन पुराने ब्रिज रख-रखाव के लिए ठेके पर, उपयोगिता को लेकर सवाल बरकरार फिलहाल शहर में तीन पुराने फुट ओवरब्रिज मौजूद हैं, जिन्हें नगर निगम 10 साल के रख-रखाव के ठेके पर देगा। इनमें पहला फुट ओवरब्रिज छप्पन दुकान से अपोलो टॉवर की ओर है, दूसरा कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने बना हुआ है, जबकि तीसरा अपोलो टॉवर से छप्पन दुकान की दिशा में बना है। निगम के अनुसार, कर्बला से कलेक्ट्रेट रोड पर एक पुराना ओवरब्रिज पहले ही बना हुआ है, लेकिन यह अधिक उपयोगी नहीं साबित हुआ। इसी अनुभव को देखते हुए अब नए ब्रिजों की जगह और डिजाइन सोच-समझकर तय की जा रही है।  

भोपाल में नशे के नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा, गैंग से जुड़ा भूरी हिरासत में

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के मादक पदार्थ तस्करों की कमर तोड़ने के लिए क्राइम ब्रांच लगातार कार्रवाई कर रही है। गुरुवार को क्राइम ब्रांच ने एक बदमाश अंशुल सिंह उर्फ भूरी को गिरफ्तार किया है। उस पर शहर के अलग-अलग थानों में करीब 18 अपराध दर्ज हैं, इनमें मारपीट, बलवा, आर्म्स एक्ट और मादक पदार्थ तस्करी आदि शामिल हैं। पुलिस को शातिर ड्रग्स तस्कर यासीन और शाहवर से पूछताछ के बाद उसके इनसे जुड़े होने की जानकारी मिली थी। वह नए शहर में संगठित अपराधों में शामिल रहा है। टीटी नगर थाने का हिस्ट्री शीटर होने के साथ ही पूर्व में भी शराब तस्करी के केस में गिरफ्तार किया जा चुका है। पैडलर के तौर पर सामने आया नाम अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त क्राइम ब्रांच शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि गोकुल धाम तुलसी नगर टीटी नगर निवासी 32 वर्षीय अंशुल सिंह उर्फ भूरी पुराना बदमाश है। ड्रग्स तस्कर यासीन से रिमांड के दौरान की गई पूछताछ में उसका नाम पैडलर के तौर पर सामने आया था। दोनों के बीच लेन-देन संबंधी चैट्स और ट्रांजेक्शन भी मिले हैं। आरोपित से लंबी पूछताछ के लिए गुरुवार को कोर्ट में पेश कर चार अगस्त तक की रिमांड पर लिया है। उससे गिरोह के संबंध में पूछताछ की जाएगी। उसकी गिरफ्तारी के बाद तस्करी के पूरे माड्यूल को समझा जाएगा। पुलिस को एक और आरोपी की तलाश यह किस तरह से बाहर के चार राज्यों से मादक पदार्थ लाते थे और उसे प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पहुंचा रहे थे, उनके इस खेल में और कौन-कौन शामिल है। पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में अभी और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है। अंशुल उर्फ भूरी से शुरुआती पूछताछ में यासीन और उसके चाचा के एक खास गुर्गे का नाम भी सामने आया है। वह शाहजहांनाबाद क्षेत्र के इस्लामी गेट इलाके में रहता है और क्रिकेट पर सट्टा खिलाता है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। उसे भी हिरासत में लेकर पूछताछ करने की तैयारी है। कांग्रेस-भाजपा से संबंध अंशुल सिंह उर्फ भूरी की मां रजनी राज सिंह पार्षद रह चुकी हैं। वह एक बार भाजपा और कांग्रेस के टिकट पर चुनाव भी लड़ चुकी हैं। अंशुल अपनी मां की विरासत को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस से युवा कांग्रेस अध्यक्ष पद की दावेदारी कर रहा था। उसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का खास माना जाता है। उसे पूर्व मंत्री पीसी शर्मा के खास समर्थकों में गिना जाता है। उसकी गिरफ्तारी के बाद से कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ उसके फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।