samacharsecretary.com

बहुदिव्यांग बालिकाओं ने राजभवन का किया भ्रमण

भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जीवन में सफलता और आगे बढ़ने के लिए निरंतर सीखते रहना चाहिए। राज्यपाल बहुदिव्यांग बालिकाओं से उनके शिक्षकों के माध्यम से राजभवन के सभा कक्ष जवाहर खण्ड में आत्मीय चर्चा कर रहे थे। राज्यपाल पटेल से सौजन्य भेंट करने के लिए आनंद सर्विस सोसायटी की मूकबधिर बहुदिव्यांग बालिकाएं शुक्रवार को इंदौर से राजभवन आईं थीं। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता भी मौजूद थे। निरंतर सीखने और आगे बढ़ने के लिए किया प्रेरित राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दिव्यांग बालिकाओं से उनके मार्ग दर्शकों के माध्यम से परिचय प्राप्त किया। उनके जीवन की कठिनाईयों और सफलताओं को जाना। उनको निरंतर सीखने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। दिव्यांग बालिकाओं के साथ बालिका सुगुरदीप कौर वासु के संघर्ष और सफलता की कहानी पर आधारित वीडियो फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। उन्होंने दिव्यांग बालिकाओं और शिक्षकों के साथ सह-भोज भी किया। राजभवन भ्रमण के अनुभव किए साझा राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सभी बालिकाओं से राजभवन भ्रमण के अनुभव जाने और सामूहिक चित्र भी खिंचवाया। बालिकाओं ने सांकेतिक भाषा में ऐतिहासिक राजभवन परिसर और विशेष रूप से आर्ट गैलेरी भ्रमण के सुखद अनुभव साझा किए। उन्होंने राज्यपाल के प्रति मुलाकात, सह-भोज करने और राजभवन भ्रमण का अवसर देने के लिए आत्मीय आभार जताया।  राज्यपाल को स्व-रचित कलाकृतियां की भेंट राज्यपाल मंगुभाई पटेल से भेंट के अवसर पर मूकबधिर बहुदिव्यांग बालिका सुदिव्या गोले और वैष्णवी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। उन्हें सुकिरण विश्वकर्मा और अन्य बालिकाओं ने स्वयं द्वारा सृजित पैंटिंग और कलाकृतियां भेंट की। राज्यपाल ने देखी बहुदिव्यांग गुरदीप पर बनी फिल्म राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने बालिकाओं के साथ मध्यप्रदेश वाणिज्य कर विभाग में कार्यरत मूकबधिर बहुदिव्यांग शासकीय सेवक सुगुरदीप के जीवन और संघर्षों पर आधारित लघु फिल्म को देखा। उन्होंने उपस्थित बालिकाओं से गुरदीप के जीवन के संघर्षों और सफलताओं से प्रेरणा लेने और निरंतर सीखते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने गुरदीप के परिजनों, संस्था के शिक्षकों और प्रतिनिधियों के समर्पण की प्रशंसा की। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, संस्था की को-फाउंडर और संचालक श्रीमती मोनिका पुरोहित, सचिव ज्ञानेन्द्र पुरोहित, गुरदीप की माताजी श्रीमती सीमा मंजीत कौर, शिक्षिका श्रीमती मृणालिनी शर्मा और बालिकाएं उपस्थित रही।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमीदिया अस्तपताल में सीटी स्कैन एवं एमआरआई मशीन का किया लोकार्पण

स्वस्थ प्रदेश से ही बनाएंगे समृद्ध प्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सुलभ, सस्ती और गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमीदिया अस्तपताल में सीटी स्कैन एवं एमआरआई मशीन का किया लोकार्पण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नर की सेवा में ही नारायण की सेवा है। प्रदेश के नागरिकों के स्वास्थ्य की देखभाल हमारी सरकार की जिम्मेदारी है। स्वस्थ प्रदेश के जरिए ही हम मध्यप्रदेश को समृद्ध प्रदेश बनाएंगे। उन्होंने कहा कि नागरिकों को सहज, सुलभ, सस्ती, तत्परतापूर्ण और गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना ही सरकार की प्राथमिकता है। गरीब कल्याण के संकल्प की सिद्धि के लिए हम वचनबद्ध होकर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन मशीनों का लोकार्पण हुआ है, यह हमारे लिए सिर्फ मशीनों का नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और अपने वचनों के प्रति समर्पण भाव का भी विस्तार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को शासकीय गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल से सम्बद्ध हमीदिया अस्पताल में नव स्थापित सीटी स्कैन एवं एमआरआई मशीन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा इन मशीनों के लोकार्पण से प्रदेश के सबसे बड़े शासकीय चिकित्सालय को चिकित्सा जांच की अत्याधुनिक सुविधा स्थायी रूप से उपलब्ध हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ती जा रही हैं। हमीदिया अस्पताल में नई एमआरआई मशीन का लोकार्पण हुआ है। यह कष्ट के समय में जीवनदान के समान है। इससे जांच में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी शासकीय अस्पतालों में आधुनिक मशीनों द्वारा मरीजों की जांच के लिए कार्य कर रही है। सभी अस्पतालों में मरीजों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। यह नागरिकों के स्वास्थ्य के प्रति सरकार की सजगता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मध्यप्रदेश में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेजों के साथ अस्पताल भी शुरू किए जा रहे हैं। देश में अपनी तरह का यह पहला मॉडल है, जहां मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए इच्छुक निवेशकों/संस्थाओं को 25 एकड़ जमीन मात्र एक रुपये में उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक प्रदेश में 4 मेडिकल कॉलेजों को भूमि आवंटित की जा चुकी है। राज्य सरकार सभी क्षेत्रों में विकास के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों को उच्च स्तरीय जांच सुविधाओं और आधुनिक उपकरणों से लैस किया जा रहा है ताकि आमजन को सस्ती, सुलभ और समुचित स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो सकें। उन्होंने बताया कि शासकीय गांधी चिकित्सालय महाविद्याय और हमीदिया अस्पताल अपनी वर्षों पुरानी साख और सेवाभाव के साथ अब नई तकनीकों से भी सुसज्जित हो गया है। सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन की स्थापना से मरीजों को जटिल स्वास्थ्य जांचों के लिए अब कहीं और भटकने की आवश्यकता नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गंभीर मरीजों के लिए सरकार ने एयर एंबुलेंस और हेली सेवा की भी शुरुआत की है, जिससे कई मरीजों को समय पर चिकित्सा उपलब्ध करवाकर उनकी जीवन रक्षा संभव हो सकी है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार केवल नीतियों के निर्माण से नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन से ही आता है और यह कार्य राज्य सरकार द्वारा दृढ़ संकल्प के साथ किया जा रहा है। प्रदेश के शासकीय अस्पतालों में दिनों-दिन बढ़ रही है क्षमता और गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सेवाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमीदिया अस्पताल में स्थापित अत्याधुनिक सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन के लोकार्पण से यहां रोजाना लगभग 2 हज़ार ओपीडी (बाहरी) और 1500 आईपीडी (आंतरिक) मरीज लाभान्वित होंगे। इससे गरीब भाई-बहनों को बड़ी सुविधा मिल गई है। अब वे भी महंगे टेस्ट और उपचार करा सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 17 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। उज्जैन में प्रदेश की पहली मेडिसिटी एवं मेडिकल कॉलेज का भूमि-पूजन सहित विक्रम उद्योगपुरी में देश का सबसे बड़ा मेडिकल डिवाइस पार्क भी बन रहा है। प्रदेश के 50 जिला और 3 सिविल अस्पतालों में सीटी स्कैन सेवाएं मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि एमबीबीएस की 2,575 और पीजी की 1,357 सीटें शासकीय कॉलेजों में उपलब्ध हैं। प्रदेश में वर्तमान में शासकीय और निजी मिलाकर कुल 40 मेडिकल कॉलेज, 308 नर्सिंग कॉलेज और 800 हेल्थ वेलनेस सेंटर संचालित हैं। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश में अब तक 4 करोड़ 37 लाख से अधिक आयुष्मान निरामयम् कार्ड बनाए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल किसी व्यक्ति को एक घंटे के भीतर निकटतम अस्पताल पहुंचाकर उसके प्राण बचाने में योगदान देने वाले व्यक्ति को सरकार राहवीर योजना के तहत 25 हजार रुपये देगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने देहदान और अंगदान करने वालों को सम्मानित करने का निर्णय भी लिया है। इस अवसर खेल एवं युवक कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, विधायक रामेश्वर शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, जीएमसी डीन डॉ. कविता सिंह, सहित चिकित्सा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, मेडिकल कॉलेज के सभी डॉक्टर्स और जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे।  

उच्च शिक्षा मंत्री परमार की अध्यक्षता में विभागीय समीक्षा बैठक हुई

भोपाल  उच्च्‍ा शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने मंत्रालय में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में विभाग के उल्लेखनीय कार्य, महाविद्यालयों में शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, पदपूर्ति एवं कक्षाओं का संचालन, महाविद्यालय के भवनों की स्थिति, नवीन महाविद्यालय की स्थिति, महाविद्यालय में पुस्तकालय और लैब की स्थिति की समीक्षा की गयी। बैठक में अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

टीटी नगर में ‘मकान बिकाऊ’ पोस्टरों से हड़कंप, हिंदू परिवारों के पलायन की आशंका पर प्रशासन सतर्क

भोपाल   मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। भोपाल के टीटी नगर थाना इलाके में रहने वाले हिंदू परिवार पलायन करने को मजबूर हैं। इन हिंदू परिवारों ने अपने-अपने घरों के बाहर पोस्टर लगाए हैं जिनमें उन्होंने मुस्लिम वर्ग के लोगों की प्रताड़ना से परेशान होकर मकान बेचने की बात लिखी है। हिंदू परिवारों के द्वारा घर के बाहर ये पोस्टर लगाए जाने से हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन किया। 'मुस्लिमों से परेशान होकर मकान बेचना है..' भोपाल शहर के टीटी नगर थाना इलाके की बाणगंगा बस्ती में रहने वाले परिवारों ने अपने घरों के बाहर मकान बेचने के पोस्टर लगाए हैं। इन पोस्टर में उन्होंने लिखा है कि मुस्लिम वर्ग के लोगों की प्रताड़ना से तंग आकर वो अपना मकान बेचना चाहते हैं। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि आए दिन होने वाली परेशानियों और बदमाशों के आतंक से वो परेशान हो चुके हैं। बीती रात भी मुस्लिम वर्ग के कुछ असामाजिक तत्वों ने जमकर आतंक मचाया जिसके कारण वो अपने घरों में भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। हिंदू संगठनों ने किया प्रदर्शन बाणगंगा बस्ती से हिंदू परिवारों के पलायन का मन बनाने और मकान बेचने के पोस्टर लगाए जाने की खबर जब हिंदू संगठनों को लगी तो बड़ी संख्या में हिंदू संगठन के कार्यकर्ता बस्ती में पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया है कि पुराने भोपाल के अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों से पहले भी बड़ी संख्या में हिंदुओं का पलायन हो चुका है और अब अन्य बस्तियों व बड़े क्षेत्रों को निशाना बनाया जा रहा है। हिंदू संगठनों के बस्ती में पहुंचने के बाद पुलिस भी बस्ती में पहुंची और लोगों के घरों के बाहर लगाए गए मकान बेचने के पोस्टरों को हटवाया और हर मुस्लिम घर के सामने पुलिसकर्मी तैनात किया गया।

टीटी नगर में ‘मकान बिकाऊ’ पोस्टरों से हड़कंप, हिंदू परिवारों के पलायन की आशंका पर प्रशासन सतर्क

भोपाल   मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। भोपाल के टीटी नगर थाना इलाके में रहने वाले हिंदू परिवार पलायन करने को मजबूर हैं। इन हिंदू परिवारों ने अपने-अपने घरों के बाहर पोस्टर लगाए हैं जिनमें उन्होंने मुस्लिम वर्ग के लोगों की प्रताड़ना से परेशान होकर मकान बेचने की बात लिखी है। हिंदू परिवारों के द्वारा घर के बाहर ये पोस्टर लगाए जाने से हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन किया। 'मुस्लिमों से परेशान होकर मकान बेचना है..' भोपाल शहर के टीटी नगर थाना इलाके की बाणगंगा बस्ती में रहने वाले परिवारों ने अपने घरों के बाहर मकान बेचने के पोस्टर लगाए हैं। इन पोस्टर में उन्होंने लिखा है कि मुस्लिम वर्ग के लोगों की प्रताड़ना से तंग आकर वो अपना मकान बेचना चाहते हैं। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि आए दिन होने वाली परेशानियों और बदमाशों के आतंक से वो परेशान हो चुके हैं। बीती रात भी मुस्लिम वर्ग के कुछ असामाजिक तत्वों ने जमकर आतंक मचाया जिसके कारण वो अपने घरों में भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। हिंदू संगठनों ने किया प्रदर्शन बाणगंगा बस्ती से हिंदू परिवारों के पलायन का मन बनाने और मकान बेचने के पोस्टर लगाए जाने की खबर जब हिंदू संगठनों को लगी तो बड़ी संख्या में हिंदू संगठन के कार्यकर्ता बस्ती में पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया है कि पुराने भोपाल के अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों से पहले भी बड़ी संख्या में हिंदुओं का पलायन हो चुका है और अब अन्य बस्तियों व बड़े क्षेत्रों को निशाना बनाया जा रहा है। हिंदू संगठनों के बस्ती में पहुंचने के बाद पुलिस भी बस्ती में पहुंची और लोगों के घरों के बाहर लगाए गए मकान बेचने के पोस्टरों को हटवाया और हर मुस्लिम घर के सामने पुलिसकर्मी तैनात किया गया।

यूपी पंचायत चुनाव से पहले इटियाथोक को नगर पंचायत बनाने की प्रक्रिया तेज

गोंडा  यूपी के गोंडा जिले में इटियाथोक कस्बे को फिर नगर पंचायत का दर्जा देने की कवायद शुरू हुई है। जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने इटियाथोक को नगर पंचायत का दर्जा देने लिए इटियाथोक ब्लॉक को पत्र भेजकर सूचना मांगी गई है। डीएम के निर्देश पर ब्लॉक कार्यालय में इस सबंध में तेजी देखने को मिली है। सूत्रों की माने तो इटियाथोक को केन्द्र मानकर ग्राम पंचायत हरैया झूमन, तेलियानी कानूनगो, करुवापारा, आंशिक पारासराय सहित अन्य ग्राम पंचायतों को शामिल किया जा सकता है। इस संबंध में खण्ड विकास अधिकारी विजय कुमार मिश्रा ने बताया जिलास्तर से मांगी गई रिपोर्ट तैयार करवाई जा रही है। तहसील स्तर से भी नक्शा बनाने की भी प्रकिया शुरू हो चुकी है। बीडीओ ने बताया इटियाथोक को केन्द्र मानकर उसके परिधि में आने वाले अगल-बगल की ग्राम पंचायतों को इसमें शामिल किया जायेगा ताकि आबादी का मानक पूरा हो सके। नगर पंचायत का दर्जा मिलने के लिए आबादी 20 हजार होनी चाहिए। इटियाथोक नगर पंचायत गठन के लिए काफी दिनों से मांग चल रही थी। दो वर्ष बाद जिलास्तर से दूसरी बार शासन को प्रस्ताव भेजने की कवायद शुरू हुई है। तत्कालीन डीएम डॉ उज्जवल कुमार ने शासन को इटियाथोक, तरबगंज, धानेपुर और बेलसर को नगर पंचायत का दर्जा देने लिए प्रस्ताव भेजा गया था। नगरीय दर्जा पाने का मानक पूरा करता है इटियाथोक गोण्डा-बलरामपुर मार्ग पर स्थित कस्बा इटियाथोक नगरीय दर्जा पाने के लिए कई मानक पूरे करता है। कस्बे में रेलवे स्टेशन, विकास खण्ड कार्यालय, पशु चिकित्सालय, सीएचसी, कोतवाली, आंगनबाड़ी कार्यालय, कृषि विभाग, दो डिग्री कॉलेज, आधा दर्जन से अधिक इण्टर कालेज संचालित है। यहां की आबादी भी करीब 20 हजार के आसपास है।

बरेली हादसा: तेज रफ्तार ट्रक ने ऑटो को मारी टक्कर, महिला व बच्चा मृत, मां समेत तीन घायल

बरेली बरेली के फरीदपुर थाना क्षेत्र में नवादावन गांव के समीप गलत दिशा से आ रही कार से बचने के लिए चालक ने अपना ऑटो को बचाया, तभी पीछे से आ रहे ट्रक की टक्कर लगने से ऑटो आगे वाले ट्रक में जा घुसा। हादसे में ऑटो चालक की पत्नी और मासूम बेटे की मौत हो गई। तीन लोग गंभीर घायल हुए हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जानकारी के मुताबिक शाहजहांपुर के कटरा थाना क्षेत्र के गांव कपूर नगला निवासी जसवीर ऑटो चलाते हैं। उनकी बहन के घर ढकिया तिवारी गांव में शनिवार को बच्चे का नामकरण कार्यक्रम है। जिसमें छोछक (एक रस्म) ले जाने के लिए जसवीर अपने गांव से फरीदपुर कपड़े खरीदने आ रहे थे। ऑटो में वह उनकी मां रामसनेही, पत्नी पिंकी (24 वर्ष), बेटा राघव (एक वर्ष) सवार थे। उन्होंने रास्ते में खुदागंज से दो अन्य सवारियां बैठा लीं।   नवादावन गांव के समीप हुआ हादसा नेशनल हाईवे पर फरीदपुर थाना क्षेत्र के नवादावन गांव के समीप गलत दिशा से कार आ रही थी। जसवीर ने कार से बचने के लिए ऑटो बचाया। इसी दौरान पीछे से आए ट्रक ने ऑटो को टक्कर मार दी। जिससे ऑटो आगे चल रहे ट्रक से जा टकराया। हादसे में जसवीर की पत्नी पिंकी और बेटे राघव की मौत मौके पर ही हो गई। मां रामसनेही समेत अन्य दो सवारियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद दोनों ट्रक व कार चालक मौके से फरार हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को निजी एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया। मृतकों के शवों का पंचनामाभर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ऑटो चालक जसवीर को मामूली चोट आई है। हादसे में पत्नी-बेटे की मौत से उसका रो-रोकर बुरा हाल है।  

राजस्थान के उपमुख्यमंत्री का तनोट दौरा: माता के दर्शन और शहीदों को श्रद्धांजलि

जैसलमेर राजस्थान के उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा दो दिवसीय जैसलमेर प्रवास के दौरान धार्मिक, सैनिक और सामाजिक स्थलों का दौरा करते हुए प्रदेशवासियों के कल्याण और सीमाओं की सुरक्षा के लिए मंगलकामनाएं कीं। इस दौरान उन्होंने अपने परिवार सहित भारत-पाक सीमा पर स्थित पावन तीर्थस्थल श्री तनोटराय माता मंदिर में दर्शन-पूजन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, देश की सुरक्षा और लोक कल्याण की कामना की। डॉ. बैरवा ने तनोट मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं और बीएसएफ जवानों को संबोधित करते हुए कहा, “यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि यह सीमा पर तैनात हमारे वीर जवानों की आस्था, विश्वास और प्रेरणा का स्रोत है। 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्धों के दौरान यहां माता की कृपा से शत्रु की गोलाबारी से यह स्थल सुरक्षित रहा, जो इस स्थान की चमत्कारी महिमा को दर्शाता है।” जवानों से की मुलाकात, मिठाई खिलाकर बढ़ाया मनोबल मंदिर दर्शन के पश्चात उपमुख्यमंत्री डॉ. बैरवा ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों से मुलाकात की। उन्होंने जवानों को मिठाई खिलाकर उनका हौसला बढ़ाया और उनके अनुशासन, समर्पण और देशभक्ति की भावना की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि देश की सीमाएं आप जैसे जांबाज सपूतों की वजह से सुरक्षित हैं। आप ही राष्ट्र की असली ताकत हैं, जो हर परिस्थिति में अडिग और अटल रहते हैं। मंदिर विकास कार्यों की ली जानकारी डॉ. बैरवा ने मंदिर समिति, बीएसएफ अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर मंदिर परिसर में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने मंदिर प्रबंधन की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि इस तीर्थस्थल की महत्ता को देखते हुए यहां की सुविधाओं का लगातार विस्तार आवश्यक है। पाैधरोपण को लेकर दिया विशेष संदेश मीडिया से बातचीत के दौरान उपमुख्यमंत्री ने वन महोत्सव अभियान का ज़िक्र करते हुए लोगों से अपील की कि बारिश के इस मौसम में हर व्यक्ति को कम से कम 2 से 3 पौधे जरूर लगाने चाहिए। उन्होंने कहा, “पर्यावरण संकट और जलवायु परिवर्तन का सामना करने के लिए पौधरोपण सबसे प्रभावशाली उपाय है। बढ़ते तापमान और अनियमित मानसून जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए हर नागरिक को पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।” चुनावों को लेकर दिए संकेत पंचायती राज व नगर निकाय चुनावों को लेकर पूछे गए सवाल पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में फिलहाल परिसीमन की प्रक्रिया चल रही है और इस संबंध में अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री द्वारा लिया जाएगा। उन्होंने संकेत दिए कि परिसीमन पूरा होते ही चुनाव की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा, “प्रदेश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया समय पर पूरी होगी और जनता को सशक्त नेतृत्व मिलेगा।” वॉर म्यूजियम में वीर शहीदों को दी श्रद्धांजलि तनोट यात्रा के बाद उपमुख्यमंत्री डॉ. बैरवा अपने परिवार के साथ जैसलमेर के प्रसिद्ध वॉर म्यूजियम पहुंचे। वहां उन्होंने 1965 और 1971 के युद्धों में बलिदान देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा, “यह म्यूजियम मात्र एक संग्रहालय नहीं, बल्कि मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राण अर्पित करने वाले रणबांकुरों की अमर गाथा को जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है। यह स्थल आज की पीढ़ी को देशभक्ति, साहस और बलिदान की प्रेरणा देता है। डॉ. बैरवा ने संग्रहालय में प्रदर्शित युद्ध सामग्री, ऐतिहासिक चित्रों व दस्तावेजों का अवलोकन करते हुए सेना की वीरता की सराहना की और कहा कि यह स्थल युवाओं को राष्ट्र सेवा के प्रति प्रेरित करता है। इस अवसर पर जिला प्रशासन व सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया और म्यूजियम की विशिष्टताओं की जानकारी दी।

लेखा अनियमितता पर कार्रवाई: शासकीय सेवा से हटाया गया लेखापाल

भोपाल नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के लेखापाल ज्ञानेन्द्र शर्मा को वित्तीय प्रक्रियाओं का उल्लंघन करने के गंभीर आरोप के कारण पद से हटा दिया गया है। विभागीय जाँच में यह तथ्य सामने आया है कि ज्ञानेन्द्र शर्मा ने लेखापाल के पद पर रहते हुए बिना सक्षम स्वीकृति और बिना अधिकृत भुगतान आदेश के डीडीओ की लॉगइन आईडी का दुरूपयोग कर भुगतान की कार्यवाही की थी। जांच में यह संपूर्ण प्रक्रिया वित्तीय नियमों के प्रतिकूल और धोखाधड़ी की श्रेणी में आती है। नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने लेखापाल ज्ञानेन्द्र शर्मा को पद से हटाने संबंधी आदेश जारी किये हैं। आयुक्त ने कहा है कि लेखा संबंधी कार्यों में यदि किसी व्यक्ति द्वारा वित्तीय अनियमितता की कार्यवाही की जाती है तो विभाग द्वारा उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और इसी प्रकार की कार्रवाई की जायेगी।  

कांग्रेस का प्रस्ताव: रमेश बैस को मिले उपराष्ट्रपति पद, मुख्यमंत्री बैज ने लिखा पीएम को पत्र

रायपुर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद अब नए उपराष्ट्रपति के चुनाव की तैयारी तेज हो गई है। इस बीच छत्तीसगढ़ पीसीसी चीफ दीपक बैज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने छत्तीसगढ़ वरिष्ठ बीजेपी नेता और पूर्व राज्यपाल रमेश बेस को उपराष्ट्रपति बनाने की मांग की है। दीपक बैज ने अपने पत्र में लिखा कि आम चुनाव वर्ष 2000 से अब तक छत्तीसगढ़ ने 11 लोकसभा क्षेत्र में से औसतन 10 सीटें जिताकर भाजपा को संसद सदस्य के रूप में देने का काम किया है। वर्ष 2014 में केंद्र में आपकी सरकार जब बनी उस वक्त छत्तीसगढ़ की 11 लोकसभा में से भाजपा ने 10 सीटें जीती। इसी प्रकार 2019 में 9 सीटें तथा वर्ष 2024 के आम चुनाव में 10 सीटें भाजपा को जीताकर सांसद के रूप में प्रदेश की जनता ने भेजा है। किन्तु हम सभी के लिए पीड़ा का विषय है कि तीनों कार्यकाल में छत्तीसगढ़ को केवल राज्यमंत्री का प्रतिनिधत्व मिला। उन्होंने लिखा कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ भाजपा में कई ऐसे नेता मौजूद हैं जो देश के उप राष्ट्रपति के पद को सुशोभित करने में सक्षम हैं। जिसमें पूर्व राज्यपाल रमेश बैस जैसे महत्वपूर्ण नेता शामिल है जो कि 7 बार के सांसद एवं झारखंड, त्रिपुरा, महाराष्ट्र जैसे राज्यों के राज्यपाल के रूप में सेवा दे चुके हैं। बैज ने आगे लिखा है कि वर्तमान छत्तीसगढ़ में भाजपा के 10 सांसदों को कोई महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। वहीं वरीयता के आधार पर मैं समस्त छत्तीसगढ़वासियों की ओर से उप राष्ट्रपति के पद हेतु छत्तीसगढ़ को प्राथमिकता देते हुए छत्तीसगढ़ के किसी नेता को अवसर देने का निवेदन करता हूं। बता दें कि उपराष्ट्रपति जगदीश धनखड़ ने 21 जुलाई को संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उनके इस्तीफे ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी।