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सरकार के नीतिगत फैसलों ने बढ़ाया छत्तीसगढ़ के किसानों का मान

साल दर साल बढ़ रहा है किसानों की संख्या, रकबा और उत्पादन रायपुर, मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय सरकार के नीतिगत फैसलों एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ के किसान खुशहाल हैं। इन नीतियों से प्रदेश के किसान निरंतर समृद्धि की ओर अग्रसर हो रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में राज्य में सरकार बनते ही प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए प्रदेश के पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर प्रति एकड़ 21 क्विंटल 31 सौ रूपए प्रति क्विंटल की मान से धान खरीदी कर न सिर्फ किसानों का मान बढ़ाया बल्कि किसानों को उन्नति की ओर ले जाने में भी उल्लेखनीय कार्य किया है। राज्य सरकार ने बीते 18 महीने में विभिन्न योजनाओं के तहत् लगभग सवा लाख करोड़ रूपए किसानों के खाते में अंतरित की है। इन कल्याणकारी फैसलों और प्रोत्साहन से साल दर साल किसानों की संख्या, खेती-किसानी का रकबा और उत्पादन में वृद्धि हो रही है। बता दें कि देश की जीडीपी में कृषि का बड़ा योगदान है। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का मूल आधार भी कृषि ही है और छत्तीसगढ़ धान का कटोरा कहलाता है। मुख्यमंत्री श्री साथ के नेतृत्त्व में प्रदेश सरकार की इन डेढ़ साल की अवधि में किसानों के हित में लिए गए नीति गत फैसलों से खेती-किसानी की नया सम्बल मिला है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसानों से बीते खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में सर्वाधिक 24.75 लाख किसानों से समर्थन मूल्य पर 144.92 लाख मेट्रिक टन धान की खरीदी कर एक नया रिकार्ड कायम किया है। किसानों को समर्थन मूल्य के रूप में 32 हजार करोड रूपए का भुगतान एवं किसान समृद्धि योजना के माध्यम से मूल्य की अंतर की राशि 13,320 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया था। इसी तरह खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में प्रदेश के किसानों से रिकार्ड 149.25 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी गई और धान खरीदी के एवज में किसानों को 34,500 करोड़ रूपए का तत्काल भुगतान किया गया तथा 12 हजार करोड़ रूपए की अंतर की राशि एकमुश्त सीधे किसानों के खातों में अंतरित किया गया। राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वायदे को पूरा कर यह बता दिया है कि छत्तीसगढ़ की खुशहाली और अर्थव्यवस्था को सुदृढ करने का रास्ता खेती-किसानी से ही निकलेगा। राज्य सरकार प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी के साथ ही दो साल के बकाया धान बोनस की राशि 3716 करोड रूपए का भुगतान करके अपना संकल्प पूरा किया, इससे प्रदेश के किसानों में खुशी की लहर है। किसानो का मानना है कि राज्य सरकार के फैसलों से यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार किसानों की हितैषी है। खेती-किसानी ही छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है। कृषि के क्षेत्र में सम्पन्नता से ही छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी और विकसित राज्य बनाने का सपना साकार होगा। छत्तीसगढ़ में किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर अल्पकालीन कृषि ऋण 01 अप्रैल 2014 से उपलब्ध कराया जा रहा है। ऋण की अधिकतम सीमा 5 लाख रूपए तक है। फसल ऋण में नगद एवं वस्तु का अनुपात 60 अनुपात 40 है। सहकारी एवं ग्रामीण बैंकों से व्याज मुक्त कृषि ऋण उपलब्ध कराने के लिए खरीफ वर्ष 2024 में 15.21 लाख किसानों को 6912 करोड़ रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर वितरित किया गया था। वर्ष 2025 में किसानों को 7800 करोड़ रूपए कृषि ऋण वितरित करने का लक्ष्य है। किसानों को 11 जुलाई की स्थिति में 5124 करोड़ रूपए कृषि ऋण वितरित किए गए हैं। यह किसानों के हित में क्रांतिकारी कदम है। छत्तीसगढ़ में किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री सिंचाई योजना लागू की गई है। सौर सुजला योजना के माध्यम से सरकार ने दूरस्थ वनांचल में जहां बिजली की सुविधा नहीं है, वहां किसानों के खेतों में भी इस योजना के माध्यम से सौर सुजला सिंचाई पंप स्थापित कर सिंचाई की व्यवस्था की गई है। छत्तीसगढ़ में किसानों एवं भूमिहीन मजदूरों की स्थिति में सुधार, कृषि एवं सहायक गतिविधियां के लिए समन्वित प्रयास पर राज्य सरकार का फोकस है। कृषि विभाग के बजट में बीते वर्ष की तुलना में वर्ष 2024-25 में 33 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 13 हजार 435 करोड रूपए का प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में कृषि का महत्वपूर्ण योगदान है, इसलिए राज्य के बजट में भी कृषि के साथ-साथ ग्रामीण विकास को फोकस किया गया है। यहां धान और किसान एक-दूसरे के पर्याय है। पिछले वर्ष 149.25 लाख मीट्रिक टन धान समर्थन मूल्य पर राज्य के 25 लाख 48 हजार 798 किसानों से खरीदी की गई है। राज्य सरकार ने बजट में कृषक उन्नति योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया, जिसका उद्देश्य कृषि समृद्धि को बढ़ावा देना है। वहीं किसानों के 5 एचपी तक के कृषि पंपों को मुफ्त बिजली आपूर्ति के लिए 3,500 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। इसी तरह भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत राज्य के 5.65 लाख भूमिहीन मजदूरों को सालाना 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही दलहन एवं तिलहन फसलों समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए 80 करोड़ रुपये तथा फसल बीमा योजना के लिए 750 करोड़ रुपये और मोटे अनाजों के साथ-साथ दलहन, तिलहन, बीज उत्पादन एवं वितरण के लिए कृषक समग्र विकास योजना के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह सरकार की किसान हितैषी नियत को दर्शाता है। केन्द्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के 26 लाख से ज्यादा किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का भी लाभ मिल रहा है। इस योजना में किसानों को तीन किश्तों में साल में 6 हजार रूपए की राशि केन्द्र सरकार के द्वारा सीधे किसानों के बैंक खातों में दी जा रही है। केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ में धान के विपुल उत्पादन को देखते हुए केन्द्रीय पूल में 78 लाख मीट्रिक टन चावल जमा करने का लक्ष्य दिया है।

संविधान रक्षा के मंच से कांग्रेस का निशाना, BJP पर लगाए गंभीर आरोप

अलवर मोती डूंगरी के पास होटल स्वरूप विलास में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा ‘संविधान बचाओ सभा’ का आयोजन किया गया। इसमें जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों से 5500 पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। इस भव्य सभा में एआईसीसी महासचिव और पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह, प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर रंधावा, सह प्रभारी चिरंजीव राव, प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पीसीसी उपाध्यक्ष रमेश खंडेलवाल सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता मंच पर मौजूद रहे। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा ने महाराष्ट्र, बंगाल और भरतपुर में लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई हैं। “जो लोग बाहर काम करने गए हैं, उनके वोट काट दिए गए। भरतपुर में डेढ़ साल से जिला प्रमुख के चुनाव नहीं हुए, जो सीधा संविधान का उल्लंघन है।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने लोकतंत्र को कमजोर करने के लिए ED, CBI और इनकम टैक्स को विपक्ष के पीछे लगा रखा है। CTH क्षेत्र को कम करने की साजिश जूली ने कहा कि सरिस्का के CTH क्षेत्र को कम करने की साजिश चल रही है। भाजपा मंदिर तोड़ रही है, नालियां-सड़कों की मरम्मत नहीं कर पा रही, लेकिन रैंकिंग सुधारने का ढोंग कर रही है। अमित सैनी की आत्महत्या मामले में अब तक सुसाइड नोट के आधार पर कार्रवाई नहीं हुई। डोटासरा बोले- शिक्षक के पद खाली और शिक्षा मंत्री सफाई और पौधरोपण में लगे प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि अलवर कांग्रेस संगठन बहुत तेज है। या तो मुख्यमंत्री को स्कॉर्ट मिली है या जूली जी को। डोटासरा ने प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि जो चाय बेचने के नाम पर आए थे, अब विदेशी कपड़े पहन विदेशों में घूम रहे हैं। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की जगह डोनाल्ड ट्रम्प से डरकर सीजफायर करवाया गया।” उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वो सिर्फ ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स का खेल खेल रही है। पेपर लीक, बेरोजगारी और शिक्षा में गिरावट के मामलों पर चुप है। कहा कि आज भी 1.25 लाख से अधिक शिक्षक पद खाली हैं और शिक्षा मंत्री सफाई और पौधरोपण की राजनीति में लगे हैं। जितेन्द्र सिंह बोले– देश को दोबारा आज़ाद कराने की जरूरत पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने कहा, “आजाद भारत के इतिहास में अलवर का योगदान अहम रहा है। महाराज जय सिंह ने महात्मा गांधी के साथ आजादी की लड़ाई लड़ी और जेल में उनकी हत्या हुई।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा गरीबों को उनकी जमीन से बेदखल कर रही है और संविधान को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, “सरिस्का में आदिवासियों को हटाकर जमीन अडानी को दी जा रही है। देश को डर और तानाशाही से मुक्त कराने के लिए हमें फिर से आज़ादी की लड़ाई लड़नी होगी।” ली और डोटासरा की जोड़ी भाजपा को खत्म करने में सक्षम प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर रंधावा ने कहा, “जाट और सिख किसान की जोड़ी जब मजबूत होती है, तो सबकुछ संभव होता है। जूली और डोटासरा की जोड़ी भाजपा को खत्म करने में सक्षम है।” उन्होंने कहा, “जो लोग संविधान को बदलने की बात कर रहे हैं, वह असल में देश को तोड़ने की साजिश कर रहे हैं। इस अवसर पर मीडिया से बातचीत में गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि संविधान का उल्लंघन हो रहा है। भाजपा की सरकार अफसरशाही चला रही है, जनता ठगा हुआ महसूस कर रही है। जो सरकार अधिकारी ओर कर्मचारी की तनख्वाह तक न दे पाए, उसका क्या भविष्य होगा? उन्होंने कहा कि कांग्रेस संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए जनता के साथ मिलकर संघर्ष करेगी। अब देश को चुनाव से नहीं, संविधान बचाकर चलाना होगा।  

भोपाल के सरकारी स्कूल में हादसा, एमएलबी स्कूल की क्लास में गिरा प्लास्टर, दो बच्चियों को चोट

भोपाल भोपाल के एक पीएमश्री स्कूल में चलती कक्षा के दौरान छत का प्लास्टर छात्राओं पर गिरने से हड़कंप मच गया। सभी छात्राएं और शिक्षक कक्षा से निकलकर बाहर आ गए। इस हादसे में दो छात्राएं घायल हो गईं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह मामला भोपाल के बरखेड़ा स्थित शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्कूल (एमएलबी) का है। इस स्कूल का चयन पीएमश्री स्कूल के रूप में तीन साल पहले हुआ था, लेकिन अब तक स्कूल भवन की मरम्मत और सुधार कार्य नहीं किया गया, जिसके चलते यह हादसा हुआ। बता दें कि इसी स्कूल में बीते शुक्रवार 11 जुलाई को भी एक कक्षा में छत का प्लास्टर गिरा था। शुक्र है कि उस दौरान कक्षा में कोई विद्यार्थी या शिक्षक उपस्थित नहीं था।   बारिश के बाद सीलन की समस्या इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्कूल प्रबंधन ने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को एक शिकायत पत्र लिखा था, इसके बावजूद सुधार कार्य नहीं किया गया। बल्कि यह निर्देश दे दिए गए कि इन कमरों में कक्षाएं न लगाई जाएं। स्कूल प्राचार्य स्मिता मेश्राम ने बताया कि स्कूल की कक्षाओं में वर्षा के बाद से ही सीलन की समस्या बनी हुई है, जिसकी सूचना पहले ही दी जा चुकी थी, लेकिन विभाग कोई सुधार कार्य नहीं कर रहा है। शौचालय भी खराब स्थिति में छात्राओं ने बताया कि स्कूल में बने शौचालयों की भी हालत बेहद खराब है, वह गंदे पड़े रहते हैं। लोहे के दरवाजे नीचे से गल गए हैं, दीवारों पर भी सीलन है। हर साल वर्षा में यही स्थिति होती है। वहीं, शिक्षकों ने बताया कि पूरे स्कूल में सीलन की समस्या है। कई कमरों की छत का प्लास्टर गिर रहा है।  

भारी वर्षा का असर – यूपी में आज–कल मौसम बदलेगा, अन्य राज्यों में क्या स्थिति?

लखनऊ  देशभर में इन दिनों खूब बरसात हो रही है। मौसम विभाग ने रविवार को आने वाले दिनों में कई राज्यों में भारी बरसात का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, सब हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में 20-26 जुलाई, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में 20-24 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश होने वाली है। इसके अलावा, तटीय ओडिशा में 23 जुलाई को बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। दक्षिण भारत की बात करें तो केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना में अगले सात दिनों तक बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों में आज और कल भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर पश्चिम भारत की बात करें तो हिमाचल प्रदेश में 21-23 जुलाई, पंजाब, जम्मू कश्मीर में 21-24 जुलाई, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 20-21 जुलाई, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 जुलाई, पश्चिमी राजस्थान में 20 जुलाई, पूर्वी राजस्थान में 22 और 26 जुलाई, हरियाणा में 21 और 22 जुलाई को भारी बारिश होने वाली है। वहीं, पश्चिमी भारत की बात करें तो कोंकण,गोवा, मध्य महाराष्ट्र के घाट इलाकों में 20 से 26 जुलाई, सौराष्ट्र, कच्छ में 20 जुलाई, मराठवाड़ा में 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश होने वाली है। इसके अलावा, पूर्वी व मध्य भारत में छत्तीसगढ़, सब हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में 20 जुलाई, विदर्भ, छत्तीसगढ़, ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल में 23-25 जुलाई को बहुत भारी बरसात होगी। मध्य प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड में 23-26 जुलाई, ओडिशा में 20-26 जुलाई, बिहार में 20 और 21 जुलाई और फिर 24-26 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।  

बीमा राशि रोकने वाली लापरवाही पर कोर्ट का तमाचा, 18 साल बाद टूटा पिता का इंतजार

भोपाल बैतूल जिले के सरकारी स्कूल की एक छात्रा की दुर्घटना में मृत्यु के बाद भी उसके परिवार को विद्यार्थी सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत बीमा राशि नहीं दी गई। 18 साल बाद राज्य उपभोक्ता आयोग ने छात्रा के पिता को न्याय देते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को दोषी मानते हुए 35 हजार रुपये हर्जाना देने का आदेश सुनाया। मामला बैतूल जिले के उड़दन ग्राम का है, जहां के निवासी कुंजीलाल कुमरे ने डीईओ और द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के खिलाफ आयोग में अपील लगाई थी। आयोग के सदस्य डॉ. श्रीकांत पांडेय और डॉ. मोनिका मलिक की बेंच ने यह स्पष्ट किया कि छात्रा बीमा की हकदार थी और उसकी मृत्यु के 15 दिन के भीतर बीमा राशि का भुगतान किया जाना चाहिए था। बता दें कि इससे पहले जिला उपभोक्ता आयोग ने छात्रा के पिता के खिलाफ में निर्णय सुनाया था, जिसके बाद राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील की गई थी।   बीमा न मिलने का कारण डीईओ की लापरवाही बीमा कंपनी ने दलील दी कि डीईओ ने निर्धारित समय पर प्रीमियम राशि जमा नहीं की थी, इस कारण पालिसी प्रभाव में नहीं रही। कंपनी ने यह भी कहा कि पालिसी की अवधि एक अगस्त 2006 से 31 जुलाई 2007 तक थी, जबकि छात्रा की मृत्यु 19 अगस्त 2007 को हुई। वहीं, अपीलकर्ता के वकील ने तर्क रखा कि योजना का नवीनीकरण हर वर्ष होता है और एक अगस्त 2007 से 31 जुलाई 2008 तक नई पालिसी प्रभावी थी। इसके अलावा योजना के तहत डीईओ को स्थानीय निधि से प्रीमियम राशि जमा करने की सुविधा भी थी। आयोग का निष्कर्ष आयोग ने पाया कि पूरी कक्षा के लिए लगभग 2.65 लाख रुपये की प्रीमियम राशि डीईओ को जमा करनी थी, लेकिन उन्होंने लापरवाही बरती। इस कारण बीमा कंपनी की बजाय डीईओ को दोषी मानते हुए हर्जाने का आदेश दिया गया।

सेहत सुधारने के नाम पर जहर! भोपाल में ड्रग्स रैकेट में डॉक्टर और जिम संचालक शामिल

भोपाल भोपाल क्राइम ब्रांच ने ड्रग तस्करी के एक बड़े गिरोह का खुलासा करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपित युवाओं को एमडी ड्रग्स (मेथामफेटामिन) की लत लगाने के लिए अलग-अलग हथकंडे अपनाते थे। वे वजन कम करने से लेकर अवसाद से जूझ रहे लोगों को एमडी ड्रग्स दवा के रूप में दिलवाते थे। इसके लिए वे डॉक्टरों का सहारा भी लेते थे। बाद में नशे के आदी हो चुके यही युवा उनके स्थायी ग्राहक बन जाते थे तो उन्हें महंगे दामों पर ड्रग्स बेचते थे। इसके अलावा तस्कर शहर के क्लब-पबों में होने वाली नाइट पार्टियों और कालेजों में भी लंबे समय से एमडी ड्रग्स खपा रहे थे। क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि तस्कर शुक्रवार रात गोविंदपुरा स्थित सब्जी मंडी टीन शेड के पास एमडी ड्रग्स लेकर किसी ग्राहक का इंतजार कर रहे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बुधवारा निवासी 28 वर्षीय सैफुद्दीन पिता रफीकउद्दीन व ऐशबाग स्थित बाग फरहत अफजा निवासी 28 वर्षीय आशू उर्फ शाहरूख की तलाशी ली तो उनके पास से 15.14 ग्राम एमडी ड्रग्स मिला। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर ड्रग्स, स्कूटी और मोबाइल जब्त कर लिया है। इनमें से एक आरोपित सैफुद्दीन पांच हजार का इनामी बदमाश था, जो क्राइम ब्रांच के ही एनडीपीएस के एक मामले में फरार था। एसआइ नितिन पटेल के अनुसार, पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे लंबे समय से ड्रग्स तस्करी के गिरोह से जुड़े हैं। सनव्वर नामक तस्कर से वे एमडी ड्रग्स खरीदते हैं। इसके बाद आरोपित उस एमडी ड्रग्स को महंगे दामों पर भोपाल के पबों और क्लबों में बेचते थे। डॉक्टर और जिम ऑपरेटर करते थे उनकी मदद साथ ही कॉलेजों में नशे के आदी युवाओं को भी सप्लाई करते थे। आरोपितों का कहना है कि वे ड्रग्स की लत लगाने के लिए नए ग्राहकों को भी तैयार करते थे। इनमें कुछ डॉक्टर भी उनकी मदद करते थे। वे अवसाद से जूझ रहे लोगों को एमडी ड्रग्स दवाई के रूप में देते थे, ताकि वे इसके आदी हो जाएं और फिर महंगे दामों पर खरीदें। इसके अलावा जिम संचालक एक्सरसाइज करने वाले लोगों को मोटापा कम करने की दवाई के रूप में ड्रग्स देते थे। आरोपितों ने पूछताछ में ड्रग्स की बात भी कबूली है। आरोपितों ने इस गिरोह से जुड़े करीब दस संदिग्ध लोगों के नाम लिए हैं, जिसकी जांच पुलिस कर रही है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में किसी भी संदिग्ध की पुष्टि नहीं हो सकी है। हालांकि जांच के घेरे में डाक्टर, जिम और पब संचालक हैं। उनकी जांच की जा रही है, जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।

शहडोल में ब्रेक फेल बस को रोकने बना मानव ढाल, ट्रक ड्राइवर ने दिखाई बहादुरी

शहडोल शहडोल जिले के पथखई घाट में शनिवार की शाम एक बड़ा  हादसा उस समय टल गया, जब रायपुर से कांवड़ियों को लेकर मैहर जा रही एक बस का ब्रेक फेल हो गया। बस अनियंत्रित होकर घाटी की ओर तेजी से बढ़ रही थी, लेकिन सामने से आ रहे ट्रक चालक की सूझबूझ से सभी यात्रियों की जान बच गई। घटना सिंहपुर थाना क्षेत्र के पथखई घाट पर हुई। जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के रायपुर से मैहर देवी के दर्शन के लिए जा रही बस (क्रमांक CG-07-BW-2738) में 50 से अधिक यात्री सवार थे, जिनमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल थे। जैसे ही बस पथखई घाट पर पहुंची, उसका ब्रेक अचानक फेल हो गया और वह अनियंत्रित होकर घाटी की ओर लुढ़कने लगी।   इसी दौरान रीवा से छत्तीसगढ़ की ओर जा रहा एक ट्रक सामने से आ रहा था। ट्रक चालक ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए अपनी जान की परवाह  किए बिना ट्रक को बस के सामने सटा दिया। इससे बस ट्रक से टकराकर रुक गई और खाई में गिरने से बच गई। हादसे में बस का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन सभी यात्री सुरक्षित हैं। मौके पर पहुंची सिंहपुर पुलिस ने बताया कि उन्हें घटना की सूचना मिली थी और तत्काल टीम को रवाना किया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, पथखई घाट पर आए दिन हादसे होते रहते हैं क्योंकि यहां वाहन तेज गति से चलते हैं और मोड़ काफी खतरनाक हैं। इस बार ट्रक चालक की सूझबूझ और साहस से एक बड़ी त्रासदी टल गई। 

मध्य प्रदेश: कुछ दिन राहत भरा रहेगा मौसम, बारिश के सिस्टम हुए निष्क्रिय

भोपाल  अवदाब का क्षेत्र अब राजस्थान की तरफ चला गया है। मानसून द्रोणिका भी ऊपर की तरफ चली गई है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, किसी प्रभावी मौसम प्रणाली के सक्रिय नहीं रहने के कारण अभी दो-तीन दिन तक बारिश बारिश के आसार नहीं हैं। वातावरण में बड़े पैमाने में नमी रहने के कारण कहीं-कहीं बौछारें पड़ सकती हैं। उधर, शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक सिर्फ श्योपुर में दो मिलीमीटर बारिश हुई। मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी अभिजीत चक्रवर्ती ने बताया कि पूर्वी राजस्थान और उससे लगे उत्तर-पश्चिम क्षेत्र पर अवदाब का क्षेत्र बना हुआ है। इसके कमजोर पड़कर गहरे कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होकर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। मानसून द्रोणिका अवदाब के क्षेत्र से होकर फतेहगढ़, मुजफ्फरपुर, बांकुरा, कोंटाई से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक जा रही है।   पूर्वी और उत्तरी इलाकों में हुई भारी बारिश एक पश्चिमी विक्षोभ वर्तमान में पाकिस्तान और उससे लगे जम्मू के आसपास द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। इन मौसम प्रणालियों का प्रभाव मध्य प्रदेश पर अब नहीं है। इस वजह से दो-तीन दिन तक भारी बारिश होने की संभावना नहीं है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि प्रदेश के पूर्वी एवं उत्तरी क्षेत्र में भारी बारिश हुई है। इस वजह से उस क्षेत्र में काफी नमी बरकरार है। इस कारण तापमान बढ़ने की स्थिति में गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने की संभावना बनी रहेगी। उधर, पिछले 24 घंटों के दौरान शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक श्योपुर में 48.2, शिवपुरी में 36, गुना एवं ग्वालियर में 33.2, नौगांव में 28, दतिया में 14.2, पचमढ़ी में 8.2, टीकमगढ़ में छह, जबलपुर में पांच, खजुराहो में चार, सिवनी में 3.2 और मलाजखंड में 2.5 मिलीमीटर बारिश हुई।

फर्जी एनकाउंटर का सच उजागर? CBI ने मारा छापा, निरीक्षक पपोला निलंबित

ग्वालियर नीमच में 16 साल पहले हुए फर्जी एनकाउंटर मामले में फरार चल रहे ग्वालियर में पदस्थ निरीक्षक मंगल सिंह पपोला की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। उन्हें निलंबित कर दिया गया है, वहीं सीबीआई की टीम उनकी तलाश में ग्वालियर के ठिकानों पर दबिश दे रही है। सूत्रों के अनुसार, ग्वालियर पुलिस के कुछ अधिकारी पर्दे के पीछे से निरीक्षक मंगल सिंह पपोला की मदद कर रहे हैं। वर्ष 2009 में नीमच पुलिस ने बंशी गुर्जर का एनकाउंटर करने का दावा किया था, लेकिन बाद में खुलासा हुआ कि बंशी गुर्जर जीवित है। इसके बाद यह मामला फर्जी एनकाउंटर साबित हुआ। घटना के समय जो पुलिसकर्मी और अधिकारी एनकाउंटर टीम में शामिल थे, उन पर सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की थी। इसी टीम में मंगल सिंह पपोला भी शामिल थे, जो उस समय प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ थे। जब सीबीआई ने इस मामले में गिरफ्तारी शुरू की तो मंगल सिंह फरार हो गए। वे जांच के दौरान सिक डालकर निकल गए थे। पंद्रह दिन बाद उन्हें मेडिकल परीक्षण के लिए बुलाया गया, लेकिन वे पेश नहीं हुए। पुलिस अधिकारियों ने भी इस लापरवाही को नजरअंदाज कर दिया। अब जब सीबीआई ने सख्ती बढ़ाई तो पपोला को निलंबित कर दिया गया। जानकारी है कि सीबीआई को ग्वालियर के एक वाहन शोरूम पर उनकी मौजूदगी का सुराग मिला था, जिसके बाद टीम लगातार सक्रिय बनी हुई है। एनकाउंटर के बाद मिला था प्रमोशन फर्जी एनकाउंटर टीम में शामिल मंगल सिंह पपोला उस समय प्रधान आरक्षक थे और तत्कालीन टीआई पीएस परमार व मुख्तार कुरैशी के साथ ऑपरेशन में शामिल थे। एनकाउंटर के बाद पपोला को प्रमोशन भी मिला था। 

चार जंगली हाथियों की वापसी से बुढ़ार में हड़कंप, कई घर तबाह

शहडोल शहडोल जिले के वन परिक्षेत्र बुढार में जंगली हाथियों की पुनः वापसी ने इलाके के ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बन गया है। हाल ही में चार हाथियों ने अनूपपुर के अहिरगवा से लौटकर बुढार के आसपास के गांवों में दस्तक दी और एक दर्जन से अधिक घरों में तोड़फोड़ की है। बुढार रेंजर सलीम खान के अनुसार, इन हाथियों की निगरानी के लिए 50 से अधिक वन कर्मचारी तैनात किए गए हैं, ताकि इनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। हाथियों के इस आतंक ने दो दिनों में बुढार वन परिक्षेत्र के कई गांवों में हलचल मचा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हाथियों के हमलों के चलते उनमें भय का माहौल उत्पन्न हो गया है। रेंजर सलीम खान ने बताया कि हाथियों ने बुढार से अनूपपुर की ओर रुख किया था, लेकिन अब ये दोबारा बुढार वन परिक्षेत्र में लौट आए हैं। हमारी टीमें लोगों को सतर्क करने के लिए मुनादी करवा रही हैं और नुकसान का पंचनामा तैयार कर राजस्व टीम को सूचित किया जा रहा है। नुकसान की भरपाई की आवश्यकता जनपद सदस्य जगन्नाथ शर्मा ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा, हाथियों ने हमारे क्षेत्र में कई घरों को नुकसान पहुंचाया है। प्रशासन को शीघ्र इन लोगों की मदद करनी चाहिए। हमें मुआवजे की राशि दिलवाई जानी चाहिए ताकि वे लोग जो बेघर हो गए हैं, उन्हें राहत मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि भारी बारिश के बीच हाथियों ने कई कच्चे घर तोड़ दिया है, जिससे ग्रामीणों की स्थिति और भी खराब हो गई है। रेंजर के अनुसार, हाथियों ने सिलपरी, कठई, कोल्हारू टोला, कोदवार कला समेत कई स्थानों पर घुसकर घरों को तोड़कर सामान को तहस-नहस कर दिया है। इससे पहले भी वन विभाग ने हाथियों को खदेड़ने की कोशिश की थी, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। चार रेंजरों के साथ वन विभाग की टीम हाथियो की निगरानी कर रही है।