samacharsecretary.com

सपा मुखिया अखिलेश के हर तंज का जवाब दे रहे हैं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद, एक्टिव नजर आए

लखनऊ भारतीय जनता पार्टी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद इन दिनों काफी एक्टिव नजर आ रहे हैं। वह सपा मुखिया अखिलेश के हर तंज का जवाब दे रहे हैं। साथ ही वह कांग्रेस पर भी पलटवार कर रहे हैं। केशव ने एक बार फिर सपा को घेरते हुए कहा कि कांग्रेस ने देश पर लंबे समय तक राज करने की मंशा से ‘धर्मनिरपेक्ष’ और ‘समाजवाद’ जैसे शब्दों का सहारा लिया था। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट पर कांग्रेस की कड़ी आलोचना की। भाजपा के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि ‘धर्मनिरपेक्ष’ और ‘समाजवाद’ की नकली व झूठी बैसाखियों का सहारा लेकर कांग्रेस ने लंबे समय देश की सत्ता को अपने शिकंजे में कसने का सपना पाला था। लेकिन कालचक्र ने उसका यह तिलिस्म तोड़ दिया। इसके बावजूद वह अभी भी इन जर्जर बैसाखियों से सत्ता की उम्मीद पाले बैठी है। उत्तर प्रदेश की सियासत में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव जहां अक्सर प्रदेश सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया पर मुखर हैं तो वहीं उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी उनके आरोपों पर पलटवार करते रहे हैं। साथ ही केशव कांग्रेस की नीतियों पर भी कड़ा रुख अपनाते रहे हैं। उत्तर प्रदेश में पिछड़ा वर्ग के वोट बैंक पर राजनीति काफी मुखर रही है। लोकसभा चुनाव में सपा के पीडीए के नारे को अक्सर केशव परिवारवाद से जोड़ते हुए निशाना साधते दिखाई देते हैं। उन्होंने इमरजेंसी के मामले पर कांग्रेस का भी घेराव किया है। हाल ही में केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था कि कांग्रेस और सपा का असली चेहरा अब जनता के सामने पूरी तरह बेनकाब हो चुका है। इन दलों की तुष्टिकरण की राजनीति, झूठ से लिपटी धर्मनिरपेक्षता और मजहबी वोट बैंक के लिए राष्ट्रहित से समझौता करने की नीति अब जनता को स्वीकार नहीं है।  

कालिंदी एक्सप्रेस हादसे से बाल-बाल बची, कानपुर में चालक की तत्परता ने टाला बड़ा खतरा

कानपुर कानपुर में शुक्रवार को जमकर बारिश हुई, जहां चौबेपुर के पास रेलवे ट्रैक धंसने की वजह से कालिंदी एक्सप्रेस को रोका दिया गया। इस दौरान ड्राइवर ने बेहद सूझबूझ दिखाते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। ट्रेन को अचानक से रोका गया तो यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई, जहां कई यात्रियों ने ट्रेन से उतरकर अन्य वाहनों से अपने गंतव्य तक जाने का फैसला किया। इसके बाद रेलवे की सेक्टर टीम मौके पर पहुंची और ट्रेन को बेहद धीमी गति से गुजारा गया।   कानपुर में जारी है बारिश का प्रकोप कानपुर के कई इलाकों में शुक्रवार को जोरदार बारिश हुई, जिसकी वजह से कई जगहों पर पेड़ टूट गए। इसके अलावा बारादेवी में दो जर्जर मकान ढह गए, जिसमें एक बुजुर्ग महिला घायल हो गईं। बाद में लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने मकान में रह रहे बाकी लोगों को बाहर निकाला। इसके अलावा नौबस्ता में करंट लगने से एक युवक की मौत हो गई। मृतक का नाम केशव तिवारी है जो कि संजय गांधी नगर का रहने वाला है। बारिश ने खोली नगर निगम की पोल कानपुर में हुई लगातार बारिश की वजह से कुछ ही घंटों में कई सड़कें जलमग्न हो गईं, जिसकी वजह से कई जगहों पर जाम की स्थिति बन गई। सुबह दस बजे तक हुई बारिश से जगह-जगह जलभराव और सड़क धंस गईं, जिसके पूरे नगर निगम की पोल खोल कर रख दी है। जिन इलाकों की सड़कों पर पानी भर गया, उनमें गांधीनगर, किदवई नगर, घंटाघर और गोविंदनगर शामिल हैं। कई स्कूलों में छुट्टी घोषित हालात ऐसे हो गए कि इसकी वजह से कई स्कूलों में छु्ट्टी घोषित कर दी गई है। शहर के जूही खलवा पुल भरने से बैरियर लगाकर रास्ता बंद कर दिया गया, जिसके चलते लोगों को घूमकर आना पड़ा। दासू कुआं से नौबस्ता बसंत विहार जाने वाली रोड में एक से दो फीट तक पानी भर गया, जहां लोगों को निकलने के लिए जूझना पड़ा। 

धर्म नहीं, आस्था है बड़ी: मुस्लिम भाई की 151 किलो की कांवड़ यात्रा बनी चर्चा का विषय

कासगंज 11 जुलाई से सावन का पवित्र महीना शुरू हो गया है। वहीं भगवान भोले के प्रति आस्था में लोग कांवड़ यात्रा के लिए खुद को रोक नहीं पाते हैं। कहा जाता है जब इश्वर के प्रति आस्था हो तो इंसान जाति और धर्म नहीं देखता है। इस बीच एक ऐसा ही मामला सामने आया है। जहां दो मुस्लिम भाइयों की भगवान भोले के प्रति आस्था जागी और वो खुद को कांवड़ ले जाने से रोक नहीं पाए। साजिद खान और सन्नी खान अपने जत्थे के साथ गंगा घाट पर पहुंचे और भागीरथ बनकर 151 किलो गंगा जल की कांवड़ लेकर गंतव्य को निकल पड़े। दोनों कहते हैं कि माता और पिता की इच्छा थी कि कांवड़ लेकर आएं और भगवान शिव का अभिषेक करें। शिव बहुत दयालु हैं, हमने सुन रखा है। हम सनातनी पहले मुस्लिम बाद में हैं।   दोनों ने उठाई 151 किलो की कांवड़ आगरा जिले के थाना बाह क्षेत्र के गांव कृषा के रहने वाले 25 वर्षीय साजिद खान और उनके दोस्त 22 वर्षीय सनी खान 151 किलो की कांवड़ लेकर बटेश्वर जा रहे हैं। वे वहां 14 जुलाई को भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। दोनों दोस्त कांवड़ यात्रा पर पहली बार आए हैं, लेकिन बहुत उत्साहित हैं। कह रहे हैं कि अपने गांव के तमाम लोगों को कई वर्षों से कांवड़ ले जाते हुए देख रहे थे।   माता-पिता की इच्छा कर रहे हैं पूरी भगवान शिव की महिमा के बारे में सुन रखा है। इस बार अपने माता-पिता के समक्ष इच्छा प्रकट की कि हम भी कांवड़ लेकर आएंगे, तो वे तत्काल तैयार हो गए और इसके बाद अपने 10 सदस्यीय जत्थे के साथ सोरों के लहरा घाट पर आ गए, जहां से कांवड़ यात्रा शुरू कर दी। बोले कि थोड़ा ब्रेक लेकर चलना पड़ता है क्योंकि 151 किलो का वजन बहुत होता है, लेकिन गंतव्य तक पहुंचेंगे और भोले भंडारी का गंगाजल से अभिषेक करेंगे। यह भी बोले कि पुरोहितजी ने पूरे विधि-विधान, पूजा-अर्चना के साथ हमें गंगा घाट से विदा किया है। जमीन पर कांवड़ नहीं रखेंगे। कांवड़ ले जाकर मिलेगा सुकून पूछा कि थकान हो रही है तो बोले कि थकान कैसी, जो कांवड़ लेकर जाता है उसमें अपने आप ताकत आ जाती है। साफ पूछा गया कि आप मुस्लिम हैं और कांवड़ लेकर जा रहे हैं, तो बीच में ही साजिद बोले, पहले तो हम सनातनी हैं, मुस्लिम बाद में। सवाल आस्था का है तो भगवान शिव भी हमारे आराध्य हैं। इन कांवड़ यात्रियों का जोश, जज्बा और जुनून देखते ही बनता है।

छत्तीसगढ़ की शान: सुखदेव ने अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स में दिलाया भारत को गोल्ड

  रायपुर, छत्तीसगढ़ की प्रतिभाएं आज विभिन्न खेलों के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर राज्य को गौरवान्वित कर रही हैं।  राज्य शासन द्वारा खिलाड़ियों को खेल प्रशिक्षण, आधारभूत संरचना तथा प्रोत्साहन राशि सहित आवश्यक संसाधन प्रदान कर हर संभव सहयोग सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के प्रतिभावान खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन देश एवं विदेश में कर सकें।       महासमुंद जिले के लिए खेल जगत से एक और गर्व की खबर आई है। फॉर्चून फाउंडेशन समाजसेवी संस्था द्वारा संचालित फॉर्चून नेत्रहीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करमापटपर, बागबाहरा खुर्द के पूर्व छात्र सुखदेव ने 7वीं ओपन पैरा एथलेटिक्स इंटरनेशनल चौंपियनशिप 2025 में स्वर्ण पदक जीतकर पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। कांतिराव एथलेटिक्स स्टेडियम, बेंगलुरु (कर्नाटक) में 11 से 12 जुलाई तक आयोजित इस चौंपियनशिप में सुखदेव ने 1500 मीटर दौड़ को महज 4.36 मिनट में पूरा कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।      गौरतलब है कि नेत्रहीन सुखदेव ने फॉर्चून फाउंडेशन करमापटपर, बागबाहरा खुर्द में रहकर प्रशिक्षक श्री निरंजन साहू के मार्गदर्शन में निरंतर अभ्यास करते हुए यह बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वर्तमान में सुखदेव भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) बेंगलुरु में नियमित अभ्यास कर रहे हैं। इससे पहले भी सुखदेव खेलो इंडिया पैरा गेम्स 2025, नई दिल्ली में 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक तथा 23वीं राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स चौंपियनशिप चेन्नई में भी 1500 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। सुखदेव जैसे होनहार पैरा खिलाड़ी प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा हैं।          छत्तीसगढ़ सरकार खेल एवं खिलाड़ियों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और विशेष रूप से दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।  सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर खिलाड़ी को उचित मंच और अवसर मिले, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर सकें।     सुखदेव की इस उपलब्धि पर महासमुंद कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, सीईओ जिला पंचायत श्री एस. आलोक, उप संचालक समाज कल्याण संगीता सिंह, खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी मनोज धृतलहरे, जिला शिक्षा अधिकारी विजय लहरे सहित प्रशिक्षक निरंजन साहू एवं पैरा स्पोर्ट्स संघ के पदाधिकारियों ने भी उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।      सुखदेव की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि अगर लगन और मेहनत सच्ची हो तो कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती और छत्तीसगढ़ की मिट्टी में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। यह उपलब्धि निःसंदेह जिले के अन्य दिव्यांग खिलाड़ियों को भी खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने हेतु प्रेरित करेगी।

देवनारायण मंदिर विवाद: जनआक्रोश चरम पर, विपक्ष ने साधा सरकार पर निशाना

अलवर उमरैण में देवनारायण भगवान के प्राचीन मंदिर को वन विभाग द्वारा तोड़े जाने की घटना के बाद गुर्जर समाज में गहरा आक्रोश फैल गया है। समाज के लोगों ने इसे उनकी धार्मिक आस्था पर सीधा प्रहार बताया है और मंदिर के पुनर्निर्माण की मांग को लेकर चेतावनी दी है। शनिवार शाम हुई इस घटना के बाद रविवार को उमरैण क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए। लोगों ने प्रशासन और सरकार पर देवस्थानों को लेकर संवेदनहीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने वन विभाग पर मनमानी करने और धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ का गंभीर आरोप लगाया है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी मौके पर पहुंचे और स्थानीय निवासियों से मुलाकात की। यह इलाका उनके निर्वाचन क्षेत्र में आता है। उन्होंने भाजपा सरकार पर मंदिरों को लेकर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जहां संतों ने वर्षों तक तपस्या की, उन स्थलों को नष्ट करना निंदनीय है। यह सरकार मंदिरों की हिमायत का दावा करती है, लेकिन हकीकत में उन्हें तोड़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर की केवल मरम्मत हो रही थी लेकिन वन विभाग ने बिना किसी सूचना के उसे ढहा दिया। अब वही अधिकारी अपनी जेब से पुनर्निर्माण कराएं, वरना व्यापक आंदोलन होगा। स्थानीय समाजसेवी भविंदर पटेल ने सरकार पर विश्वासघात का आरोप लगाते हुए कहा कि यह हमारी आस्था पर हमला है। समाज इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। हम सब मिलकर रणनीति बना रहे हैं और जल्द ही निर्णायक कदम उठाएंगे। यदि भाजपा इस मुद्दे पर चुप रही, तो पार्टी को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि यदि प्रशासन ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं। उन्होंने वन विभाग की कार्रवाई को मनमाना करार देते हुए इसे आस्था पर चोट बताया।

GST संरचना से जूझ रहा दवा व्यापार, इनपुट पर टैक्स कटौती की मांग

इंदौर दवाओं के निर्माण के लिए जो कच्चा माल खरीदना पड़ रहा है, उस पर (टैक्स) की दर ज्यादा है जबकि तैयार दवाओं की बिक्री पर जीएसटी की दर कम है। दवा निर्माताओं के संगठन ने मांग उठाई है कि कच्चे माल और दवा के बीच जीएसटी के अलग-अलग रेट का भेद खत्म किया जाना चाहिए। साथ ही दवा बनाने के मटैरियल और तैयार दवा दोनों पर जीएसटी की दर घटाकर पांच प्रतिशत के स्लैब में लाना चाहिए। यह मांग ठीक ऐसे समय उठाई गई है जब आने वाले दिनों में जीएसटी काउंसिल की अहम बैठक होने जा रही है। इसमें जीएसटी की स्लैब व अन्य प्रविधानों में आठ वर्षों में सबसे बड़े बदलाव की उम्मीद है। बेसिक ड्रग डीलर्स एसोसिएशन मप्र ने सरकार को पत्र लिखकर दवाओं के कच्चे माल और तैयार दवाओं दोनों पर जीएसटी की दर पांच प्रतिशत करने की मांग की है। एसोसिएशन ने इस संबंध में पत्र लिखा है और मांग की है कि प्रदेश की ओर से जीएसटी काउंसिल को इस बारे में प्रस्ताव भेजा जाना चाहिए। बेसिक ड्रग डीलर्स एसोसिएशन के महासचिव जयप्रकाश मूलचंदानी कहते हैं कि वर्तमान में दवा बनाने के कच्चे माल पर 18 प्रतिशत जीएसटी लागू होता है।   ब्रिक्री पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगता है इस मटैरियल से जो दवा तैयार होती है, उसकी बिक्री पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगता है। टैक्स की दर का यह अंतर व्यापार में व्यावहारिक परेशानी पैदा कर रहा है। टैक्स के रूप में दवा कारोबारियों का छह प्रतिशत जीएसटी विभाग के पास जमा रहता है। जबकि निर्माण लागत बढ़ने से उपभोक्ताओं के लिए दवाएं महंगी हो जाती हैं। एसोसिएशन ने मांग रखी है कि दवाओं और कच्चे माल दोनों पर ही जीएसटी की दर पांच प्रतिशत की जानी चाहिए। इनवर्टेड ड्यूटी के अलग नियम कर सलाहकार आरएस गोयल के अनुसार जीएसटी कर प्रणाली में कई वस्तुओं में कच्चे माल पर अधिक व तैयार उत्पाद पर कम टैक्स लागू है। इसके लिए एक इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर लागू होता है। इसमें सरकार ने प्रविधान किया है कि कच्चे माल पर अधिक टैक्स देकर तैयार माल कम टैक्स पर बेचा जाता है तो जो टैक्स का अंतर होता है, उसका रिफंड दिया जाए। व्यापारी को अधिकार होता है कि वह रिफंड हासिल करे। दवाओं के मामले में भी रिफंड का यह नियम लागू है। हालांकि रिफंड लेने के लिए कागजी कार्रवाई तो करना ही होगी। काउंसिल व्यापारियों को राहत देने के लिए कागजी कार्रवाई का बोझ कम कर प्रक्रिया को आसान बना सकती है।

धरती आबा की छांव में खुशहाली: योजनाओं से सशक्त हो रहे आदिवासी परिवार

आधार, आयुष्मान, राशन कार्ड, बीमा और स्वास्थ्य परीक्षण का लाभ, पोषण वाटिकाएं भी बन रही रायपुर, छत्तीसगढ़  प्रदेश में चलाए जा रहे धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत  अनुसूचित जनजाति ग्रामों में शासन की योजनाओं का व्यापक क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस कड़ी में कोरिया जिले के सोनहत और बैकुंठपुर विकासखंड के इन गांवों में हजारों पात्र परिवारों को आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, पेंशन, श्रम कार्ड, जॉब कार्ड और बीमा योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। जनपद पंचायत सोनहत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने  बताया कि विकासखंड में 2,626 लक्षित परिवारों और 9,320 जनसंख्या के लिए शासन की महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य जरूरी योजनाओं से फायदा पहुंचाने के लिए आवेदन लिया गया है, मनरेगा जॉब कार्ड, जीवन ज्योति बीमा और सुरक्षा बीमा योजना जैसी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक पेंशन योजना के तहत 85 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 28 स्वीकृत हुए, 7 अपात्र पाए गए और शेष प्रक्रियाधीन हैं। साथ ही, 111 जाति प्रमाण पत्र और 100 निवास प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को भी ग्रामीणों तक पहुँचाया जा रहा है। टीबी एवं सिकलसेल की जांच की जा रही है और जरूरतमंदों को उपचार से जोड़ा जा रहा है साथ ही आयुष विभाग द्वारा निःशुल्क जाँच उपरांत दवाई वितरण भी किया जा रहा है। बैकुंठपुर एसडीएम से प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखंड में अब तक 23 क्षय रोग के सक्रिय मरीज चिन्हित किए गए हैं। वहीं, 391 जाति प्रमाण पत्र, 361 निवास प्रमाण पत्र और 269 राशन कार्ड बनाए गए हैं। पोषण सुरक्षा की दिशा में 2,837 पोषण वाटिकाएं भी तैयार की गई हैं। साथ ही, मिशन इंद्रधनुष के अंतर्गत टीकाकरण कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है। अभियान की प्रगति की ऑनलाइन निगरानी के लिए धरती आबा पोर्टल बनाया गया है। अभियान का उद्देश्य दूरस्थ आदिवासी अंचलों के पात्र परिवारों को सीधे शासन की योजनाओं से जोड़ना है, ताकि वे सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।

कालीसिंध नदी में समाई कार, इंदौर-बैतूल मार्ग पर हादसे में दो की जान गई

देवास इंदौर-बैतूल नेशनल हाईवे पर हादसों के लिहाज से डेंजर जोन में शामिल मोखापीपल्या क्षेत्र में कालीसिंध नदी पर बने अंग्रेजों के जमाने के पुल पर रविवार को हादसा हो गया। पुल पर सामने से ट्रक आने के दौरान खातेगांव की ओर से आ रही एक कार अनियंत्रित होकर नदी में गिर गई। कार के दरवाजे लॉक हो जाने के कारण लोग समय पर बाहर नहीं निकल पाए। कार गिरती देख मौके पर मौजूद ग्रामीण नदी में कूदे, कुछ ही देर में पुलिस भी पहुंच गई। कार के कांच तोड़कर चार लोगों को बाहर निकाला गया और बागली के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने जांच करके दो को मृत घोषित कर दिया जबकि दो अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में इंदौर रेफर कर दिया गया।   ओपी और आनंद की मौत पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार कार में उच्या तेवन निवासी चंडीगढ़, आनंदराज निवासी इंदौर, ओपी निवासी अमृतसर, इलैयाराजा निवासी जयपुर सवार थे। इसमें ओपी और आनंद की मौत हुई है। बागली एसडीओपी सृष्टि भार्गव ने बताया किसी कारण से कार अनियंत्रित होकर नदी में गिरी थी, सामने से आ रहे ट्रक से टक्कर नहीं हुई है। बचाव कार्य में कई ग्रामीण कांच लगने से हुए घायल हादसे के बाद मोखापीपल्या के सरपंच जितेंद्र सिंह, अर्जनुसिंह पुत्र बने सिंह दरबार, अर्जुन सिंह पुत्र विक्रमसिंह, सूरज सिंह पुत्र गुलाब सिंह, राजपाल पुत्र अनार सिंह आदि नदी में उतरे थे, कांच तोड़ने के दौरान कई ग्रामीणों हाथ-पैर में कांच से चोट लग गई। ग्रामीणों के अनुसार जहां पर कार गिरी वहां पर करीब 8-10 फीट पानी था। पुल संकरा, हादसों का लंबा इतिहास ग्रामीणों के अनुसार मोखापीपल्या में कालीसिंध नदी पर बना पुल अंग्रेजों के समय का है। यहां हादसे होना आम बात हो गई है। बारिश के मौसम व अन्य दिनों में भी वाहन पलटकर नदी में गिरते रहते हैं। यदि पुल पर कोई वाहन खराब हो जाता है, तो कई किमी का लंबा जाम भी लग जाता है।

बरसात का मिज़ाज: राजधानी में बादल-धूप की लुका-छिपी, कई जिलों में बारिश से राहत

जयपुर राजस्थान में मानसून मेहरबान है। राजधानी जयपुर में शनिवार को सावन की रिमझिम फुहारें चलीं। बादलों ने आसमान में ऐसा नजारा बनाया कि मानों कैनवास पर पहाड़ों की सुंदर तस्वीर हो। दुर्गापुरा से महारानी फार्म की तरफ जाने वाली सड़क पर बादलों ने ऐसा आभास दिया कि जैसे बड़े-बड़े पहाड़ यहां अचानक आ खड़े हुए हों। जबकि असल में यहां कोई पहाड़ नहीं हैं लेकिन बादलों के समूह ने खुद ऐसा नजारा आसमान में बना डाला। देखने में यह नजारा आंखों को बेहद सुकून देने वाला था। जयपुर में शनिवार को मौसम उतार-चढ़ाव वाला रहा। यहां दिन में हल्के बादल रहे और कई जगह बूंदाबांदी हुई। दोपहर में कुछ देर के लिए धूप निकली। अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश हुई। झालावाड़, धौलपुर, करौली और अलवर में तेज बारिश हुई। झालावाड़ में 4 इंच से ज्यादा पानी बरसा। पिछले 24 घंटे के दौरान राजस्थान सबसे ज्यादा बरसात झालावाड़ के मनोहर थाना में 108 एमएम दर्ज हुई। वहीं धौलपुर के सैंपऊ में 50, भरतपुर के नगर में 38, बांसवाड़ा के सलोपत में 35 एमएम बारिश हुई। अलवर के थानागाजी में 50, गंगानगर के केसरीसिंहपुर में 31 और उदयपुर में 36 एमएम बरसात हुई। इन जिलों के अलावा सिरोही, चित्तौड़गढ़, करौली, प्रतापगढ़ समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई।

राज्यपाल पटेल से मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने की सौजन्य भेंट

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल से मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने राजभवन में सौजन्य भेंट की। राज्यपाल श्री पटेल का श्री तोमर ने पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया।  बैठक के दौरान विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।