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पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में था मकसूद अली, ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया गया

लखनऊ  योगी सरकार की अपराध और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यूपी एटीएस ने अलकायदा इन इंडियन सब-कॉन्टिनेंट (एक्यूआईएस) से जुड़े मॉड्यूल पर कार्रवाई करते हुए एक और आतंकी को गिरफ्तार किया है। यूपी एटीएस ने तमिलनाडु एटीएस के सहयोग से कोयंबटूर से मकसूद अली को गिरफ्तार किया। इससे पहले इसी मामले में मुख्य आतंकी मोहम्मद नबील को 12 सितंबर को आजमगढ़ से पकड़ा गया था।  लखनऊ लेकर आई यूपी एटीएस मकसूद अली (19) मूल रूप से सिद्धार्थनगर जिले के बांसी थाना क्षेत्र के मधवापुर गांव का रहने वाला है। वर्तमान में वह तमिलनाडु के कोयंबटूर में रह रहा था। यूपी एटीएस उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर लखनऊ आई है, जहां संबंधित न्यायालय के समक्ष पेश कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को बहकाने की कोशिश एटीएस के मुताबिक मूल रूप से यूपी के सिद्धार्थनगर का रहने वाला मकसूद अली सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर समूह बनाकर देश विरोधी गतिविधियों के लिए युवाओं को जोड़ रहा था। उन्हें कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित कर मुजाहिद बनने और इसके लिए धन व आधुनिक हथियारों का प्रशिक्षण लेने की योजना से जोड़ा जा रहा था। जांच में इस मॉड्यूल के तार देश के अन्य राज्यों के साथ विदेशी लोगों से जुड़े होने की जानकारी भी सामने आई है। पाकिस्तान में मौजूद हैंडलरों के संपर्क में आने का दावा जांच के दौरान सामने आया कि मकसूद अली देश विरोधी हिंसक गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश में शामिल होने के लिए पाकिस्तान के हैंडलरों के संपर्क में आया था। एटीएस के मुताबिक, वह पाकिस्तान के हैंडलरों से संपर्क कर ‘हैकिंग टूल’ तैयार कर रहा था। पूछताछ में उसने बताया कि पायथन, जावा, कोडिंग और हैकिंग की जानकारी उसने ऑनलाइन संसाधनों, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, टेलीग्राम और विभिन्न व्हाट्सऐप ग्रुप्स के जरिए हासिल की। ‘कैप्टन एम नेटवर्क’ के जरिए गतिविधियों को आगे बढ़ाने की कोशिश मकसूद ने अपने मकसद को पूरा करने के लिए ‘कैप्टन एम नेटवर्क’ नाम का एक सेक्योर एप्लीकेशन भी तैयार किया था। इसका मोटो था, ‘एक प्लेटफॉर्म, एक मकसद: यूनिटी, प्लान एंड एक्शन’। जांच में सामने आया कि इसी माध्यम से नबील, मकसूद और अन्य लोग आपस में जुड़े थे। मकसूद के व्हाट्सऐप ग्रुप्स की भी जानकारी सामने आई है। इनमें यूयू एंट्री गेट, यूनाइटेड उम्माह, गजवा-ए-हिंद, टीम ब्लैक हैट और लश्कर-ए-महंदी जैसे समूह शामिल मिले। इन ग्रुप्स में पाकिस्तानी नंबरों वाले संदिग्ध समेत अन्य पाकिस्तानी हैकर भी जुड़े थे। इन ग्रुप्स के जरिए कट्टरपंथी और जिहादी विचारधारा का प्रचार किया जा रहा था। एक्यूआईएस से जुड़े होने के सबूत मिले मकसूद, मोहम्मद नबील द्वारा बनाए गए ‘ला गालिब-इल्लल्लाह’ नाम के व्हाट्सऐप ग्रुप से भी जुड़ा था। इस समूह में प्रतिबंधित आतंकी संगठन एक्यूआईएस से संबंधित साहित्य और बम बनाने से जुड़े वीडियो साझा किए जा रहे थे।

MP में बड़ा निवेश, सीमेंस एनर्जी इंडिया लगाएगी पॉवर ट्रांसफार्मर निर्माण इकाई

मध्यप्रदेश में स्थापित होगी सीमेंस एनर्जी इंडिया की बड़ी पॉवर ट्रांसफार्मर निर्माण इकाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीमेंस कंपनी को सौंपा 60.49 एकड़ भूमि का आशय पत्र कंपनी ने दिया 2053 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्ताव, 1500 से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार भोपाल मध्यप्रदेश को ऊर्जा उपकरण विनिर्माण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में सीमेंस एनर्जी इंडिया लिमिटेड को उज्जैन स्थित विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 में 60.49 एकड़ भूमि का आशय पत्र (लेटर ऑफ इंटेंट) प्रदान किया। सीमेंस कंपनी द्वारा यहां एक बड़ी क्षमता के पॉवर ट्रांसफार्मर के निर्माण के लिए लगभग 2,053 करोड़ रुपए का निवेश करने का प्रस्ताव दिया गया है। कंपनी की यूनिट स्थापना से 1500 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीमेंस कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी गुइल्हर्मे मेंडोंका, मुख्य वित्तीय अधिकारी हरीश शेखर तथा हेड-रियल एस्टेट पुनीत बंसल को भूमि का आशय पत्र सौंपा। मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध संचालक चंद्रमौली शुक्ला भी मौजूद थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियों, बेहतर कनेक्टिविटी, उपलब्ध भूमि बैंक, विश्वस्तरीय औद्योगिक अधोसंरचना और निवेशक अनुकूल वातावरण के कारण देश के अग्रणी निवेश गंतव्यों में तेजी से उभर रहा है। राज्य सरकार औद्योगिक निवेशों के त्वरित क्रियान्वयन तथा रोजगार सृजन के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कंपनी की प्रस्तावित परियोजना मध्यप्रदेश को देश के उभरते ऊर्जा उपकरण एवं विद्युत अवसंरचना विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह निवेश राज्य में उन्नत विनिर्माण, औद्योगिक विकास तथा कुशल रोजगार सृजन को नई गति प्रदान करेगा। कंपनी के बारे में सीमेंस एनर्जी इंडिया लिमिटेड ऊर्जा उत्पादन, ऊर्जा संचरण, औद्योगिक विद्युतीकरण, ऊर्जा भंडारण तथा डीकार्बोनाइजेशन समाधानों से जुड़ी अग्रणी कंपनी है। कंपनी का दक्षिण एशिया क्षेत्र में व्यापक परिचालन है और यह वैश्विक स्तर की इंजीनियरिंग एवं अनुसंधान क्षमताओं के लिए जानी जाती है। कंपनी की इस प्रस्तावित इकाई में बड़ी क्षमता के पावर ट्रांसफार्मरों का निर्माण किया जाएगा, जो देश की बढ़ती विद्युत अवसंरचना आवश्यकताओं, ट्रांसमिशन नेटवर्क विस्तार तथा ऊर्जा क्षेत्र के आधुनिकीकरण में योगदान देंगे। परियोजना से क्षेत्रीय औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलेगी और सहायक उद्योगों, लॉजिस्टिक्स तथा सेवा क्षेत्र में भी नए अवसर भी उत्पन्न होंगे। परियोजना के क्रियान्वयन के साथ विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी तथा उज्जैन और आसपास के क्षेत्र ऊर्जा उपकरण विनिर्माण के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होंगे। कंपनी का यह निवेश मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्रगति, आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य और ऊर्जा अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में नवाचार के साथ गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा को मिल रही नई दिशा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे निरंतर नवाचारों और सुधारों का सकारात्मक असर भी प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में दिखाई दे रहा है। पिछले 23 वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में किए गए बदलावों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की वजह से प्राथमिक शालाओं में विद्यार्थियों की ड्रॉप आउट दर शून्य तक पहुंच गई है। प्रदेश के शासकीय स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को नवाचार के साथ गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में प्रदेश सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार विद्यार्थियों को शिक्षा से सतत जोड़े रखने और उनकी पढ़ाई को रूचिकर एवं आसान बनाने में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाएं भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। साइकिल, स्कूटी, लैपटॉप, गणवेश और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को आर्थिक संबल प्रदान कर शिक्षा के लिये प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इन योजनाओं ने विद्यार्थियों की स्कूल तक पहुंच बढ़ाने के साथ ही उन्हें पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया है। इन योजनाओं से विद्यार्थियों का शासकीय स्कूलों के प्रति रूझान बढ़ा है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ नवाचार, तकनीक, बेहतर अधोसंरचना और विद्यार्थियों की आवश्यकताओं पर केंद्रित व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। पीएमएवं सांदीपनि विद्यालयों, ई-हॉस्टल मैनेजमेंट सिस्टम, गृह संपर्क अभियान और व्यावसायिक शिक्षा जैसे नवाचारों से शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिल रही है। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि हर विद्यार्थी को समान अवसर, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हों। शासकीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़े रखने और उनके सर्वांगीण विकास पर निरंतर काम किया जा रहा है। साइकिल योजना से 1 करोड़ से अधिक विद्यार्थी हुए लाभान्वित प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2004-05 में शासकीय स्कूलों की कक्षा 6वीं एवं 9वीं की छात्राओं को स्कूल आने-जाने में आने वाली परेशानी को दूर करने के लिये साइकिल योजना शुरू की गई। योजना अंतर्गत अब तक 1 करोड़ से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। योजना पर प्रदेश सरकार द्वारा अब तक 2,942.63 करोड़ रुपये से अधिक की राशि व्यय की गई हैं। ड्रॉप आउट दर में आई उल्लेखनीय कमी प्रदेश के हर बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के निरंतर प्रयासों का परिणाम है कि ड्रॉप आउट दर में उल्लेखनीय कमी आई है। वर्ष 2002-03 में ड्रॉप आउट दर प्राथमिक स्तर पर 15% और माध्यमिक स्तर पर 24.70% थी। वर्ष 2025-26 में पहली बार प्राथमिक स्तर पर ड्रॉप आउट दर शून्य प्रतिशत हो गई है। माध्यमिक स्तर पर यह दर घटकर 6.2% और सेकंडरी स्तर पर 13.0% रह गई है। व्यावसायिक शिक्षा में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 के अनुरूप विद्यार्थियों को रोजगारोंमुखी और कौशल विकास के लिये भी शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश में कक्षा 9वीं से 12वीं तक व्यावसायिक शिक्षा पाठ्यक्रम संचालित करने वाले विद्यालयों की संख्या बढ़कर 3,367 हो गई है, जो देश में सर्वाधिक है। वर्ष 2024-25 में 4.06 लाख विद्यार्थियों एवं वर्ष 2025-26 में 5,98,452 विद्यार्थियों ने इन पाठ्यक्रमों में नामांकन कराया। पिछले दो वर्षों में 1,010 विद्यालयों में एग्रीकल्चर ट्रेड प्रारंभ किया गया है। विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से जनवरी 2026 में प्रदेश के सभी हाई एवं हायर सेकंडरी विद्यालयों में कॅरियर सप्ताह एवं कॅरियर मेले का आयोजन भी किया गया। वर्ष 2003 की तुलना में चार गुना से अधिक बढ़ा शिक्षा बजट शासकीय स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश सरकार ने शिक्षा बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की है। वर्ष 2002-03 में शिक्षा का बजट 2,456 करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2026-27 में बढ़कर 9,623.12 करोड़ रुपये हो गया है। इस प्रकार वर्ष 2003 की तुलना में शिक्षा बजट में लगभग चार गुना वृद्धि हुई है। अब तक प्रदेश के 23,000 से अधिक विद्यार्थियों को मिल चुकी है स्कूटी प्रदेश सरकार द्वारा मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से वर्ष 2022-23 से मुख्यमंत्री स्कूटी योजना संचालित की जा रही है। कक्षा 12वीं में प्रथम प्रयास में 70% अंक के साथ स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले शासकीय हायर सेकंडरी स्कूलों के नियमित विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिलता है। प्रदेश सरकार द्वारा योजना शुरू होने से अब तक 23 हजार 487 विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। योजना पर लगभग 246 करोड़ रुपये प्रदेश सरकार द्वारा व्यय किए जा चुके हैं। मोटराइज्ड स्कूटी के लिए अधिकतम 90 हजार रुपये और ई-स्कूटी के लिए अधिकतम 1.20 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाती है। पहली बार एक अप्रैल से शुरू हुआ पाठ्यपुस्तक वितरण शासकीय स्कूलों में अध्ययनरत कक्षा 1 से 12वीं तक के विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें प्रदान की जाती हैं। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में पहली बार एक अप्रैल से निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण शुरू किया गया, जिससे विद्यार्थियों को सत्र की शुरुआत से ही पढ़ाई की सामग्री उपलब्ध हो सके। वर्ष 2026-27 में पुस्तकों की प्रिंटिंग, बाइंडिंग एवं पेपर की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए एसओपी निर्धारित की गई है। बोर्ड परीक्षा परिणामों में हुआ उल्लेखनीय सुधार विगत वर्षों में हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी के परीक्षा परिणामों में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। हाई स्कूल स्तर पर वर्ष 2025-26 में परीक्षा परिणाम 73.42 प्रतिशत रहा। इसी प्रकार हायर सेकंडरी में वर्ष 2025-26 में परीक्षा परिणाम 76.01 प्रतिशत रहा। स्थानीय परीक्षाओं की अंकसूचियां अब ऑनलाइन स्थानीय परीक्षाओं की अंकसूचियों की ऑनलाइन उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 से विद्यार्थियों को स्थानीय परीक्षाओं की अंकसूचियां ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे विद्यार्थियों को अंकसूची प्राप्त करने में सुविधा के साथ ही प्रक्रिया में पारदर्शिता और डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा मिला है। पीएमएवं सांदीपनि विद्यालयों के प्रति विद्यार्थियों एवं अभिभावकों का बढ़ा रूझान पीएमएवं सांदीपनि विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विश्वस्तरीय अधोसंरचना के केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं। विद्यालयों में उपलब्ध बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं और आधुनिक अधोसंरचना के कारण विद्यार्थियों एवं अभिभावकों का रुझान लगातार बढ़ा है। बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन की वजह से इन विद्यालयों को निजी विद्यालयों के समकक्ष और कई मामलों में बेहतर विकल्प के … Read more

मेवाड़ राजपरिवार का शाही श्मशान ‘महासतिया’, जानें महाराणा अमर सिंह से जुड़ा इतिहास

उदयपुर मेवाड़ पूर्व राजपरिवार के सदस्य लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की मां और अरविंद सिंह मेवाड़ की पत्नी विजयराज कुमारी के देवलोकगमन के बाद एक बार फिर उदयपुर का 'महासतिया' स्थल चर्चा में है। दरअसल, यहां विजयराज कुमारी के पार्थिव शरीर को पारंपरिक रीति-रिवाजों और राजशाही सम्मान के साथ अंतिम संस्कार के लिए इसी ऐतिहासिक स्थान पर लाया गया। मेवाड़ के इतिहास और गौरवशाली परंपराओं को अपने आंचल में समेटे 'महासतिया' केवल एक मोक्ष स्थल नहीं, बल्कि स्थापत्य कला और पूर्व राजघरानों की अमर गाथाओं का एक जीवंत प्रतीक है। जानिए कहां है उदयपुर का 'महासतिया' महासतिया, उदयपुर शहर के प्राचीन आहड़ (आयड़) क्षेत्र में प्रसिद्ध गंगू कुंड के पास स्थित है। यह स्थान सदियों से मेवाड़ राजपरिवार का शाही श्मशान स्थल (शाही समाधि स्थल) रहा है। यहां राजपरिवार के सदस्यों, महाराणाओं, महारानियों और राजकुमारों के अंतिम संस्कार के बाद उनकी याद में भव्य और कलात्मक छतरियों (स्मारकों) का निर्माण कराया जाता है। सबसे पहले महाराणा अमर सिंह प्रथम का यह हुआ था अंतिम संस्कार इतिहास के पन्नों को पलटें और विद्वानों से मिली जानकारी के अनुसार तो उदयपुर की स्थापना के बाद शुरुआती दौर में महाराणाओं के समाधि स्थल अलग-अलग जगहों पर थे। लेकिन महासतिया में सबसे पहले महाराणा अमर सिंह प्रथम का अंतिम संस्कार किया गया था। महाराणा अमर सिंह प्रथम, महान योद्धा महाराणा प्रताप के पुत्र थे। वर्ष 1620 में जब महाराणा अमर सिंह प्रथम का निधन हुआ, तो उनका अंतिम संस्कार इसी स्थान पर किया गया। तभी से यह परंपरा लगातार चली आ रही है और राजपरिवार के सभी महाराणाओं और सदस्यों का दाह संस्कार इसी पावन और ऐतिहासिक परिसर में किया जाता है। हेरिटेज लुक और भव्य छतरियां है पहचान बताया जाता है कि महासतिया परिसर अपनी संगमरमर और बलुआ पत्थरों से बनी खूबसूरत छतरियों के लिए जाना जाता है। यहां लगभग 19 से अधिक महाराणाओं की भव्य छतरियों सहित सैकड़ों ऐतिहासिक छतरियां बनी हुई हैं, जो मेवाड़ की स्थापत्य शैली का अद्भुत नमूना पेश करती हैं। इनमें महाराणा अमर सिंह प्रथम, महाराणा संग्राम सिंह द्वितीय, महाराणा जगत सिंह प्रथम और महाराणा भीम सिंह जैसे महान शासकों की छतरियां बेहद आकर्षक और विशाल हैं। मेवाड़ की सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार दी गई अंतिम विदाई लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की माता विजयराज कुमारी के निधन के बाद पूरी मर्यादा और मेवाड़ की सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार महासतिया में ही उनका अंतिम संस्कार संपन्न किया गया। यह स्थान आज भी मेवाड़ के स्वर्णिम इतिहास, परंपरा और त्याग की मूक गवाही दे रहा है।  

कार्य की अपेक्षित प्रगति न देख सीएम ने अफसरों को लगाई कड़ी फटकार

गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार शाम एचएन सिंह चौक से हड़हवा फाटक होते हुए जगेसर पासी चौराहे तक बन रही टूलेन/फोरलेन सड़क का दो स्थानों पर निरीक्षण किया। इस दौरान निर्माण कार्य की अपेक्षित प्रगति न मिलने पर उन्होंने लोक निर्माण विभाग, जल निगम और सेतु निगम के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए चेतावनी दी और काम में तेजी लाने के लिए निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी त्योहारों से पहले सड़क को हरहाल में आवागमन योग्य बना दिया जाए। मुख्यमंत्री ने 495.24 करोड़ रुपये की लागत से हो रहे एचएन सिंह चौक-जगेसर पासी चौराहा सड़क चौड़ीकरण कार्य का स्मार्ट बाजार के सामने और हड़हवा फाटक के आगे रुककर निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रस्तुत लेआउट मॉडल को देखा और सड़क की लंबाई-चौड़ाई और अब तक निर्माण प्रगति की जानकारी ली। काम की गति तेज न होने को लेकर उन्होंने लोक निर्माण विभाग और जल निगम के अधिकारियों पर सख्त नाराजगी व्यक्त की। सड़क का निर्माण लोक निर्माण विभाग करा रहा है जबकि सीवर लाइन डालने का काम जल निगम द्वारा किया जा रहा है। हड़हवा फाटक पर ओवरब्रिज का निर्माण सेतु निगम करा रहा है। उन्होंने तीनों विभागों को काम में और तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि शिथिलता किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान सीएम ने अफसरों से कहा कि ऐसी व्यवस्था बनाएं जिससे काम के दौरान आवागमन में कोई व्यवधान न हो और आगामी त्योहारों के पहले सड़क आवागमन योग्य बन जाए। उन्होंने जलनिकासी के लिए हेड टू टेल  व्यवस्था का भी निर्देश दिया।

तीन दिवसीय युवा धर्म संसद 2026 में 24 राज्यों के 1600 से अधिक युवा लेंगे हिस्सा, कई दिग्गज हस्तियां पहुंचेंगी उज्जैन।

उज्जैन   उज्जैन में 17 से 19 सितंबर तक राष्ट्रीय स्तर के धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और संगठनात्मक आयोजन होंगे. तीन दिन तक देशभर से आए युवा, संत, धर्माचार्य, शिक्षाविद्, वैज्ञानिक, साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता और अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ शहर में मौजूद रहेंगे. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज, आचार्य पुंडरीक गोस्वामी, गीतकार मनोज मुंतशिर सहित कई प्रमुख हस्तियां उज्जैन पहुंचेंगी. 24 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से 1600 से अधिक युवा 3 दिवसीय युवा धर्म संसद 2026 का हिस्सा होंगे. 17 सितंबर की शाम शिप्रा के श्री रामघाट सहित अन्य घाट क्षेत्र में सेवा संकल्प के तहत 25 लाख से अधिक दीप प्रज्जविलत होंगे.  एक मंच पर देशभर के युवा, संत और विशेषज्ञ सेवाज्ञ संस्थानम् द्वारा आयोजित युवा धर्म संसद 2026 अवंतिका को लेकर मध्य प्रदेश युवा आयोग के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने ETV भारत को बताया "24 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से 1600 से अधिक युवा विद्यार्थी शिक्षक और अलग-अलग क्षेत्र में काम करने वाले प्रतिभागी शामिल होंगे, जिन्होंने दो माह पहले ही रजिस्ट्रेशन करवा लिया है. उज्जैन के लगभग 100 युवा शामिल होंगे." साल 2019 में काशी, 2022 में अयोध्या, 2023 में मथुरा, 2024 में हरिद्वार, 2025 में कांचीपुरम युवा धर्म संसद हो चुकी है. अब 2026 के लिए उज्जैन को चुना गया है. आयोजन का उद्देश्य युवाओं को धर्म, भारतीय संस्कृति, ज्ञान परंपरा, जीवन दृष्टि, चरित्र निर्माण और सामाजिक एवं राष्ट्रीय उत्तरदायित्व जैसे विषयों से जोड़ना है. तीनों दिन व्याख्यान, संवाद, युवा पंचायत, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पुस्तक मेला, कला प्रदर्शनी और जनजातीय मेला सहित कई गतिविधियां होंगी. ये हस्तियां भी युवा धर्म संसद में आएंगी आचार्य मिथिलेशनन्दिनीशरण ने बताया "आयोजन में सद्विद्यानंद, प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी, जे. नंद कुमार, विष्णु प्रकाश त्रिपाठी, प्रो. हिमांशु राय, पद्मभूषण रामबहादुर राय, डॉ. इंदुमति काटदरे, प्रो. आनंद रंगनाथन, प्रो. सच्चिदानंद मिश्र, डॉ. बलराम शुक्ल, अमृत अभिजात, राम तिवारी, निशा उरांव, बृजेश कुमार सहित अनेक संत, विद्वान, शिक्षाविद, वैज्ञानिक, लेखक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ शामिल होंगे." बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का दौरा 17 सितंबर को पुस्तक मेला, युवा पंचायत, संघ की गतिविधियां और 25 लाख दीपों का आयोजन होना है. 18 सितंबर को डॉ. मोहन भागवत युवा धर्म संसद का उद्घाटन करेंगे. 19 सितंबर को ऋषि, कृषि, संस्कृति से आस्था और धर्म स्थलों तक विमर्श कर मुख्यमंत्री समापन करेंगे. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 17 सितंबर को इंदौर पहुंचने के बाद उज्जैन आएंगे. वह शाम को शिप्रा आरती और श्रीराम घाट पर आयोजित दीप उत्सव में शामिल होंगे. वह 18 सितंबर की सुबह भगवान महाकाल की भस्म आरती में शामिल होकर इंदौर होते हुए पंजाब रवाना हो जाएंगे. 3000 से ज्यादा पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया "उज्जैन पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई है. रिहर्सल करवा कर 3000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती चप्पे-चप्पे पर की गई है. कार्यक्रम स्थलों पर वीआईपी रूट और घाट क्षेत्र में सुरक्षा के साथ भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान रखा गया. दीपोत्सव के दौरान यातायात व्यवस्था संभालने के लिए करीब 450 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. घाट क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती रहेगी." 

यूपी पंचायत सहायकों का मानदेय बढ़ा, अब ₹9 हजार मिलेगी सैलरी

लखनऊ प्रदेश सरकार ने पिछले कुछ दिनों से अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे पंचायत सहायकों के लिए कई अहम निर्णय लेने की तैयारी कर ली है। वर्तमान में 6000 रुपये प्रतिमाह मानदेय पाने वाले पंचायत सहायकों का मानदेय बढ़ाकर 9000 रुपये किया जाएगा। साथ ही मानदेय का भुगतान सीधे बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से करने, महिला पंचायत सहायकों को नियमानुसार मातृत्व अवकाश देने और पंचायत सहायकों को रखने व हटाने से जुड़े मामलों में जिलाधिकारी की भूमिका सुनिश्चित करने की बात कही गई है। आंदोलन और मांगों से जुड़े मुकदमों की समीक्षा कर नियमानुसार उन्हें वापस लेने की कार्रवाई भी होगी। पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर की अध्यक्षता में पंचायत सहायकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक में इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिए गए। मानदेय में तीन हजार रुपये की मासिक बढ़ोतरी होने से पंचायत सहायकों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलेगा। डीबीटी की व्यवस्था होगी लागू प्रदेश में 57 हजार से अधिक पंचायत सहायक हैं। अभी पंचायत सहायकों का मानदेय राज्य वित्त आयोग की धनराशि से दिया जाता है। अब कैबिनेट से स्वीकृति लेकर डीबीटी की व्यवस्था लागू की जाएगी। बैठक में यह भी तय किया गया कि ग्राम प्रधान स्तर से मनमाने ढंग से सेवा समाप्ति की शिकायतों के समाधान के लिए पंचायत सहायकों की नियुक्ति और सेवा समाप्ति से संबंधित मामलों में जिलाधिकारी की भूमिका व अधिकार सुनिश्चित किए जाएंगे। महिला पंचायत सहायकों को शासन के नियमों के अनुसार मातृत्व अवकाश का लाभ मिलेगा। पंचायत सहायकों के आंदोलन व उनकी मांगों से संबंधित दर्ज मुकदमों की समीक्षा कर विधिक प्रक्रिया के तहत वापसी की कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कहा कि पंचायत सहायक पंचायती राज व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनकी समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है। पंचायतीराज मंत्री की वार्ता के बाद धरना दे रहे पंचायत सहायकों ने अपना धरना समाप्त कर दिया है।  

सतत विकास लक्ष्यों को गति देने में यूपी की पहल, स्वास्थ्य-शिक्षा और पोषण पर योगी सरकार का फोकस

लखनऊ  सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए उत्तर प्रदेश सरकार स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा के क्षेत्रों में योजनाओं को प्रभावी बनाने के साथ डेटा, तकनीक और नवाचार को बढ़ावा दे रही है। इसी दिशा में बुधवार को होटल क्लार्क्स अवध में सशक्त भविष्य: शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण के माध्यम से सतत विकास लक्ष्यों को गति विषय पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, डिजिटल हेल्थ, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कौशल विकास और सार्वजनिक नीति के विशेषज्ञों ने विचार साझा किए। प्रमुख सचिव नियोजन आलोक कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के प्रमुख आधार हैं। सफल प्रयासों और नवाचारों को साझा कर प्रभावी रणनीतियां तैयार की जा सकती हैं। डेटा, प्रौद्योगिकी और नवाचार के बेहतर उपयोग से योजनाओं के परिणामों को प्रभावी बनाया जा सकता है। कार्यक्रम के पहले सत्र में स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़ी चुनौतियों और उनके समाधान पर चर्चा हुई। अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने बेहतर परिणामों के लिए डेटा, तकनीक और नवाचार के प्रभावी इस्तेमाल को जरूरी बताया। अपर मुख्य सचिव, बाल विकास एवं पुष्टाहार लीना जौहरी ने बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य एवं पोषण में सुधार के लिए आंगनबाड़ी सेवाओं को मजबूत करने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। नीति आयोग के पूर्व सदस्य डॉ. वीके पॉल ने स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा में निवेश को मानव विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। पैनल चर्चा में रोकथाम योग्य मौतों, बच्चों में कम वजन और अविकसित शारीरिक विकास जैसी चुनौतियों पर विचार हुआ। स्वास्थ्य ढांचे और डेटा व्यवस्था को एआई से मजबूत करने पर हिमांशु बुराड, पीयूष एंटनी ,डॉ. कनिका अग्रवाल और डॉ आलोक सक्सेना ने विचार साझा किए। दूसरे सत्र में शिक्षा और कौशल विकास पर जोर रहा। अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सतत विकास लक्ष्यों की आधारशिला बताया। प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास डॉ. हरि ओम ने शिक्षा के साथ कौशल विकास को युवाओं के रोजगार और बेहतर अवसरों से जोड़ने की आवश्यकता बताई। वहीं शंकर नारायणन, विनोद कराटे, सुनील कुमार, प्रेम रंजन सिंह और विष्णुकांत पांडेय ने नामांकन, बच्चों को विद्यालयों में बनाए रखने, डिजिटल कौशल और सीखने के बेहतर परिणामों पर चर्चा की। चौथी औद्योगिक क्रांति के अनुरूप कौशल, रोजगार और करियर में बदलाव पर प्रो. बलवंत सिंह मेहता, डॉ. कृष्ण कुमार सिंह, डॉ. अनन्या समाजदार, प्रणव बंसोडे और दीपक कुमार सिंह ने विचार रखे। व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास से जुड़े सतत विकास लक्ष्यों को गति देने पर भी मंथन हुआ।

बिहार में बसेंगे नए स्मार्ट शहर, ग्रीनफील्ड टाउनशिप की प्लानिंग में CEPT की मदद

 पटना बिहार में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप को लेकर काम में तेजी ला दी गई है. इस प्रोजेक्ट के तहत कई जिलों में नए शहर बसाए जायेंगे. यहां लोगों को घर, बाजार, सड़कें, बेहतर कनेक्टिविटी, विकास और पर्यावरण के साथ-साथ अन्य सुविधाएं मिलेंगी. शहर की प्लानिंग में एक्सपर्ट को किया शामिल जानकारी के मुताबिक, इसके लिए अब बिहार सरकार ने शहरी विकास की प्लानिंग में एक्सपर्ट को शामिल किया गया है. नगर विकास एवं आवास विभाग ने अहमदाबाद स्थित सेंटर फॉर इनवायरमेंट प्लानिंग एंड टेक्नोलॉजी एडवाइजरी फाउंडेशन यानी CEPT के साथ तकनीकी सहायता इकाई यानी TSU स्थापित करने के लिए समझौता किया है. नीतीश मिश्रा की मौजूदगी में समझौता हुआ साइन नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा की मौजूदगी में इस समझौते पर साइन किया गया. विभाग की ओर से विशेष सचिव-सह-बिहार नगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नवल किशोर चौधरी और CEPT एडवाइजरी फाउंडेशन के निदेशक दर्शन पारिख ने समझौते पर हस्ताक्षर किए. इस दौरान विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार भी मौजूद रहे. पूरा खाका किया जाएगा तैयार बताया जा रहा है कि तकनीकी सहायता इकाई के जरिए नए शहरी इलाकों की प्लानिंग कई लेवल पर किए जायेंगे. सबसे पहले यह देखा जाएगा कि कहां आवासीय इलाके हों, कहां व्यावसायिक इलाके विकसित किए जाएं और कहां दूसरी जरूरी सुविधाएं बनाई जाए. इसके साथ ही सड़क, आधारभूत ढांचे और शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी का भी पूरा खाका तैयार किया जाएगा. इससे साफ है कि लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ही सभी सुविधाएं तय की जायेंगी. डेटा आधारित होगी पूरी योजना इस पूरी योजना की खास बात यह बताई जा रही है कि यह पूरी तरह डेटा आधारित होगा. शहरी विकास की योजनाएं वैज्ञानिक अध्ययन और उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर तैयार की जाएंगी. टाउनशिप में आधुनिक सुविधाएं देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर रहेगा. सड़क, परिवहन, कनेक्टिविटी और दूसरी नागरिक सुविधाओं की योजना लोगों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई जाएगी. मंत्री नीतीश मिश्रा ने क्या कहा? इस योजना को लेकर मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि समृद्ध बिहार के विजन के अनुरूप भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर नए शहरी इलाकों का विकास किया जा रहा है. CEPT जैसी विशेषज्ञ संस्था के सहयोग से ग्रीनफील्ड टाउनशिप को बेहतर तरीके से विकसित करने में मदद मिलेगी.

कवर्धा के पीवीजीटी क्षेत्र में बाल अधिकारों की गूंज, डॉ. वर्णिका शर्मा ने लगाई बाल चौपाल 2.0

कवर्धा छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की माननीय अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने 16 सितंबर 2026 को कवर्धा जिले के दौरे के दौरान दूरस्थ आदिवासी अंचल के बैगा समुदाय से लेकर जिला मुख्यालय तक बाल अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े विषयों पर व्यापक निरीक्षण एवं समीक्षा की। उन्होंने बैरख तहसील के विशेष जनजाति बैगा आदिवासी क्षेत्र में बाल चौपाल 2.0 के माध्यम से बच्चों से सीधे संवाद किया, विभिन्न शैक्षणिक एवं आवासीय संस्थानों का निरीक्षण किया तथा जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टर सभागृह में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ योजनाओं एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा की। आयोग अध्यक्ष ने कहा कि जनजातीय क्षेत्र के बच्चे प्रतिभाशाली और होनहार हैं तथा उन्हें बेहतर अवसर, तकनीकी संसाधन और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराकर उनके भविष्य को और मजबूत किया जा सकता है। विभिन्न संस्थाओं का निरीक्षण तत्काल सुधार के निर्देश निरीक्षण के दौरान आदिवासी बालक आश्रम बैरख एवं अन्य संस्थानों में साफ-सफाई की कमी, भंडार गृह में गंदगी, शिक्षकों की कमी तथा मलेरिया से बचाव की व्यवस्थाओं में कमियां सामने आईं। आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। मलेरिया से बचाव के लिए नई मच्छरदानियां उपलब्ध कराने, शिक्षकों की कमी के संबंध में उपस्थित ABEO को उचित पत्राचार कर आयोग को अवगत कराने तथा संस्थानों में स्वच्छता और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। हाई स्कूल में साइंस इक्विपमेंट की कमी और अव्यवस्था पाए जाने पर भी उसे तत्काल ठीक कराने की सख्त हिदायत दी गई। शासकीय बालक गृह कवर्धा का भी निरीक्षण किया गया, जहां आयोग अध्यक्ष ने बच्चों के साथ रात्रि भोजन किया तथा बाल गृह के एक बच्चे का जन्मदिन भी मनाया। बाल चौपाल 2.0 में खुलकर बोले बैरख के बच्चे कवर्धा मुख्यालय से दूरस्थ विशेष जनजातीय आदिवासी अंचल की तहसील बैरख में आयोजित बाल चौपाल 2.0 में बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। बच्चों ने अपनी झिझक दूर करते हुए आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के सामने खुलकर अपनी बात रखी और अपने अनुभव साझा किए। चौपाल में क्विज, बाल अधिकारों पर आधारित सांप-सीढ़ी जैसे रोचक खेलों के माध्यम से बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। बच्चों ने प्रेरणादायक कहानियां और अपने जीवन से जुड़ी यादें भी साझा कीं। गुड टच-बैड टच, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर और बाल विवाह जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी बच्चों की जागरूकता पर चर्चा हुई। आयोग अध्यक्ष ने बच्चों की प्रतिभा और उत्साह को देखते हुए उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने तथा प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी की डिजिटल इंडिया मुहिम से जोड़कर डिजिटल अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया। एकलव्य विद्यालय तरेगांव में बच्चों संग मनाया प्रधानमंत्री जी का जन्मदिन एकलव्य आवासीय विद्यालय तरेगांव में आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने  विद्यार्थियों के साथ प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी का जन्मदिन मनाया। इस अवसर पर बच्चों ने प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी के प्रति अपनी प्रेरणा व्यक्त करते हुए कहा कि वे उनके संघर्ष और राष्ट्र के लिए समर्पण से प्रभावित हैं। विद्यार्थियों ने बेहतर भविष्य के निर्माण के साथ राष्ट्र सेवा में अपना हर संभव योगदान देने का संकल्प लिया। एकलव्य विद्यालय तरेगांव में उन्होंने बच्चों से विभिन्न विषयों पर संवाद किया और उनके भविष्य के लक्ष्य जाने। डॉ. वर्णिका शर्मा ने बच्चों की समस्याओं को समय रहते सामने लाने के लिए समय-समय पर काउंसलिंग एवं आवश्यक सैंपलिंग की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर जोर दिया, ताकि बच्चे बिना झिझक अपनी बात रख सकें। कलेक्टर सभागृह में कड़ी समीक्षा कवर्धा मुख्यालय स्थित कलेक्टर सभागृह में आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने जिले से जुड़े विभिन्न बाल अधिकार एवं विभागीय विषयों की समीक्षा की। बैठक में सभी विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान बच्चों से जुड़े मामलों, संस्थागत व्यवस्थाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा तथा शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित विषयों पर जानकारी ली गई। आयोग अध्यक्ष ने अधिकारियों को बाल अधिकारों से जुड़े प्रकरणों में संवेदनशीलता, तत्परता और जवाबदेही के साथ कार्य करने तथा बच्चों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। योजना वार समीक्षा के दौरान आश्रम शालाओं और छात्रावासों की व्यवस्था सुधारने हेतु आदिवासी विकास विभाग को निर्देश दिए गए। स्कूल में स्थाई शिक्षक की नियुक्ति होने तक अतिथि शिक्षक की व्यवस्था हेतु निर्देश दिए गए, मुख्यत गणित, अंग्रेजी और विज्ञान विषयों के शिक्षक की व्यवस्था हेतु निर्देश दिए गए। Cotpa एक्ट और बालश्रम अधिनियम अंतर्गत विभिन्न विभागों के मध्य निरंतर अनुश्रवण के माध्यम से अभियान का संचालन करने के निर्देश दिए गए। पीसीपीएनडीटी act के सही संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए। महिला बाल विकास और श्रम विभाग द्वारा सतत समन्वय स्थापित कर PMMVY और मिनीमाता महतारी जतन योजना के हितग्राहियों का अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।