samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सुजलॉन ग्रुप के सीईओ कपूर ने की भेंट

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सुजलॉन ग्रुप के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर  अजय कपूर ने समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में सौजन्य भेंट की। सुजलॉन ग्रुप द्वारा नवकरणीय ऊर्जा विशेष रूप से सोलर एनर्जी तथा विंड एनर्जी के क्षेत्र में परियोजनाऐं संचालित की जा रही हैं। सुजलॉन ग्रुप उज्जैन जिले की तराना तहसील में 200 मेगावाट की विंड एनर्जी परियोजना का क्रियान्वयन कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सीईओ सुजलॉन ग्रुप  कपूर ने प्रदेश में विंड एनर्जी परियोजना के विस्तार तथा हाइब्रिड क्षमता में वृद्धि संबंधी चर्चा की।

मंत्री पंवार ने किया सुठालिया वृहद सिंचाई परियोजना स्थल का निरीक्षण

भोपाल मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार ने प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी सुठालिया वृहद सिंचाई परियोजना के निर्माण कार्यों का स्थल पर पहुंचकर विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन मुख्य बांध सहित परियोजना के विभिन्न कार्यों का अवलोकन कर प्रगति की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों से निर्माण की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना के प्रत्येक कार्य को निर्धारित तकनीकी मानकों, उच्च गुणवत्ता एवं पूर्ण पारदर्शिता के साथ समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। राज्यमंत्री  पंवार ने कहा कि निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न हो। राजगढ़ जिले की सुठालिया तहसील की बैराड ग्राम के नजदीक पार्वती नदी पर निर्मित हो रही यह परियोजना प्रदेश की प्रमुख वृहद सिंचाई योजनाओं में शामिल है। वर्ष 2018 में इस परियोजना को ₹1,375.24 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी। परियोजना अंतर्गत लगभग 25.50 मीटर ऊंचा, लगभग 4 किलोमीटर लंबा तथा 20 रेडियल गेटयुक्त कंपोजिट बांध निर्मित किया जा रहा है। बांध की सकल जल भंडारण क्षमता 201.35 मिलियन घनमीटर (MCM) तथा लाइव स्टोरेज क्षमता 183.70 MCM होगी। इसके साथ दो अत्याधुनिक पंप हाउसों का निर्माण कर प्रेशराइज्ड पाइपलाइन आधारित आधुनिक सिंचाई प्रणाली विकसित की जा रही है, जिससे लगभग 49,800 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इस परियोजना से 174 ग्रामों को प्रत्यक्ष सिंचाई लाभ मिलेगा, जिनमें सुठालिया तहसील के 73, ब्यावरा तहसील के 71 तथा नरसिंहगढ़ तहसील के 30 ग्राम शामिल हैं। ग्राम मऊ एवं कानरखेड़ी स्थित पंप हाउसों से क्रमशः 21,077 हेक्टेयर एवं 28,723 हेक्टेयर क्षेत्र में पाइपलाइन आधारित सिंचाई व्यवस्था विकसित की जा रही है। परियोजना की वर्तमान प्रगति की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि मुख्य बांध का लगभग 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। प्रभावित क्षेत्रों में राजगढ़ जिले के 34, गुना जिले के 8, भोपाल जिले के 18 तथा सीहोर जिले के 3 ग्रामों में लगभग 90 प्रतिशत भू-अर्जन कार्य पूर्ण किया जा चुका है। परियोजना से प्रभावित लगभग 1,675 परिवारों के पुनर्वास हेतु ग्राम मऊ एवं बड़ाबड़ला में सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त पुनर्वास कॉलोनियों का निर्माण भी किया जा चुका है। परियोजना के शेष निर्माण कार्य वर्ष 2027 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। राज्यमंत्री  पंवार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जल संरक्षण, सिंचाई विस्तार एवं किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सुठालिया वृहद सिंचाई परियोजना केवल एक बांध निर्माण नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास की आधारशिला है। इसके पूर्ण होने से हजारों किसानों को वर्षभर सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, भू-जल स्तर में सुधार आएगा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि परियोजना के सभी कार्य उच्च गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण हों।  

भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मध्यप्रदेश में हुए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य की सराहना की

भोपाल  भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त  ज्ञानेश कुमार ने इंदौर में आयोजित एक गरिमामय समारोह में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से सीधा संवाद करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) एवं मतदाता सूची के परिशोधन का कार्य अत्यंत पारदर्शी, सुलभ और व्यवस्थित तरीके से संपन्न किया है। उन्होंने कहा कि जिस दक्षता और पारदर्शिता के साथ यह कार्य मध्यप्रदेश में हुआ है, वैसा उदाहरण देश के अन्य राज्यों में दुर्लभ है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त  कुमार ने कहा कि भारत की चुनावी प्रक्रिया विश्व की सबसे पारदर्शी और विश्वसनीय प्रक्रियाओं में से एक है। मतदाता सूची निर्माण से लेकर मतदान और मतगणना तक प्रत्येक चरण में राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाती है। उन्होंने कहा कि इसी पारदर्शिता और दक्षता के कारण भारत आज विश्व के 35 प्रमुख लोकतांत्रिक देशों के संगठन इंटरनेशनल आइडिया (International IDEA) की 2026 की अध्यक्षता कर रहा है। इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश  संजीव कुमार झा, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  राम प्रताप सिंह जादौन, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी  शिवम वर्मा भी विशेष रूप से मौजूद थे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त  कुमार ने कहा कि निर्वाचन आयोग का विशेष ध्यान वृद्धजन, दिव्यांगजन, प्रवासी श्रमिक, अशिक्षित नागरिकों तथा वंचित समुदायों तक मतदाता सेवाएँ पहुँचाने पर केंद्रित रहा है, जिससे कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे, साथ ही यह सुनिश्चित ‍किया जा रहा है कि किसी भी अपात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो। इसके लिये ‍विशेष गहन पुनरीक्षण का सफलतापूर्वक अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा सरल भाषा में दिशा-निर्देश, सोशल मीडिया जागरूकता अभियान, समाचार पत्र, एफएम रेडियो, व्हाट्सएप, पंचायत स्तरीय बैठकों एवं मोहल्ला सूचना अभियानों के माध्यम से व्यापक जनजागरण किया गया।  कुमार ने बीएलओ की भूमिका को लोकतंत्र की रीढ़ बताते हुए कहा कि बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क स्थापित करते हैं, नए मतदाताओं का पंजीयन करते हैं तथा मृत, स्थानांतरित, डुप्लीकेट तथा अनुपस्थित मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया पूरी करते हैं। उन्होंने विशेष रूप से सुदूर आदिवासी एवं वनांचल क्षेत्रों में कठिन परिस्थितियों में कार्य करने वाले बीएलओ की सराहना की। मुख्य निर्वाचन आयुक्त  कुमार ने कहा कि भारत में चुनाव संचालन विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक और संवैधानिक प्रक्रिया है। देश में लगभग 95 करोड़ मतदाता हैं। देश में चुनाव प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में 1 करोड़ 80 लाख चुनावकर्मी शामिल होते हैं। यह संख्या दुनिया की कई बड़ी सरकारी और निजी संस्थाओं से कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि इतने विशाल स्तर पर भी भारत की चुनाव प्रणाली पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही का बेहतर उदाहरण प्रस्तुत करती है। चुनाव आयोग के डिजिटल नवाचारों का उल्लेख करते हुए ‘ईसीआई नेट’ (ECI Net) ऐप को पारदर्शिता और सुगमता की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह ऐप बीएलओ और मतदाताओं के बीच सीधे संपर्क का माध्यम बना है और देश के दूरस्थ क्षेत्रों में भी इसका सफल उपयोग हो रहा है। मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता समझाते हुए बताया कि मतदान शुरू होने से पहले मॉक पोल, मतदान के दौरान पोलिंग एजेंट की उपस्थिति, फॉर्म 17-सी के माध्यम से रिकॉर्ड सत्यापन और मतगणना के दौरान एजेंटों की मौजूदगी भारत की चुनाव प्रणाली को अत्यंत विश्वसनीय बनाती है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त  कुमार ने कहा कि भारत का लोकतंत्र केवल आकार में ही नहीं, बल्कि सहभागिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता में भी सबसे सशक्त है। उन्होंने विभिन्न देशों के मतदान प्रतिशतों की तुलना करते हुए कहा कि भारत में स्वैच्छिक मतदान होने के बावजूद मतदान प्रतिशत कई अनिवार्य मतदान वाले देशों से अधिक रहता है, जो लोकतंत्र में जनता के विश्वास का प्रमाण है। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के माध्यम से मतदाता सूची को शुद्ध करना संविधान के अनुच्छेद 326 के अनुरूप निर्वाचन आयोग का संवैधानिक दायित्व है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत अनुपस्थित, मृत, स्थानांतरित, डुप्लिकेट और अपात्र मतदाताओं को चिन्हित कर सूची को अधिक शुद्ध और विश्वसनीय बनाया गया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में हुए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश ने एसआईआर अभियान को उत्कृष्टता के साथ पूरा कर देश के लिए एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने सभी बीएलओ को लोकतंत्र के सच्चे प्रहरी बताते हुए उनके समर्पण, परिश्रम और संवैधानिक जिम्मेदारी के निर्वहन के लिए बधाई दी तथा कहा कि सशक्त मतदाता ही सशक्त लोकतंत्र की नींव है। उन्होंने बीएलओ से संवाद करते हुए कहा कि भारत का लोकतंत्र दुनिया के लिए प्रेरणा है और इसकी मजबूती में बूथ लेवल अधिकारियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश में संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) की उपलब्धियों, नवाचारों एवं सफलताओं पर आधारित एक विशेष कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त  ज्ञानेश कुमार से सीधा संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। बीएलओ ने विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार जमीनी स्तर पर मतदाता सूची के परिशोधन एवं अद्यतन कार्य को सफलतापूर्वक संपादित किया गया। संवाद के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त  ने बीएलओ के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें लोकतंत्र की मजबूती का आधार बताया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्यप्रदेश  संजीव कुमार झा ने कहा कि मध्यप्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। उन्होंने कहा कि यह कार्य पूरी टीम की सामूहिक मेहनत और समर्पण का परिणाम है तथा इस उपलब्धि के लिए उन्होंने सभी अधिकारियों और बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को बधाई दी। भारत इस वर्ष International IDEA की अध्यक्षता कर रहा है और भारत निर्वाचन आयोग की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को वैश्विक स्तर पर साझा किया जाएगा। यह देश के लिए गर्व का विषय है।  झा ने कहा कि मध्यप्रदेश भौगोलिक और सामाजिक विविधताओं से भरा राज्य है, जिसके कारण मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में कई चुनौतियाँ सामने आईं। वर्ष 2003 के पुराने डेटा को वर्तमान सॉफ्टवेयर सिस्टम के अनुरूप परिवर्तित करना एक बड़ी चुनौती थी। इसके लिए विभाग ने पहले से तैयारी शुरू कर दी थी। उन्होंने … Read more

योगी सरकार शिक्षा और व्यक्तित्व विकास के लिए चलाएगी गतिविधियों का व्यापक अभियान

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का माध्यम बना रही है। इसी सोच के अनुरूप जुलाई में प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में नियमित पठन-पाठन के साथ बोर्ड परीक्षा आवेदन प्रक्रिया, सतत मूल्यांकन, डिजिटल शिक्षा, छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य, पर्यावरण, सांस्कृतिक गतिविधियों और करियर मार्गदर्शन का व्यापक अभियान चलेगा। शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार पूरे माह संचालित होने वाली गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ उनके व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता, जीवन कौशल और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करना है। नियमित शिक्षण के साथ सीखने की गुणवत्ता, तकनीकी दक्षता, अनुशासन और व्यावहारिक कौशल को भी समान रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। जुलाई में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस, विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान, वन महोत्सव, सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान तथा करियर काउंसिलिंग (साइकोमेट्रिक टेस्ट) जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, सड़क सुरक्षा, सामाजिक दायित्व और भविष्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित किया जाएगा। नियमित पढ़ाई के साथ आगे बढ़ेगी बोर्ड परीक्षा आवेदन प्रक्रिया जुलाई में निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार नियमित शिक्षण कार्य जारी रहेगा। कक्षा 9 से 12 तक प्रवेश संबंधी कार्य पूरे किए जाएंगे। कक्षा 10 एवं 12 के विद्यार्थियों के विवरण का मिलान कर बोर्ड परीक्षा आवेदन प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जबकि कक्षा 11 के विद्यार्थियों का पंचम पोर्टल पर पंजीकरण कराया जाएगा। विद्यार्थियों को सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) का प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए आवेदन भी कराए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। यूनिट टेस्ट से होगी सीखने की प्रगति की समीक्षा कक्षा 9 से 12 तक जुलाई के दूसरे सप्ताह में प्रथम यूनिट टेस्ट आयोजित किया जाएगा। इसमें मई माह के गृहकार्य का मूल्यांकन तथा अप्रैल से जुलाई के प्रथम सप्ताह तक पढ़ाए गए पाठ्यक्रम पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति का आकलन किया जाएगा। इसके साथ ही विद्यालयों में नियमित शैक्षणिक अनुश्रवण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कक्षा के बाहर भी सीखने के मिलेंगे अवसर जुलाई माह में अभिभावक-शिक्षक संघ की सामान्य सभा एवं कार्यकारिणी का गठन कराया जाएगा। 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को अरुणाचल प्रदेश और मेघालय की संस्कृति, लोककला और परंपराओं से परिचित कराया जाएगा। स्काउट-गाइड गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ विद्यालयों में योग, खेलकूद, प्रार्थना सभा आधारित प्रेरक कार्यक्रम तथा डिजिटल शिक्षण गतिविधियों का भी आयोजन होगा। इससे विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और सामाजिक सहभागिता का विकास होगा। निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, प्रताप सिंह बघेल ने बताया कि जुलाई का शैक्षणिक कैलेंडर विद्यार्थियों के समग्र विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। नियमित पढ़ाई के साथ मूल्यांकन, डिजिटल शिक्षा, छात्रवृत्ति, खेल, स्वास्थ्य, पर्यावरण, करियर मार्गदर्शन और सह-शैक्षणिक गतिविधियों को समान महत्व दिया गया है। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक विद्यालय, कैलेंडर का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करे ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ जीवन में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक कौशल और अवसर भी प्राप्त हों।

गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा आयोजित समारोह में होंगे शामिल, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी करेंगे अध्यक्षता

रायपुर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा विकसित रायपुर के डूमरतराई थोक बाजार फेस-2 के नामकरण एवं लोकार्पण समारोह का आयोजन 5 जुलाई 2026 (रविवार) को शाम 5:00 बजे किया जाएगा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। समारोह की अध्यक्षता आवास एवं पर्यावरण, वित्त, वाणिज्यिक कर, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री  ओ.पी. चौधरी करेंगे। कार्यक्रम में मंत्री  केदार कश्यप, मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब तथा रायपुर लोकसभा सांसद  बृजमोहन अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा विधायक  राजेश मूणत,  मोतीलाल साहू,  पुरंदर मिश्रा,  सुनील सोनी, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष  अनुराग सिंह देव, रायपुर महापौर मती मीनल चौबे, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष  नवीन अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक समारोह में शामिल होंगे।

योगी सरकार शिक्षा और व्यक्तित्व विकास के लिए चलाएगी गतिविधियों का व्यापक अभियान

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का माध्यम बना रही है। इसी सोच के अनुरूप जुलाई में प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में नियमित पठन-पाठन के साथ बोर्ड परीक्षा आवेदन प्रक्रिया, सतत मूल्यांकन, डिजिटल शिक्षा, छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य, पर्यावरण, सांस्कृतिक गतिविधियों और करियर मार्गदर्शन का व्यापक अभियान चलेगा। शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार पूरे माह संचालित होने वाली गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ उनके व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता, जीवन कौशल और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करना है। नियमित शिक्षण के साथ सीखने की गुणवत्ता, तकनीकी दक्षता, अनुशासन और व्यावहारिक कौशल को भी समान रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। जुलाई में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस, विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान, वन महोत्सव, सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान तथा करियर काउंसिलिंग (साइकोमेट्रिक टेस्ट) जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, सड़क सुरक्षा, सामाजिक दायित्व और भविष्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित किया जाएगा। नियमित पढ़ाई के साथ आगे बढ़ेगी बोर्ड परीक्षा आवेदन प्रक्रिया जुलाई में निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार नियमित शिक्षण कार्य जारी रहेगा। कक्षा 9 से 12 तक प्रवेश संबंधी कार्य पूरे किए जाएंगे। कक्षा 10 एवं 12 के विद्यार्थियों के विवरण का मिलान कर बोर्ड परीक्षा आवेदन प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जबकि कक्षा 11 के विद्यार्थियों का पंचम पोर्टल पर पंजीकरण कराया जाएगा। विद्यार्थियों को सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) का प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए आवेदन भी कराए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। यूनिट टेस्ट से होगी सीखने की प्रगति की समीक्षा कक्षा 9 से 12 तक जुलाई के दूसरे सप्ताह में प्रथम यूनिट टेस्ट आयोजित किया जाएगा। इसमें मई माह के गृहकार्य का मूल्यांकन तथा अप्रैल से जुलाई के प्रथम सप्ताह तक पढ़ाए गए पाठ्यक्रम पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति का आकलन किया जाएगा। इसके साथ ही विद्यालयों में नियमित शैक्षणिक अनुश्रवण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कक्षा के बाहर भी सीखने के मिलेंगे अवसर जुलाई माह में अभिभावक-शिक्षक संघ की सामान्य सभा एवं कार्यकारिणी का गठन कराया जाएगा। 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को अरुणाचल प्रदेश और मेघालय की संस्कृति, लोककला और परंपराओं से परिचित कराया जाएगा। स्काउट-गाइड गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ विद्यालयों में योग, खेलकूद, प्रार्थना सभा आधारित प्रेरक कार्यक्रम तथा डिजिटल शिक्षण गतिविधियों का भी आयोजन होगा। इससे विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और सामाजिक सहभागिता का विकास होगा। निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, प्रताप सिंह बघेल ने बताया कि जुलाई का शैक्षणिक कैलेंडर विद्यार्थियों के समग्र विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। नियमित पढ़ाई के साथ मूल्यांकन, डिजिटल शिक्षा, छात्रवृत्ति, खेल, स्वास्थ्य, पर्यावरण, करियर मार्गदर्शन और सह-शैक्षणिक गतिविधियों को समान महत्व दिया गया है। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक विद्यालय, कैलेंडर का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करे ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ जीवन में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक कौशल और अवसर भी प्राप्त हों।

स्टार्टअप इंडिया से युवाओं को मिली नई दिशा, स्थानीय उत्पादों और उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा

रायपुर सुकमा जिले में युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिला प्रशासन के मार्गदर्शन तथा वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के तत्वावधान में शबरी ऑडिटोरियम में एक दिवसीय 'तेजस कार्यशाला' का आयोजन किया गया। भारत सरकार के स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम के तहत आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य जिले में नवाचार, एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी), फूड प्रोसेसिंग और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में महिला स्व-सहायता समूहों, एमएसएमई उद्यमियों, आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों सहित लगभग 350 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिला पंचायत सुकमा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  मुकुंद ठाकुर ने कहा कि सुकमा में कृषि, वनोपज, हस्तशिल्प और स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने युवाओं से आधुनिक तकनीक और नवाचार अपनाकर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और जिले के आर्थिक विकास को गति मिलेगी। स्टार्टअप शुरू करने की मिली पूरी जानकारी कार्यशाला में देशभर से आए विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को स्टार्टअप इंडिया के तहत डीपीआईआईटी मान्यता, पंजीयन प्रक्रिया, सफल व्यवसाय मॉडल, डिजिटल मार्केटिंग तथा बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) की विस्तृत जानकारी दी। बैंक अधिकारियों एवं इन्क्यूबेशन सेंटर के विशेषज्ञों ने व्यवसाय शुरू करने के लिए ऋण, वित्तीय सहायता, निवेश और व्यापार विस्तार की प्रक्रियाओं को सरल भाषा में समझाया। स्थानीय उत्पादों को मिलेगा नया बाजार प्रभारी महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र  कैलाश कश्यप ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को केवल स्टार्टअप तक सीमित रखना नहीं, बल्कि कृषि, वनोपज, फूड प्रोसेसिंग और हस्तशिल्प आधारित उद्यमों से जोड़ना है। इससे स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार मिलेगा और जिले में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। कार्यशाला के समापन पर प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की अपेक्षा व्यक्त की। इस पहल से सुकमा में स्थानीय उद्यमिता को नई गति मिलने और जिले के उत्पादों को व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद है। इस अवसर पर सुकमा नगर पालिका अध्यक्ष  हूँगा राम मरकाम, पार्षद  रंजीत बारठ, पूर्व योग आयोग सदस्य  राजेश नारा, लीड बैंक अधिकारी  विकास कुमार,  रवि वाधवानी (एफपीआईआईटी),  अरविंद कुमार (ईडीआई),  बरगीन रसेल,  अबुल हसन (स्टार्टअप टीम), सु तुलिका शर्मा (इन्क्यूबेटर, जगदलपुर), चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि, पत्रकार संघ के सदस्य तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम योगी के निर्देश पर तत्काल लागू की गई नई व्यवस्था, लखनऊ और प्रयागराज में गठित हुई विशेष बेंच

लखनऊ योगी सरकार प्रदेश में राजस्व प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण सुधार कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राजस्व परिषद ने सार्वजनिक महत्व की भूमि से जुड़े मामलों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए बड़ा निर्णय लिया है। अब आरक्षित श्रेणी की भूमि, शासकीय भूमि, ग्राम सभा, नजूल, निष्क्रांत संपत्ति तथा शत्रु संपत्ति (यदि कोई हो) से संबंधित सभी वादों की सुनवाई तीन सदस्यीय विशेष पीठ (थ्री मेंबर बेंच) द्वारा की जाएगी। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। धारा-9 के तहत लागू की गई नई व्यवस्था राजस्व परिषद की अध्यक्ष अर्चना अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार सरकारी एवं सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने, भूमि विवादों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने तथा राजस्व न्याय प्रणाली को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने पर विशेष बल देते रहे हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा-9 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए नई व्यवस्था लागू की गयी है। इसका उद्देश्य इन संवेदनशील मामलों के निस्तारण में पारदर्शिता, न्यायिक गुणवत्ता और एकरूपता सुनिश्चित करना है। यह व्यवस्था तत्काल लागू कर दी गई है, जिसके तहत लखनऊ एवं प्रयागराज स्थित राजस्व परिषद न्यायालयों में इन श्रेणी के सभी लंबित और नए वाद अब विशेष रूप से गठित तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे। नई व्यवस्था के अनुसार आरक्षित श्रेणी की भूमि, शासकीय भूमि, ग्राम सभा, नजूल, निष्क्रांत संपत्ति तथा शत्रु संपत्ति से जुड़े मामलों की सुनवाई अब परिषद की एकल पीठ अथवा सर्किट कोर्ट द्वारा नहीं की जाएगी। इन मामलों पर विशेष रूप से गठित तीन सदस्यीय पीठ सामूहिक रूप से विचार करेगी। इससे महत्वपूर्ण मामलों में विभिन्न न्यायिक दृष्टिकोणों का समावेश होगा और निर्णय प्रक्रिया अधिक मजबूत, निष्पक्ष तथा न्यायसंगत बन सकेगी। विशेष पीठ हर बुधवार को करेगी मामलों की सुनवाई परिषद की अध्यक्ष ने बताया कि राजस्व परिषद ने लखनऊ और प्रयागराज दोनों न्यायालयों के लिए अलग-अलग तीन सदस्यीय विशेष पीठों का गठन किया है। इन विशेष पीठों द्वारा प्रत्येक बुधवार को नियमित रूप से इन मामलों की सुनवाई की जाएगी। इससे सरकारी और सार्वजनिक भूमि से जुड़े संवेदनशील प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण संभव होगा, साथ ही पूरे प्रदेश में निर्णय प्रक्रिया में एकरूपता भी स्थापित होगी। वहीं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि इस श्रेणी के सभी लंबित एवं नए वादों की पहचान कर उन्हें निर्धारित विशेष पीठ के समक्ष सूचीबद्ध कराया जाए। इससे नई व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा और मामलों के अनावश्यक लंबित रहने की संभावना भी कम होगी। व्यवस्थित सूचीकरण और नियमित सुनवाई से न्यायिक प्रक्रिया अधिक सुचारु एवं परिणामकारी बनेगी। सामूहिक निर्णय प्रणाली अपनाए जाने से न्यायिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही विभिन्न प्रकार के समान मामलों में एकरूप निर्णय आने से भविष्य में अनावश्यक विवादों और कानूनी असमंजस की स्थिति भी कम होगी। राजस्व व्यवस्था को बनाया अधिक उत्तरदायी योगी सरकार पहले ही राजस्व प्रशासन में व्यापक सुधारों की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहल कर चुकी है। डिजिटल भू-अभिलेख, ऑनलाइन नामांतरण एवं अन्य राजस्व सेवाएं, आधुनिक तकनीकों के माध्यम से भूमि पैमाइश, पारदर्शी न्यायिक प्रक्रिया तथा सरकारी भूमि की सुरक्षा जैसे कदमों ने राजस्व व्यवस्था को अधिक उत्तरदायी बनाया है। अब तीन सदस्यीय विशेष पीठ का गठन इसी सुधार श्रृंखला की महत्वपूर्ण कड़ी है। विशेषज्ञतापूर्ण सामूहिक निर्णय व्यवस्था से न केवल न्याय वितरण प्रणाली अधिक प्रभावी और विश्वसनीय बनेगी, बल्कि प्रदेश में राजस्व न्याय व्यवस्था के आधुनिकीकरण को भी नई गति मिलेगी।

वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं नियमों के प्रभावी पालन पर दिया गया विशेष बल

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा वित्तीय प्रशासन को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी एवं दक्ष बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भोपाल में प्रदेश की विभिन्न पुलिस इकाइयों से आए उप पुलिस अधीक्षक एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के आहरण एवं संवितरण अधिकारियों के लिए दो दिवसीय सेमीनार का आयोजन किया गया। सेमीनार का उद्देश्य अधिकारियों को वित्तीय नियमों, लेखा प्रक्रियाओं, कल्याणकारी योजनाओं एवं आधुनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणालियों की अद्यतन जानकारी प्रदान कर उनके प्रशासनिक एवं वित्तीय दायित्वों के प्रभावी एवं दक्ष निर्वहन के लिए सक्षम बनाना था। सेमीनार का समापन अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कल्याण)  सोलोमन यश कुमार मिंज की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व किसी भी शासकीय संस्था की कार्यकुशलता के आधार स्तंभ हैं। उन्होंने अधिकारियों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं अनुभव का अपने-अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावी उपयोग करते हुए वित्तीय प्रक्रियाओं को अधिक सुचारु, नियमसम्मत एवं पारदर्शी बनाने का आह्वान किया। सेमीनार के उद्घाटन सत्र में उप पुलिस महानिरीक्षक (लेखा एवं कल्याण), पुलिस मुख्यालय, भोपाल  अवधेश गोस्वामी ने प्रतिभागियों को वित्तीय प्रबंधन में अद्यतन नियमों की जानकारी रखने तथा आहरण एवं संवितरण अधिकारियों की भूमिका को प्रभावी ढंग से निभाने की आवश्यकता पर बल दिया। दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान आहरण एवं संवितरण अधिकारियों के कार्य एवं उत्तरदायित्व, मध्यप्रदेश भण्डार क्रय एवं उपार्जन नियम-2015 (यथासंशोधित-2022), वित्तीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, पुलिस विभाग की कल्याणकारी गतिविधियां, आईएफएमआईएस (IFMIS) प्रणाली, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, पेंशन नियम, दंडों का प्रभावी क्रियान्वयन, देय स्वत्व, टी.ए./डी.ए., अवकाश नियम, जीपीएफ संबंधी कार्यवाहियों में बरती जाने वाली सावधानियां तथा मध्यप्रदेश वित्तीय शक्ति अधिकार पुस्तिका-2025 एवं बजट प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर पुलिस मुख्यालय, वित्त विभाग तथा आयुक्त कोष एवं लेखा कार्यालय के विशेषज्ञ अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी प्रदान की तथा प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। समापन समारोह में पुलिस अकादमी के उप निदेशक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल, सहायक पुलिस महानिरीक्षक कल्‍याण मती इरमीन शाह, सहायक निदेशक (प्रशिक्षण) मती रश्मि पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक, पीटीएस मती यास्मीन जहरा सहित अकादमी का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। मध्यप्रदेश पुलिस का यह प्रयास वित्तीय प्रशासन में दक्षता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ करने के साथ-साथ अधिकारियों की क्षमता संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे पुलिस इकाइयों में वित्तीय प्रबंधन और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।  

सोनभद्र प्रशासन का बड़ा फैसला, नदियों-तालाबों में 31 अगस्त तक Fishing Ban लागू

सोनभद्र  मछलियों के प्रजनन काल को देखते हुए जिला प्रशासन ने 31 अगस्त तक सभी नदियों, तालाबों एवं जलाशयों में मत्स्य आखेट (मछली पकड़ने) पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने इसके लिए आदेश जारी किया है। इस अवधि में किसी भी व्यक्ति द्वारा मछलियों को पकड़ना, मारना, बेचना अथवा पकड़ने का प्रयास करना प्रतिबंधित रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ उत्तर प्रदेश मत्स्य अधिनियम, 1948 के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने रिहंद, धंधरौल, कड़ियाताल, पुरखासताल, जीवारताल समेत सभी संबंधित जलाशयों के ठेकेदारों को निर्देश दिया है कि अपनी नाव एवं जाल जलाशयों से बाहर कराना सुनिश्चित करें। क्षेत्रीय मत्स्य प्रभारियों को प्रतिबंध अवधि में सभी जलाशयों में मत्स्य आखेट पूरी तरह बंद कराने और नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देश दिया है कि प्रतिबंध अवधि के दौरान विस्फोटक पदार्थ, विषैले रसायन अथवा अन्य अवैध साधनों से मछली पकड़ने पर भी पूरी तरह रोक रहेगी। स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने पर अवैध सामग्री, जाल और पकड़ी गई मछलियां जब्त कर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने मत्स्य ठेकेदारों एवं आमजन से आदेश का पालन करने की अपील की है, ताकि प्रजनन काल में मत्स्य संपदा का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।