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मुख्यमंत्री साय ने पारस पोर्टल के माध्यम से की प्रमुख योजनाओं एवं विकास कार्यों की राज्य स्तरीय समीक्षा

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ समय पर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उसका प्रभाव धरातल पर स्पष्ट दिखाई दे। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। पारस (Project Assessment, Review and Analysis System) पोर्टल के माध्यम से योजनाओं एवं विकास कार्यों की नियमित निगरानी के साथ विभागों और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है, ताकि क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं की समय रहते पहचान कर उनका त्वरित समाधान किया जा सके। मुख्यमंत्री  साय आज मंत्रालय महानदी भवन में पारस पोर्टल के माध्यम से आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने विभिन्न विभागों की प्रमुख योजनाओं, अधोसंरचना परियोजनाओं और जनसेवाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। मुख्यमंत्री  साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला कलेक्टरों से योजनाओं की जमीनी स्थिति की जानकारी ली तथा निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में प्राप्त करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि शासन की कार्यप्रणाली में अंतर्विभागीय समन्वय की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। अनेक विकास परियोजनाओं में एक से अधिक विभागों की अनुमति, सहभागिता अथवा सहयोग आवश्यक होता है। ऐसे में विभाग अलग-अलग स्तर पर कार्य करने के बजाय समन्वित दृष्टिकोण अपनाएं। इससे परियोजनाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी, अनावश्यक विलंब दूर होगा तथा समय और लागत दोनों की बचत होगी। उन्होंने कहा कि पारस पोर्टल का उद्देश्य केवल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना नहीं, बल्कि उन कारणों की पहचान कर समाधान सुनिश्चित करना भी है, जिनके कारण कोई परियोजना या योजना अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रही है। राज्य स्तर से लेकर जिलों तक सभी अधिकारी इसे परिणाम आधारित प्रशासन के प्रभावी माध्यम के रूप में उपयोग करें। एग्रीस्टैक में कोई भी पात्र किसान पंजीयन से न रहे वंचित मुख्यमंत्री  साय ने एग्रीस्टैक में प्रत्येक पात्र किसान का शत-प्रतिशत पंजीयन निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि एग्रीस्टैक को केवल धान खरीदी से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। यह किसानों को विभिन्न शासकीय योजनाओं और सेवाओं का लाभ अधिक सरलता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण आधारभूत व्यवस्था है। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि जिलों में विशेष अभियान चलाकर एग्रीस्टैक तथा डीसीएस से संबंधित लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा किया जाए। प्रत्येक वास्तविक किसान का पंजीयन सुनिश्चित हो और किसी पात्र किसान को धान विक्रय अथवा शासन की अन्य योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष व्यवस्था के प्रारंभिक चरण में सामने आई व्यावहारिक कठिनाइयों से सीख लेते हुए इस वर्ष पहले से ही सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं। किसी अधिकारी अथवा कर्मचारी की लापरवाही के कारण यदि कोई पात्र किसान लाभ से वंचित होता है तो उसकी जवाबदेही तय की जाए। मुख्यमंत्री ने डिजिटल फसल सर्वेक्षण की जिलेवार प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अपेक्षाकृत पीछे चल रहे जिलों को निर्धारित समय-सीमा में सर्वेक्षण पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि इस कार्य में लापरवाही अथवा अपेक्षित सहयोग नहीं करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। बाढ़ प्रभावित परिवारों तक शीघ्र पहुंचे राहत और सहायता मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेश में विगत दिनों हुई भारी बारिश और बाढ़ से उत्पन्न स्थिति तथा संचालित राहत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि भारी बारिश से प्रदेश के 17 जिलों के 500 से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं और बस्तर संभाग के जिलों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ा है। मुख्यमंत्री ने प्रभावित जिलों के कलेक्टरों को जनहानि, मकानों, पशुधन, अनाज तथा अन्य संपत्तियों को हुई क्षति का सर्वेक्षण शीघ्र पूरा करने और पात्र प्रभावित परिवारों तक सहायता राशि यथाशीघ्र पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षति के आकलन से लेकर सहायता राशि प्रदान करने तक की प्रक्रिया संवेदनशीलता और तत्परता के साथ पूरी की जाए। मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों एवं स्वास्थ्य शिविरों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने हैंडपंपों का क्लोरीनीकरण कराने तथा नागरिकों को पानी उबालकर पीने के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों को यह भरोसा होना चाहिए कि सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी है। राहत और पुनर्वास के प्रत्येक कार्य में मानवीय संवेदना सर्वोपरि होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय योगदान देने वाले स्व-सहायता समूहों, चेंबर ऑफ कॉमर्स, सामाजिक संगठनों तथा विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों के प्रयासों की सराहना की और कलेक्टरों को ऐसे समूहों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ से क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों, सड़कों तथा अन्य सार्वजनिक अधोसंरचनाओं का आकलन कर जानकारी तत्काल शासन को भेजने को कहा, ताकि उनकी मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण की कार्रवाई शीघ्र प्रारंभ की जा सके। उन्होंने पात्र प्रभावित परिवारों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना सहित अन्य संबंधित योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को मिले अपेक्षित गति मुख्यमंत्री  साय ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसके क्रियान्वयन में और तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह योजना परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री ने योजना के निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए वेंडर्स की संख्या बढ़ाने, सोलर दीदियों को प्रोत्साहित करने तथा हितग्राहियों के लिए ऋण की उपलब्धता को और सुगम बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा योजना में उपलब्ध कराई जा रही सब्सिडी का अधिक से अधिक पात्र परिवार लाभ उठा सकें, इसके लिए जिलों में व्यापक जागरूकता और प्रभावी क्रियान्वयन दोनों आवश्यक हैं। उन्होंने कलेक्टरों को योजना में व्यक्तिगत रुचि लेते हुए बैंकिंग सुविधा, वेंडर चयन से लेकर सोलर संयंत्र की स्थापना तक पूरी प्रक्रिया को हितग्राही के लिए सरल, पारदर्शी और तेज बनाने के निर्देश दिए। सड़क और पुल-पुलियों के लंबित कार्यों की बाधाएं तत्काल दूर करें मुख्यमंत्री  साय ने लोक … Read more

खेल सुविधाओं के साथ फिटनेस सेंटर, चेंजिंग रूम, उपकरण कक्ष और दिव्यांगजनों के लिए भी विशेष सुविधाएं होंगी

भोपाल  खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने मंत्रालय स्थित समिति कक्ष में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर प्रदेश में निर्माणाधीन सीएम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में विकसित किए जा रहे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण, उपलब्ध कराई जाने वाली खेल सुविधाओं तथा अन्य आवश्यक अधोसंरचना को लेकर तैयारी का जायजा लिया । मंत्री  सारंग ने कहा कि प्रदेश में खेल अधोसंरचना को व्यापक स्तर पर मजबूत किया जा रहा है। सीएम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की अवधारणा का उद्देश्य प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के युवाओं और खिलाड़ियों को उनके अपने क्षेत्र में आधुनिक एवं बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए स्थानीय स्तर पर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। एक ही परिसर में अनेक खेलों की सुविधा सीएम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में विभिन्न खेलों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। परिसर में बैडमिंटन, एथलेटिक्स ट्रैक, मार्शल आर्ट, टेबल टेनिस, खो-खो, कबड्डी, वॉलीबॉल और फुटबॉल जैसे खेलों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन सुविधाओं के माध्यम से बच्चों, युवाओं और स्थानीय खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास एवं प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन को भी बढ़ावा मिलेगा। फिटनेस सेंटर से लेकर उपकरण कक्ष तक सीएम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में केवल खेल मैदान ही नहीं, बल्कि खिलाड़ियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सहायक सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। परिसर में फिटनेस सेंटर, एडमिन ब्लॉक, उपकरण कक्ष, चेंजिंग रूम, इलेक्ट्रिकल रूम और फायर सेफ्टी सिस्टम जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इन सुविधाओं का उद्देश्य खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और प्रतियोगिता के दौरान आवश्यक सभी मूलभूत सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराना है। स्थानीय प्रतिभाओं को मिलेगा आगे बढ़ने का अवसर मंत्री  सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीएम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण में गुणवत्ता, उपयोगिता और खिलाड़ियों की आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि खेल अधोसंरचना का विकास केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इन परिसरों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करते हुए अधिक से अधिक बच्चों और युवाओं को खेलों से जोड़ना प्राथमिकता होनी चाहिए। मंत्री  सारंग ने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता है कि उन्हें बेहतर मैदान, प्रशिक्षण, उपकरण और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए। विधानसभा स्तर पर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित होने से स्थानीय प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर से ही बेहतर वातावरण मिलेगा और उन्हें जिला, संभाग, राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त होंगे। हर विधानसभा में बनेगा हेलीपैड सीएम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में खेल सुविधाओं के साथ आपातकालीन सेवाओं को ध्यान में रखते हुए हेलीपैड का भी प्रावधान किया जा रहा है। प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में विकसित किए जा रहे इन स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में हेलीपैड की सुविधा उपलब्ध होगी, जिसका उपयोग आवश्यकता पड़ने पर आपातकालीन एवं त्वरित राहत सेवाओं के संचालन के लिए किया जा सकेगा। बैठक में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने सीएम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण एवं आगामी कार्ययोजना से संबंधित प्रगति की जानकारी मंत्री  सारंग को दी।  

यूपीआईटीएस 2026 में ₹6,500 करोड़ के 4,400 एमओयू, ₹15,500 करोड़ के संभावित कारोबार का बना नया रिकॉर्ड

ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश की कला, उद्यमिता, कौशल और कारोबारी सामर्थ्य को वैश्विक मंच प्रदान करने वाले उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2026 के चौथे संस्करण का मंगलवार को निवेश, कारोबार और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के नए आयामों के साथ भव्य समापन हुआ। 25 से 29 सितंबर तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में आयोजित पांच दिवसीय मेगा आयोजन ने उत्तर प्रदेश के उत्पादों, एमएसएमई, निर्यातकों, कारीगरों और उद्यमियों को देश-दुनिया के खरीदारों से सीधे जुड़ने का सशक्त मंच उपलब्ध कराया। आयोजन के दौरान लगभग 680 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी करीब ₹6,500 करोड़ मूल्य के 4,400 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अतिरिक्त, ट्रेड शो के दौरान प्राप्त कारोबारी पूछताछ के आधार पर लगभग ₹15,500 करोड़ के संभावित कारोबार का अनुमान है। ये आंकड़े प्रदेश में निवेश, निर्यात और कारोबारी गतिविधियों के बढ़ते विस्तार को प्रदर्शित करते हैं। 41,500 बी2बी बैठकें, 5.99 लाख से अधिक विजिटर्स की मौजूदगी फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (एफआईईओ) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष यूपीआईटीएस में कुल 41,500 बी2बी बैठकें दर्ज की गईं। इनमें 13,500 बैठकें रिवर्स बायर-सेलर मीट (आरबीएसएम) क्षेत्र में हुईं, जबकि मुख्य प्रदर्शनी क्षेत्र में लगभग 28,000 कारोबारी संवाद दर्ज किए गए। इन बैठकों के माध्यम से देश-विदेश से आए खरीदारों ने उत्तर प्रदेश के उद्यमियों, निर्माताओं और निर्यातकों के साथ सीधे संवाद करते हुए कारोबारी साझेदारियों और संभावित ऑर्डरों की दिशा में कदम बढ़ाए। पांच दिनों में ट्रेड शो में कुल 5,98,693 विजिटर्स और बिजनेस बायर्स की उपस्थिति दर्ज की गई। इनमें 1,74,990 घरेलू बिजनेस बायर्स तथा 4,23,703 सामान्य विजिटर्स शामिल रहे। पिछले संस्करण से कारोबार के प्रमुख मानकों में उल्लेखनीय उछाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप आयोजित यूपीआईटीएस 2026 ने पिछले संस्करण की तुलना में कारोबार और भागीदारी के लगभग सभी प्रमुख मानकों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की। वर्ष 2025 में दर्ज 31,650 बी2बी बैठकों की तुलना में इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 41,500 हो गई, जो 31.12 प्रतिशत की वृद्धि है। आरबीएसएम क्षेत्र में विदेशी खरीदारों के साथ बैठकों में 123.1 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई और यह संख्या 6,050 से बढ़कर 13,500 हो गई। मुख्य प्रदर्शनी क्षेत्र में भी बी2बी बैठकों में 9.38 प्रतिशत की वृद्धि हुई। हस्ताक्षरित एमओयू की संख्या 3,900 से बढ़कर 4,400 हो गई, जो 12.82 प्रतिशत की वृद्धि है। वहीं एमओयू के अनुमानित मूल्य में सबसे बड़ी वृद्धि दर्ज की गई। यह ₹2,680 करोड़ (425 मिलियन डॉलर) से बढ़कर ₹6,500 करोड़ (680 मिलियन डॉलर) हो गया, जो 142.54 प्रतिशत की वृद्धि है। कारोबारी पूछताछ में भी 24 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और संभावित कारोबार का अनुमान ₹12,500 करोड़ से बढ़कर ₹15,500 करोड़ पहुंच गया। छह देशों की भागीदारी से अंतरराष्ट्रीय आयाम हुआ और व्यापक यूपीआईटीएस 2026 की अंतरराष्ट्रीय पहुंच भी पिछले संस्करणों की तुलना में कहीं अधिक व्यापक रही। पिछले संस्करण में रूस एकमात्र पार्टनर देश था, जबकि इस वर्ष रूस, ऑस्ट्रिया, जापान, सिंगापुर, बेलारूस और वियतनाम सहित छह देशों ने पार्टनर कंट्री के रूप में भागीदारी की। विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और खरीदारों ने प्रदेश के मैन्युफैक्चरिंग, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल और एग्री-फूड प्रोसेसिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में विशेष रुचि दिखाई। इससे उत्तर प्रदेश के उद्यमियों को वैश्विक बाजार की आवश्यकताओं को समझने और संभावित साझेदारों के साथ सीधे संवाद का अवसर मिला। ओडीओसी ने दिखाई उत्तर प्रदेश की पाक विरासत की समृद्ध तस्वीर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन कुज़ीन’ (ओडीओसी) पहल यूपीआईटीएस 2026 के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रही। प्रदेश के सभी 75 जिलों की विशिष्ट पाक परंपराओं और स्थानीय स्वाद को एक मंच पर प्रस्तुत करते हुए ओडीओसी ने उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता को कारोबारी संभावनाओं से जोड़ा। पांचों दिनों ओडीओसी हॉल में विशेष चहल-पहल रही। आगंतुकों और खरीदारों ने क्षेत्रीय व्यंजनों, पारंपरिक रेसिपी और स्थानीय खाद्य उद्यमों को नजदीक से जाना। सेलिब्रिटी शेफ हरपाल सिंह सोखी सहित अन्य प्रसिद्ध शेफ की मास्टर क्लासेज ने आयोजन को विशेष आकर्षण प्रदान किया। पाक-कौशल, लाइव डेमॉस्ट्रेशन और मनोरंजन के इस संगम ने ओडीओसी को दर्शकों के बीच खासा लोकप्रिय बनाया। ओडीओसी ने यह भी रेखांकित किया कि किसी जिले की पाक विरासत केवल सांस्कृतिक पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह फूड एंटरप्रेन्योरशिप, फूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, हॉस्पिटैलिटी, पर्यटन, ब्रांडिंग और रिटेल जैसे क्षेत्रों में रोजगार एवं कारोबार की नई संभावनाओं का आधार बन सकती है। 75 जिलों के उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का मंच यूपीआईटीएस में प्रदेश के 75 जिलों के पारंपरिक शिल्प, हथकरघा, पीतल उत्पाद, कालीन, चमड़ा उद्योग और विशिष्ट कृषि उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध हुआ। एमएसएमई, स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को देश-विदेश से आए खरीदारों के साथ सीधे संवाद और संभावित ऑर्डर हासिल करने का अवसर मिला। इससे यूपीआईटीएस का स्वरूप महज प्रदर्शनी तक सीमित न रहकर व्यावसायिक संपर्क, बाजार विस्तार और वास्तविक कारोबारी अवसरों के सृजन के मंच के रूप में और मजबूत हुआ। नीति एवं उद्योग से जुड़े लगभग 20 नॉलेज सेशंस ने भी उद्यमियों को बदलते कारोबारी परिदृश्य, बाजार की संभावनाओं और नीतिगत विषयों पर विशेषज्ञ संवाद का अवसर दिया। कारोबार के साथ संस्कृति और परंपरा का भी संगम दिनभर कारोबार और निवेश के संवादों से गुलजार रहने वाला यूपीआईटीएस 2026 हर शाम उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के रंगों से भी सराबोर रहा। पांच दिवसीय आयोजन में शास्त्रीय, लोक, भक्ति और समकालीन प्रस्तुतियों की विविध श्रृंखला ने देश-विदेश से आए आगंतुकों को प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता से परिचित कराया। लोक संगीत, कथक, मथुरा के लोकनृत्य, ढेठिया, राई और थारू जनजातीय नृत्य, पखावज एवं सितार वादन, सुगम संगीत, आल्हा गायन, भजन और सूफी संगीत के साथ सेलिब्रिटी कलाकारों और म्यूजिकल बैंड की प्रस्तुतियों ने आयोजन को सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की। समापन दिवस पर ओम प्रकाश दुबे के भजन गायन, गोरखपुर के राकेश उपाध्याय के लोकगीत गायन और गाजियाबाद की सुश्री मिताली सैनी की कथक प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। इसके बाद श्रीराम सांखला द्वारा कोरियोग्राफ किए गए ‘कलर्स ऑफ इंडिया’ ने पांच दिवसीय सांस्कृतिक यात्रा को यादगार समापन प्रदान किया। युवा सहभागिता ने बढ़ाई आयोजन की जीवंतता यूपीआईटीएस 2026 में छात्र और युवा भागीदारी भी आयोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा रही। युवाओं ने क्विज, मॉडल यूनाइटेड नेशंस (एमयूएन), माइम, कला एवं संस्कृति गतिविधियों, साइबर सुरक्षा एवं सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रमों और बैटल ऑफ … Read more

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से कामकाजी लोगों और विद्यार्थियों को सुविधा, सुबह-शाम आसान हुआ सफर

रायपुर गांव से काम पर जाना हो, बच्चों को स्कूल-कॉलेज पहुंचना हो या किसी जरूरी काम से बाहर निकलना हो, नियमित परिवहन सुविधा ग्रामीण जीवन की महत्वपूर्ण जरूरत है। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना ने राजपुर तहसील के ग्राम सिधमा के ग्रामीणों की इसी जरूरत को पूरा किया है। गांव तक बस पहुंचने से अब रोजगार के लिए रोजाना आने-जाने वाले लोगों के साथ विद्यार्थियों का सफर भी आसान हुआ है। पहले बस पकड़ने के लिए दूसरे गांव काकना तक जाना पड़ता था, लेकिन अब सुबह और शाम गांव से ही बस की सुविधा मिल रही है। ग्राम सिधमा निवासी ज्ञानेश्वर बर्तनों में पॉलिश करने का काम करते हैं। रोजगार के सिलसिले में उन्हें लगभग रोज ही आना-जाना पड़ता है। गांव में बस सुविधा नहीं होने के कारण पहले उन्हें बस पकड़ने के लिए काकना जाना पड़ता था। वहां तक पहुंचने के लिए बाइक या अन्य साधन की व्यवस्था करनी होती थी। इससे अतिरिक्त समय लगता था और रोजमर्रा के सफर में परेशानी भी होती थी। अब गांव से ही मिल रही बस, काकना जाने की परेशानी हुई कम मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना शुरू होने के बाद ज्ञानेश्वर की रोजमर्रा की आवाजाही आसान हुई है। वे बताते हैं कि अब गांव से ही सुबह और शाम बस मिल रही है। इससे काम के लिए नियमित आने-जाने में सहूलियत हुई है और बस पकड़ने के लिए पहले दूसरे गांव तक जाने की जरूरत कम हुई है। बस सेवा का लाभ केवल कामकाजी ग्रामीणों तक सीमित नहीं है। स्कूल और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थी भी इस सुविधा का उपयोग कर रहे हैं। गांव तक नियमित परिवहन साधन पहुंचने से शिक्षा, रोजगार और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आवागमन अधिक सुविधाजनक हुआ है। रोजगार के लिए रोजाना सफर करने वाले ज्ञानेश्वर को मिली राहत ज्ञानेश्वर जैसे ग्रामीणों के लिए यह बस सेवा विशेष रूप से उपयोगी है, जिनका रोजगार नियमित आवाजाही पर निर्भर है। पहले काम पर निकलने से पहले काकना तक पहुंचने के लिए अलग साधन की व्यवस्था करनी पड़ती थी। अब गांव से ही बस मिलने से उनके सफर की एक बड़ी परेशानी कम हुई है। सुबह और शाम बस की उपलब्धता से ग्रामीण अपनी दिनचर्या के अनुसार आवागमन कर पा रहे हैं। विद्यार्थियों को भी स्कूल-कॉलेज आने-जाने के लिए परिवहन का साधन मिला है। गांव तक बस पहुंचने से शिक्षा और रोजगार की राह हुई आसान ज्ञानेश्वर ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना शुरू होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि गांव तक बस पहुंचने से लोगों के लिए काम, शिक्षा और जरूरी कार्यों से आने-जाने की राह आसान हुई है। सेवा संकल्प अभियान के तहत सिधमा की यह ‘सेवा की कहानी’ बताती है कि गांव तक सार्वजनिक परिवहन की पहुंच ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी में कितनी उपयोगी हो सकती है। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से सिधमा के लोगों को आवागमन की सुविधा मिलने के साथ रोजगार और पढ़ाई के लिए नियमित सफर भी आसान हुआ है।

बढ़ेगी दिव्यांगजन की जीवन सुगमता, सीएम योगी करेंगे उपकरण वितरण

गोरखपुर समान अवसर और पूरा सम्मान देकर दिव्यांगजन के सशक्तीकरण और कल्याण के लिए क्रियाशील योगी सरकार बड़े पैमाने पर दिव्यांगजन के लिए आवश्यक कृत्रिम अंग और सहायक उपकरणों का वितरण करती है। इसी क्रम में दिव्यांगजन की जीवन सुगमता बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार (30 सितंबर) को गोरखपुर में कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण वितरण समारोह में सम्मिलित होंगे। समारोह में 509 दिव्यांगजन को समाज के मुख्य धारा से जोड़ने के लिए विभिन्न प्रकार के 664 सहायक उपकरणों का वितरण किया जाएगा। उपकरण वितरण का यह समारोह सिविल लाइंस स्थित गोरखपुर क्लब में दोपहर बाद होगा। इसमें दिव्यांगजन को उनकी दिव्यांगता के अनुकूल करीब सवा करोड़ रुपये के उपकरण वितरित किए जाएंगे। समारोह में 127 दिव्यांगजन को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, 25 को ई-ट्राईसाइकिल, 70 को ट्राईसाइकिल, 155 दिव्यांगजन को 319 स्मार्ट केन एवं ब्रेल किट, 90 को हियरिंग एड, 5 को स्मार्टफोन, 1 को ब्रेल लिपि की गीता, 1 को ब्रेल लिपि की रामायण, 10 को कृत्रिम अंग, 20 को वयोश्री योजना का लाभ, और 5 को पाठ्य पुस्तकों का वितरण किया जाएगा।

रसोइयों के मानदेय भुगतान की मुश्किल होगी दूर, 117 करोड़ के पुनर्विनियोजन को वित्त विभाग की मंजूरी

रायपुर  राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत रसोइयों के मानदेय की टॉपअप राशि के लिए 117 करोड़ रुपये के पुनर्विनियोजन को प्रशासकीय स्वीकृति दी है। विभागीय आदेश के अनुसार, केंद्र प्रवर्तित योजनाओं का संचालन जुलाई 2026 से एसएनए-स्पर्श के माध्यम से किया जा रहा है। इसके तहत रसोइयों के मानदेय भुगतान के लिए टॉपअप राशि के लिए पृथक से राज्य आयोजना मद  में प्रावधान है। राज्य आयोजना मद में प्रावधानित राशि को केंद्र प्रवर्तित योजना के राज्यांश मद में पुनर्विनियोजित किया गया है। आदेश में संबंधित बजट शीर्षों के बीच 102 करोड़, 10 करोड़ और 5 करोड़ रुपये के पुनर्विनियोजन का विवरण दिया गया है। यह पहले से प्रावधानित राशि का पुनर्विनियोजन है। विभाग ने राशि का मदवार व्यय विवरण अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं।

राज्योत्सव स्थल का अधिकारियों ने किया निरीक्षण, तैयारियों एवं व्यवस्थाओं के संबंध में की चर्चा

रायपुर  नवा रायपुर अटल नगर  स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर मेला ग्राउंड में आयोजित होने वाले राज्योत्सव की तैयारियों  के संबंध में मुख्य सचिव श्री विकासशील के निर्देश पर पर्यटन एवं संस्कृति सचिव डॉ एस भारतीदासन एवं  कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह  सहित अन्य  अधिकारियों ने  स्थल निरीक्षण कर जायजा लिया।  इस दौरान  सीएसआईडीसी के एमडी श्री विश्वेश झा, नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, पर्यटन मंडल के एमडी श्री सौमिल रंजन चौबे, एस पी ग्रामीण श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे, एनआरडीए के प्रतिनिधि सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण  उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान आगामी राज्योत्सव के आयोजन की तैयारियों और व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों ने एग्जिबिशन सेंटर, सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थल, शिल्पग्राम, प्रशासनिक भवन, हेलीपैड, पार्किंग जोन, फूड जोन, फन जोन, मुख्य प्रवेश द्वार एवं बस स्टॉप सहित विभिन्न स्थलों को  निर्धारित समय पूर्व सुव्यवस्थित करने  के संबंध चर्चा की। इस दौरान आयोजन स्थल पर जेसीबी के माध्यम से  समतलीकरण कार्य करने, पार्किंग व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय, सिटिंग अरेंजमेंट तथा विभिन्न स्टालों की तैयारियों के संबंध में भी विस्तार से चर्चा की गई। सचिव डॉ एस भारतीदासन एवं कलेक्टर डॉ गौरव सिंह से एस पी ग्रामीण श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने राज्योत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पार्किंग जोन में वाहनों की सुचारू आवाजाही तथा कार्यक्रम स्थल पर भीड़ प्रबंधन से संबंधित व्यवस्थाओं के संबंध में  विस्तार से चर्चा की । उन्होंने मुख्य प्रवेश द्वार एवं निकास मार्गों, पार्किंग क्षेत्रों तथा आगंतुकों के सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए आवश्यक पुलिस बल की तैनाती एवं यातायात व्यवस्था के बेहतर समन्वय पर चर्चा की। अधिकारियों ने राज्योत्सव में आने वाले नागरिकों एवं आगंतुकों की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से सुव्यवस्थित करने तथा निर्धारित समय-सीमा में तैयारियां पूर्ण करने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान आयोजन स्थल की समस्त व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा तैयारियों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

बिहार पंचायत चुनाव पर संकट, परिसीमन और नए आरक्षण रोस्टर से बढ़ी देरी

 पटना  बिहार(Bihar News) में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों(Bihar Panchayat Chunav) के समय पर आयोजन पर फिलहाल रोक लग गई है। राज्य सरकार द्वारा पंचायतों और वार्डों की सीमाओं के पुनर्गठन (परिसीमन) और नए प्रशासनिक नियमों के लागू होने के कारण चुनाव प्रक्रिया में देरी हो रही है। इस चुनावी प्रक्रिया के पिछड़ने की मुख्य वजह राज्य में व्यापक स्तर पर चल रहा परिसीमन का काम है। सरकार की योजना के अनुसार, लगभग 7,500 की जनसंख्या के आधार पर एक नई पंचायत का गठन किया जा रहा है। इस बड़े बदलाव से राज्य भर की पंचायतों और उनके वार्डों के ढांचे में महत्वपूर्ण फेरबदल होना तय माना जा रहा है। पंचायत चुनाव नए आरक्षण रोस्टर पर परिसीमन के अलावा, चुनाव से जुड़े प्रशासनिक और कानूनी मापदंडों को पूरा करने में भी समय लग रहा है। इस बार पंचायत चुनाव नए आरक्षण रोस्टर और तीसरे चक्र के पदवार आरक्षण नियमों के तहत आयोजित किए जाने हैं। इसके तहत जिन सीटों पर लगातार दो बार से आरक्षण लागू था, वहां के समीकरण अब बदल जाएंगे। इसके साथ ही, पिछड़े वर्ग के आरक्षण को पारदर्शी बनाने के लिए गठित डेडिकेटेड कमीशन (समर्पित आयोग) की रिपोर्ट और आवश्यक सरकारी मंजूरियां हासिल करने में प्रशासनिक समय लग रहा है। अगले साल होगा पंचायत चुनाव इन सभी तकनीकी औपचारिकताओं, आपत्ति-निवारण और नए रोस्टर की मंजूरी के कारण चुनावी शेड्यूल आगे खिसक गया है। अधिकारियों के मुताबिक, सभी प्रक्रियाओं को पूरा करके चुनाव कराना अब अगले साल (2027) तक संभव हो पाएगा। इस फैसले से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे भावी प्रत्याशियों का इंतजार बढ़ गया है, जबकि जमीनी स्तर पर प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने की तैयारियां चल रही हैं।

उप मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों और युवाओं से किया संवाद

रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने आज राजनांदगांव के पद्म गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम में खिलाड़ियों और युवाओं से संवाद किया। वे जल, जन एवं सेवा संकल्प यात्रा के अभिनंदन और स्वागत कार्यक्रम में भी शामिल हुए।  उप मुख्यमंत्री  साव ने खिलाड़ियों को निरंतर मेहनत, अनुशासन, एकाग्रता और समर्पण के साथ आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव की पहचान खेल नगरी के रूप में है और यहां की खेल प्रतिभाओं ने प्रदेश एवं देश का नाम गौरवान्वित किया है। एक खिलाड़ी की सबसे बड़ी विशेषता एकाग्रता होती है। खिलाड़ी को अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह केंद्रित और अनुशासित रहना चाहिए।  उन्होंने खिलाडिय़ों से कहा कि वे खेल भावना के साथ अपनी प्रतिभा को निखारें और आने वाले समय में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करें। उन्होंने छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की बेटियां विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। कबड्डी में संजू देवी ने एशियन गेम्स-2026 में स्वर्ण पदक जीता है। उन्होंने बताया कि संजू देवी बिलासपुर की बहतराई कबड्डी अकादमी में प्रशिक्षण ले रही हैं। उन्होंने जूनियर महिला हॉकी एशिया कप विजेता टीम की सदस्य छत्तीसगढ़ की बेटियों गीता यादव और मधु सिदार तथा कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतने वाली ज्ञानेश्वरी यादव की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। छत्तीसगढ़ में पहली बार हो रही सरकार द्वारा प्रायोजित हॉकी लीग उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेल और खिलाडिय़ों की तरक्की एवं बेहतरी के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में पहली बार राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित हॉकी लीग का आयोजन किया जा रहा है। यह लीग 21 अक्टूबर से 1 नवम्बर तक आयोजित होगी। लीग के लिए लगभग 400 खिलाडिय़ों ने पंजीयन कराया है, जिनमें से 223 खिलाडिय़ों ने पहले दिन के ट्रायल में हिस्सा लिया है। चयन प्रक्रिया के बाद छह टीमें गठित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि राजनांदगांव की टीम का नाम यहां की पहचान संस्कारधानी के नाम पर रखा गया है। इसी प्रकार विभिन्न क्षेत्रों की सांस्कृतिक एवं स्थानीय पहचान को टीमों के नाम से जोड़ा गया है। हॉकी लीग में छत्तीसगढ़ की स्थानीय संस्कृति एवं पहचान को भी विशेष महत्व दिया गया है।  खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने योजनाबद्ध प्रयास उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलो इंडिया सहित विभिन्न माध्यमों से खेल और खिलाडिय़ों को प्रोत्साहित करने का कार्य किया जा रहा है। विकसित भारत के लक्ष्य में आर्थिक विकास के साथ खेल सहित प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारत को खेलों के क्षेत्र में भी विश्व के अग्रणी देशों में शामिल करने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।  कार्यक्रम में वड़नगर-वाराणसी सेवा संकल्प अभियान यात्रा के तहत राजनांदगांव पहुंचे बाइकर्स का जोरदार स्वागत किया गया। उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि गुजरात के वड़नगर से निकली यह सेवा यात्रा प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की जन्मस्थली से जुड़ी है। उन्होंने यात्रा में शामिल युवाओं का स्वागत करते हुए सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की भावना के साथ आगे बढऩे का आह्वान किया। सांसद  संतोष पाण्डेय ने कार्यक्रम में कहा कि वड़नगर से वाराणसी तक की यह यात्रा सेवा, आस्था और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी है। उन्होंने यात्रा में शामिल सभी सेवा यात्रियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि यात्रा की भारतीय परंपरा में विशेष महत्ता रही है। सेवा और सद्भावना के उद्देश्य से निकली इस यात्रा से समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचता है।  उन्होंने यात्रियों को मां बम्लेश्वरी सहित छत्तीसगढ़ की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया तथा उनकी यात्रा की सफलता की कामना की। उन्होंने युवाओं और खिलाडिय़ों से संवाद करते हुए उनसे अपने अनुभव साझा करने तथा सेवा एवं राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया। महापौर  मधुसूदन यादव ने भी युवाओं और खिलाड़ियों को संबोधित किया। सेवा संकल्प यात्रा के प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद  राजेश शुक्ला, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष  नीलू शर्मा, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष  सचिन बघेल, राजगामी संपदा न्यास की अध्यक्ष मती पूर्णिमा साहू,  कोमल सिंह राजपूत,  सौरभ कोठारी और मती गीता साहू सहित जनप्रतिनिधियों, खिलाड़ियों और युवाओं ने बड़ी संख्या में कार्यक्रम में भागीदारी की।

महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं

भोपाल  एशियन गेम्स 2026 में मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की प्रतिभावान खिलाड़ी नीरू ढांडा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स की महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में नीरू ढांडा ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल में उन्होंने 30 में से 28 सटीक निशाने साधते हुए न केवल स्वर्ण पदक जीता, बल्कि नया एशियन रिकॉर्ड भी कायम किया। 28 सटीक निशानों के साथ एशियन रिकॉर्ड, नीरू ढांडा का ऐतिहासिक स्वर्ण नीरू धांडा ने फाइनल मुकाबले में शानदार एकाग्रता और तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन किया। उनके 28 अंकों के प्रदर्शन ने इससे पहले के 24 अंकों के एशियन रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इस स्वर्णिम प्रदर्शन के साथ नीरू एशियन गेम्स में महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला निशानेबाज बन गईं। नीरू की यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि इसी दिन उन्होंने आशिमा अहलावत और मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की खिलाड़ी मनीषा कीर के साथ महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में भारत को रजत पदक दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 30 सितंबर को मिक्स्ड टीम स्पर्धा में नीरू का अगला मुकाबला एशियन गेम्स में नीरू ढांडा का शानदार सफर अभी जारी है। 30 सितंबर 2026 को नीरू ढांडा और क्यानन चेनाई की भारतीय जोड़ी ट्रैप मिक्स्ड टीम स्पर्धा में चुनौती पेश करेगी। स्पर्धा का क्वालिफिकेशन राउंड सुबह होगा, जबकि फाइनल दोपहर 2:30 बजे निर्धारित है। व्यक्तिगत महिला ट्रैप में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक और टीम स्पर्धा में रजत पदक जीतने के बाद अब नीरू के पास मिक्स्ड टीम स्पर्धा में भी भारत के लिए एक और पदक जीतने का अवसर है। मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की नीरू ढांडा के अगले मुकाबले पर प्रदेश की खेल प्रेमियों की नजरें रहेंगी। मध्यप्रदेश की खेल अकादमी से अंतर्राष्ट्रीय मंच तक नीरू ढांडा का यह प्रदर्शन मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की उच्च स्तरीय प्रशिक्षण व्यवस्था और खिलाड़ियों को उपलब्ध कराई जा रही आधुनिक खेल सुविधाओं की सफलता को भी दर्शाता है। भोपाल स्थित मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी ऑफ एक्सीलेंस में 10 मीटर एवं 25 मीटर पिस्टल/राइफल रेंज, 50 मीटर राइफल रेंज तथा शॉटगन के लिए ट्रैप और स्कीट रेंज जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। अकादमी में खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के साथ आवास, भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी व्यवस्था है। नीरू ढांडा ने मध्यप्रदेश से जुड़कर उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और निरंतर अभ्यास के माध्यम से अपने खेल कौशल को निखारा है। उनके शानदार प्रदर्शन ने एक बार फिर यह साबित किया है कि मध्यप्रदेश की खेल अकादमियां खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इस वर्ष भी जारी है नीरू का शानदार प्रदर्शन नीरू ढांडा का वर्ष 2026 में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन जारी है। इससे पहले उन्होंने इटली के लोनाटो में आयोजित ISSF शॉटगन वर्ल्ड कप में महिला ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर भी इतिहास रचा था। अब एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपनी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया है। मनीषा कीर ने भी दिलाया भारत को रजत मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की प्रतिभावान खिलाड़ी मनीषा कीर ने भी एशियन गेम्स में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में नीरू ढांडा, मनीषा कीर और आशिमा अहलावत की भारतीय टीम ने 328 अंकों के साथ रजत पदक हासिल किया। टीम की ओर से नीरू धांडा ने 118, आशिमा अहलावत ने 106 और मनीषा कीर ने 104 अंक अर्जित किए। भारतीय टीम ने चीन के बाद दूसरा स्थान हासिल करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। मनीषा कीर इससे पहले भी एशियन गेम्स के मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में रजत पदक जीत चुकी हैं। वर्ष 2022 के एशियन गेम्स में उनकी यह उपलब्धि उनके अंतर्राष्ट्रीय स्तर के निरंतर प्रदर्शन को दर्शाती है। मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की प्रतिभाओं ने बढ़ाया गौरव एशियन गेम्स के मंच पर नीरू धांडा और मनीषा कीर का यह प्रदर्शन मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की उच्च स्तरीय प्रशिक्षण व्यवस्था की सफलता को भी रेखांकित करता है। भोपाल स्थित अकादमी में खिलाड़ियों को आधुनिक शूटिंग सुविधाओं के साथ उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और आवश्यक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। अकादमी में शॉटगन के लिए 5 ट्रैप और 8 स्कीट शूटिंग स्टेशन सहित आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। खिलाड़ियों के लिए आवास एवं भोजन की व्यवस्था के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के अनुरूप प्रशिक्षण वातावरण भी उपलब्ध कराया जाता है। मनीषा कीर और नीरू धांडा दोनों ही अकादमी के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं।  खेल मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने नीरू ढांडा और मनीषा कीर को एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।  सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश की खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और अनुशासन के बल पर अंतर्राष्ट्रीय खेल मंच पर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। नीरू धांडा का ऐतिहासिक स्वर्ण और मनीषा कीर का टीम स्पर्धा में रजत पदक प्रदेश की बेटियों की खेल प्रतिभा का शानदार उदाहरण है। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी इसी तरह राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश और देश का नाम रोशन करते रहें। एशियन गेम्स में मध्यप्रदेश का गौरव एशियन गेम्स-2026 में मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की नीरू ढांडा और मनीषा कीर की यह उपलब्धि प्रदेश की खेल प्रतिभाओं के लिए गौरव का विषय है। दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने न केवल भारतीय निशानेबाजी को मजबूती दी है, बल्कि मध्यप्रदेश की खेल अकादमियों की प्रतिभा को भी एशिया के सबसे बड़े खेल मंच पर नई पहचान दिलाई है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश की ओर से नीरू धांडा और मनीषा कीर को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं।