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भीषण गर्मी में बड़ी राहत: नहरों के पानी से 4755 सूखे तालाब हुए लबालब

नहरों से सूखते तालाबों में जलभराव:भीषण गर्मी से बड़ी राहत, 4755 तालाब हुए लबालब मुख्यमंत्री श्साय की मंशा के अनुरूप सूखते तालाबों को*जीवनदान देने जल संसाधन विभाग का विशेष अभियान  रायपुर वर्तमान में भीषण गर्मी के दौरान तालाबों में पानी की कमी से जूझ रहे लोगों को राहत पहुंचाने के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश में सूख रहे 4 हजार 755 तालाबों को अब तक विभाग द्वारा त्वरित पहल करते हुए नहरों के माध्यम से भरा जा चुका है और जरूरत के मुताबिक शेष तालाबों में भी पानी भरने का कार्य तेजी से जारी है।     उल्लेखनीय है कि वर्तमान में भीषण गर्मी नेे पूरे देश को अपने चपेट में ले रखा है, इससे छत्तीसगढ़ भी अछूता नहीं है। इससे जल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है और ग्रामीण क्षेत्र में पानी का प्रमुख स्त्रोत तालाब भी जलविहीन हो रहे हैं। ऐसे हालात में लोगों को राहत पहुंचाने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप जल संसाधन विभाग द्वारा राज्य में सूख रहे तालाबों में जल भराव का कार्य तेजी से चलाया जा रहा है।     जल संसाधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इनमें सर्वाधिक रायपुर जिला के अंतर्गत निस्तारी हेतु प्रस्तावित कुल 783 तालाबों में से अब तक 663 तालाबों में जल भराव हेतु नहर से पानी दिया जा चुका है। इसी तरह बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के 586 तालाबों में से 504 तालाबों, धमतरी जिले के 508 तालाबों में से 329 तालाबों में पानी भरा जा चुका है। इस तरह प्रदेश के अमूमन सभी जिलों के तालाबों में पानी भराव का कार्य किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में लोगों के निस्तारी आदि की समस्या का तत्काल समाधान हो सके।     उल्लेखनीय है कि जल संसाधन विभाग द्वारा विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं के तहत नहरों के माध्यम से पानी को तालाबों तक पहुंचाने के लिए यह योजना जल संरक्षण  और वाटर रिचार्ज की दिशा में एक दूरदर्शी और प्रभावी कदम साबित हो रही है। यह पहल केेवल सरकारी योजना नहीं बल्कि जल संरक्षण की सामूहिक सोच को मजबूत करती है। जब गांवों के तालाब भरते हैं और लोगों को उनका प्रत्यक्ष लाभ मिलता है, तब समाज में जल बचाने और जल-स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है।     जल संसाधन विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ में जल दोहन सहित अन्य कारणों से सूखते तालाबों के लिए नहरों से पानी का पहुंचाया जाना अत्यंत लाभकारी साबित हो रहा है। इसके माध्यम से तालाबों के भू-जल स्तर में वृद्धि अहम साबित होगी। नहरों से तालाबों में छोड़ा गया पानी धीरे-धीरे जमीन में रिसता है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में भूूूू-जल का पुर्नभरण होता है। इससे कुएं, हैण्डपम्प लम्बे समय तक जलयुक्त बने रहते हैं। इस तरह तालाबों के भरने से जहां ग्रामीणों को गर्मी के मौसम में पानी के कमी से राहत मिल रही है, वहीं आसपास के क्षेत्रों में भू-जल स्तर बढ़ाने में भी मदद मिल रही है।

वाहन फिटनेस सिस्टम में बड़ा बदलाव: अब बढ़ेंगे ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन

लखनऊ प्रदेश के सभी जिलों में आटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) की संख्या का बैरियर खत्म होगा। अभी तक एक जिले में अधिकतम तीन एटीएस खोलने का नियम रहा है और एक आवेदक पूरे राज्य में अधिकतम तीन एटीएस ही संचालित कर सकता था। यह मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) परिवहन विभाग ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के निर्देशों की अनदेखी करके तैयार किया था। तीन साल बाद अब केंद्रीय मंत्रालय के नियमों को अपनाने के लिए एसओपी में संशोधन होने जा रहा है। परिवहन विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। तो इस वजह से हो रहा नियमों में बदलाव नियमों में बदलाव करने की नौबत इसलिए आई क्योंकि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने पांच जनवरी को प्रदेशभर में वाहनों की मैनुअल फिटनेस जांच पूरी तरह बंद करने का आदेश दिया था। उस सयम फिटनेस के लिए आवेदन करने वालों को एटीएस से लगभग 100 किलोमीटर क्षेत्र को जोड़ा गया था, उस समय व्यावसायिक वाहनों को नजदीकी 13 निजी एटीएस आवंटित हुए थे। लखनऊ के बख्शी का तालाब स्थित एकेआरएस एटीएस प्राइवेट लिमिटेड केंद्र पर लखनऊ के वाहनों के साथ इस केंद्र को रायबरेली, उन्नाव, बाराबंकी, हरदोई व सीतापुर जिलों के व्यावसायिक वाहन भी आवंटित किए गए थे। आदेश से व्यावसायिक वाहन चालक व स्वामी परेशान थे, क्योंकि उन्हें लंबी दौड़ लगानी पड़ रही थी। केंद्रीय मंत्रालय के सचिव यतेंद्र कुमार ने 27 अप्रैल को जिलों को सशर्त मैनुअल फिटनेस जांच कराने का आदेश दिया। निर्देश है कि जिन जिलों में एटीएस जल्द तैयार हो रहे वहां उसी अवधि तक मैनुअल जांच होगी। यह समय सीमा अलग-अलग जिलों में 31 दिसंबर तक बढ़ाई गई है। इसी बीच परिवहन विभाग ने यूपी में खुलने वाले एटीएस की एसओपी का नए सिरे से परीक्षण किया। इसमें सामने आया कि एसओपी में केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम 1989 के नियम 175 के तहत देशभर में खोले जा रहे एटीएस से इतर यूपी में 2023 में नियम बनाए गए और 23 अगस्त 2023 से आवेदन मांगे गए थे। वहीं, केंद्र सरकार की नियमावली में जिलों में खुलने वाले एटीएस की संख्या ही निर्धारित नहीं की गई है। माना गया कि प्रदेश में एक जिले में अधिकतम तीन एटीएस की संख्या का बैरियर लगाने से एटीएस अपेक्षा के अनुरूप नहीं बन रहे और वाहन स्वामियों को दौड़ लगानी पड़ रही है। इतना ही नहीं एटीएस के लिए यूपी में दो एकड़ भूमि होने का नियम बना जबकि केंद्र सरकार इससे कम एरिया में एटीएस बनवा रही है। यूपी में कड़े नियम होने की वजह से 25 जिलों में एटीएस निर्माण के लिए एक भी आवेदन नहीं हो सका। अपर परिवहन आयुक्त प्रवर्तन संजय सिंह ने बताया, परिवहन विभाग ने एटीएस निर्माण के लिए अब केंद्र सरकार की नियमावली को अपनाएगी। संशोधित प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है।

HBSE 12वीं परिणाम जारी, पास प्रतिशत 84.67% रहा

 चंडीगढ़ हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) ने आज 12वीं कक्षा के वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस वर्ष बोर्ड का कुल पास प्रतिशत 84.67% रहा है। नतीजों की घोषणा के साथ ही प्रदेश के लाखों छात्रों का इंतजार खत्म हो गया है। एक बार फिर हरियाणा की बेटियों ने अपनी बुद्धिमत्ता का लोहा मनवाते हुए लड़कों को पीछे छोड़ दिया है। लड़कियों का दबदबा बरकरार इस साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो छात्राओं का प्रदर्शन शानदार रहा है। जहां छात्राओं का पास प्रतिशत 87.97% रहा, वहीं 81.45% छात्र ही परीक्षा में सफल हो पाए हैं। यह आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि शिक्षा के क्षेत्र में बेटियां निरंतर प्रगति कर रही हैं और लड़कों से लगभग 6.52% आगे रही हैं। परीक्षा में शामिल हुए 5.66 लाख से अधिक छात्र हरियाणा बोर्ड द्वारा आयोजित इस परीक्षा में प्रदेशभर के 1431 केंद्रों पर लगभग 5,66,411 परीक्षार्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। परीक्षा का आयोजन फरवरी के अंत से लेकर 1 अप्रैल 2026 तक किया गया था। बोर्ड ने पारदर्शी और निष्पक्ष मूल्यांकन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए कड़े प्रबंध किए थे, जिसका परिणाम आज सबके सामने है। कैसे चेक करें अपना रिजल्ट छात्र अपना परिणाम देखने के लिए नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं: वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट bseh.org.in पर क्लिक करें। लिंक खोजें: होमपेज पर "HBSE 12th Result 2026" के लिंक पर क्लिक करें। डिटेल्स भरें: अपना रोल नंबर और कैप्चा कोड दर्ज करें। परिणाम देखें: 'सबमिट' बटन दबाते ही आपका स्कोरकार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा। डाउनलोड करें: भविष्य के लिए अपनी मार्कशीट का प्रिंटआउट या पीडीएफ जरूर सुरक्षित रखें। पासिंग मार्क्स और कंपार्टमेंट परीक्षा के नियम हरियाणा बोर्ड में सफल होने के लिए प्रत्येक छात्र को हर विषय में कम से कम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। इसमें थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों के अंक शामिल होंगे। कंपार्टमेंट परीक्षा: यदि कोई छात्र एक या दो विषयों में 33 प्रतिशत से कम अंक लाता है, तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है। बोर्ड उन छात्रों के लिए 'कंपार्टमेंट परीक्षा' आयोजित करेगा ताकि वे अपना साल बचा सकें। पुनर्मूल्यांकन : यदि कोई छात्र अपने प्राप्त अंकों से संतुष्ट नहीं है, तो वह परिणाम जारी होने के बाद स्क्रूटनी या पुनर्मूल्यांकन के लिए भी आवेदन कर सकेगा। रिजल्ट के बाद क्या? बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जो छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, वे जल्द ही पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा, जिन छात्रों की एक या दो विषयों में कंपार्टमेंट आई है, उनके लिए कंपार्टमेंट परीक्षा का आयोजन भी जल्द किया जाएगा ताकि उनका साल खराब न हो।  

धनबाद-निरसा में खुला नशे का कारोबार, स्कूल-कॉलेज के छात्र भी निशाने पर

रांची झारखंड के कई जिलों में नशे का कारोबार तेजी से युवाओं को अपनी गिरफ्त में लेता जा रहा है। जिन हाथों में किताबें और कलम होनी चाहिए, उन हाथों में अब नशे का सामान दिखाई देने लगा है। कोयलांचल धनबाद जिले के निरसा क्षेत्र से सामने आई तस्वीरों ने पूरे समाज और प्रशासन को चिंता में डाल दिया है। गुप्त कैमरे में कैद वीडियो और तस्वीरों में खुलेआम ब्राउन शुगर की पुड़िया तैयार करते हुए लोगों को देखा गया है। निरसा क्षेत्र में तेजी से फैल रहा नशे का कारोबार बताया जा रहा है कि निरसा अनुमंडल के कई ओपी और थाना क्षेत्रों में इन दिनों ब्राउन शुगर का कारोबार तेजी से फैल रहा है। गली-मोहल्लों से लेकर सुनसान ठिकानों तक युवाओं को धीरे-धीरे नशे की दलदल में धकेला जा रहा है। छोटे-छोटे पैकेट बनाकर यह ज़हर युवाओं तक पहुंचाया जा रहा है। कुछ पैसों के लालच में नशे के सौदागर पूरी युवा पीढ़ी के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। स्कूल-कॉलेज के छात्र भी आ रहे चपेट में सबसे चिंताजनक बात यह है कि स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। अभिभावक जहां अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का सपना देख रहे हैं, वहीं नशे का यह कारोबार उन सपनों को अंदर ही अंदर खोखला कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में पूरा इलाका नशे की गिरफ्त में जा सकता है। राजधानी रांची में भी फैल रहा नेटवर्क राजधानी रांची में भी कई गली-मोहल्लों और शिक्षण संस्थानों के आसपास चोरी-छिपे इस तरह के कारोबार की चर्चा आम है। आरोप है कि कुछ चाय-पान की दुकानों और मोबाइल एप के माध्यम से भी नशे का सामान युवाओं तक पहुंचाया जा रहा है। पुलिस चला रही अभियान, फिर भी बरकरार है खतरा वहीं, रांची पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि ब्राउन शुगर के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मी स्कूल-कॉलेजों के आसपास निगरानी रख रहे हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर कार्रवाई की जा रही है। हालांकि सवाल अब भी बना हुआ है कि आखिर नशे का यह नेटवर्क लगातार कैसे फैलता जा रहा है।  

पीपीपी मॉडल से बदलेगा बिहार का खेल ढांचा, खिलाड़ियों को मिलेंगे नए अवसर

पटना बिहार सरकार के खेल विभाग में सोमवार को नई जिम्मेदारी संभालने के बाद श्रेयसी सिंह ने राज्य में खेल संस्कृति को मजबूत बनाने और जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को आगे लाने पर विशेष जोर दिया है। विकास भवन, नया सचिवालय स्थित विभागीय कार्यालय में आयोजित बैठक में उन्होंने खेल नीति, खेल अवसंरचना और खिलाड़ियों के विकास को लेकर अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में खेल विभाग के अपर मुख्य सचिव बी. राजेंदर और बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवींद्रन शंकरन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने श्रेयसी सिंह का स्वागत किया और विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान श्रेयसी सिंह ने राज्य में संचालित एकलव्य केंद्रों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बिहार की खेल नीति राज्य में खेलों के समग्र विकास की आधारशिला है और इसके प्रभावी क्रियान्वयन से खेल संस्कृति को नई दिशा मिलेगी। जमीनी स्तर पर खिलाड़ी तैयार करना विभाग की प्राथमिकता मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि बिहार के खिलाड़ियों को जमीनी स्तर से तैयार करना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए प्रत्येक जिले में 'डिस्ट्रिक्ट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में खेल अवसंरचना विकसित करने की आवश्यकता है, ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं मिल सकें। हर जिले में मजबूत होगी खेल संरचना श्रेयसी सिंह ने कहा कि यदि बिहार को खेल हब के रूप में विकसित करना है, तो जिला स्तर पर मजबूत खेल संरचना तैयार करनी होगी। उन्होंने विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए उन मुद्दों की भी जानकारी ली, जो उनके कार्यभार से दूर रहने के दौरान सामने आए थे। पीपीपी मोड के जरिए खिलाड़ियों को मुहैया कराएंगे बेहतर संसाधन उन्होंने खेलों के विकास में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल को भी जरूरी बताया। उनके अनुसार, राज्य में खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने और खिलाड़ियों को आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए विस्तृत गाइडलाइन तैयार की जाएगी, ताकि पीपीपी मॉडल को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके।  

गोपालगंज केस में जदयू विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें बढ़ीं, बैलेस्टिक जांच के आदेश

गोपालगंज जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। गोपालगंज जिले में एक कार्यक्रम के दौरान अश्लील नृत्य और खुलेआम हथियारों के प्रदर्शन के मामले में अदालत से उन्हें राहत नहीं मिली है। कुछ ही दिनों पहले इस मामले में केस दर्ज कराया गया था। गोपालगंज के एडीजे-1 संजीव कुमार सिंह की अदालत ने जदयू विधायक अनंत सिंह की अग्रिम जमानत तथा गिरफ्तारी पर रोक से संबंधित याचिका पर सुनवाई से इंकार करते हुए मामले को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गीता गुप्ता की अदालत में सुनवाई के लिए भेज दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 15 मई को होगी। ​बचाव पक्ष की ओर से कुमार हर्षवर्धन तथा राजेश कुमार पाठक ने अदालत में पक्ष रखते हुए इसे राजनीतिक साजिश और एडिटेड वीडियो बताया। वहीं पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। पुलिस वीडियो को विधि विज्ञान प्रयोगशाला जांच तथा हथियारों को बैलेस्टिक परीक्षण के लिए भेज रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बताया जाता है कि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गीता गुप्ता की अनुपस्थिति में जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम संजीव कुमार सिंह की अदालत में मामले की सुनवाई चल रही थी। प्रारंभिक सुनवाई के दौरान मामले को एमपी-एमएलए कोर्ट में स्थानांतरित करने की चर्चा हुई, लेकिन बाद में अदालत ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई के लिए 15 मई की तिथि निर्धारित कर दी। बता दें कि यह पूरा मामला मीरगंज के सेमरांव गांव में आयोजित एक कार्यक्रम से जुड़ा है, जहां का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में कथित तौर पर अश्लील नृत्य और खुलेआम प्रतिबंधित हथियारों का प्रदर्शन किया गया था। इस मामले में विधायक अनंत सिंह तथा कलाकार गुंजन सिंह समेत 9 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। अनंत सिंह 2 और 3 मई को सेमराव गांव गुड्डू राय के घर पर आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम के कुछ वीडियो वायरल हुए थे। एक वीडियो को लेकर यह कहा जा रहा था कि उपनयन कार्यक्रम में अश्लील डांस करवाया गया है। इस वीडियो में अनंत सिंह भी बैठे नजर आ रहे थे। कहा जा रहा था कि इस दौरान जमकर पैसे भी लुटाए गए थे। इसी तरह के एक अन्य वीडियो को लेकर यह कहा जा रहा था कि मोकामा विधायक के समर्थक खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन कर रहे हैं।  

नकली आधार-पैन और पासपोर्ट से विदेश यात्रा, ATS ने किया खुलासा

 बलिया उत्तर प्रदेश के बलिया में स्थानीय अदालत ने बांग्लादेश के रोहिंग्या समुदाय के एक व्यक्ति को दोषी करार देते हुए तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। दरअसल, कोर्ट ने फर्जी भारतीय दस्तावेज और पासपोर्ट के जरिए भारत में अवैध रूप से रहने, विदेश यात्रा करने और जमीन की रजिस्ट्री कराने के मामले में ये सजा सुनाई है। मामले में आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) की वाराणसी यूनिट ने 14 मार्च 2023 को कार्रवाई करते हुए बांग्लादेश के कॉक्स बाजार स्थित रोहिंग्या कैंप निवासी अब्दुल अमीन पुत्र अब्दुल कलाम और म्यांमार के मंडू अराकान निवासी मोहम्मद अरमान उर्फ अबू तल्हा को बलिया शहर के गड़वार मोड़ के पास से गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान आरोपियों के पास से भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, विदेशी सिम कार्ड, विदेशी मुद्रा और सिक्के बरामद किए गए थे। जांच में सामने आया कि अब्दुल अमीन ने स्थानीय लोगों की मदद से फर्जी तरीके से भारतीय दस्तावेज तैयार कराए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उसने पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के पंडुआ क्षेत्र में जमीन की रजिस्ट्री कराई और फर्जी पासपोर्ट बनवाकर दो बार बहरीन तथा दो बार सऊदी अरब की यात्रा भी की। इस मामले में एटीएस निरीक्षक भारत भूषण तिवारी की तहरीर पर शहर कोतवाली में भारतीय दंड संहिता और विदेशी अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के अनुसार, अपर जिला जज राम कृपाल की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अब्दुल अमीन को विदेशी अधिनियम समेत अन्य धाराओं में दोषी मानते हुए तीन साल की सजा और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। इटावा में बांग्लादेशई किशोरी का मेडिकल उधर, इटावा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के नगला उदई के पास संदिग्ध हालत में मिली बांग्लादेश निवासी किशोरी का सोमवार को पुलिस ने मेडिकल परीक्षण कराया। अब उसकी उम्र का निर्धारण होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार यदि किशोरी नाबालिग पाई जाती है तो उसे जुवेनाइल कोर्ट के आदेश पर बालिका बाल सुधार गृह भेजा जाएगा, जबकि बालिग होने पर अवैध रूप से सीमा पार करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। प्रभारी निरीक्षक केके मिश्रा ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में किशोरी ने खुद को बांग्लादेश का निवासी बताया है। उसने बताया कि वह काम के सिलसिले में दो महिलाओं के साथ दिल्ली आई थी और वहां से बागपत जाने के लिए निकली थी, लेकिन रास्ता भटककर दूसरी ट्रेन में बैठ गई और इटावा पहुंच गई। नगला उदई क्षेत्र में घूमते देख स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस को किशोरी के पास से केवल ट्रेन टिकट मिला है, कोई पहचान पत्र या अन्य दस्तावेज नहीं मिले। भाषा समझने में दिक्कत होने पर ट्रांसलेटर और एआई चैट की मदद से पूछताछ की गई। किशोरी ने बताया कि उसके परिवार में मां, दादी, एक बहन और तीन भाई हैं, जबकि पिता की मौत हो चुकी है। पुलिस अब मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद कोर्ट में पेश कर आगे की कार्रवाई करेगी।

फर्जी कंपनियों से सरकारी पैसा हड़पने का आरोप, जांच में बड़ा खुलासा

चंडीगढ़  हरियाणा के चर्चित 590 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में अब पांच वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों पर शिकंजा कसता जा रहा है। सीबीआई ने इस मामले की जाँच को आगे बढ़ाते हुए इन अधिकारियों से पूछताछ करने के लिए राज्य सरकार से अनुमति मांगी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सीबीआई की पूछताछ की मांग पर अपनी सहमति दे दी है। इसके बाद संबंधित फाइल को अंतिम स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री की औपचारिक स्वीकृति मिलते ही सीबीआई आरोपित आईएएस अधिकारियों से पूछताछ की प्रक्रिया शुरू कर देगी। फर्जी कंपनियों के जरिए गबन का आरोप जाँच में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि सरकारी पैसे को खुर्द-बुर्द करने के लिए बड़े स्तर पर धोखाधड़ी की गई। आरोप है कि अधिकारियों ने अपने ड्राइवर, निजी सचिव  और अशिक्षित महिलाओं के नाम पर फर्जी कंपनियां तैयार की थीं। इन फर्जी कंपनियों के माध्यम से सरकारी धन को अवैध रूप से निकाला और उपयोग किया गया। 'कैपको फिनटेक' नामक एक फर्जी कंपनी के खातों में ही अकेले 471 करोड़ रुपये डाले गए थे। सुरजेवाला करेंगे मीडिया से बात इस बड़े घोटाले को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद रणदीप सुरजेवाला इस पूरे मामले और जाँच की प्रगति को लेकर मीडिया से बातचीत करेंगे और अपना पक्ष रखेंगे।  

नायब सरकार की नई औद्योगिक नीति 2026 जल्द होगी लागू, 10-15 दिन में कैबिनेट बैठक संभव

चंडीगढ़ हरियाणा में औद्योगिक निवेश बढ़ाने पर जोर दे रही नायब सरकार जून में एक निवेशक सम्मेलन करने जा रही है, जिसमें देश के साथ-साथ बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा। इसका मकसद गुरुग्राम में बनाई जा रही ग्लोबल सिटी में निवेश कराना है। इस आयोजन से पहले हरियाणा की नई औद्योगिक नीति (2026) की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। इसके लिए 10 से 15 दिन के अंदर कैबिनेट की बैठक होगी, जिसके बाद नई नीति को लागू कर दिया जाएगा। नई औद्योगिक नीति का ड्राप्ट तैयार होने के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दिल्ली में दो दिन तक अलग-अलग सेक्टर के उद्यमियों से चर्चा की थी। चर्चा के बाद तार्किक सुझावों को नई औद्योगिक नीति में जोड़ दिया गया है। राज्य में हुए शहरी निकाय चुनाव की मतगणना होने के बाद किसी भी दिन कैबिनेट बैठक के लिए कार्यक्रम घोषित किया जा सकता है। हरियाणा के उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि 10 से 15 दिनों के अंदर लागू होने वाली औद्योगिक नीति को ही केंद्र बनाकर निवेशक सम्मेलन में उद्यमियों से चर्चा की जानी है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम के सेक्टर 36 व 37 में बन रही विश्वस्तरीय ग्लोबल सिटी को विकसित करने का प्रथम चरण पूरा किया जा चुका है। दूसरे चरण का भी कार्य आरंभ कर दिया गया है। ग्लोबल सिटी में ही अपने संयंत्र लगाने के लिए उद्यमियों को प्रेरित किया जाएगा। उद्यमियों को बताया जाएगा कि हरियाणा सरकार अपनी औद्योगिक नीति के तहत विभिन्न प्रकार के लाभ देने जा रही है। राव नरबीर के अनुसार ग्लोबल सिटी में औद्योगिक निवेश होने से हजारों युवाओं को विभिन्न सेक्टरों में रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे। निवेशक सम्मेलन की तिथि और जगह अभी तय की जानी बाकी है।  

बिलासपुर की शिविका पांडेय बनीं राज्य स्तरीय स्केटिंग चौंपियन, चोट के बावजूद जीता गोल्ड

बिलासपुर की शिविका पांडेय बनीं राज्य स्तरीय स्केटिंग चौंपियन, चोट के बावजूद जीता गोल्ड रायपुर रायपुर के सरोना स्थित निजी पब्लिक स्कूल के स्केटिंग ग्राउंड में 9 एवं 10 मई 2026 को प्रथम छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय रोलर स्पोर्ट्स रैंकिंग चौंपियनशिप का सफल आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में बिलासपुर की होनहार खिलाड़ी शिविका पांडेय ने अपनी प्रतिभा और अदम्य साहस का लोहा मनवाते हुए राज्य स्तरीय चौंपियन का खिताब अपने नाम किया। चोट को मात देकर हासिल किया स्वर्ण          शिविका ने 10 से 12 वर्ष आयु वर्ग के ट्वॉय इनलाइन स्केट स्पर्धा में हिस्सा लिया। 9 मई को आयोजित 400 मीटर रेस के दौरान वे गंभीर रूप से चोटिल हो गई थीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और घायल अवस्था में ही रेस पूरी कर कांस्य पदक जीता। अगले ही दिन, उसी चोट और दर्द के बावजूद, शिविका ने 200 मीटर रेस में असाधारण प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया और अपने आयु वर्ग की ओवरऑल चौंपियन बनीं। परिचय और परिवार         शिविका पांडेय बिलासपुर के बिरला ओपन माइंड्स इंटरनेशनल स्कूल की छठवीं कक्षा की छात्रा हैं और रॉयल स्केटिंग क्लब, बिलासपुर में नियमित प्रशिक्षण प्राप्त करती हैं। उनकी इस सफलता पर उनके परिवार में हर्ष का माहौल है। शिविका के माता-पिता चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। डॉ. श्वेता पांडेय आयुर्वेद चिकित्साधिकारी हैं और डॉ. विद्या भूषण पांडेय (विभागाध्यक्ष – बालरोग विभाग), शासकीय आयुर्वेद चिकित्सालय महाविद्यालय, बिलासपुर में पदस्थ हैं। उल्लेखनीय है कि शिविका स्वयं स्वर्ण प्राशित (आयुर्वेदिक इम्युनिटी बूस्टर प्राप्त) हैं। उनके पिता डॉ. विद्या भूषण पांडेय नियमित रूप से स्वर्ण प्राशन शिविरों का आयोजन कर बच्चों के स्वास्थ्य संवर्धन के क्षेत्र में सक्रिय हैं।