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मेरिट लिस्ट ने उड़ाए होश: हरियाणा में EWS का कटऑफ जनरल से काफी ऊपर.

चंडीगढ़. हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) ने पुलिस कॉन्स्टेबल के 5500 पदों के लिए चल रही भर्ती परीक्षा की कटऑफ लिस्ट जारी कर दी है। विशेष बात यह कि अनारक्षित वर्ग से आरक्षित वर्गों में कटऑफ ज्यादा है। पंचकूला में 20 अप्रैल से शुरू हो रहे शारीरिक माप परीक्षण (पीएमटी) के लिए आयोग ने शुक्रवार को प्रवेश पत्र जारी कर दिए, जिन्हें अधिकृत वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। निर्धारित पदों की तुलना में 15 गुणा अभ्यर्थियों को शार्टलिस्ट किया गया है। सामान्य ड्यूटी के पदों के लिए सबसे कम कटऑफ 52.17 अनारक्षित वर्ग में रहा, जबकि ईडब्ल्यूएस कोटे में यह सबसे ज्यादा 71.93 रहा। इसी तरह रेलवे पुलिस के पदों के लिए वंचित अनुसूचित वर्ग में कटऑफ 72.97 रहा है, जबकि अनारक्षित श्रेणी का कटऑफ 75.04 और ईडब्ल्यूएस में 81.31 रहा। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने इंटरनेट मीडिया पर पीएमटी के लिए लिंक जारी करते हुए कहा कि इसके माध्यम से युवा अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। साथ ही पीएमटी के लिए साइट प्लान साझा करते हुए आह्वान किया कि स्टेडियम में आने से पहले इसे ध्यानपूर्वक देखें और एंट्री गेट, बायोमेट्रिक प्वाइंट, पीएमटी हाल और एक्जिट रूट की पूरी जानकारी प्राप्त करें। साइट प्लान के अनुसार प्रवेश एवं बाहर निकलने के लिए लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं। बायोमेट्रिक के लिए विशेष काउंटर बनाए गए हैं। बैग रखने सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। जिन अभ्यर्थियों का सीईटी के दौरान बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं हुआ था, उनका बायोमेट्रिक सत्यापन गेट नंबर तीन पर किया जाएगा। यह रहा कटऑफ पुलिस कॉन्स्टेबल सामान्य ड्यूटी अनारक्षित – 52.17 ईडब्ल्यूएस – 71.93 बीसी-ए – 65.06 बीसी-बी – 69.90 ओएससी – 64.04 डीएससी – 57.85 रेलवे पुलिस कटऑफ अनारक्षित – 75.04 ईडब्ल्यूएस- 81.31 बीसी-ए- 78.23 बीसी-बी- 80.32 ओएससी – 76.08 डीएससी – 72.97

हाईकोर्ट का अहम निर्णय: हिरासत में लेना ही माना जाएगा गिरफ्तारी

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े एक अहम फैसले में स्पष्ट कर दिया है कि किसी व्यक्ति को जैसे ही पुलिस या जांच एजेंसी उसके जाने की आजादी से रोक देती है, उसी क्षण से उसे गिरफ्तार माना जाएगा। अदालत ने कहा कि मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने की 24 घंटे की संवैधानिक समय सीमा भी उसी पल से शुरू होती है, न कि उस समय से जब कागजों में गिरफ्तारी दर्ज की जाती है। यह मामला अमृतसर में ट्रामाडोल टैबलेट की बरामदगी से जुड़ी जांच से सामने आया। याचिकाकर्ता को 31 अक्टूबर 2025 की रात देहरादून से करीब 11 बजे नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने अपने साथ रखा। हालांकि, उसकी औपचारिक गिरफ्तारी 1 नवंबर की रात 9 बजे दिखाई गई और अगले दिन दोपहर करीब 2 बजे उसे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। जस्टिस सुमित गोयल ने एनसीबी द्वारा हिरासत में रखे गए याची की रिहाई का आदेश दिया है। अदालत ने पाया कि संबंधित व्यक्ति को न्यायिक अनुमति के बिना 24 घंटे से अधिक समय तक हिरासत में रखा गया, जो संविधान के प्रविधानों का उल्लंघन है। अदालत ने उस प्रचलित व्यवस्था को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें एजेंसियां पूछताछ के लिए हिरासत या जांच के लिए रोककर रखना जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर औपचारिक गिरफ्तारी को टालती हैं। गिरफ्तारी एक तथ्यात्मक स्थिति है, जिसे शब्दों के सहारे बदला नहीं जा सकता। यदि किसी व्यक्ति की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है और वह अपनी इच्छा से कहीं जा नहीं सकता, तो वह गिरफ्तारी ही मानी जाएगी। अदालत ने यह भी कहा कि गिरफ्तारी मेमो या पुलिस रिकार्ड में दर्ज समय अंतिम सत्य नहीं हो सकता। न्यायालय ने कहा कि यह केवल एक औपचारिक प्रक्रिया है, जिसे वास्तविक गिरफ्तारी के समय का निर्णायक आधार नहीं माना जा सकता। साथ ही अदालत ने मजिस्ट्रेटों को भी सचेत किया कि वे केवल दस्तावेजों पर निर्भर न रहें, बल्कि वास्तविक परिस्थितियों को देखते हुए यह तय करें कि गिरफ्तारी कब हुई। अदालत ने यह भी माना कि गिरफ्तारी के सही समय का निर्धारण किसी तय फार्मूले से नहीं किया जा सकता। इसके लिए प्रत्येक मामले की परिस्थितियों को देखना होगा जैसे व्यक्ति को रातभर थाने में रखा गया या नहीं, क्या उसे बाहर जाने की अनुमति थी, क्या वह स्वजन या मित्रों से मिल सकता था और क्या वह अपनी मर्जी से वहां से जा सकता था या नहीं।

स्कूलों की मनमानी पर लगाम: निजी संस्थानों की जांच करेगा पांच सदस्यीय पैनल

दुर्ग. जिले में संचालित निजी स्कूलों द्वारा मनमानी किए जाने का आरोप लगा है। जिला शिक्षा विभाग को विभिन्न माध्यमों से इसकी शिकायत प्राप्त हुई है। इसे संज्ञान में लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा ने पांच सदस्यीय जांच दल का गठन किया है। आरोप में कहा गया है कि कई निजी स्कूलों द्वारा गणवेश में परिवर्तन, पाठ्य पुस्तक को एक ही दुकान से क्रय करने बाध्य करना, पाठ्य पुस्तक बदलना सहित मनमाने ढंग से फीस वृद्धि की गई है। इसे लेकर विभिन्न माध्यमों से प्राप्त निजी स्कूलों संबंधी शिकायतों पर जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग द्वारा कार्यवाही करते हुए सर्व नोडल प्राचार्यों, शासकीय हाईस्कूल / हायर सेकेण्डरी जिला दुर्ग को 7 अप्रैल 2026 को सभी अशासकीय विद्यालयों से प्रतिवेदन मांगा गया। प्रतिवेदन प्राप्त होने उपरांत शिकायतों का निराकरण करने समिति का गठन किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा गठित पांच सदस्यीय जांच दल में जे. पी. पाण्डेय, प्राचार्य, सेजेस पाहुंदा पाटन, राजेन्द्र चन्द्राकर, व्याख्याता, सेजेस बोरसी दुर्ग, सुनील कश्यप, व्याख्याता, शा.उ.मा.वि. कन्या भिलाई 03 पाटन, संदेश पाण्डेय, व्याख्याता, सेजेस मर्रा पाटन, सुमीत नायडु, सहायक ग्रेड 02, शा.क.उ.मा.वि. वैशालीनगर, भिलाई शामिल है। सर्व पालक निजी विद्यालय अपना साक्ष्य सहित बयान दर्ज कराने हेतु कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, दुर्ग में जांच समिति के 20 अप्रैल तक उपस्थित होने कहा गया है। इसके अलावा प्रदेश अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ बजरंग दल व जिला अध्यक्ष, भीम आर्मी भारत एकता मिशन छग को अपना पक्ष जांच समिति के समक्ष साक्ष्य सहित प्रस्तुत करने कहा गया है। इन्हें डीईओ कार्यालय में जांच समिति के समक्ष 18 अप्रैल को प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक उपस्थित होने कहा गया है।

सिंगरौली: बैंक में 15 करोड़ की डकैती, आरोपियों की तस्वीरें सामने आईं, DGP ने लिया हालात का जायजा

सिंगरौली  सिंगरौली में दिनदहाड़े बैंक डकैती की बड़ी वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बैढ़न स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में हथियारों से लैश पांच बदमाश घुसे, फायरिंग की और करीब 15 करोड़ का सोना और 20 लाख रुपए कैश लेकर फरार हो गए। वारदात के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर डीजीपी खुद सिंगरौली पहुंचे और मामले की जांच की। बैंक मैनेजर को पीटा और फायरिंग से फैलाई दहशत  जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे पांच हथियारबंद बदमाशों ने फिल्मी अंदाज में बैंक में घुसकर डकैती को अंजाम दिया। बदमाशों ने बैंक में घुसते ही कर्मचारियों और ग्राहकों पर बंदूक तान दी। विरोध करने पर बैंक मैनेजर से मारपीट की और फायरिंग कर दहशत फैला दी।  ग्राहकों के करीब 10 किलो सोना लूटा इसके बाद कुछ ही मिनटों में बदमाश बैंक के अंदर रखे लॉकर तक पहुंच गए और वहां गिरवी रखे ग्राहकों के करीब 9 से 10 किलो सोने को अपने कब्जे में ले लिया। इसके साथ ही 20 लाख रुपये कैश भी लूट लिया। बताया जा रहा है कि लूटा गया सोना ग्राहकों का था, जिसे बैंक ने गोल्ड लोन के तहत गिरवी रखा था। पूरा सोना एक ही लॉकर में रखा गया था। बदमाश अपने साथ पिट्ठू बैग और बड़ा कपड़े का थैला लेकर आए थे और उसी में सारा माल भरकर फरार हो गए।  मैनेजर से मारपीट, हवाई फायरिंग से मची दहशत बदमाशों ने बैंक पर कब्जा करते ही दहशत फैलाने के लिए आक्रामक रुख अपनाया. जब बैंक मैनेजर ने लुटेरों का विरोध करने की कोशिश की तो आरोपियों ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की. पुलिस के अनुसार मैनेजर के सिर पर बंदूक की बट से वार किया गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए. इसके बाद बदमाशों ने बैंक के अंदर और बाहर हवाई फायरिंग भी की, जिससे मौके पर मौजूद लोग सहम गए और जान बचाने के लिए जमीन पर लेट गए।  लॉकर तोड़कर सोना‑कैश समेटा डकैत सीधे बैंक के लॉकर सेक्शन की ओर बढ़े. बताया जा रहा है कि बदमाश पूरी योजना के साथ आए थे. उनके पास पिट्ठू बैग और कपड़े के बड़े थैले थे. बदमाशों ने बैंक स्टाफ को धमकाकर लॉकर खुलवाए और उसमें रखे ग्राहकों के सोने-चांदी के जेवर निकाल लिए. यह सोना गोल्ड लोन के तहत ग्राहकों द्वारा गिरवी रखा गया था. इसके साथ ही बदमाशों ने कैश काउंटर से नकदी भी समेट ली।   बैंक में जान बचाते नजर आए लोग घटना के दौरान बैंक के अंदर अफरा-तफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर छिपते नजर आए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पूरे इलाके की घेराबंदी की गई। आरोपियों की तस्वीरें सीसीटीवी में कैद हो गई हैं। पुलिस अलग-अलग टीम बनाकर आरोपियों की तलाश में जुट गई है।   देर रात डीजीपी भी मौके पर पहुंचे मुख्यमंत्री के निर्देश पर रात करीब 10 बजकर 45 मिनट पर डीजीपी कैलाश मकवाना सिंगरौली पहुंचे। इससे पहले रीवा रेंज के आईजी साकेत प्रसाद पांडे भी मौके पर पहुंचे। रीवा से फोरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।  पुलिस ने की पूरे जिले की घेराबंदी वारदात की खबर मिलते ही सिंगरौली एसपी मनीष खत्री दलबल के साथ खुद मौके पर पहुंचे। शहर के सभी एग्जिट पॉइंट्स को सील कर दिया गया है। बैंक और आसपास के रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। एसपी ने बताया कि करीब 14.50 लाख रुपए कल के रखे थे। बाकी आज का उस समय तक का कलेक्शन था। इसके अलावा सोना-चांदी था। गार्ड नहीं था, एक फायर किया एसपी के मुताबिक, घटना के समय यहां गार्ड नहीं था। बदमाशों ने एक फायर भी किया है। प्रत्यक्षदर्शियों और बैंक कर्मचारियों के बयान लिए जाएंगे। जांच में पता चला है कि एक शख्स ने हेलमेट पहना था। बाकी चार के चेहरे खुले थे। सामने आया सीसीटीवी फुटेज बैंक के सामने स्थित एक दुकान का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें तीन आरोपी बैंक से निकलते हुए नजर आ रहे हैं। फुटेज में एक लुटेरा पहले बैंक के अंदर से निकलता है। सामने खड़ी एक बाइक पर वह इंतजार करता है। उसके बाद अंदर से दो लोग एक झोला हाथ में लेकर भागते हुए बैंक से निकलते हैं।

खनिजो के अवैध परिवहन पर ताबड़तोड़ कार्रवाई, 02 हाइवा व 03 ट्रैक्टर ट्राली जप्त

बिलासपुर कलेक्टर बिलासपुर के निर्देशानुसार एंव उप संचालक के मार्गदर्शन मे जिला बिलासपुर में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एंव भण्डारण पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।  खनिज अमला बिलासपुर द्वारा सकरी, गनियारी, तुरकाडीह, कोनी, मस्तूरी, पचपेड़ी, जोंधरा, गोपालपुर, कुकुरदिकला, भिलोनी, मानिकचौरी क्षेत्र की जाँच की गयी। जाँच के दौरान सकरी क्षेत्र में खनिज गिट्टी का परिवहन करते 1 हाइवा वाहन को जप्त किया गया। पचपेड़ी क्षेत्र में खनिज ईट मिट्टी का परिवहन करते 1 ट्रैक्टर ट्राली वाहन को जप्त किया गया। गोपालपुर क्षेत्र से खनिज रेत का परिवहन करते 1 ट्रैक्टर ट्राली को जप्त किया गया। जोंधरा क्षेत्र से खनिज रेत का परिवहन करते 1 ट्रैक्टर ट्राली वाहन को जप्त किया गया।मानिकचौरी क्षेत्र से खनिज रेत का परिवहन करते 1 ट्रैक्टर ट्राली को जप्त किया गया। इस प्रकार जप्त कुल 05 वाहनों को पुलिस थाना सकरी व पचपेड़ी कि अभिरक्षा में रखा गया है। खनिजों के  अवैध उत्खनन,परिवहन, और भण्डारण पर खनिज विभाग,राजस्व विभाग व पुलिस विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई जारी है।

70 ट्रैक्टर अवैध डंप रेत जब्त, कलेक्टर के निर्देश पर सख्त कार्रवाई

70 ट्रैक्टर अवैध डंप रेत जब्त, कलेक्टर के निर्देश पर सख्त कार्रवाई अवैध खनन करते रंगे हाथ पकड़ाया जेसीबी और हाइवा बिलासपुर कलेक्टर  संजय अग्रवाल के सख्त निर्देशों के पालन में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ जिले में बड़ी कार्रवाई की गई। एसडीएम तखतपुर के मार्गदर्शन में आज सुबह ग्राम निरतु के घाट पर राजस्व, खनिज और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने दबिश दी।कार्रवाई के दौरान मौके पर अवैध रूप से रेत उत्खनन एवं परिवहन करते हुए एक जेसीबी और हाइवा को रंगे हाथों पकड़ा गया। दोनों वाहनों को तत्काल जब्त कर थाना कोनी के सुपुर्द किया गया। इस दौरान टीम ने ग्राम निरतु में अवैध रूप से डंप की गई रेत पर भी बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 70 ट्रैक्टर रेत को जब्त किया। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से अवैध खनन करने वालों में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन ने चेतावनी दी  है कि अवैध खनन एवं परिवहन के खिलाफ इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और इसमें संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

प्रोत्यूष बालापुरे ने 10वीं CBSE बोर्ड में हासिल किए 99% अंक, स्व-अध्ययन और दृढ़ संकल्प से रचा कीर्तिमान

सिवनी मालवा प्रोत्यूष बालापुरे (कक्षा 10वीं, CBSE) ने बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 495 अंक प्राप्त कर 99% अंक हासिल किए हैं। जिस के लिए उनके सागर पब्लिक स्कूल भोपाल ने उन्हें 135000.00  छात्रवत्ति भी प्रदान की है।  इस उपलब्धि के पीछे छात्र का दृढ़ संकल्प, स्व-अध्ययन तथा परिवार और शिक्षकों का सहयोग प्रमुख रहा। छात्र के पिता डॉ. सतीश बालापुरे, शासकीय कन्या महाविद्यालय, सिवनी मालवा में पदस्थ हैं, जबकि माता सुमना बालापुरे मत्स्य विभाग में क्षेत्रीय प्रबंधक, भोपाल  के रूप में कार्यरत हैं। छात्र ने बताया कि उसने 10वीं कक्षा की शुरुआत से ही यह तय कर लिया था कि उसे बोर्ड परीक्षा में 99% अंक प्राप्त करने हैं। इस लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए उसने अपने नाम के साथ सभी विषयों में पूरे अंक लिखकर कई स्टिकी नोट्स बनाए और उन्हें अपने PC, स्टडी टेबल, ड्रेसिंग मिरर, यहाँ तक कि अपनी पानी की बोतल पर भी चिपका दिया। सिलेबस की शुरुआत अच्छी रही, जिसका पूरा श्रेय शिक्षकों को जाता है। पढ़ाई के साथ-साथ छात्र ने क्विज़ और एलोक्यूशन जैसी गतिविधियों में भाग लेकर अपनी अन्य क्षमताओं को भी निखारा। छात्र के अनुसार, उसके शिक्षक अत्यंत सहयोगी रहे और किसी भी कॉन्सेप्ट में कठिनाई होने पर उन्होंने तुरंत सहायता प्रदान की। पूरे वर्ष छात्र ने स्व-अध्ययन जारी रखा, हालांकि बीच-बीच में उतार-चढ़ाव भी आए। प्री-बोर्ड 1 में अपेक्षित अंक नहीं मिलने पर छात्र ने इसे चुनौती के रूप में लिया और अपने कमजोर पक्षों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया। परीक्षाओं से पहले छात्र ने अपने सीनियर्स से पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्र (PYQs) और तैयारी सामग्री एकत्र की, जिससे उसे CBSE के प्रश्नों के पैटर्न को समझने में सहायता मिली। प्रत्येक PYQ पर उसने स्वयं नोट्स तैयार किए, जिसमें प्राप्त अंक, गलतियाँ और सुधार के बिंदु शामिल थे। अंतिम दो महीनों में छात्र ने पूरी तरह से PYQs पर ध्यान केंद्रित किया, जिससे उसका आत्मविश्वास बढ़ा। विशेष रूप से उत्तर लेखन और कॉन्सेप्ट क्लैरिटी पर कार्य किया गया। हाल ही में घोषित परिणाम में छात्र ने 495 अंक प्राप्त कर 99% अंक हासिल किए। इस सफलता में माता-पिता, दादी, चाचा, बड़े पापा   का महत्वपूर्ण योगदान रहा। छात्र के अनुसार, कठिन समय में माता-पिता ने उसे प्रेरित किया और उसका हौसला बढ़ाया। माता ने विभिन्न स्थानों से अध्ययन सामग्री जुटाकर सहायता की, जबकि पिता ने कठिन वैज्ञानिक विषयों को सरलता से समझाया। बहन श्रुष्टि एवं  देव्यानी  ने भी मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया। शिक्षकों के मार्गदर्शन तथा पिछले 10 वर्षों के प्रश्न-पत्रों का अभ्यास करने से छात्र को उत्तर लेखन शैली और समय प्रबंधन में विशेष लाभ मिला। छात्र ने आगे की पढ़ाई के लिए कॉमर्स विषय का चयन किया है और उसका लक्ष्य एक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सलाहकार बनना है, जिसके लिए वह निरंतर प्रयासरत है।

बाढ़ से बचाव की तैयारी तेज: पंजाब में नदियों-नालों से गाद निकालने की मंजूरी

चंडीगढ. मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में पंजाब मंत्रिमंडल ने मानसून से पहले बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने दरियाओं, चोओं और सेम नालों से गाद निकालने की प्रक्रिया को तेज करने के उद्देश्य से जमीन मालिकों को अपनी लागत पर सफाई की अनुमति दे दी है। साथ ही, खुदाई से निकली सामग्री को मुफ्त उपयोग करने का अधिकार भी प्रदान किया गया है। सरकार का मानना है कि इस फैसले से न केवल गाद निकालने के काम में तेजी आएगी, बल्कि दरियाओं के पानी के प्रवाह में भी सुधार होगा। इससे संभावित बाढ़ के खतरे को कम करने में मदद मिलेगी और सार्वजनिक व निजी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। यह निर्णय सतलुज, ब्यास और सिसवां समेत अन्य दरियाओं और नालों की सफाई के लिए लिया गया है। लंबे समय से इन जल स्रोतों में जमा गाद के कारण पानी का बहाव प्रभावित हो रहा था, जिससे मानसून के दौरान जलभराव और बाढ़ की स्थिति बन जाती थी। सरकार ने ऐसे 9 संवेदनशील स्थानों की पहचान भी की है, जहां मानसून से पहले गाद निकालना बेहद जरूरी है। यदि समय रहते इन क्षेत्रों में सफाई नहीं की गई, तो पानी का प्रवाह बाधित हो सकता है और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। इसको देखते हुए संबंधित जमीन मालिकों को आगे आकर इस कार्य में सहयोग देने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। इसके अलावा, मंत्रिमंडल ने पंचायत स्तर पर आरक्षण व्यवस्था में संतुलन बनाने के लिए भी अहम निर्णय लिया है। सरपंचों, जिला परिषदों और पंचायत समितियों के चेयरमैन व वाइस चेयरमैन के पदों के लिए आरक्षण नियम-6 में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इस संशोधन का उद्देश्य विभिन्न वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व देना है। नई व्यवस्था के तहत अनुसूचित जाति, महिलाओं और सामान्य वर्ग के लिए आरक्षण का रोस्टर पुनः निर्धारित किया जाएगा, ताकि हर वर्ग को बराबर अवसर मिल सके। कैबिनेट के फैसले जमीन मालिकों को आप सरकार ने दी सफाई की अनुमति। खोदाई से निकली सामग्री को मुफ्त उपयोग का भी अधिकार।

कानून का कड़ा शिकंजा: बस्तर में बाल विवाह मामले में 5 आरोपी, दोनों पक्षों पर FIR

बस्तर. बस्तर जिले में बाल विवाह के खिलाफ प्रशासन ने पहली बार कड़ा रुख अपनाया है. नगर कोतवाली में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई. मामला जगदलपुर ब्लॉक के 21 मार्च 2026 को हुए विवाह समारोह से जुड़ा है. शुरुआत में यह सामान्य शादी लगी, लेकिन शिकायत के बाद जांच शुरू हुई. जांच में सामने आया कि वधु की उम्र 18 वर्ष से कम थी. सत्यापन के बाद बाल संरक्षण विभाग ने तत्काल कानूनी कार्रवाई की. वर और वधु पक्ष के कुल 5 लोगों को आरोपी बनाया गया है. जिले में चार वर्षों में 15 मामले सामने आने की जानकारी मिली है. पहले ऐसे मामलों में समझाइश देकर छोड़ने की परंपरा रही. अब प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून से समझौता नहीं होगा. 18 से कम लड़की और 21 से कम लड़के की शादी अपराध है. दोषियों को 2 साल सजा या 1 लाख जुर्माना हो सकता है. यह कार्रवाई सामाजिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है.

ग्रामीण कनेक्टिविटी को बूस्ट: 250 करोड़ से बनेंगी 235.45 किमी सड़कें

बस्तर. बस्तर जिले में विकास को नई गति देने वाली बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत हुई. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेस-4 के तहत 86 कार्यों की आधारशिला रखी गई. इन सड़कों की कुल लंबाई 235.45 किलोमीटर बताई गई है परियोजनाओं की अनुमानित लागत करीब 250 करोड़ रुपये है. कार्यक्रम का प्रसारण कुम्हरावंड सभागार में किया गया. ग्रामीण अंचलों की कनेक्टिविटी मजबूत करने पर जोर दिया गया. लोहंडीगुड़ा, दरभा, बास्तानार और तोकापाल को बड़ा लाभ मिलेगा. दशकों पुरानी आवागमन समस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी है. जनप्रतिनिधियों ने इसे विकास की नई लकीर बताया. स्थानीय लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक पहुंच आसान होगी. सड़कें गांवों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देंगी. अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ समय पर काम पूरा करने निर्देश दिए गए. बस्तर के दूरस्थ इलाकों में अब विकास की रफ्तार और तेज होगी. सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में नई तकनीक की एंट्री जगदलपुर. बस्तर संभाग की स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ी तकनीकी सौगात मिली है. शहर के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आधुनिक स्टेरलाइजर मशीन लगी है. यह सुविधा संभाग के सरकारी या निजी अस्पतालों में पहली बताई जा रही है. अब संवेदनशील उपकरणों को बाहर भेजने की जरूरत कम होगी. रायपुर या विशाखापत्तनम पर निर्भरता घटेगी. इलाज की लागत और समय दोनों में राहत मिलेगी. कैथेटर, ट्यूब, ग्लव्स और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सुरक्षित होंगे. गर्मी से खराब होने वाले उपकरण अब सुरक्षित तरीके से साफ होंगे. 250 लीटर क्षमता वाली मशीन अस्पताल में स्थापित की गई है. क्रॉस इन्फेक्शन का खतरा कम होने की उम्मीद है. आपातकालीन सर्जरी में भी तेज तैयारी संभव होगी. स्थानीय मरीजों को अब उच्च स्तरीय सुविधा घर के पास मिलेगी. यह उपलब्धि स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा मील का पत्थर मानी जा रही है.