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अनोखी शादी की अनोखी बारात, नदी पार कर नाव से दुल्हन लेने पहुंची बारात

बलिया यूपी के बलिया में एक अनोखी शादी देखने को मिली है। यहां पर गंगा नदी में आई बाढ़ से सड़क मार्ग बंद हो जाने के कारण बिहार से एक बारात नाव पर सवार होकर बलिया पहुंची। नाव पर सवार बारातियों को नदी की मौजों से बेखबर पूरे उत्साह से तालियां बजाते हुए मंजिल की तरफ बढ़ने का यह नजारा ग्रामीणों के लिए कौतूहल भरा रहा। यह पूरा मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।  बाढ़ के कारण शादी पर लगा ग्रहण जानकारी के मुताबिक, बिहार के बक्सर जिला के नैनीजोर लाल डेरा गांव के रहने वाले कमलेश राम के बेटे राजेश कुमार की शादी बलिया के बेयासी गांव में तय हुई थी। शादी की तैयारियों के बीच बक्सर जिला भारी बारिश के कारण गंगा नदी की बाढ़ की चपेट में आ गया। बाढ़ की वजह से सारे रास्ते जलमग्न होकर बंद हो गए। सड़क मार्ग के पूरी तरह जलमग्न हो जाने से बारात लेकर जाना मुश्किल हो गया। कमलेश राम ने बताया कि बाढ़ के कारण शादी पर ग्रहण लग गया। ऐसी विषम स्थिति में परिवार ने नाव से बारात ले जाने का फैसला किया।  सज धज के निकली नाव  गंगौली गांव के पास तटबंध के नीचे से एक सजी-धजी नाव पर बारात निकली। दूल्हा राजेश साफा पहन कर पारंपरिक पोशाक में नाव पर बैठा और उसके साथ तकरीबन 25 बाराती दो नावों पर सवार होकर निकले। नाव पर कोई डीजे नहीं था, न ही बैंड-बाजा लेकिन गंगा की लहरों की थपकी और नाविकों की ताल ने माहौल को खास बना दिया। बारातियों ने भी पूरे जोश में ढोलक की जगह तालियां बजाईं। ग्रामीणों के लिए यह दृश्य अनोखा था।  वीडियो हुआ वायरल  लोगों ने अपने मोबाइल से इस खास बारात की फोटो ली व वीडियो बनाई और सोशल मीडिया पर साझा शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह बारात इलाके में चर्चा का विषय बन गई। दूल्हे के पिता कमलेश राम ने बताया कि शादी की तारीख पहले से तय थी और इसे रद्द करना संभव नहीं था, इसीलिए नाव से बारात ले जाने का निर्णय लिया गया। गंगा मैया की लहरों ने इस बारात को यादगार बना दिया। 

धर्मांतरण से अंग तस्करी तक! आगरा गैंग की दहला देने वाली साजिश उजागर

आगरा   अवैध धर्मांतरण गिरोह का एक और चेहरा सामने आया है। मास्टरमाइंड सहित अन्य आरोपियों के तार मानव तस्करी और अंग बेचने वाले रैकेट से जुड़े होने की जानकारी पुलिस को मिली है। इस पर टीम ने गहनता से पड़ताल शुरू कर दी है। आशंका है कि खरीद-फरोख्त का यह खेल विदेशों तक फैला था। मजदूर और कमजोर वर्ग को झांसे में लेते थे। मार्च में सदर क्षेत्र से लापता हुईं कारोबारी की दो बेटियां 18 जुलाई को कोलकाता के तपसिया इलाके में पुलिस को मिली थीं। 19 जुलाई को 6 राज्यों से 10 आरोपी भी पकड़े गए थे। बाद में दिल्ली का मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान पकड़ा गया। उसके दो बेटे और एक अन्य बाद में पकड़े गए। अब्दुल रहमान सहित 11 आरोपियों से रिमांड पर पूछताछ हुई।  पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि पहले यह गिरोह धर्मांतरण कराने तक ही सीमित होने का लग रहा था। मगर, जैसे-जैसे पूछताछ आगे बढ़ती गई, वैसे-वैसे नई जानकारी सामने आने लगी। मास्टरमाइंड सहित अन्य से पूछताछ में गिरोह के तार मानव तस्करी करने वाले और मानव अंगों को बेचने वाले रैकेट से भी होने की बात सामने आई है। कमजोर और मजदूर वर्ग के लोगों को जाल में फंसाया जाता था। खासताैर पर लड़कियों को धर्म परिवर्तन के बाद विदेश जाने के लिए तैयार करते थे। हां बोलने पर तस्करी का खेल होता था। जानकारी यह भी है कि मानव अंगों को भी बेचा जाता था। हालांकि पुलिस के पास कोई पीड़ित नहीं आया है। इसके बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है। गिरोह के सदस्यों से मिली जानकारी के आधार पर इस रैकेट में शामिल लोगों की भी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। सीबीआई की मदद लेगी पुलिस पुलिस आयुक्त ने बताया कि पूरे सिंडीकेट के पीछे मध्य प्रदेश का सैयद दाऊद भी है। वह कनाडा से गिरोह की कमान संभाल रहा था। उसके गैर जमानती वारंट जारी कराए गए थे। अब उसकी गिरफ्तारी के लिए सीबीआई की मदद ली जाएगी। इसके लिए पत्र लिखा जा रहा है। सीबीआई की मदद से ही देश से बाहर माैजूद अपराधियों की गिरफ्तारी की जाती है। सैकड़ों का कराया धर्मांतरण पुलिस आयुक्त ने बताया कि जानकारी यह भी लगी है कि अब्दुल रहमान सहित गिरोह ने 100-200 युवक-युवतियां नहीं, बल्कि 1000 से अधिक का धर्म परिवर्तन कराया है। जिन लोगों ने अपनी स्वेच्छा से धर्म बदला वो सामने नहीं आ रहे हैं। जिन लोगों के माता-पिता और खुद पीड़ित हैं, वो सामने आ रहे हैं। उनको पुलिस गवाह बनाएगी जिससे आरोपियों को सजा दिलाई जा सके। अब्दुल रहमान की काॅल डिटेल में 6 पाकिस्तानी नंबर मिले थे। यह किसके हैं, इसके लिए खुफिया एजेंसियों की मदद ली जा रही थी। जिन लोगों से बात होती थी, वह गिरोह को किस तरह से मदद पहुंचा रहा था, यह सब पता किया जा रहा है। जमानत प्रार्थनापत्र पर हुई सुनवाई पुलिस ने रहमान कुरैशी, अब्बू तालिब, आयशा उर्फ एसबी कृष्णा, अली हसन उर्फ शेखर, ओसामा, अबुर रहमान, मोहम्मद रहमान, मोहम्मद अली, जुनैद कुरैशी, मुस्तफा, मोहम्मद इब्राहिम, अब्दुल रहमान, उसके दो बेटे और साथी को गिरफ्तार किया था। आयशा उर्फ एसबी कृष्णा, रहमान कुरैशी, अब्दुल रहमान, जुनैद कुरैशी, ओसामा, रित बनिक, अब्बू तालिब, अली हसन, मोहम्मद अली उर्फ पियूष पंवार, मनोज उर्फ मुस्तफा की जमानत के लिए सीजेएम कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया गया था। इस पर बुधवार को सुनवाई हुई। अभियोजन अधिकारी ने प्रार्थना पत्र के सत्यापन की मांग की। 

अनिरुद्धाचार्य पर कानूनी शिकंजा: महिला वकीलों की याचिका में क्या है मांग?

मथुरा अनिरुद्धाचार्य महराज के बयान को लेकर उनका विरोध लगातार जारी है. अब ये मामला कोर्ट पहुंच गया है. महिला अधिवक्ताओं ने इस मामले में एसीजेएम प्रथम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. इससे पहले भी महिला वकीलों ने एसएसपी मथुरा को भी एक शिकायती पत्र दिया था. जिस पर एसएसपी ने अनिरुद्धाचार्य पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया था. लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर अधिवक्ता कोर्ट की शरण में पहुंच हैं. अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ दायर इस याचिका में बीएनएस की सुसंगत धाराओं में अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की अदालत से प्रार्थना की है. बता दें कि बीते 26 जुलाई को अनिरुद्धाचार्य महाराज के बयान से नाराज महिला वकीलों ने कचहरी परिसर में उनका पुतला दहन किया था. बार एसोसिएशन ने महाराज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का निर्णय लिया था. फिलहाल उनके बयान को लेकर कानूनी और सामाजिक मोर्चे पर विरोध तेज हो गया है. इसे भी पढ़ें : ‘राखी जिहाद’ या सिर्फ ‘सियासी स्टंट’! चांद-सितारे वाली राखी को लेकर साध्वी प्राची का विवादित बयान, जानिए इस्लाम से जोड़ते हुए क्या कहा? बता दें कि अनिरुद्धाचार्य महाराज ने 25 वर्षीय युवतियों पर कुछ ऐसी टिप्पणियां की थी. जिसने विवाद को जन्म दे दिया. उन्होंने कहा था कि 25 साल की उम्र तक लड़कियां पूरी तरह परिपक्व हो जाती हैं, जिसके कारण देर से शादी करने पर प्री-मैरिटल रिलेशनशिप की संभावना बढ़ जाती है. इस बयान के चलते उन्हें काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है.

एनकाउंटर में खत्म हुआ आतंक: माफिया छोटू सिंह के पास से एके-47 और पिस्टल बरामद

प्रयागराज प्रयागराज पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।शातिर अपराधी आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह निवासी जे सी मल्लिक रोड , धनबाद, झारखंड को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। अपराधी के कब्जे से पुलिस को एके 47 समेत भारी मात्रा में कारतूस और खोखे बरामद हुए हैं। घेराबंदी के दौरान अपराधी ने पुलिस पर एके 47 से हमला कर दिया। इसमें एसटीएफ टीम बाल-बाल बच गई। जवाबी कार्रवाई में शातिर बदमाश को मार गिराया गया। एसटीएफ यूनिट प्रयागराज के तीन कर्मचारी व अधिकारी जेपी राय, प्रभंजन व रोहित सिंह एके 47 के हमले में बाल-बाल बच गए। जवाबी फायरिंग में एसटीएफ ने बदमाश को गोली मार दी। घायल अवस्था में उसे गिरफ्तार कर शंकरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मारा गया बदमाश कई मामलों में वांछित था और उसके ऊपर पुलिस ने चार लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था। उसके कब्जे से पुलिस ने एके-47, नाइन एमएम पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस का खोखा के साथ ही एक बाइक बरामद किया है। झारखंड का रहने वाला है बदमाश शंकरगढ़ क्षेत्र में गुरुवार को एसटीएफ प्रयागराज यूनिट और एक कुख्यात अपराधी के बीच हुई मुठभेड़ में 4 लाख रुपये का इनामी बदमाश आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह निवासी जे सी मल्लिक रोड , धनबाद, झारखंड मारा गया। बिहार और झारखंड से जुड़ा यह अपराधी कई संगीन मामलों में वांछित था। वह अंतरराज्यीय गैंग से जुड़ा था और पुलिस को लंबे समय से इसकी तलाश थी। एसटीएफ प्रयागराज को इनपुट मिला था कि यह वांछित अपराधी शंकरगढ़ क्षेत्र में मौजूद है। सूचना के आधार पर टीम तत्काल मौके पर पहुंची। टीम में शामिल अधिकारी जेपी राय, प्रभंजन और रोहित सिंह ने जब उसे पकड़ने की कोशिश की, तो अपराधी ने एके-47 राइफल से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले में एसटीएफ के सभी सदस्य बाल-बाल बच गए।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टीम ने आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की। कुछ ही देर चली मुठभेड़ में अपराधी को गोली लग गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने उसे तत्कालत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, शंकरगढ़ पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। माफिया छोटे सिंह के खिलाफ दर्ज हैं कई मामले कुख्यात माफिया आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह के खिलाफ कई चर्चित हत्याकांड में केस दर्ज हैं। छोटू सिंह मूल रूप से धनबाद का रहने वाला है और धनबाद जेल में बंद होने के बाद भी वह अपना बाहुबल बरकरार रखने में कामयाब रहा। पुलिस के मुताबिक आशीष यूपी और बिहार में सक्रिय था। अमन सिंह की हत्या की भी ली थी जिम्मेदारी 12 मई 2021 को धनबाद के वासेपुर में जमीन कारोबारी सरफुल हसन की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में भी आशीष रंजन आरोपी है और फरार था। आशीष रंजन पर झरिया के टायर व्यवसायी रंजीत सिंह की हत्या का भी आरोप है. उस पर रंगदारी मांगने और अमन सिंह की हत्या का आरोप है। अमन सिंह की हत्या के बाद उसने एक ऑडियो जारी कर इसकी जिम्मेदारी ली थी। जेल में बंद अमन हत्याकांड के तीनों आरोपियों ने पुलिस के सामने स्वीकार किया था कि आशीष रंजन के कहने पर उन्होंने हत्या की थी। यूपी और बिहार में था सक्रिय आशीष रंजन के खिलाफ धनबाद जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में रंगदारी, बमबाजी, हत्या समेत जानलेवा हमले के मामले दर्ज हैं। गैंगस्टर अमन सिंह की तीन दिसंबर 2023 को धनबाद जेल में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह ने सोशल मीडिया पर ऑडियो वायरल कर अमन की हत्या की जिम्मेदारी ली थी। बाइक चोरी के आरोप में जेल में बंद सुंदर उर्फ रितेश यादव ने तीन दिसंबर 2023 को अमन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसकी हत्या का मास्टरमाइंड आशीष रंजन था। आशीष रंजन के इशारे पर ही अमन सिंह की हत्या की गई थी। वहीं सरायढेला के जमीन कारोबारी समीर मंडल की हत्या हुई थी। जिसमें आशीष पहली बार जेल गया था। 12 मई 2021 को सरफुल हसन उर्फ लाला की हत्या में भी उसका नाम आया था।  

घर से भगाई गई नाबालिग हिंदू लड़की बरामद, सैनुल पर जबरन धर्म परिवर्तन और विवाह की साजिश का आरोप

देवरिया उत्तर प्रदेश के देवरिया में हिन्दू नाबालिग लड़की को उसके घर से भगाने के मामले में पुलिस ने सैनुल को गिरफ्तार करते हुए लड़की को बरामद कर लिया है. आपको बता दें कि थाना गौरीबाजार क्षेत्र का रहने वाला अन्य समुदाय का युवक सैनुल अपने ही गांव की हाईस्कूल की छात्रा को 27 जुलाई को भगा ले गया था. इसमें पुलिस केस दर्ज कर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में उसकी तलाश कर रही थी. बताया जा रहा है कि इसकी आखिरी लोकेशन झांसी में मिली थी. आरोपी गुजरात में प्राइवेट काम कर चुका है आशंका जताई जा रही है कि लड़की को यह गुजरात भी ले गया होगा. लड़की के घर वाले धर्म परिवर्तन व शादी की आशंका जता रहे थे. फिलहाल गौरीबाजार पुलिस की मानें तो गौरीबाजार के देवगांव के पास मंदिर से इसकी गिरफ्तारी कर लड़की की बरामदगी की गई है. सी ओ रुद्रपुर हरिराम यादव ने बताया कि थाना गौरीबाजार देवरिया में दिनांक 28.07.2025 को महिला अपराध से संबंधित मु0अ0सं0 342/2025 पंजीकृत किया गया था, जिसमें अपहृता की बरामदगी के लिये टीम का गठन किया गया था, जिसमें अपहृता की सकुशल बरामदगी कर ली गयी है . साथ ही अभियुक्त को नियमानुसार गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है. आपको बता दें कि गौरीबाजार थाना क्षेत्र में एक हफ्ते में दो अलग अलग क्षेत्रो में अन्य समुदाय के युवकों द्वारा हिन्दू लड़कियों को भगाया गया. पहला मामला 24 जुलाई को हुआ जो CCTV में कैद हुआ था. समीर अंसारी, हिन्दू नाबालिग लड़की को बुर्का पहना कर ले जाता दिखाई पड़ा था. इसे पुलिस ने गौरीबाजार से ही 4 दिन पूर्व गिरफ्तार कर लिया था लेकिन सूत्रों की मानें तो इसकी लोकेशन नेपाल के बुटवल में मिली थी. इन दोनों मामलों को लव जिहाद से जोड़ते हुए देवरिया सदर भाजपा विधायक शलभ मणि ने DGP को चिट्ठी लिखी थी जिसके बाद पुलिस की जांच पड़ताल तेज हुई और अब दोनों समीर और सैनुल सलाखों के पीछे है.

खूंखार माफिया छोटू सिंह का अंत, STF एनकाउंटर में AK-47 समेत हुआ ढेर

प्रयागराज प्रयागराज पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। चार लाख रुपये शातिर अपराधी आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह निवासी जे सी मल्लिक रोड , धनबाद, झारखंड को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। अपराधी के कब्जे से पुलिस को एके 47 समेत भारी मात्रा में कारतूस और खोखे बरामद हुए हैं। घेराबंदी के दौरान अपराधी ने पुलिस पर एके 47 से हमला कर दिया। इसमें एसटीएफ टीम बाल-बाल बच गई। जवाबी कार्रवाई में शातिर बदमाश को मार गिराया गया।  एसटीएफ यूनिट प्रयागराज के तीन कर्मचारी व अधिकारी जेपी राय, प्रभंजन व रोहित सिंह एके 47 के हमले में बाल-बाल बच गए। जवाबी फायरिंग में एसटीएफ ने बदमाश को गोली मार दी। घायल अवस्था में उसे गिरफ्तार कर शंकरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मारा गया बदमाश कई मामलों में वांछित था और उसके ऊपर पुलिस ने चार लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था। उसके कब्जे से पुलिस ने एके-47, नाइन एमएम पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस का खोखा के साथ ही एक बाइक बरामद किया है।  झारखंड का रहने वाला है बदमाश शंकरगढ़ क्षेत्र में गुरुवार को एसटीएफ प्रयागराज यूनिट और एक कुख्यात अपराधी के बीच हुई मुठभेड़ में 4 लाख रुपये का इनामी बदमाश आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह निवासी जे सी मल्लिक रोड , धनबाद, झारखंड मारा गया। बिहार और झारखंड से जुड़ा यह अपराधी कई संगीन मामलों में वांछित था। वह अंतरराज्यीय गैंग से जुड़ा था और पुलिस को लंबे समय से इसकी तलाश थी। एसटीएफ प्रयागराज को इनपुट मिला था कि यह वांछित अपराधी शंकरगढ़ क्षेत्र में मौजूद है। सूचना के आधार पर टीम तत्काल मौके पर पहुंची। टीम में शामिल अधिकारी जेपी राय, प्रभंजन और रोहित सिंह ने जब उसे पकड़ने की कोशिश की, तो अपराधी ने एके-47 राइफल से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले में एसटीएफ के सभी सदस्य बाल-बाल बच गए।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टीम ने आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की। कुछ ही देर चली मुठभेड़ में अपराधी को गोली लग गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने उसे तत्कालत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, शंकरगढ़ पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।  

बीमार शिक्षकों के लिए सहारा बनी ‘जीवन दान योजना’, इलाज में मिलेगी आर्थिक सहायता

लखनऊ उत्तर प्रदेश के लाखों शिक्षकों के लिए राहत की खबर है। अब गंभीर बीमारी की स्थिति में उन्हें आर्थिक मदद मिल सकेगी। इसके लिए टीचर्स सेल्फ केयर टीम (TSCT) ने ‘जीवन दान योजना’ की शुरुआत की है, जिसके तहत जरूरतमंद शिक्षकों को पांच लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी। यह योजना शिक्षकों द्वारा शिक्षकों के लिए शुरू की गई है और पूरी तरह से स्वैच्छिक है। उत्तर प्रदेश में शिक्षकों के लिए एक बड़ी पहल की गई है। प्रदेश की चार लाख सदस्यीय संस्था टीचर्स सेल्फ केयर टीम (TSCT) ने ‘गंभीर बीमारी के लिए जीवन दान योजना’ शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य जरूरतमंद शिक्षकों को गंभीर बीमारियों की स्थिति में आर्थिक सहायता देना है।   इस योजना के तहत शिक्षक सदस्य 10 अगस्त तक 200 रुपये की राशि जमा करेंगे, जो कि एक कोष (कार्पस फंड) में संचित होगी। इस फंड से किसी भी सदस्य को गंभीर बीमारी के दौरान अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में अधिकतम पांच लाख रुपये तक की सहायता राशि दी जाएगी। योजना पूरी तरह ऐच्छिक है। इसमें भाग लेना या न लेना पूरी तरह शिक्षक की मर्जी पर निर्भर है और इसका असर संस्था की अन्य योजनाओं पर नहीं पड़ेगा। संस्था के संस्थापक अध्यक्ष विवेकानंद आर्य ने बताया कि यह योजना शिक्षकों की आपसी सहायता की भावना को मजबूत करती है। इस योजना के लिए कुछ शर्तें भी तय की गई हैं-     सहायता केवल तभी दी जाएगी जब इलाज का खर्च 2 लाख रुपये से अधिक हो।     केवल अस्पताल में भर्ती होने पर ही यह सहायता मान्य होगी।     योजना में केवल एलोपैथिक इलाज को मान्यता दी गई है।     एक सदस्य को दो वर्षों में केवल एक बार सहायता दी जाएगी। लॉक-इन पीरियड सामान्य शिक्षकों के लिए 18 माह और शिक्षामित्र व अनुदेशकों के लिए 17 माह तय किया गया है, जिसे जुलाई से 18 माह किया जाएगा। इसमें यह भी तय किया गया है कि यदि किसी शिक्षक के पास मेडिकल इंश्योरेंस है, तो पहले उसे उसी सीमा तक सहायता दी जाएगी। इंश्योरेंस की सीमा से अधिक खर्च होने पर संस्था की योजना के तहत पूरी सहायता दी जाएगी।

स्वतंत्रता दिवस से पहले बड़ी घोषणा: यूपी-राजस्थान को जोड़ेगी नई वंदे भारत एक्सप्रेस

लखनऊ 15 अगस्त से पहले उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को वंदे भारत की नई सौग़ात मिल सकती है। लखनऊ के गोमतीनगर स्टेशन से जयपुर के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन प्रस्तावित है। यह ट्रेन सुबह 5:50 बजे लखनऊ से रवाना होकर दोपहर 2 बजे जयपुर पहुंचेगी। वहीं, वापसी में ट्रेन दोपहर 3 बजे जयपुर से चलकर रात 11 बजे गोमतीनगर स्टेशन पर पहुंचेगी। आठ घंटे में तय करेगी सफर बताया जा रहा है कि हफ़्ते में 6 दिन वंदे भारत का संचालन होगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस यह सेमी हाई-स्‍पीड ट्रेन दोनों राजधानियों के बीच का सफर आठ घंटे में तय करेगी। शनिवार के दिन इसका संचालन नहीं होगा। उस दिन ट्रेन की मेंटेनेंस की जाएगी। पूर्वोत्तर रेलवे ने लखनऊ-जयपुर वंदे भारत एक्‍सप्रेस का प्रस्‍ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है। इस कदम से यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा। बता दें कि भारत में इस समय 70 से ज्‍यादा वंदे भारत एक्‍सप्रेस ट्रेनें विभिन्‍न रूटों पर चल रही हैं। जिनमें सेमी हाई स्‍पीड ट्रेनों को यात्रियों का भी खूब साथ मिल रहा है। जिसकी वजह से ज्‍यादातर रूट्स पर इन ट्रेनों की ऑक्‍यूपेंसी फुल है। जल्द ही नागपुर-पुणे, अमृतसर-कटरा और बेंगलुरु-बेलगावी के बीच भी वंदे भारत एक्‍सप्रेस चल सकती है।

बेटी के लिए 25 हजार, बेटे के लिए 20 हजार – जानें योगी सरकार की खास स्कीम और आवेदन का तरीका

लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक जनकल्याणकारी पहल की है। यह पहल गरीब और श्रमिक वर्ग के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना के अंतर्गत बेटी के जन्म पर 25 हजार और बेटे के जन्म पर 20 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। खास बात यह है कि इस योजना से दिव्यांग बालिकाओं को भी लाभ हो रहा। दिव्यांग बालिकाओं के जन्म पर सरकार 50 हजार की सावधि जमा भी कराती है। इस योजना ने हजारों श्रमिक परिवारों को आर्थिक राहत दी है। यदि आप या आपके जानने वाले इस योजना के पात्र हैं, तो तुरंत आवेदन करें और इसका लाभ उठाएं। क्या है मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना? मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना का उद्देश्य पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को संतान के जन्म पर आर्थिक राहत देना है। यह योजना खासकर उन मजदूर परिवारों के लिए लाभकारी है, जिनकी आय का मुख्य स्रोत रोजाना की मेहनत-मजदूरी है। योजना की मुख्य विशेषताएं बेटे के जन्म पर 20 हजार की सहायता राशि बेटी के जन्म पर 25 हजार की सहायता राशि दिव्यांग बालिका के लिए 50 हजार की सावधि जमा महिला श्रमिक को अस्पताल में प्रसव के बाद 3 महीने की न्यूनतम वेतन राशि और 1 हजार चिकित्सा बोनस बेटियों के लिए ज्यादा मदद क्यों? सरकार द्वारा इस योजना के माध्यम से बालिकाओं के जन्म को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। यही वजह है कि बेटे की तुलना में बेटी के जन्म पर 5 हजार अधिक रूपये दिए जाते हैं। यदि पहली या दूसरी संतान बेटी है, या कानूनी रूप से गोद ली गई बालिका है, तब भी 25 हजार की सावधि जमा का प्रावधान है। दिव्यांग बालिकाओं के लिए विशेष प्रावधान यदि जन्म से कोई बालिका दिव्यांग है, तो सरकार उसकी आर्थिक मदद के लिए 50 हजार की सावधि जमा करती है। यह राशि बालिका के 18 वर्ष की आयु तक अविवाहित रहने पर मिलती है।  योजना के लिए पात्रता शर्तें  श्रमिक की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन तक निर्माण कार्य किया होना अनिवार्य है। पंजीकरण शुल्क: 20 रूपये वार्षिक अंशदान: 20 रूपये   योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज़  आधार कार्ड पासपोर्ट साइज फोटो आवेदन कैसे करें: निकटतम जन सेवा केंद्र (CSC) से आवेदन करें या www.upbocw.in पर ऑनलाइन फॉर्म भरें  

यूपी में बढ़ी कांग्रेस की हलचल, 8 से शुरू होगी ‘जय हिंद यात्रा’

लखनऊ  भाजपा के घर-घर तिरंगा अभियान के बीच कांग्रेस ने जय हिंद यात्रा निकालने का फैसला किया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर उत्तर प्रदेश में भी पार्टी अपनी सक्रियता बढ़ाएगी। प्रदेश में ब्लाक स्तर पर जाने की तैयारी में लगी कांग्रेस ने अगस्त महीने को कैश कराने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। कांग्रेस स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को याद करते हुए अपने पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास करेगी। जय हिंद यात्रा की शुरुआत आठ अगस्त को लखनऊ में काकोरी के शहीद स्मारक से होगी। पार्टी मुख्यालय में गुरुवार को प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय जोनल समन्वयकों के साथ संगठन सृजन को लेकर बैठक करेंगे।   उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि अगस्त का महीना क्रांतिकारियों का महीना है। हमारे नेता महात्मा गांधी ने आठ अगस्त 1942 को अंग्रेजों भारत छोड़ो की घोषणा की थी। प्रदेश कांग्रेस आठ अगस्त को काकोरी स्थित शहीद स्मारक पर तिरंगा लहराने के साथ ही जय हिंद यात्रा की शुरुआत करेगी। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बताया कि 28 अगस्त तक 16 जिलों में जय हिंद यात्रा निकाली जाएगी। राय ने अमेरिका के टैरिफ बढ़ाने पर भाजपा नेताओं के लोगों को स्वदेशी अपनाने का संकल्प दिलाने व बाढ़ के मुद्दे को लेकर सवाल भी उठाए। राय ने कहा कि आठ अगस्त, 1942 को महात्मा गांधी ने ‘करो या मरो’ का नारा देकर अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन की शुरूआत की थी। प्रदेश कांग्रेस हर वर्ष की तरह इस बार भी अगस्त माह में स्वतंत्रता सेनानियों व देश के लिए प्राणों की आहुति देने वाले बलिदानियों को नमन करेगी। लखनऊ से अभियान की शुरूआत के बाद नौ अगस्त को प्रयागराज, 10 अगस्त को आगरा व मुरादाबाद, 11 अगस्त को अयोध्या, 12 अगस्त को आजमगढ़, 14 अगस्त को मैनपुरी, 15 अगस्त को मऊ, 16 अगस्त को चंदौली व जौनपुर, 17 अगस्त को वाराणसी, 18 अगस्त को गाजीपुर व सीतापुर, 19 अगस्त को बलिया, 23 अगस्त को गोरखपुर व 28 अगस्त सैय्यद राजा चंदौली में जय हिंद यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा में वरिष्ठ नेता भी शामिल होंगे। राय ने स्वदेशी व बाढ़ के मुद्दे पर भाजपा पर हमला भी बोला। अजय राय ने कहा कि घर-घर तिरंगा फहराने की बात करने वाली भाजपा अमेरिका के ट्रैरिफ बढ़ाने पर अब स्वदेशी अपनाने की बात कह रही है। राय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर अन्य बड़े नेता जनता को स्वदेशी अपनाने का संकल्प दिला रहे हैं। खुद प्रधानमंत्री विदेशी ब्रांड का चश्मा पहनते हैं। योगी व उनके मंत्री विदेशी कंपनियों की गाड़ियों से चलते हैं। आरोप लगाया कि भाजपा की आइटी टीम चीनी के बने कंप्यूटर व मोबाइल फोन इस्तेमाल करती है। चीन से व्यापार में भारत का घाटा 100 बिलियन डालर तक पहुंच गया है। प्रदेश में बाढ़ पीड़ितों को राहत नहीं पहुंचाई जा रही है। भाजपा के नेताओं ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान अंग्रेजों का साथ दिया था। अब भाजपा भारत माता के सपूत बनने का नाटक करती है। अजय राय ने आरोप लगाया कि भाजपा के आइटी सेक्टर में चीन के बने कंप्यूटर व मोबाइल फोन इस्तेमाल हो रहा है। चीन के साथ व्यापार 100 बिलियन डालर का है और भाजपा देश को ठगने का काम कर रही है। माना जा रहा है कि कांग्रेस ने भाजपा के तिरंगा यात्रा के जवाब में प्रदेश में जय हिंद निकालने की योजना बना ली है। इस यात्रा में कांग्रेस के बड़े नेता भी शामिल होंगे।