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छांगुर बाबा का मेरठ कनेक्शन एयर होस्टेस बनने का था सपना, मॉडलिंग का दिया झांसा

उत्तर प्रदेश ATS ने छांगुर और नसरीन पर ले सकती है बड़ा फैसला, कई राज खुलने बाकी मास्टरमाइंड छांगुर बाबा का भतीजा सोहराब गिरफ्तार, आजमगढ़ में बड़ी कार्रवाई छांगुर बाबा का मेरठ कनेक्शन एयर होस्टेस बनने का था सपना, मॉडलिंग का दिया झांसा मेरठ उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण रैकेट से जुड़े हाई-प्रोफाइल केस में जांच एजेंसियों ने शिकंजा कस दिया है. मामले की तह तक पहुंचने के लिए यूपी एटीएस अब मुख्य आरोपी छांगुर बाबा और उसकी साथी नसरीन का नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की तैयारी में है. सूत्रों के अनुसार, दोनों से हुई पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. लेकिन कुछ अहम सवालों के जवाब अब तक अधूरे हैं, जिनकी गुत्थी सुलझाने के लिए यह टेस्ट जरूरी माना जा रहा है. एटीएस सूत्रों का कहना है कि छांगुर, नसरीन और उनके सहयोगी नवीन रोहरा ने पूछताछ में कई राज खोले हैं, लेकिन कई जानकारियां या तो अधूरी हैं या जानबूझकर भ्रम फैलाने वाली. ऐसे में एजेंसियों को शक है कि ये आरोपी सच्चाई छुपाने की कोशिश कर रहे हैं. अब तक चार गिरफ्तार यूपी धर्मांतरण के मामले में एटीएस ने अब तक चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है , जिसमें 5 जुलाई को छांगुर और उसकी कारखास नीतू को गिरफ्तार किया था. उसके बाद उनकी रिमांड मांगी गई थी. कोर्ट ने Ats को नीतू और छांगुर की 7 दिनों की PCR दी थी, जिसमें ये दोनों 10 जुलाई से लेकर 16 जुलाई तक ATS के पास थे. इस दौरान Ats ने इनसे तमाम अलग-अलग तरीके से पूछताछ भी है. इस पूछताछ में नीतू और छांगुर के बताए गए तथ्यों के अलावा नीतू के पति नवीन उर्फ जमालुद्दीन के बताए तथ्यों को भी खंगाला गया है जिसमें कई पहलू सामने है. तो वहीं कुछ पहलू भ्रमित करने वाले हैं , जिस कारण अब एटीएस उनका नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट करने की लिए सोच रही है. दूसरी ओर प्रवर्तन निदेशालय ने छांगुर के कई देशी और विदेशी खातों की जांच भी शुरू कर दी है. ईडी ने इस मामले में छापेमारी भी की है. मास्टरमाइंड छांगुर बाबा का भतीजा सोहराब गिरफ्तार, आजमगढ़ में बड़ी कार्रवाई उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से छांगुर बाबा से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई। अवैध धर्मांतरण गिरोह के मास्टर माइंड छांगुर बाबा के भतीजे सोहराब को आजमगढ़ से गिरफ्तार कियाहै। ये कार्रवाई बुधवार देर रात यूपी एसटीेफ ने उतरौला से की है। सोहराब पर आजमगढ़ में धर्मांतरण कराने का आरोप लगा है। बता दें कि इससे पहले जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा और उसकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन को यूपी एटीएस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। इस मामले में मामले में अब तक 5 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं छांगुर बाबा का मेरठ कनेक्शन एयर होस्टेस बनने का था सपना, मॉडलिंग का दिया झांसा दिल्ली और वेस्ट यूपी में धर्मांतरण कराने वाले छांगुर बाबा और उसके करीबी बदर अख्तर सिद्दीकी के नेटवर्क की पोल अब खुलती जा रही है। इस गैंग का मेरठ से भी पुराना कनेक्शन सामने आया है। मेरठ के सरूरपुर क्षेत्र के भूनी गांव की रहने वाली प्रिया त्यागी वर्ष 2019 में इसी गिरोह का शिकार बनी थी। वह दिल्ली में एयर होस्टेस का कोर्स कर रही थी, तभी इस्लामाबाद, लिसाड़ीगेट मेरठ निवासी बदर अख्तर सिद्दीकी के संपर्क में आई। बदर ने उसे मॉडलिंग और बेहतर जीवनशैली का झांसा देकर अपने जाल में फंसा लिया। कुछ ही समय बाद प्रिया लापता हो गई, जिसके बाद परिजनों ने सरूरपुर थाने में अपहरण की धारा में रिपोर्ट (मुकदमा संख्या 223/2019) दर्ज कराई। हालांकि, प्रिया बालिग थी, इसलिए कोर्ट ने उसे अपनी मर्जी से कहीं भी रहने की छूट दी। लेकिन 18 अक्टूबर 2019 को जब वह वापस घर लौटी, तो परिजनों और पुलिस को चौंका देने वाले खुलासे किए। प्रिया ने बताई बदर की हैवानियत प्रिया ने बताया कि बदर ने उसे जबरन नशे की लत लगवाई, कई बार सिगरेट से जलाया, भूखा रखा और धर्मांतरण का लगातार दबाव बनाया। यह वही तरीका था, जिसे अब छांगुर बाबा और बदर पर लगे ताजा आरोपों में दोहराया जा रहा है। उस समय भी प्रिया के पिता दर्शन त्यागी ने पुलिस को बताया था कि उनकी बेटी नोएडा की गौर सिटी में पढ़ाई कर रही थी, तभी बदर ने उसे निशाना बनाया। कई लड़कियों के गायब होने का आरोप प्रिया की वापसी के बाद, उसके परिजनों ने बदर अख्तर के खिलाफ कई अन्य युवतियों को गायब करने के भी आरोप लगाए थे। उन्होंने बताया था कि असिया नाज पुत्री कमर हुसैन निवासी चुड़ीवालान, दिल्ली भी बदर के संपर्क में आने के बाद लापता हो गई थी। पुलिस उसे आज तक तलाश नहीं सकी। इसके अलावा एक आशा नाम की लड़की भी लापता बताई गई थी, जिसका कोई सुराग नहीं मिला। वहीं अंतरा शर्मा नाम की युवती ने बदर से शादी की थी, लेकिन 2019 में कोर्ट से तलाक हो गया था। इन सभी मामलों में पुलिस की जांच उस वक्त निष्क्रिय रही, जिससे धर्मांतरण गैंग का पर्दाफाश छह साल पहले ही हो सकता था। ड्रग्स और ब्रेनवॉश का नेटवर्क छांगुर बाबा और बदर के नेटवर्क को लेकर अब जो खुलासे हो रहे हैं, वो साल 2019 की प्रिया कांड से मेल खाते हैं। युवतियों को पहले नशा देकर मानसिक रूप से कमजोर किया जाता था और फिर ब्रेनवॉश कर धर्मांतरण के लिए मजबूर किया जाता था। प्रिया और उसके पिता पहले ही इन तरीकों की जानकारी पुलिस को दे चुके थे, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब जब छांगुर और बदर के खिलाफ कई राज्यों में शिकंजा कस रहा है, तो मेरठ की यह पुरानी घटना इस नेटवर्क की गहराई और तैयारी को उजागर करती है। यह सवाल भी खड़ा होता है कि अगर 2019 में ही इस मामले को गंभीरता से लिया जाता, तो कितनी ही बेटियां बच सकती थीं।    

दो नए एक्सप्रेसवे और ई-चार्जिंग स्टेशन से सजेगा यूपी, जानिए किन जिलों को होगा फायदा

आगरा  उत्तर प्रदेश के आगरा शहर को दो नए-नए एक्सप्रेस का तोहफा मिला है। इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राष्ट्रीय भारतीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बड़ा फैसला लेते हुए ग्वालियर और अलीगढ़ एक्सप्रेसवे को मंजूरी दी है। इन दोनों एक्सप्रेस का निर्माण दो महीने में शुरू हो जाएगा, जो अगले लगभग दो साल तक चलेगा। आगरा के लिए अच्छी बात यह है कि दोनों एक्सप्रेसवे यहीं से शुरू होंगे। इन दोनों एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले लोगों के लिए दोनों तरफ फूड प्लाजा, एक से दो प्रेट्रोल पंप और सीएनजी पंप होंगे।   एक्सप्रेसवे पर मिलेगी चार्जिंग की सुविधा एनएचएआई ने मौजूदा समय में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में हो रही बढ़ोतरी को भी ध्यान रखा है और एक्सप्रेसवे पर चार्जिंग स्टेशन बनाने का फैसला किया है। एनएचएआई के अधिकारी ने खुद इसका कारण भी बताया है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन का प्रयोग करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और हर सप्ताह नए-नए मॉडल पेश हो रहे हैं। यही वजह है कि हमने एक्सप्रेसवे चार्जिंग स्टेशन लगाने का फैसला किया गया है। बताया गया है कि एक चार्जिंग प्वॉइंट में एक समय में दो वाहन चार्ज हो सकेंगे, जिसमें 15 से 20 मिनट का समय लगेगा। छह लेन के होंगे दोनों एक्सप्रेसवे दोनों एक्सप्रेसवे छह लेन के होंगे, जिनका निर्माण एनएचएआई ग्वालियर और आगरा खंड द्वारा कराया जाएगा। ग्वालियर से रोहता, आगरा तक एक्सप्रेसवे के निर्माण पर 4200 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा। इस दौरान चंबल नदी पर हैंगिंग ब्रिज भी बनेगा। जब एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो जाएगा तो आगरा से ग्वालियर की दूरी सिर्फ 88 किलोमीटर रह जाएगी, साथ ही सफर का समय भी घटकर सिर्फ डेढ़ घंटे का रह जाएगा। इस समय इस सफर को तय करने में ढाई घंटे लगते हैं। अलीगढ़ एक्सप्रेसवे की लागत 3400 करोड़ बात करें खंदौली से अलीगढ़ तक बनने वाले एक्सप्रेसवे की तो यह 64 किलोमीटर लंबा होने वाला है, जिसे यमुना एक्सप्रेस से भी जोड़ा जाएगा। जब यह बनकर तैयार हो जाएगा तो इससे लोगों को हाथरस और अलीगढ़ पहुंचना आसान हो जाएगा। इस एक्सप्रेसवे की लागत 3400 करोड़ बताई जा रही है, जिसका निर्माण अक्टूबर से शुरू होना है।

खुलासा : छांगुर बाबा नेपाल सीमा से सटे गांवों में धर्मांतरण के अड्डे खोलने की तैयारी कर रहा था

 बलरामपुर उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में एटीएस की गिरफ्त में आए छांगुर बाबा को लेकर लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, छांगुर नेपाल सीमा से सटे गांवों में इस्लामिक मूवमेंट फैलाने और धर्मांतरण के अड्डे खोलने की साजिश रच रहा था. इसके लिए उसने 46 गांवों के युवाओं को टारगेट किया था और एक पूरी टीम भी खड़ी कर ली थी.  छांगुर बाबा का मकसद सीमावर्ती युवाओं को कट्टर सोच और जिहाद की तरफ झुकाने का था, जिसके लिए वह जलसों में तकरीरें करता और परचे बांटकर उनकी मानसिकता समझने की कोशिश करता था. चिह्नित युवाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए वह उन्हें पैसों का लालच भी दे रहा था. सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि छांगुर ने इस्लामिक मूवमेंट फैलाने के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बना रखी थी. विदेशों से उसके पास लगातार पैसे आने लगे थे और वह नेपाल में भी अपनी पैठ बनाने की कोशिश में जुटा था. साल 2020 के बाद वह आर्थिक रूप से बेहद मजबूत हो गया. वर्ष 2015 तक जो छांगुर पुरानी बाइक से अंगूठियां और नग बेचता था, वह अब लग्जरी गाड़ियों में घूमने लगा था. उसके करीबियों की संपत्तियां भी तेजी से बढ़ीं. एटीएस की जांच में सामने आया है कि छांगुर बाबा ने सरकारी जमीनों पर भी कब्जा करने का खेल शुरू कर दिया था. उतरौला क्षेत्र में तालाब, चरागाह, खलिहान की जमीनों पर उसकी नजर थी. तहसील कर्मियों की मिलीभगत से उतरौला के एक तालाब की जमीन अपने नाम करा ली थी और बाद में उसे नीतू रोहरा के नाम एक करोड़ रुपये में बेच दिया गया. नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी ने इस तालाब की जमीन पाटने की रिपोर्ट भी प्रशासन को भेजी थी. उतरौला में छांगुर बाबा ने दो जगहों पर कब्जे किए थे, जिनमें से एक कोठी प्रशासन ने गिरा दी है, जबकि दूसरी जगह को लेकर जांच जारी है. छांगुर बाबा के नेटवर्क में 18 अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है. अगस्त 2024 में इसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी, लेकिन करीब आठ महीने तक जांच ही चलती रही. अप्रैल 2025 में इसके बेटे और सहयोगी नवीन रोहरा की गिरफ्तारी के बाद छांगुर का नेटवर्क कमजोर पड़ने लगा और उसके करीबी उससे दूरी बनाने लगे. फिलहाल छांगुर एटीएस की रिमांड कस्टडी में है, जहां उससे पूछताछ जारी है. रिमांड की दो दिन की अवधि और बची है. एटीएस का मानना है कि पूछताछ में इससे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं.

कानपुर प्रशासनिक तनातनी में नया मोड़, नेमी फिर बने सीएमओ

कानपुर  कानपुर में डीएम और सीएमओ विवाद में फिर नया मोड़ आ गया है। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में कानपुर सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी के निलंबन आदेश को स्थागित कर दिया गया है। इसके बाद डॉ. नेमी को कुर्सी फिर मिल गई है। इस संबंध में शासन से आदेश जारी हो गया है। वहीं सीएमओ डॉ. नेमी की जगह चार्ज लेने वाले डॉ. उदयनाथ को फिलहाल श्रावस्ती भेज दिया गया है। 19 जून को हुए थे निलंबित आपको बता दें कि डॉ. हरिदत्त नेमी दिसंबर 2023 में कानपुर के सीएमओ बनाए गए थे। इसके बाद जनवरी 2024 में जितेन्द्र प्रताप सिंह कानपुर के जिलाधिकारी बनाए गए। फरवरी में डीएम जितेंद्र ने अस्पतालों का निरीक्षण शुरू कर दिया। इसमें कई खामियां मिलीं। सीएमओ समेत कई गैरहाजिर मिले थे। इसके अलावा डीएम को एक और गड़बड़ी मिली थी। इसके बाद डीएम ने सीएमओ के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश कर दी। इसके बाद सीएमओ और डीएम में तनातनी हो गई। इसके बाद शासन ने 19 जून को सीएमओ डॉ. हरिदत्त को निलंबित कर महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं लखनऊ कार्यालय से संबद्ध कर दिया। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी श्रावस्ती के पद पर तैनात डॉ. उदय नाथ को कानपुर सीएमओ का चार्ज मिल गया। हाईकोर्ट से स्टे के बाद विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई इसके बाद डॉ. नेमी हाईकोर्ट पहुंच गए। हाईकोर्ट ने निलंबन आदेश पर रोक लगा दी। हाईकोर्ट से राहत पाते ही सीएमओ की कुर्सी पर कब्जा करने पर ऑफिस पहुंचे। नेमी की मुश्किलें फिर बढ़ गई। इस दौरान सीएमओ ऑफिस में हाईवोल्टेज ड़ामा हुआ। इस पर उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी गई। शासन ने उन्हें प्रथम दृष्टया गंभीर आरोपों में दोषी पाया। नेमी पर लगे ये आरोप चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के निदेशक (प्रशासन) को जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए एक माह के भीतर रिपोर्ट मांगी गई। चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की तरफ से जारी आदेश के अनुसार ,डॉ. नेमी पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की चयन प्रक्रिया में निर्धारित दिशा-निर्देशों का अनुपालन नहीं करने, शासनादेशों की अनदेखी कर वित्तीय शक्तियों का अनुचित प्रयोग करने, नियमों के विरुद्ध स्थानांतरण आदेश जारी करने के आरोप लगे। इसके अलावा अधीनस्थ अधिकारियों पर प्रशासनिक नियंत्रण में शिथिलता बरतने, उच्चाधिकारियों के निर्देशों का अनुपालन न करने और अपने पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही जैसे गंभीर आरोप लगे है। अब निलंबन का आदेश स्थागित अब इस मामले में शासन ने हाईकोर्ट के स्टे आदेश के अनुपालन में उनका निलंबन आदेश स्थागित कर दिया है। डॉ. नेमी की जगह लेने वाले डॉ.उदयनाथ को श्रावस्ती भेज दिया है। डॉ .नेमी को फिर सीएमओ की कुर्सी मिल गई।  

सोच से परे प्रेम कहानी: शादीशुदा महिला ने छोड़ा परिवार, प्रेमी के लिए सब कुछ कुर्बान

मुरादाबाद यूपी के संभल में दो बच्चियों की मां को जाने क्या हुआ। न उम्र का ख्याल रहा न समाज की चिंता। उसने अपनी उम्र से 20 साल छोटे लड़के से संबंध बनाए और फिर एक दिन अपनी दोनों बच्चियों को लेकर उसी के घर मुरादाबाद के छजलैट पहुंच गई। यही नहीं महिला ने उम्र में काफी छोटे उस युवक से कथित रूप से शादी भी कर ली। बाद में पति उसे खोजते-खोजते अपनी मां के साथ वहां पहुंचा तो अपनी पत्नी का रुख देखकर दंग रह गया। पति और सास ने महिला को समझाने की बहुत कोशिश की लेकिन उसने उनके साथ जाने से साफ इनकार कर दिया। बाद में वह अपने प्रेमी और दोनों बच्चियों के साथ मां थाने पहुंच गई। वहां देर शाम तक विवाद चलता रहा। महिला के परिजन भी संभल से छजलैट पहुंच गए, विवाहिता ने वापस जाने से इंकार कर दिया। वह दो बेटियों को लेकर प्रेमी के साथ चली गई। मुरादाबाद के छजलैट थाना क्षेत्र के गांव भैंडी फरीदपुर का रहने वाला युवक का फेसबुक के जरिए संभल के असमोली थाना क्षेत्र के गांव निवासी विवाहिता से प्रेम प्रसंग हो गया। पहले तो दोनों में फोन पर ही बातें चलीं, लेकिन कई बार युवक और विवाहिता मुरादाबाद में एक-दूसरे से भी मिले। इस दौरान युवक ने विवाहिता को अपने साथ अपने घर शादी करके ले जाने की बात कही। जिस पर विवाहिता ने बच्चों को साथ लाने की बात कही। युवक ने बच्चों को भी अपनाने की बात कही। विवाहिता 10 दिन पहले एक 16 वर्ष और 13 वर्ष की बेटी को साथ लेकर छजलैट के गांव में आ गई। यही नहीं उसने युवक के साथ कथित तौर शादी भी कर ली। जब विवाहिता को पति और अन्य ने तलाश किया तो छजलैट क्षेत्र के गांव का पता लगा। मंगलवार को विवाहिता के परिजन थाने पहुंचे। विवाहिता अपने 20 वर्षीय प्रेमी और बेटियों के साथ थाने पहुंच गई। विवाहिता का पति और सास विवाहिता को ले जाने की जिद पर अड़े रहे, लेकिन उसने जाने से साफ इंकार कर दिया। वह प्रेमी और दो बेटियों के साथ वापस प्रेमी के घर चली गई।  

कांवड़ यात्रा का असर: गाजियाबाद के सभी स्कूल 7 दिन रहेंगे बंद, पूरी जानकारी यहां

गाजियाबाद आज गाजियाबाद में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कांवड़ यात्रा को लेकर शैक्षिक संस्थान बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। 17 जुलाई से लेकर 23 जुलाई तक सभी बोर्ड के शिक्षण संस्थानों में छुट्टी की घोषणा की है। इस दौरान प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षण संस्थान सभी बंद रहेंगे। कार्यालय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, गाजियाबाद द्वारा जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि सावन महीना के 11 जुलाई से शुरू होने तथा जलाभिषेक 23 जुलाई को होने के कारण गाजियाबाद की सीमा से लेकर बड़ी संख्या में शिव भक्त हरिद्वार से जल लेकर विभिन्न राज्यों जैसे राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और सीमावर्ती में जाने वाले हैं। इसको ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी गाजियाबाद द्वारा बच्चों और स्कूल बसों के आवागमन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गाजियाबाद में बेसिक शिक्षा के अंतर्गत आने वाले सभी प्राथमिक, माध्यमिक से लेकर सभी बोर्ड के स्कूलों को पूरी तरह से बंद करने का निर्देश दिया गया है। ये सभी स्कूल 17 जुलाई से लेकर 23 जुलाई तक पूरी तरह से बंद रहेंगे।

मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह को मिलेगा सेवा विस्‍तार? रिटायरमेंट से पहले योगी सरकार ने उठाया ये कदम

लखनऊ  मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह को सेवा विस्तार मिल सकता है। प्रदेश सरकार ने उनके एक वर्ष के सेवा विस्तार के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेज दिया है। वे इसी माह 31 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। उनको सेवा विस्तार देने के प्रस्ताव के साथ ही उनके प्रदेश हित में किए गए कार्यों का भी जिक्र किया गया है।  इसमें लिखा गया है कि उन्होंने प्रदेश में औद्योगिक वातावरण बनाने में अहम भूमिका निभाई है। इसके साथ ही अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वर्ष 1988 बैच के आईएएस अधिकारी मनोज कुमार के सेवा विस्तार की संभावना इसलिए भी प्रबल बताई जा रही है क्योंकि हाल ही में कई राज्यों के मुख्य सचिव को सेवा विस्तार मिल चुका है। इनमें हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी का कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ाया जा चुका है।  वहीं, छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन को तीन माह का सेवा विस्तार दिया गया है। इससे पहले मार्च में हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को छह महीने का सेवा विस्तार केंद्र सरकार दे चुकी है। चूंकि मुख्य सचिव के पास अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त का पद भी है। उन्हें 30 जून 2024 को मुख्य सचिव पद की जिम्मेदारी मिली थी। योगी सरकार में नगर विकास, पंचायती राज, ग्राम विकास विभाग और कृषि उत्पादन आयुक्त जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।  वे मुख्यमंत्री के भरोसेमंद अधिकारी माने जाते हैं। ऐसे में उन्हें एक वर्ष का सेवा विस्तार मिल सकता है। केंद्र सरकार को भेजे गए पत्र में वैश्विक निवेश सम्मेलन और भूमि पूजन समारोह इसी वर्ष कराने का जिक्र किया गया है। वर्ष 2019 में मुख्य सचिव रहे अनूप चंद्र पांडेय काे छह माह का सेवा विस्तार केंद्र सरकार ने इसी आधार पर दिया था।  

डाक विभाग की नई सुविधा: सिर्फ 10 रुपये में सुरक्षित पहुंचेगी राखी वाटरप्रूफ लिफाफे में

प्रतापगढ़ मानसून के महीने में रक्षाबंधन के अवसर पर डाक द्वारा बहनों को भेजी जाने वाली राखी वर्षा के पानी से खराब न हो इसके लिए डाक विभाग द्वारा अच्छी पहल शुरू की गई है। डाक विभाग द्वारा वाटरप्रूफ लिफाफे मंगवाए गए हैं। इन लिफाफे में केवल बहने अपने भाइयों के लिए प्रेम का धागा भेज सकती है। प्रधान डाकघर में लिफाफे का स्टॉक आ गया है। जल्द ही उप डाकघरों में भी भेजा जाएगा।   9 अगस्त को है रक्षाबंधन रक्षाबंधन पर्व को लेकर बहनों व भाइयों का उत्साह रहता है। रक्षा सूत्र कलाई पर सजाने के लिए बहनें भाई के घर पहुंचती है। परदेश में रहने वाली बहनें भाई अपने भाई राखी डाक के जरिए भेजती हैं। समय से ही वह राखी की खरीदकर उसे सुरक्षित कर भाई के पते पर पोस्ट करती हैं। रक्षाबंधन का पर्व इस बार नौ अगस्त को है। इसके दृष्टिगत डाक विभाग ने अभी से ही तैयारी शुरू कर दी है।   लिफाफे की कीमत है 10 रुपये डाक विभाग ने राखी के लिए स्पेशल वॉटर प्रूफ लिफाफे की व्यवस्था की है। इसकी 10 रुपये है। लिफाफे में राखी सुरक्षित रहेगी। बारिश के मौसम में रखरखाव में भी दिक्कत नहीं होगी। प्रधान डाकघर में 10 हजार लिफाफा आया है। अब इसे सभी 44 उप डाकघरों में पहुंचाया जाएगा, ताकि गांव से जुड़ी बहनें भी इसका उपयोग कर सकें। प्रवर डाक अधीक्षक हिमांशु तिवारी ने बताया कि सभी प्रधान डाकघर के साथ ही उप डाकघरों में लिफाफे की उपलब्धता रहेगी। लिफाफे को पहुंचाया को जल्द ही पहुंचाया जाएगा। स्पीड पोस्ट के लिए बनाएं जाएंगे काउंटर प्रधान डाकघर के साथ ही जिले के सभी 44 उप डाकघरों में रक्षाबंधन के पर्व के दृष्टिगत स्पीड पोस्ट के लिए काउंटर बनाएं जाएंगे। वाटर प्रूफ लिफाफा भी काउंटर मिलेगा। अफसरों के मुताबिक प्रधान डाकघर पर दो काउंटर व उप डाकघरों में एक-एक काउंटर अतिरिक्त रहेगा। ऐसे में भीड़ बढ़ने पर धक्का-मुक्की की स्थिति नहीं रहेगी।

फ्री बिजली की सौगात: यूपी सरकार की नई योजना से इन लाभार्थियों को राहत

मेरठ योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश को अंडा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए कुक्कुट विकास नीति 2022 को लागू किया है। इस नीति के तहत जनपद के युवाओं को व्यापारी बनाना भी उद्देश्य है। इसलिए सरकार मुर्गी फार्म बनाने के लिए पांच साल के लिए बिजली का कनेक्शन फ्री दे रही है, जिसका कोई बिल भी नहीं देना होगा। व्यापार में सरकार ही लोन कराकर देगी और सात प्रतिशत तक ब्याज भी सरकार ही देगी। मेरठ में इस व्यापार को करने के लिए तीन लोग अभी तक आगे आए है। जिन्होंने आवेदन कर दिया है। उनके लोन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 10 मुर्गी वाला फार्म बनाएंगे तो खर्च होंगे एक करोड़ पशु चिकित्साधिकारी डा. संदीप कुमार ने बताया कि इस नीति के तहत यदि कोई 10 हजार मुर्गी का फार्म बनाना चाहता है तो उसका लगभग 99.53 लाख रुपये खर्च होगा। जिसमें से लगभग 70 लाख का लोन हो जाएगा। व्यापारी, किसान, उद्यमी को केवल 30 लाख रुपये अपने से खर्च करने होंगे। 70 लाख रुपये का लोन सात प्रतिशत ब्याज तक होगा है तो पशुपालन विभाग इस ब्याज को भरेगा। यदि अधिक होता है तो खुद भरना होगा। 90 हजार मुर्गियों का फार्म बनाने तक है योजना पशु चिकित्साधिकारी डा. संदीप कुमार ने बताया कि 10 से लेकर 90 हजार मुर्गियों तक का फार्म बनाने के लिए यह योजना है। 10 हजार मुर्गियों पर एक करोड़ खर्च हो रहे हैं तो 20 हजार पर लगभग दो करोड़ खर्च होंगे। इसी तरह से 90 हजार मुर्गियों तक खर्च बढ़ जाएगा। 10 हजार मुर्गियों का फार्म बनाना चाहते हैं तो इसके लिए एक एकड़ जमीन का होना जरूरी है। पशुपालन विभाग में कर सकते हैं आवेदन जनपद के विकास भवन में स्थित पशुपालन विभाग के आफिस में पहुंचकर मुर्गी फार्म के लिए आवेदन कर सकते हैं। यहां पर पशु चिकित्साधिकारी इस योजना के बारे में पूरी जानकारी देंगे। खरीदी गई जमीन पर नहीं लगेगा स्टांप शुल्क पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि यदि किसी के पास जमीन नहीं है और वह जमीन खरीदना चाहता है तो इस पर स्टांप शुल्क नहीं लगेगा। इसके स्टांप शुल्क का खर्च पशुपालन विभाग ही उठाएगा।

अंतरिक्ष मिशन से लौटे शुभांशु, भावुक हुए माता-पिता – ‘गर्व है हमारे बेटे पर’

लखनऊ  भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के सकुशल पृथ्वी पर लौट आने से देशवासियों में खुशी की लहर है। उनके पिता शंभू दयाल शुक्ला और माता आशा शुक्ला ने इस ऐतिहासिक क्षण पर अपनी भावनाएं साझा कीं। शंभू दयाल शुक्ला ने गर्व से कहा, "मेरे बेटे की अंतरिक्ष यात्रा मेरे और मेरे परिवार के लिए गर्व का विषय है। यह देशवासियों के आशीर्वाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन से ही संभव हुआ।" उन्होंने बताया कि त्रिवेंद्रम में जब मेरे बेटे शुभांशु को 'एस्ट्रोनॉट विंग' प्रदान किया गया था, तब से ही उसे गगनयात्री की उपाधि मिली थी। प्रधानमंत्री ने शुभांशु की तारीफ की और आशीर्वाद भी दिया था, जिससे उसका उत्साह और बढ़ गया। मैं उनका दिल से धन्यवाद करता हूं। शुभांशु की माता आशा शुक्ला ने भावुक होकर कहा, "जब त्रिवेंद्रम में मेरे बेटे को एस्ट्रोनॉट विंग मिला, तो हॉल में तालियों की गड़गड़ाहट गूंजी थी। सभी लोग भावुक थे। पिछले चार साल से शुभांशु ने कड़ी मेहनत और ट्रेनिंग की थी। जब प्रधानमंत्री ने उनके नाम का ऐलान किया, तो वह मेरे लिए गर्व का पल था।" उन्होंने आगे कहा, "शुभांशु अब केवल मेरा बेटा नहीं, बल्कि पूरे देश का बेटा है। देश की हर मां उसे आशीर्वाद दे रही हैं। मुझे अपने बेटे पर बहुत गर्व है। एक्सिओम-4 मिशन में शुभांशु ने 60 प्रयोगों में हिस्सा लिया, जिनमें से सात इसरो के थे। ” बता दें कि शुभांशु शुक्ला समेत चार अंतरिक्ष यात्री 20 दिन बाद स्पेस से पृथ्वी पर लौट आए हैं। 23 घंटे के सफर के बाद ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट ने कैलिफोर्निया के समुद्र में लैंड किया। वहीं, स्पेसएक्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "ड्रैगन के सुरक्षित उतरने की पुष्टि हो गई है। पृथ्वी पर आपका स्वागत है!"