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जीएसटी रिफॉर्म मूलरूप से हर एक भारतीय पर से टैक्स का बोझ कम करने के लिए है- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा- Next-Gen GST Reform नीतिगत समायोजन के साथ ही मोदी सरकार के एक दशक के अथक, स्थिर और दूरदर्शी आर्थिक प्रबंधन की परिणति है  जीएसटी रिफॉर्म को लेकर अभियान को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विधायकों और मंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से की बैठक – व्यापारियों से लेकर ग्राहकों तक पहुंचेंगे जनप्रतिनिधि, बताएंगे स्वदेशी उत्पाद और जीएसटी रिफॉर्म के फायदें  – जीएसटी रिफॉर्म से किसान से लेकर व्यापारी, विद्यार्थी और महिलाओं को होगा सीधा फायदा, हर वर्ग को बताएं रिफॉर्म से होने वाले फायदें – ‘घटी जीएसटी, मिला उपहार, धन्यवाद मोदी सरकार’ के स्लोगन के साथ ग्राहकों और व्यापारिक संगठनों से करें मुलाकात – हर प्रतिष्ठानों पर लगेगा ‘गर्व से कहो यह स्वदेशी है’ का पोस्टर, आत्मनिर्भर व विकसित भारत में स्वदेशी उत्पादों से होने वाले लाभ को बताएं  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश सरकार में शामिल एनडीए के सभी विधायकों और मंत्रियों के साथ बैठक कर ‘जीएसटी रिफॉर्म जागरूकता अभियान’ के पहले चरण (22 सितंबर से 29 सितंबर 2025) की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस अभियान का उद्देश्य जीएसटी में किए गए सुधारों को व्यापक रूप से जन-जन तक पहुंचाना और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों को इसे प्रभावी ढंग से लागू करने का निर्देश दिया, ताकि त्योहारी सीजन में व्यापारियों, दुकानदारों और आम जनता को इसका पूरा लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान का नेतृत्व सभी जनप्रतिनिधियों द्वारा उनके इलाके में हर रोज अलग-अलग स्थानों पर होगा। मुख्यमंत्री खुद इस अभियान में शामिल होंगे। साथ ही दोनों उपमुख्यमंत्री भी इस अभियान लगातार सात दिन आगे बढ़ाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सांसद, मंत्री, विधायक, एमएलसी और पार्षद अपने-अपने क्षेत्रों में रोजाना 1-2 घंटे बाजारों में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। जिलों में प्रभारी मंत्री स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद कर उन्हें अभियान से जोड़ेंगे, ताकि यह पहल हर स्तर पर प्रभावी हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रतिदिन अलग-अलग बाजारों का दौरा किया जाएगा। दुकानदारों को गुलाब का फूल भेंट कर धन्यवाद दें। उन्होंने कहा कि दुकानदारों को बताएं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग के अनुसार जीएसटी रिफॉर्म लागू किया है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि दुकानों पर ‘गर्व से कहो यह स्वदेशी है’ का पोस्टर लगाएं। साथ ही, दुकानदारों से आग्रह करें कि वे अपने यहाँ स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिले। अभियान के दौरान यह संदेश दें कि स्वदेशी केवल एक नारा नहीं, बल्कि भारत के श्रम, हुनर और परिश्रम की पहचान है। स्थानीय और भारतीय उत्पादों को अपनाने से ही आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत का सपना साकार होगा। दुकानदारों और ग्राहकों को प्रेरित करें कि वे गर्व के साथ स्वदेशी सामान का उपयोग करें, जिससे देश की आर्थिक प्रगति को गति मिले। त्योहारों की खरीदारी के मौके पर ग्राहकों से संवाद कर उन्हें बताएं कि जीएसटी रिफॉर्म से आम जनता को सीधा लाभ मिल रहा है, जिससे सस्ता सामान उपलब्ध हो रहा है। ग्राहकों को भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके साथ ही, ग्राहकों के छोटे-छोटे वीडियो बनाए जाएंगे, जिसमें वे सस्ते सामान मिलने पर प्रधानमंत्री को धन्यवाद देंगे। ये वीडियो अभियान के सकारात्मक प्रभाव को उजागर करेंगे। सभी जनप्रतिनिधि दुकानदारों और ग्राहकों को सरल भाषा में समझाएंगे कि जीएसटी रिफॉर्म ने व्यापार को आसान बनाया है, जनता को सस्ता सामान उपलब्ध कराया है और स्वदेशी उत्पादों के प्रयोग से भारत आत्मनिर्भर और सशक्त राष्ट्र बनेगा। हर स्तर पर जागरूकता फैलाने का प्रयास होगा, ताकि यह सुधार व्यापारी और उपभोक्ता दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी प्रभारी मंत्री अपने प्रभार वाले जनपदों में जाएं और वहां के स्थानीय निकायों और व्यापरिक संगठनों, किसानों और आम जनता से मुलाकात कर उन्हें इसका फायदा बताएं। इसे एक साथ पूरे प्रदेश में लागू करें। स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी इसमें शामिल करें। उन्होंने कहा कि जीएसटी रिफॉर्म से वस्तुएं सस्ती होंगी, लोगों की क्रय शक्ति बढ़ेगी, इससे निवेश आएगा और रोजगार का सृजन होगा। आम लोगों को इसके बारे में जागरूक करना जरूरी है। त्योहारों में खरीदारी करने वाले लोगों से भी संवाद करें।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों से सक्रिय सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि यह अभियान न केवल आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देगा, बल्कि स्वदेशी को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता के सहयोग से ही ये सुधार अपने लक्ष्य तक पहुंचेंगे। इससे विकसित और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प पूरा हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों से उनके अगले सात दिन के कार्यक्रम की रूपरेखा भेजने और उसे तत्परता से लागू करने का निर्देश दिया।

मारीच की तरह छिपा था आरोपी, गोली लगते ही शूटर ने दिया एनकाउंटर: CM योगी

लखनऊ   यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बरेली में अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर हुई गोलीबारी के मामले में एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार एक शूटर की तुलना राक्षस 'मारीच' से की। लखनऊ के लोक भवन में एक समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा, 'आपने कल देखा कि महिला संबंधी अपराध में शामिल एक अपराधी दूसरे राज्य से यूपी आया था। वह संभवतः 'मारीच' (वेश बदलने में माहिर राक्षस) की तरह घुसा था। लेकिन जब यूपी पुलिस की गोली उसे लगी, तो वह चिल्ला रहा था कि वह गलती से उत्तर प्रदेश में घुस आया और अब कभी ऐसा दुस्साहस नहीं करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा, हर उस अपराधी को राज्य से बाहर जाना ही करना होगा जो महिला सुरक्षा को नुकसान पहुंचाएगा, जो उनके सम्मान और आत्मनिर्भरता में बाधा बनने की कोशिश करेगा। बरेली पुलिस के अनुसार, फिल्म अभिनेत्री दिशा पाटनी के बरेली स्थित पैतृक घर पर गोलीबारी करने वाले पांच शूटरों में से एक आरोपी रामनिवास को उसके साथी अनिल के साथ शुक्रवार को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य ने बताया कि मुठभेड़ बरेली में हुई, जिसमें आरोपी रामनिवास के पैर में गोली लगी। घटना के वायरल वीडियो में रामनिवास हाथ जोड़कर जमीन पर लेटा हुआ दिख रहा है और कह रहा है, बाबा के यूपी में कभी नहीं आएंगे साहब। पुलिस ने आरोपी के पास से .32 बोर की पिस्तौल, चार कारतूस और चार खोखे बरामद किए। आर्य ने बताया कि पूछताछ में रामनिवास ने गोलीबारी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और यह भी बताया कि वह घटना के बाद से फरार था।  

समाजवादी पार्टी ने पेश किया नया चुनावी गाना, वीडियो में शामिल हैं आजम खान

लखनऊ  अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी का नया चुनावी सॉन्ग लॉन्च हो गया है, जिसे समाजवादी पार्टी के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल SP टीवी पर अपलोड किया गया है. सॉन्ग के वीडियो में अखिलेश यादव की सरकार के दौरान बने मेट्रो स्टेशन, खेल स्टेडियम और एक्सप्रेसवे को दिखाया गया है. PDA का भी जिक्र है और अखिलेश यादव के साथ आजम खान की तस्वीर और वीडियो भी नजर आएगी.   अखिलेश यादव ने BJP सरकार पर साधा निशाना बता दें कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके BJP की योगी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने योगी सरकार को खासकर जानवरों को लेकर टारगेट किया. उन्होंने कहा कि पीलीभीत, लखीमपुर, बहराइच, रामपुर, सीतापुर, संभल, अमेठी जिलों में जानवरों के हमले बढ़ गए हैं. एक छोटी बच्ची को गुलदार उठाकर ले गया. वन विभाग को सूचना मिली तो भागा-भागा पहुंचा और 25 हजार रुपये की मदद की. योगी सरकार क्या कर रही है? जब से BJP सरकार बनी है, मरने वालों और घायलों के आंकड़े बढ़े हैं. 60 लोगों की जान जा चुकी है और 200 से ज्यादा लोग घायल हुए.   जानवरों के बढ़ते हमलों पर जताई चिंता अखिलेश यादव ने कहा कि खेतों में काम करने वाले किसानों पर हमले की घटनाएं बढ़ी हैं. खेतों में किसानों को फसलों-जानवरों की सुरक्षा के लिए बाड़ और तार लगानी पड़ रही है. शहरों में सांड के हमले बढ़ गए हैं. सोसाइटियों में एनिमल लवर्स और लोगों के बीच झगड़े होने लगे हैं. गौशाला में भी गाय सुरक्षित नहीं बची है. मरने वाली गायों को गौशाला में ही दफनाया जा रहा है. खुले घूम रहे जानवरों को लेकर योगी सरकार के पास कोई सुझाव या स्कीम नहीं है. जंगल बचेंगे, तभी तो जानवरों को रहने की जगह मिलेगी. बजट साफ कर दिया है, लेकिन नदियां साफ नहीं हुई हैं. पेड़ लगाने का बजट साफ हो गया, लेकिन पेड़ नहीं लगे.

बेटियों का सशक्तिकरण: CM योगी बोले, अब वे खुद तय करती हैं अपना भविष्य

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लोकभवन सभागार में नारी की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए समर्पित महत्वाकांक्षी अभियान ‘मिशन शक्ति-5.0’ का भव्य शुभारंभ किया। इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि पहले बेटियां सुरक्षित नहीं थीं, लेकिन आज वे खुद अपने रास्ते बना रही हैं। उन्होंने कहा कि नारी सम्मान उनकी प्राथमिकता है, यही वजह है कि 2017 के बाद से प्रदेश में महिलाओं की स्थिति में अभूतपूर्व परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीयत साफ होती है तो योजनाएं खुद अपना रास्ता बना लेती हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी 1,647 थानों में नवस्थापित मिशन शक्ति केंद्रों का बटन दबाकर उद्घाटन किया। साथ ही, मिशन शक्ति केंद्रों की एसओपी पुस्तिकाओं, बुकलेट और ‘सशक्त नारी, समृद्ध प्रदेश’ फोल्डर का विमोचन भी किया। इस दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपदों के अधिकारीगण और मंत्रीगण इस ऐतिहासिक पल से जुड़े रहे। सीएम योगी ने कार्यक्रम को संबोधन करते हुए कहा कि मिशन शक्ति के पांचवें चरण का शुभारंभ करते हुए उन्हें गर्व और प्रसन्नता हो रही है। पांच साल पहले, 2020 में इस अभियान की शुरुआत के समय लोग संशय में थे कि क्या होगा, कैसे होगा, इसकी थीम क्या होगी? लेकिन मिशन शक्ति को नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से जोड़कर इसे नारी गरिमा के अनुरूप ढाला गया। आज इसके सकारात्मक परिणाम सबके सामने हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान ने नारी को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का मार्ग दिखाया है, जिसे तेजी से आगे बढ़ाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद से 2017 तक पुलिस में महिला कार्मिकों की संख्या महज 10,000 थी, लेकिन 2017 से अब तक यह संख्या 44,000 से अधिक हो गई है। हर भर्ती में 20 प्रतिशत महिलाओं को अनिवार्य रूप से शामिल किया जा रहा है और उनकी समय पर ट्रेनिंग सुनिश्चित की जा रही है। हाल ही में संपन्न 60,200 पुलिस कार्मिकों की भर्ती में 12 हजार से अधिक महिलाएं शामिल हुई हैं, जो वर्तमान में ट्रेनिंग ले रही हैं। सीएम योगी ने कहा कि यह ‘मिशन रोजगार’ और बिना भेदभाव के नौजवानों को जोड़ने का परिणाम है कि 2017 से पहले जो ट्रेनिंग क्षमता महज 3,000 थी, उसे बढ़ाकर अब 60,000 से अधिक कर दिया गया है। सीएम योगी ने कहा कि शिक्षा और अन्य विभागों में भी महिला भर्ती को बढ़ावा दिया गया। 2017 से पहले ट्रेनिंग की कमी एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन अब उत्तर प्रदेश में ही 60,200 से अधिक पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग संभव हो रही है। इसके अलावा, बेसिक शिक्षा परिषद के 1.60 करोड़ से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं, जबकि 2017 से पहले 70-75 फीसद बेटियां नंगे पांव और पुराने कपड़ों में स्कूल जाती थीं। एक मार्मिक घटना का जिक्र करते हुए सीएम ने बताया कि बुंदेलखंड दौरे के दौरान उन्होंने एक बच्ची से बात की, जिसने कहा, “मेरे भाई के लिए जूते आए, लेकिन मुझे नहीं, क्योंकि मैं बेटी हूं।” इस घटना ने उन्हें प्रेरित किया और अब हर बच्चे के लिए दो यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते, मोजे और स्वेटर की व्यवस्था की गई, जिसकी लागत 1,200 रुपये प्रति बच्चे है। सीएम योगी ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की चर्चा करते हुए कहा कि बेटी के जन्म से स्नातक तक 25,000 रुपये का पैकेज दिया जाता है। जन्म पर 5,000 रुपये, एक वर्ष पर 2,000 रुपये (टीकाकरण के बाद), पहली और छठी कक्षा में 3,000-3,000 रुपये, नौवीं में 5,000 रुपये और 12वीं पास करने पर 7,000 रुपये दिए जाते हैं। इस योजना से 26 लाख से अधिक बेटियां सीधें लाभान्वित हो रही हैं। इसके अलावा, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में हर बेटी को 1 लाख रुपये की सहायता दी जा रही है, जो पहले चेहरा देखकर दी जाती थी, अब बिना भेदभाव के उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना, फिट इंडिया मूवमेंट, स्वच्छ भारत मिशन (12 करोड़ शौचालय) और उज्ज्वला योजना (10 करोड़ कनेक्शन) से महिलाओं को चूल्हे के धुएं से मुक्ति मिली है, महिला स्वस्थ होगी तो परिवार सशक्त होगा। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत (50 करोड़ लाभार्थी) और 80 करोड़ को मुफ्त राशन जैसी योजनाओं को नारी गरिमा से जोड़ा। उन्होंने कहा कि परिवार में बीमारी के समय नारी अपना आभूषण तक गिरवी रखती है, इसलिए ये योजनाएं उसके सम्मान से जुड़ी हैं। उत्तर प्रदेश ने 3 करोड़ ग्रामीण भू-अभिलेख में 1 करोड़ से अधिक महिलाओं के नाम किए और 60 लाख गरीबों को आवास उपलब्ध कराए गए। सीएम योगी ने कहा कि कोरोना काल में शुरू की गई बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंस सखी योजना से 40,000 से अधिक महिलाएं हजारों करोड़ का लेन-देन कर रही हैं और मुनाफा कमा रही हैं। पोषाहार मिशन में पहले ठेकेदारों की धांधली थी, लेकिन अब 204 टेक होम राशन प्लांट से 60,000 महिलाएं 8,000 रुपये प्रति माह कमा रही हैं और 2 करोड़ बहनें लाभान्वित हो रही हैं। सीएम योगी ने कहा कि साफ नीयत से योजनाएं अपना रास्ता बनाती हैं। सीएम योगी ने महिला सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि 1 जनवरी 2024 से अगर सिर्फ 2024-25 तक के मामले देखें तो 9,513 मामलों में 12,271 अपराधियों को दंडित किया गया, 12 को मृत्युदंड, 987 को आजीवन कारावास, 3,455 को 10 साल से अधिक और 817 को 10 साल से कम सजा दिलाई गई। सीएम योगी ने बरेली की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि बाहरी अपराधियों ने महिला सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की कार्रवाई से वह चिल्लाया, “गलती से उत्तर प्रदेश आ गया, आगे नहीं करूंगा।” यह अपराधियों के लिए चेतावनी है।  

675 करोड़ की ई-बस योजना कागजों में फंसी, नोएडा एयरपोर्ट की उड़ान अब भी टिकी

लखनऊ  देश के सबसे महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचे में शामिल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन 30 अक्टूबर को प्रस्तावित है, लेकिन एयरपोर्ट तक सुगम यातायात सुविधा की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी ई-बस सेवा अब भी कागजों में उलझी हुई है. बेहतर कनेक्टिविटी नहीं होने की वजह से यात्रियों का सीधे एयरपोर्ट पहुंचना मुश्किल होगा. 500 बसों की योजना जिले में सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 500 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना तैयार की गई थी जिसमें नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्रों को शामिल किया गया है. योजना के मुताबिक नोएडा में 300, ग्रेटर नोएडा व यीडा क्षेत्र में 100-100 बसें चलाई जानी है. इसके लिए 25 रूट प्रस्तावित किए गए है.   कंपनी का गठन अधर में लटका अभी तक बस संचालन के लिए आवश्यक जरूरतें जैसे बस स्टैंड, ई-चार्जिंग स्टेशन और वर्कशॉप आदि पूरी तरह विकसित नहीं हो पाई है. इतना ही नहीं तीनों प्राधिकरणों की सहमति के बावजूद बसों के संचालन के लिए गठित की जाने वाली संयुक्त कंपनी ग्रीन ट्रांसपोर्ट लिमिटेड का औपचारिक गठन भी अधर में लटका हुआ है. करीब 675 करोड़ की लागत इस योजना की लागत लगभग 675 करोड़ रुपये आंकी गई है इसे प्लान करके लागू करने पर विचार किया जा रहा है. शासन स्तर पर दो निजी कंपनियों ट्रैवल टाइम मोबिलिटी इंडिया प्रा. लि. और डेलबस मोबिलिटी का चयन कर लिया गया है, जो बस संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगी. यात्रियों के बिना कैसे चलेंगी बसें ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि बिना पर्याप्त यात्री संख्या के रूट पर बसें चलाने से तीनों प्राधिकरणों पर फाइनेंशियल बोझ बढ़ सकता है. इसलिए बसों के संचालन से पहले एक बार इस रूट का सर्वे करना जरूरी है. यीडा ने शुरू की तैयारी यीडा ने एयरपोर्ट को ध्यान में रखते हुए अपने ई-बस रूट में एयरपोर्ट को प्रमुख ठहराव बनाने की तैयारी शुरू कर दी है. ओएसडी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा से यात्रियों की सीधी कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए ई-बस रूट की शुरुआत नोएडा एयरपोर्ट से ही की जाएगी. एयरपोर्ट उद्घाटन के 45 दिनों के भीतर विमान सेवाएं शुरू होने की संभावना है. ऐसे में यात्रियों को एयरपोर्ट तक पहुंचने के बेहतर कनेक्टिविटी होनी जरूरी है.

देखिए भविष्य का भारत! UP Trade Show में 2047 की प्रगति का शानदार अनुभव

लखनऊ  ग्रेटर नोएडा के नाॅलेज पार्क स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो की तैयारी पूरी कर ली गई है. इसमें विकसित भारत 2047 का विशेष झलक देखने को मिलेगी. इस शो में 5 लाख दर्शकों के आने की उम्मीद है. यहां 2500 एक्जीबिटर अलग-अलग उत्पाद प्रदर्शित करेंगे. कारोबारियों को यहां पर बड़ा कारोबार होने की उम्मीद है. शो में विदेशी खरीदार भी आएंगे। इससे यूपी को आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी. शो में यह होगा खास इस बार यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 में राज्य की सांस्कृतिक धरोहर, पर्यटन निवेश, आर्थिक प्रगति को प्रमुखता से दर्शाया जाएगा. एयरपोर्ट का एक विशेष स्टाॅल होगा. इसके अलावा 100 से अधिक नए स्टार्टअप को स्टाॅल आवंटित किया गया है. यहां पर छात्रों को बुलाया जाएगा. पहली बार शो में फैशन शो अलग स्तर का होगा. इस बार रूस कंट्री पार्टनर के रूप में यूपी ट्रेड शो में हिस्सा ले रहा है। यहां पर मुरादाबाद की कारीगरी से लेकर मुंबई तक के पकवान प्रदर्शित होंगे.   वन ट्रिलियन डाॅलर अर्थव्यवस्था है लक्ष्य यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो से यूपी की अर्थव्यवस्था को उड़ान मिलेगी. वन ट्रिलियन डाॅगर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को पूरा करने में यह शो अहम साबित होगा. नीति निर्माता, वैश्विक निवेश, कारोबारी, शैक्षणिक प्रतिनिधि सहित पर्यटन क्षेत्र की कई नामी हस्ती इस शो में पहुंचेंगी. पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए विशेष पवेलियन तैयार किए गए है. आम जनता के लिए फ्री एंट्री शो का उद्घाटन 25 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे. 26 से 29 सितंबर के लिए यह शो आम जनता के लिए ओपन रहेगा. शो में जनता की एंट्री फ्री रहेगी. किसी तरह की कोई फीस नहीं लगेगी। लोगों को 2500 स्टाॅल पर घूमने का मौका मिलेगा.

सरकार ने बढ़ाया धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य, पहली नवंबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में की जाएगी खरीद

धान (कॉमन)-2369 और (ग्रेड ए) का 2389 रुपये प्रति कुंतल एमएसपी तय पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 31 जनवरी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी 2026 तक चलेगी खरीद लखनऊ, खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत पहली अक्टूबर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धान खरीद शुरू होगी, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के संभागों में धान खरीद पहली नवंबर से होगी। इसके लिए पहली सितंबर से पंजीकरण प्रारंभ हो चुका है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 31 जनवरी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी 2026 तक धान खरीद होगी। सरकार ने इस वर्ष धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि भी की है। धान (कॉमन)-2369 और (ग्रेड ए) का 2389 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है। fcs.up.gov.in या UP KISAN MITRA  पर कराना होगा पंजीकरण धान बिक्री के लिए किसानों का पंजीकृत होना अनिवार्य है। किसानों को खाद्य व रसद विभाग की वेबसाइट fcs.up.gov.in या मोबाइल ऐप UP KISAN MITRA  पर पंजीकरण कराना होगा। धान की खरीद पंजीकृत किसानों से ही होगी। खाद्य व रसद विभाग के मुताबिक किसी भी सहायता या जानकारी के लिए किसान टोल फ्री नंबर 18001800150 नंबर पर कॉल कर सकते हैं। साथ ही अपने जनपद के जिला खाद्य विपणन अधिकारी, तहसील के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी व ब्लॉक के विपणन निरीक्षक से भी संपर्क साध सकते हैं। पश्चिम उत्तर प्रदेश व लखनऊ के इन जनपदों में पहली अक्टूबर से होगी खरीद पश्चिम उत्तर प्रदेश के संभागों में पहली अक्टूबर से धान खरीद शुरू होगी, जो 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। यह खरीद पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली,आगरा, अलीगढ़, झांसी संभाग में होगी। वहीं लखनऊ संभाग के हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर जनपद में भी धान खरीद इसी अवधि में होगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश व लखनऊ संभाग के इन जनपदों में पहली नवंबर से शुरू होगी खरीद पूर्वी उत्तर प्रदेश के संभागों में पहली नवम्बर से धान खरीद शुरू होगी। यह खरीद पूर्वी उत्तर प्रदेश के चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर व प्रयागराज संभाग में होगी। इसके साथ ही लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली व उन्नाव में भी पहली नवंबर से खरीद होगी, जो 28 फरवरी 2026 तक चलेगी।   करीब 10 हजार किसानों ने करा लिया पंजीकरण धान खरीद के लिए पंजीकरण प्रारंभ हो गया है। 20 सितंबर (दोपहर एक बजे) तक करीब 10 हजार किसानों ने धान विक्रय के लिए खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कर लिया है। विभाग के मुताबिक धान की बिक्री के लिए ओटीपी आधारित सिंगल पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। किसान मोबाइल पर एसएमएस से मिले ओटीपी को भरकर पंजीकरण करा सकते हैं। वहीं किसानों को भुगतान सीधे आधार लिंक्ड बैंक खाते में किया जाएगा। बिचौलियों को रोकने व पारदर्शिता बरतते हुए क्रय केंद्रों पर धान की खरीद ई-पॉप (इलेक्ट्रॉनिक प्वॉइंट ऑफ परचेज) डिवाइस के माध्यम से पहले की भांति किसानों के बायोमीट्रिक सत्यापन के जरिए ही होगी।

नालों की सफाई और प्लास्टिक प्रतिबंध: मंदाकिनी में सरकारी कार्रवाई बढ़ी

चित्रकूट मंदाकिनी नदी के संरक्षण और स्वच्छता को लेकर जिला गंगा समिति, पर्यावरण समिति और वृक्षारोपण समिति की संयुक्त बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। मुख्य विकास अधिकारी अमृतपाल कौर ने कहा कि मंदाकिनी की स्वच्छता और अविरलता को बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी विभागों को समयबद्ध कार्य सुनिश्चित करने होंगे। मंदाकिनी नदी में गिरने वाले नालों की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिशासी अधिकारी कर्वी ने बताया कि नालों की टैपिंग के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, और कार्य जल्द प्रारंभ होगा। सीडीओ ने निर्देश दिए कि नदियों के किनारे बसे गांवों में बनाई गई स्थायी समितियां स्वच्छता अभियान को सक्रिय रूप से चलाएं। उन्होंने नदियों के किनारे स्थित आश्रमों में प्लास्टिक के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया और भंडारों में वृक्षों के पत्तों से बने पत्तलों के उपयोग को अनिवार्य करने को कहा। साथ ही सिंगल यूज़ प्लास्टिक और थर्माकोल के उत्पादों की बिक्री व उपयोग पर जुर्माना लगाने और दुकानों पर छापेमारी अभियान चलाने के आदेश दिए। सीडीओ ने सभी खंड विकास अधिकारियों से क्षेत्र में नियमित भ्रमण कर निरीक्षण करने को कहा। उन्होंने जनजागरूकता अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया, ताकि लोग नदियों में कचरा न डालें और स्वच्छता में भागीदार बनें। एसडीओ वन ने बताया कि पंचायती राज विभाग द्वारा ग्राम स्तरीय समितियों का गठन किया जा चुका है। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी प्रत्यूष कटिहार, प्रशिक्षु आईएफएस पृथ्वीराज, उप कृषि निदेशक राजकुमार, अधिशासी अभियंता अखिलेश सिंह, आशीष सिंह रघुवंशी व विवेक श्रीवास्तव रहे।

SSC परीक्षा सेंधमारी का पर्दाफाश: लखनऊ STF ने नोएडा में 11 आरोपियों को पकड़ा

लखनऊ  लखनऊ एसटीएफ ने केंद्र की एसएससी परीक्षा में सेंधमारी करने वाले 11 मुन्नाभाई को नोएडा के फेज 2 क्षेत्र से पकड़ा है. सभी एक से डेढ़ लाख रूपये लेकर विकलांग अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दे रहे थे. आरोपियों के कब्जे से मोटी रकम करीब 14 लाख से ज्यादा बरामद हुए है. इसके अलावा परीक्षा का टेंडर देख रही कंपनी के कर्मचारियों की मिलीभगत भी सामने आई है. कर्मचारी भी पकड़े गए है. क्या है नियम केंद्र की एसएससी परीक्षा पास करने के लिए विकलांग अभ्यर्थी को ग्रेजुएट होना जरूरी है. उसके राइटर के रूप में सिर्फ वही व्यक्ति परीक्षा दे सकता है जो कि इंटरमीडिएट हो. इस मामले में आरोपी बीटेक पास है. मोटी रकम लेकर आरोपी विकलांग की जगह परीक्षा दे रहे थे. नियमों को ताख पर रखकर ऐसा किया जा रहा था. बीटेक पास है आरोपी लखनऊ एसटीएफ के सीओ प्रमेश कुमार ने बताया कि पकड़े गए आरोपी बीटेक पास है. आरोपियों ने विकलांग अभ्यर्थियों से मोटी रकम ली और उनके स्थान पर परीक्षा दे रहे थे. सटीक सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई है. आरोपी लंबे समय से इस काम को अंजाम दे रहे थे. आरोपियों से पूछताछ जारी है.   सीएमओ के फर्जी प्रमाण पत्र मिले आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में सीएमओ के फर्जी प्रमाण पत्र मिले है. इनका इस्तेमाल बीटेक पास राइटर को परीक्षा में बैठाने के लिए किया जाता था. आरोपी खुद की सीएमओ का फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर लेते थे. आरोपी मुख्य रूप से साल्वर की भूमिका निभा रहे थे. कर्मचारी कराते थे एंट्री आरोपियों के गैंग में कंपनी के कर्मचारी भी शामिल है. इन कर्मचारियों की भूमिका साल्वर को परीक्षा केंद्र के अंदर एंट्री कराने की रहती थी. बिना कर्मचारी के मिलीभगत के केंद्र के अंदर एंट्री करना संभव नहीं है. इसके बदले में कर्मचारी मोटी रकम लेते थे.

पहले कक्षा की शिक्षिका, अब स्कूल शिक्षा महानिदेशक: जानें मोनिका रानी की कहानी

लखनऊ  सरकारी स्कूल से पढ़ाई कर आईएएस बनीं मोनिका रानी ने बीते शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग की महानिदेशक के रूप में कार्यभार संभाल लिया. उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं को साझा करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण बदलाव लाने का संकल्प जताया. आईएएस बनने से पहले वह सरकारी स्कूल में टीचर थी. वह बहराइच जिले की डीएम भी रह चुकी है. आइए जानते हैं कि उन्हें कब और कितनी रैंक से यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास किया था. महानिदेशक के रूप में पहले दिन उन्होंने विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से मुलाकात की और उनकी प्राथमिकताएं गिनाई. उन्होंने कहा कि स्कूलों में बच्चों का नामांकन बढ़ाना, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना और सीएम मॉडल कंपोजिट विद्यालयों व अभ्युदय कंपोजिट विद्यालयों का समय से निर्माण कराना मेरी प्राथमिकताएं होंगी. इसके साथ ही, उन्होंने सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) लैब के बेहतर उपयोग, बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने, और विशेष रूप से छात्राओं की शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही. शिक्षकों को प्रोत्साहन और इनोवेशन पर जोर उन्होंने शिक्षकों को प्रोत्साहित करने और शिक्षण को रुचिकर बनाने पर बल दिया. आगे कहा कि शिक्षकों को आधुनिक और नवाचारी शिक्षण विधियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा ताकि पठन-पाठन का स्तर बेहतर हो सके. शिक्षक विभाग की रीढ़ हैं. हम उन्हें प्रेरित करेंगे कि वह न केवल पढ़ाएं, बल्कि बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनें. इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिशन शक्ति, विकसित भारत जैसे महत्वपूर्ण आगामी कार्यक्रमों पर भी चर्चा की. विभाग के विभिन्न यूनिट्स के कामकाज की जानकारी लेते हुए उन्होंने भविष्य की योजनाओं पर विचार-विमर्श किया. पहले टीचर, फिर बनी IAS आईएएस अधिकारी बनने से पहले वह सरकारी स्कूल में टीचर थी. 2004 से 2010 तक उन्होंने दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शिक्षिका पद पर काम किया है.वह 2010 बैच यूपी कैडर की आईएएस अधिकारी हैं. यूपीएससी सीएसई में उन्हें देश भर में 70वीं रैंक हासिल की थी और चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए किया गया था. कहां की रहने वाली हैं IAS मोनिका रानी? आईएएस मोनिका रानी मूल रूप से हरियाणा के गुरुग्राम की रहने वाली हैं. उन्होंने बीकाॅम और एमए इकोनॉमिक्स की डिग्री हासिल की है. ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उनकी पहली तैनाती गाजियाबाद में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के पद पर 11 जुलाई 2012 को हुई थी. इसके बाद फरवरी 2014 में उन्हें शहारनपुर का सीडीओ बनाया गया था. वह चित्रकूट, बहराइच और फर्रुखाबाद की डीएम भी रह चुकी हैं.