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जगन्नाथ मंदिर पहुंचे CM विष्णुदेव साय, हरिनाम संकीर्तन यज्ञ में शामिल होकर मांगी प्रदेश की खुशहाली

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित हरिनाम संकीर्तन नामयज्ञ में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने विधि-विधान के साथ भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने हरिनाम संकीर्तन की परंपरा को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन लोगों को आध्यात्मिक रूप से जोड़ने के साथ-साथ समाज में भाईचारे और सद्भाव का संदेश भी देते हैं। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालुगण उपस्थित थे। मुगंली को देंगे 353 करोड़ की सौगात मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज मुंगेली जिले को 353 करोड़ 58 लाख रुपये से अधिक की विकास सौगात देंगे. जिला मुख्यालय मुंगेली में आयोजित इस बड़े कार्यक्रम में मुख्यमंत्री 414 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. इनमें 152 करोड़ 02 लाख रुपये से अधिक लागत के 284 कार्यों का लोकार्पण और 201 करोड़ 56 लाख रुपये से अधिक के 130 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है. कार्यक्रम का मुख्य आयोजन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम, मुंगेली में होगा. मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है.

RCB टीम का छत्तीसगढ़ पहुंचने पर भव्य स्वागत, खिलाड़ियों ने की कला, संस्कृति और खानपान की जमकर तारीफ

रायपुर  आईपीएल के रोमांच के बीच आरसीबी की टीम के छत्तीसगढ़ पहुँचने पर खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति और लोककलाओं के साथ भव्य स्वागत किया गया। टीम 10 मई को रायपुर में Mumbai Indians के खिलाफ मुकाबला खेलेगी। रायपुर स्थित रिसॉर्ट में टीम के पहुँचते ही पारंपरिक तिलक, आरती और लोकनृत्य के माध्यम से खिलाड़ियों का स्वागत किया गया। इस दौरान छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की रंगत और पारंपरिक संगीत ने खिलाड़ियों का ध्यान आकर्षित किया। कई खिलाड़ी लोककलाकारों के प्रदर्शन को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आए। इस वीडियो को आरसीबी ने अपने ऑफिसियल इंस्टा हैंडल पर शेयर किया है जिसे अब तक 50 लाख से भी ज्यादा लोग देख चुके हैं। वहीं इस मुकाबले को देखने मुकेश अम्बानी के बेटे आकाश अम्बानी भी रायपुर आ सकते हैं । वहीं 13 मई को होने वाले आरसीबी और केकेआर मैच देखने के लिए सुपरस्टार शाहरुख खान भी रायपुर आ सकते हैं। खिलाड़ियों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक खानपान के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्हें प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों से परिचित कराया गया, जिसकी खिलाड़ियों ने सराहना की। आईपीएल मुकाबले को लेकर रायपुर में क्रिकेट प्रेमियों के बीच खासा उत्साह देखा जा रहा है। वहीं, खिलाड़ियों के पारंपरिक स्वागत ने खेल के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की संस्कृति और मेहमाननवाज़ी की भी अलग पहचान प्रस्तुत की है।

9वीं में एडमिशन के लिए चयन परीक्षा आज, आवासीय विद्यालयों में मिलेगी प्रतियोगी एग्जाम की खास तैयारी

जांजगीर-चांपा/अम्बिकापुर. आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने बताया कि आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास रायपुर के द्वारा जारी पत्र के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना अंतर्गत संचालित प्रयास आवासीय विद्यालयों में शिक्षण सत्र 2025-26 कक्षा 9वीं में प्रवेश हेतु चयन परीक्षा का आयोजन 20 अप्रैल 2025 को प्रातः 10:00 बजे से 01:00 बजे अपरान्ह तक जिला स्तर पर आयोजित है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन फार्म भरने वाले सभी पात्र परीक्षार्थी विभागीय वेबसाईट www.eklavya.cg.nic.in पर विद्यार्थी का आवेदन क्रमांक व विद्यार्थी के पिता का मोबाईल नम्बर अंकित कर 03 अप्रैल 2025 से 20 अप्रैल 2025 तक ऑनलाइन प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। किसी प्रकार की कठिनाई होने पर कलेक्टरेट कैम्पस अंबिकापुर में कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास अथवा संबंधित विकासखण्ड के मण्डल संयोजक से सम्पर्क कर सकते हैं। अम्बिकापुर के मंण्डल संयोजक का मो. नम्बर 9009627222, लखनपुर के मंण्डल संयोजक का मो. नम्बर 9753946553, उदयपुर के मंण्डल संयोजक को मो. नम्बर 9406130942, लुंण्ड्रा के मंण्डल संयोजक का मो. नम्बर 7999566767, बतौली के मंण्डल संयोजक का मो. नम्बर 7000452965, सीतापुर के मंण्डल संयोजक का मो. नम्बर 7240825482 एवं मैंनपाट के मंण्डल संयोजक का मो. नम्बर 9098979738 है।

IPL Fever in Raipur: RCB स्टार्स को भाया छत्तीसगढ़ का स्वाद, चखी मशहूर कांदा भाजी

रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का वीर नारायण सिंह क्रिकेट स्टेडियम इस साल रॉयल चैलेंजर्स बंगलुरू (RCB) के रंग में डूबा है, लेकिन उस टीम के क्रिकेटरों पर शनिवार को छत्तीसगढ़िया रंग चढ़ गया. क्रिकेटर्स ने कांदा भाजी, चरोटा भाजी, रागी के व्यंजन और बस्तर के प्राकृति तिखुर शरबत का स्वाद लिया. उन्होंने स्थानीय संगीत और नृत्य का आनंद लिया. आरसीबी ने इस साल आईपीएल के लिए रायपुर को अपना दूसरा होमग्राउंड बनाया है. आरसीबी टीम को 10 मई को मुंबई इंडियन्स और 13 मई को कोलकता नाइट राइडर्स के साथ मुकाबला खेलने वाली है. इसके लिए 8 मई को आरसीबी टीम रायपुर पहुंची. मायरा रिजॉर्ट में पूरी आरसीबी टीम ठहरी हुई है. एक प्रदर्शनी में सांस्कृतिक अनुभव के हिस्से के रूप में खिलाड़ियों का पारंपरिक संगीत और नृत्य के साथ स्वागत किया गया. टीम के कप्तान रजत पाटीदार समेत सभी क्रिकेटर्स को खासकर चरोटा और कांदा भाजी का स्वाद खूब भाया. गर्मियों में पीये जाने वाले बस्तर के प्राकृतिक शर्बत तिखुर भी पसंद आया. वहीं उन्होंने स्थानीय हस्तशिल्प आदिवासी कला, गोदना और चित्रकोट जलप्रपात के बारे में जाना. रायपुर ने हमें अपने घर जैसा महसूस कराया : सीईओ राजेश आरसीबी के सीईओ राजेश मेनन ने कहा कि रायपुर ने हमारा जिस गर्मजोशी के साथ स्वागत किया है, उससे हम बेहद उत्साहित हैं. हम आरसीबी को एक ऐसे शहर में लाकर खुश हैं, जिसने सचमुच हमें अपने घर जैसा महसूस कराया है. गोदना कला से प्रभावित हुए पांड्या टीम मेंबर्स को बताया गया कि गोदना कला, एक पारंपरिक टैटू प्रथा है, जो आदिवासी संस्कृति में गहराई से रची-बसी है. इस कला को संरक्षित रखने के लिए यह वस्त्र और कपड़ों के डिजाइनों में भी विकसित हो गई है. क्रिकेटर क्रुणाल पांड्या जो टैटू के शौकीन हैं, इस कलाकृति के पीछे की कारीगरी और कहानी कहने के अंदाज से विशेष रूप से प्रभावित हुए. उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब मैं रायपुर आया हूं और यह अनुभव अद्भुत रहा है.  मेफेयर में ठहरी है मुंबई इंडियन टीम रायपुर के मेफेयर होटल में मुंबई इंडियन ठहरी हुई है. जहां उनके लिए छत्तीसगढ़ी थीम पर फ़ूड और कल्चर एक्टिविटी की तैयारी की गई है. चियर्स करने पहुंचेंगी अनुष्का, रितिका और नीता अंबानी  रायपुर में होने वाले मैच को देखने के लिए  राज्यसभा सदस्य राजीव शुक्ला के अलावा अभिनेत्री और विराट कोहली की पत्नी अनुष्का शर्मा रायपुर आ रही हैं. रोहित शर्मा की पत्नी रितिका सचदेव के अलावा मुंबई इंडियंस की ओनर नीता अंबानी और उनके पुत्र अनंत अंबानी के भी आने की संभावना है.  बता दें कि मुख्यमंत्री साय की पहल से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 10 साल बाद आईपीएल मैच संभव हो पाया है. पिछले वर्ष की विजेता टीम आरसीबी ने रायपुर को अपना होम ग्राउंड चुना. यह मैच छत्तीसगढ़ में होने से राज्य की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगी. 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हरिनाम संकीर्तन नामयज्ञ में लिया हिस्सा, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि के लिए की विशेष पूजा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित हरिनाम संकीर्तन नामयज्ञ में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने विधि-विधान के साथ भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने हरिनाम संकीर्तन की परंपरा को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन लोगों को आध्यात्मिक रूप से जोड़ने के साथ-साथ समाज में भाईचारे और सद्भाव का संदेश भी देते हैं। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालुगण उपस्थित थे।

सुशासन की रफ़्तार 12 किमी का मुश्किल सफर अब अनिल के लिए हुआ आसान

बिलासपुर हौसले बुलंद हों और शासन का साथ मिल जाए, तो कोई भी बाधा सपनों को नहीं रोक सकती। बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम नागपुरा के रहने वाले अनिल कुमार की कहानी आज इसी बदलाव की गवाही दे रही है। सुशासन तिहार के माध्यम से मिली एक मोटरराइज़्ड ट्राइसिकल ने न केवल अनिल के रास्ते की दूरी कम की है, बल्कि उनके आत्मविश्वास को नई ऊँचाई दी है। चुनौतियों से भरा था शिक्षा का पथ      अनिल कुमार 12वीं कक्षा के छात्र हैं और 70 प्रतिशत दिव्यांगता के बावजूद उनके मन में पढ़ने की तीव्र इच्छा है। लेकिन उनके घर से स्कूल की दूरी 12 किलोमीटर है। रोज़ लंबी दूरी तय करना, ऊबड़-खाबड़ रास्ते और स्कूल पहुँचने के लिए दूसरों पर निर्भरता अनिल की पढ़ाई में बड़ी बाधा थी। अनिल के परिवार वाले भी उनकी सुरक्षा और पहुँच को लेकर हमेशा चिंतित रहते थे। समाधान शिविर में मिली त्वरित राहत    बानाबेल में आयोजित श्सुशासन तिहारश् समाधान शिविर अनिल के जीवन में टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। अनिल ने अपनी समस्या अधिकारियों के सामने रखी। शासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मौके पर ही आवेदन का निराकरण किया और अनिल को मोटरराइज़्ड ट्राइसिकल प्रदान की। आत्मनिर्भरता की नई मुस्कान      ट्राइसिकल की चाबी मिलते ही अनिल के चेहरे पर जो चमक दिखी, वह आत्मनिर्भर होने के गर्व की थी। अब अनिल बिना किसी मानवीय सहारे के स्वयं वाहन चलाकर समय पर स्कूल पहुँच सकेंगे। पहले स्कूल पहुँचना ही सबसे बड़ी चुनौती थी, जिससे पढ़ाई प्रभावित होती थी। अब मेरी मुश्किलें आसान हो गई हैं। अनिल कुमार ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का हृदय से आभारी हूँ, जिन्होंने मेरे सपनों को नई रफ़्तार दी है।

छत्तीसगढ़ के पहले अत्याधुनिक बकरी ब्रीडिंग एवं रिसर्च सेंटर की तैयारी

रायपुर छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से धमतरी जिले का भटगांव एक ऐतिहासिक बदलाव का साक्षी बनने जा रहा है। कलेक्टर की विशेष पहल पर यहाँ राज्य का पहला “रिसर्च कम इंटीग्रेटेड प्रोडक्शन एडवांसमेंट ब्रीडिंग सेंटर” स्थापित किया जा रहा है। यह केंद्र न केवल पशुपालन के पारंपरिक स्वरूप को बदलेगा, बल्कि वैज्ञानिक अनुसंधान और उद्यमिता का एक ग्लोबल मॉडल पेश करेगा। वैज्ञानिक पशुपालन- परंपरा और तकनीक का संगम          यह केंद्र पारंपरिक बकरी पालन की सीमाओं को तोड़कर इसे आधुनिक और लाभप्रद व्यवसाय में बदलेगा। केंद्र में कृत्रिम गर्भाधान, पैथोलॉजी जांच और त्वरित रोग निदान के लिए हाई-टेक प्रयोगशाला होगी। रिसर्च यूनिट के माध्यम से बकरी की उन्नत नस्लों का संरक्षण और प्रजनन किया जाएगा, जिससे पशुपालकों को बेहतर गुणवत्ता के पशु मिल सकें। पशुओं के लिए टिकाऊ आहार और विभिन्न प्रकार के हरे चारे के उत्पादन की वैज्ञानिक पद्धतियों का प्रदर्शन किया जाएगा। कौशल विकास- पशु सखियों और युवाओं को मिलेगा नया मंच           कलेक्टर धमतरी के विजन के अनुसार, यह केंद्र केवल एक ब्रीडिंग सेंटर नहीं बल्कि एक लर्निंग सेंटर भी होगा। युवाओं और किसानों के लिए हॉस्टल की सुविधा के साथ ऑनलाइन व ऑफलाइन प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी। प्रथम चरण में ही 10-12 स्थानीय युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा जाएगा। पशु सखियों को तकनीकी प्रशिक्षण देकर ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर उद्यमी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। भविष्य का रोडमैप- माणिकस्तु के साथ ग्लोबल विजन          परियोजना की सफलता के लिए ओडिशा की प्रतिष्ठित फर्म माणिकस्तु (डंदपोजन) के विशेषज्ञों का तकनीकी सहयोग लिया जा रहा है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में उन्नत नस्लों की खरीद-बिक्री के लिए एक पारदर्शी मार्केटिंग प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा। भविष्य में यहाँ राज्य की सबसे आधुनिक समर्पित पशुधन मंडी और पशु चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की योजना है।

विशंकर जलाशय की सुरक्षा के लिए गेटों की मरम्मत एवं आवश्यक कार्यों हेतु 65.50 करोड़ रुपए की मिली प्रशासनिक स्वीकृति

रायपुर प्रदेश में सिंचाई संरचनाओं की सुरक्षा और जल प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने की दिशा में राज्य शासन द्वारा लगातार प्रभावी कदम उठाया जा रहा है। इसी कड़ी में जल संसाधन विभाग द्वारा धमतरी जिले में स्थित रविशंकर सागर जलाशय (गंगरेल बांध) के गेटों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों के लिए 65 करोड़ 50 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई है।          जारी स्वीकृति के अनुसार जलाशय में एपॉक्सी ग्राउटिंग, फ्लेक्सिबल शाफ्ट हाई प्रेशर वाटर जेट से चोक व्हीपीडी की सफाई सहित अन्य आवश्यक मरम्मत एवं संरक्षण कार्य कराए जाएंगे। यह कार्य जलाशय की संरचनात्मक मजबूती, संचालन क्षमता और दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।            राज्य शासन द्वारा महानदी परियोजना के मुख्य अभियंता को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए। कार्यों में वित्तीय अनुशासन, तकनीकी मापदंडों तथा पारदर्शी निविदा प्रक्रिया का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही कार्य की नियमित मॉनिटरिंग एवं गुणवत्ता परीक्षण भी किए जाएंगे, ताकि निर्माण कार्य उच्च मानकों के अनुरूप संपन्न हो सके।            उल्लेखनीय है कि रविशंकर सागर जलाशय प्रदेश की बहुत पुरानी और प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं में से एक है, जिससे कृषि, जलापूर्ति और क्षेत्रीय विकास को व्यापक लाभ मिलता है। स्वीकृत कार्यों के पूर्ण होने से जलाशय की कार्यक्षमता और सुरक्षा में और अधिक मजबूती आएगी, जिससे किसानों एवं आमजन को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा। जल संसाधन विभाग द्वारा यह भी निर्देशित किया गया है कि कार्यों के क्रियान्वयन में सभी तकनीकी एवं प्रशासनिक प्रावधानों पालन सुनिश्चित किया जाए तथा कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।

हरा सोना, नई उड़ान: वनोपज से आत्मनिर्भरता की ओर छत्तीसगढ़

रायपुर छत्तीसगढ़, जिसे हर्बल स्टेट के रूप में जाना जाता है, आज अपनी समृद्ध वन संपदा और दूरदर्शी शासकीय नीतियों के बल पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा दे रहा है। यहाँ के वनों से प्राप्त होने वाला ग्रीन गोल्ड अब केवल स्थानीय उपयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक बाज़ारों में अपनी चमक बिखेर रहा है। छत्तीसगढ़ की यह पहल न केवल वनों का संरक्षण कर रही है, बल्कि ग्रामीण समाज में स्वावलंबन, आत्मविश्वास और आर्थिक सुरक्षा की एक नई चेतना का संचार कर रही है। ‘ग्रीन गोल्ड’ (हरा सोना) वनों की असली पूँजी छत्तीसगढ़ में वनोपज को श्हरा सोनाश् कहा जाता है, जो राज्य की आर्थिक रीढ़ है। तेंदूपत्ता एवं बांस बहुमुखी उपयोगिता के कारण इन्हें प्रमुखता से श्हरा सोनाश् माना जाता है। लाख, शहद और दुर्लभ औषधीय पौधों के साथ-साथ सागौन, साल, बीजा और शीशम जैसे कीमती वृक्ष यहाँ प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। आधुनिक प्रसंस्करण के माध्यम से इन कच्चे माल को उच्च मूल्य के उत्पादों में बदला जा रहा है। जामगांव एम केंद्रीय प्रसंस्करण इकाई  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और वन मंत्री  केदार कश्यप द्वारा लोकार्पित यह इकाई वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था का पावरहाउस है। आंवला, बेल, गिलोय और अश्वगंधा जैसे उत्पादों को जूस, कैंडी और हर्बल पाउडर में परिवर्तित किया जाता है। वैज्ञानिक भंडारण यहाँ 20 हजार मीट्रिक टन क्षमता वाले अत्याधुनिक गोदाम हैं, जो उपज को सुरक्षित रखते हुए संग्राहकों को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाते हैं।           छत्तीसगढ़ हर्बल्स स्थानीय से वैश्विक तक राज्य सरकार का यह आधिकारिक ब्रांड शुद्धता और प्राकृतिक उत्पादों का पर्याय बन चुका है। संजीवनी स्टोरों की संख्या 30 से बढ़कर अब 1,500 से अधिक हो गई है। ई-कॉमर्स अब ये उत्पाद अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसे प्लेटफॉर्म्स पर भी उपलब्ध हैं। प्रमुख उत्पाद भृंगराज तेल, नीम तेल, च्यवनप्राश, शुद्ध शहद, महुआ उत्पाद, बेल शर्बत और विभिन्न आयुर्वेदिक चूर्ण। महिला सशक्तिकरण अर्थव्यवस्था की रीढ़           इस पूरी व्यवस्था के केंद्र में महिला स्व-सहायता समूह हैं। दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों की महिलाएं मशीन संचालन, गुणवत्ता परीक्षण और पैकेजिंग का कार्य संभाल रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन में कमी आई है और परिवारों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह मॉडल आदिवासी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्तश् बनाने का सफल उदाहरण है।           हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट (2025) भविष्य की राह को देखते हुए वर्ष 2025 में स्थापित इस यूनिट ने छत्तीसगढ़ को हर्बल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित कर दिया है। यहाँ औषधीय पौधों से उच्च गुणवत्ता वाले अर्क तैयार किए जाते हैं, जिनकी भारी मांग अंतर्राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल और वेलनेस इंडस्ट्री में है। राज्य अब केवल कच्चा माल देने वाला क्षेत्र नहीं, बल्कि परिष्कृत उत्पादों का निर्माता बन गया है।

जनता की सुनवाई और त्वरित निराकरण: सुशासन तिहार बना राहत का मंच

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में आयोजित “सुशासन तिहार 2026” के तहत आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जा रहा है। इसके साथ ही पात्र हितग्राहियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मौके पर प्रदान किया जा रहा है। इसी क्रम में जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम सिमड़ा में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में 4 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित आवासों की चाबी सौंपी गई। लाभान्वित हितग्राहियों में ग्राम सिमड़ा की जेरोम, मयूरचुंदी के बीरबल यादव, करडेगा के टूना राम तथा जगदीश यादव शामिल हैं। पक्के मकान की चाबी पाकर सभी हितग्राहियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें बारिश, धूप और अन्य कठिनाइयों से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से उनका सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का सपना साकार हुआ है और अब वे अपने परिवार के साथ नए घर में सुखपूर्वक जीवन व्यतीत करेंगे। सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है, जिससे लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है। हितग्राहियों को मिले राशन कार्ड मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित “सुशासन तिहार 2026” आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। “गांव-गांव, द्वार-द्वार” पहुंच रही प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का निराकरण कर उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है। इसी क्रम में जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम सिमड़ा में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में पात्र हितग्राहियों को राशन कार्ड वितरित किए गए। शिविर में कुल 5 हितग्राहियों को नए राशन कार्ड प्रदान किए गए, जिससे उन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। लाभान्वित हितग्राहियों में ग्राम सिमड़ा की अनामिका टोप्पो, मयूरचुंदी की लीलावती गोंड तथा सेली खेस की गीता सिंह सहित अन्य हितग्राही शामिल हैं। राशन कार्ड प्राप्त होने पर महिलाओं ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया। हितग्राहियों ने कहा कि सुशासन तिहार उनके लिए अत्यंत उपयोगी साबित हुआ है। अब उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ते, बल्कि प्रशासन स्वयं गांव के नजदीक पहुंचकर त्वरित समाधान उपलब्ध करा रहा है।सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है, जिससे आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। घुटनों के बल चलने की मजबूरी थमी छत्तीसगढ़ सरकार की ‘सुशासन’ की संकल्पना अब धरातल पर उन चेहरों पर मुस्कान बनकर लौट रही है, जो वर्षों से अभावों में जी रहे थे। धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड के ग्राम सिवनीकला में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ एक ऐसा ही मंच बना, जिसने दिव्यांग जीवन लाल साहू के संघर्षपूर्ण जीवन को नई गति और गरिमा प्रदान की है। सिवनीकला निवासी जीवन लाल साहू बचपन से ही दोनों पैरों की गंभीर दिव्यांगता का दंश झेल रहे हैं। दशकों तक उन्होंने वह दर्द सहा है, जहाँ चंद कदमों की दूरी तय करने के लिए उन्हें घुटनों के बल रेंगना पड़ता था। शारीरिक अक्षमता के बावजूद जीवन लाल ने कभी खुद को बेबस नहीं माना। वे न केवल अपने परिवार की दो एकड़ कृषि भूमि की देखरेख में हाथ बंटाते हैं, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में भी स्वाभिमान के साथ जीवन यापन कर रहे हैं। ​शासन की योजनाओं का मिला संबल जीवन लाल के परिवार को शासन की विभिन्न जनहितैषी योजनाओं का निरंतर लाभ मिल रहा है। दिव्यांग पेंशन के रूप में 500 रुपए की ​आर्थिक सहायता और राशन कार्ड के जरिए हर महीने मिलने वाला 35 किलो चावल मिल रहा है। सुशासन तिहार के माध्यम से मौके पर ही ट्राइसाइकिल की उपलब्धता से अब कही आने जाने में समस्या नही होगी। ​ जब जीवन लाल को ग्रामीणों से ‘सुशासन तिहार’ के बारे में पता चला, तो वे अपनी अर्जी लेकर समाज कल्याण विभाग के स्टॉल पर पहुँचे। जिला प्रशासन की संवेदनशीलता का आलम यह था कि उनके आवेदन पर बिना किसी विलंब के तत्काल कार्यवाही की गई और शिविर स्थल पर ही उन्हें निशुल्क ट्राइसाइकिल भेंट की गई। इस पर जीवन लाल ने कहा कि अब मुझे खेत जाने या गांव में कहीं भी आने-जाने के लिए दूसरों का मुँह नहीं ताकना पड़ेगा। यह सिर्फ एक मशीन नहीं, बल्कि मेरे लिए नए पैर हैं जो मुझे आत्मनिर्भर बनाएंगे।   संवेदनशील प्रशासन, सशक्त नागरिक ट्राइसाइकिल पाकर भावुक हुए जीवन लाल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि सरकार की इस संवेदनशीलता ने उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ दिया है। धमतरी के इस सुशासन तिहार ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब प्रशासन द्वार तक पहुँचता है, तो अंतिम पंक्ति के व्यक्ति का जीवन वाकई बदल जाता है। जीवन लाल की यह कहानी प्रदेश के हजारों दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणा और सुशासन के प्रति अटूट विश्वास का प्रतीक है। मत्स्य पालकों के लिए सुशासन शिविर बना वरदान दंतेवाडा जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में कलस्टर वार हो रहे सुशासन शिविरों से जहां मौके पर ही ग्रामीणों की अधिकतर समस्याओं का समाधान किया जा रहा हैं। वही विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को आधुनिक तकनीकों से युक्त यंत्र उपकरण सामग्रियां निशुल्क वितरण की जा रही है। इससे हितग्राहियों में अच्छा खासा उत्साह देखा जा रहा है और अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित हो रहे हैं। इस क्रम में विगत दिवस भूसारास और हल्बारास में संपन्न हुए सुशासन शिविर में मत्स्य विभाग द्वारा मत्स्य पालकों को उन्नत जाल और आईस बाक्स वितरण करके उनके व्यवसाय को सुविधाजनक और आर्थिक अनुकूलन बनाने का सफल प्रयास किया जा रहा हैं। विकासखंड कटेकल्याण अंतर्गत ग्राम भूसारास में 6 मई को हुए हितग्राही हिड़मा मण्डावी एवं महादेव मरकाम भी लाभान्वित ग्रामीणों में से एक है। इस संबंध में मत्स्य कृषक हिड़मा ने बताया कि वह विगत 10 वर्षों से अपने स्वयं की भूमि में 0.20 हे. का तालाब निर्माण कर भारतीय मेजर कार्प रोहू, कतला, मृगल का संचयन कर मछली पालन का कार्य … Read more