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BSP में स्क्रैप चोरी पर बड़ी कार्रवाई, दो डायरेक्टर पुलिस की गिरफ्त में

दुर्ग. भिलाई इस्पात संयंत्र से स्क्रैप चोरी कर रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड रसमड़ा औद्योगिक संस्थान में खपाए जाने के संबंध में थाना पुरानी भिलाई पुलिस ने दो डायरेक्टर को गिरफ्तार किया है। 26 मई को लोहा स्क्रैप अकलोरडीह खदान पर स्थित ए के ट्रेडर्स से भारी मात्रा में स्क्रैप बरामद हुआ था। इस मामले में विवेचना के दौरान पुलिस ने अब तक 19 आरोपियों की गिरफ्तारी की है और आगे विवेचना जारी है। इस प्रकरण में गिरफ्तार किए गए आरोपियों से प्राप्त महत्वपूर्ण जानकारी तथा तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण से भिलाई इस्पात संयंत्र से चोरी किए गए स्क्रैप को रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड रसमड़ा स्थित औद्योगिक संस्थान में खपाए जाने की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस ने कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर विनोद कुमार गर्ग निवासी भाठागांव रायपुर थाना पुरानी बस्ती एवं डायरेक्टर संदीप कुमार सिंह निवासी जुनवानी रोड स्मृति नगर थाना सुपेला को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। इस प्रकरण में अब तक कुल 21 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

पेंशन बंद करने के फैसले से प्राध्यापकों में नाराजगी, बोले- अपना फैसला वापस ले सरकार

हमारे पढ़ाए विद्यार्थी देश सेवा कर रहे हैं पर हमें रोटी के लिए तरसा दिए पेंशन बंद कर देने से प्राध्यापक परेशान, अपना फैसला वापस ले  रायपुर/ बिलासपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने 1 सितम्बर 2026 को एक तुगलकी और दमनकारी आदेश जारी कर प्रदेश के अनुदानित अशासकीय महाविद्यालयों से सेवानिवृत हुए 400 से अधिक प्राध्यापकों और तृतीय व चतुर्थ कर्मचारियों की पेंशन अचानक बंद कर उनके समक्ष उनके जीवन-यापन, अपने इलाज और पारिवारिक जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए गंभीर संकट पैदा कर दिया है l  छत्तीसगढ़ अनुदानित अशासकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ ने प्रेस क्लब में पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि राज्य सरकार के 11 सितम्बर 2026 को जारी आदेश के अनुसार इन अनुदानित अशासकीय महाविधालयों में वर्तमान में कार्यरत प्राध्यापकों एवं तृतीय व चतुर्थ कर्मचारियों की पेंशन व ग्रेच्युटी की पात्रता व प्रावधान को अचानक सेवावधि के बीच में ही समाप्त कर दिया है l इससे वर्त्तमान में कार्यरत प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों को सेवानिवृत होने पर जीवन-यापन की समस्याओं से जूझना होगा l  राज्य सरकार अनुदानित अशासकीय महाविद्यालयों के सेवानिवृत्त प्राध्यापकों व कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पर पेंशन व ग्रेच्युटी का निरंतर भुगतान गत 37 वर्षों से करती आ रही है। 26 अक्टूबर 2010 को तत्कालीन मुख्य मंत्री डॉ रमन सिंह ने इन प्राध्यापकों व कर्मचारियों की मांग पर पांचवें वेतनमान में पेंशन तथा चौथे वेतनमान में ग्रेच्युटी देना आरम्भ किया। तब से सेवानिवृत प्राध्यापक व कर्मी पांचवें वेतनमान में निरंतर पेंशन प्राप्त करते रहे हैं । हालांकि पेंशनर्स की यह मांग थी कि शासकीय महाविद्यालयों के पेंशनर्स के समकक्ष जो जिस वेतनमान में सेवानिवृत हो रहा है, उसे उसी वेतनमान में पेंशन व ग्रेच्युटी प्रदान की जाए ।  संघ के अध्यक्ष डी एन शर्मा व महासचिव।       ने बताया कि वेतनमान के अनुरूप पेंशन व ग्रेच्युटी के अधिकार को लेकर  उच्च न्यायालय में 80 से अधिक सेवानिवृत्त प्राध्यापकों द्वारा दायर की गई याचिकाओं पर अलग अलग निर्णयों में राज्य सरकार को आदेश दिया कि जो प्राध्यापक जिस वेतनमान में सेवानिवृत हुआ है, उसे उसी वेतनमान में पेंशन तथा ग्रेच्युटी का भुगतान किया जाए । इस निर्णय के विरुद्ध राज्य सरकार द्वारा उच्च न्यायालय (डबल बेंच) में दायर कई रिवीजन याचिकाओं को भी खारिज कर दिया है। राज्य सरकार द्वारा उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेना करने पर 50 से अधिक पेंशनभोगी प्राध्यापकों ने उच्च न्यायालय में राज्य सरकार के विरुद्ध ‘न्यायालय की अवमानना’ के कंटेंप्ट प्रकरण दायर किये हैं, जिन पर कार्यवाही लंबित है । हालाकि डॉ आर के उपाध्याय व डॉ सी के तिवारी के कंटेंप्ट प्रकरण पर उच्च न्यायालय के आदेश पर राज्य सरकार द्वारा उन्हें 6वें वेतनमान में ग्रेच्युटी का भुगतान कर, 6वें वेतनमान में पेंशन दी जा रही है, जो इस आदेश के बाद रोक दी गई है l स्थिति यह है कि गत दो माहों (जुलाई व अगस्त) की किसी भी पेंशनभोगी को पेंशन का भुगतान राज्य सरकार द्वारा अब तक नहीं किया गया है l    उच्च न्यायालय द्वारा पेंशनर्स के उपयुक्त वेतनमान में पेंशन देने के अधिकार को मान्य कर उनके हित में दिये गए आदेशों से क्षुब्ध होकर राज्य सरकार ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी (विशेष पुनरीक्षण याचिका) दायर की थी; जो सर्वोच्च न्यायालय द्वारा खारिज कर दी गईं हैं l पेंशनर्स को उनका हक नहीं देने के लिए राज्य सरकार ने 27 पेंशनर्स के मामले फिर से सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी दायर कर दी है।  जब सरकार को लगा कि मा न्यायालयों से पेंशनर्स प्राध्यापकों को उनका अधिकार मिल जाएगा तो दमनकारी रवैया अपनाते हुए पांचवें वेतनमान में पेंशन तथा चौथे वेतनमान में ग्रेच्युटी प्रदान करने के डॉ रमन सिंह सरकार द्वारा जारी आदेश को विष्णुदेव साय सरकार ने 22 अगस्त 26 की मंत्रिमंडल की बैठक में पलटकर निरस्त कर दिया। इस निर्णय के अनुसरण में 1 सितंबर 2026 और 11 सितंबर 2026 को आदेश जारी कर राज्य में अनुदानित अशासकीय महाविद्यालय के प्राध्यापकों और कर्मचारियों को मिल रही पेंशन 1 सितंबर 2026 से बंद कर दी है। यहाँ तक कि जुलाई व अगस्त माहों की पेंशन का भुगतान भी राज्य सरकार ने रोक दिया है ।  विष्णुदेव साय सरकार के इस दमनकारी निर्णय से सेवानिवृत वृद्द प्राध्यापक व कर्मचारी गंभीर आर्थिक कठिनाइयों में आ गए हैं । बीपी, डायबिटीज, हार्ट रोगों, घुटनों के दर्द सहित उम्र जनित बीमारियों के चलते बुढ़ापे के दौर में पारिवारिक जिम्मेदारियां के निर्वाह के लिए पेंशन ही उनके जीवन का सहारा थी l   उक्त जानकारी देते हुए संघ ने मांग की है कि  हमारे राज्य सरकार से यह मांग है कि राज्य सरकार 1 सितंबर 2026 तथा 11 सितंबर 2026 के पेंशन व ग्रेच्युटी बंद करने के आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस ले और सभी पेंशनर्स की पेंशन को यथावत लागू करें। जुलाई व अगस्त की पेंशन का भुगतान अति शीघ्र किया जाये ।वयोवृद्द व असहाय होते प्राध्यापकों और कर्मचारियों के प्रति सरकार की हठधर्मिता और भेदभाव व उत्पीडन वाले   उपेक्षापूर्ण रवैय्ये से हम सब प्राध्यापक हैरान व दुखी हैं। हम अत्यधिक वेदना और पीड़ा के साथ यह व्यक्त कर रहे हैं कि हम प्राध्यापकों ने प्रदेश की उच्च शिक्षा में उस समय से अपना महत्वपूर्ण योगदान देते आ रहे हैं जब अंचल/प्रदेश में गुणवत्तायुक्त उच्च शिक्षा के संस्थान बहुत ही कम थे; और फिर भी हम वर्तमान राज्य सरकार द्वारा पुरस्कारस्वरूप सताये जा रहे हैं। हमारे पढ़ाये हुए विद्यार्थी आईएएस, आईपीएस, वैज्ञानिक, न्यायाधीश,  मंत्री, विधायक, सांसद जैसे राजनेता व अन्य उच्च पदों आसीन हुए हैं। कई अंतर-राष्ट्रीय खिलाडी भी दिए हैं l

दुर्ग में सस्ती सब्जियों की सौगात, नगर निगम ने शुरू की ‘सब्जी की टोकरी’

दुर्ग. नगर निगम दुर्ग द्वारा शहरवासियों को किफायती दरों पर ताजी, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण फल-सब्जियां उपलब्ध कराने की दिशा में एक अभिनव पहल की गई है। सेवा संकल्प अभियान के तहत रायपुर नाका स्थित वार्ड 21 के पंचरत्न गार्डन में ‘सब्जी की टोकरी’ केंद्र का शुभारंभ मेयर अलका बाघमार ने किया। महापौर ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत निगम द्वारा जनहित में यह अभिनव पहल शुरू की गई है। सब्जी की टोकरी का उद्देश्य आमजन को उनके आसपास ही ताजी, स्वच्छ, गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती दरों पर फल-सब्जियां उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि इस पहल से शहरवासियों को बेहतर गुणवत्ता की ताजी सब्जियां एवं फल आसानी से उपलब्ध होंगे। निकट भविष्य में कीटनाशक एवं रसायन मुक्त फल- सब्जियां उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे। निगम का उद्देश्य शहरवासियों को सुविधाजनक, स्वच्छ और व्यवस्थित बाजार की सुविधा उपलब्ध कराना है। पंचरत्न गार्डन, रायपुर नाका, वार्ड 21 में दोपहर 2 बजे से सुविधा उपलब्ध होगी। इस अवसर पर एमआईसी सदस्य लीना दिनेश देवांगन, वार्ड पार्षद विद्यावती सिंह, अरुण सिंह, चंद्रिका चन्द्राकर, कुमुद बघेल सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। मेयर ने कहा कि सब्जी की टोकरी केवल फल-सब्जी उपलब्ध कराने की पहल नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का माध्यम भी है। प्रत्येक केंद्र पर दो महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि दुर्ग नगर निगम द्वारा शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं स्मार्ट बनाने के साथ-साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार नवाचार किए जा रहे हैं। सब्जी की टोकरी भी इसी दिशा में एक जनहितकारी पहल है, जिसका लाभ शहरवासियों को सीधे मिलेगा। इससे नागरिकों को उचित एवं किफायती दरों पर ताजी सब्जियां और फल उपलब्ध होने के साथ ही स्थानीय महिलाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। नाना-नानी पार्क सहित 10 अन्य स्थान चिन्हित मेयर ने कहा कि नगर निगम द्वारा शहर के लगभग 10 विभिन्न स्थानों पर किफायती सब्जी एवं फल की दुकानें शुरू की जाएंगी। इसके लिए वार्ड 51 स्थित नाना-नानी पार्क सहित अन्य स्थानों को चिन्हित कर लिया गया है, जहां जल्द ही ऐसी दुकानें प्रारंभ की जाएंगी। निगम प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि यदि वे सस्ती, ताजी एवं गुणवत्तापूर्ण फल सब्जियां खरीदना चाहते हैं, तो सेवा संकल्प सब्जी टोकरी केंद्र का लाभ उठाएं।

GST फर्जीवाड़े का मामला? अगस्त्य इंटरप्राइजेस ने बोगस फर्मों से की ₹141 करोड़ की खरीद

रायपुर. राजधानी में अगस्त्य इंटरप्राइजेस के नाम पर जीएसटी फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। कंपनी ने बोगस कंपनियों से 141.74 करोड़ रुपए की खरीदी- बिक्री दिखाकर 23.43 करोड़ रुपए की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) ली। /बिलों की जांच और संबंधित कंपनियों के भौतिक सत्यापन में कई फमें फर्जी या अस्तित्वहीन मिली। जीएसटी अधिकारियों की शिकायत पर पुलिस ने संचालक अमन अग्रवाल के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, लाभांडी सिग्नेचर होम निवासी अमन अग्रवाल अगस्त्य इंटरप्राइजेस के संचालक हैं। विभाग की जांच में सामने आया कि कंपनी ने अलग-अलग फर्मों से खरीदी के बिल दिखाए और उनके आधार पर आईटीसी का दावा किया। सत्यापन के दौरान कई दस्तावेजों में गड़बड़ी मिली। इनमें 16 साल पहले मृत व्यक्ति के नाम से किरायानामा बनाकर कारोबार दिखाने का मामला भी शामिल हैं। मृत व्यापारी के नाम किरायानामा, बैंक खाते से भी इनकार भिलाई की हुसैनी इंटरप्राइजेस से अगस्त्य इंटरप्राइजेस ने 16.61 करोड़ रुपए की बिक्री और 2.99 करोड़ रुपए की आईटीसी दिखाई। फर्म के पते के लिए फूल सिंह के नाम किरायानामा लगाया गया था। जीएसटी जांच में सामने आया कि फूल सिंह की वर्ष 2010 में ही मौत हो चुकी थी, जबकि किरायानामा 21 मार्च 2025 का बनाया गया था। भिलाई में चूड़ी की दुकान चलाने वाले मोहम्मद इस्लाम ने अगस्त्य इंटरप्राइजेस से कारोबार और बैंक खाते में लेन- देन से इनकार किया। इंटरप्राइजेस के नाम पर 11.61 करोड़ रुपए की विक्री और 2.08 करोड़ रुपए की आईटीसी दिखाई गई। इन फर्मों से दिखाया कारोबार अंसारी ट्रेडर्स: 30.71 करोड़ बिक्री, 5.52 करोड़, आईटीसी ललित ट्रेड लिंक: 29.72 करोड़ बिक्री, 5.17 करोड़, आईटीसी अगस्त इंटरप्राइजेस: 22.47 करोड़ बिक्री 4.04 करोड़, आईटीसी विनायक वेंचर्स: 17.95 करोड़ बिक्री, 1.36 करोड़, आईटीसी हुसैनी इंटरप्राइजेस: 16.61 करोड़ बिक्री, 2.99 करोड़ आईटीसी महावीर इंटरप्राइजेस: 12.67 करोड़ बिक्री, 2.27 करोड़ आईटीसी यूनिक इंटरप्राइजेस: 11.61 करोड़ बिक्री, 2.08 करोड़ आईटीसी (तीन अन्य कंपनियों के नाम पर भी आईटीसी का दावा किया गया।) फर्जी बिल से ऐसे होता है खेल सबसे पहले जाली दस्तावेजों, झूठे पते या फर्जी किरायानामे के जरिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराया जाता है। बिना कोई असली सामान खरीदे या बेचे, सिर्फ कागजों पर जीएसटी वाले बिल बना लिए जाते हैं। खरीदार इन्हीं फर्जी बिलों को दिखाकर सरकार से टैक्स में छूट या रिफंड (इनपुट टैक्स क्रेडिट) ले लेता है। जांच से बचने के लिए एक फर्जी कंपनी दूसरी और फिर तीसरी कंपनी को बिल काटती है, ताकि कागजों पर कारोबार असली लगे। जब जीएसटी विभाग पते पर जाकर भौतिक जांच करता है या बैंक खातों और ई-वे बिल का मिलान करता है, तो वहां कोई असली दुकान या माल नहीं मिलता और चोरी पकड़ी जाती है।

मुख्यमंत्री साय आज रायपुर-अंबिकापुर में करेंगे शिरकत, कई अहम कार्यक्रम तय

रायपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 सितंबर को दोपहर साढ़े बारह बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 20वें रोजगार मेले से जुड़ेंगे. इस अवसर पर वे देशभर के विभिन्न सरकारी विभागों व संगठनों में नवनियुक्त 51 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे तथा चयनित अभ्यर्थियों को संबोधित करेंगे. रायपुर में रोजगार मेले का आयोजन पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार साइंस कॉलेज परिसर जीई रोड में किया जाएगा. कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और नवनियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे. रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से 125 अभ्यर्थी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहेंगे। रायपुर में केंद्रीय राज्यमंत्री नियुक्ति पत्र वितरण करेंगे. PM मोदी रोजगार मेले में युवाओं से होंगे रूबरू रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज रायपुर और सरगुजा जिले में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे. मुख्यमंत्री सुबह 11:25 बजे रायपुर स्थित एक निजी रिजॉर्ट पहुंचेंगे, जहां वे 4th Annual BMC छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव में शामिल होंगे. इसके बाद दोपहर पुलिस मुख्यालय हेलीपैड पहुंचेंगे और हेलीकॉप्टर से अंबिकापुर के लिए रवाना होंगे. मुख्यमंत्री दोपहर 1:25 बजे अंबिकापुर के राजमोहिनी देवी कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय मैदान पहुंचेंगे. यहां से 1:40 बजे एक निजी होटल में आयोजित अग्र महाकुंभ 2026 कार्यक्रम में शामिल होंगे. दोपहर 3:40 बजे अंबिकापुर से रवाना होकर 3:55 बजे सूरजपुर के बिश्रामपुर स्थित अयप्पा ग्राउंड हेलीपैड पहुंचेंगे. इसके बाद शाम 4:10 बजे बिश्रामपुर रेलवे स्टेशन मुख्य मार्ग पहुंचेंगे. मुख्यमंत्री शाम 5:55 बजे वापस रायपुर लौटेंगे.

सिकल सेल को लेकर बस्तर में बड़ा अभियान, 6 लाख से अधिक लोगों की जांच

जगदलपुर. बस्तर में सिकल सेल बीमारी की पहचान के लिए चल रही स्क्रीनिंग में बड़ी संख्या में मरीज सामने आए हैं. 31 अगस्त तक जिले में 6 लाख 17 हजार 552 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है. यह निर्धारित 5 लाख 82 हजार 631 के लक्ष्य का 106 प्रतिशत है. स्क्रीनिंग में सिकल सेल के गंभीर रूप एसएस के 891 मरीज चिन्हित किए गए हैं. इनमें सबसे ज्यादा 141 मरीज बकावंड, 134 तोकापाल और 97 जगदलपुर ग्रामीण क्षेत्र में मिले हैं. कुल 891 मरीजों में 596 बस्तर जिले के हैं, जबकि 295 मरीज अन्य जिलों या राज्यों से संबंधित बताए गए हैं. स्क्रीनिंग में 8,065 एएस वाहक भी चिन्हित किए गए हैं, जिससे जागरूकता और नियमित जांच की जरूरत सामने आती है. स्वास्थ्य विभाग अब चिन्हित मरीजों का दस्तावेजीकरण कर उन्हें उपचार और सरकारी योजनाओं से जोड़ने में जुटा है. विशेषज्ञ परिवार में बीमारी का इतिहास होने पर जांच और विवाह से पहले दोनों पक्षों की स्क्रीनिंग की सलाह दे रहे हैं. मेकाज अधीक्षक डॉ. अनुरूप साहू के मुताबिक समय पर जांच और चिकित्सकीय परामर्श से बीमारी के जोखिम को समझने में मदद मिलती है. बस्तर में स्क्रीनिंग का आंकड़ा लक्ष्य से आगे निकलना अभियान की पहुंच दिखाता है, लेकिन मरीजों के नियमित फॉलोअप की चुनौती भी सामने है.

नवाखाई तिहार से गूंजा बस्तर, इंद्रावती नदी के तट पर हुई विशेष पूजा-अर्चना

जगदलपुर. बस्तर में ‘नया खानी’ (नवाखाई) तिहार की शुरूआत हो गई है, नवखाई से पूर्व जगदलपुर के घाटकवाली में स्थानीय ग्रामीणों ने सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए इंद्रावती नदी के तट पर एकत्रित होकर एक विशेष सेवा अर्जी का आयोजन किया. इस अवसर पर ग्रामीणों ने जल की देवी, जलनी (माता) आया को श्रद्धापूर्वक सोने की नाव और चांदी का पतवार भेंट की. इस अनोखी भेंट के साथ ही ग्रामीणों ने सुख-समृद्धि, अच्छी फसल और बिना किसी विघ्न-बाधा के नया खानी त्यौहार को हर्षोल्लास के साथ मनाने के लिए जलनी आया से अनुमति मांगी. आस्था और परंपरा का अनूठा संगम बस्तर के जनजातीय समाज में कृषि और प्रकृति से जुड़े त्यौहारों का विशेष महत्व है. ‘नया खानी’ तिहार नई फसल के आने की खुशी में मनाया जाता है, जिसमें खेतों से आई नई फसल (धान) का भोग सबसे पहले देवी-देवताओं और पूर्वजों को लगाया जाता है, घाटकवाली गांव की मान्यता के अनुसार, इंद्रावती नदी और उनकी देवी ‘जलनी आया’ घाटकवाली की जीवनदायिनी हैं. ग्रामीणों का अटूट विश्वास है कि जलनी आया की अनुमति और आशीर्वाद के बिना कोई भी शुभ कार्य पूर्ण नहीं हो सकता, यही कारण है कि पुरखों से चली आ रही परंपरा अनुसार सोने की नाव और चांदी का पतवार अर्पित कर जलनी आया को प्रसन्न किया गया, ताकि गांव पर उनका आशीर्वाद हमेशा बना रहे, पारंपरिक अनुष्ठान के दौरान गांव के बैगा, सिरहा, पुजारी और मांझी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण इंद्रावती नदी के घाट पर एकत्रित हुए, पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज के बीच पूजा की रस्में पूरी की गईं.

छत्तीसगढ़ के पर्यटन और संस्कृति को मिलेगी नई पहचान, इवेंट मैनेजर्स से अरुण साव की अपील

छत्तीसगढ़ की संस्कृति और पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने आगे आएं इवेंट मैनेजर्स : उप मुख्यमंत्री अरुण साव 'छत्तीसगढ़ में इवेंट मैनेजमेंट और पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं' 'इकॉन-2026' में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री रायपुर. उप मुख्यमंत्री अरुण साव आज रायपुर में आयोजित 'इकॉन-2026' इवेंट एंड एंटरटेनमेंट कॉन्क्लेव में शामिल हुए। उन्होंने देशभर से आए इवेंट मैनेजर्स का स्वागत करते हुए कहा कि इवेंट मैनेजमेंट आज एक बड़े उद्योग के रूप में उभर रहा है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन स्थलों में अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश की नई औद्योगिक नीति में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है। छत्तीसगढ़ मैरिज डेस्टिनेशन के रूप में भी तेजी से उभर रहा है। इवेंट इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के प्रयासों से प्रदेश को बड़ा लाभ मिल सकता है। साव ने देश के विभिन्न प्रदेशों से आए मेहमानों से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग स्थानों की यात्रा करें और यहां की संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य, पर्यटन की संभावनाओं से परिचित हों। छत्तीसगढ़ में बहुत कुछ है, जिसे देश-दुनिया तक पहुंचाने की आवश्यकता है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कॉन्क्लेव में सभी एक-दूसरे के अनुभव साझा करें और नए अवसरों पर मिलकर काम करें। इवेंट मैनेजमेंट के क्षेत्र में नवाचार से प्रदेश में पर्यटन एवं आर्थिक विकास में मदद मिलेगी। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए सभी प्रतिभागियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

गोल्फ के ग्लोबल मैप पर उभर रहा नवा रायपुर, विश्वस्तरीय सुविधाओं से बनी नई पहचान

गोल्फ के ग्लोबल मैप पर उभर रहा नवा रायपुर, विश्वस्तरीय सुविधाएं बन रहीं पहचान : अरुण साव डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन में खलिन एच. जोशी बने विजेता, उप मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को किया पुरस्कृत रायपुर नवा रायपुर अब केवल आधुनिक शहर के रूप में नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं और बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन गोल्फ टूर्नामेंट-2026 के पुरस्कार वितरण समारोह में उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने कहा कि नवा रायपुर का वर्ल्ड क्लास फेयरवे गोल्फ एंड कंट्री क्लब छत्तीसगढ़ में गोल्फ के बढ़ते आकर्षण और विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं की पहचान बन रहा है। साव ने प्रतियोगिता के विजेता खलिन एच. जोशी सहित उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किए और सभी प्रतिभागियों को शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।  उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि प्रदेश में इस तरह के बड़े और अंतरराष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंटों का आयोजन यहां की खेल संभावनाओं को नई दिशा देता है। ऐसे आयोजन छत्तीसगढ़ की गोल्फ प्रतिभाओं के लिए बड़े मंच का काम करते हैं। देश-दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों की मौजूदगी में होने वाली प्रतियोगिताओं से स्थानीय खिलाड़ियों को उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिलता है और उन्हें अपनी प्रतिभा को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाने की प्रेरणा मिलती है। साव ने डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन के सफल आयोजन के लिए पीजीटीआई अध्यक्ष कपिल देव और उनकी पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख खेल आयोजनों के मानचित्र पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। छत्तीसगढ़ में खेलों के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर मंच देने के ऐसे प्रयास लगातार जारी रहेंगे। प्रदेश में आधुनिक खेल अधोसंरचना का विस्तार कर खिलाड़ियों के लिए ऐसे अवसर तैयार किए जाएंगे, जहां वे अपनी प्रतिभा को निखारकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर सकें।

सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में जला ‘आशीर्वाद का दीया’, बच्चों ने PM मोदी के दीर्घायु जीवन की कामना की

‘ आशीर्वाद का दीया’ से रोशन हुआ सत्य साईं संजीवनी अस्पताल, बच्चों और परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीर्घायु जीवन की कामना की  रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस एवं सार्वजनिक जीवन में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में दीर्घ सेवा के अवसर पर आयोजित ‘सेवा संकल्प’ कार्यक्रम की कड़ी में नया रायपुर स्थित सत्य साईं संजीवनी सेंटर फॉर चाइल्ड हार्ट केयर में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अस्पताल परिसर को बड़ी संख्या में दीपों से सजाया गया। उपचाररत बच्चों, उनके परिजनों एवं उपस्थित नागरिकों ने दीप प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की। सत्य साईं संजीवनी अस्पताल जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को पूर्णतः निःशुल्क बाल हृदय चिकित्सा एवं सर्जरी उपलब्ध कराने वाला प्रमुख संस्थान है। नया रायपुर में इसकी यात्रा वर्ष 2012 में प्रारंभ हुई और फरवरी 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी परिसर में ‘सौभाग्यम’ का उद्घाटन किया था।  ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान के अंतर्गत देश के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों के साथ-साथ नागरिकों द्वारा अपने घरों में भी दीप प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर शुभकामनाएं एवं मंगलकामनाएं व्यक्त की जा रही हैं। नया रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में अंजय शुक्ला, उपाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ औषधि पादप बोर्ड (राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त), मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के प्रभारी के रूप में अभिषेक धनगर उपस्थित रहे। अस्पताल से जुड़े लोगों, बच्चों एवं उनके परिजनों की सहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष भावनात्मक स्वरूप प्रदान किया। दीपों से जगमगाते अस्पताल परिसर में सामूहिक दीप प्रज्वलन के माध्यम से सेवा, सद्भावना और शुभकामना का संदेश दिया गया।