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दंतेवाड़ा प्रशासन की अनूठी पहल “उजर 100” योजना से संवरेगा मेधावियों का भविष्य

रायपुर बस्तर अंचल के प्रतिभावान और जरूरतमंद युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने के लिए दंतेवाड़ा जिला प्रशासन ने एक बेहद संवेदनशील और अनूठी शैक्षणिक पहल की है। जिले के आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी विद्यार्थियों को देश-प्रदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में उच्च शिक्षा दिलाने के उद्देश्य से “उजर 100” योजना शुरू की गई है। ​इस महत्वाकांक्षी योजना के सफल क्रियान्वयन, चयन प्रक्रिया और पात्रता नियमों को तय करने के लिए आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में दोपहर 3 बजे एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें कार्ययोजना का खाका तैयार किया गया। ​100 सीटों का वर्गवार निर्धारण, स्थानीय को प्राथमिकता     ​योजना के तहत कुल 100 सीटों का कोटा निर्धारित किया गया है। सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए इसमें वर्गवार सीटें तय की गई हैं। जिसमे ​अनुसूचित जनजाति (ST) के 76,​अनुसूचित जाति (SC) के 06,​अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के 14 और ​अनारक्षित (General) के 04 सीटें शामिल है। इसके साथ ही कुल सीटों में 6 प्रतिशत आरक्षण दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित रहेगा। योजना का लाभ केवल दंतेवाड़ा जिले के मूल निवासी छात्रों को ही मिलेगा, जिन्होंने प्रथम प्रयास में 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की हो। ​5 लाख की आय सीमा, लेकिन 'सुपर टैलेंटेड' बच्चों को पूरी छूट  ​सामान्यतः योजना का लाभ उठाने के लिए परिवार की वार्षिक आय 5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। लेकिन प्रशासन ने प्रतिभा को नियमों में नहीं बांधा है। छत्तीसगढ़ बोर्ड (CGBSE) की प्रावीण्य सूची में जिले के शीर्ष 10 स्थान पाने वाले छात्रों और IIT, NIT, NEET, JEE, NDA व AIIMS जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परीक्षाओं में चयन पाने वाले विद्यार्थियों पर आय की कोई सीमा लागू नहीं होगी। इसी तरह छत्तीसगढ़ बोर्ड के टॉप 100 या सीबीएसई के टॉप 20 छात्र, राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं में चयनित विद्यार्थी, नक्सल प्रभावित परिवारों के बच्चे, खनन प्रभावित ग्रामों के छात्र और बीपीएल (BPL) कार्डधारी परिवारों के होनहार बच्चे इस योजना में पहली प्राथमिकता पर होंगे। ​पढ़ाई से लेकर रहने-खाने का खर्च उठाएगी सरकार; सीधे खाते में आएगा पैसा    ​"उजर 100" योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को कॉलेज की फीस, हॉस्टल, भोजन और अध्ययन सामग्री (किताबें-कॉपी) का पूरा खर्च दिया जाएगा। व्यावसायिक पाठ्यक्रमों (Professional Courses) की पूरी फीस सीधे संबंधित शिक्षण संस्थान को भेजी जाएगी। वहीं, हॉस्टल और किताबों का खर्च डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे छात्र के बैंक खाते में जमा किया जाएगा। ​काउंसिलिंग के लिए मिलेगी  हवाई यात्रा की सुविधा जिला प्रशासन ने मेधावियों के प्रोत्साहन के लिए बड़े कदम उठाए हैं। यदि जिले का कोई छात्र IIT, NIT, AIIMS, NEET या NDA जैसी परीक्षाओं में चुना जाता है, तो उसे संस्थान में रिपोर्टिंग या काउंसिलिंग के लिए जाने हेतु बस, रेल या हवाई यात्रा की मुफ्त सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा शानदार प्रदर्शन करने वाले छात्रों को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा। ड्रॉप लेकर तैयारी करने वाले छात्रों को विशेष परिस्थिति में कोचिंग सहायता भी मिलेगी। ​ऑफलाइन होंगे आवेदन, बनेगी वेटिंग लिस्ट   ​ चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखने के लिए आवेदन ऑफलाइन माध्यम से जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा में जमा किए जाएंगे। स्क्रूटनी, मेरिट लिस्ट और फिजिकल वेरिफिकेशन के बाद जिला स्तरीय कमेटी अंतिम मुहर लगाएगी। मुख्य सूची के साथ 50 विद्यार्थियों की एक प्रतीक्षा सूची (Waiting List) भी बनाई जाएगी, ताकि कोई सीट खाली रहने पर दूसरे हकदार को मौका मिल सके। ​"उजर 100" योजना दंतेवाड़ा के युवाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगी। आर्थिक तंगी के कारण अब किसी भी होनहार का सपना नहीं टूटेगा। यहाँ के बच्चे अब राष्ट्रीय पटल पर जिले का नाम रोशन करेंगे।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने सम्पूर्ण देश के नक्सलमुक्त होने के ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का हार्दिक अभिनंदन एवं आभार प्रकट किया

रायपुर   केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी सहित इन सदस्य राज्यों और केन्द्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। यह बैठक केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत अंतर-राज्य परिषद सचिवालय द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार की मेज़बानी में आयोजित की गई। बैठक को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह ने कहा कि यह बहुत हर्ष का विषय है कि यह बैठक बस्तर में आयोजित की जा रही है और इससे पहले ही आज पूरा बस्तर नक्सल मुक्त हो गया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि आज भारत के नक्सल मुक्त होने का संपूर्ण श्रेय हमारे सुरक्षाबलों के जवानों के परिश्रम और बहादुरी को जाता है। हमारी एजेंसियों ने बहुत सटीकता के साथ इनपुट एकत्र किए, सभी राज्यों के पुलिसबलों और केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के साथ मिलकर हर इनपुट पर सटीक कार्रवाई करने से संबंधित समयबद्ध निर्णय किए। इसके साथ ही Whole of the Government Approach के साथ सभी राज्य सरकारों और केन्द्र सरकार के सभी विभागों ने नक्सलमुक्त हुए क्षेत्रों में विकास को पहुंचाने का काम किया।  अमित शाह ने कहा कि हमारी लड़ाई समाप्त नहीं हुई है क्योंकि नक्सल प्रभावित क्षेत्र लगभग पांच दशक से विकास की दौड़ में पिछड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक इन क्षेत्रों को विकास के मामले में देश के बाकी क्षेत्रों के समकक्ष नहीं ले आते, तब तक हमारी लड़ाई समाप्त नहीं होगी। केन्द्रीय गृह मंत्री ने पूरे देश के नक्सल मुक्त होने के अवसर पर देश के प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी का हार्दिक अभिनंदन किया। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार को नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में जो भी चीजें चाहिए थीं, उन्होंने भारत सरकार के गृह मंत्रालय के साथ समन्वय कर उन्हें प्राप्त किया और जहां नेतृत्व की जरूरत थी, वहां मुख्यमंत्री जी और उपमुख्यमंत्री जी ने नेतृत्व भी प्रदान किया और इसी का परिणाम है कि आज बस्तर नक्सल मुक्त हो चुका है।  अमित शाह ने कहा कि राज्यों के बीच के और राज्यों और केन्द्र के बीच के सभी विवादित मुद्दे समाप्त कर हम आज एक अच्छे वातावरण में यह बैठक कर रहे हैं।  शाह ने कहा कि आज की बैठक में सभी एजेंडा विकास की मॉनिटरिंग से संबंधित थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में हमारा संघीय ढांचा मजबूत हुआ है और क्षेत्रीय परिषद की बैठकें निरंतर हो रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप बहुत बड़े भूभाग में चार राज्यों के बीच और चार राज्यों का केन्द्र के साथ कोई विवाद ही नहीं बचा है, यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि मध्य क्षेत्रीय परिषद में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्य हैं। उत्तर के हिमालय क्षेत्र से लेकर गंगा-यमुना के मैदानी भूभाग से लेकर मध्य भारत के पठारी, वन समृद्ध और खनिज समृद्ध क्षेत्र इस क्षेत्र में आते हैं, जो निश्चित रूप से देश के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्होने कहा कि यह क्षेत्र हमें देश के अनाज के भंडारों को भरने में बड़ी मदद करता है। इस क्षेत्र के समृद्ध खनिज भंडार से देश के विकास को गति मिलती है और इसी क्षेत्र की समृद्ध विरासत और संस्कृति ने देश को आगे बढ़ाने में मदद की है। इसी क्षेत्र में देश के आस्था के सभी केंद्र करीब-करीब एक ही जगह पर आए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ लगभग सात राज्यों को जोड़ता है और इस दृष्टि से पूरे मध्य क्षेत्र का बहुत महत्व है। गृह मंत्री ने कहा कि आज यह पूरा क्षेत्र ना केवल नक्सल मुक्त हुआ है, बल्कि विवादों से भी मुक्त हुआ है, जो हम सबके लिए बहुत हर्ष का विषय है।  अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में क्षेत्रीय परिषद बैठकों का एक मजबूत और जीवंत तंत्र बना है – हमने इसे निर्णायक, निरंतर और परिणामदायी बनाया है। 2004 से 2014 के 10 वर्षों में क्षेत्रीय परिषद की मात्र 11 बैठकें हुई थीं, जो 2014 से 2026 के बीच बढ़कर 32 हो गई हैं। पहले 10 वर्षों में स्टैंडिंग कमेटी की 14 बैठकें हुई थीं, जो इस अवधि में ढाई गुना बढ़कर 35 हुई हैं। उन्होंने कहा कि 2004 से 2014 में मात्र 569 मुद्दों पर चर्चा हुई थी, जबकि 2014 से 2026 में 1729 मुद्दों पर चर्चा हुई है, और उनमें से लगभग 80% मुद्दों का सफल निराकरण भी कर लिया गया है। लंबित मुद्दों में से अधिकांश मॉनिटरिंग से संबंधित हैं, जिनमें किसी भी प्रकार का विवाद शेष नहीं है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन -2 पर हमें अभी से फोकस करना चाहिए और हर घर में नल से जल पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, पोषण और समाज कल्याण बहुत संवेदनशील मुद्दे हैं। गृह मंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों और सभी मुख्य सचिवों से आह्वान किया कि कुपोषण के खिलाफ भारत सरकार की लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ें। शिक्षा के क्षेत्र में स्कूल ड्रॉपआउट दर और स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने के लिए भी और अधिक कार्य हों। वित्तीय समावेशन और बिजली सुधार इस विकसित क्षेत्र को पूर्ण विकसित बनाने में बहुत बड़ा योगदान दे सकते हैं।  अमित शाह ने कहा कि शहरी नियोजन, जन स्वास्थ्य, वित्तीय समावेशन और बिजली सुधार के चारों क्षेत्र में भी और अधिक गति से कार्य करें। गृह मंत्री ने अपील की कि हमारा कम से कम 50% ध्यान ग्रामीण विकास और व्यक्ति को मजबूत बनाने वाली योजनाओं पर रहना चाहिए। गृह मंत्री ने कहा कि हर 5 किलोमीटर के दायरे में बैंक की सुविधा उपलब्ध होना बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि हमारी सभी योजनाएं Direct Benefit Transfer (DBT) आधारित हैं, इसीलिए सभी राज्यों को इस दिशा में ठोस प्रयास करने की आवश्यकता है। केन्द्रीय गृह मंत्री  अमित शाह ने कहा कि POCSO और बलात्कार के मामलों में अगर समय से DNA जांच हो जाए तो इनमें दोषसिद्धि की दर शत-प्रतिशत हो सकती है।  शाह ने कहा कि … Read more

धमतरी में बनने वाले दो फोरलेन सड़कों की जगह भी देखी, दोनों सड़कों का जल्द शुरू होगा काम

रायपुर  लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल ने आज धमतरी शहर में बनने वाले दो फोरलेन सड़कों की जगह देखी। लोक निर्माण विभाग द्वारा रत्नाबांधा चौक से कांकेर बायपास तक पांच किलोमीटर तथा सिहावा चौक से नगरी रोड में पांच किलोमीटर सड़क का फोरलेन के रूप में उन्नयन किया जा रहा है। इन दोनों सड़कों का काम जल्दी ही शुरू होगा।  बंसल ने अच्छी गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए दोनों सड़कों के काम समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश कार्यपालन अभियंता को दिए। विभागीय सचिव ने धमतरी जिले में कुरुद-चरमुड़िया-गोबरा-सिवनी-चिंवरी-सिर्री सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण कार्य का निरीक्षण किया। लोक निर्माण विभाग द्वारा 30 करोड़ 38 लाख रुपए से अधिक की लागत से इस 9.3 किमी सड़क का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण किया जा रहा है। इसे फरवरी-2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।  बंसल ने सिर्री-फुसेरा-करगा-चटौद सड़क चौड़ीकरण के कार्यों को भी देखा। उन्होंने अच्छी गुणवत्ता के साथ सड़क का काम तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। विभाग द्वारा 15 करोड़ 53 लाख रुपए की लागत से 9.6 किमी सड़क का चौड़ीकरण किया जा रहा है। धमतरी के कलेक्टर  अबिनाश मिश्रा और लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता  वी.के. भतपहरी भी दोनों सड़कों के निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।  

ऑनलाइन मेडिसिन सेल के विरोध में उतरे दवा व्यापारी, CG में 20 हजार मेडिकल स्टोर बंद

रायपुर. ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ ऑफलाइन दवा विक्रताओं ने हल्ला बोल दिया है. छत्तीसगढ़ सहित देशभर में ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में दवा विक्रेताओं ने 20 मई को राष्ट्रव्यापी बंद का ऐलान किया है. इस बंद के समर्थन में छत्तीसगढ़ के करीब 20 हजार मेडिकल स्टोर एक दिन के लिए बंद रहेंगे. दवा व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए बिना पर्याप्त निगरानी और नियमों के दवाइयों की बिक्री की जा रही है, जिससे मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ हो सकता है और छोटे दवा व्यापारियों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है. छत्तीसगढ़ के दवा व्यापारियों ने कहा कि ऑनलाइन दवा कंपनियों को लेकर लंबे समय से सरकार से शिकायत की जा रही है, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इसी के विरोध में ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट (AIOCD) के आह्वान पर यह राष्ट्रव्यापी बंद बुलाया गया है. बंद के दौरान प्रदेशभर में मेडिकल स्टोर संचालक अपना कारोबार बंद रखेंगे और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी करेंगे. संवेदनशील दवाओं का हो रहा गलत इस्तेमाल दवा विक्रेताओं के संगठन का आरोप है कि कई ऑनलाइन कंपनियां डॉक्टर की पर्ची के बिना भी दवाइयां उपलब्ध करा रही हैं. इससे एंटीबायोटिक और अन्य संवेदनशील दवाओं का गलत इस्तेमाल बढ़ रहा है. व्यापारियों का कहना है कि दवा कोई सामान्य वस्तु नहीं है, बल्कि यह सीधे लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है, इसलिए इसकी बिक्री पर सख्त नियंत्रण जरूरी है. हालांकि, संगठन ने स्पष्ट किया है कि आपातकालीन सेवाओं से जुड़े कुछ मेडिकल स्टोर खुले रह सकते हैं, ताकि मरीजों को जरूरी दवाओं की परेशानी न हो. वहीं, बंद को लेकर आम लोगों से पहले ही जरूरी दवाइयां खरीद लेने की अपील की गई है. दवा व्यापारियों का कहना है कि यदि सरकार ने ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियम लागू नहीं किए, तो आगे और बड़ा आंदोलन किया जाएगा.

महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रयासों से एक वर्षीय बालिका बनी प्रेरणा

रायपुर महिला एवं बाल विकास विभाग की सतत निगरानी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मेहनत और परिवार के सहयोग से बीजापुर जिले के विकासखंड भोपालपटनम के ग्राम पीलूर की एक वर्षीय बालिका शान्वी मड़े ने गंभीर कुपोषण को मात देकर सामान्य श्रेणी में स्थान प्राप्त किया है। शान्वी की यह सफलता क्षेत्र के अन्य परिवारों के लिए भी प्रेरणादायक बन गई है। शान्वी की माता  सरिता मड़े ने बताया कि बच्ची का स्वास्थ्य काफी कमजोर था और उसका वजन उम्र के अनुसार बहुत कम था। जांच में शान्वी गंभीर कुपोषण से पीड़ित पाई गई। उस समय उसका वजन 7.900 किलोग्राम था। स्थिति को गंभीर देखते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने लगातार घर-घर जाकर परिवार को संतुलित आहार, स्तनपान, पूरक पोषण और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में समझाया। प्रारंभ में परिवार बच्ची को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) ले जाने के लिए तैयार नहीं था, लेकिन लगातार समझाइश और मार्गदर्शन से परिवार सहमत हुआ। परियोजना अधिकारी  कल्पना रथ और सेक्टर सुपरवाइजर कु. उजाला बंजारे ने भी परिवार से मुलाकात कर आवश्यक परामर्श दिया। इसके बाद  विगत 2 अप्रैल को शान्वी को एनआरसी में भर्ती कराया गया, जहां उसे चिकित्सकीय देखरेख, विशेष पोषण आहार और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया गया। एनआरसी में उपचार और घर लौटने के बाद नियमित देखभाल तथा सही पोषण मिलने से शान्वी के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ। वर्तमान में उसका वजन बढ़कर 9.200 किलोग्राम हो गया है तथा उसकी ऊंचाई 70.2 सेंटीमीटर दर्ज की गई है। अब शान्वी पूरी तरह सामान्य श्रेणी में पहुंच चुकी है। शान्वी की यह कहानी बताती है कि समय पर पहचान, सही उपचार, पोषण संबंधी जागरूकता और परिवार के सहयोग से कुपोषण जैसी समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। स्वस्थ बचपन, खुशहाल भविष्य शान्वी की सफलता आज पूरे क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संदेश बन गई है कि सही देखभाल और पौष्टिक आहार से हर बच्चा स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ सकता है।

हज यात्रा पर निकले छत्तीसगढ़ के 391 श्रद्धालु, मुंबई एयरपोर्ट से उड़ान

रायपुर हज 2026 के लिए मुंबई के अंतराष्ट्रीय विमानतल से अब तक छत्तीसगढ़ राज्य के 391 हज यात्री हज-ए- बैतुल्लाह के लिए रवाना हो चुके हैं। हाजियों के मुंबई से प्रस्थान के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी द्वारा  हज हाउस में हाजियों की रिपोर्टिंग कराई गई एवं हज यात्रा के आवश्यक दस्तावेजों का वितरण हज कमेटी के चेयरमैन मिर्ज़ा एजाज बेग द्वारा किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के चेयरमैन मिर्ज़ा एजाज बेग एवं सदस्य  मौलाना अमीर बेग, मौलाना महताब, गुलाम रहमान खान, ने  हज हाऊस से विशेष बसों को हरी झंडी दिखाकर एयरपोर्ट के लिए रवाना किया गया। एयरपोर्ट पर भी हज हाऊस यात्रियों के लिए छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी द्वारा सभी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जिससे हज यात्रियों का प्रस्थान सुगमता पूर्वक संपन्न हुआ। एंबारकेशन प्वाइंट से राज्य के हज यात्रियों की सुगमता पूर्वक प्रस्थान की समस्त व्यवस्थाओं का संपादन छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के चेयरमैन मिर्ज़ा एजाज़ बेग के दिशा निर्देशों व मार्गदर्शन में  पूर्ण  किया गया।

कहीं तेज रफ्तार तो कहीं ट्रेन बनी मौत की वजह, CG में 7 लोगों ने गंवाई जान

रायपुर/कोरबा/सूरजपुर. छत्तीसगढ़ में अलग-अलग जिलों में हुई दुर्घटनाओं में 7 लोगों की मौत हो गई. कहीं तेज रफ्तार ने कहर बरपाया तो कहीं फैक्ट्री में लापरवाही ने महिला मजदूर की जान ले ली. वहीं ट्रेन की चपेट में आकर ग्रामीण की मौत हो गई. मृतकों में 6 पुरुष और 1 महिला की मौत हुई. यह हादसे रायपुर, कोरबा और सूरजपुर जिले से सामने आए हैं.  सड़क हादसे में दो की मौत: जवाली-चाकाबुड़ा मार्ग की पहली घटना है, जहां अज्ञात वाहन की टक्कर से दो ग्रामीणों की मौत हो गई. मृतकों की पहचान अरदा निवाी प्रकाश और चाकाबुड़ा निवासी बबलू के रूप में हुई है. घटना के बाद लोगों ने आधी रात तक चक्काजाम किया। जानकारी के मुताबिक, घटना मोंगरा थाना इलाके की है. अज्ञात वाहन की टक्कर से दो लोगों की मौत हो गई. स्थानीय लोगों को खबर मिलने पर वह मौके पर पहुंचे. आक्रोशित होकर उन्होंने आधी रात तक चक्काजाम किया. ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में रात में अवैध रेत परिवहन के ट्रैक्टर तेज रफ्तार से दौड़ते हैं. सूचना पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर समझाइश दी, जिसके बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन खत्म किया. मातम में बदली खुशियां बालको थाना इलाके के अगजरबहार के पास तेज रफ़्तार का कहर देखने को मिला है. पिकनिक मना कर लौट रहे युवकों से भरा ऑटो का नियंत्रण बिगड़ने से हादसा हो गया. ऑटो पलटने से दो युवकों की मौत हो गई, जबकि अन्य घायल हुए हैं. घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है. जानकारी के अनुसार, लगभग खरमोरा से 10 युवक पिकनिक मनाने झोरघाट गए थे. वापस लौटने के दौरान उनकी ऑटो पलट गई. मौके पर दो युवक ने दम तोड़ दिया, मृतकों की पहचान सोनू यादव और सत्यम यादव के रूप में हुई है.  वहीं घायलों को राहगिरों ने मानवता दिखाते हुए अस्पातल भिजवाया. पुलिस सूचना पर मौके पर पहुंची और दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए रवाना कर दिया गया है. मशीन में दबकर मजदूर की मौत कोरबा में प्रेम एंटरप्राइजेज राखड़ ईंट फैक्ट्री में महिला मजदूर मशीन की सफाई कर रही थी. घटना के वक्त फैक्ट्री में चार से पांच मजदूर काम कर रहे थे. मृतका भी लंबे समय बाद उसी दिन काम पर लौटी थी. चालू हालत में मशीन साफ करने के दौरान अचानक लीवर नीचे गिर गया और महिला उसकी चपेट में आ गई. मशीन में दबने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई. मृतिका की पहचान 26 साल की बिछनी बाई के रूप में हुई है. मृतका का एक नाबालिग बेटा है. हादसे के बाद ग्रामीणों ने शव उठाने से मना कर दिया। उन्होंने मृतिका के परिवार को उचित मुआवजे की मांग की. वहीं घटना की जानकारी मिलती ही पुलिस भी मौके पर पहुंची. इधर रामपुर विधायक फूल सिंह राठिया और स्थानीय जनप्रतिनिधि अरविंद भगत आंदोलन पर बैठ गए. लगभग 4 घंटे के बाद फैक्ट्री संचालक प्रदीप अग्रवाल, ग्रामीणों और पुलिस के बीच बातचीत चली. इसके बाद मुआवजे देने पर सहमति बनी. पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता के रूप में 75 हजार रुपये दिए गए. वहीं मृतका के पुत्र के नाम पर 2 लाख रुपये की एफडी कराने, 18 वर्ष की आयु तक प्रतिमाह 1500 रुपये भरण-पोषण राशि देने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने पर सहमति बनी. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.  रायपुर-राजिम ट्रेन की चपेट आकर ग्रामीण की मौत अभनपुर में रायपुर-राजिम ट्रेन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान ग्राम सिवनी निवासी के रूप में सामने आई है. शव से कुछ दूर पर पुलिस को एक बाइक भी बरामद हुई है, जो मृतक की बताई जा रही है. घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है. जानकारी के अनुसार, मंगलवार को रेलवे ट्रैक के पास एक शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने जांच शुरू की तो शव के सिर और अन्य हिस्सों में भी ट्रेन से टकराने के कारण गंभीर चोट नजर आई है.  घटना स्थल के सामने स्थित सोनी मल्टी अस्पताल में मृतक के परिवार का एक सदस्य भर्ती बताया जा रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए रवाना कर दिया गया है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है. यह सुसाइड है या हादसा इसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है.  ट्रैक्टर पलटने से ड्राइवर की मौत  सूरजपुर जिले में भी मंगलवार को दर्दनाक हादसा साबित हुआ. सिंदरी नाले में ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया. घटना में ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई. मामला बसदेई चौकी क्षेत्र का है. जानकारी के मुताबिक, ट्रैक्टर केवरा से कुसमुसी रेत लेने जाने जा रहा था. इस दौरान सिंदरी नाला में ड्राइवर ने ट्रैक्टर से नियंत्रण खो दिया. ट्रैक्टर नाले के नीचे पलट गई. मृतक भैयाथान के दर्रीपारा का निवासी बताया जा रहा है. घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया है. पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.

गबन मामले में बड़ा एक्शन, रायपुर SDM कोर्ट ने 11 पूर्व सरपंचों को जेल भेजने के दिए आदेश

अभनपुर/रायपुर. रायपुर के अभनपुर विकासखंड के 11 पंचायतों के पूर्व सरपंचों को न्यायालय एसडीएम अभनपुर की ओर से 30 दिनों के लिए जेल भेजने का आदेश जारी किया गया है, जिससे हड़कंप मच गया है। यह आदेश उन्हें अपने कार्यकाल के दौरान शासकीय राशि का गबन और उस राशि को राजकोष में जमा करने के आदेश का उल्लंघन करने पर जारी किया गया है। क्या है पूरा मामला 30 दिनों का जेल भेजने का आदेश जारी किए जाने के पहले उन सभी पूर्व सरपंचों को न्यायालय एसडीएम अभनपुर की ओर से मांग नोटिस जारी करने के साथ ही उनकी चल/अचल संपति जब्त करने की कार्रवाई भी गई थी, लेकिन इसके बावजूद संबंधित राशि चुकाने के लिए पर्याप्त साधन होने के बाद भी संबंधित पूर्व सरपंचों द्वारा गबन की गई शासकीय राशि जमा करने में हीलाहवाली किया जा रहा था। नोटिस का नहीं दिया जवाब इतना ही नहीं एसडीएम न्यायालय द्वारा सभी को कारण बताओ नोटिस जारी कर उन्हें उनके कृत्य के लिए क्यों न जेल भेजा जाए ? भी पूछा गया था, लेकिन किसी भी पूर्व सरपंच ने नोटिस का संतोषजनक और वैधानिक उत्तर नहीं दिया। आखिरकार 18 मई को एसडीएम न्यायालय द्वारा सभी को 30 दिन या फिर जब तक वे संबंधित राशि जमा नहीं कर देते हैं, तब तक सिविल जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया गया। आदेश की तामिली करते हुए संबंधित पूर्व सरपंचों को जेल भेजने का पत्र संबंधित थाना प्रभारी को प्रेषित कर दिया गया है। साथ ही केंद्रीय जेल रायपुर के अधीक्षक को भी इसका पत्र भेजा गया है । इन पूर्व सरपंचों के खिलाफ जारी किया गया आदेश जिन पूर्व सरपंचों के विरुद्ध इस आशय का आदेश जारी किया गया है उनमें सेवाराम यादव (पूर्व सरपंच घोंठ ) 1 लाख 96 हजार रुपए, गोपाल ध्रुव (पूर्व सरपंच कुर्रु) 80 हजार रुपए, गोपेश ध्रुव (पूर्व सरपंच आलेखुंटा) 50 हजार रुपए, तुलसीराम बारले (पूर्व सरपंच खोला) 20 हजार 927 रूपए, रामेश्वर प्रसाद डहरिया (पूर्व सरपंच परसुलीडीह) 5 लाख 90 हजार 387 रुपए, थनवार बारले (पूर्व सरपंच पचेड़ा) 3 लाख 80 हजार रुपए, सावित्री यादव (पूर्व सरपंच गोतियारडीह) 2 लाख 47 हजार 34 रुपए, धर्मेंद्र यदु (पूर्व सरपंच चंपारण) 30 हजार 700 रुपए, राधेश्याम लहरी (पूर्व सरपंच घुसेरा) 80 हजार रुपए, तुकाराम कारले (पूर्व सरपंच भोथीडीह) 2 लाख रुपए और सेवेंद्र तारक (पूर्व सरपंच तोरला) 1 लाख 56 हजार 915 रुपए शामिल हैं। एसडीएम अभनपुर ने बताया कि अगर संबंधित पूर्व सरपंच राशि जमा कर देते हैं तो उन्हें जेल नहीं जाना पड़ेगा ।

CG के जंगल में सफेद भालू की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी

गौरेला पेण्ड्रा मरवाही. छत्तीसगढ़ के मरवाही वनमंडल के जंगलों में एक ओर जहां दुर्लभ एल्बिनो यानी सफेद भालू को देखकर ग्रामीण हैरान है, तो वहीं दूसरी ओर इस भालू के हमले से इलाके में दहशत का माहौल है। वही वन विभाग भी ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट मोड पर है। दरअसल, मरवाही वनमंडल के आमादांड गांव के जंगलों में दुर्लभ एल्बिनो यानी सफेद भालू देखने को मिला है। काले भालुओं के बीच दिखे सफेद भालू ने सबको हैरान कर दिया है, लेकिन दूसरी तरफ इसके हमले ने इलाके के लोगों को डर को साए में जीने को मजबूर कर दिया है। सफेद भालू ने ड्राइवर पर किया हमला बताया जा रहा है कि सफेद भालू ने स्थानीय निवासी लल्लू ड्राइवर पर अचानक हमला कर दिया। भालू के इस जानलेवा हमले में लल्लू ड्राइवर के हाथों पर गंभीर चोटें आई हैं। घायल को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां फिलहाल उसका इलाज जारी है। रंग दोष के कारण सफेद हो जाता है रंग वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक, यह कोई अलग प्रजाति नहीं है, बल्कि भालू के शरीर में जीन परिवर्तन यानी रंग में दोष परिवर्तन के कारण इनका रंग काले की जगह पूरी तरह सफेद हो जाता है, जिसे विज्ञान की भाषा में एल्बिनो कहा जाता है। वहीं वन विभाग भी अलर्ट मोड पर है ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित रखा जा सके।

छुट्टियों में भी जारी रहेगा न्यायिक कामकाज, बिलासपुर हाईकोर्ट में वेकेशन बेंच शुरू

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सोमवार से ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हो गया है. अवकाश में जरूरी मामलों की सुनवाई वेकेशन बेंच में शुरू शुरू हो गई है. मंगलवार को पहली बार वेकेशन बेंच में सुनवाई शुरू हो रही है. हाईकोर्ट में समर वेकेशन शुरू हो चुका है. इसके बाद भी आवश्यक मामलों की सुनवाई करने चीफ जस्टिस के निर्देश पर अलग से व्यवस्था की गई है. हर सप्ताह अलग से बेंच निर्धारित किया गया है. इनमें अवकाश के दौरान सामने आने वाले महत्वपूर्ण मुकदमों की सुनवाई की जाएगी. मंगलवार को जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू और जस्टिस संजय कुमार जायसवाल की डिवीजन बेंच में आवश्यक रिट मामलों, फेमिली मैटर और अपराधिक मामलों की सुनवाई होगी. इसी प्रकार जस्टिस एनके व्यास और जस्टिस संजय कुमार जायसवाल की सिंगल वेकेशन बेंच भी रखी गई है. हाईकोर्ट प्रशासन ने नया रोस्टर जारी कर दिया है, जो 7 मई से प्रभावी है। नई व्यवस्था के तहत विभिन्न मामलों की सुनवाई के लिए चार डिवीजन बेंच और 14 सिंगल बेंच गठित की गई हैं। 7 मई से लागू हुआ नया रोस्टर हाईकोर्ट द्वारा जारी नई सूची के अनुसार अब अलग-अलग प्रकार के मामलों की सुनवाई तय बेंचों द्वारा की जाएगी। समर वेकेशन से पहले लंबित मामलों के प्रभावी निपटारे और कार्यों के बेहतर संचालन को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया गया है। पहली डिवीजन बेंच संभालेगी जनहित याचिकाएं मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की प्रथम डिवीजन बेंच को जनहित याचिकाओं, हेबियस कॉर्पस, रिट अपील और अन्य विशेष मामलों की सुनवाई की जिम्मेदारी दी गई है। यह बेंच महत्वपूर्ण संवैधानिक और सार्वजनिक हित से जुड़े मामलों पर सुनवाई करेगी। दूसरी बेंच में होगी आपराधिक मामलों की सुनवाई जस्टिस संजय के अग्रवाल और जस्टिस संजय जायसवाल की डिवीजन बेंच आपराधिक मामलों और अल्ट्रा वायर्स से जुड़े प्रकरणों की सुनवाई करेगी। इस बेंच के पास गंभीर आपराधिक और कानूनी वैधता से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी रहेगी। कैदी अपीलों के लिए अलग बेंच गठित तीसरी डिवीजन बेंच में जस्टिस संजय अग्रवाल और जस्टिस एनके व्यास को कैदी अपीलों से संबंधित मामलों की सुनवाई सौंपी गई है। जेलों से जुड़े अपील मामलों और सजा संबंधी याचिकाओं की सुनवाई इसी बेंच में होगी। वैवाहिक, टैक्स और सेवा मामलों के लिए चौथी बेंच जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू और जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की चौथी डिवीजन बेंच वैवाहिक अपील, टैक्स और सेवा संबंधी मामलों की सुनवाई करेगी। कर्मचारियों और पारिवारिक विवादों से जुड़े प्रकरण इसी बेंच में सुने जाएंगे। 14 सिंगल बेंच भी करेंगी नियमित सुनवाई नई व्यवस्था में मुख्य न्यायाधीश की विशेष बेंच सहित कुल 14 सिंगल बेंच भी गठित की गई हैं। ये बेंच विभिन्न श्रेणी के मामलों की नियमित सुनवाई करेंगी, जिससे मामलों के तेजी से निपटारे में मदद मिलने की उम्मीद है। न्यायिक कार्यों में आएगी तेजी हाईकोर्ट के नए रोस्टर से न्यायिक कार्यों के बेहतर संचालन और लंबित मामलों की सुनवाई में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। समर वेकेशन से पहले यह बदलाव कोर्ट की कार्यप्रणाली को व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वकीलों और पक्षकारों के लिए अहम अपडेट नए रोस्टर लागू होने के बाद अब अधिवक्ताओं और पक्षकारों को अपने मामलों की सुनवाई के लिए निर्धारित बेंच के अनुसार तैयारी करनी होगी। कोर्ट प्रशासन ने सभी संबंधित पक्षों को नई व्यवस्था की जानकारी दे दी है।