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जशपुर दौरे पर सीएम साय: श्रीरामकथा रसपान में होंगे शामिल

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अपने गृह जिला जशपुर के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री दोपहर 1 बजे रायपुर से कुनकुरी रवाना होंगे। इसके बाद वे दोपहर 3 बजे सालिया टोली स्टेडियम में आयोजित प्रभु श्री रामकथा रसपान कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री शाम 4:30 बजे कुनकुरी से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे और शाम 6 बजे तक रायपुर लौट आएंगे। आदिम जाति विकास विभाग की समीक्षा बैठक आदिम जाति विकास विभाग की समीक्षा बैठक 6 अप्रैल को आयोजित की जाएगी। यह बैठक प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में होगी। बैठक का आयोजन सुबह 11 बजे नया रायपुर में किया जाएगा, जिसमें विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। साथ ही वित्तीय प्रबंधन को और मजबूत बनाने पर फोकस रहेगा। इस दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 की योजनाओं की स्थिति का आकलन के साथ वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रावधानों पर भी चर्चा होगी। रायपुर में आज सन टू ह्यूमन साधना सत्र सन टू ह्यूमन फाउंडेशन द्वारा ‘सन टू ह्यूमन’ साधना सत्र का आयोजन किया जा रहा है। यह सत्र रायपुर के झूलेलाल गार्डन (कटोरातालाब) में आयोजित होगा। यह साधना सत्र प्रतिदिन सुबह 6:00 बजे से 7:30 बजे तक संचालित किया जाएगा। सामूहिक रांदल माता पूजा श्री गुजराती ब्रह्म समाज महिला मंडल द्वारा सामूहिक रांदल माता पूजा का आयोजन आज किया जा रहा है। यह आयोजन न्यू टिम्बर मार्केट, त्रिमूर्ति नगर स्थित दया भवन में संपन्न होगा। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8:30 बजे से होगी। झूलेलाल मंदिर का स्थापना दिवस झूलेलाल मंदिर भोईपारा में मंदिर का स्थापना दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस आयोजन का आयोजन श्रीराम मंडली एवं श्रीराम युवा मंडली द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत सुबह 10 बजे से पूजा-अर्चना शुरू होगी, जिसके बाद श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

हरित खाद, नीली-हरी शैवाल के उत्पादन तकनीक और उपयोग को गांव-गांव तक पहुंचाएं

रायपुर कृषि उत्पादन आयुक्त  शहला निगार ने कृषि अधिकारियों और वैज्ञानिकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ की। उन्होंने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि “हरित खाद, नीली-हरी शैवाल एवं जैव उर्वरकों” पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आगामी खरीफ सीजन से पहले किसानों को रासायनिक उर्वरकों के विकल्पों के प्रति जागरूक करना और सतत कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करना था।       इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों की संभावित कमी को देखते हुए हरित खाद, नीली-हरी शैवाल और जैव उर्वरक जैसे विकल्प फसलों की पोषक आवश्यकताओं का लगभग 50 प्रतिशत तक पूरा कर सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले दो से तीन महीनों में इन तकनीकों के उत्पादन और उपयोग को गांव-गांव तक पहुंचाया जाए।        प्रशिक्षण कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरिश चंदेल सहित राज्य के विभिन्न जिलों से आए 150 से अधिक कृषि अधिकारियों, वैज्ञानिकों और कृषि विज्ञान केंद्रों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।         इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहा कि वैश्विक स्तर पर उर्वरकों की आपूर्ति को लेकर उभरती अनिश्चितताओं के बीच छत्तीसगढ़ ने टिकाऊ कृषि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दक्षिण-पूर्व एशिया और विशेषकर ईरान में जारी संघर्ष के कारण पेट्रोलियम उत्पादों एवं उर्वरक निर्माण में उपयोग होने वाले कच्चे माल के आयात पर संभावित असर को देखते हुए राज्य सरकार ने वैकल्पिक पोषक स्रोतों को बढ़ावा देने की पहल तेज कर दी है।       तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने मृदा स्वास्थ्य सुधार और दीर्घकालिक कृषि स्थिरता के लिए जैविक एवं पर्यावरण-अनुकूल उपायों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। विशेषज्ञ वैज्ञानिकों ने बताया कि नीली-हरी शैवाल नाइट्रोजन स्थिरीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, विशेषकर धान की खेती में इसकी उपयोगिता अधिक है। वहीं, हरित खाद से मृदा की संरचना बेहतर होती है और पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ती है। समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन को भविष्य की कृषि के लिए अनिवार्य बताया गया।     कार्यक्रम में कृषि अधिकारियों और वैज्ञानिकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया, जिसमें नीली-हरी शैवाल उत्पादन की तकनीक का प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा खरीफ सीजन के लिए इन विकल्पों के व्यापक उपयोग की रणनीति पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन वैकल्पिक उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो न केवल रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटेगी, बल्कि किसानों की लागत में कमी और मृदा स्वास्थ्य में सुधार भी सुनिश्चित होगा। कार्यक्रम के अंत में सतत, पर्यावरण-अनुकूल और आत्मनिर्भर कृषि प्रणाली को बढ़ावा देने का संकल्प लिया गया।  

वार्ड क्र. 38 लालघाट चेकपोस्ट के नागरिकों को मिली सर्वसुविधायुक्त उद्यान की सौगात

रायपुर प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन ने रजत जयंती उद्यान को जनसेवा के लिए समर्पित किया। नगर पालिक निगम कोरबा के वार्ड क्र. 38 लालघाट चेकपास्ट बस्ती के रहवासियों को आज एक सर्वसुविधायुक्त उद्यान की सौगात प्राप्त हुई है। इस अवसर पर महापौर मती संजूदेवी राजपूत, मेयर इन काउंसिल सदस्य हितानंद अग्रवाल, पार्षद नरेन्द्र देवांगन, पार्षद चेतन सिंह मैत्री, सत्येन्द्र दुबे, मुकुंद सिंह कंवर, मंगल बंदे सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण व काफी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।  नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा बालको जोनांतर्गत वार्ड क्र. 38 लालघाट के चेकपोस्ट बस्ती मुख्य मार्ग में 21 लाख 50 हजार रूपये की लागत से सर्वसुविधायुक्त उद्यान का निर्माण कार्य कराया गया है, छत्तीसगढ़ गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में वर्ष 2025 से मनाये जा रहे रजत जयंती समारोह के तहत उक्त उद्यान का नामकरण रजत जयंती उद्यान किया गया है।  इस अवसर पर उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुये प्रदेश के उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन ने कहा कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी बाजपेयी जी ने 25 वर्ष पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया था। राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में वर्ष रजत जयंती वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इस उद्यान का नाम भी रजत जयंती उद्यान रखा गया, मुझे खुशी है कि आज यह सर्वसुविधायुक्त उद्यान जनताजनार्दन की सेवा हेतु समर्पित किया गया है। उन्होने कहा कि छत्तीसगढ़ को हमारी सरकार ने ही बनाया था और अब हमारी सरकार ही छत्तीसगढ़ को संवार रही है। 15 वर्षाे तक डॉ. रमन सिंह जी प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे तथा प्रदेश का ऐतिहासिक रूप से विकास किया, अब उन्हीं की तर्ज पर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की अगुवाई में प्रदेश सरकार राज्य के सर्वांगीण विकास की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है, यह हमारा सौभाग्य है कि जनताजनार्दन के आशीर्वाद से देश-प्रदेश व कोरबा मे ट्रिपल इंजन की सरकार चल रही है तथा देश के यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सरकार द्वारा दर्जनों जनकल्याणकारी योजनायें संचालित कर गरीब, मजदूर, किसान, युवा, महिला सहित समाज के सभी वर्गाे के जीवन स्तर को ऊपर उठाया जा रहा है।  इस अवसर पर महापौर मती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बनाये गये रजत जयंती उद्यान की यह सौगात आज लालघाट चेकपोस्ट बस्ती के नागरिक बंधुओं को प्राप्त हुई है। जिसके लिये मैं उन्हें हृदय से  बधाई देती हूॅं। उन्होने कहा कि उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन में कोरबा नगर निगम क्षेत्र का तेजी से विकास हो रहा है, आमजनता की समस्याएं प्राथमिकता के साथ दूर की जा रही है, विगत 01 वर्ष के दौरान नगर निगम केारबा ने अनेक उपलब्धियॉं अर्जित की है, बर्षाे की समस्यायें दूर की गई है।   

नियद नेल्लानार योजना का असर: पालनार के ग्रामीणों को अब गांव में ही मिल रही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं

रायपुर नियद नेल्लानार योजना: बीजापुर के पालनार में स्वास्थ्य क्रांति, 'आयुष्मान आरोग्य मंदिर' से सुदूर वनांचल के ग्रामीणों को मिल रही नई सौगात मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के कायाकल्प के लिए संचालित 'नियद नेल्लानार' (आपका अच्छा गाँव) योजना अब धरातल पर सार्थक परिणाम दे रही है। जिला बीजापुर के दुर्गम क्षेत्र ग्राम पालनार में आयुष्मान आरोग्य मंदिर के खुलने से 28 जनवरी 2026 से अब तक सैकड़ों ग्रामीणों को उनके घर के समीप ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। रिकॉर्ड ओपीडी और इनडोर सुविधाएं पालनार और आस-पास के गांवों में स्वास्थ्य के प्रति आई इस जागरूकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस अल्प अवधि में ही कुल 747 मरीजों ने ओपीडी (OPD) सेवाओं का लाभ उठाया है। इसके अलावा, आवश्यकतानुसार 16 मरीजों को भर्ती कर उनका सफलतापूर्वक उपचार किया गया। पहले जिन ग्रामीणों को छोटी बीमारियों के लिए भी मीलों पैदल चलना पड़ता था, उन्हें अब विशेषज्ञ परामर्श और निःशुल्क दवाएं स्थानीय स्तर पर ही मिल रही हैं। मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य सुरक्षित प्रसव और त्वरित सेवाएं संवेदनशील क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस केंद्र में अब तक 5 सुरक्षित प्रसव कराए गए हैं। शासन की मंशा के अनुरूप, नागरिकों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु नवजातों के जन्म प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। साथ ही, क्षेत्र की 15 गर्भवती महिलाओं (ANC) और 18 धात्री माताओं (PNC) की नियमित स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण सुनिश्चित किया गया है। गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान (NCD स्क्रीनिंग) योजना के तहत गैर-संचारी रोगों (NCD) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पालनार केंद्र में अब तक 250 ग्रामीणों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की गई, जिसमे 25 मरीज उच्च रक्तचाप (Hypertension) से ग्रसित पाए गए। बारह मरीज मधुमेह (Diabetes) से पीड़ित मिले। एक ग्रामीण में ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण मिलने पर तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्र हेतु रेफर किया गया।  पालनार में आयुष्मान आरोग्य मंदिर की सफलता यह दर्शाती है कि शासन की योजनाएं अब अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। इससे न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार हुआ है, बल्कि ग्रामीणों का प्रशासन के प्रति विश्वास भी सुदृढ़ हुआ है।

राज्यपाल रमेन डेका ने बेहराखार में पीएम जनमन अंतर्गत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट का किया अवलोकन

रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका ने बेहराखार में पीएम जनमन अंतर्गत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट का किया अवलोकन राज्यपाल  रमेन डेका ने आज  जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड के ग्राम बेहराखार में पीएम जनमन योजना अंतर्गत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने यूनिट में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। मोबाइल मेडिकल यूनिट में ऑक्सीजन सिलेंडर, सीवीसी मशीन, आवश्यक दवाइयों सहित विभिन्न उपचार उपकरण उपलब्ध हैं। साथ ही इसमें डॉक्टर, नर्स एवं पैरामेडिकल स्टाफ की टीम भी तैनात रहती है, जो दूरस्थ क्षेत्रों में जाकर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करती है।  अवलोकन के उपरांत राज्यपाल ने संतोष व्यक्त किया। साथ ही अधिकारियों से कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में नियमित रूप से भ्रमण कर स्वास्थ्य जांच एवं उपचार सुनिश्चित किया जाए, ताकि इन समुदायों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें। इस अवसर पर पद्म  जागेश्वर यादव, कलेक्टर  रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. जात्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

वन मंत्री कश्यप सुदूर ग्राम केजंग में पहुंचे

रायपुर वन मंत्री  केदार कश्यप ने आज कोंडागांव के सुदूर अंचल स्थित ग्राम केजंग पहुंचे और क्षेत्रवासियों को लगभग 1 करोड़ 20 लाख रुपए के 11 विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने विभिन्न ग्राम पंचायतों में सड़क, भवन एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया गया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं सड़कों, पुलों, जल संरक्षण के कार्य और सामुदायिक भवनों का निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य ग्रामीण अंचल में आवागमन को आसान बनाना, कृषि को मजबूती देना और ग्रामीण जीवनस्तर में सुधार लाना है।       कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री  कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एवं मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की सरकार आम नागरिकों के हित में क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र पूर्व में माओवाद से प्रभावित रहा है, किन्तु  पूरा छत्तीसगढ़ माओवाद के प्रभाव से मुक्त हो गया है और अब बस्तर संभाग भयमुक्त होकर विकास की मुख्यधारा में तेजी से आगे बढ़ेगा और अधिक समृद्ध होगा। उन्होंने कहा कि इन विकास कार्यों के पूर्ण होने से ग्रामीणों को आवागमन, शिक्षा एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार मिलेगा।         विकास कार्याे के  लिए भूमिपूजन किए गए कार्यों में ग्राम पंचायत कुधूर में 1 किमी मुरमीकरण कार्य (मांझानार से साहूपारा प्रतीक घर तक) लागत 19 लाख रुपए, तरईपारा से पंडेला घर तक सीसी सड़क निर्माण लागत 9.60 लाख रुपए, ग्राम पंचायत कोरमेल के पटेलपारा में सीसी सड़क निर्माण लागत 9.60 लाख रुपए के कार्य शामिल हैं। इसी प्रकार ग्राम पंचायत जोडेंगा में सांस्कृतिक भवन से कमलू घर तक सीसी सड़क निर्माण लागत 9.60 लाख रुपए, ग्राम पंचायत पदनार में प्राथमिक शाला भवन से समलू घर तक सीसी सड़क निर्माण लागत 9.60 लाख रुपए, ग्राम पंचायत पुसपाल में नीचेपारा में कुलधर घर से सुधीर यादव घर तक सीसी सड़क निर्माण लागत 9.60 लाख रुपए, ग्राम पंचायत मड़ागांव में सांस्कृतिक भवन से पीलाराम घर तक सीसी सड़क निर्माण लागत 9.60 लाख रुपए के कार्य शामिल हैं। ग्राम पंचायत केजंग में घोटुल गुड़ी के पास शेड निर्माण लागत 6 लाख रुपए, ग्राम पंचायत मडानार में स्कूल मुख्य द्वार से पेदेबाई घर तक सीसी सड़क निर्माण लागत 9.60 लाख रुपए एवं प्राथमिक शाला में शौचालय निर्माण लागत 5 लाख रुपए तथा ग्राम पंचायत बेतबेड़ा में मुख्य मार्ग से ढोलमांदरी सन्नू घर तक मार्ग मुरमीकरण 15.00 लाख रुपए के कार्य शामिल हैं।       कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष मती अनीता कोर्राम, उपाध्यक्ष  टोमेन्द्र ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष मती रीता शोरी, कोण्डागांव एसडीएम  अजय उरांव, तहसीलदार  मनोज रावटे एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। ईरान ने शनिवार को दावा किया है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट में इजरायली जहाज पर हमला किया है। ड्रोन से हुए इस हमले के बाद जहाज पर आग लग गई। ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड नेवी के एक कमांडर ने हमले की बात कही है। हालांकि, अभी तक इजरायल की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। ईरानी हमले से पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है। 'सेपाह न्यूज' वेबसाइट पर गार्ड्स ने बताया कि उन्होंने बहरीन के खलीफा बिन सलमान बंदरगाह पर एक कमर्शियल जहाज, 'MSC Ishyka' को निशाना बनाया। यह जहाज इजरायली शासन के मालिकाना हक वाला था और उस पर किसी तीसरे देश का झंडा लगा हुआ था।" गार्ड्स की नौसेना ने इससे पहले एक्स (ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा था कि जहाज पर हमला होर्मुज स्ट्रेट में किया गया था। उन्होंने कहा, "होर्मुज में जायोनी शासन से जुड़े जहाज पर एक ड्रोन से हमला किया गया, जिससे जहाज में आग लग गई।" 'MarineTraffic' वेबसाइट के अनुसार, लाइबेरिया का झंडा लगा यह जहाज शुक्रवार रात तक भी बहरीन के बंदरगाह पर ही खड़ा था। पिछले एक महीने से ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच युद्ध चल रहा है। 28 फरवरी को हालात तब बिगड़ गए जब इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर हवाई हमले कर दिए, जिसमें सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई। इससे ईरान भड़क गया और इजरायल व खाड़ी देशों में अमेरिकी बेस पर धावा बोल दिया। इस युद्ध में अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है। यहां तक कि ईरान अमेरिका का फाइटर जेट तक गिरा चुका है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को भी बंद कर दिया, जिससे दुनियाभर में तेल संकट पैदा हो गया। हालांकि, अब उसने भारत समेत मित्र देशों के लिए होर्मुज खोल दिया है, लेकिन उसके निशाने पर अमेरिका, इजरायल जैसे 'दुश्मन' देश बने हुए हैं। भारत के जहाज होर्मुज से लगातार गुजर रहे इस बीच, भारत सरकार ने शनिवार को बताया कि एलपीजी ले जा रहा भारत के झंडे वाला एक टैंकर होर्मुज से सुरक्षित रूप से गुजर गया है। भारत दुनिया में लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार है। पिछले तीन हफ्तों में भारत के झंडे वाले कई जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ता दिलाने में नई दिल्ली को कामयाबी मिली है। जहाजरानी मंत्रालय ने शनिवार को पुष्टि की कि एलपीजी ले जाने वाला जहाज 'ग्रीन सांव्वी' इस संकरे रास्ते से गुजर गया है। एक बयान में कहा गया, "ग्रीन सांव्वी 46,650 मीट्रिक टन LPG कार्गो और जहाज़ पर सवार 25 नाविकों के साथ होर्मुज से सुरक्षित रूप से गुजर गया है।'' हालांकि इसमें जहाज की अंतिम मंजिल के बारे में और कोई जानकारी नहीं दी गई।  

बिरहोर समुदाय के शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता पर दिया जोर

रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका राज्यपाल  रमेन डेका ने आज जशपुर जिला के कुनकुरी विकासखंड के बेहराखार ग्राम का दौरा कर विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर समुदाय के लोगों से आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उनके रहन-सहन, जीवनशैली  को नजदीक से समझा और उनसे संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली। राज्यपाल ने बिरहोर समुदाय के लोगों से चर्चा करते हुए विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति और उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों के बारे में जानकारी प्राप्त की।  उन्होंने उपस्थित अधिकारियों से कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति समुदायों तक सभी शासकीय योजनाओं का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके और वे मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने बिरहोर समुदाय के शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता पर दिया जोर दिया। राज्यपाल  रमेन डेका ने बिरहोर समुदाय के लोगों से संवाद करते हुए उनके सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने समुदाय के लोगों से अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने की अपील की।  साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की सलाह देते हुए कहा कि बीमारी की स्थिति में अस्पताल या स्वास्थ्य शिविरों में जाकर समय पर उपचार कराना चाहिए। राज्यपाल ने अधिकारियों से कहा  कि बिरहोर समुदाय को स्व-सहायता समूहों से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें रोजगार के अवसर मिल सकें और वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के समग्र विकास के लिए संचालित पीएम जनमन योजना का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि इन क्षेत्रों में नियमित रूप से स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएं, जिससे लोगों का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण हो सके। साथ ही उन्होंने बच्चों के लिए टीकाकरण को अनिवार्य बताते हुए सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को समय पर वैक्सीन लगवाने की अपील की।               राज्यपाल  डेका ने बिरहोर समुदाय के लोगों को अपने घरों में पढ़ाई के लिए एक अलग कोना बनाने की सलाह दी, जिससे बच्चों को अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण मिल सके और वे अधिक प्रेरित हों। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि बिरहोर समुदाय द्वारा बनाए जाने वाले उत्पादों का वैल्यू एडिशन किया जाए, ताकि उनके उत्पादों को बाजार में उचित मूल्य मिल सके। इस अवसर पर बिरहोर समुदाय के गुरुबारु ने राज्यपाल को जानकारी दी कि क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवासों का निर्माण भी किया जा रहा है। साथ ही विभिन्न शासकीय योजनाओं के लाभ भी मिल रहा है। उन्होंने पद्म जागेश्वर यादव के सहयोग की सराहना भी की। कार्यक्रम के दौरान बिरहोर समुदाय के लोगों ने राज्यपाल का पारंपरिक रूप से स्वागत करते हुए उन्हें केंद फूल, लाटा तथा स्वयं निर्मित रस्सी भेंट की। राज्यपाल ने भी समुदाय के लोगों को साल भेंट कर सम्मानित किया तथा उपयोगी सामग्री के रूप में टॉर्च प्रदान की। साथ ही उन्होंने पद्म जागेश्वर यादव को राजकीय गमछा भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान कलेक्टर  रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ  अभिषेक कुमार सहित अधिकारीगण मौजूद रहे। पद्म जागेश्वर यादव ने बिरहोर समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने के अपने संघर्षों का किया उल्लेख            पद्म जागेश्वर यादव ने राज्यपाल  रमेन डेका के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान उन्होंने उन्होंने बिरहोर समुदाय को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के अपने लंबे संघर्षों का उल्लेख भी किया। उन्होंने बताया कि वे वर्ष 1980 से इस विशेष पिछड़ी जनजाति के बीच रहकर कार्य कर रहे हैं। उस समय बिरहोर समुदाय के लोग घने जंगलों में निवास करते थे, जंगलों से प्राप्त फलों पर निर्भर रहते थे और जमीन पर ही जीवन यापन करते थे। उन्होंने कहा कि इन समुदायों को वर्तमान स्थिति तक लाने में उन्हें अनेक कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लगातार प्रयास, जागरूकता और शासन-प्रशासन के सहयोग से आज बिरहोर समुदाय के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है और वे धीरे-धीरे मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। बेहराखार में बिरहोर परिवारों के समग्र विकास के लिए प्रशासन पूरी तत्परता से कर रहा कार्य          कलेक्टर  रोहित व्यास ने राज्यपाल को जानकारी देते हुए बताया कि विशेष पिछड़ी जनजाति समुदायों को शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ने के लिए प्रशासन गंभीरता और तत्परता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि ग्राम बहेराखार में बिरहोर समुदाय के कुल 22 परिवार निवासरत हैं, जिनकी कुल जनसंख्या 85 है। इनमें से 73 लोगों के आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। सभी परिवारों का सिकल सेल स्क्रीनिंग परीक्षण पूर्ण कर लिया गया है तथा सभी को राशन कार्ड उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त 19 परिवारों के जॉब कार्ड भी बनाए जा चुके हैं। कुछ परिवारों को उज्ज्वला गैस कनेक्शन प्राप्त हो चुका है, जबकि शेष परिवारों को लाभ प्रदान करने की प्रक्रिया जारी है। महतारी वंदन योजना का लाभ भी  दिया जा रहा है। साथ ही अन्य योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है।

ओडिशा से महाराष्ट्र सप्लाई की साजिश नाकाम, 1.5 करोड़ का गांजा पकड़ा गया

रायपुर. नशे के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए महासमुंद पुलिस ने एक करोड़ 40 लाख 95 हजार रुपए कीमत का 281.900 किलो ग्राम (02 क्विटल 81.900 किलोग्राम) गांजा जब्त किया है. मामले में महाराष्ट्र के पांच तस्करों को गिरफ्तार किया गया है. ओडिशा से गांजा लेकर आने की सूचना पर एन्टी नारकोटिक टास्क फोर्स एवं थाना सिंघोड़ा पुलिस की संयुक्त टीम एनएच 53 रेहटीखोल रोड पहुंच कर नाकाबंदी किए. कुछ समय बाद एक फार्चुनर (MH 12 WC 0090) एवं एक स्कार्पियो (MH 12 YH 0090) पहुंची. गाड़ी में रखी बोरियों के संबंध में गाड़ी में सवार लोगों ने गांजा रखे होने की जानकारी दी, और गांजा को जिला फुलवानी, ओडिशा से पुणे, महाराष्ट्र ले जाना बताए. पुलिस ने गाड़ी की जांच में 1,40,95,000 रुपए कीमत का 281.900 किलो ग्राम अवैध गांजा के साथ गांजा परिवहन में प्रयुक्त फार्चुनर MH 12 WC 0090 कीमती 40,00,000 रुपए और स्कार्पियो MH 12 YH 0090 कीमती 25,00,000 रुपए के साथ 4 मोबाइल मिलाकर कुल 2,06,45,000 रुपए का सामान जप्त किया. मामले में महाराष्ट्र निवासी आरोपी प्रशांत शंकर गोले पिता शंकर गोले (38 साल), क्षितिज वीरसेन जाधव पिता वीरसेन जाधव (21 साल), अक्षय नंदकुमार निगम पिता नंदकुमार निगम (27 साल), अभिषेक डेविड जगले पिता डेविड जगले (26 साल) और महेश काटकर पिता धोनडिराम काटकर (39 साल) को गिरफ्तार कुल जुमला 2,06,45,000 रुपए जब्त की. 

अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी का पर्दाफाश: तलाशी में मिला भारी जखीरा, तीन आरोपी गिरफ्तार

राजनांदगांव अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बसंतपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।। पुलिस ने अंतर्राज्यीय स्तर पर गांजा तस्करी करने वाले तीन आरोपितों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से 9.114 किलोग्राम गांजा जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब एक लाख रुपये बताई गई है। पुलिस टीम को तीन अप्रैल को मुखबिर से सूचना मिली कि मुंदड़ा कुंज जी.ई. रोड के पास तीन व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में गांजा बिक्री के उद्देश्य से बस का इंतजार कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और तीनों संदिग्धों को पकड़ लिया। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम शिव कुमार राय 31 वर्ष, सालिक राम 24 वर्ष और शपुष्पा बर्मन 28 वर्ष बताए, जो मध्यप्रदेश के पन्ना और जबलपुर क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस को देखते ही हड़बड़ा गए पुलिस द्वारा विधिवत तलाशी लेने पर आरोपितों के पास रखे बैगों से कुल 9.114 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। मौके पर ही गांजा को जब्त कर लिया गया। आरोपितों के खिलाफ थाना बसंतपुर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (बी) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद तीनों आरोपितों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।  

बलरामपुर में फोन कॉल से टकराव: CMO की कथित अभद्र भाषा, पार्षद संग विवाद सुर्खियों में

बलरामपुर. बलरामपुर नगरपालिका में इन दिनों सियासी और प्रशासनिक टकराव खुलकर सामने आ गया है। पार्षद ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) प्रवण राय के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एक कथित कॉल रिकॉर्डिंग वायरल की है, जिसमें अभद्र भाषा और धमकी देने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने जिले की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। बलरामपुर नगरपालिका के एक भाजपा पार्षद ने CMO प्रणव राय पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों से अभद्र व्यवहार करते हैं, और दबाव की भाषा में बात करते हैं। पार्षद द्वारा वायरल की गई कॉल रिकॉर्डिंग में कथित रूप से धमकी और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल सुनाई दे रहा है। वार्ड 14 पार्षद गौतम सिंह का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। वे पहले भी कई बार CMO के खिलाफ शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज पार्षदों का कहना है कि अपने ही सरकार में उनकी सुनवाई नहीं हो रही और अधिकारी मनमानी पर उतारू हैं। वहीं, इस पूरे मामले में CMO राय ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि वायरल ऑडियो उनका नहीं है, बल्कि AI तकनीक के जरिए उसमें छेड़छाड़ (टेंपरिंग) की गई है। CMO ने स्पष्ट किया कि वे केवल नियमों के तहत काम करते हैं और किसी भी प्रकार के अवैध दबाव में आकर कार्य नहीं करेंगे। CMO के मुताबिक, कुछ लोग गलत तरीके से काम करवाने के लिए दबाव बना रहे हैं, जिसे वे स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य केवल नगर का विकास है। अब इस मामले ने तूल पकड़ लिया है और भाजपा पार्षद कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। एक तरफ वायरल ऑडियो से उठे सवाल हैं, तो दूसरी ओर AI टेंपरिंग का दावा- ऐसे में सच्चाई क्या है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल, यह विवाद सुशासन के दावों के बीच प्रशासनिक कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहा है।