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रायगढ़ में उत्कल दिवस एवं वार्षिकोत्सव स्नेह सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज रायगढ़ के बाबा प्रियदर्शी राम ऑडिटोरियम, पंजरी प्लांट में उत्कल सांस्कृतिक सेवा समिति द्वारा आयोजित ‘उत्कल दिवस एवं वार्षिकोत्सव स्नेह सम्मेलन’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्यमंत्री  साय द्वारा भगवान जगन्नाथ स्वामी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं ‘वंदे उत्कल जननी’ के मधुर गायन के साथ हुआ। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को आत्मीयतापूर्वक संबोधित करते हुए  कहा कि वे यहां अतिथि के रूप में नहीं, बल्कि अपने परिवार के बीच आए हैं। उन्होंने कहा कि रायगढ़ की जनता ने उन्हें 20 वर्षों तक सांसद के रूप में अपना भरपूर आशीर्वाद दिया है और वही स्नेह एवं अपनापन उन्हें आज भी प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने ओडिशा और छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दोनों राज्यों के बीच ‘रोटी-बेटी’ का अटूट रिश्ता है। उन्होंने कहा कि जशपुर के कुनकुरी से लेकर छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रों तक बड़ी संख्या में लोग उड़िया भाषा बोलते हैं। देवभोग-गरियाबंद क्षेत्र में आज भी महाप्रसाद के रूप में भात मिलता है और छत्तीसगढ़ के कोने-कोने में रथ यात्रा का आयोजन होता है।   मुख्यमंत्री  साय ने समाज की  पत्रिका ‘सुविधा’ का विमोचन किया, जिसमें समाज के रीति-रिवाज, उपलब्धियां एवं संपर्क विवरण संकलित किए गए हैं। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने जगन्नाथ रथ यात्रा के आयोजन हेतु 5 लाख रुपये की राशि प्रदान करने की घोषणा की।  मुख्यमंत्री  साय ने अपने संबोधन में राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप छत्तीसगढ़ में ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 8 लाख आवास रिकॉर्ड समय में पूर्ण किए जा चुके हैं। किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है तथा लगभग 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है, जिससे प्रदेश खुशहाली की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा  रामलला दर्शन योजना प्रारंभ की गई है, जिसके अंतर्गत अब तक लगभग 42 हजार श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर भगवान रामलला के दर्शन कर चुके हैं। इस योजना के माध्यम से आम नागरिकों को सुगम एवं व्यवस्थित रूप से तीर्थ दर्शन का अवसर प्राप्त हो रहा है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन हेतु श्रद्धालुओं को सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि धर्मांतरण कराने वालों के विरुद्ध कठोर कानून पारित किया गया है, जिसमें कड़ी सजा एवं जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि इससे अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह एवं जवानों के अदम्य साहस से नक्सलवाद के प्रभाव को समाप्त करने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि अब ‘नियद नेल्लानार’ के तहत बस्तर में सड़कों, बिजली, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंचाई जा रही हैं, जिससे क्षेत्र में विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में विभिन्न विभागों में 20 से 25 हजार भर्तियां की गई हैं। चयन मंडल का गठन कर पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिससे युवाओं को बिना किसी भेदभाव के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि पीएससी गड़बड़ी की उच्च स्तरीय जांच कराई गई है तथा ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से प्रशासन में पारदर्शिता लाते हुए भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए सभी समाजों का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य वन एवं खनिज संपदा से समृद्ध है और वन उत्पादों के वैल्यू एडिशन के माध्यम से स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 प्रारंभ की गई है। इस योजना के तहत बकाया बिजली बिलों के भुगतान हेतु आसान किस्तों का विकल्प उपलब्ध कराया गया है तथा सरचार्ज में राहत या छूट दी जा रही है।  कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्कल समाज की 8 प्रतिभाओं को उनकी विशेष उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया।कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।  इस अवसर पर झारसुगुड़ा विधायक  टंकाधर त्रिपाठी, रायपुर उत्तर विधायक  पुरंदर मिश्रा, नगर निगम महापौर  जीवर्धन चौहान सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

खडसे ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 के दौरान जगदलपुर का दौरा किया और 2500 से अधिक आदिवासी एथलीटों को ‘भविष्य का ओलंपियन’ बताया

रायपुर युवा मामले और खेल राज्य मंत्रीरक्षा खडसे ने 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026' के दौरान बुधवार को रायपुर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने यहां के माहौल को ऊर्जा, आशा और बदलाव से भरपूर बताया। उन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) टीम के प्रयासों की सराहना की और कहा कि एथलीटों, स्थानीय समुदाय और इस क्षेत्र के लोगों की ओर से मिली प्रतिक्रिया बेहद उत्साहजनक रही है।                   देशभर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 2,500 से ज्यादा एथलीट अलग-अलग खेलों में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में हिस्सा ले रहे हैं।खडसे ने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026, केंद्र सरकार की उस प्रतिबद्धता को दिखाता है जिसके तहत आदिवासी युवाओं को अपना भविष्य बनाने के लिए एक मंच दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों के लिए यह खेल एक नई उम्मीद हैं और यह संकेत कि उनकी काबिलियत को पहचाना जा रहा है और उस पर सबसे ऊंचे स्तर पर निवेश किया जा रहा है।                 युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री ने कहा, '' एक समय था जब छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद के लिए जाना जाता था, और यहां के लोगों को एक पिछड़ा समुदाय माना जाता था। आज, मुझे लगता है कि इस क्षेत्र के लिए एक नई दिशा खुल रही है। नक्सलवाद का खात्मा हो चुका है और खेल के माध्यम से, इस धरती के युवा अब अपनी ऊर्जा और क्षमता को सामने ला सकते हैं और देश के लिए खेल सकते हैं।''                   खेल राज्य मंत्री ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 को एक ऐतिहासिक पहल बनाने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन, गृह मंत्री अमित शाह (जिन्होंने पूरे देश से नक्सलवाद के खात्मे की घोषणा की है), कैबिनेट मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया और पूरी साई टीम को दिया। उन्होंने पूरा भरोसा जताया कि इन खेलों में हिस्सा लेने वाले कई एथलीट आगे चलकर ओलंपिक, एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे और पदक जीतेंगे।                   युवा मामले और खेल राज्य मंत्री,रक्षा खडसे ने 'अस्मिता लीग' के परिवर्तनकारी प्रभाव पर भी प्रकाश डाला। इस लीग को 2021 में प्रधानमंत्री मोदी के उस विज़न के तहत शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य ग्रामीण भारत की महिलाओं को प्रतिस्पर्धी खेलों में लाना और उन्हें एक पहचान व अवसर प्रदान करना है।                युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री,रक्षा खडसे ने कहा, '' खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में, नतीजे ज़बरदस्त रहे हैं। हॉकी, वेटलिफ्टिंग और फुटबॉल में हिस्सा लेने वाली लगभग 60 से 70 प्रतिशत लड़कियां ‘अस्मिता लीग’ खेल चुकी हैं और पदक जीत चुकी हैं। इनमें अंजली मुंडा जैसी बेहतरीन खिलाड़ी भी शामिल हैं। तैराकी में जीते गए सभी पांचों स्वर्ण पदक भी ‘अस्मिता लीग’ की खिलाड़ियों ने ही हासिल किए हैं। उन्होंने कहा, '' हमारा प्रयास जारी है कि हम ‘अस्मिता लीग’ को और भी निचले स्तर तक यानी के गांवों तक ले जाएं ताकि खेलों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ती रहे।''

केंद्रीय खेल राज्य मंत्री ने खिलाड़ियों का किया उत्साहवर्धन

रायपुर राजधानी रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत स्वामी विवेकानंद एथलेटिक्स स्टेडियम, कोटा में खेले गए पुरुष फुटबॉल के सेमीफाइनल मुकाबलों में छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल ने शानदार जीत दर्ज करते हुए फाइनल में प्रवेश किया।                     खेले गए एक रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ ने अरुणाचल प्रदेश को 3-2 से हराया। मैच की शुरुआत से ही छत्तीसगढ़ टीम ने आक्रामक खेल दिखाया और पहले हाफ की समाप्ति तक 2-0 की बढ़त बना ली। दूसरे हाफ में अरुणाचल प्रदेश ने वापसी की कोशिश की, लेकिन छत्तीसगढ़ ने बढ़त कायम रखते हुए मैच 3-2 से अपने नाम किया। इसी प्रकार पहले खेले गए सेमीफाइनल मैच में पश्चिम बंगाल ने गोवा को 5-2 से हराकर फाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित की।                      इस अवसर पर केन्द्रीय युवा कार्य एवं खेल राज्य मंत्री  रक्षा निखिल खडसे ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर भारतीय खेल प्राधिकरण के उप महानिदेशक  मयंक वास्तव एवं खेल विभाग के सचिव  यशवंत कुमार, खेल विभाग के अधिकारी, आयोजन समिति के सदस्य, बड़ी संख्या में खिलाड़ी तथा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

नक्सलवाद पर बड़ा बयान: विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने अमित शाह की सराहना की

रायपुर. विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर नक्सलवाद से मुक्ति पर उनका आभार जताया है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि 31 मार्च 2026 का यह ऐतिहासिक दिन राष्ट्र के लिए एक नई आशा और नई सुबह लेकर आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और आपके दृढ़ संकल्प से दशकों से नक्सलवाद के कष्ट झेल रही भारत भूमि अब अलोकतांत्रिक विचारधारा से पूरी तरह मुक्त हुई है। डॉ. रमन सिंह ने आगे लिखा है कि संविधान विरोधी शक्तियों ने दशकों से भारत भूमि को भीतर से चोट पहुंचाई है। माओ और लेनिन जैसी लोकतंत्र विरोधी विचारधारा ने नक्सलबाड़ी से लेकर बस्तर तक हजारों निर्दोष लोगों को अपना शिकार बनाया, विकास को बाधित कर आदिवासियों को मुख्यधारा से अलग करने का काम किया और इसका परिणाम हमने छत्तीसगढ़ की धरती पर देखा है। जिस छत्तीसगढ़ में धान का कटोरा बनने का सामर्थ्य था, उसे भुखमरी और पलायन के दौर से गुजरना पड़ा। इस परिस्थिति के लिए जितनी जिम्मेदार नक्सलवाद की विचारधारा थी, उतनी ही जिम्मेदार तत्कालीन केंद्र सरकार भी रही। उन्होंने आगे लिखा कि मुझे याद है जब मैं मुख्यमंत्री के रूप में राष्ट्रीय स्तर की बैठकों में जाया करता था, तब यूपीए सरकार के मंत्री नक्सलवाद को राज्य की समस्या मानकर स्वयं को किनारे कर लेते थे। हालांकि बाद में UPA सरकार के प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह ने स्पष्ट रूप से यह माना कि नक्सलवाद किसी राज्य की समस्या नहीं बल्कि राष्ट्र की समस्या है और देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। वो इसे समस्या तो मानते थे लेकिन समाधान नहीं करते थे। छत्तीसगढ़ से जब सलवा जुडूम के तौर पर एक स्वफूर्त आंदोलन उठा तब महेंद्र कर्मा जैसे बस्तर के कांग्रेसी नेताओं ने भी नक्सलवाद का पुरजोर विरोध किया, लेकिन उस दौर की केंद्र सरकार ने कभी खुलकर उनका समर्थन नहीं किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आगे लिखा कि मैं मानता हूं कि यदि उस कालखंड में देश को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व मिला होता और गृहमंत्री के रूप में आपका सहयोग प्राप्त होता तो नक्सलवाद मुक्त भारत के लक्ष्य को हम तब ही पूरा कर लेते, लेकिन देर से ही सही पर जब 2014 में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के प्रधानमंत्री पद का दायित्व संभाला उसी दिन से नक्सलवाद के समूल नाश की योजना प्रारंभ हुई और जब 2019 में आप केंद्रीय गृहमंत्री के तौर पर सामने आए तब हम छत्तीसगढ़वासियों का यह विश्वास दृढ़ हो गया कि अब सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरा देश नक्सलवाद के दंश से मुक्त होगा। उन्होंने आगे लिखा, 24 अगस्त 2024 को जब आपने देश से नक्सलवाद के समूल नाश की घोषणा की तब मेरे मन में एक बार यह विचार आया कि इतने कम समय में दशकों की समस्या का समाधान कैसे होगा, कहीं आपने घोषणा में जल्दबाजी तो नहीं कर दी है, लेकिन जब मैंने पीछे पलट कर 5 अगस्त 2019 का वह दिन याद किया जब आपने आजादी के बाद से चली आ रही कश्मीर में धारा 370 की समस्या का किस प्रकार समाधान किया था तो मेरा विश्वास और दृढ़ हो गया कि यदि देश से नक्सलवाद कोई समाप्त कर सकता है तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केवल आप ही कर सकते हैं। आज आपके संकल्प से जब देश से नक्सलवाद समापन का लक्ष्य पूरा हो रहा है तब मैं विशेष रूप से यह कहना चाहता हूं कि इस लक्ष्य की पूर्ति आपकी दृढ़ इच्छाशक्ति, प्रबल रणनीति और संपूर्ण सहयोग के बिना कभी संभव नहीं हो सकती थी। रमन सिंह ने आगे लिखा, आज मैं पूरे जिम्मेदारी के साथ यह बात लिख रहा हूं कि आजादी के नाद 562 रियासतों का भारत में विलय कराने वाले “लौह पुरुष” सरदार वल्लभ भाई पटेल के उपरांत यदि देश को कोई सबसे मजबूत गृहमंत्री मिला है तो वह आप “साध्य पुरुष” हैं। जिन्होंने राष्ट्रहित में हर असंभव कार्य को संभव किया है, सदियों के बाद जब भारत के इतिहास का उल्लेख होगा तब देश को आंतरिक रूप से सुरक्षित करने में आपके योगदान को स्वर्णिम अक्षरों में अंकित किया जाएगा। अंत में उन्होंने लिखा कि अब जब बस्तर में नक्सलवाद खत्म हो चुका है, यहां विकास का नया दौर शुरू होगा। हमारे आदिवासी भाई-बहनों को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और युवा वर्ग को शिक्षा व कौशल विकास के जरिए आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। अब बस्तर के लोग आत्मनिर्भर बनकर सम्मान के साथ जीवन जी सकेंगे और क्षेत्र तेजी से प्रगति की राह पर आगे बढ़ेगा। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को प्रणाम करते हुए आपके योगदान, आपकी दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्र के नव आरंभ पर हृदय से शुभकामनाएं व्यक्त करता हूं और छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की तरफ से आपका आभार व्यक्त करता हूं कि आपने हमारे छत्तीसगढ़ को न सिर्फ नक्सलवाद से मुक्ति दिलाई है बल्कि अब विकास की ओर एक नव दिशा में आगे बढ़ने में मार्ग प्रशस्त किया है।

दूरस्थ क्षेत्रों में अब सही समय में मिलेगी त्वरित चिकित्सा सहायता

रायपुर दूरस्थ क्षेत्रों में अब सही समय में मिलेगी त्वरित चिकित्सा सहायता राज्य सरकार प्रदेश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की गई। इसी कड़ी में बलरामपुर जिला अस्पताल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम ने जिले को 9 नई एम्बुलेंस को वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें 08 बेसिक लाइफ सपोर्ट और 01 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस शामिल हैं। इस सौगात के साथ ही जिले में 108 एम्बुलेंस की समस्त सेवाएं अब जिले के सभी विकासखंडों और दूरस्थ ग्रामीण वनांचलों तक त्वरित आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएगी। मंत्री  रामविचार नेताम ने आयोेजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण एवं शीघ्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ये एम्बुलेंस केवल वाहन नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में जीवन बचाने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है। मंत्री  नेताम ने बताया कि शासन का  उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाली माताओं, बहनों और बच्चों को आपातकालीन स्थिति में समय पर उपचार मिल सके। मरीजों को ‘‘गोल्डन ऑवर’’ में चिकित्सा सहायता मिलना जीवन रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है और यह पहल इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। बलरामपुर जिले के कलेक्टर  राजेंद्र कटारा ने बताया कि आपातकालीन सेवाओं को दुरुस्त रखने के लिए एम्बुलेंस संचालन एजेंसी के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। इससे सेवाओं की गुणवत्ता और प्रतिक्रिया समय में निरंतर सुधार होगा, जिससे जरूरतमंदों को त्वरित सहायता मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों को समय पर एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में सतत प्रयास किए जाएंगे। जिले को मिली 9 नई एम्बुलेंस को विभिन्न विकासखंडों और स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यकतानुसार तैनात किया गया है, ताकि पूरे जिले को कवर किया जा सके। नई व्यवस्था के तहत जिला चिकित्सालय बलरामपुर को 2 और वाड्रफनगर को 2 एम्बुलेंस आवंटित की गई हैं। राजपुर, शंकरगढ़, कुसमी, रामानुजगंज और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सनावल में एक-एक एम्बुलेंस उपलब्ध कराई गई है। इस नई व्यवस्था से अब जिले के सुदूर ग्रामीण अंचलों में किसी भी स्वास्थ्य आपातकाल के समय मरीजों को त्वरित सहायता मिल सकेगी। इस कार्यक्रम अवसर पर पुलिस अधीक्षक  वैभव बेंकर, रेडक्रॉस सोसायटी अध्यक्ष  ओमप्रकाश जायसवाल, जनपद पंचायत अध्यक्ष सु सुमित्रा चेरवा, उपाध्यक्ष मती बबली देवी सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष  लोधी राम एक्का, उपाध्यक्ष  दिलीप सोनी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह, जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. शशांक गुप्ता सहित स्वास्थ्य विभाग के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

‘लव लाइफ’ के नाम पर बड़ा फ्रॉड, फर्जी मैरिज ब्यूरो से लाखों की ठगी का खुलासा

 राजनांदगांव  एक अनाम शिकायत की जांच पर शहर के सृष्टि कॉलोनी में मैरिज ब्यूरो की आड़ में चल रहा अंतरराज्यीय ठगी का रैकेट फूटा है। इस मामले में बसंतपुर पुलिस ने एक महिला सहित दो मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पूरे प्रकरण में देश के कई राज्यों के युवकों और उनके परिवारों से कुल 38 लाख की ठगी किए जाने का राजफाश हुआ है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपित शादी के रिश्तों के लिए युवतियों की फर्जी प्रोफाइल तैयार कर ठगी कर रहे थे। कुल 2286 युवतियों की फोटो सहित फर्जी प्रोफाइल पुलिस को मिली है जिन्हें युवकों को भेजा जाता था। इसके बाद युवतियों से उनकी बातचीत भी कराई जाती थी, जिसके बाद रकम की ठगी होती थी। नेहा और धर्मेंद्र चला रहे थे लव लाइफ रिश्ते मैरिज ब्यूरो आईपीएस वैशाली जैन ने बताया कि आरोपित लेबर कॉलोनी निवासी नेहा पाठक (23) और कवर्धा के जंगलपुर निवासी धर्मेन्द्र मानिकपुरी (32) मिलकर ये रैकेट चला रहे थे। इनके अलावा भी और लोग इसमें शामिल हैं। उन्होंने बाकायदा 'लव लाइफ रिश्ते मैरिज ब्यूरो' के नाम पर कंपनी भी रजिस्टर्ड करवाई थी, जो कि दो सालों से संचालित की जा रही थी। इस मैरिज ब्यूरो में ठगी के संबंध में पिछले दिनों एक अनाम शिकायत मिली थी, जिस पर जांच शुरू की गई तब जाकर ये फर्जीवाड़ा सामने आया। पुलिस के मुताबिक इस मामले में और भी आरोपित हैं जिन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। रजिस्ट्रेशन और मीटिंग के नाम पर बेचते थे महंगे पैकेज पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपितों के कब्जे से सात स्मार्टफोन, 14 नग की-पैड मोबाइल और नौ रजिस्टर बरामद किए गए हैं, जिसमें युवकों की जानकारी और फर्जी प्रोफाइल का ब्यौरा दर्ज है। आरोपित युवतियों के फर्जी फोटो का इस्तेमाल करते थे। इसके रजिस्ट्रेशन, मीटिंग, परिवार से मुलाकात के नाम पर अलग-अलग पैकेज बेचे जाते थे। इनकी कीमत 30 हजार से लेकर 40 हजार तक थी। जब युवक या स्वजन भुगतान कर देते थे, ऐन मुलाकात से पहले बहाने बना दिए जाते थे। जांच में पुलिस को सात अलग-अलग स्मार्टफोन के व्हाट्सएप में ऐसी सैकड़ों चैट्स मिली हैं। इनके बैंक खातों की जांच में पिछले एक साल में 37 लाख 69 हजार के लेन-देन की जानकारी सामने आई है। हाईटेक तरीके से ऑपरेशन, भांडा फूटा तो बंद की वेबसाइट सीएसपी वैशाली जैन के मुताबिक आरोपित विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए कॉर्पोरेट सिम का इस्तेमाल कर रहे थे। कंपनी की एक वेबसाइट भी मौजूद है, जिसे भांडा फूटने के बाद 'अंडर मेंटेनेंस' पर डाल दिया गया है। आरोपित इंटरनेट मीडिया पर मैरिज ब्यूरो का विज्ञापन भी कर रहे थे, जिसके सहारे इनके पास कस्टमर आते रहे। सोशल मीडिया की सार्वजनिक फोटो का हो रहा गलत इस्तेमाल इंटरनेट मीडिया का युग आने के बाद से ही इसमें फोटो सार्वजनिक किए जाने से जुड़े जोखिमों को लेकर बहस होती रही है। इस मामले ने भी इसकी गंभीरता उजागर की है। फर्जी प्रोफाइल तैयार करने के लिए आरोपित इंटरनेट मीडिया से ही युवतियों के फोटो निकालकर उनका इस्तेमाल झांसा देने और ठगी के लिए कर रहे थे। इस घटना से सबक लेने और युवतियों को सोशल मीडिया में फोटो के इस्तेमाल के लिए सतर्क रहने की जरुरत है। एआई (AI) से भी इसका गलत इस्तेमाल संभव है।

जनगणना अपडेट: रायपुर जिले में आज से मैपिंग, 5700 कर्मचारी करेंगे सर्वे

रायपुर. आगामी राष्ट्रीय जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार जनगणना कई मायनों में अलग होगी, क्योंकि पहली बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल मॉडल पर आधारित होगी। सभी प्रकार का डेटा मोबाइल एप के माध्यम से जुटाया जाएगा और नागरिकों की जानकारी गोपनीय रखी जाएगी। लोगों को खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन भरने का विकल्प भी दिया जाएगा। जिले में जनगणना का काम शुरू हुआ। इसके लिए पहले जिले की ऑनलाइन मैपिंग की जाएगी। सभी एरिया को कोर सेक्टरों में बांटा जाएगा। कोर सेक्टरों के अनुसार ही पहले घरों की गणना की जाएगी। 1 मई से इसी लिस्ट को लेकर जनगणना में लगे कर्मचारी लोगों के घरों में जाएंगे। इसके बाद 16 अप्रैल से जनगणना की वेबसाइट se.census.gov.in में ऑनलाइन जानकारी अपलोड कर सकते हैं। जानकारी का सत्यापन कर्मचारी 1 मई से घरों में आकर करेंगे। छत्तीसगढ़ में जनगणना के पहले चरण में हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग का काम शुरू किया जाएगा। इसके तहत मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का काम शुरू किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से दो बड़े काम होंगे। छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए 16 अप्रैल से ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल एप खुलेगा। इसके बाद लोग खुद अपनी और अपने घर की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर भर सकेंगे। इसके लिए ओटीपी आधारित वेरिफिकेशन भी होगा। जनगणना दो चरणों में होगी। पहले चरण में मई महीने से मकान सूचीकरण का काम शुरू होगा। इसमें भवन, उसमें मौजूद मकानों की संख्या और उनका उपयोग- आवासीय या कार्यालय- की जानकारी दर्ज की जाएगी। प्रत्येक 180 से 200 भवनों पर एक प्रगणक नियुक्त किया जाएगा। प्रगणक घरों की संख्या, आवास की स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं से जुड़ी जानकारी एकत्र करेगा। साथ ही सामान्य परिवार, संस्थागत परिवार और बेघर परिवारों की भी गणना की जाएगी। इसी को देखते हुए नगर निगम ने अभी से शहर में मकानों की नंबरिंग शुरू कर दी है। जनगणना से पहले ट्रेनिंग राजधानी में जिन लोगों की ड्यूटी जनगणना करने में लगाई गई है उन्हें प्रशिक्षित करने का काम भी शुरू कर दिया गया है। कलेक्टोरेट के रेडक्रॉस सभाकक्ष में जनगणना 2027 के पहले चरण में मकान सूचीकरण एवं मकान गणना के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुमार बिश्वरंजन ने इस मौके पर अफसर-कर्मचारियों से बात भी की। ट्रेनिंग लेने वालों को जनगणना की प्रक्रिया, सर्वेक्षण का तरीका, डेटा संकलन और दायित्वों की जानकारी विस्तार से दी जा रही है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर कलेक्टर मनीष मिश्रा, सभी एसडीएम, निगम के सभी जोन कमिश्नर, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, सीएमओ सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। इस तरह के सवाल पूछे जाएंगे जनगणना के दौरान लोगों से करीब 33 सवाल पूछे जाएंगे। लोगों को बताना होगा कि उनके मकान की छत, फर्श, दीवार में किस सामग्री से बनी है, रेडियो, टीवी और इंटरनेट जैसी सुविधाएं हैं या नहीं, घर में कितने लोग रहते हैं, कौन-कौन सी गाड़ियों का उपयोग करते हैं, बिजली-पानी की सुविधा है या नहीं, किचन में खाना बनाने के लिए क्या यूज करते हैं, लैपटॉप, कंप्यूटर, मोबाइल, स्मार्टफोन क्या चलाते हैं इस तरह के सवाल रहेंगे। इसके अलावा घरों में रहने वाले विवाहित जोड़ों के नाम और मोबाइल नंबर भी नोट किए जाएंगे। आम लोगों से ली गई यह जानकारी पूरी तरह से गोपनीय रहेगी। अफसरों के अनुसार पहली बार डिजिटल गणना की जा रही है। इसलिए जनगणना करने वालों के पास इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स भी होंगे। घट-बढ़ सकती है प्रगणकों की संख्या – रायपुर जिले में 5700 प्रगणक और सुपरवाइजर की आवश्यकता हो सकती है। हालांकि इनकी संख्या बढ़ या घट भी सकती है। हालांकि पूरे जिले के लिए 30 चार्ज ऑफिसर जनगणना के लिए नियुक्त होंगे। इस बार जनगणना एप के माध्यम से होगी और इसमें दी गई सभी जानकारियां पूरी तरह से गोपनीय रहेंगी। इस डाटा का उ‌पयोग केंद्र सरकार अपनी योजनाओं को बनाने के लिए करेगी। इसलिए हर नागरिक अपनी सही जानकारी दें, ताकि देशवासियों के लिए सही योजना बन सके। – मनीष मिश्रा, अपर कलेक्टर, जिला नोडल अधिकारी जनगणना 2027 की तैयारी: निगम ने शुरू किया मकानों की नंबरिंग 2027 में होने वाले जनगणना के लिए राजधानी में निगम ने पहले चरण की प्रक्रिया के लिए तैयारी शुरू कर दी है। जनगणना निदेशालय के निर्देश पर निगम की जोन क्रं. 3 की टीम ने वार्ड क्रं. 30 शंकर नगर क्षेत्र के मकानों की नंबरिंग कार्य शुरू कर दिया है। इसमें मकान के दीवारों पर पेंट से वार्ड और मकान संख्या लिखा जा रहा है, ताकी आगामी मकानों की सूचीकरण कार्य आसानी से किया जा सके। जल्द ही अन्य वार्डों में भी मकान की नंबरिंग का कार्य जोन टीम द्वारा शुरू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायगढ़ के राजापारा स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज रायगढ़ प्रवास के दौरान राजापारा स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री  साय उत्कल सांस्कृतिक सेवा समिति, रायगढ़ द्वारा आयोजित ‘उत्कल दिवस एवं वार्षिकोत्सव स्नेह सम्मेलन’ में शामिल होने के क्रम में मंदिर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने उत्कल समाज द्वारा निर्मित प्रभु जगन्नाथ मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर झारसुगुड़ा विधायक  टंकाधर त्रिपाठी, विधायक  पुरंदर मिश्रा, महापौर  जीवर्धन चौहान सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं उत्कल समाज के प्रमुखजन उपस्थित थे।

फेक न्यूज पर सख्ती : बिलासपुर में निगरानी समिति गठित अफवाह फैलाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

बिलासपुर पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के बीच एलपीजी, पेट्रोल, डीजल एवं उर्वरक की उपलब्धता को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरों के प्रसार को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित होने वाली खबरों की निगरानी के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है।      गठित समिति में अपर कलेक्टर  शिव कुमार बनर्जी को अध्यक्ष बनाया गया है।अमृत कुजूर, खाद्य नियंत्रक को सचिव  की जिम्मेदारी दी गई है। समिति में सदस्य के रूप में मुनुदाऊ पटेल उप संचालक जनसंपर्क, गोपाल सतपथी, निरीक्षक, साइबर सेल, पुलिस विभाग, सु रेहाना तबस्सुम, जिला समन्वयक, सोशल मीडिया, जनसंपर्क विभाग, अजीत मिश्रा, अध्यक्ष, प्रेस क्लब बिलासपुर, किशोर सिंह, पत्रकार, नव भारत प्रेस बिलासपुर तथा वरिष्ठ पत्रकार भास्कर मिश्रा को सदस्य नियुक्त किया गया है। यह समिति विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित खबरों की सतत निगरानी करेगी, फेक न्यूज की त्वरित पहचान कर उसका खंडन सुनिश्चित करेगी तथा अफवाह फैलाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ आईटी एक्ट एवं भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट या भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं पर ही भरोसा करें। साथ ही, किसी भी संदिग्ध खबर की जानकारी तत्काल प्रशासन को देने का आग्रह भी किया गया है।

3.80 करोड़ की लागत से बनेगी सड़क, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने किया शिलान्यास

रायपुर मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने 3.80 करोड़ रूपए की सड़क निर्माण कार्य का किया शुभारंभ प्रदेश में आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने सूरजपुर जिले के भटगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जयनगर-कासापारा में ₹3.80 करोड़ की लागत से बनने वाली सड़क के निर्माण कार्य का विधिवत कार्यप्रारंभ पूजन किया। लोक निर्माण विभाग के माध्यम से स्वीकृत इस परियोजना के तहत 3.60 किलोमीटर लंबी सड़क का उन्नयन एवं नवीनीकरण किया जाएगा। इस कार्य के लिए शासन द्वारा 380.15 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। सड़क निर्माण पूर्ण होने के पश्चात क्षेत्र के ग्रामीणों को बेहतर आवागमन सुविधा और सुगम संपर्क का लाभ मिलेगा। मंत्री  राजवाड़े ने अपने संबोधन में कहा कि विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुशासन और विकास को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतार रही है। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़कें केवल आवागमन को सुगम नहीं बनातीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी सृजित करती हैं। जयनगर से कासापारा तक बनने वाला यह मार्ग क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्रदान करेगा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों की सक्रिय सहभागिता रही। इस अवसर पर श्री हरीश राजवाड़े, श्री देवधन बिंझिया, श्री अशोक अग्रवाल, श्री रितेश जायसवाल, जनपद सदस्य  धनेश्वरी सिरदार, सरपंच  राधा सिंह सहित विभागीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।