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शून्य दुर्घटना पर कार्यशाला में दिया गया जोर

रायपुर शून्य दुर्घटना पर कार्यशाला में दिया गया जोर औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा आज बिलासपुर के पं. देवकीनंदन दीक्षित सभागृह में आयोजित एकदिवसीय औद्योगिक सुरक्षा जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में बिलासपुर के संभागायुक्त  सुनील जैन, कलेक्टर  संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  रजनेश सिंह, आईएचएस के संचालक  मनीष वास्तव ने संबोधित किया। कार्यशाला में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के डिप्टी डायरेक्टर विजय कुमार सोरी, प्रदेश के विभिन्न जिलों से औद्योगिक इकाइयों के प्रबंधन एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस कार्यशाला का उद्देश्य क्षेत्र की स्पॉन्ज आयरन फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करना था।       कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संभागायुक्त  सुनील जैन ने स्पष्ट कहा कि औद्योगिक सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि उद्योगों का उद्देश्य केवल लाभ अर्जित करना नहीं, बल्कि देश के विकास में योगदान देने के साथ-साथ श्रमिकों के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। दुर्घटनाएं भले ही क्षणिक होती हैं, लेकिन उनके दुष्परिणाम लंबे समय तक प्रभावित करते हैं। इसलिए औद्योगिक इकाइयों में जोखिम की पहचान कर समय रहते उचित प्रबंधन, आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की स्थापना, नियमित प्रशिक्षण एवं मेंटेनेंस सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।         कलेक्टर  संजय अग्रवाल ने कहा कि उद्योग देश के विकास और रोजगार सृजन का प्रमुख माध्यम हैं, लेकिन किसी भी दुर्घटना से न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि संस्थान की साख भी प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन और श्रमिकों के सामूहिक प्रयास से ही सुरक्षित कार्य वातावरण निर्मित किया जा सकता है। श्रमिकों को नियमित प्रशिक्षण देने, सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने तथा उनमें स्वामित्व की भावना विकसित करने पर उन्होंने विशेष बल दिया।           कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  रजनेश सिंह ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में छोटी-छोटी लापरवाहियां बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं। सुरक्षा उपकरणों का उपयोग न करना गंभीर घटनाओं को जन्म देता है, जिसमें मानव लापरवाही प्रमुख कारण होती है। उन्होंने “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाने तथा किसी भी घटना की स्थिति में उसे छुपाने के बजाय तत्काल प्रशासन को सूचित करने की आवश्यकता बताई। कार्यक्रम में औद्योगिक इकाइयों द्वारा सुरक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों पर प्रस्तुतियां दी गईं तथा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से श्रमिकों एवं प्रबंधन को जागरूक किया गया। पावर पॉइंट प्रस्तुति एवं संवादात्मक सत्रों के जरिए प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यशाला में सुरक्षा की शपथ भी ली गई। इस आयोजन के माध्यम से औद्योगिक सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया।

चेंबर अध्यक्ष सतीश थौरानी का नया कदम, व्यापारियों के हित में विशेषज्ञों की टीम तैयार

रायपुर छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने व्यापारिक हितों के संरक्षण और व्यापारियों को तकनीकी व कानूनी अड़चनों से राहत दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. चेम्बर द्वारा प्रदेश भर के विषय विशेषज्ञों को विभिन्न विभागों के लिए सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया है. यह विशेषज्ञ टीम व्यापारियों को जीएसटी, आयकर, बैंकिंग और श्रम कानून जैसे जटिल विषयों पर आ रही परेशानियों का निराकरण करने और उन्हें सही मार्गदर्शन देने के लिए सीधे संपर्क में रहेगी. जीएसटी एवं अप्रत्यक्ष कर विभाग में चेतन तारवानी, भावेश मित्तल, जितेन्द्र खनूजा, नितिन गोयल और रश्मि वर्मा सहित 20 अनुभवी विशेषज्ञों को जिम्मेदारी सौंपी गई है. ये विशेषज्ञ रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर, भिलाई और अन्य शहरों के व्यापारियों को जीएसटी संबंधी कानूनी पेचीदगियों पर सलाह देंगे. आयकर एवं मुकदमेबाजी से संबंधित व्यापारियों को आयकर से संबंधित नोटिस और अन्य विधिक कार्यों में सहयोग के लिए हार्दिक पाटनी, मुकुल चोरड़िया, डिंपल वल्र्यानी और रितेश जायसवाल सहित 9 विशेषज्ञों की टीम गठित की गई है. MSME सब्सिडी, बैंकिंग एवं वित्त (MSME Subsidy, Banking Finance) जैसे विषय पर छोटे और मध्यम उद्योगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और बैंकिंग संबंधी सहायता के लिए अरिहंत जैन, दाहवाल शाह और विक्रम देवनानी सहित 9 सलाहकार नियुक्त किए गए हैं. साथ ही श्रम कानून और रेरा से संबंधित विषयों के लिए हिमांशु लालवानी और सीए टुटेजा जी को विशेषज्ञ नियुक्त किया गया है. चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने बताया कि छत्तीसगढ़ का व्यापारी वर्ग हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. अक्सर जीएसटी, आयकर और बैंकिंग जैसे जटिल तकनीकी विषयों के कारण व्यापारियों को अनावश्यक मानसिक और आर्थिक दबाव झेलना पड़ता है. हमारा लक्ष्य केवल व्यापार करना नहीं, बल्कि ”व्यापार सुगमता” को धरातल पर उतारना है. इसी उद्देश्य के साथ हमने प्रदेश के चोटी के विशेषज्ञों की एक ”एडवाइजरी टीम” तैयार की है. ये सलाहकार केवल कागजों पर नहीं, बल्कि सीधे फील्ड में उतरकर व्यापारियों की समस्याओं का समाधान करेंगे. अब किसी भी व्यापारी को नोटिस या कानूनी पेचीदगियों से घबराने की जरूरत नहीं है. हमारी टीम उनके साथ खड़ी है. हम एक ऐसा वातावरण बनाना चाहते हैं, जहां छत्तीसगढ़ का हर व्यापारी निडर होकर अपने व्यापार का विस्तार कर सके और प्रदेश की उन्नति में सहभागी बने.

मधुमक्खी पालन से किसानों की आय में 20 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि संभव

रायपुर  मधुमक्खी पालन  शहद, मोम और पराग उत्पादन के लिए एक अत्यंत लाभदायक कृषि-आधारित व्यवसाय है। भारत में  वैज्ञानिक तकनीक से मधुमक्खियों को बक्सों में पालकर, मौसमी फूलों के अनुसार स्थानांतरित कर बड़े पैमाने पर शहद निकाला जाता है, जो किसानों की आय बढ़ाने का एक प्रमुख साधन है। मधुमक्खी पालन अपनाने पर किसानों की आय में 20 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि संभव है।             कृषि आधारित आय को सुदृढ़ करने और किसानों को अतिरिक्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य स्तर पर मधुमक्खी पालन एवं शहद उत्पादन विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में  जिले भर से आए किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।            जिला पंचायत सीईओ बलरामपुर मती नयनतारा सिंह तोमर ने कहा कि वर्तमान समय में किसानों को पारंपरिक एकल फसल पद्धति को आगे बढ़ते हुए फसल विविधिकरण अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि धान के साथ-साथ दलहन, तिलहन एवं मधुमक्खी पालन जैसे कृषि आधारित व्यवसाय अपनाकर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।          उप संचालक कृषि  रामचंद्र भगत ने फसल चक्र एवं विविधिकरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे उत्पादन लागत कम होती है तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को भी कम किया जा सकता है। कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रमुख डॉ. जी. के. निगम ने बताया कि मधुमक्खी पालन एक लाभकारी व्यवसाय है, जिसे कम पूंजी और सीमित श्रम में शुरू किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जलवायु इस व्यवसाय के लिए अनुकूल है, जिससे लघु एवं सीमांत किसानों को आय का बेहतर विकल्प मिल सकता है।        प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञ प्राध्यापक डॉ. जी. पी. पैकरा ने वैज्ञानिक पद्धति से मधुमक्खी पालन एवं गुणवत्तायुक्त शहद उत्पादन की विस्तृत जानकारी दी। उद्यानिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता  परमेश्वर गोरे ने बताया कि मधुमक्खी पालन से शहद के अलावा मोम, रॉयल जेली और प्रोपोलिस जैसे बहुमूल्य उत्पाद भी प्राप्त होते हैं, जिनकी बाजार में अच्छी मांग है। विशेषज्ञ डॉ. सचिन जायसवाल ने बताया कि पारंपरिक खेती के साथ मधुमक्खी पालन अपनाने पर किसानों की आय में 20 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि संभव है। वैज्ञानिक  अनिल कुमार सोनपाकर ने तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी।          अनुभवी मधुमक्खी पालक कृषक  बैद्यनाथ ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि किसान अपने खेत में 5 से 10 मधुमक्खी पेटियां स्थापित कर आसानी से अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने अन्य किसानों को भी इस व्यवसाय को अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षण में भाग लेने वाले किसानों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस जिला स्तरीय प्रशिक्षण में कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, वैज्ञानिकों सहित बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।  

मुख्यमंत्री ने कहा—नक्सलवाद अब अंतिम पड़ाव पर, बस्तर में गूंज रही विकास की आवाज़

रायपुर  छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान को आज एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। बस्तर संभाग के जगदलपुर में मोस्ट वॉन्टेड हार्डकोर नक्सली कमांडर पापाराव ने अपने 17 साथियों के साथ आत्मसमर्पण किया। यह घटनाक्रम बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर माना जा रहा है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस आत्मसमर्पण को नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक प्रहार बताते हुए कहा कि नक्सलवाद अब अपने अंतिम पड़ाव पर है और बस्तर की धरती पर हिंसा की विचारधारा पराजित होती स्पष्ट दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक भय और हिंसा का वातावरण बनाने वाली माओवादी विचारधारा अब समाप्ति की ओर है और बस्तर तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार की पारदर्शी, संवेदनशील और पुनर्वास केंद्रित नीतियों के कारण भटके हुए युवा अब मुख्यधारा में लौटने का विश्वास पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आत्मसमर्पण इस बात का प्रमाण है कि यदि सही अवसर, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन का भरोसा मिले, तो हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास के मार्ग को अपनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज बस्तर में बंदूक की आवाज़ नहीं, बल्कि विकास, विश्वास और नई उम्मीदों की गूंज सुनाई दे रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से हो रहे कार्यों ने बस्तर के जनजीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। मुख्यमंत्री  साय ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह के सशक्त मार्गदर्शन को देते हुए कहा कि नक्सलमुक्त भारत का संकल्प अब निर्णायक चरण में पहुंच चुका है। उन्होंने सुरक्षाबलों के साहस, समर्पण और रणनीतिक कार्रवाई की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि माओवाद के पूर्ण खात्मे के साथ बस्तर में शांति, विकास और विश्वास की यह यात्रा निरंतर आगे बढ़ेगी और छत्तीसगढ़ देश के सुरक्षित, समृद्ध और विकसित राज्यों में अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा।

फर्जी MBBS डिग्री बनाकर करोड़ों की ठगी: दिल्ली से ‘लेडी फ्रॉड’ गिरफ्तार

रायपुर फर्जी मेडिकल डिग्री और सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर दो करोड़ 34 लाख रुपये की ठगी की आरोपित साक्षी सिंह (28), निवासी जानकीपुरम, लखनऊ व वर्तमान पता राजनगर-2, पालम, नई दिल्ली को गिरफ्तार किया गया है। जांच में राजफाश हुआ है कि आरोपित गिरोह के लिए फर्जी एमबीबीएस और बीएएमएस डिग्री तैयार कर उपलब्ध कराती थी। पुलिस के मुताबिक, प्रार्थी संजय निराला ने 17 फरवरी 2026 को सिविल लाइन थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि भुनेश्वर बंजारे, नरेश मनहर, हीरा दिवाकर और राकेश रात्रे सहित अन्य लोगों ने पोस्ट ऑफिस में नौकरी लगवाने और मेडिकल डिग्री दिलाने का झांसा देकर उससे और उसके रिश्तेदारों से कुल 2.34 करोड़ रुपये ठग लिए, लेकिन न नौकरी मिली और न ही कोई वैध प्रमाणपत्र। पुणे की यूनिवर्सिटी के नाम पर बनती थी डिग्रियां पुलिस ने पहले चार आरोपितों को गिरफ्तार कर पूछताछ की। इसी दौरान मिले सुराग और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर साक्षी सिंह की भूमिका सामने आई। पुलिस टीम को उसके दिल्ली में छिपे होने की सूचना मिली, जिसके बाद विशेष टीम भेजकर उसे हिरासत में लिया गया। पूछताछ में साक्षी सिंह ने स्वीकार किया कि वह एक अन्य सहयोगी के साथ मिलकर पुणे स्थित डीवाई पाटिल विद्यापीठ यूनिवर्सिटी के नाम पर फर्जी एमबीबीएस और बीएएमएस डिग्री तैयार करती थी। इन डिग्रियों का उपयोग गिरोह लोगों को झांसा देने और मोटी रकम वसूलने में करता था। मोबाइल डेटा से बड़े नेटवर्क का राजफाश संभव पुलिस ने आरोपित के कब्जे से तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनमें कई अहम डिजिटल साक्ष्य मिलने की संभावना है। मोबाइल डेटा की जांच से गिरोह के अन्य सदस्यों, लेन-देन और नेटवर्क का और बड़ा राजफाश हो सकता है। फिलहाल पुलिस ने आरोपित को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया है और पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है। आशंका है कि इस गिरोह ने अन्य राज्यों में भी इसी तरह की ठगी को अंजाम दिया है, जिसे लेकर जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है।  

नगर पंचायत बोड़ला को 6 करोड़ के विकास कार्यों की दी सौगात

रायपुर नगर पंचायत बोड़ला को 6 करोड़ के विकास कार्यों की दी सौगात उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने नगर पंचायत बोड़ला को विकास की नई दिशा देते हुए 6 करोड़ रुपए से अधिक से विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की बड़ी सौगात दी। स्थानीय हॉकी खेल मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विधिपूर्वक पूजा-अर्चना कर विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया तथा डॉ. भीमराव अंबेडकर भवन पहुंचकर कार्यों का लोकार्पण भी किया।  नगर पंचायत बोड़ला को 6 करोड़ के विकास कार्यों की दी सौगात         इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों को सुविधाओं से सुसज्जित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि खेल सुविधाओं के विस्तार, बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण और सामुदायिक विकास को गति देने के उद्देश्य से किए जा रहे ये कार्य क्षेत्र के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने कहा कि यह सौगात बोड़ला के आने वाले वर्षों को विकास की दिशा प्रदान करेगी। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, नगर पंचायत बोड़ला के अध्यक्ष  विजय पाटिल,  नितेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष नगर पंचायत  लव निर्मलकर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  विदेशी राम धुर्वे,  नन्द वास,  मोहन धुर्वे,  राम किंकर वर्मा,  एम. डी. ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। नगर पंचायत बोड़ला को 6 करोड़ के विकास कार्यों की दी सौगात          उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि बोड़ला नगर में अब बांध से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की गई है, जहां पानी फिल्टर प्लांट के माध्यम से शुद्ध होकर घर-घर तक पहुंचेगा। उन्होंने इसे नगरवासियों की लंबे समय से चली आ रही महत्वपूर्ण मांग की पूर्ति बताया और कहा कि ग्रेविटी आधारित यह जल व्यवस्था न केवल सुविधाजनक है, बल्कि टिकाऊ और प्रभावी भी है। पेयजल की बेहतर व्यवस्था और नगर को उन्नत बनाना शासन की प्राथमिकता है। नगर पंचायत बोड़ला को 6 करोड़ के विकास कार्यों की दी सौगात           उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में कभी नक्सली जंगलों में बंदूक लेकर घूमते थे, लेकिन अब नक्सल पुनर्वास नीति के तहत वे मुख्यधारा में लौट रहे हैं। उन्होंने बताया कि जो लोग पहले हिंसा के रास्ते पर थे, वे आज लोकतांत्रिक व्यवस्था को समझने के लिए विधानसभा तक पहुंच रहे हैं और वहां की कार्यवाही देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की घोषणा और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने के संकल्प को प्रदेश में मजबूती से लागू किया गया है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस दिशा में कार्य करने के लिए पूरी स्वतंत्रता दी है। उन्होंने बताया कि अब तक 600 से अधिक पुनर्वासित नक्सली विधानसभा का भ्रमण कर चुके हैं और लोकतंत्र की प्रक्रिया को करीब से समझ रहे हैं, जबकि ढाई हजार से अधिक नक्सली पुनर्वास योजना के तहत मुख्यधारा में लौट चुके हैं।            उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद पहली बार बाहरी व्यक्ति की पहचान के लिए सुनियोजित प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके तहत प्रत्येक जिले में टास्क फोर्स का गठन किया गया और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी किया गया। उन्होंने बताया कि प्राप्त सूचनाओं के आधार पर बाहरी व्यक्ति का चिन्हांकन कर उनकी पहचान सुनिश्चित करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।  5.12 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का हुआ भूमिपूजन          प्रदेश के उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने नगर पंचायत बोड़ला में 512.56 लाख रुपए की लागत से विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का विधिवत भूमिपूजन किया। इनमें वार्ड क्रमांक 02 में 146.83 लाख रुपए की लागत से उन्नत (हॉकी) खेल मैदान निर्माण प्रमुख है। इसके अलावा वार्ड क्रमांक 10 में विवेकानंद तालाब से निकासी नाला तक 48.95 लाख रुपए की आर.सी.सी. नाली एवं कांस कल्वर्ट निर्माण, 28.53 लाख रुपए की लागत से शौचालय निर्माण, 6.00 लाख रुपए से सामुदायिक भवन के पास प्रवेश द्वार निर्माण तथा 18.20 लाख रुपए से सामुदायिक भवन का अतिरिक्त निर्माण एवं नवीनीकरण कार्य शामिल हैं। इसी क्रम में 97.42 लाख रुपए से राष्ट्रीय राजमार्ग दुर्ग मंदिर से स्टेडियम तक सी.सी. रोड एवं आर.सी.सी. नाली निर्माण, 13.80 लाख रुपए से ओवरहेड टैंक निर्माण, 4.62 लाख रुपए से शेड निर्माण, 8.90 लाख रुपए से पेवर ब्लॉक (फुटपाथ) निर्माण, 6.40 लाख रुपए से विवेकानंद तालाब के पास हॉल निर्माण, 9.27 लाख रुपए से हाई मास्ट लाइट स्थापना, 72.74 लाख रुपए से एन.एच.-30 पुलिया से विवेकानंद सरोवर तक नाली एवं रोड चौड़ीकरण, 46.90 लाख रुपए से बाउंड्रीवाल निर्माण तथा वार्ड क्रमांक 06 में 4.00 लाख रुपए से चौक निर्माण कार्य शामिल हैं। 90 लाख रुपए से अधिक के निर्माण कार्यों का किया लोकार्पण          उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने इस अवसर पर 90 लाख रुपए से अधिक की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। इसके अंतर्गत 73.44 लाख रुपए से निर्मित डॉ. भीमराव अंबेडकर सर्वसुविधायुक्त भवन का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही 10.00 लाख रुपए की लागत से यादव समाज के पास निर्मित सामुदायिक भवन तथा 6.50 लाख रुपए से वार्ड क्रमांक 14 में साहू समाज के पास पानी टंकी के समीप निर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण भी किया गया। इन कार्यों के पूर्ण होने से नगर पंचायत बोड़ला में नागरिकों को बेहतर आधारभूत एवं सामुदायिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।

हैरान कर देने वाली घटना! आम तोड़ने पर गार्ड ने 12 साल के बच्चे को पीट-पीटकर किया अधमरा

बलौदाबाजार एक आम तोड़ने की मामूली-सी बात ने ऐसी दर्दनाक तस्वीर सामने ला दी, जिसने इंसानियत को झकझोर दिया है। 12 वर्षीय दिनेश्वर साहू, जो बचपन की सहज शरारत में निजी सीमेंट कंपनी परिसर से आम तोड़ रहा था, उसे इस कदर सजा दी गई कि वह गंभीर रूप से घायल हो गया। शनिवार शाम करीब साढ़े पांच बजे की घटना में निजी सीमेंट कंपनी रवान के एक सुरक्षा गार्ड ने बच्चे को पकड़कर बेरहमी से जमीन पर पटक-पटक कर पीटा। मासूम का शरीर इस बर्बरता को सह नहीं सका—हड्डियों और अंदरूनी अंगों को गंभीर चोटें आईं, शरीर पर खून के निशान और खरोंच साफ नजर आए। घटना के बाद बच्चा करीब 24 घंटे तक बेहोश रहा, जिसकी हालत बेहद नाजुक बनी रही। फिलहाल उसका इलाज जिला अस्पताल में जारी है। परिजनों के अनुसार, घटना के बाद मामला और भी भयावह हो गया जब कुछ लोगों ने उन्हें रिपोर्ट दर्ज न कराने के लिए डराया-धमकाया। गाली-गलौज और “बुरा अंजाम भुगतने” की चेतावनी देकर दबाव बनाया गया। लेकिन समाज और ग्रामीणों के साथ आने के बाद परिवार ने हिम्मत जुटाई और थाने में शिकायत दर्ज कराई। इस घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश फैला दिया है। जिला साहू संघ के पदाधिकारी अस्पताल पहुंचे और बच्चे का हाल जाना। संघ के अध्यक्ष सुनील साहू ने इसे “अमानवीय और शर्मनाक” बताते हुए कहा कि एक मासूम के साथ ऐसी क्रूरता किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आरोपी गार्ड समेत दबाव बनाने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की और चेतावनी दी कि न्याय नहीं मिला तो आंदोलन किया जाएगा। संरक्षक रेवाराम साहू ने भी सवाल उठाया—“आम तोड़ना क्या इतना बड़ा अपराध है कि बच्चे को मौत के मुंह में धकेल दिया जाए?” उन्होंने इसे गुंडागर्दी करार देते हुए कठोर कार्रवाई की जरूरत बताई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कसडोल विधायक संदीप साहू और जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमित्रा घृतलहरे भी अस्पताल पहुंचे और पीड़ित से मुलाकात कर पुलिस अधिकारियों से सख्त कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले भी कंपनी से जुड़े लोगों द्वारा एक अन्य बच्चे के साथ मारपीट हुई थी, जिसकी बाद में मौत हो गई थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं सुरक्षा और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। फिलहाल पुलिस ने एक गार्ड को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य आरोपियों की जांच जारी है। लेकिन सवाल अब भी वही है—क्या एक आम की कीमत एक मासूम की जान से ज्यादा हो सकती है?  

870 युवा अधिकारियों को दी बधाई, कहा – संवेदनशीलता, ईमानदारी और दक्षता से निभाएं जनसेवा का दायित्व

रायपुर कैबिनेट मंत्री  राजेश अग्रवाल ने चंदखुरी स्थित राज्य पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवा पुलिस अधिकारियों से की मुलाकात चंदखुरी स्थित राज्य पुलिस अकादमी में में प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने नव-नियुक्त युवा पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर प्रशिक्षण पूर्ण करने पर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी केवल एक परिधान नहीं, बल्कि विश्वास, कर्तव्य और त्याग का प्रतीक है, जिसे धारण करने वाले प्रत्येक अधिकारी पर समाज की सुरक्षा और न्याय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। कैबिनेट मंत्री  राजेश अग्रवाल ने चंदखुरी स्थित राज्य पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवा पुलिस अधिकारियों से की मुलाकात मंत्री  अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि जब एक सामान्य नागरिक निश्चिंत होकर सोता है, तो उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस निभाती है। जब अंधेरे में कोई भयभीत होता है, तो उसे उम्मीद भी पुलिस से ही होती है। ऐसे में पुलिस केवल एक संस्था नहीं, बल्कि समाज के विश्वास का आधार है। उन्होंने आगे कहा कि आज 870 युवा प्रशिक्षु अधिकारी ऐसे मुकाम पर खड़े हैं, जहां से वे छत्तीसगढ़ की सुरक्षा, शांति और न्याय व्यवस्था की मजबूत रीढ़ बनने जा रहे हैं। यह केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे राज्य के विश्वास और अपेक्षाओं का प्रतीक है। राज्य में बदलते सुरक्षा परिदृश्य का उल्लेख करते हुए मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने पिछले वर्षों में नक्सलवाद जैसी बड़ी चुनौती पर प्रभावी नियंत्रण पाया है। उन्होंने इसके लिए देश के नेतृत्व और सुरक्षा बलों के साहस व समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि अब चुनौतियां बदल चुकी हैं। साइबर अपराध, संगठित अपराध, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा सोशल मीडिया के माध्यम से फैलती अफवाहें नई चुनौतियां हैं, जिनसे निपटने के लिए पुलिस अधिकारियों को तकनीकी रूप से दक्ष और संवेदनशील बनना होगा। मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि इस बैच में लगभग एक चौथाई बेटियों की भागीदारी प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने महिला अधिकारियों को समाज में सुरक्षा और सशक्तिकरण की नई पहचान बताया। उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं से अपेक्षा की कि वे जनता के साथ संवेदनशीलता और सम्मान का व्यवहार करें तथा अपने कार्य में ईमानदारी और निष्पक्षता को सर्वाेपरि रखें। उन्होंने यह भी कहा कि एक अच्छा पुलिस अधिकारी वही होता है, जो अपनी टीम को साथ लेकर चलता है और संकट की घड़ी में सबसे आगे खड़ा रहता है। साथ ही, जहां भी उनकी नियुक्ति हो, वहां की स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करते हुए जनता के साथ विश्वास का रिश्ता बनाना चाहिए। अपने संबोधन के अंत में मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि “डर पैदा मत कीजिए, विश्वास पैदा कीजिए। शक्ति का प्रदर्शन मत कीजिए, न्याय का संरक्षण कीजिए। वर्दी केवल तन पर नहीं, बल्कि अपने चरित्र और आत्मा में धारण कीजिए।” उन्होंने आशा व्यक्त की कि जिस दिन कोई नागरिक यह कहे कि “पुलिस है, इसलिए मैं सुरक्षित हूं”, उसी दिन एक पुलिस अधिकारी की वर्दी सार्थक होगी। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. पंकज शुक्ला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में मंत्री  अग्रवाल ने सभी नव-नियुक्त अधिकारियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें साहस, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का संदेश दिया।

बेटियों के सुरक्षित और सशक्त भविष्य के लिए सामाजिक विषयों से कराया गया अवगत

रायपुर मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने 600 छात्राओं को दिखाई द केरल स्टोरी 2 महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं भटगांव विधायक  लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में सूरजपुर जिले में विभिन्न महाविद्यालयों की लगभग 600 छात्राओं को सामाजिक विषय पर आधारित फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ दिखाई गई।  मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बदलते सामाजिक परिवेश में बेटियों को शिक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि छात्राओं को समाज में घटित होने वाली विभिन्न परिस्थितियों और चुनौतियों की जानकारी मिलना जरूरी है, ताकि वे सही निर्णय लेने में सक्षम बन सकें और अपने जीवन को सुरक्षित एवं सशक्त दिशा दे सकें। उन्होंने कहा कि बेटियों का आत्मविश्वास और जागरूकता ही उनके सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्राओं ने सहभागिता करते हुए सामाजिक मुद्दों पर आधारित इस फिल्म को देखा और महत्वपूर्ण संदेशों से अवगत हुईं। मंत्री  राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और पहलों के जरिए बेटियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की हर बेटी शिक्षा, सुरक्षा और स्वाभिमान के साथ आगे बढ़े तथा समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण हो। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने फिल्म के माध्यम से सामाजिक विषयों को समझने और स्वयं को सतर्क एवं आत्मविश्वासी बनाने की बात कही। उन्होंने इस पहल के लिए मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि इस प्रकार के आयोजन उन्हें जीवन में जागरूक और जिम्मेदार बनने की प्रेरणा देते हैं। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण, महाविद्यालय के प्राध्यापक, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं।

बड़ी सौगात! लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से 30.41 करोड़ की सड़क योजना को हरी झंडी

रायपुर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्रीलक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से भटगांव विधानसभा क्षेत्र में सड़क विकास को बड़ी सौगात मिली है। राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग द्वारा सूरजपुर जिले के बीरपुर (एनएच-43) से केवरा तक लगभग 18 किलोमीटर लंबाई की सड़क चौड़ीकरण एवं पुलिया निर्माण कार्य के लिए 3041.18 लाख रुपए (लगभग 30.41 करोड़ रुपए) की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। लोक निर्माण विभाग मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर से जारी आदेश के अनुसार उक्त सड़क निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप कराया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत सड़क चौड़ीकरण, पुलिया निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण, भूमि उपलब्धता, निविदा प्रक्रिया तथा समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। मंत्रीलक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में भटगांव विधानसभा क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इस सड़क परियोजना से बीरपुर से केवरा तक आवागमन सुगम होगा और ग्रामीण क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजमार्ग से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। स्थानीय व्यापार, परिवहन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी । साथ ही क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। मंत्रीलक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर सड़क सुविधाएं पहुंचाना है, ताकि विकास का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे। भटगांव विधानसभा के समग्र विकास के लिए सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में लगातार कार्य किए जा रहे हैं और आगे भी इसी तरह विकास कार्य जारी रहेंगे।