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प्रदेश में सुशासन की दिशा में बड़ा सुधार- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को साड़ी खरीदी की राशि सीधे खातों में मिलेगी

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सुशासन की संकल्पना को साकार करने के लिए लगातार बड़े सुधारात्मक कदम उठा रही है। राज्य सरकार अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य करते हुए शासन की व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी, सरल और जनहितैषी बनाने के लिए निरंतर नवाचार कर रही है।  आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं पसंद की साड़ी चयन करने की स्वतंत्रता             महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने विभाग में एक महत्वपूर्ण और दूरगामी सुधार का निर्णय लेते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के लिए साड़ी की संचालनालय स्तर पर होने वाली केंद्रीकृत खरीदी व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। अब साड़ी खरीदी के लिए निर्धारित राशि सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में अंतरित की जाएगी। हाल के दिनों में साड़ी खरीदी प्रक्रिया को लेकर सामने आए विभिन्न मुद्दों तथा प्राप्त सुझावों का गंभीरता से परीक्षण करने के बाद यह निर्णय लिया गया है। यह कदम न केवल व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा बल्कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को अपनी पसंद और आवश्यकता के अनुरूप साड़ी चयन करने की स्वतंत्रता भी प्रदान करेगा। डायरेक्ट बेनिफिट के माध्यम से राशि का ट्रांसफर          महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की स्पष्ट सोच है कि शासन की राशि अधिकतम रूप से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे लक्षित व्यक्ति तक पहुंचे, ताकि बिचौलियों और अनावश्यक प्रक्रियाओं की कोई गुंजाइश न रहे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भी प्रदेश में अनेक पारदर्शी और तकनीक आधारित सुधार लागू कर सुशासन का नया मॉडल प्रस्तुत किया है। विभाग का यह निर्णय उसी सोच का विस्तार है।  साड़ी का रंग एवं डिज़ाइन विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी          मंत्री  राजवाड़े ने विभाग को निर्देशित किया है कि साड़ी का डिज़ाइन पूर्ववत रखा जाए तथा अंतिम स्वरूप आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं से परामर्श के बाद निर्धारित किया जाए। साड़ी का रंग एवं डिज़ाइन विभागीय स्तर पर निर्धारित कर उसकी जानकारी विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि पूरे प्रदेश में एकरूपता बनी रहे। वहीं साड़ी के कपड़े जैसे कॉटन, सिंथेटिक अथवा अन्य विकल्पों का चयन स्थानीय स्तर पर स्वयं कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं कर सकेंगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका बहनों के प्रति विभाग पूरी तरह संवेदनशील         मंत्री  राजवाड़े ने कहा कि विभाग में वर्षों से चली आ रही व्यवस्थाओं की भी सतत समीक्षा की जा रही है और जहां भी सुधार की आवश्यकता होगी वहां हितग्राहियों के हित में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।  राजवाड़े आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका बहनों के सम्मान, सुविधा और अधिकारों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है तथा उनके हितों की रक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। प्रति यूनिफॉर्म अधिकतम 500 रुपये की राशि निर्धारित         उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की बाल विकास सेवा योजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को उनकी पहचान और एकरूपता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष दो यूनिफॉर्म प्रदान करने का प्रावधान है, जिसके लिए प्रति यूनिफॉर्म अधिकतम 500 रुपये की राशि निर्धारित है। प्रदेश में महिला एवं बाल विकास विभाग का यह निर्णय प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण आधारित प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। इससे न केवल व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी बल्कि हितग्राहियों को निर्णय लेने का अधिकार भी मिलेगा और शासन की राशि का लाभ सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुंचेगा।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का बयान: दिशा दर्शन भ्रमण से बढ़ेगी आत्मनिर्भरता

रायपुर. महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की पहल और मार्गदर्शन में संचालित “दिशा दर्शन भ्रमण” योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी रूप से आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में सूरजपुर जिले की लगभग 51 महिलाएं, जो विभिन्न महिला स्व सहायता समूहों से जुड़ी हैं, अध्ययन भ्रमण के तहत रायपुर पहुंचीं। भ्रमण के दौरान महिलाओं ने रायपुर-खरोरा स्थित सोया प्रोसेसिंग प्लांट का अवलोकन कर उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग एवं विपणन की प्रक्रियाओं को विस्तार से समझा। प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाओं में स्वरोजगार के प्रति नया आत्मविश्वास जागृत हुआ और उन्होंने अपने क्षेत्रों में छोटे स्तर पर प्लांट स्थापित कर कार्य करने की इच्छा व्यक्त की। दिशा दर्शन भ्रमण आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम इस अवसर पर मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े स्वयं प्लांट परिसर में उपस्थित रहीं और महिलाओं से सीधे संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और इस प्रकार के भ्रमण कार्यक्रम उन्हें व्यवहारिक अनुभव प्रदान करते हैं, जो उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। मंत्री राजवाड़े ने कहा कि इच्छुक महिला स्व सहायता समूहों को सोया प्रोसेसिंग जैसे लघु उद्योग स्थापित करने हेतु हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं को योजनाओं से जोड़ते हुए उन्हें वित्तीय सहायता, तकनीकी मार्गदर्शन एवं विपणन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि स्व सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं, बल्कि समाज में नेतृत्व की भूमिका निभाते हुए अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि दिशा दर्शन भ्रमण योजना के माध्यम से राज्य सरकार महिलाओं को ज्ञान, कौशल और अवसर प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर सशक्त रूप से अग्रसर कर रही है।

स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी पर जोर, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताई सरकार की प्राथमिकता

रायपुर 9 नवीन ‘108 संजीवनी एक्सप्रेस’ एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी छत्तीसगढ़ सरकार की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज सूरजपुर ज़िले में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए 9 अत्याधुनिक ‘108 संजीवनी एक्सप्रेस’ एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।  जिला चिकित्सालय सूरजपुर से शुरू की गई यह सेवा अब दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक त्वरित आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएगी। इस अवसर पर मंत्री  राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण एवं शीघ्र स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सूरजपुर की बेटी होने के नाते यह मेरे लिए गौरव का क्षण है कि मैं अपने ज़िलेवासियों को यह जीवनरक्षक सुविधा समर्पित कर रही हूँ। 9 नवीन ‘108 संजीवनी एक्सप्रेस’ एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी उन्होंने कहा कि ये एम्बुलेंस केवल वाहन नहीं, बल्कि जीवन बचाने वाली महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सरकार का उद्देश्य है कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाली माताएँ, बहनें और बच्चों को आपातकालीन स्थिति में समय पर उपचार मिल सके और ‘गोल्डन ऑवर’ में चिकित्सा सहायता सुनिश्चित हो। मंत्री  राजवाड़े ने यह भी कहा कि एम्बुलेंस संचालन एजेंसी के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर सेवाओं की गुणवत्ता एवं प्रतिक्रिया समय (Response Time) में निरंतर सुधार किया जाएगा। उन्होंने स्वयं इन सेवाओं की नियमित निगरानी करने की बात कही, ताकि पारदर्शिता और प्रभावशीलता बनी रहे। ज़िले में आवंटित 9 एम्बुलेंसों में से 2 को जिला चिकित्सालय सूरजपुर में स्थायी रूप से तैनात किया गया है, जबकि शेष एम्बुलेंसों को विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में रणनीतिक रूप से तैनात किया गया है, जिससे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित हो सके।

बेटियों के सुरक्षित और सशक्त भविष्य के लिए सामाजिक विषयों से कराया गया अवगत

रायपुर मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने 600 छात्राओं को दिखाई द केरल स्टोरी 2 महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं भटगांव विधायक  लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में सूरजपुर जिले में विभिन्न महाविद्यालयों की लगभग 600 छात्राओं को सामाजिक विषय पर आधारित फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ दिखाई गई।  मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बदलते सामाजिक परिवेश में बेटियों को शिक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि छात्राओं को समाज में घटित होने वाली विभिन्न परिस्थितियों और चुनौतियों की जानकारी मिलना जरूरी है, ताकि वे सही निर्णय लेने में सक्षम बन सकें और अपने जीवन को सुरक्षित एवं सशक्त दिशा दे सकें। उन्होंने कहा कि बेटियों का आत्मविश्वास और जागरूकता ही उनके सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्राओं ने सहभागिता करते हुए सामाजिक मुद्दों पर आधारित इस फिल्म को देखा और महत्वपूर्ण संदेशों से अवगत हुईं। मंत्री  राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और पहलों के जरिए बेटियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की हर बेटी शिक्षा, सुरक्षा और स्वाभिमान के साथ आगे बढ़े तथा समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण हो। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने फिल्म के माध्यम से सामाजिक विषयों को समझने और स्वयं को सतर्क एवं आत्मविश्वासी बनाने की बात कही। उन्होंने इस पहल के लिए मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि इस प्रकार के आयोजन उन्हें जीवन में जागरूक और जिम्मेदार बनने की प्रेरणा देते हैं। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण, महाविद्यालय के प्राध्यापक, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं।

क्षेत्र को मिली विकास की सौगात: 18.38 करोड़ के कार्यों का भूमिपूजन, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े रहीं उपस्थित

18.38 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन भटगांव में अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण को मिली गति रायपुर, प्रदेश में संतुलित एवं समावेशी विकास को गति देने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण के कार्य निरंतर जारी हैं। इसी क्रम में महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री तथा भटगांव विधायक लक्ष्मी राजवाड़े ने सूरजपुर जिले के भटगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत लगभग 18.38 करोड़ रुपए की लागत से स्वीकृत विभिन्न विकास कार्यों का विधिवत भूमिपूजन एवं प्रारंभ पूजन किया। ग्राम शिवनंदनपुर में 3.41 करोड़ रुपए के अधोसंरचना कार्यों का शुभारंभ मंत्री राजवाड़े ने ग्राम शिवनंदनपुर स्थित हनुमान मंदिर प्रांगण में अधोसंरचना मद अंतर्गत 3.41 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें नकना तालाब घाट निर्माण, फुटपाथ निर्माण, अटल परिसर निर्माण, आर.सी.सी. नाली निर्माण तथा बी.टी. रोड निर्माण कार्य शामिल हैं। 14.97 करोड़ रुपए से दो प्रमुख सड़कों का निर्माण एवं चौड़ीकरण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े एक अन्य भूमिपूजन एवं प्रारंभ पूजन कार्यक्रम में भी सम्मिलित हुईं, जिसमें लोक निर्माण विभाग अंतर्गत 14.97 करोड़ रुपए (लगभग 15 करोड़ रुपए) की लागत से दो महत्वपूर्ण सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण कार्य शामिल हैं। इनमें भटगांव से अनरगवा मार्ग (6.00 किमी) के चौड़ीकरण एवं निर्माण हेतु 878.50 लाख रुपए तथा पकनी से चेन्द्रा मार्ग (5.60 किमी) के चौड़ीकरण एवं निर्माण हेतु 618.63 लाख रुपए की स्वीकृति सम्मिलित है। इन सड़कों के निर्माण एवं उन्नयन से क्षेत्र में आवागमन की सुविधा में उल्लेखनीय सुधार होगा तथा व्यापारिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही ग्राम स्तर पर आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण होगा और स्थानीय नागरिकों को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं सुगम अधोसंरचना उपलब्ध हो सकेगी। इस अवसर पर मंत्री राजवाड़े ने कहा कि विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। शासन का उद्देश्य नागरिकों के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार लाना तथा विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी कार्यों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में वन विकास निगम अध्यक्ष रामसेवक पैकरा सहित जनप्रतिनिधिगण, विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

जल संरक्षण, पर्यटन विकास और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर

रायपुर. महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री तथा भटगांव विधायक लक्ष्मी राजवाड़े की सक्रिय पहल और सतत प्रयासों से भटगांव विधानसभा क्षेत्र में कुल 10.93 करोड़ रुपए की लागत से महत्वपूर्ण विकास कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इन कार्यों के पूर्ण होने से जल संरक्षण को मजबूती, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता के संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन विकास को नई दिशा मिलेगी। इसके अलावा, स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार और आय के अवसर भी सृजित होंगे। सूरजपुर जिले के विकासखंड भैयाथान अंतर्गत बृजेश्वर सागर जलाशय योजना के नवीनीकरण कार्य हेतु 4.94 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। वहीं, इसी विकासखंड की कुर्रीडीह जलाशय योजना के जीर्णोद्धार कार्य के लिए 4.73 करोड़ रुपए, और विकासखंड ओड़गी  स्थित बसनारा जलाशय (तालाब) के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य हेतु 1.26 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि जल संसाधनों के संरक्षण एवं विकास से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, पर्यटन के विस्तार से युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे और क्षेत्र का समग्र विकास गति पकड़ेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत कार्य गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। भटगांव विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों ने विकास कार्यों की इस सौगात के लिए राज्य सरकार एवं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सूरजपुर में 15.50 करोड़ के कार्यों का किया शुभारंभ

रायपुर. महिला एवं बाल विकास मंत्री और भटगांव विधायक लक्ष्मी राजवाड़े आज सूरजपुर जिले में 15.50 करोड़ रुपये की लागत से किए जा रहे तीन महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्यों के कार्यप्रारंभ पूजन कार्यक्रम में सम्मिलित हुईं। इन कार्यों के शुभारंभ से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा सुदृढ़ होगी और विकास को नई गति मिलेगी। मंत्री राजवाड़े अपने गृह ग्राम बीरपुर से कसलगिरी सड़क निर्माण कार्य के कार्यप्रारंभ पूजन में ग्राम कसलगिरी, पंचायत भवन के पास सम्मिलित हुईं। इसके पश्चात उन्होंने ग्राम केंवटाली से सुन्दरपुर सड़क निर्माण कार्य के शुभारंभ अवसर पर ग्राम केंवटाली चौक में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता की। वहीं ग्राम गंगौटी से शिवपुर सड़क निर्माण कार्य के कार्यप्रारंभ पूजन कार्यक्रम में ग्राम शिवपुर, यादव पारा में भी मंत्री राजवाड़े सम्मिलित हुईं। इस अवसर पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सुदृढ़ सड़कें ग्रामीण विकास की आधारशिला हैं। इन मार्गों के निर्माण से ग्रामीणों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी, किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को लाभ होगा तथा स्वास्थ्य, शिक्षा और बाजार तक पहुंच आसान होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांव, गरीब और वंचित वर्ग के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। अधोसंरचना विकास के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है, जिससे रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।क्षेत्र वासियों ने सड़क निर्माण कार्यों के शुभारंभ पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार के प्रति आभार प्रकट किया।

जनहित सर्वाेपरि: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े मौके पर ही कराया लंबित समस्या का समाधान

रायपुर, छत्तीसगढ़ शासन में संवेदनशीलता, तत्परता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता की मिसाल उस समय देखने को मिली, जब महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने एक पीड़ित महिला की महीनों से लंबित समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित कराया। नोनी सुरक्षा योजना से संबंधित दस्तावेज़ों में नाम सुधार के लिए पीड़ित महिला लंबे समय से विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगा रही थी। बार-बार आवेदन और निवेदन के बावजूद उसकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था, जिससे वह मानसिक रूप से अत्यंत परेशान थी। आज रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जब महिला ने अपनी व्यथा मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के समक्ष रखी, तो मंत्री राजवाड़े ने अत्यंत संवेदनशीलता के साथ उसकी बात सुनी। उन्होंने बिना विलंब किए मौके पर ही संबंधित विभागीय अधिकारी से फोन पर चर्चा कर समस्या के शीघ्र एवं समयबद्ध निराकरण के स्पष्ट निर्देश दिए। मंत्री राजवाड़े ने दो टूक शब्दों में कहा कि महिलाओं और बच्चों से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं किया जायेगा। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण हितग्राही को अनावश्यक रूप से परेशान होना पड़ा, उनके विरुद्ध जवाबदेही तय की जाए। मंत्री राजवाड़े ने कहा कि सरकार की जनहितकारी योजनाओं का उद्देश्य केवल कागज़ों तक सीमित रहना नहीं, बल्कि पात्र हितग्राहियों तक उनका लाभ समय पर और सम्मान के साथ पहुँचना है। महिलाओं और बच्चों से जुड़ी किसी भी समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह घटना राज्य में सुशासन और संवेदनशील प्रशासन का सकारात्मक संदेश देती है तथा यह प्रमाणित करती है कि मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े जनहित से जुड़े मामलों में त्वरित निर्णय लेकर आमजन के विश्वास को निरंतर सशक्त कर रही हैं।

विकलांग नहीं, दिव्यांगजन कहकर करें संबोधन : मंत्री राजवाड़े

रायपुर, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा है कि दिव्यांगजन समाज की मुख्यधारा का अभिन्न अंग हैं और उनके प्रति संवेदनशील सोच व सम्मानजनक भाषा का उपयोग अत्यंत आवश्यक है। वे अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद (छत्तीसगढ़ प्रांत) के तत्वावधान में आशीर्वाद भवन, बैरन बाजार, रायपुर में आयोजित 16वें राज्य स्तरीय विवाह योग्य युवक–युवती परिचय सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं। मंत्री राजवाड़े ने अपने संबोधन में कहा कि यह सम्मेलन केवल परिचय का मंच नहीं, बल्कि दिव्यांग युवक–युवतियों को गरिमापूर्ण वैवाहिक जीवन की ओर अग्रसर करने का सार्थक प्रयास है। उन्होंने जानकारी दी कि सम्मेलन में सहमति बनने वाले जोड़ों का सामूहिक विवाह 28 फरवरी 2026 एवं 01 मार्च 2026 को आयोजित किया जाएगा।     उन्होंने बताया कि सम्मेलन की एक विशेष उपलब्धि यह रही कि इसमें सामान्य युवक–युवतियाँ भी शामिल हुए, जो दिव्यांगजनों से विवाह के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे आए। यह सामाजिक समावेशन और समानता की दिशा में प्रेरक पहल है।     मंत्री राजवाड़े ने कार्यक्रम के दौरान एक महत्वपूर्ण सामाजिक अपील करते हुए कहा कि “विकलांग” के स्थान पर “दिव्यांगजन” शब्द का प्रयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मान और आत्मबल को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से “दिव्यांगजन” शब्द के प्रयोग का आग्रह किया है। शब्द हमारी सोच और संवेदना को दर्शाते हैं, इसलिए समाज को सम्मानजनक भाषा अपनानी चाहिए।     कार्यक्रम में विधायक माननीय पुरंदर मिश्रा, कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. विनय पाठक, चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. विनोद पाण्डेय, अग्रवाल समाज अध्यक्ष विजय अग्रवाल, कार्यक्रम संयोजक विरेंद्र पाण्डेय, राजेश अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य नागरिक, बड़ी संख्या में दिव्यांगजन एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।     मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार दिव्यांगजनों के अधिकार, सम्मान और सामाजिक समावेशन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव रखते हैं।