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प्रदेशवासियों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

रायपुर प्रदेशवासियों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत: स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल प्रदेशवासियों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत: स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल आज विकासखंड धरसींवा अंतर्गत सरोना, रायपुर में 100 बिस्तर वाले नवीन अस्पताल भवन के निर्माण हेतु भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए।  इस अस्पताल के स्थापित होने से क्षेत्र के नागरिकों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। अस्पताल के निर्माण से आसपास के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध हो सकेगी, जिससे उन्हें दूरस्थ स्थानों पर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। इसी दिशा में लगातार नए स्वास्थ्य संस्थानों की स्थापना और सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि प्रत्येक नागरिक को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सहज रूप से मिल सकें। स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने इस मौके पर कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि नए अस्पतालों के निर्माण एवं सुविधाओं के विस्तार से आमजन को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सकेगा, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार होगा। इस अवसर पर विधायक  राजेश मूणत,  सुनील सोनी,  पुरंदर मिश्रा तथा रायपुर महापौर मती मीनल चौबे, सीजीएमएससी के अध्यक्ष  दीपक म्हस्के सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

जयंती के सशक्त नेतृत्व से बदली गांव की तस्वीर

रायपुर जयंती के सशक्त नेतृत्व से बदली गांव की तस्वीर बस्तर जिले के विकासखंड जगदलपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत आड़ावाल की सरपंच जयंती कश्यप आज ग्रामीण नेतृत्व और महिला सशक्तिकरण की प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरी हैं। उनके उत्कृष्ट कार्यों, स्वच्छता जागरूकता और सामाजिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। गत 11 मार्च 2026 को सशक्त पंचायत नेत्री अभियान के तहत यूनिसेफ द्वारा उन्हें दिल्ली आमंत्रित किया गया, जहां केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने मंत्रालय में उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के 12 सरपंच उपस्थित थे, लेकिन बस्तर की जमीनी स्तर पर सक्रिय और कर्मठ नेतृत्व के लिए जयंती कश्यप को विशेष रूप से सराहा गया।         जयंती कश्यप ने अपने गांव में विकास की नई दिशा तय की है। वे पेयजल प्रबंधन, स्वच्छता और साफ-सफाई को प्राथमिकता देते हुए काम कर रही हैं। इसके साथ ही निर्धन परिवारों को आवास उपलब्ध कराने और जरूरतमंद लोगों को सामाजिक सहायता योजनाओं से जोड़ने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।         जल संरक्षण के क्षेत्र में भी उनके प्रयास उल्लेखनीय हैं। “पानी बचाओ” अभियान के तहत वे ग्रामीणों को जल के समुचित उपयोग के लिए प्रेरित कर रही हैं। घरों के वेस्ट पानी का उपयोग किचन गार्डन में करना, वर्षा जल संचयन के लिए तालाब और डबरी निर्माण तथा भूजल स्तर बढ़ाने के लिए वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और सोखता गड्ढा बनाने जैसे कार्यों को वे गांव-गांव तक पहुंचा रही हैं।          जयंती कश्यप का मानना है कि जल संरक्षण केवल आज की जरूरत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव है। उनके नेतृत्व में गांव के लोग न सिर्फ जागरूक हो रहे हैं, बल्कि सक्रिय भागीदारी भी निभा रहे हैं।         आज जयंती कश्यप की यह उपलब्धि न केवल उनके गांव, बल्कि पूरे बस्तर के लिए गर्व का विषय है। उनका समर्पण और कार्यशैली यह दर्शाती है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो सीमित संसाधनों में भी बड़ा परिवर्तन संभव है। जयंती कश्यप जैसी सशक्त पंचायत नेत्रियां ग्रामीण भारत के विकास की असली ताकत हैं, जो अपने प्रयासों से समाज में सकारात्मक बदलाव की नई कहानी लिख रही हैं।

हॉस्पिटल हादसा: तीन सफाई कर्मियों की मौत पर भूपेश बघेल का सख्त रुख, जिम्मेदारों को सजा देने की मांग

रायपुर राजधानी के रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में गटर की सफाई के दौरान तीन सफाई कर्मचारियों की मौत पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दुख जताया है। उन्होंने कहा कि सफाई के नाम पर किसी व्यक्ति की मौत हो जाए यह छोटी घटना नहीं है। चाहे अस्पताल प्रबंधन हो या काम कराने वाली एजेंसी, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। पार्टी मीटिंग के लिए भूपेश बघेल दिल्ली रवाना हुए। इस दौरान उन्होंने असम में कांग्रेस उपाध्यक्ष नव ज्योति तालुकदार के इस्तीफे पर कहा, इसमें कोई बड़ी बात नहीं है। बीजेपी कांग्रेस नेताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही। हिमंता शर्मा डराने धमकाने ओर लालच देने का काम कर रहे। भूपेन बोरा ने भी कुछ समय पहले इस्तीफा दिया था, उस वक्त भी कुछ नहीं हुआ। किसी के आने-जाने से फर्क नहीं पड़ता। नक्सल आत्मसमर्पण को लेकर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा, आत्मसमर्पण करने वालों को सामान्य जीवन जीने का अधिकार मिलना चाहिए। मेनस्ट्रीम में आने के बाद उनको वही माहौल मिलना चाहिए, जो एक सामान्य व्यक्ति को मिलता है। बघेल ने कहा, आज 18 मार्च है, 31 मार्च में कुछ दिन बचे हैं, अब उल्टी गिनती शुरू हो गई है। अब वो समय नजदीक आ रहा है, बता दें कि मंगलवार को रायपुर के पचपेड़ी नाका स्थित रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल  में सीवरेज टैंक की सफाई के दौरान अंदर उतरे तीन मजदूर जहरीली गैस की चपेट में आ गए, जिससे तीनों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान गोविंद सेंद्रे, अनमोल मचकन और प्रशांत कुमार के रूप में हुई है, तीनों सिमरन सिटी निवासी हैं। घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों और स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया और पुलिस से झूमाझटकी भी हुई, जो देर रात तक जारी रही। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि मजदूर कॉन्ट्रैक्ट एजेंसी के थे। मामले की जांच जारी है।

बड़ी कार्रवाई: कार से 21 किलो चांदी बरामद, वैध दस्तावेज न होने पर जब्ती

महासमुंद जिले में वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। महासमुंद पुलिस ने एक कार से भारी मात्रा में चांदी के आभूषण जब्त किए हैं। जानकारी के मुताबिक, कोमाखान थाना क्षेत्र के टेमरी नाका के पास पुलिस नियमित वाहन जांच कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध कार (CG 04 PY 7882) को रोका गया। तलाशी लेने पर कार में रखे तीन बैगों से 54 लाख 60 हजार रुपये कीमत के 21.089 किलोग्राम चांदी के आभूषण बरामद हुए। कार में सवार विरेन्द्र प्रधान (50 वर्ष) – मठपारा रायपुर, टिकेश कुमार साहू (38 वर्ष) – उरला रायपुर से जब आभूषणों के परिवहन से संबंधित दस्तावेज मांगे गए तो वे कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। पुलिस ने दोनों व्यक्तियों को धारा 94 BNSS के तहत नोटिस दिया और गवाहों की उपस्थिति में आभूषणों और कार को जब्त कर लिया। प्राथमिक पूछताछ में सामने आया है कि दोनों आरोपी ओडिशा से रायपुर की ओर जा रहे थे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि चांदी के आभूषण कहां से लाए जा रहे थे और उनका उद्देश्य क्या था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की जांच के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने हत्या के आरोपियो को किया गिरफतार

बिलासपुर मामूली विवाद के कारण दोस्त ने अपने भाई के साथ मिलकर की हत्याआरोपी बाहर भागने फिराक में थे बीट आरक्षको के मुस्तैदी एवं निगरानी के कारण आरोपियो के गिरफतारी में मिली सफलता आरोपी –1. राकेश कौशिक उर्फ़ छोटू पिता भागीरथी कौशिक उम्र 38 साल पता सम्बलपुर थाना सकरी जिला बिलासपुर2- गणेश कौशिक पिता भगीरथी कौशिक उम्र 36 साल पता सम्बलपुर थाना सकरी जिला बिलासपुर विवरण – दिनांक 14-03-2026 को प्रार्थी कृष्णा कौशिक पिता भीषम कौशिक उम्र 23 वर्ष निवासी संबलपुरी थाना सकरी थाना उपस्थित आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसके बडे भाई सतीश कौशिक की अज्ञात आरोपियो द्वारा मारपीट कर हत्या कर दिए है प्रार्थी की रिपोर्ट पर मर्ग क्र 22/2026 एवं अपराध क्रमांक 254/2026 धारा 103(1) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध कर वरिष्ठ अधिकिारियो को अवगत कराया गया, मामले की गंभीरता को देखते हुए मान उमनि एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय  रजनेश सिंह द्वारा आरोपियो को तत्काल गिरफतार करने निर्देशित किया गया, जिसके परिपालन में मान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर)  पंकज कुमार पटेल, मान नगर पुलिस अधीक्षक (सिविल लाईन)  निमितेश सिंह परिहार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सकरी निरीक्षक विजय चौधरी द्वारा थाना स्तर पर टीम गठित कर एवं बीट आरक्षको को आरोपियो की पतासाजी निर्देशित किया गया। हत्या के संदेही राकेश कौशिक एवं गणेश कौशिक घटना दिनांक से फरार थे। दिनांक 16-03-2026 को बीट आरक्षको को सूचना मिली के हत्या के प्रकरण के संदही राकेश कौशिक एवं गणेश कौशिक ग्राम पांड में छिपे है। थाना सकरी पुलिस की सक्रियता एवं बीट आर पवन बंजारे, सज्जू अली,मनोज बघेल,रामचंद्र एवं अनुप नेताम की मुस्तैदी से हत्या के आरोपी राकेश कौशिक एवं गणेश कौशिक को ग्राम मेण्ड्रा से घेरा बंदी कर पकडा गया। आरोपियो से पूछताछ करने पर बताए कि दिनांक 14-03-2026 को आरोपी राकेश कौशिक, गणेश कौशिक एवं म़ृतक सतीश कौशिक तीनो शराब पीने सकरी शराब भट्टी गये थे जहां तीनो शराब पिए और अपने साथ 01 पाव देशी प्लेन एवं 02 पाव देशी मशाला शराब और 6 रोटी 2 फीस मछली पानी डिस्पोजल लेकर सम्बलपुर खेत पीपल पेड के पास गये और शराब पीना शुरू किये शराब के नशे में मृतक सतीश कौशिक द्वारा आरोपी गणेश कौशिक और उसके परिवार को गाली गलौच करने लगा मना करने पर नही मना तो आरोपी राकेश कौशिक एवं गणेश कौशिक दोनेा भाई मिलकर हाथ मुक्का से मारपीट कर पीपल के पेड के नीचे जड के पास गिरा दिए जिससे मृतक के मुंह एवं सिंर में गंभीर चोट लगने से मृत्यु हो गई।  दोनो आरोपी हत्या करने कर बाद मरही माता भाग गए थे वहा से आने के बाद आरोपी अपने ससुराल मेण्ड्रा में छिपे थे जहां से बाहर भागने के फिराक में थे जिन्हे बीट आरक्षको की मुस्तैदी से रात्रि में पकडा गया। उक्त कार्यवाही में निरीक्षक विजय चौधरी, उनि गणेशराम महिलांगे, सउनि सुरेंद्र तिवारी, प्रआर रवि कुमार लहरे, चोलाराम पटेल, पवन बंजारे, सज्जू अली,मनोज बघेल,रामचंद्र की भुमिका सराहनी रही।*

ट्रैक्टर से टकराई स्कूल वैन पलटने से 10 से ज्यादा बच्चे – टीचर घायल अस्पताल में इलाज जारी

जांजगीर-चांपा  जांजगीर-चांपा क्षेत्र में बुधवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया। यहां स्कूली वैन सड़क किनारे खड़े ट्रैक्टर से टकरा गई, जिससे वैन अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के समय वैन में सरस्वती ज्ञान मंदिर, कुथुर के 15 से अधिक बच्चे सवार थे, जो स्कूल जा रहे थे। हादसे में नर्सरी, पहली और छठवीं कक्षा के बच्चों समेत 10 से ज्यादा लोग घायल हो गए। कई बच्चों के सिर में चोट आई है, जबकि कुछ के हाथ-पैर में भी गंभीर चोटें आई हैं। एक महिला शिक्षिका के कंधे में गंभीर चोट बताई जा रही है। घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। जानकारी के मुताबिक बच्चे मुड़पार गांव से कुथुर स्थित स्कूल जा रहे थे। बच्चों ने बताया कि नियमित ड्राइवर के नहीं आने पर वैन को स्कूल के प्रिंसिपल खुद चला रहे थे। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है और हादसे के कारणों की पड़ताल की जा रही है।

छत्तीसगढ़ में ED की पकड़ और मजबूत, रायपुर के पुराने मेयर हाउस में खुलेगा दफ्तर

रायपुर  राजधानी रायपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को अब स्थायी पता मिल गया है। नगर निगम की एमआईसी (मेयर-इन-काउंसिल) बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए शहर के सुभाष स्टेडियम स्थित पुराने महापौर (मेयर) बंगले को ईडी कार्यालय के लिए आवंटित कर दिया गया है। जांच गतिविधियों को मजबूती मिलने की उम्मीद जानकारी के अनुसार, लंबे समय से रायपुर में ईडी के लिए स्थायी कार्यालय की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अब नगर निगम द्वारा यह कदम उठाए जाने के बाद ईडी को स्थायी और सुव्यवस्थित कार्यालय मिल सकेगा। इससे एजेंसी की कार्यप्रणाली और जांच गतिविधियों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। एमआईसी बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा के बाद मिली मंजूरी नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि एमआईसी बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा के बाद इसे मंजूरी दी गई। पुराने मेयर बंगले की लोकेशन शहर के प्रमुख क्षेत्र सुभाष स्टेडियम के पास होने के कारण यह प्रशासनिक दृष्टि से भी उपयुक्त माना गया। प्रशासनिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा ईडी कार्यालय के शुरू होने से रायपुर में आर्थिक अपराधों और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की जांच में तेजी आने की संभावना है।

Raipur Crime Crackdown: चाकूबाजी के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 12 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर. राजधानी में कानून व्यवस्था भंग करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। एसीसीयू (क्राइम यूनिट) और थाना मौदहापारा पुलिस की संयुक्त टीम ने 24 घंटे के भीतर तीन अलग-अलग घटनाओं में शामिल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ गैर जमानतीय संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई है, जिसके तहत शहर में गुंडागर्दी, चाकूबाजी, पत्थरबाजी और हथियारों का प्रदर्शन करने वालों पर लगातार सख्ती बरती जा रही है। पहली घटना: चाकू से जानलेवा हमला 16 मार्च 2026 को मौदहापारा थाना क्षेत्र के तालाब पार बीटीएस चौक के पास पुरानी रंजिश को लेकर विवाद हुआ, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। आरोपियों ने चाकू से हमला कर दो लोगों को घायल कर दिया और जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में पुलिस ने रवि रक्सेल (19), हर्ष कोसले (19), अभय रक्सेल (19) और लोकेश रक्सेल (26) को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से धारदार हथियार जब्त किए हैं। दूसरी घटना: मरही माता मंदिर के पास पत्थरबाजी 16 मार्च को ही मरही माता मंदिर क्षेत्र में कुछ लोगों ने समूह बनाकर गाली-गलौज करते हुए पत्थरबाजी की, जिससे इलाके में दहशत फैल गई और कई लोग घायल हुए। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आमिर अहमद (26), मोह. अनस खान (32), मोह. मुशीर खान (29), अब्दुल समीर (29), मोह. फाजिल (29) और शेख सिकंदर (29) को गिरफ्तार किया है। तीसरी घटना: सड़क पर तलवार लहराकर दहशत फैलाना दूसरी घटना की प्रतिक्रिया में डेंटल कॉलेज चौक के पास कुछ युवक हाथ में तलवार लेकर लोगों को डरा रहे थे। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ लिया। इस मामले में लोकेश रक्सेल (26), मयंक सोनी (19) और पिंटू ठाकुर (26) को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ जारी रहेगी कार्रवाई तीनों घटनाओं में आरोपियों के पास से दर्जन भर चाकू, तलवार और अन्य धारदार हथियार जब्त किए गए हैं। रायपुर पुलिस ने साफ कहा है कि शहर में शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त और निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी। सार्वजनिक स्थलों पर हथियार लहराने, मारपीट और पत्थरबाजी जैसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

Guest Teachers Issue: सदन में हंगामा, नियमितीकरण को लेकर असंतुष्ट विपक्ष ने किया वॉकआउट

रायपुर. विधानसभा बजट सत्र के दौरान बुधवार को स्कूलों के युक्तियुक्करण के साथ-साथ अतिथि शिक्षकों की भर्ती, वेतन और नियमितिकरण के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को न केवल विपक्ष बल्कि सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी घेरा. मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने वॉकआउट किया. सत्ता के पक्ष के विधायकों सुनील सोनी, राजेश मूणत और रोहित साहू ने स्कूलों के युक्तिकरण पर शिक्षा मंत्री को घेरा. राजेश मूणत ने कहा कि युक्तियुक्करण के बाद स्कूलों की स्थिति ख़राब है. मैंने स्वयं दरी ख़रीद कर दी. शिकायत के बाद भी परीक्षण करने अधिकारी नहीं पहुंचे. मूणत के आरोप पर मंत्री ने परीक्षण कराने की बात कही. इस पर आसंदी ने मंत्री को 30 मार्च तक सभी स्कूलों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. विधायक सुनील कुमार सोनी ने शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से सवाल किया कि स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा कितनी शालाओं का युक्तियुक्तकरण किया गया, एक वर्ष में जहां जहां स्कूल भवन खाली हुए है उसका उपयोग कहा हुआ है. शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने जवाब दिया कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विगत वर्ष पूरे प्रदेश में 10538 शालाओं का युक्तियुक्तकरण किया गया हैं, जहां भी खाली भवन हैं वहां स्मार्ट स्कूल, लैब बनाया जाएगा. 10,372 शालाओं का उपयोग हुआ हैं, और 166 स्कूल का उपयोग नहीं हुआ है. इस पर सुनील सोनी ने सवाल किया कि बहुत से स्कूल जर्जर हैं, कब तक नवीनीकरण होगा. इस पर गजेंद्र यादव ने कहा कि जहां-जहां आवश्यकता है, वह हम जांच करवा कर नवीनीकरण करेंगे. इस पर विधायक अजय चंद्राकर ने सवाल किया कि कितने स्कूल के लिए आपने क्या नीति बनाई. इस पर गजेंद्र यादव ने कहा कि चीजों को आसान बनाने के लिए और स्कूल में प्रयाप्त शिक्षक हो इसके लिए हमने स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया है. विधायक राजेश मूणत ने सवाल किया कि रायपुर जिले में कितने स्कूलों का युक्तियुक्तकरण हुआ? इस पर गजेंद्र यादव ने बताया कि रायपुर में 389 स्कूल में 385 स्कूलों का युक्तियुक्तकरण हुआ है. 4 खाली हैं. नए सत्र से 150 स्कूल शुरू होंगे जो स्वामी आत्मानंद और विवेकानंद के तर्ज पर होगा. विपक्ष ने अतिथि शिक्षकों की भर्ती, वेतन और नियमितिकरण का मुद्दा उठाया. विपक्ष ने वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी की गारंटी में नियमितीकरण का वादा था. ढाई साल बाद भी सरकार वादा नहीं पूरा कर पाई. इस पर मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने वॉकआउट किया.

Illegal Clinics Crackdown: जांच टीम का एक्शन, दो क्लीनिक सील और दवाइयों की जब्ती

सक्ती/रायपुर. बगैर दस्तावेजों के चल रहे 2 क्लीनिक को सील किया गया है। साथ ही बडी संख्या में दवाईयां भी जब्त की गई है। मामला सक्ती एवं टेमर गांव का है। उक्त कार्रवाई नर्सिंग होम एक्ट के तहत की गई है। जिसके चलते अवैध क्लीनिक संचालकों में हडकंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर क्लीनिक एवं पैथॉलाजी लैब में जाकर जांच पडताल की। इस दौरान स्टेशन रोड सक्ती स्थित एक मकान में बिना वैध डिग्री और पंजीयन के मरीजों का इलाज करते हुए पाया गया। वहीं ग्राम टेमर क्षेत्र में भी बिना आवश्यक शैक्षणिक योग्यता और पंजीयन के चिकित्सा कार्य किए जाने की पुष्टि हुई। जांच के दौरान संबंधित व्यक्तियों द्वारा कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके, जिससे अवैध रूप से चिकित्सा कार्य करना स्पष्ट हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम ने तत्काल प्रभाव से दोनों क्लीनिकों को बंद करा दिया। साथ ही आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि बिना वैध डिग्री, पंजीयन और अनुमति के किसी भी प्रकार का चिकित्सा कार्य पूर्णतः प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नर्सिंग होम एक्ट सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।