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वन विभाग की सख्ती से खुला बड़ा गिरोह, तेंदुए की खाल के साथ 9 गिरफ्तार

रायपुर, वन्यजीव संरक्षण को लेकर राज्य में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में 19 मार्च 2026 को केशकाल वनमंडल और राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तेंदुए की खाल की तस्करी में शामिल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया।           वन्य जीव संरक्षण का अर्थ जंगली जानवरों, पक्षियों और उनके प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा करना है, ताकि जैव विविधता बनी रहे और पारिस्थितिक संतुलन न बिगड़े। भारत में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत अवैध शिकार, व्यापार और आवास विनाश को रोकना और वन्य प्रजातियों की रक्षा करना अनिवार्य है। यह पारिस्थितिक तंत्र के लचीलेपन और भावी पीढ़ियों के लिए प्रकृति के संरक्षण हेतु महत्वपूर्ण है।          यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना के आधार पर की गई। वन विभाग की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया, जिसमें एक कर्मचारी ने खरीदार बनकर तस्करों से संपर्क किया। जैसे ही आरोपी मोटरसाइकिल और एक वाहन में तेंदुए की खाल लेकर रसगांव-बड़ेडोंगर मार्ग स्थित ग्राम बैलगांव पहुंचे, टीम ने उन्हें घेरकर पकड़ लिया। मौके से 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि तेंदुए का शिकार लगभग 7 महीने पहले अवैध हथियार (भरमार बंदूक) से किया गया था। आरोपियों की निशानदेही पर मुख्य आरोपी को अगले दिन नारायणपुर जिले के ग्राम बोरावण्ड से गिरफ्तार किया गया तथा शिकार में प्रयुक्त बंदूक भी जब्त की गई। बरामद तेंदुए की खाल की लंबाई 195 सेंटीमीटर और चौड़ाई 45 सेंटीमीटर पाई गई।          वनमंडलाधिकारी दिव्या गौतम के निर्देशन में आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 (संशोधित 2022) के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी कोंडागांव, दंतेवाड़ा, बस्तर और नारायणपुर जिलों के निवासी हैं। इस अभियान में राज्य स्तरीय टीम के अधिकारियों एवं वन विभाग के कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका रही। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के शिकार और अवैध व्यापार को रोकने के लिए आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। राज्य शासन की वन एवं वन्यजीव संरक्षण संबंधी योजनाओं के तहत जैव विविधता संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

प्रशासन का बड़ा एक्शन: मेडिकल कॉलेज भूमि से हटाए गए कब्जे, अतिक्रमणकारियों ने किया हंगामा और पथराव

अंबिकापुर शहर के गंगापुर में मेडिकल कॉलेज के लिए आवंटित 7 एकड़ जमीन पर लंबे समय से अवैध कब्जे के खिलाफ जिला प्रशासन ने आज सुबह सख्त कार्रवाई की। इस दौरान 37 कब्जाधारियों के मकानों को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के समय कुछ अतिक्रमणकारियों ने विरोध किया और प्रशासनिक अमले पर पथराव भी किया, जिससे मौके पर कुछ समय के लिये तनाव की स्थिति बन गई थी, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित किया। जानकारी के अनुसार, जमीन पर लंबे समय से मकान बनाया था। कई बार नोटिस देने के बावजूद कब्जा हटाने में विफल रहने पर प्रशासन ने यह कार्रवाई की। मौके पर एसडीएम फागेश सिन्हा, तहसीलदार उमेश बाज और एएसपी अमोलक सिंह के नेतृत्व में प्रशासनिक और पुलिस टीम मौजूद रही। नगर निगम की टीम बुलडोजर के साथ पहुंची और पहले कार्रवाई से पहले लोगों को अपना सामान हटाने का समय दिया गया, जिसके बाद मकानों को ध्वस्त करना शुरू किया गया। प्रशासन ने बताया कि कब्जाधारियों को पहले भी बेदखली नोटिस जारी किए गए थे और मामला हाई कोर्ट तक गया था। अदालत से राहत न मिलने के बाद 2025 में फिर से बेदखली आदेश जारी किया गया। एसडीएम फागेश सिन्हा ने बताया कि कब्जाधारियों ने वन अधिकार पट्टे के फर्जी दस्तावेज पेश किए थे। जांच में कलेक्टर और डीएफओ के हस्ताक्षर फर्जी पाए गए। इस मामले में अलग से एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।

धधकी राइस मिल, आग बुझाने के लिए टीम और ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत

कवर्धा जिले के हरिनछपरा स्थित जनता राइस मिल में आज अचानक भीषण आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची फ़ायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू कर दिए है। स्थानीय लोग भी घटना स्थल पर जुटकर आग पर नियंत्रण पाने में मदद कर रहे है। घटना का एक वीडियों भी सामने आया है जो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग की वजह का अभी पता नहीं चल सका है और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। मौके पर फ़ायर ब्रिगेड की टीम और स्थानीय लोगों का प्रयास जारी है और वे आग को पूरी तरह से बुझाने में जुटे हुए हैं। प्रशासन ने भी सुरक्षा के मद्देनज़र आसपास के इलाके को खाली कराने की तैयारी शुरू कर दी है। यह घटना व्यापारिक क्षेत्र और स्थानीय लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है, और अधिकारियों ने कहा है कि जल्द ही आग लगने के कारणों का पता लगाया जाएगा।

सीएम विष्णुदेव साय का नुआपाड़ा दौरा, पत्नी कौशल्या साय व विधायक पुरंदर मिश्रा रहे साथ

नुआपाड़ा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज धार्मिक यात्रा पर ओडिशा के नुआपाड़ा जिले में स्थित कोमना के वैष्णो देवी मंदिर पहुंचे। वहां उन्होंने विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की और मंदिर परिसर का अवलोकन किया। मंदिर पहुंचने पर मुख्यमंत्री का स्थानीय श्रद्धालुओं और मंदिर प्रबंधन ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान उनके साथ पत्नी कौशल्या साय और विधायक पुरंदर मिश्रा भी मौजूद थे।

कॉन्स्टेबल भर्ती: खाली पद वेटिंग लिस्ट से भरने की योजना, हाईकोर्ट ने जॉइनिंग के बाद पद भरने का दिया निर्देश

बिलासपुर  छत्तीसगढ़ में कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा से जुड़े विवाद पर हाईकोर्ट ने अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए अहम फैसला सुनाया है। जस्टिस पीपी साहू ने स्पष्ट किया है कि सूची जारी होने के बाद भी अगर पद खाली रहते हैं, तो उन्हें वेटिंग लिस्ट (प्रतीक्षा सूची) के अभ्यर्थियों से भरा जाएगा। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सबसे पहले चयन सूची में शामिल उम्मीदवारों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाए और उनकी जॉइनिंग सुनिश्चित की जाए। इसके बाद कुछ पद खाली रह जाते हैं तो उन पदों को वेटिंग लिस्ट के अभ्यर्थियों को मौका देकर भरा जाए। बता दें कि एक ही कैंडिडेट का कई-जिलों में सिलेक्शन हो गया था। दरअसल कॉन्स्टेबल भर्ती के खिलाफ हाईकोर्ट में अलग-अलग दर्जनों याचिकाएं दायर की गई है, जिसमें बताया गया कि पुलिस विभाग में करीब 5967 पदों के लिए भर्ती निकली थी। एक से अधिक जिलों में आवेदन की अनुमति होने के कारण कई अभ्यर्थी कई जगह चयनित हो गए। इस वजह से कई योग्य उम्मीदवार मेरिट सूची से बाहर रह गए। विभाग ने जिलेवार वेटिंग लिस्ट जारी नहीं किया है, जिसके कारण पद खाली होने के बाद भी वेटिंग लिस्ट जारी नहीं होने के कारण उम्मीदवारों को चयन से वंचित होना पड़ेगा। चयन सूची में गड़बड़ी के आरोप याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि कई जिलों में चयन सूची में भी गड़बड़ी की गई है। अभ्यर्थियों से कम नंबर पाने वालों का नाम चयन सूची में शामिल है, जबकि अधिक नंबर पाने वालों का नाम कट गया है। उनका यह भी तर्क था कि एक ही अभ्यर्थी के कई जिलों की चयन सूची में शामिल होने के कारण वास्तविक रूप से बड़ी संख्या में पद खाली रह जाएंगे, जबकि विभाग ने सभी पद भरने का दावा किया था। राज्य का जवाब- जॉइनिंग के बाद ही स्पष्ट होंगे रिक्त पद दूसरी तरफ राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि चयन सूची मैरिट के आधार पर जिला स्तर पर तैयार की गई है और एक से अधिक जिलों में चयन होना विज्ञापन की शर्तों के अनुरूप है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि वास्तविक स्थिति तब सामने आएगी, जब चयनित अभ्यर्थी किसी एक स्थान पर ज्वॉइन करेंगे। ऐसे में जिन अन्य स्थानों पर वे चयनित हैं, वहां पद स्वतः थाली हो जाएंगे। हाईकोर्ट बोला- वेटिंग लिस्ट से भरे जाएं खाली पद हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद कहा कि यह स्पष्ट है कि केवल चयन सूची से सभी पद नहीं भर पाएंगे। ऐसे में राज्य शासन को आदेश दिया जाता है कि पहले चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति और जॉइनिंग की प्रक्रिया पूरी करे। इसके बाद जो पद खाली रह जाते हैं, उन्हें नियमानुसार प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों से भरा जाए। इस आदेश के साथ ही हाईकोर्ट ने याचिकाओं को खारिज कर दिया है।

छत्तीसगढ़ में गर्मी का कहर, अगले 3 दिन में पारा 2 से 4 डिग्री तक चढ़ेगा, राजनांदगांव सबसे गर्म

रायपुर  छत्तीसगढ़ में मौसम अब धीरे-धीरे गर्मी की ओर बढ़ता नजर आ रहा है. प्रदेश में फिलहाल मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया है. हालांकि मौसम विभाग के अनुसार आने वाले तीन दिनों में तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी का असर महसूस होने लगेगा. इसके बाद कुछ दिनों तक तापमान में विशेष बदलाव नहीं होगा और मौसम शुष्क ही बना रहेगा. अभी कैसा है प्रदेश का मौसम प्रदेश में वर्तमान में मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई है. अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा कम होने के कारण दिन में हल्की राहत महसूस हो रही है, लेकिन आने वाले दिनों में इसमें बदलाव होगा. तापमान में होगी बढ़ोतरी मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि होने की संभावना है. इसके बाद तापमान स्थिर रहेगा और किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं. कहां कितना तापमान दर्ज हुआ प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 37.5°C राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 13.0°C अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया. इससे साफ है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान में अंतर बना हुआ है. वर्षा और चेतावनी की स्थिति प्रदेश में कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई है और मौसम विभाग ने किसी प्रकार की चेतावनी भी जारी नहीं की है. आने वाले दिनों में भी मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है. रायपुर का मौसम अपडेट राजधानी रायपुर में 24 मार्च को आकाश मुख्यतः साफ रहने की संभावना है. यहां अधिकतम तापमान 36°C और न्यूनतम तापमान 21°C के आसपास रहने का अनुमान है, जिससे दिन में गर्मी और रात में हल्की ठंडक महसूस हो सकती है. कोंडागांव में देखने को मिला शिमला-मनाली जैसा नजारा इससे पहले शनिवार को कोंडागांव जिले में शिमला-मनाली जैसा नजारा दिखा। जिले में जमकर ओले गिरे। बड़ेराजपुर विकासखंड के टेवंसा, छोटेराजपुर, पाडोकी और बड़ेराजपुर गांवों के खेतों में बर्फ की मोटी चादर बिछ गई। ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है। वहीं, जशपुर जिले के दुलदुला में बिजली गिरने से मजदूर सनऊ राम (51) की मौत हो गई, जबकि 25 वर्षीय रेखा घायल हो गईं। दूसरी ओर रायगढ़ में बिलासपुर जलाशय का गेट टूटने से पानी NH और पास के खेतों में फैल गया।

चुनाव न कराने पर NSUI सख्त, चरणबद्ध आंदोलन के साथ विश्वविद्यालयों का घेराव करेगा

रायपुर छात्रसंघ चुनाव बहाल कराने की मांग को लेकर नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है। राजधानी रायपुर स्थित राजीव भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में NSUI पदाधिकारियों ने कहा, लंबे समय से छात्रसंघ चुनाव नहीं होने से छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। इसे लेकर संगठन अब प्रदेशभर में आंदोलन करेगा। NSUI के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय ने बताया कि आंदोलन की शुरुआत 27 मार्च से होगी। प्रदेश के सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद 6 अप्रैल को प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों का एक साथ घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इन मुद्दों को लेकर होगा आंदोलन     छात्रसंघ चुनाव की बहाली     छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का संरक्षण     बढ़ती फीस और छात्रवृत्ति में देरी     शिक्षकों की कमी     परीक्षा और परिणाम में अनियमितता     प्लेसमेंट, हॉस्टल, परिवहन और डिजिटल संसाधनों की समस्याएं     प्रशासन की उदासीनता NSUI का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

12वीं बोर्ड की हिंदी परीक्षा छत्तीसगढ़ में रद्द, शिक्षा मंत्री ने दी नई तारीख और वजह

रायपुर   छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने कक्षा 12वीं की हिंदी परीक्षा रद्द कर दी है. 14 मार्च को हुई परीक्षा का पेपर एक दिन पहले लीक होने की शिकायत के बाद मामला गरमाया, छात्रों‑अभिभावकों में बेचैनी बढ़ी और एनएसयूआई ने बोर्ड कार्यालय का घेराव किया. शिक्षा विभाग ने त्वरित जांच समिति बनाई और उसकी रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया. बोर्ड ने अब नई तारीख जारी कर दी है और सुरक्षा उपाय कड़े करने की बात कही है. 10 अप्रैल को होगा हिंदी का पेपर पेपर लीक की शिकायतों और जांच के बाद बोर्ड ने 12वीं हिंदी की परीक्षा को 10 अप्रैल को फिर से कराने की घोषणा की है. कुछ छात्रों ने दोबारा परीक्षा से निराशा जताई, जबकि कई ने इसे निष्पक्षता के लिए सही कदम बताया. बोर्ड का कहना है कि भविष्य में ऐसे मामलों से बचने के लिए पेपर सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत किया जाएगा, ताकि परीक्षा प्रक्रिया पर छात्रों का भरोसा बना रहे. ‘पेपर लीक नहीं, संवेदनशीलता में रद्द' शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि सरकार को पेपर लीक का पुख्ता प्रमाण नहीं मिला है. उनके मुताबिक, एक व्हाट्सएप ग्रुप में हाथ से लिखा एक पर्चा शेयर हुआ था, जिस पर संदेह पैदा हुआ. सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए FIR दर्ज कराई और माशिम (माध्यमिक शिक्षा मंडल) की समिति ने छात्रहित में परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया. मंत्री ने स्पष्ट किया कि पुलिस जांच रिपोर्ट में यदि पेपर लीक की पुष्टि होती है, तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रदर्शन और जांच: क्या हुआ अब तक शिकायतें सामने आने के बाद एनएसयूआई ने बोर्ड कार्यालय का घेराव किया और पेपर रद्द करने के साथ दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई. शिक्षा विभाग ने जांच समिति गठित की, जिसने त्वरित रिपोर्ट सौंपी. इसी रिपोर्ट के बाद परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया. बोर्ड ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में पेपर वितरण, केंद्र सुरक्षा और डिजिटल निगरानी की बहुस्तरीय व्यवस्था लागू की जाएगी.

किसानों के उत्थान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार निरंतर काम कर रही है: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर : किसानों के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही छत्तीसगढ़ सरकार– उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा उपमुख्यमंत्री ने ग्राम बद्दो में किया भोरमदेव सकरी फीडर नहर विस्तारीकरण कार्य का भूमिपूजन 11.49 करोड़ रुपए की नहर परियोजना से 6 गांवों के किसानों को मिलेगा सीधा लाभ 770 हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित, किसानों की आय में होगी वृद्धि रायपुर  चैत्र नवरात्रि पंचमी की पावन तिथि के अवसर पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत वनांचल ग्राम बद्दो में किसानों को बड़ी सौगात दी। उन्होंने 11.49 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले भोरमदेव सकरी फीडर नहर विस्तारीकरण कार्य का विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भूमिपूजन किया। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र के 6 गांवों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। नहर विस्तारीकरण के माध्यम से लगभग 770 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे किसानों की उत्पादन क्षमता में वृद्धि के साथ-साथ उनकी आय में भी बढ़ोतरी होगी। कार्यक्रम में पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण सदस्य भगत पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नितेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत नन्द श्रीवास, राम किंकर वर्मा, लोकचंद साहू सहित जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे।      इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव सकरी फीडर नहर के विस्तार से क्षेत्र के हजारों किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। इस नहर से खेतों तक पानी आसानी से पहुंचेगा और खेती में सुधार होगा। उन्होंने बताया कि 770 हेक्टेयर जमीन को स्थायी सिंचाई की सुविधा मिलेगी, जिससे फसल अच्छी होगी और किसानों की आमदनी बढ़ेगी। इससे गांव की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि सरकार का मकसद सिर्फ निर्माण करना नहीं, बल्कि ऐसे काम करना है जिससे किसानों का जीवन बेहतर हो। उन्होंने कहा कि इस बड़ी परियोजना की शुरुआत यह दर्शाती है कि वर्तमान सरकार वनांचल क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दे रही है। सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों तक भी विकास की योजनाएं पहुंचे और वहां के लोगों को इसका पूरा लाभ मिल सके।      उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि भोरमदेव सकरी फीडर नहर के विस्तारीकरण कार्य को सफल बनाने के लिए जन सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस तरह की बड़ी परियोजनाएं तभी समय पर और बेहतर तरीके से पूरी हो पाती हैं, जब स्थानीय लोगों, विशेषकर किसानों का पूरा सहयोग मिलता है। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि यह नहर उनके ही हित में बनाई जा रही है। सभी गांवों के किसानों की सहभागिता और सहयोग से ही इस परियोजना को तेजी से पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि जब जनभागीदारी के साथ विकास कार्य होते हैं, तो उनका लाभ भी लंबे समय तक और प्रभावी रूप से मिलता है। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण समय सीमा में निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने जिले में चल रहे विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर क्षेत्र में संतुलित विकास हो और गांव-गांव तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचें। इसके लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं और अनेक कार्य तेजी से प्रगति पर हैं। योजना से बहुउद्देशीय लाभ        इस योजना से 635 हे. क्षेत्र में सिंचाई की कमी की पूर्ति सहित 770 हेक्टेयर रूपांकित क्षेत्र में खरीफ फसलों की सिंचाई होगी। असिंचित क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने पर कृषि भूमि की दरों में उन्नयन होगा। नहरों के सर्विस बैंक निर्माण से ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी। साथ ही, सिंचाई सुविधा मिलने से किसान अब एक से अधिक फसल लेने में सक्षम होंगे, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी होगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। यह योजना क्षेत्र के किसानों के लिए दीर्घकालीन रूप से लाभकारी साबित होगी और ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी।  योजना से लाभन्वित ग्राम परियोजना के पूर्ण होने पर बाघुटोला, लाटा, खिरसाली, बद्दो, रघ्घुपारा एवं छपरी सहित कुल 6 ग्रामों के किसानों को सीधा लाभ प्राप्त होगा। इस नहर विस्तारीकरण के माध्यम से लगभग 770 हेक्टेयर कृषि भूमि में खरीफ सिंचाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इससे इन गांवों के किसानों को समय पर पानी उपलब्ध होगा, जिससे फसलों की पैदावार में वृद्धि होगी।

बर्ड फ्लू की आशंका, पोल्ट्री फार्म में 5000 मुर्गियों की संदिग्ध मौत, पशु चिकित्सा विभाग में खलबली

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर के कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन परिक्षेत्र में 5 हजार से अधिक मुर्गा-मुर्गियों की संदिग्ध मौत का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। शुरुआती लक्षणों के आधार पर बर्ड फ्लू की आशंका जताई जा रही है। एहतियात के तौर पर पोल्ट्री फार्म को तत्काल बंद कर दिया गया है और पूरे क्षेत्र को निगरानी में ले लिया गया है।  छह दिनों में 5 हजार से अधिक पक्षियों की मौत जानकारी के अनुसार, 18 मार्च से फार्म में मुर्गा-मुर्गियों की मौत का सिलसिला शुरू हुआ, जो लगातार बढ़ता गया। छह हजार से अधिक पक्षियों की क्षमता वाले इस सरकारी पोल्ट्री फार्म में बीते पांच-छह दिनों के भीतर 5 हजार से अधिक पक्षियों की मौत हो चुकी है। जांच के लिए भोपाल भेजे जाएंगे सैंपल मामले की गंभीरता को देखते हुए मृत पक्षियों के सैंपल जांच के लिए भोपाल स्थित लैब भेजे जाएंगे। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौतों के पीछे बर्ड फ्लू है या कोई अन्य कारण। घटना के बाद पशु चिकित्सा विभाग सतर्क हो गया है। रायपुर से राज्य स्तरीय विशेषज्ञों की टीम मंगलवार को बिलासपुर पहुंचेगी। टीम द्वारा पोल्ट्री फार्म का निरीक्षण कर स्थिति का आकलन किया जाएगा और संबंधित अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। 5 किलोमीटर का इलाका घोषित संवेदनशील संभावित संक्रमण को देखते हुए पोल्ट्री फार्म के आसपास के 5 किलोमीटर क्षेत्र को संवेदनशील घोषित किया गया है। यदि बर्ड फ्लू की पुष्टि होती है, तो प्रभावित क्षेत्र में मौजूद सभी मुर्गा-मुर्गियों और अन्य पालतू पक्षियों को नष्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम में फार्म प्रबंधन की लापरवाही भी उजागर हुई है। पक्षियों की मौत 18 मार्च से शुरू होने के बावजूद समय पर उच्च अधिकारियों को सूचना नहीं दी गई। यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो मौतों की संख्या कम हो सकती थी। आज आएगी राज्य स्तरीय टीम बीते छह दिनों के भीतर एक के बाद एक पांच हजार से अधिक मुर्गे और मुर्गियों की मौत के बाद विभाग में हड़कंप जैसी स्थिति है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य से एक टीम बिलासपुर आ रही है। टीम में पशु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के संचालक आइएएस चंद्रकांत वर्मा, उप संचालक स्टेट लैब डा एके तफ्शी, अपर संचालक डा केके ध्रुव के अलावा अन्य शामिल रहेंगे। उनके द्वारा पोल्टी फार्म का निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों के बयान भी दर्ज करेंगे। जांच के लिए सैंपल को भेजा जाएगा भोपाल सरकारी पोल्ट्री फार्म में इतनी बड़ी संख्या में मौत को बर्ड फ्लू से जोड़कर देखा जा रहा है। आमतौर पर सामूहिक मौतें बर्ड फ्लू से होती हैं। हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। मंगलवार को मृत पक्षियों के सैंपल को जांच के लिए मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित लैब भेजा जाएगा। वहां से रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी पुष्टि की जाएगी। पांच किलोमीटर का दायरा हुआ संवेदनशील पक्षियों की मौत के पीछे बर्ड फ्लू को बताया जा रहा है। ऐसे में पोल्ट्री फार्म के आसपास के पांच किलोमीटर का दायरा अति संवेदनशील हो गया है। बर्ड फ्लू की पुष्टि होने पर आसपास के सभी मुर्गे और मुर्गियों के साथ ही अन्य पालतू पक्षियों को नष्ट किया जाएगा। साथ ही पोल्ट्री फार्म के पक्षियों को भी दफनाया जाएगा। प्रबंधक की लापरवाही हुई उजागर इस पूरे मामले में पोल्ट्री फार्म के प्रबंधक डा संजय राज की लापरवाही सामने आई है। पक्षियों की मौत 18 मार्च से शुरू हुई थी। इसके बाद भी उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया और मामले को चुपचाप दबाए रखा। रविवार को मौत का आंकड़ा बढ़ा तो उन्होंने इसकी जानकारी संयुक्त संचालक डा जीएसएस तंवर को दी। अधिकारियों का कहना है कि अगर पहले इसकी जानकारी मिल जाती तो मौतों की संख्या कम हो सकती थी। पहले भी सामने आ चुका है मामला गौरतलब है कि फरवरी 2025 में रायगढ़ के चक्रधर नगर स्थित पोल्ट्री फार्म में एच5एन1 बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। उस दौरान हजारों मुर्गियों, चूजों और अंडों को नष्ट कर क्षेत्र को कंटेनमेंट और सर्विलांस जोन घोषित किया गया था।