samacharsecretary.com

छत्तीसगढ़ में गर्मी का कहर, अगले 3 दिन में पारा 2 से 4 डिग्री तक चढ़ेगा, राजनांदगांव सबसे गर्म

रायपुर  छत्तीसगढ़ में मौसम अब धीरे-धीरे गर्मी की ओर बढ़ता नजर आ रहा है. प्रदेश में फिलहाल मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया है. हालांकि मौसम विभाग के अनुसार आने वाले तीन दिनों में तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी का असर महसूस होने लगेगा. इसके बाद कुछ दिनों तक तापमान में विशेष बदलाव नहीं होगा और मौसम शुष्क ही बना रहेगा. अभी कैसा है प्रदेश का मौसम प्रदेश में वर्तमान में मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई है. अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा कम होने के कारण दिन में हल्की राहत महसूस हो रही है, लेकिन आने वाले दिनों में इसमें बदलाव होगा. तापमान में होगी बढ़ोतरी मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि होने की संभावना है. इसके बाद तापमान स्थिर रहेगा और किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं. कहां कितना तापमान दर्ज हुआ प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 37.5°C राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 13.0°C अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया. इससे साफ है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान में अंतर बना हुआ है. वर्षा और चेतावनी की स्थिति प्रदेश में कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई है और मौसम विभाग ने किसी प्रकार की चेतावनी भी जारी नहीं की है. आने वाले दिनों में भी मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है. रायपुर का मौसम अपडेट राजधानी रायपुर में 24 मार्च को आकाश मुख्यतः साफ रहने की संभावना है. यहां अधिकतम तापमान 36°C और न्यूनतम तापमान 21°C के आसपास रहने का अनुमान है, जिससे दिन में गर्मी और रात में हल्की ठंडक महसूस हो सकती है. कोंडागांव में देखने को मिला शिमला-मनाली जैसा नजारा इससे पहले शनिवार को कोंडागांव जिले में शिमला-मनाली जैसा नजारा दिखा। जिले में जमकर ओले गिरे। बड़ेराजपुर विकासखंड के टेवंसा, छोटेराजपुर, पाडोकी और बड़ेराजपुर गांवों के खेतों में बर्फ की मोटी चादर बिछ गई। ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है। वहीं, जशपुर जिले के दुलदुला में बिजली गिरने से मजदूर सनऊ राम (51) की मौत हो गई, जबकि 25 वर्षीय रेखा घायल हो गईं। दूसरी ओर रायगढ़ में बिलासपुर जलाशय का गेट टूटने से पानी NH और पास के खेतों में फैल गया।

मध्य प्रदेश में 2 दिन तेज गर्मी, 18-19 मार्च को बारिश, ग्रीन नेट से धूप से बचाव, सड़कों पर सन्नाटा

भोपाल  मध्यप्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक तरफ कई जिलों में गर्मी का असर बढ़ता जा रहा है, तो दूसरी ओर कुछ शहरों में तापमान में हल्की गिरावट भी दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश में अगले दो दिन तेज गर्मी महसूस होगी, जबकि 18 और 19 मार्च को कई इलाकों में बारिश की संभावना बन सकती है।  इससे पहले रविवार को ग्वालियर-चंबल में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) का असर देखा गया। यहां बादल छाए रहे। इससे तापमान में 1.7 डिग्री तक की गिरावट हुई। मौसम विभाग की माने तो यह सिस्टम अब कमजोर पड़ गया है। इस वजह से 16 और 17 मार्च को कहीं भी बारिश या बादल का अलर्ट नहीं है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया, 17 मार्च की रात से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। इसका एमपी में 18-19 मार्च को असर दिखाई देगा। पश्चिमी विक्षोभ का असर हुआ कमजोर रविवार को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिला था। कई जगह बादल छाए रहे, जिसके कारण तापमान में करीब 1.7 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सिस्टम अब कमजोर पड़ चुका है, इसलिए 16 और 17 मार्च को प्रदेश में कहीं भी बारिश या बादल का विशेष असर नहीं रहेगा। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक 17 मार्च की रात से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसका प्रभाव मध्यप्रदेश में 18 और 19 मार्च के दौरान बारिश के रूप में देखने को मिल सकता है। कुछ शहरों में राहत, कुछ जगह गर्मी बरकरार रविवार को ग्वालियर में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री, दतिया में 32.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 36 डिग्री, सिवनी में 35.6 डिग्री, मंडला में 37.2 डिग्री और बालाघाट में 35 डिग्री दर्ज किया गया। कई स्थानों पर शाम तक बादल छाए रहने से तापमान में थोड़ी कमी महसूस हुई। पिछले कुछ दिनों से तेज गर्मी झेल रहे नर्मदापुरम में भी तापमान घटकर 38.9 डिग्री पर आ गया, जिससे लोगों को आंशिक राहत मिली। वहीं प्रमुख शहरों में भोपाल में 36.4 डिग्री, इंदौर में 35.5 डिग्री, उज्जैन में 35.5 डिग्री और जबलपुर में 35.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। मार्च में ही बदला गर्मी का ट्रेंड आमतौर पर प्रदेश में तेज गर्मी मार्च के दूसरे पखवाड़े के बाद बढ़ती है, लेकिन इस बार शुरुआत से ही तापमान तेजी से ऊपर चढ़ने लगा है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार मार्च में ही गर्मी का ट्रेंड बदलता दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अप्रैल और मई में प्रदेश में गर्मी और ज्यादा बढ़ सकती है। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री के पार जाने की संभावना जताई गई है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी पड़ने का अनुमान है।   गर्मी से राहत…नर्मदापुरम में पारा लुढ़का, लू का असर नहीं मौसम विभाग के अनुसार, ग्वालियर में रविवार को अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री, दतिया में 32.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 36 डिग्री, सिवनी में 35.6 डिग्री, मंडला में 37.2 डिग्री, बालाघाट में 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने इन जिलों में मौसम में बदलाव होने की बात कही थी। शाम तक बारिश तो दर्ज नहीं की गई, लेकिन बादल जरूर छाए रहे। इस वजह से पारे में गिरावट दर्ज की गई। वहीं, पिछले 3 दिन से तीव्र लू के प्रभाव वाले नर्मदापुरम में पारा लुढ़ककर 38.9 डिग्री पर आ गया। 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 36.4 डिग्री, इंदौर में 35.5 डिग्री, ग्वालियर में 32.6 डिग्री, उज्जैन में 35.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 35.7 डिग्री दर्ज किया गया।

MP में सीजन की पहली लू का अलर्ट: रतलाम, नर्मदापुरम और धार में हीट वेव, 14-15 मार्च को बारिश की संभावना

भोपाल  र्मी के इस सीजन में पहली बार मध्य प्रदेश में  हीट वेव यानी लू का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने रतलाम, धार और नर्मदापुरम में हीट वेव चलने की बात कही है। शुक्रवार को भी इन्हीं जिलों में लू चलेगी। बुधवार को सीजन में पहली बार पारा 40 डिग्री पर पहुंचा। रतलाम सबसे गर्म रहा। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी गर्मी ने तेवर दिखाए। तेज गर्मी के बीच 14 और 15 मार्च को प्रदेश में बारिश, बादल और गरज-चमक वाला मौसम भी रह सकता है। मौसम विभाग ने वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से दो दिन तक अलर्ट जारी किया है। इससे पहले बुधवार को पूरे प्रदेश में तेज गर्मी पड़ी। 5 बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में पारा 38 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं, ग्वालियर-उज्जैन में 37.7 डिग्री, भोपाल में 36.4 डिग्री और जबलपुर में 36.5 डिग्री रहा। वहीं, रतलाम में पारा 40 डिग्री रहा। नर्मदापुरम में 39.9 डिग्री, धार में 39.4 डिग्री, टीकमगढ़ में 38.4 डिग्री, खजुराहो में 38.2 डिग्री, गुना में 38.1 डिग्री दर्ज किया गया। दमोह, मंडला, उमरिया, सागर, खरगोन, खंडवा और श्योपुर में तापमान 37 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया। इस मार्च में पहली बार अधिकतम तापमान रहा। दूसरे सप्ताह से गर्मी के तेवर तीखे प्रदेश में मार्च के दूसरे हफ्ते से ही गर्मी के तेवर तीखे हैं। सबसे गर्म ग्वालियर, चंबल, उज्जैन और इंदौर संभाग के शहर है। आने वाले दिनों में यही पर गर्मी का असर ज्यादा रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में हवा की दिशा उत्तर-पूर्व से अब पश्चिम और उत्तर-पश्चिम है। वहीं, हवा में नमी बहुत कम है। साथ ही रेगिस्तानी इलाकों से मप्र पहुंचती है। यह अपने साथ गर्मी भी लाती है। 2 दिन इन जिलों में बदलेगा मौसम     14 मार्च– ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, मुरैना, श्योपुर और भिंड।     15 मार्च– ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल। मार्च में सर्दी-जुकाम, एलर्जी का खतरा डॉक्टरों‎ की मानें तो मार्च का यही मौसम ‎सबसे ज्यादा बीमारियां फैलाता है। दरअसल, इस महीने दिन में तो गर्मी बढ़ जाती है, लेकिन रात और सुबह हल्की ठंड रहती है। कई बार लोग दिन की गर्मी से बचने के लिए हल्के कपड़े पहन लेते हैं। वहीं, कोल्ड्रिंक्स समेत शीतल पेय पदार्थों का भी सेवन करते हैं। इससे सर्दी-जुकाम एलर्जी‎ और अस्थमा के मरीज बढ़ते हैं। ‎सुबह और देर रात ठंडी हवा से ‎बचना जरूरी है। खासकर बच्चों और ‎बुजुर्गों को।‎ मार्च के दूसरे सप्ताह में पड़ती है गर्मी प्रदेश में मार्च के दूसरे पखवाड़े में तेज गर्मी का ट्रेंड है। पिछले 10 साल में 15 मार्च के बाद ही तेज गर्मी पड़ी है, लेकिन इस बार ट्रेंड बदल गया है। दूसरे पखवाड़े की बजाय शुरुआत में ही पारे में उछाल आया है।

गाजियाबाद में मार्च की शुरुआत से ही गर्मी का कहर, प्रदूषण और बिजली कटौती ने बढ़ाई परेशानी

गाजियाबाद मार्च का महीना अभी आधा भी नहीं बीता है, लेकिन शहर में मई जैसी गर्मी का एहसास होने लगा है। तेज धूप, बढ़ते प्रदूषण और लगातार हो रही बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। सोमवार को अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि रात का तापमान भी करीब 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गर्मी के बढ़ते असर के कारण अब तक बंद पड़े पंखे और एसी भी चलने लगे हैं। वहीं, प्रदूषण का स्तर भी चिंताजनक बना हुआ है। सोमवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 246 दर्ज किया गया जो खराब श्रेणी में आता है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है, हालांकि 15 मार्च के आसपास पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे मौसम में कुछ राहत मिल सकती है। गर्मी और प्रदूषण से बढ़ीं स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ती गर्मी और खराब हवा की गुणवत्ता का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ने लगा है। दोपहर के समय बाजारों में भीड़ कम दिखाई दे रही है। धूल और धुएं के कारण लोगों को आंखों में जलन और गले में खराश की शिकायत हो रही है। फील्ड में काम करने वाले लोगों को डिहाइड्रेशन और थकान जल्दी महसूस हो रही है। वहीं, मॉर्निंग वॉक करने वालों को भी सांस लेने में भारीपन महसूस हो रहा है। मौसम में बदलाव की उम्मीद मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो-तीन दिनों तक गर्मी का असर बना रहेगा। हालांकि 15 मार्च के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में ठंडी हवाएं चल सकती हैं। इससे तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है। खोड़ा में 17 घंटे बिजली गुल, लोग रहे परेशान गाजियाबाद के ट्रांस हिंडन क्षेत्र के खोड़ा इलाके में गंगाजल की समस्या के बाद अब बिजली संकट ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रविवार को करीब 17 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे लाखों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर बिजली विभाग के प्रति नाराजगी जताई। रविवार सुबह करीब 11 बजे बिजली आपूर्ति अचानक बंद हो गई, जिसके बाद देर रात तक स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। मामले में चीफ इंजीनियर पवन अग्रवाल ने कहा कि संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट ली जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि इतनी देर तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने की वजह क्या रही। कई इलाकों में बिजली ट्रिपिंग की समस्या गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर के कई इलाकों में बिजली ट्रिपिंग और कटौती की समस्या भी बढ़ने लगी है। सोमवार को मानसरोवर पार्क, राज कंपाउंड, शंकर विहार, शनि विहार और हरपाल एन्क्लेव में एलटी लाइन में फॉल्ट के कारण करीब तीन घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। इसके अलावा सेन विहार, शांति नगर, बहरामपुर, अकबरपुर और बुद्ध विहार में करीब चार घंटे तक बिजली नहीं आने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं प्रताप विहार, राहुल विहार, चिपियाना बुजुर्ग, नंदग्राम, केला भट्टा, इस्लामनगर, दौलतपुर, भाटिया मोड़, पंचवटी कॉलोनी और पंचकूला कॉलोनी में भी दिनभर बिजली का आना-जाना लगा रहा। अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार ने बताया कि जहां-जहां फॉल्ट की शिकायतें मिली हैं, वहां टीम भेजकर मरम्मत कराई जा रही है।