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आदि परब ‘परम्परा से पहचान तक’ का भव्य आयोजन 13 मार्च से

रायपुर नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में 13 और 14 मार्च को आदि परब 'परम्परा से पहचान तक' का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन आदिम जाति विभाग द्वारा किया जाएगा। आदिम जाति विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि जनजातीय समाज की रचनात्मकता, जीवन-दर्शन और सांस्कृतिक विरासत को मंच प्रदान करने के उद्देश्य  से राज्य सरकार द्वारा जनजातीय कला, संस्कृति एवं परम्पराओं को समर्पित आदि परब 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में आदि रंग के माध्यम से जनजातीय चित्रकारों की कलाकृतियों की प्रदर्शनी, आदि परिधान में जनजातीय वेशभूषा पर आधारित आकर्षक प्रस्तुतियां, आदि आख्यान के अंतर्गत जनजातीय विषयों पर सेमीनार तथा आदि हाट में जनजातीय शिल्पकारों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प एवं पारम्परिक उत्पादों को प्रस्तुत की जाएगी। वहीं जनजातीय संस्कृति एवं परम्पराओं पर विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमांे का आयोजन भी किया जावेगा।  

हिलाओं की आर्थिक मजबूती के लिए बढ़ेंगी योजनाएं, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का बड़ा बयान

रायपुर महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए महिला कोष की योजनाओं का विस्तार जरूरी : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ में रोजगार और स्वरोजगार की अपार संभावनाएं हैं और महिला कोष की योजनाएं महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक से अधिक जरूरतमंद महिलाओं तक इन योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि वे इसका लाभ लेकर आत्मनिर्भर बन सकें। मंत्री  राजवाड़े अटल नगर, नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में छत्तीसगढ़ महिला कोष के शासी बोर्ड एवं आमसभा की बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। बैठक में महिला कोष की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 में ऋण योजना के तहत 1500 महिला स्व-सहायता समूहों को 30 करोड़ रुपये तथा सक्षम योजना के तहत 1000 पात्र महिलाओं को 14 करोड़ रुपये के ऋण वितरण की साख योजना के कार्योत्तर अनुमोदन एवं उपलब्धियों की जानकारी दी गई। साथ ही सक्षम योजना, ऋण योजना और स्वावलंबन योजना के लक्ष्यों एवं उपलब्धियों पर भी चर्चा की गई। बैठक में यह जानकारी दी गई कि महिला स्व-सहायता समूहों को वर्तमान में द्वितीय बार अधिकतम 6 लाख रुपये तक ऋण दिए जाने का प्रावधान है। इसी प्रकार सक्षम योजना के अंतर्गत महिलाओं को अधिकतम 2 लाख रुपये तक का ऋण प्रदान किया जाता है। इन प्रावधानों में आवश्यकता अनुसार संशोधन किए जाने के संबंध में भी विचार-विमर्श किया गया। सितंबर 2025 की स्थिति में जिलों में कुल 8 लाख 2 हजार 843 रुपये की राशि ब्याज के रूप में जमा होने की जानकारी दी गई, जिसका उपयोग महिला कोष के सॉफ्टवेयर निर्माण के लिए किए जाने पर विचार किया गया। बैठक में कार्यरत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को भी पात्रता के आधार पर सक्षम योजना से लाभान्वित करने तथा योजना में महिलाओं की आयु सीमा 25 से 50 वर्ष करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक  शम्मी आबिदी ने बताया कि महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ महिला कोष का गठन किया गया है। इसके तहत महिलाओं को मात्र 3 प्रतिशत साधारण वार्षिक ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे स्वरोजगार और छोटे व्यवसाय प्रारंभ कर आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं। बैठक में महिला एवं बाल विकास, वाणिज्य एवं उद्योग, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास, समाज कल्याण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, ग्रामोद्योग, कृषि, नगरीय प्रशासन, वन तथा कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रतिनिधियों के साथ ही नेहरू युवा केन्द्र, नाबार्ड, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक, भारतीय स्टेट बैंक तथा यूनिसेफ के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

दिल की बीमारी से जूझ रही पीहू को मिला नया जीवन, ‘प्रोजेक्ट धड़कन’ से हुआ सफल इलाज ‘प्रोजेक्ट धड़कन’ से हुआ सफल इलाज

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन एवं जिला प्रशासन रायपुर की पहल प्रोजेक्ट धड़कन से संचालित स्वास्थ्य सेवाओं ने एक बार फिर एक बच्ची के जीवन में नई उम्मीद जगाई है। छठवीं कक्षा में पढ़ने वाली 11 वर्षीय पीहू कारके, जो हृदय संबंधी समस्या से जूझ रही थी, अब सफल उपचार के बाद पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी रही है। पीहू के हृदय में समस्या होने के कारण उसे खेल-कूद और अन्य शारीरिक गतिविधियों में कठिनाई होती थी। इसी बीच जिला प्रशासन द्वारा पुलिस विभाग के कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के लिए आयोजित ‘प्रोजेक्ट छांव’ के अंतर्गत स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया। इस शिविर में ‘प्रोजेक्ट धड़कन’ की विशेषज्ञ टीम ने पीहू के हृदय की जांच की। प्रारंभिक जांच के बाद पीहू को आगे के उपचार के लिए सत्य साईं हॉस्पिटल, नवा रायपुर भेजा गया। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा विस्तृत जांच के बाद एक सप्ताह के भीतर उसका सफल ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद पीहू को स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। आज पीहू पूरी तरह स्वस्थ है और पहले की तरह पढ़ाई-लिखाई में मन लगा रही है। साथ ही वह अपनी बहनों और दादी के साथ कैरम जैसे खेल भी आनंदपूर्वक खेल रही है। पीहू की माता मती इंद्राणी कारके ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और जिला प्रशासन रायपुर के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ‘प्रोजेक्ट धड़कन’ की मदद से उनकी बेटी का समय पर इलाज संभव हो सका और अब वह स्वस्थ जीवन जी पा रही है। यह पहल न केवल जरूरतमंद बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध करा रही है, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी नई उम्मीद और विश्वास का संचार कर रही है।

फुले-नकुल-अम्बेडकर जयंती मेला महोत्सव के लिए मुख्यमंत्री को मिला आमंत्रण

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय कक्ष में सर्व अनुसूचित जाति-जनजाति एवं अन्य पिछड़ा समाज छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री  साय को 14 अप्रैल को महासमुंद जिले के बसना में आयोजित होने वाले फुले-नकुल-अम्बेडकर जयंती मेला महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री  साय ने आमंत्रण के लिए प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि महापुरुषों की जयंती के अवसर पर आयोजित ऐसे आयोजन समाज में जागरूकता और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देते हैं। इस अवसर पर बसना विधायक  सम्पत अग्रवाल भी उपस्थित थे।

संयुक्त टीम की बड़ी कार्रवाई: 10 हजार रुपये से अधिक की देशी मदिरा जब्त

बलौदाबाजार संयुक्त टीम ने 10 हजार रुपए से अधिक की देशी मदिरा किया जब्तआबकारी विभाग एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा दो प्रकरणों में 10900 रुपए मूल्य के 19.62 बल्क लीटर देशी मदिरा जब्त किया गया। प्राप्त जानकारी के. अनुसार ग्राम सुंदरी (स) में आरोपी चेतन पिता राजकुमार मनहरे उम्र 25 वर्ष सा. सुंदरी के कब्जे से देशी मदिरा के 84 पाव कुल 15.12 बल्क लीटर जब्त की गई। देशी मदिरा का बाजार मूल्य 8,400/- रूपये होना पाया गया। इसी प्रकार आरोपी सतवंतीन बाई पति जोहार लाल मनहरे उम्र 54 वर्ष सा. सुंदरी (स) के कब्जे से 25 पाव देशी मदिरा मसाला कुल 4.5 बल्क लीटर जब्त की गई। देशी मदिरा का बाजार मूल्य 2,500 रूपये होना पाया गया। कुल दोनो प्रकरणों की जप्ती 19.62 बल्क लीटर है एवं बाजार मूल्य 10,900/- रूपये है। आरोपी चेतन पिता राजकुमार मनहरे उम्र 25 वर्ष सा. सुंदरी के विरूद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34 (2) 59 (क) एवं आरोपिया सतवंतीन बाई पति जोहार लाल मनहरे उम्र 54 वर्ष सा. सुंदरी (स) के विरूद्ध 34 (1) ख का प्रकरण कायम कर विवेचना में लिया गया।  कार्यवाही में सहायक जिला आबकारी अधिकारी जलेश कुमार सिंह, आबकारी उपनिरीक्षक दिनेश कुमार साहू, पी. माधव राव, पुलिस बल में विष्णु खटकर, भानु एवं नगर सैनिक कमल वर्मा, दुर्गेश्वरी कुर्रे, राजकुमारी पैकरा शामिल रहे।

जिला सूरजपुर न्यायालय में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का भव्य आयोजन – नारी शक्ति का हुआ सम्मान नारी शक्ति का हुआ सम्मान

सूरजपुर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिला न्यायालय सूरजपुर में नारी शक्ति के सम्मान में एक भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन उन महिलाओं को समर्पित रहा जिन्होंने न्याय और समाज की बेहतरी में अपना अमूल्य योगदान दिया है। कार्यक्रम की मुख्य झलकियाँ:- अध्यक्षता: कार्यक्रम का सफल संचालन  प्रज्ञा पचौरी एवं  विनीता वार्नर के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। प्रमुख उपस्थिति: कार्यक्रम में  पायल टोपनो,  रूचि मिश्रा एवं कुमारी हिमांशी सराफ सहित बड़ी संख्या में महिला अधिवक्तागण, न्यायालयीन कर्मचारी और पैरा लीगल वॉलेंटियर्स उपस्थित रहे। प्रेरक संबोधन:- न्यायाधीशों ने अपने संबोधन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश और समाज को सही दिशा दिखाने में नारी शक्ति की भूमिका सदैव अग्रणी रही है। हमें उन सभी वीरांगनाओं और व्यक्तित्वों को याद रखना चाहिए जिन्होंने महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की राह प्रशस्त की। उन्होंने उपस्थित महिलाओं का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें न्याय के क्षेत्र में और अधिक सशक्त होने के लिए प्रेरित किया। सम्मान समारोह:-                  इस अवसर पर एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें महिला न्यायाधीशों, वरिष्ठ महिला अधिवक्ताओं एवं वरिष्ठ पैरा लीगल वॉलेंटियर्स को न्यायाधीशों के कर-कमलों द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके समर्पण और समाज के प्रति अटूट सेवा भाव का प्रतीक है।

छत्तीसगढ़ में पांच वर्षों में लापता 400 से अधिक बच्चों का कोई सुराग नहीं

रायपुर. छत्तीसगढ़ में बच्चों के लापता होने के मामले चिंता का विषय बने हुए हैं। पांच वर्षों के दौरान प्रदेश से 400 से अधिक बच्चों का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की मिसिंग चिल्ड्रन रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया है कि बच्चों के गायब होने के मामलों में छत्तीसगढ़ देश में छठवें स्थान पर है। चिंताजनक बात यह है कि पांच वर्ष से प्रदेश लगातार देश के टाप-10 राज्यों की सूची में बना हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार इस सूची में पश्चिम बंगाल पहले और मध्य प्रदेश दूसरे स्थान पर है। इन जिलों में दर्ज की गई ज्यादा घटनाएं वहीं छत्तीसगढ़ में कुछ जिले ऐसे हैं जहां से बच्चों के गायब होने की घटनाएं अपेक्षाकृत अधिक दर्ज की गई हैं। प्रदेश में जांजगीर-चांपा जिला बच्चों के लापता होने के मामलों में सबसे आगे है। इसके बाद रायपुर, बिलासपुर, सक्ती, दुर्ग और बलौदाबाजार जिले का नाम सामने आया है। इन जिलों में पुलिस और प्रशासन बच्चों की तलाश के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं। 669 बच्चों को खोजकर परिवारों तक पहुंचाया ऑपरेशन मुस्कान के तहत अब तक प्रदेशभर से 559 बच्चों को परिवारों तक पहुंचाया जा चुका है। इनमें सबसे ज्यादा जांजगीर-चांपा जिले के बच्चे शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार रायपुर और बिलासपुर जैसे बड़े शहरों में औद्योगिक गतिविधियां और शहरीकरण बढ़ रहा है। यहां बड़ी संख्या में प्रवासी परिवार आते-जाते रहते हैं। कई बार उनके बच्चे भटक जाते हैं और दूसरे शहरों तक पहुंच जाते हैं। हालांकि बच्चों के गायब होने के पीछे एक बड़ा कारण मानव तस्करी भी माना जा रहा है। क्या कहना है पुलिस का? पुलिस का कहना है कि कुछ संगठित गिरोह बच्चों को बड़े शहरों में ज्यादा पैसों का लालच देकर या अन्य प्रलोभन देकर अपने साथ ले जाते हैं। बाद में उन्हें दूसरे शहरों में मजदूरी या छोटे-मोटे कामों में लगा दिया जाता है।

छत्तीसगढ़ में तीन सालों में हुई 9 बाघ और 38 हाथियों की मौत

रायपुर. छत्तीसगढ़ में बीते तीन सालों में 9 बाघ और 38 हाथियों की मृत्यु हुई है. इनके अलावा 562 वन्यजीवों की अस्वाभाविक मृत्यु हुई है. यह जानकारी वन मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस विधायक शेषराज हरवंश द्वारा बाघ और अन्य जानवरों की मौत की मांगी गई जानकारी पर दी. छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के दौरान सातवें दिन की कार्यवाही के दौरान वन मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस विधायक शेषराज हरवंश द्वारा मांगी गई जानकारी पर प्रदेश में बाघ, हाथी और अन्य वन्य जीवों की मौत को लेकर पूछे गए सवाल के यह जानकारी दी. मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि बीते तीन सालों में छत्तीसगढ़ में 38 हाथियों की मौत हुई है. वर्ष 2023 में बलरामपुर में एक और धरमजयगढ़ में एक-एक हाथी की मौत हुई. वर्ष 2024 में 18 हाथी की मौत हुई, इनमें से रायगढ़ में चार, कोरबा में एक, बलरामपुर में तीन और उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में एक, सूरजपुर में तीन, धमतरी में एक, बिलासपुर में एक, धरमजयगढ़ में तीन, सरगुजा एलीफेंट रिजर्व में एक हाथी की मौत हुई है. वर्ष 2025 में 16 हाथियों की मौत हुई, इनमें से रायगढ़ वन मंडल में 7, धरमजयगढ़ में 4, कोरबा में 2, बलरामपुर में एक, सूरजपुर में एक, कटघोरा में एक हाथी की मौत हुई है. वहीं वर्ष 2026 में अब तक दो हाथियों की मौत हुई है, इनमें से एक उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में एक और रायगढ़ वन मंडल में एक हाथी की मौत हुई है. बीते दो सालों में छत्तीसगढ़ में 9 बाघों की मौत हुई है, इनमें से वर्ष 2024 में सारंगढ़-बिलाईगढ़ वन मंडल और कोरिया में एक-एक बाघ, वर्ष 2025 में अचानकमार टाइगर रिजर्व में एक, नंदनवन वन सफारी में दो, अचानकमार-अमरकंटक बायोस्फियर रिजर्व में दो, सूरजपुर में एक बाघ मिलाकर कुल 6 बाघों की मौत हुई थी. वर्ष 2026 में अचानकमार टाइगर रिजर्व में एक बाघ की मौत हुई है.

नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले आरोपी को 20 साल की सजा

बलौदा बाजार. भाटापारा ग्रामीण थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर भगाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश भाटापारा सतीश कुमार जायसवाल की अदालत ने आरोपी किशोर वर्मा उर्फ दरुहा को 20 वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है। विशेष लोक अभियोजक संजय बाजपेयी ने बताया कि मामला थाना भाटापारा ग्रामीण का है, जहां पीड़िता के भाई ने दिनांक 02.04.2024 को थाने में उपस्थित होकर इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी नाबालिग बहन दिनांक 01.04.2024 को दोपहर 3:30 बजे घर से बिना बताए कहीं चली गई है। आसपास एवं रिश्तेदारों में पता करने पर भी उसका कोई पता नहीं चला। उसकी नाबालिग बहन को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर भगा ले जाने की आशंका जताई गई। उक्त रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना के दौरान दिनांक 12.09.2024 को पीड़िता एवं आरोपी को परिजनों द्वारा थाने लाकर पेश किया गया। पीड़िता से पूछताछ करने पर उसने बताया कि आरोपी किशोर वर्मा, निवासी ग्राम इटई, थाना नांदघाट, जिला बेमेतरा, उससे प्यार करता था और शादी करने का झांसा देकर बहला-फुसलाकर उसे अपने साथ इंदौर ले गया। वहाँ उसने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, जिससे वह गर्भवती हो गई। कुछ समय बाद उसका गर्भपात हो गया। आरोपी उसे इंदौर से भोपाल अपने दीदी-जीजा के यहां ले गया, जहां से उसने अपने माता-पिता को फोन कर इसकी जानकारी दी। पीड़िता ने यह भी बताया कि आरोपी उससे मारपीट भी करता था। बाद में उसके पिता और भाई उसे भोपाल से भाटापारा लेकर आए। विवेचना के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर गवाहों के कथन लेखबद्ध किए गए तथा मुलाहिजा, जब्ती आदि की कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय में आरोपी के विरुद्ध चालान पेश किया गया। विशेष लोक अभियोजक संजय बाजपेयी ने न्यायालय के समक्ष सभी गवाहों के कथन प्रस्तुत कर अंतिम बहस में ऐसे गंभीर अपराध के लिए आरोपी को कठोर दंड देने की मांग की। विशेष न्यायाधीश सतीश कुमार जायसवाल ने प्रकरण की गंभीरता एवं साक्ष्यों के परिशीलन के बाद आरोपी द्वारा किया गया अपराध सिद्ध पाया। अपराध की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने आरोपी को भा.दं.सं. की धारा 363 के तहत 3 वर्ष का कठोर कारावास एवं ₹100 के अर्थदंड, धारा 366 के तहत 5 वर्ष का कठोर कारावास एवं ₹500 के अर्थदंड तथा पॉक्सो एक्ट की धारा के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं ₹500 के अर्थदंड से दंडित किया है। सभी सजाएं साथ-साथ भुगताए जाने का आदेश दिया गया है। शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक संजय बाजपेयी ने की, जबकि प्रकरण की विवेचना सहायक उपनिरीक्षक पुष्पा राठौर द्वारा की गई।

महिला दिवस पर पत्रकार कमरून निशा को कोरिया पुलिस का सम्मान, महिला सशक्तिकरण में योगदान की सराहना

बैकुण्ठपुर, कोरिया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कोरिया पुलिस ने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए पत्रकार कमरून निशा को सम्मानित किया है। यह सम्मान समारोह जिला कोरिया बैकुंठपुर के मानस भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदान किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कोरिया पुलिस द्वारा किया गया था, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में जिला न्यायाधीश, पुलिस अधीक्षक रवि कुर्रे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेशा चौबे उपस्थित थे। पत्रकार कमरून निशा को उनकी साहसिक पत्रकारिता और महिलाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने, उनके अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करने तथा समाज में महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता फैलाने के उनके अथक प्रयासों के लिए यह विशेष सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर कोरिया पुलिस द्वारा क्षेत्र के समस्त अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राएं, समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्ति और विशेष रूप से 'किन्नर दीदियों' को भी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में सम्मानित किया गया।