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10 साल बाद रायपुर को मिल सकता है IPL का तोहफा: RCB के मैचों के साथ स्टेडियम में होंगे बड़े बदलाव

रायपुर करीब एक दशक बाद राजधानी रायपुर में एक बार फिर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का रोमांच देखने को मिलेगा। नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में इस बार रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के दो मुकाबले आयोजित करने की तैयारी चल रही है। फ्रेंचाइजी ने इस स्टेडियम को अपना होम ग्राउंड बनाया है, जिससे रायपुर के क्रिकेट प्रेमियों को लंबे समय बाद आईपीएल का लाइव रोमांच देखने का मौका मिल सकता है। चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस से हो सकते हैं मुकाबले जानकारी के अनुसार, इन मुकाबलों को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु अपने मैच चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस के खिलाफ आयोजित कराने की तैयारी में है। यदि ऐसा होता है तो दर्शकों को एक ही मैदान पर विराट कोहली, एमएस धोनी और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को खेलने का मौका मिल सकता है। वीआईपी गैलरी और स्क्रीन में होंगे बदलाव इन संभावित मुकाबलों को देखते हुए स्टेडियम में सुविधाओं को बेहतर बनाने की कवायद भी शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि वीआईपी गैलरी को पहले से अधिक आधुनिक बनाया जाएगा। वहीं दर्शकों के अनुभव को बेहतर करने के लिए स्टेडियम में लगी बड़ी स्क्रीन में भी बदलाव किए जाने की योजना है। गोल्ड और सिल्वर सीटों को बनाया जाएगा लग्जरी इसके अलावा गोल्ड और सिल्वर श्रेणी की सीटों को भी अधिक लग्जरी बनाने का प्रस्ताव है, ताकि दर्शकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। स्टेडियम की अपर गैलरी में लगी दोनों स्क्रीन को हटाने की भी योजना है। इन स्क्रीन के हटने से करीब 1500 अतिरिक्त सीटों की व्यवस्था हो सकेगी। नई जगह पर बड़ी स्क्रीन लगाई जाएंगी, जिनसे दर्शकों को मैच के रोमांचक पलों को स्लो मोशन में देखने की सुविधा मिलेगी। प्लेटिनम बॉक्स में भी किया जाएगा बदलाव रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के विशेषज्ञों ने स्टेडियम के प्लेटिनम बॉक्स में लगे ग्लास बदलने की भी सिफारिश की है। लगभग 700 दर्शक क्षमता वाले इस बॉक्स को आमतौर पर वीवीआईपी मेहमानों के लिए आरक्षित रखा जाता है, इसलिए इसमें अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। टीमों की प्रैक्टिस के लिए बनेगी अलग पिच छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, टीमों की प्रैक्टिस के लिए स्टेडियम के बाहर अलग से एक पिच भी तैयार की जाएगी। साथ ही फ्रेंचाइजी का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही रायपुर का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा ले सकता है। करीब 50 हजार से अधिक दर्शक क्षमता वाले इस स्टेडियम में मैचों के आयोजन को लेकर फ्रेंचाइजी ने यहां की सुविधाओं और रायपुर के स्टार होटल्स का भी सर्वे किया है। यदि सभी तैयारियां समय पर पूरी हो जाती हैं तो रायपुर के क्रिकेट प्रेमियों को लंबे इंतजार के बाद आईपीएल के हाई वोल्टेज मुकाबले देखने का मौका मिल सकता है।

बिहान योजना के स्वयं सहायता समूह से मिला सहारा, महतारी वंदन योजना से बढ़ा आत्मविश्वास

रायपुर सरकारी योजनाओं ने बदली शशि केशरवानी की तकदीर, छोटे व्यवसाय से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम चनवारीडांड की निवासी शशि केशरवानी आज उन महिलाओं में शामिल हैं, जिन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने जीवन को नई दिशा दी है। कभी छोटे स्तर पर व्यवसाय करने वाली शशि आज आत्मनिर्भरता की राह पर मजबूती से आगे बढ़ रही हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं। शशि केशरवानी बिहान योजना के अंतर्गत संचालित स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं। प्रारंभिक दिनों में उनका व्यवसाय बहुत छोटे स्तर पर चलता था, जिससे परिवार की जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो जाता था। व्यवसाय को आगे बढ़ाने की इच्छा तो थी, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी एक बड़ी बाधा बनी हुई थी। समूह से मिला आर्थिक सहयोग, बढ़ा व्यवसाय      स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद शशि केसरवानी को अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने का अवसर मिला। उन्होंने समूह से समय-समय पर ऋण लेकर अपने छोटे व्यवसाय को विस्तार देना शुरू किया। शुरुआत में लिया गया छोटा लोन उनके लिए एक नई शुरुआत साबित हुआ। धीरे-धीरे उन्होंने अपने व्यवसाय को बढ़ाते हुए कई बार समूह से ऋण लिया। अब तक वे लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये तक का ऋण प्राप्त कर चुकी हैं। इस राशि का उपयोग उन्होंने अपने व्यवसाय को मजबूत करने, सामग्री खरीदने और काम का दायरा बढ़ाने में किया। निरंतर मेहनत और सही दिशा में निवेश के कारण उनका व्यवसाय धीरे-धीरे स्थिर और मजबूत होता गया। महतारी वंदन योजना बनी सहारा      शशि केसरवानी को महतारी वंदन योजना के तहत प्रति माह मिलने वाली आर्थिक सहायता भी काफी सहायक सिद्ध हो रही है। इस योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के साथ-साथ घर की छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करने में करती हैं। इस अतिरिक्त सहयोग से उनके भीतर आत्मविश्वास बढ़ा और आर्थिक रूप से भी उन्हें मजबूती मिली। आज उनका व्यवसाय पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और बेहतर स्थिति में पहुंच चुका है। अब हर महीने हो रही 7-8 हजार रुपये की आय      लगातार मेहनत, समूह का सहयोग और सरकारी योजनाओं के लाभ से आज शशि केसरवानी की मासिक आय लगभग 7 से 8 हजार रुपये तक पहुंच गई है। अपने व्यवसाय के माध्यम से वे न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बना रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता की मिसाल भी पेश कर रही हैं। सरकारी योजनाओं से बदली जिंदगी      शशि केशरवानी का कहना है कि यदि उन्हें स्वयं सहायता समूह और सरकारी योजनाओं का सहयोग नहीं मिलता, तो शायद वे अपने व्यवसाय को इस स्तर तक नहीं पहुंच पातीं। इन योजनाओं ने उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया। वे इस सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करती हैं। आज शशि केसरवानी की कहानी यह बताती है कि यदि इच्छाशक्ति, मेहनत और सही मार्गदर्शन मिल जाए, तो सरकारी योजनाएं वास्तव में आम लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।

सब्जी उत्पादन से आरती की सालाना आय पहुँची 1.13 लाख

रायपुर सब्जी उत्पादन से आरती की सालाना आय पहुँची 1.13 लाख मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के जनपद पंचायत भरतपुर के विकासखंड भरतपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत कुवांरी की निवासी  आरती सिंह ने अपने परिश्रम और दृढ़ संकल्प से आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। सीमित संसाधनों और साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद उन्होंने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया और आज वे गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। स्वयं सहायता समूह से मिला आगे बढ़ने का अवसर आरती सिंह मां महामाया स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक रूप से आगे बढ़ने का अवसर मिला। उन्होंने समूह के माध्यम से 60 हजार रुपये का ऋण प्राप्त किया और इस राशि का उपयोग सब्जी उत्पादन शुरू करने में किया। शुरुआत में छोटे स्तर पर शुरू किया गया यह प्रयास आज एक सफल आजीविका में बदल चुका है। विभिन्न सब्जियों की खेती से बढ़ी आय     आरती अपने खेत में गोभी, टमाटर, आलू, प्याज, बैंगन, लहसुन और मटर जैसी विभिन्न सब्जियों का उत्पादन करती हैं। इसके साथ ही वे गेहूं की खेती भी करती हैं। मौसम के अनुसार फसल परिवर्तन और मेहनत के कारण उनकी सब्जियों की गुणवत्ता बेहतर रहती है, जिससे गांव के साथ-साथ आसपास के बाजारों में भी उनकी सब्जियों की अच्छी मांग बनी रहती है। आय में हुआ उल्लेखनीय इजाफा लगातार परिश्रम और खेती की बेहतर योजना के कारण आज सब्जी उत्पादन और कृषि से उनकी वार्षिक आय लगभग 1 लाख 13 हजार 10 रुपये तक पहुंच गई है। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और उनके जीवन में आत्मविश्वास व सम्मान भी बढ़ा है। अब वे अपने परिवार की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा करने के साथ-साथ बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए भी प्रयासरत हैं। अन्य महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा    आरती की यह सफलता कहानी केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि पूरे गांव की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उनकी सफलता को देखकर कई महिलाएं भी स्वयं सहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हो रही हैं। इससे गांव में महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को नई दिशा मिल रही है।

बिहान से बदली ममता की जिंदगी सब्जी की खेती से ममता बनी आत्मनिर्भर

रायपुर महिलाओं को अवसर और सहयोग मिले तो ग्रामीण महिलाएं भी अपने परिश्रम से आर्थिक रूप से सशक्त बन सकती हैं और समाज में एक नई पहचान बना सकती हैं। सूरजपुर जिले के ग्राम पंचायत सिलफिली की निवासी ममता विश्वास आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं। कभी सीमित संसाधनों और आर्थिक कठिनाइयों से जूझने वाली ममता ने अपनी मेहनत, लगन और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान‘ से मिली सहायता के बल पर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। ममता विश्वास एकता महिला स्वंय सहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने बचत और स्वावलंबन के महत्व को समझा तथा अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का संकल्प लिया। बिहान योजना के अंतर्गत बैंक लिंकेज के माध्यम से उन्हें 30,000 रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस राशि का उपयोग करते हुए ममता ने अपने खेत में सब्जी की खेती शुरू की। आज ममता विश्वास सब्जी उत्पादन और बिक्री से प्रतिवर्ष लगभग 3 लाख से 3 लाख 50 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। इससे न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि वे अपने बच्चों की शिक्षा और घर की जरूरतों को भी आसानी से पूरा कर पा रही हैं। ममता का कहना है कि ‘बिहान योजना और समूह से मिली सहायता ने उनके जीवन में नया आत्मविश्वास पैदा किया है। अगर महिलाएं समूह से जुड़कर मेहनत करें तो वे भी आत्मनिर्भर बन सकती हैं।‘ आज ममता विश्वास की सफलता से प्रेरित होकर गांव की अन्य महिलाएं भी स्वयं सहायता समूह से जुड़कर स्व-रोजगार की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।

सड़क सुरक्षा प्रबंधन पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

रायपुर सड़क सुरक्षा प्रबंधन पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर को सुगम एवं सुरक्षित बनाने के लिए आज 'सड़क सुरक्षा प्रबंधन' विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला को संबोधित करते हुए एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी  प्रदीप कुमार लाल ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए रोड इंजीनियरिंग में सुधार, नियमों का कड़ाई से पालन और जन-जागरूकता का समन्वय अनिवार्य है। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करने पर जोर दिया।  कार्यशाला के तकनीकी सत्र में सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ  विक्रम तुशिर ने जंक्शन सुधार, ब्लैक-स्पॉट की पहचान, ट्रैफिक साइन, रोड मार्किंग और सेफ्टी ऑडिट जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि केवल बेहतर इंजीनियरिंग और सही साइनेज  के माध्यम से ही सड़क दुर्घटनाओं को 80 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। ब्लैक-स्पॉट्स की वैज्ञानिक तरीके से पहचान करना और वहां समयबद्ध सुधारात्मक उपाय लागू करना सबसे प्रभावी रणनीति है। उन्होंने बताया कि सड़क डिजाइन में छोटे-छोटे तकनीकी सुधार भी बड़े हादसों को रोकने में सक्षम हैं, जिससे राजमार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को नया आयाम दिया जा सकता है। कार्यशाला में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के ईई  रणबीर यादव विशेष रूप से उपस्थित थे। एनएचएआई की विभिन्न परियोजना कार्यान्वयन इकाईयों के परियोजना निदेशक सर्व डीडी पार्लावर (कोरबा), मुकेश कुमार (बिलासपुर), शमशेर सिंह (अभनपुर) और दिग्विजय सिंह (रायपुर) सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी भी कार्यशाला में मौजूद थे।  

नारी शक्ति से औद्योगिक प्रगतिः पूनम जायसवाल ने 20 महिलाओं को दिया रोजगार, बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

रायपुर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आज उन महिला उद्यमियों की सफलता की कहानियां सामने आ रही हैं, जिन्होंने शून्य से शिखर तक का सफर तय किया है। अम्बिकापुर की  पूनम जायसवाल ऐसी ही एक प्रेरणापुंज हैं, जिन्होंने न केवल अपनी पारिवारिक स्थिति को सुदृढ़ किया, बल्कि आज 20 से अधिक महिलाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्रदान कर ’नारी सशक्तिकरण’ के संकल्प को धरातल पर उतारा है। संघर्ष से सफलता तकः निजी संसाधनों से रखी नींव  पूनम जायसवाल ने बताया कि उनके उद्यमिता के सफर की शुरुआत वर्ष 2000 में एक छोटे से किराये के भवन और सीमित निजी संसाधनों से हुई थी। आर्थिक चुनौतियां बड़ी थीं, लेकिन हौसला कम नहीं हुआ। वर्ष 2013-14 में छत्तीसगढ़ शासन की नीतियों के फलस्वरूप उन्हें 99 वर्ष की लीज पर औद्योगिक भूमि प्राप्त हुई। बैंक से ऋण लेकर उन्होंने अपने कार्य को गति दी और आज उनका यह लघु उद्योग एक सफल इकाई के रूप में स्थापित हो चुका है। 20 से अधिक महिलाओं को मिला रोजगार  पूनम का उद्देश्य केवल स्वयं का विकास नहीं, बल्कि समाज की जरूरतमंद महिलाओं को साथ लेकर चलना रहा है। उन्होंने बताया कि, मेरे उद्योग में आज 20-22 बहनें कार्य कर रही हैं, जिससे वे अपने परिवार का भरण-पोषण सुचारू रूप से कर पा रही हैं।“ अब उनका लक्ष्य अपने इस उद्यम को ’प्राइवेट लिमिटेड’ कंपनी के रूप में विकसित करना है, ताकि अधिक से अधिक महिला उद्यमियों को जोड़ा जा सके। अपनी सफलता का श्रेय छत्तीसगढ़ शासन और जिला उद्योग केंद्र को देते हुए  जायसवाल ने कहा कि शासन द्वारा प्रदान की गई भूमि और समय-समय पर मिले मार्गदर्शन ने उनके मार्ग को प्रशस्त किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार की ’नई उद्योग नीति’ की सराहना करते हुए कहा कि लागत पूँजी पर मिलने वाले प्रोत्साहन और सब्सिडी के कारण महिलाओं के लिए उद्यमिता के द्वार खुले हैं। आधी आबादी की शक्ति से बढ़ेगा देश प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि, “देश की 50 प्रतिशत जनसंख्या महिलाओं की है। जब महिलाएँ आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी बनेंगी, तभी देश आगे बढ़ेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री जी के ’विकसित भारत’ के विजन और छत्तीसगढ़ शासन के ’रोजगार प्रोत्साहन’ कार्यक्रमों को महिला सशक्तिकरण का मुख्य आधार बताया।  पूनम अन्य महिलाओं से अपील की कि वे शासन की योजनाओं, सब्सिडी और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक बनें और रोजगार के अवसरों का लाभ उठाकर स्वयं उद्यमी बनें।  

ग्राम समोदा में हटाया गया अवैध कब्जा

रायपुर ग्राम समोदा में हटाया गया अवैध कब्जा दुर्ग जिले के जनपद पंचायत दुर्ग के अतंर्गत ग्राम समोदा में जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की गई है। जेसीबी चला कर शासकीय भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराई गई है।    कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त तहसीलदारमती क्षमा यदु द्वारा राजस्व अमले और पुलिस विभाग के सहयोग से ग्राम समोदा राजस्व निरीक्षक मंडल जेवरा सिरसा तहसील व जिला दुर्ग के अतंर्गत शासकीय घास भूमि खसरा नम्बर 778 रकबा 0.13 हेक्टेयर भूमि पर किये गये अवैध पक्का दुकान निर्माण, टीन सेड लगाकर दुकान निर्माण को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है। इसी प्रकार सीमेंट पोल लगाकर किया गया तार घेरा को हटाने की कार्रवाई कर अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है। ग्राम के ही ब्रजेश ताम्रकार पिता गिरजाशंकर ताम्रकार द्वारा उक्त शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर निर्माण कार्य किया गया था। अतिक्रमण हटाने के दौरान राजस्व निरीक्षक रेखा शुक्ला, पटवारी चन्द्रिका प्रसाद खरें, शत्रुहन मिश्रा, अनिता साहू, संदीप देशमुख और पुलिस विभाग के अधिकारी तथा पंचायत जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय ग्रामीणजन मौजूद थे। 

9556 श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के तहत 10 करोड़ 42 लाख रुपये से अधिक की सहायता

रायपुर श्रमिक सम्मेलन का हुआ आयोजन, विभिन्न योजनाओं के माध्यम से श्रमिक परिवारों को मिल रही आर्थिक सहायता -स्कूल शिक्षा मंत्री  यादव स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव के मुख्य आतिथ्य में श्रम विभाग द्वारा श्रमिक सम्मेलन का आयोजन आज महात्मा गांधी कला मंदिर सिविक सेंटर भिलाई में किया गया। सम्मेलन के दौरान छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत लाभान्वित श्रमिकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 9 हजार 556 श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के तहत लगभग 10 करोड़ 42 लाख 7 हजार 343 रूपए की राशि अंतरित की गई। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री  यादव ने छ.ग. भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत संचालित योजनाओं के हितग्राहियों को प्रतीकात्मक चेक प्रदान किए। इनमें मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना और मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना शामिल हैं। श्रमिक सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा लगातार योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मजदूरों द्वारा विभिन्न प्रकार के काम करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। ऐसे में यदि किसी श्रमिक के साथ कोई दुर्घटना हो जाती थी तो उसके परिवार को जीवन भर आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ती थी। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल का गठन किया गया। मंडल के माध्यम से प्रदेश के मजदूर भाई-बहनों का श्रम विभाग में पंजीयन शुरू किया गया और श्रमिक कार्ड बनाए गए, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। साथ ही महिला श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई मशीन उपलब्ध कराई गई, जिससे वे घर बैठे काम कर सकें। राज्य में गरीबों के लिए दो रुपये किलो चावल की योजना भी शुरू की गई थी। पहले यह सुविधा केवल गरीबी रेखा के अंतर्गत आने वाले परिवारों को मिलती थी, लेकिन बाद में श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिक कार्ड धारकों को भी इसका लाभ मिलने लगा। इस तरह श्रमिकों को राशन कार्ड और श्रम कार्ड के माध्यम से खाद्य सुरक्षा भी सुनिश्चित की गई। वर्तमान में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में दिया जा रहा है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से श्रमिक परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। मंत्री  यादव ने श्रमिकों से अपील की है कि वे श्रम विभाग में पंजीयन कराकर इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। इस अवसर पर अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल ने भी मंडल द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष  सरस्वती बंजारे ने भी संक्षिप्त उद्बोधन दिया। इस अवसर पर तेलघानी बोर्ड अध्यक्ष  जितेन्द्र साहू,  भोजराम सिन्हा,  तुलसी साहू,  ललेश्वरी साहू, पार्षद  मनीष कोठारी, पार्षद  गुलराम साहू, अध्यक्ष महिला मोर्चा  स्वीटी कौशिक, अध्यक्ष जनपद पंचायत पाटन  कीर्ति नायक, श्रम अधिकारी  विकास सरोडे, श्रम निरीक्षक  बसंत वर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित थे।

महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं की आत्मनिर्भरता का आधार, लाभान्वित महिलाओं ने मुख्यमंत्री श्री साय को कहा धन्यवाद

रायपुर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च को बस्तर में आयोजित वृहद महतारी वंदन कार्यक्रम के दौरान  अनीता साहू और  मिथलेश चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से वर्चुअल संवाद कर महतारी वंदन योजना से अपने जीवन में आए बदलाव के बारे में बताया और इसके लिए उनका आभार व्यक्त किया। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के गौरेला विकासखण्ड के ग्राम खोडरी की  अनीता साहू ने बताया कि महतारी वंदन योजना से प्रतिमाह मिलने वाली राशि से उन्होंने सिलाई मशीन खरीदी और सिलाई कार्य शुरू किया। पहले उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, क्योंकि उनके पति की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण परिवार की जिम्मेदारी उन्हें ही उठानी पड़ती थी। अब खेती, मजदूरी और सिलाई कार्य से आय के साथ उनका जीवन स्तर बेहतर हुआ है। उन्होंने “अनीता सिलाई सेंटर” के नाम से उद्यम पंजीयन भी कराया है और महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्षम योजना के तहत एक लाख रुपये का ऋण भी प्राप्त किया है। इसी तरह मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले की  मिथलेश चतुर्वेदी ने बताया कि पति के निधन के बाद परिवार का भरण-पोषण करना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया था। शासन से मिली सहायता राशि और महतारी वंदन योजना के सहयोग से उन्होंने ई-रिक्शा खरीदकर आजीविका का नया साधन शुरू किया। अब वे आत्मसम्मान के साथ अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। दोनों महिलाओं ने कहा कि महतारी वंदन योजना ने उन्हें आर्थिक संबल देने के साथ आत्मविश्वास भी दिया है। उन्होंने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा नारी शक्ति सम्मान समारोह का आयोजन

रायपुर उप मुख्यमंत्री अरुण साव महिलाएं ईश्वर की अनुपम कृति हैं। ईश्वर ने उन्हें विशेष शक्तियां और क्षमताएं दी हैं। महिलाओं ने अपनी लगन, मेहनत और काबिलियत से हर क्षेत्र में अपना स्थान बनाया है। हर क्षेत्र में उपलब्धियां और ऊंचाईयां हासिल की हैं। माताओं व बहनों का सम्मान एवं विशेष स्थान प्राचीन काल से हमारी संस्कृति और परंपरा में है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने नारी शक्ति सम्मान समारोह में ये विचार व्यक्त किए। उन्होंने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा आज रायपुर के शासकीय मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में स्वच्छता, स्वावलंबन और सशक्तीकरण के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्वच्छता दीदियों, महिला हितग्राहियों एवं स्वसहायता समूहों की महिलाओं को सम्मानित किया। उप मुख्यमंत्री साव ने समारोह में नगरीय निकायों में हर महीने स्वच्छता के आंकलन के लिए छत्तीसगढ़ स्वच्छता लीग का शुभारंभ किया। उन्होंने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में स्वच्छता दीदियों के स्वास्थ्य की जांच के लिए 15 दिनों के विशेष शिविर आयोजित करने की घोषणा की। ये शिविर आगामी 14 मार्च से लगाए जाएंगे। नारी शक्ति सम्मान समारोह में प्रदेशभर की स्वच्छता दीदियां, महिला हितग्राही एवं स्वसहायता समूहों की महिलाएं जोश और उत्साह से शामिल हुईं। वे इस दौरान प्रसिद्ध लोक गायिका सुश्री गरिमा दिवाकर और स्वर्णा दिवाकर द्वारा प्रस्तुत फाग गीत पर जमकर झूमीं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नारी शक्ति सम्मान समारोह में महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में कभी निराश होने की जरूरत नहीं है। महिलाएं संघर्ष और करूणा की प्रतिमूर्ति हैं। आप में जो क्षमता और ताकत है, वो किसी और में नहीं है। देश में ऐसी अनेक घटनाएं और प्रसंग हैं जहां नारी शक्ति ने अपनी ममता, तपस्या, त्याग और बलिदान की अनूठी मिसालें पेश की हैं। साव ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद महिलाओं के सम्मान और सशक्तीकरण के लिए कई योजनाएं शुरू हुई हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर में शौचालय बनाए गए हैं, उज्जवला योजना से रसोई गैस दिए गए हैं, जल जीवन मिशन ने महिलाओं की दिनचर्या पूरी तरह बदल दी है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ और ‘वीमेन फॉर ट्री’ जैसी योजनाओं ने महिलाओं की प्रतिष्ठा और सम्मान बढ़ाया है।  श्री साव ने बताया कि छत्तीसगढ़ के शहरों में स्वीकृत दो लाख 44 हजार प्रधानमंत्री आवासों में से एक लाख 77 हजार आवास महिलाओं के नाम से स्वीकृत हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना से यह संभव हुआ है कि इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं के पास खुद के नाम पर पक्का घर है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत राज्य के 70 हजार महिला स्ट्रीट वेंडर्स को 88 करोड़ रुपए से अधिक का ऋण बैंकों के माध्यम से दिलाया गया है। उन्होंने कहा कि माता बच्चे की प्रथम शिक्षक होती है। इस नाते भावी पीढ़ी को अच्छे संस्कार, अच्छी शिक्षा, अच्छी सोच और अच्छी दिशा देने की महती जिम्मेदारी महिलाओं के कंधों पर है। रायपुर की महापौर मीनल चौबे ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर हमारे राज्य को और हमारे शहरों को जो प्रतिष्ठा मिलती है, वह आप लोगों के कार्यों की वजह से मिलती है। उन्होंने समारोह के आयोजन के लिए उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विधानसभा सत्र के बीच इसका आयोजन किया गया है। तमाम व्यस्तताओं के बावजूद आप लोगों का हौसला बढ़ाने और सम्मानित करने उप मुख्यमंत्री यहां मौजूद हैं। चौबे ने कहा कि आप लोगों की प्रेरणा और सहयोग से हम आगे बढ़ते हैं। आपकी सहभागिता से योजनाओं को हम धरातल पर उतारते हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने कार्यक्रम में अपने स्वागत भाषण में कहा कि विभाग के कार्यों में महिलाएं महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। स्वच्छता दीदियों और स्वसहायता समूहों के साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना और पीएम स्वनिधि योजना के क्रियान्वयन में वे बड़ी भूमिका निभा रही हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक आर. एक्का, रायपुर नगर निगम के आयुक्त विश्वदीप, राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ शशांक पाण्डेय, रायपुर नगर निगम में स्वास्थ्य विभाग की अध्यक्ष गायत्री सुनील चंद्राकर, संस्कृति विभाग के अध्यक्ष अमर गिदवानी, राजस्व विभाग के अध्यक्ष अवतार भारती बागल और पार्षद स्वप्निल मिश्रा सहित नगरीय प्रशासन एवं सूडा के अनेक अधिकारी भी समारोह में मौजूद थे। इनका किया गया सम्मान, चेक भी सौंपे गए समारोह में स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नगरीय निकायों के स्वच्छता दीदियों के प्रतिनिधि के रूप में बिलासपुर की रामेश्वरी सागर, कुम्हारी की मंजू देवांगन, बिल्हा की संपति यादव, अंबिकापुर की संगीता गुप्ता, विश्रामपुर की भारती गुप्ता और पाटन की लता मंडलेश को सम्मानित किया गया। विपरीत परिस्थितियों के बीच नगर निगम के सहयोग से प्रधानमंत्री आवास का निर्माण करने वाली रायपुर की मांडवी कौशिक, बीरगांव की बिमला साहू, कुम्हारी की त्रिवेणी साहू, राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित बगीचा की महिला हितग्राही सुमन तिर्की तथा वीमेन फॉर ट्री में उत्कृष्ट कार्य करने वाली बिलासपुर की पल्लवी विजय क्षत्री, लोरमी की दुर्गा राजपूत और बगीचा की प्रभा यादव का भी सम्मान किया गया।  उप मुख्यमंत्री साव ने निर्धारित समयावधि में प्रधानमंत्री आवास का निर्माण पूर्ण कर मुख्यमंत्री गृहप्रवेश सम्मान का हकदार बनीं रायपुर की रजनी ध्रुव, कुम्हारी की गीता पाल और बीरगांव की पलक देवांगन को (प्रत्येक को) 32 हजार 850 रुपए का चेक प्रदान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत रायपुर नगर निगम की तीन स्ट्रीट वेंडर्स लक्ष्मी साहू, रत्ना दीप और बी. लावण्या को 50-50 हजार रुपए के चेक सौंपे।