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प्रदेश को देश की ऊर्जा राजधानी बनाने की दिशा प्रयास

रायपुर. प्रदेश को देश की ऊर्जा राजधानी बनाने की दिशा प्रयास ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने आज नया रायपुर स्थित छत्तीसगढ संवाद के ऑडिटोरियम में पत्रकारों के साथ ऊर्जा विभाग की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं पर विस्तार से अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ऊर्जा उत्पादन, पारेषण और वितरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है तथा आने वाले वर्षों के लिए एक व्यापक कार्ययोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है।               डॉ. यादव ने जानकारी दी कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी, एनटीपीसी तथा निजी उत्पादकों को मिलाकर प्रदेश की कुल स्थापित विद्युत क्षमता 30 हजार 671.7 मेगावाट है। इसमें 28 हजार 824 मेगावाट ताप विद्युत, 220 मेगावाट जल विद्युत तथा सोलर, बायोमास आदि स्रोतों से 2,047 मेगावाट क्षमता शामिल है। ताप विद्युत क्षेत्र में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी की 2,840 मेगावाट, एनटीपीसी व निजी स्वामित्व के बिजलीघरों की 20 हजार 299 मेगावाट तथा कैप्टिव पॉवर प्लांट्स की 5 हजार 266 मेगावाट क्षमता है। प्रदेश को देश की ऊर्जा राजधानी बनाने की दिशा प्रयास डॉ. यादव ने कहा कि भारत सरकार का फोकस ताप विद्युत पर निर्भरता कम कर कार्बन उत्सर्जन घटाने पर है। नेट जीरो कार्बन लक्ष्य के तहत वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे देश की 50 प्रतिशत ऊर्जा आवश्यकता नवीकरणीय स्रोतों से पूरी की जा सके। इस दिशा में जल विद्युत एवं पंप स्टोरेज परियोजनाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो ग्रिड संतुलन बनाए रखने में सहायक होंगी। राज्य शासन द्वारा पंप स्टोरेज आधारित जल विद्युत परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए नीति 2023 लागू की गई है। इसके तहत छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी द्वारा 8,300 मेगावाट क्षमता के छह स्थलों का चिन्हांकन किया गया है, जिनमें से पांच के फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार हो चुकी है और डीपीआर निर्माणाधीन है। निजी क्षेत्र में भी लगभग 5,000 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं पर कार्य जारी है।              ऊर्जा सचिव डॉ. यादव ने बताया कि नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार के तहत एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड एवं राज्य उत्पादन कंपनी के संयुक्त उपक्रम द्वारा लगभग 2 हजार मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। इनमें अटल बिहारी ताप विद्युत गृह के जलाशय में 6 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर, कोरबा पूर्व के बंद राखड़ बांध पर 32 मेगावाट सौर संयंत्र तथा 500 मेगावाट-ऑवर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की स्थापना प्रस्तावित है। ऊर्जा सचिव ने बताया कि प्रदेश को देश की ऊर्जा राजधानी बनाने की दिशा में 32 हजार 100 मेगावाट क्षमता की नई परियोजनाओं हेतु विभिन्न संस्थाओं के साथ एमओयू किए गए हैं। इन परियोजनाओं में 12 हजार 100 मेगावाट ताप विद्युत, 4 हजार 200 मेगावाट न्यूक्लियर, 2 हजार 500 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर तथा 13 हजार 300 मेगावाट पंप स्टोरेज क्षमता शामिल है। इन सभी परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 3.4 लाख करोड़ रुपये के निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिसमें कई प्रमुख संस्थाएं भागीदार हैं।                 डॉ. यादव ने बताया कि छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी द्वारा कोरबा पश्चिम में 660-660 मेगावाट की दो सुपर क्रिटिकल इकाइयों एवं मड़वा में 800 मेगावाट की इकाई स्थापित करने की दिशा में कार्य प्रगति पर है। पारेषण क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि दिसंबर 2023 से जनवरी 2026 के बीच उपकेन्द्रों की संख्या 132 से बढ़कर 137 हो गई है। ट्रांसफार्मरों की कुल क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा 132 केवी लाइनों में पुराने कंडक्टरों को उच्च क्षमता वाले एचटीएलएस कंडक्टर से बदला जा रहा है। साथ ही 5 हजार 200 किमी ऑप्टिकल फाइबर ग्राउंड वायर का इंस्टॉलेशन पूर्ण कर 131 उपकेन्द्रों को डिजिटल संचार नेटवर्क से जोड़ा गया है।             वितरण क्षेत्र में प्रगति पर प्रकाश डालते हुए ऊर्जा सचिव ने बताया कि प्रदेश में उपभोक्ताओं की संख्या 65 लाख से अधिक हो गई है। विगत दो वर्षों में हजारों किमी नई लाइनें, उपकेन्द्र एवं ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं। जनहितकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, पीएम कुसुम, डॉ. खूबचंद बघेल किसान विद्युत सहायता योजना एवं बीपीएल उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं से लाखों परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विद्युतीकरण हेतु नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत सैकड़ों गांवों तक बिजली पहुंचाई गई है।             क्रेडा की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए ऊर्जा सचिव ने बताया कि विगत दो वर्षों में 26 हजार 794 सोलर सिंचाई पंप, 7 हजार 833 सोलर पेयजल पंप तथा 1 हजार 709 सोलर हाईमास्ट स्थापित किए गए हैं। आगामी वर्षों में ऑफग्रिड सोलर प्लांट्स एवं रूफटॉप सौर संयंत्रों के विस्तार की कार्ययोजना पर भी कार्य जारी है। डॉ. यादव ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में संतुलित मिश्रण, तकनीकी आधुनिकीकरण एवं नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार के माध्यम से छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर एवं अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस दौरान पत्रकारों के सवालों के भी विस्तृत उत्तर दिए और विभाग की आगामी 03 वर्षों की कार्य योजना साझा की।               इस दौरान सीएसपीडीसीएल के एमडी  भीम सिंह कंवर, सीएसपीजीसीएल के एमडी एस के कटियार, सीएसपीटीसीएल के एमडी  राजेश कुमार शुक्ला सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारीगण मौजूद रहे।

पोषण सुदृढ़ीकरण की दिशा में कदम: न्यूट्रिशन फ्लो तकनीक पर मंथन

रायपुर न्यूट्रिशन फ्लो तकनीक को बढ़ावा देने विशेष बैठक आयोजित वन मंत्री  केदार कश्यप के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम द्वारा न्यूट्रिशन फ्लो तकनीक (NFT) के प्रभावी उपयोग और भविष्य की रणनीति तय करने के लिए एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का उद्देश्य नर्सरियों में पौधों के उत्पादन, प्रबंधन और वन रोपण कार्यों में आधुनिक तकनीक अपनाकर गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ाना था।         बैठक में विशेषज्ञों ने बताया कि न्यूट्रिशन फ्लो तकनीक के माध्यम से पौधों को संतुलित पोषक तत्व नियंत्रित तरीके से दिए जा सकते हैं। इससे कम पानी में अधिक उत्पादन संभव होता है और संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। इस तकनीक से नियंत्रित वातावरण में स्वस्थ और गुणवत्तापूर्ण पौधे तैयार किए जा सकते हैं। विशेषज्ञों ने इसके तकनीकी पहलुओं, लाभ, व्यवहारिक उपयोग और संभावित चुनौतियों पर विस्तृत जानकारी दी।         अधिकारियों ने निर्णय लिया कि वन विकास निगम की नर्सरियों में इस तकनीक को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इसके लिए स्पष्ट कार्ययोजना और दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किया जाएगा। बैठक में यह भी सहमति बनी कि कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, उनकी तकनीकी क्षमता विकसित की जाएगी और पहले चरण में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे।         छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम की यह पहल वन क्षेत्र में  नवाचार, सतत विकास और आधुनिक कृषि-वानिकी तकनीकों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

जंगल बचाने का संकल्प: वन अग्नि रोकथाम अभियान में गांव और स्कूलों की भागीदारी

रायपुर वन अग्नि सुरक्षा के लिए जागरूकता अभियान, ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने ली संरक्षण की शपथ छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अंतर्गत बारनवापारा परियोजना मंडल की रायकेरा रेंज द्वारा ग्राम सुकुलबाय में वन अग्नि सुरक्षा एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम शासकीय विद्यालय परिसर एवं ग्राम में आयोजित हुआ, जिसमें विद्यार्थियों, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।      कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को जंगल में आग लगने के कारणों, उससे होने वाले नुकसान और बचाव के उपायों की सरल भाषा में जानकारी दी गई। विशेष रूप से महुआ बीनने के दौरान आग लगाने की परंपरा से होने वाले दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला गया और ग्रामीणों से इस आदत को छोड़ने की अपील की गई। निगम के अधिकारियों ने बताया कि फायर सीजन सामान्यतः फरवरी से जून तक रहता है। इस अवधि में तापमान अधिक होने और जंगल में सूखी पत्तियों की मात्रा बढ़ने के कारण आग लगने की संभावना अधिक रहती है। जंगल में आग लगने से होने वाले प्रमुख नुकसान        बहुमूल्य वन संपदा, पौधों और वृक्षों का नष्ट होना। वन्यजीवों के आवास को नुकसान और उनकी मृत्यु, मिट्टी की उर्वरता में कमी, पर्यावरण प्रदूषण और तापमान में वृद्धि और ग्रामीणों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव। ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि जानबूझकर जंगल में आग लगाना दंडनीय अपराध है। भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26 एवं 33 के तहत वन क्षेत्र में आग लगाना या वनों को क्षति पहुँचाना अपराध है, जिसमें जुर्माना और कारावास का प्रावधान है। आग से बचाव के लिए दिए गए सुझाव     इस जागरूकता कार्यक्रम में लोगों को आग से बचाव के लिए सुझाव दिए गए जैसे जंगल में बीड़ी, सिगरेट या जलती हुई वस्तु न फेंकें। महुआ या तेंदूपत्ता संग्रह के दौरान आग का प्रयोग न करें। सूखी पत्तियों को हटाने के लिए विभाग को सूचना दें। साथ ही साथ किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत वन विभाग को दें। फायर लाइन निर्माण और साफ-सफाई में सहयोग करें  कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और निगम कर्मचारियों ने सभी ग्रामीणों को वन संरक्षण की शपथ दिलाई। उन्होंने अपील की कि वन हमारी साझा धरोहर है। यदि ग्रामवासी और निगम मिलकर समय पर सूचना दें, जागरूकता फैलाएं और फायर सीजन में सतर्क रहें, तो जंगल में आग की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

3,106 पंजीकृत श्रमिकों के खातों में 1 करोड़ 51 लाख 57 हजार से अधिक की सहायता राशि अंतरित

रायपुर महासमुंद जिले में विशाल श्रमिक सम्मेलन आयोजित श्रमिकों के सम्मान एवं उनके सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह के मुख्य आतिथ्य में जिला स्तरीय श्रमिक सम्मेलन का आयोजन आज महासमुंद के विशाल मेगा मार्ट परिसर में आयोजित किया गया। इस अवसर पर विधायक महासमुंद  योगेश्वर राजू सिन्हा, पूर्व राज्य मंत्री  पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  भीखम सिंह ठाकुर, जनपद अध्यक्ष मती दिशा दीवान, स्काउट एवं गाइड के राज्य आयुक्त  इन्द्रजीत सिंह गोल्डी एवं स्काउट एवं गाइड के जिलाध्यक्ष  ऐतराम साहू प्रमुख रूप से मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान जिले के 3106 पंजीकृत श्रमिकों के खातों में 1 करोड़ 51 लाख 57 हजार 630 रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की गई। इस अवसर पर श्रमिकों में हर्ष एवं उत्साह का माहौल देखने को मिला।  इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. रामप्रताप सिंह ने सभी लाभार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने बताया कि सभी जिले में श्रमिक सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है तथा आज महासमुंद जिले में 3 हजार से ज्यादा श्रमिकों को एक करोड़ 51 लाख रुपए से ज्यादा की राशि उनके खाते में भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक उत्थान के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। निर्माण एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिक प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके सम्मान, सुरक्षा एवं कल्याण को सुनिश्चित करना शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए श्रमिकों से अधिक से अधिक लाभ लेने का आह्वान किया। डॉ. सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की सरकार में योजनाओं के क्रियान्वयन में सुशासन और पारदर्शिता को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी गई है। श्रमिकों को उनके हित की राशि अब सीधे उनके बैंक खातों में मिल रही है। उन्होंने श्रमिकों से अपने पंजीयन को अद्यतन रखने, श्रम कार्ड बनवाने और निरंतर नवीनीकरण पर जोर दिया। साथ ही बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देने तथा स्वास्थ्य बीमा योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। इस अवसर पर उन्होंने यह भी कहा कि सरकार श्रमिक परिवारों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए आवास, छात्रवृत्ति, चिकित्सा सहायता, प्रसूति सहायता एवं कौशल विकास जैसी योजनाओं का विस्तार कर रही है।  विधायक  सिन्हा ने कहा कि श्रमिक समाज व राज्य की प्रगति की रीढ़ है और उनके उत्थान के लिए सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में श्रमिकों एवं गरीब वर्ग के कल्याण हेतु अनेक महत्वाकांक्षी योजनाएँ प्रारंभ की गई हैं। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिक परिवारों को सामाजिक सुरक्षा एवं आर्थिक संबल प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की सरकार, केन्द्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहे है।  पूर्व राज्य मंत्री  पूनम चंद्राकर एवं पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा,  येतराम साहू ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर नगरपालिका उपाध्यक्ष  देवीचंद राठी, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष  पवन पटेल,  महेन्द्र सिक्का,  मनीष बंसल,  अमन वर्मा,  अरविन्द प्रहरे, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, बड़ी संख्या में श्रमिकगण एवं श्रम विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे। श्रमिक सम्मेलन में दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के अंतर्गत महासमुंद नयापारा वार्ड की निवासी मती ललिता महानंद को ई-रिक्शा प्रदान किया गया। उन्होंने बताया कि ई-रिक्शा उनके परिवार के आय का मुख्य स़्त्रोत है। उनके परिवार में 3 बेटियां है और पति भी मजदूरी करते हैं। अब इस योजना की सहायता से वे अपने परिवार को आर्थिक संबल दे पाएंगी। उन्होंने कहा कि इस योजना ने मेरी जिंदगी बदल दी है। योजना अंतर्गत एक लाख रुपए की सब्सिडी राशि मिलती है। ई-रिक्शा प्रदान करने के दौरान मुख्य अतिथि  डॉ. रामप्रताप सिंह, विधायक  योगेश्वर राजू सिन्हा, पूर्व राज्य मंत्री  पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा ने ई-रिक्शा की सवारी की और ललिता और उनके परिवार को शुभकामनाएं दी।

सराफा कारोबारी से लूट के मामले में मिर्जापुर से 4 संदिग्ध हिरासत में

बिलासपुर. राजकिशोर नगर के सराफा कारोबारी संतोष तिवारी से 17 फरवरी की रात लूटी गई करीब 3.50 करोड़ रुपये की नकदी और जेवरात मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। सूत्रों की जानकारी के अनुसार, चार संदिग्ध आरोपियों को उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के अहरौरा थाना क्षेत्र से हिरासत में लिया गया है। बिलासपुर पुलिस की टीम अब इन्हें लेकर लौट रही है। हथियारबंद लूटेरों ने वारदात को दिया था अंजाम बता दें कि राजकिशोर नगर निवासी संतोष तिवारी की वसंत विहार चौक स्थित महालक्ष्मी ज्वेलरी शॉप है। वे प्रतिदिन की तरह मंगलवार रात करीब 9 बजे दुकान बंद कर बिक्री के लिए रखे सोने के जेवर कार में लेकर घर लौट रहे थे। घर से कुछ ही दूरी पर, बीएसएनएल ऑफिस गली के तिराहे पर पहुंचते ही पहले से खड़ी सफेद रंग की कार (सीजी 10 बीजे 8147) ने उनकी कार को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद जैसे ही संतोष तिवारी कार से बाहर निकले, कार सवार हथियारबंद लूटेरों ने उन पर हमला कर दिया। सिर पर गंभीर चोट पहुंचाने के बाद बदमाश साढ़े तीन करोड़ रुपये के आभूषण, साढ़े तीन लाख रुपये नकद और उनकी कार लेकर फरार हो गए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से तेजी से निकल गए। गाड़िया बदलकर यूपी की ओर भागे थे लूटेरे जानकारी के मुताबिक, लुटेरे वारदात के बाद अपनी वैन और बाइक मौके पर छोड़ कारोबारी की कार लेकर फरार हो गए थे। उन्होंने उर्तुम में गाड़ी छोड़ दी और फिर अलग-अलग वाहनों – स्कॉर्पियो और ह्युंडई आई20 – में बदलकर यूपी की ओर भागे। पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में मोबाइल लोकेशन और पुराने मामलों के सुरागों ने मदद की। 6 महीने तक की रेकी, फिर वारदात को दिया अंजाम पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने पिछले छह माह से सीपत में किराये के मकान में रहकर इलाके की रेकी की थी। यह गिरोह पहले से योजना बनाकर कारोबारी पर वारदात करने आया था। उत्तर प्रदेश एटीएस की मदद से अहरौरा थाना क्षेत्र में आरोपियों को पकड़ लिया गया। आधिकारिक पुष्टि और घटनाक्रम का विस्तृत खुलासा तब होगा जब आरोपियों को बिलासपुर लाया जाएगा। पुलिस की इस कार्रवाई से शहर में व्यापारी वर्ग में थोड़ी राहत महसूस हो रही है, हालांकि सुरक्षा को लेकर सवाल अब भी बरकरार हैं। घायल कारोबारी आईसीयू में भर्ती संतोष तिवारी की गंभीर चोटों का इलाज अभी भी चल रहा है। घटना के बाद उन्हें ऑपरेशन थिएटर में ले जाकर सिर की चोट की जांच की गई। उनके सिर में कई जगह गहरे घाव पाए गए हैं, जिनमें करीब 50 टांके लगे हैं। मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात उन्हें आईसीयू में शिफ्ट किया गया।

राज्यपाल श्री डेका ने शिवाजी महाराज की जयंती पर अर्पित की श्रद्धांजलि, उनके आदर्शों पर चलने का दिया संदेश

रायपुर राज्यपाल  डेका ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर किया नमन राज्यपाल  रमेन डेका ने आज छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन किया। उन्होंने समस्त देशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। राज्यपाल ने आज रायपुर के तात्यापारा में शिवाजी की प्रतिमा के समक्ष द्वीप प्रज्जवलन और माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।       राज्यपाल  डेका ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने सीमित संसाधनों के बावजूद अदम्य साहस, दूरदृष्टि और संगठन क्षमता के बल पर एक सुदृढ़ एवं लोककल्याणकारी राज्य की स्थापना की। उनका प्रशासनिक ढांचा न्याय, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व पर आधारित था। आयोजन समिति द्वारा इस अवसर पर राज्यपाल को मराठा योद्धा सम्मान स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विधायक  पुरंदर मिश्रा,  सुनील सोनी एवं आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित थे।

देश के पहले एआई डाटा सेंटर पार्क की दी जा रही जानकारी

रायपुर भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट समिट: छत्तीसगढ़ का स्टॉल बना आकर्षण केंद्र भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में छत्तीसगढ़ द्वारा स्थापित स्टॉल देश-विदेश से आए निवेशकों, तकनीकी विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों और आगंतुकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।  “छत्तीसगढ़ ड्रिवन बाय इंटेलिजेंस” थीम पर आधारित इस स्टॉल में राज्य की उभरती कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) क्षमता, अत्याधुनिक डिजिटल अधोसंरचना और निवेश संभावनाओं को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया जा रहा है। स्टॉल में डिजिटल प्रस्तुति, सूचना पैनल और इंटरैक्टिव माध्यमों के जरिए छत्तीसगढ़ को उभरते टेक्नोलॉजी हब के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जिससे निवेशकों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। स्टॉल में विशेष रूप से नवा रायपुर में स्थापित किए जा रहे देश के पहले एआई डाटा सेंटर पार्क की जानकारी प्रमुखता से दी जा रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में लगभग 1000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है तथा इसमें एक लाख तक ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) स्थापित किए जाने की क्षमता विकसित की जाएगी। यह परियोजना देश में एआई आधारित सेवाओं, उच्च क्षमता डाटा प्रोसेसिंग और डिजिटल नवाचार को नई गति प्रदान करते हुए छत्तीसगढ़ को भविष्य की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायक होगी। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि एआई इम्पैक्ट समिट में छत्तीसगढ़ का स्टॉल देश-विदेश के निवेशकों और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए आकर्षण का केंद्र बनना प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में देश के पहले एआई डाटा सेंटर पार्क के माध्यम से राज्य को डिजिटल नवाचार, उच्च तकनीकी निवेश और भविष्य की अर्थव्यवस्था का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा जा रहा है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल प्रदेश के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने, नवाचार और उद्यमिता को नई ऊर्जा प्रदान करने तथा छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दृढ़ संकल्प और दूरदर्शी नीति के साथ छत्तीसगढ़ को नए भारत की डिजिटल क्रांति के अग्रणी राज्यों में स्थापित किया जाएगा। स्टॉल पर औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के अंतर्गत एआई, रोबोटिक्स और उन्नत प्रौद्योगिकी क्षेत्रों के लिए उपलब्ध विशेष प्रोत्साहनों, अनुदानों और निवेश-अनुकूल वातावरण की जानकारी भी निवेशकों को दी जा रही है। राज्य में निर्बाध विद्युत आपूर्ति, विकसित हो रहा नवा रायपुर स्मार्ट सिटी, उत्कृष्ट कनेक्टिविटी और उद्योग-हितैषी नीतियों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। स्टॉल पर मौजूद अधिकारियों द्वारा निवेशकों और आगंतुकों को राज्य में उपलब्ध अधोसंरचना, निवेश अवसरों और नीतिगत प्रोत्साहनों की विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है। इस दौरान कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों तथा तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ में एआई और डाटा सेंटर क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं में विशेष रुचि दिखाई तथा राज्य सरकार की दूरदर्शी पहल की सराहना की। यह सहभागिता न केवल निवेश संभावनाओं को सशक्त करने वाली है, बल्कि छत्तीसगढ़ को उभरते टेक्नोलॉजी और इनोवेशन इकोसिस्टम के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगी।

AI की दुनिया में राष्ट्रीय मंच पर लहराया छत्तीसगढ़ का परचम मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी शुभकामनाएं

रायपुर नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित प्रतिष्ठित “AI इंपैक्ट समिट” में छत्तीसगढ़ के युवाओं ने अपनी प्रतिभा का परचम राष्ट्रीय स्तर पर लहराया है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने  रायपुर के प्रतिभाशाली सिबलिंग अनुराग मानिक और आस्था मानिक को इंडिया AI इंपैक्ट बिल्डथॉन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रदेश को गौरवान्वित करने के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा कि 40,000 से अधिक प्रतिभागियों के बीच तीन कठिन चरणों को सफलतापूर्वक पार करते हुए शीर्ष स्थान हासिल करना उनकी असाधारण प्रतिभा, परिश्रम और नवाचार क्षमता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि यह सफलता छत्तीसगढ़ के युवाओं की क्षमता, आत्मविश्वास और उभरती तकनीकी शक्ति का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगिता में प्रस्तुत उनका “कर्तव्य” AI ऐप विशेष रूप से सराहना का केंद्र रहा। यह एप्लिकेशन AI-जनित आवाज और वास्तविक आवाज में अंतर पहचानकर लोगों को डिजिटल धोखाधड़ी से सुरक्षित रखने में सहायक होगा। तकनीक को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का यह प्रयास आज के डिजिटल युग में अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा अपनी परंपराओं और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोते हुए आधुनिक तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। यह उपलब्धि प्रदेश में शिक्षा, नवाचार और अवसरों के विस्तार की दिशा में हो रहे समग्र विकास का सशक्त प्रमाण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य के युवा इसी प्रकार नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करते हुए छत्तीसगढ़ को देश और दुनिया में नई पहचान दिलाएंगे।  मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को तकनीक, नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रोत्साहन और अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

छत्तीसगढ़ में आदिवासी नेतृत्व बना बदलाव की ताकत, विकास के नए सोपान गढ़ रही साय सरकार

रायपुर. छत्तीसगढ़ की खूबसूरत वादियों में स्थित जशपुर जिला के ग्राम बगिया में 21 फरवरी को जन्म लेने वाले मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय सज्जनता और सहृदयता की एक मिसाल है। दो वर्ष के अपने मुख्यमंत्रित्व काल में छत्तीसगढ़ राज्य में विकास का एक नया आयाम गढ़ने वाले तथा प्रदेश के नागरिकों के दिलों में राज करने वाले मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज अपनी लोकप्रियता के शिखर पर विद्यमान है।  विष्णुदेव साय जनता के बीच के एक ऐसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री हैं जिनकी सदाशयता और दूरगामी योजनाओं से प्रदेश में विकास और प्रगति का राह आसान हुआ है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आदिवासी पृष्ठभूमि से आते हैं।  केबिनेट बैठक में राज्य में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से अंतर की राशि होली पर्व से पहले एकमुश्त भुगतान किए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत धान के मूल्य के अंतर की राशि के रूप में लगभग 10 हजार करोड़ रूपए का भुगतान होली त्यौहार से पहले एकमुश्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री स्वयं एक किसान पुत्र हैं वे किसानों की पीड़ा को भलीभांति जानते हैं।  छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से की की गई है, जो देश में सर्वाधिक है। बीते दो वर्षों में कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों को धान के मूल्य के अंतर के रूप में 25 हजार करोड़ रूपए से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। इस साल होली से पूर्व किसानों को 10 हजार करोड़ रूपए का भुगतान होने से यह राशि बढ़कर 35 हजार करोड़ रूपए हो जाएगी। किसान हितैशी सरकार के इस निर्णय से बाजार भी गुलजार होंगे, जिससे शहरी अर्थव्यवस्था पर सीधा असर दिखाई देगा, ट्रैक्टर आदि की बिक्री में वृद्धि होगी।  प्रदेश की नवीन औद्योगिक नीति से राज्य में अब तक 7 लाख 83 हजार करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने अपने दो साल के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ को पूरे देश में एक नई ऊंचाई पर पहुंचाया है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रदेश की जनता के बीच जाकर जनता का न केवल विश्वास जीता है बल्कि उनके हित को ध्यान में रखकर उन्होंने ऐसी योजनाओं का क्रियान्वयन किया है जिससे छत्तीसगढ़ का समग्र विकास सम्भव हो पाया है। यह केवल और केवल  विष्णुदेव साय जैसे एक संवेदनशील, कर्मठ तथा ऊर्जावान मुख्यमंत्री ही सम्भव कर सकते हैं। विष्णु देव की सुशासन में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्ष 2026 को महतारी गौरव वर्ष घोषित किया गया है। राज्य सरकार ने मातृशक्ति का सम्मान करते हुए 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रूपए की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। प्रदेश के 42 हजार 878 महिला स्व- सहायता समूहों को आसान ऋण से अब तक 129.46 करोड़ रूपए का लाभ दिया गया है। प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के अंतर्गत 4.81 लाख महिलाओं को 237 करोड़ रूपए की सहायता राशि दी गई है। राज्य की 19 लाख से अधिक महिलाओं को पूरक पोषण आहार सुनिश्चित की गई है। महिला सुरक्षा के लिए सखी वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन 181 की स्थापना की गई है। महिलाओं को रोजगार मूलक कार्यों के जरिए स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए पंचायत स्तर पर 52.20 करोड़ की लागत से 179 महतारी सदनों का निर्माण कराया जा रहा है। महिला समूहों के उत्पादों की बिक्री हेतु 200 करोड़ की लागत से नवा रायपुर में यूनिटी मॉल का निर्माण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री की पहल पर दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत प्रदेश के 5.62 लाख भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। राज्य सरकार द्वारा आवास और सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रख कर अब तक 26 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास स्वीकृति किए गए हैं। स्वच्छ पेयजल सबका अधिकार है। प्रदेश के 41 लाख से अधिक घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति के लिए राज्य में 77 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की गई है। 70 समूह जल प्रदाय योजनाओं से प्रदेश के 3208 गांव लाभान्वित हो रहे हैं। इसके अलावा राज्य के शत्-प्रतिशत गांवों का विद्युतीकरण किया जा रहा है।   डबल इंजन की सरकार में रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना के साथ रेल नेटवर्क मैप से बस्तर जुड़ रहा है। जगदलपुर-विशाखापट्नम और रायपुर-विशाखापट्नम नई सड़क परियोजनाओं से विकास की नई राहें खुल रही है। प्रदेश के 32 नगरीय निकायों में नॉलेज बेस्ड सोसाइटी हेतु लाइट हाउस निर्माण की पहल की जा रही है।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रदेश के हर वर्ग के लोगों को साथ लेकर चलने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने प्रदेश के हर वर्ग की बुनियादी सुविधाओं और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पीएम आवास योजना, कृषक उन्नति योजना, नियद नेल्ला नार, अखरा निर्माण योजना जैसी योजनाओं का शुभारम्भ किया है और जनता के बीच अपनी एक अलग छवि निर्मित की है। मुख्यमंत्री  साय जनता के बीच और हर समुदाय के बीच एक ऐसा पुल बनाना जानते हैं जिससे सभी एक दूसरे से जुड़ सके और सभी प्रदेश के हित में अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह भी कर सके। उन्होंने अपने जीवन का बहुमूल्य समय पद्रेश की जनता को समर्पित कर यह सिद्ध कर दिया है कि उनका जीवन केवल उनका नहीं है अपितु प्रदेश की जनता की निः स्वार्थ सेवा के लिए समर्पित है। वे सही मायने में एक ऐसे जननेता हैं जिनके लिए जनता ही सब कुछ हैं। ऐसे सेवाभावी और लोकप्रिय जनसेवक बहुत कम होते हैं जिनके लिए जनता का विकास और जनता का साथ ही सबसे महत्वपूर्ण होता है।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय का अब तक का कार्यकाल इस बात का प्रमाण है कि यदि नेतृत्व ईमानदार, समर्पित और जनता की आकांक्षाओं से जुड़ा हो तो विकास की राह कठिन नहीं होगी।

भ्रष्टाचार पर प्रहार: ACB ने जनपद पंचायत के RES SDO को रिश्वत लेते दबोचा

बलौदाबाजार जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने रिश्वतखोरी के मामले में जनपद पंचायत पलारी के ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग (Rural Engineering Service – RES) में पदस्थ एसडीओ गोपाल कृष्ण शर्मा को 25 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से RES विभाग में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत भवानीपुर के उप सरपंच फागु सेन ने ACB में शिकायत दर्ज कराई थी कि मुरूम समतलीकरण कार्य के बदले एसडीओ द्वारा 1 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत की जांच के बाद ACB की टीम ने जाल बिछाया और आरोपी एसडीओ को 25 हजार रुपये लेते हुए पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि गोपाल कृष्ण शर्मा का कुछ माह पूर्व ही प्रमोशन हुआ था और वे जनपद पंचायत पलारी के RES विभाग में एसडीओ के पद पर कार्यरत थे। ACB की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है।