samacharsecretary.com

6 दिवसीय रोजगार मेले में मिलेगा करियर बनाने का मौका, बड़ी कंपनियाँ करेंगी सीधी भर्ती

रायपुर प्रदेश के युवाओं को निजी क्षेत्र में अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा संभाग स्तरीय रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है। यह रोजगार मेले 12 से 17 फरवरी 2026 तक छत्तीसगढ़ के विभिन्न संभागों में आयोजित होंगे। जारी कार्यक्रम के अनुसार 12 एवं 13 फरवरी को बिलासपुर संभाग में रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 14 और 15 फरवरी को दुर्ग संभाग में रोजगार मेले का आयोजन होगा। वहीं 16 एवं 17 फरवरी को सरगुजा और बस्तर संभाग में रोजगार मेले लगाए जाएंगे। इन रोजगार मेलों में निजी क्षेत्र की कई प्रतिष्ठित कंपनियां हिस्सा लेंगी। कंपनियों के प्रतिनिधि मौके पर ही अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लेकर योग्य उम्मीदवारों का चयन करेंगे, जिससे युवाओं को सीधे रोजगार प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। रोजगार मेले में शामिल होने के इच्छुक अभ्यर्थी ई-रोजगार पोर्टल अथवा छत्तीसगढ़ रोजगार मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन और आवेदन कर सकते हैं। पंजीकृत उम्मीदवारों को रोजगार मेले के दौरान साक्षात्कार एवं चयन प्रक्रिया में शामिल होने की सुविधा प्रदान की जाएगी।

धरतीफोड़ महादेव का चमत्कार: छत्तीसगढ़ में साल में तीन बार रूप बदलने वाला शिवलिंग बना आस्था का केंद्र

खरोरा   बेलदार राजा की राजधानी बेलदार सिवनी में एक अद्भुत प्राचीन शिवलिंग है जो साल में तीन बार अपना स्वरूप बदलता है, इस प्रतिमा को लोग धरती फोड़ महादेव के नाम से भी जानते हैं।  खरोरा से 5 किलोमीटर की दूरी पर उत्तर पूर्व दिशा में स्थित इस गांव की आबादी करीब 5000 है यहां का प्राचीन शिव मंदिर कितना पुराना है इस बारे में तीन पीढ़ी के सियान भी कुछ नहीं बता पाते हैं ।   इस प्राचीन शिवलिंग को स्थानीय लोग 'धरतीफोड़ महादेव' के नाम से जानते हैं। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह साल में तीन बार अपना स्वरूप बदलता है:गर्मी में: प्रतिमा बीच से दो भागों में बंट जाती है, जिससे इसमें अर्धनारीश्वर (आधा शिव, आधा शक्ति) का रूप स्पष्ट दिखाई देता है। इस दौरान यह खुरदुरा भी हो जाता है।सावन (बरसात) में: यह वापस अपनी पूर्ण आकृति में आ जाता है, जिसे लोग 'जड़-महादेव' कहते हैं। ठंड में: शिवलिंग का रंग गहरा काला हो जाता है और इसकी सतह चिकनी व तैलीय दिखाई देने लगती है। प्राचीनता: यह मंदिर कितना पुराना है, इसके बारे में गांव के 80 साल के बुजुर्ग भी नहीं बता पाए। यह क्षेत्र कभी बेल्दार राजा की राजधानी हुआ करता था। पवित्र कुंड: मंदिर के चारों ओर लगभग 1000 वर्ग फीट में फैला एक कुंड है। कहा जाता है कि सावन के महीने में इस कुंड की गंदगी और दुर्गंध अपने आप गायब हो जाती है। नशामुक्त गांव: बेल्दारसिवनी अपनी पूर्ण शराबबंदी के लिए भी प्रसिद्ध है। सालों पहले गांव वालों ने कड़ा फैसला लेकर शराब बेचने और पीने वालों पर पाबंदी लगा दी थी जिसकी परंपरा आज भी जारी है।इस कुंड को अब शिव कुंड का नाम दिया गया है और इस कुंड के बीच में लक्ष्मी नारायण भगवान की प्रतिमा स्थापित है चारों ओर द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शन देखने को मिलते हैं। बेलदार सिवनी के इस धरतीफोड़ महादेव जिसे अर्धनारीश्वर भी कहा जाता है इस प्रतिमा के बारे में ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार गर्मी के दिनों में ढाई फीट ऊंची और 8 इंच विकास की प्रतिमा बीचो-बीच दो भागों में विभक्त हो जाती है तब इस प्रतिभा में अर्धनारीश्वर महादेव की झलक स्पष्ट दिखाई देती है। सावन के महीने में यह प्रतिमा अपनी पूर्ण आकृति को प्राप्त करती है तब इसे जड़ महादेव के नाम से लोग जानते हैं। ठंड के दिनों में प्रतिमा चिकनी और तेली काले रंग की हो जाती है गर्मी में प्रतिमा खुरदुरा होकर अपना चोला छोड़ती है। इसके बावजूद इस मंदिर की सुरक्षा पर शासन या पुरातत्व विभाग का ध्यान अब तक नहीं गया है ग्रामीण खुद समय-समय पर इसका जीर्णोद्धार करते हैं। इसी तारतम्य में गांव के पूर्व सरपंच व वर्तमान जनपद सदस्य मुकेश वर्मा ने मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए संकल्प लिया एवं  बाबा अर्द्धनारीश्वर मंदिर जीर्णोद्धार निर्माण समिति बेलदार सिवनी के अध्यक्ष थनवार वर्मा सहित सदस्यों में उद्योराम वर्मा, मुकेश वर्मा, पन्नालाल वर्मा, कैलाश वर्मा, नारद वर्मा ,बलराम वर्मा,अरुण वर्मा, ईश्वरी वर्मा, दिनेश वर्मा, भूपेंद्र वर्मा, मनहरन वर्मा, छेदु वर्मा, सुनील वर्मा, रामकुमार रातड़े, उमेंद क्षत्रिय, अजय वर्मा, यशवंत क्षत्रिय, मनीराम वर्मा, लोकेश शर्मा, गजानंद वर्मा शामिल हैं।विगत 2 से 3 वर्ष में स्थानीय व क्षेत्रीय दानदाताओं के सहयोग से मंदिर का भव्य स्वरूप का निर्माण कराया |  मंदिर के जीर्णोद्धार से एक मनोहारी मंदिर का निर्माण हो गया है परिसर से लगे कुंड में ही 12 ज्योर्तिलिंग व शिव मंदिर में अन्य देवी देवताओं के प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन किया गया जिसमें 5 फरवरी को कलश यात्रा निकाली गई, जिसके बाद 6 फरवरी को द्वितीय दिवस के रूप में वेदी पूजन और आधिवास यज्ञ संपन्न हुआ। 7 फरवरी को प्रातः 10 बजे से भगवान की प्राण-प्रतिष्ठा, हवन-पूजन, पूर्णाहुति एवं विशाल भोग-भंडारे का आयोजन किया गया । दर्शनार्थियों ने मंदिर परिसर पर बने कुंड में म्यूजिकल फाउंटेन की मांग शासन से की है जिससे मंदिर की भव्यता और बढ़ जाए|मान्यता के अनुसार लोगों मांग भगवान भोलेनाथ जरूर सुनते है और उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है.. यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज में संस्कार, एकता एवं सकारात्मक ऊर्जा के संचार का माध्यम भी है। समारोह में विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए , जिसमें स्थानीय और दूर-दराज के  श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आगामी 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर विशाल मेले का आयोजन किया जायेगा जिसमें 14 व 15 फरवरी रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा | आयोजक समिति के संरक्षक एवं जनपद सदस्य शिवशंकर वर्मा ने बतलाया कि तीन दिन तक चले इस प्राण प्रतिष्ठा समारोह में विधायक अनुज शर्मा, पूर्व विधायक श्रीमती अनीता योगेंद्र शर्मा, रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, तिल्दा जनपद अध्यक्ष टिकेश्वर मनहरे, तिल्दा जनपद उपाध्यक्ष दुलारी सुरेंद्र वर्मा, संतोष शाह, रविंदर बबलू भाटिया, खूबी डहरिया, प्रवीण अग्रवाल, शेखर अग्रवाल, अनिल कुर्मी, प्रवीन लाटा सहित हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन लाभ प्राप्त  कर क्षेत्र में खुशहाली व सम्पन्नता के लिए भोलेनाथ से आशीर्वाद प्राप्त किया।  

सरकारी गड़बड़ी की हद! 96 वर्षीय बुजुर्ग महिला को थमा दिया मौत का नोटिस

राजनांदगांव जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण  सर्वे के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने प्रशासनिक सत्यापन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वार्ड नंबर 10 की रहने वाली 96 वर्षीय बुजुर्ग महिला नूरजहां को कागजों में 'मृतक' घोषित कर दिया गया है। अब इस बीमार बुजुर्ग महिला को खुद के जीवित होने का सुबूत देने के लिए सरकारी दफ्तर की पेशी पर जाना होगा। 96 वर्षीय नूरजहां (पति स्व. रफीक अहमद) का कहना है कि देश की आजादी के समय वह करीब 17 वर्ष की थीं। उन्होंने आजादी के बाद से अब तक हुए लगभग सभी चुनावों में मतदान किया है। नौ फरवरी को एसडीएम कार्यालय में होना होगा उपस्थित उनकी सामाजिक जड़ें और परिवार की कई पीढ़ियां इसी शहर से जुड़ी हैं। इसके बावजूद, किसी अज्ञात द्वेष या लापरवाही के चलते उन्हें मृत बताकर मतदाता सूची से नाम काटने की आपत्ति दर्ज कराई गई है। खराब स्वास्थ्य के बावजूद नूरजहां को नौ फरवरी को एसडीएम कार्यालय में उपस्थित होकर यह साबित करना होगा कि वह जीवित हैं।   बिना ठोस सुबूत के नाम काटने का अभियान जिले में मतदाता सूची से नाम काटने को लेकर गंभीर आरोप लग रहे हैं। आरोप है कि फॉर्म-सात के जरिए एक वर्ग विशेष और समाज के मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है। आश्चर्यजनक यह है कि जमुना चौक और टिकरी पारा के कुछ सामान्य नागरिकों द्वारा बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों के खिलाफ सुनियोजित तरीके से आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। इनमें वे लोग भी शामिल हैं जिनके पूर्वज वर्षों से यहीं के निवासी रहे हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि 2003 की मतदाता सूची जैसे पुख्ता दस्तावेज देने के बाद भी उन्हें बार-बार पेशी पर बुलाकर मानसिक दबाव बनाया जा रहा है। कल होगी मामले की पहली सुनवाई प्रशासन ने इस पूरे विवादित मामले में सोमवार (नौ फरवरी) को एसडीएम कार्यालय में पहली सुनवाई निर्धारित की है। नोटिस के अनुसार, शिकायतकर्ता और पीड़ित पक्ष दोनों को अपने दस्तावेजों के साथ उपस्थित रहना होगा। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि शहीद नगरी के नाम से मशहूर इस क्षेत्र में मतदाता सूची के नाम पर भेदभाव का वातावरण तैयार किया जा रहा है। पुनरीक्षण प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल शिकायतकर्ता किसी बड़े पद पर नहीं हैं, फिर भी उनकी थोक में दी गई शिकायतों पर जिस तरह से कार्रवाई हो रही है, उसने पूरी पुनरीक्षण प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों का दावा है कि यह केवल एक वार्ड का मामला नहीं है, बल्कि पूरे जिले में मतदाता सूची को प्रभावित करने के लिए इसी तरह का खेल चल रहा है। एक ही व्यक्ति द्वारा सैकड़ों लोगों के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराना और प्रशासन द्वारा बिना स्थलीय सत्यापन के जीवित लोगों को नोटिस जारी करना गहरी लापरवाही को दर्शाता है।

ऑडिट से पहले हादसा! आबकारी भवन के ऑडिट रूम में आग, अहम दस्तावेज राख

रायपुर राजधानी रायपुर के लाभांडी स्थित आबकारी भवन में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात भीषण आग लग गई। आग भवन की तीसरी मंजिल पर स्थित छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के कार्यालय में लगी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आग ऑडिट रूम में लगी है। जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह से ही विभाग का महत्वपूर्ण ऑडिट शुरू होना था, लेकिन उससे पहले ही आधी रात को लगी इस आग में ऑडिट से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण फाइलें और दस्तावेज जलकर स्वाहा हो गए। घटना की सूचना मिलते ही दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।   पुलिस और एफएसएल की टीम कर रही जांच फिलहाल आग लगने का कारण अज्ञात बताया जा रहा है, लेकिन ऑडिट से ठीक पहले फाइलों का जलना कई संदेहों को जन्म दे रहा है। मामला तेलीबांधा थाना इलाके का है। पुलिस और एफएसएल की टीम घटना की जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह महज एक दुर्घटना है या किसी साजिश के तहत फाइलों को नष्ट किया गया है।

अवैध देह व्यापार का भंडाफोड़, छापेमारी में मकान मालिक और महिला दबोचे गए

रायगढ़ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में देह व्यापार के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में आज एक बार फिर पुलिस ने बोईरदादर इलाके में देह व्यापार के अड्डे पर दबिश दी। इस कार्रवाई से शहर में सक्रिय अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। यह मामला चक्रधरनगर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार देह व्यापार की सूचना पर सीएसपी मयंक मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सटीक योजना बनाकर बोईरदादर स्थित एक मकान में रेड की। कार्रवाई के दौरान मौके से मकान मालिक नारायण वैष्णव और एक संदिग्ध महिला को पकड़ा गया। इसके बाद पुलिस ने मकान मालिक नारायण वैष्णव के खिलाफ पीटा एक्ट की धारा 3, 4, 5 और 7 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। वहीं आरोपी के कब्जे से नगद राशि, मोबाइल फोन और आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई है। इस पूरी कार्रवाई में चक्रधरनगर थाना, साइबर थाना और महिला थाना की संयुक्त टीम शामिल रही, जिन्होंने समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस द्वारा आगे की जांच की जा रही है और देह व्यापार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। बता दें कि एक हप्ते के भीतर पुलिस ने पीटा एक्ट के तहत यह तीसरी कार्रवाई की है। मामले पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि रायगढ़ पुलिस देह व्यापार सहित सभी प्रकार की सामाजिक बुराइयों का पूर्णतः खात्मा करने के लिए प्रतिबद्ध है और अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों पर आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

शातिरों का अनोखा भेष: बोलेरो को बनाया एंबुलेंस, कॉपर और एल्युमिनियम की चोरी करते पकड़े गए

बिलासपुर जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण क्षेत्र में बिजली के ट्रांसफार्मरों से कॉपर और एल्युमिनियम वायर चोरी की लगातार हो रही घटनाओं पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक संगठित अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के सदस्य बोलेरो को एंबुलेंस के रूप में तैयार कर पुलिस और लोगों को भ्रमित करते थे। कब्जे से 17.30 लाख का चोरी का माल जब्त इसी वाहन से ट्रांसफार्मरों से चोरी किए गए कॉपर और एल्युमिनियम को कबाड़ी के ठिकाने तक पहुंचाया जाता था। पुलिस ने अलग-अलग जगहों से गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 17 लाख 30 हजार रुपये का चोरी का माल, वाहन और औजार जब्त किए हैं।   जांजगीर-चांपा जिले के एएसपी उमेश कुमार कश्यप ने बताया कि शिवरीनारायण क्षेत्र में जनवरी माह के दौरान ट्रांसफार्मर चोरी की दो बड़ी घटनाएं सामने आई थीं। बिजली विभाग के इंजीनियर ने अपनी शिकायत में बताया कि 13–14 जनवरी की रात रोड दुरपा के पास लगे पुराने ट्रांसफार्मर से करीब 230 किलो कॉपर चोर ले गए हैं। इसी तरह 22 जनवरी को लोहर्सी के पास लगे ट्रांसफार्मर से लगभग 200 किलो कॉपर वायर चोरी होने की रिपोर्ट धनंजय यादव ने शिवरीनारायण थाने में दर्ज कराई। शिकायत मिलने पर पुलिस ने जुर्म दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। अधिकारियों ने निर्देश पर स्पेशल टीम का गठन किया गया। संगठित गिरोह इस तरह की चोरी में लिप्त जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्य, मुखबिर तंत्र और पूर्व अपराध रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली कि एक संगठित गिरोह इस तरह की चोरी में लिप्त है। सूचना के आधार पर पुलिस की टीम ने मस्तूरी क्षेत्र के रिस्दा परसाडीह में रहने वाले अमर बाबू उर्फ कुंदन वानी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पहले तो वह गोलमोल जवाब दे रहा था। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपित ने अपने साथियों के साथ मिलकर ट्रांसफार्मर और केबल चोरी की घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपित के कब्जे से ट्रांसफार्मर, कॉपर और एल्युमिनियम वायर, चार मोबाइल, छोटा हाथी वाहन, बोलेरो, कटर मशीन, ब्लेड और पाना-पेंचिस जब्त किए हैं। इनकी हुई गिरफ्तारी पुलिस ने कापर और एल्यूमिनियम चोरी के मामले में अमर बाबू उर्फ कुंदन वानी (26), संतोष भास्कर (38), वीरेंद्र सुमन (39), राज आर्यन वानी उर्फ छोटू वानी (20), अमन रात्रे (20) और राज आर्यन उर्फ रोहित वानी (21) को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपित मस्तूरी थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। 10 से अधिक चोरी की घटनाएं सामने आईं पूछताछ में आरोपित ने बताया कि गिरोह ने मुलमुला और अकलतरा क्षेत्र सहित अन्य गांवों में भी एल्युमिनियम केबल चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। इसके अलावा बलौदाबाजार और बिलासपुर जिले में भी पूर्व में चोरी की वारदातों में शामिल रहे। पुलिस की प्रारंभिक जांच में गिरोह द्वारा 10 से अधिक चोरी की घटनाएं करना सामने आई हैं। आरोपित और उसके सहयोगियों के खिलाफ पूर्व में भी भाटापारा ग्रामीण, गिधौरी, मस्तूरी और पचपेड़ी थानों में चोरी के मामले दर्ज हैं। चोरी का तांबे और एल्यूमिनियम जब्त पूछताछ में पता चला है कि शहर में चोरी के तांबा और एल्यूमिनियम को खपाया जा रहा है। इधर बताया जा रहा है कि शहर के करबला, शनिचरी, सरकंडा, कोनी, उसलापुर ओवरब्रिज, तिफरा ओवरब्रिज और सिरगिट्टी क्षेत्र में तांबा और एल्यूमिनियम खरीदने वालों के बड़े यार्ड हैं।  

खौफनाक हादसा: लौह अयस्क से भरे ट्रक ने बाइक को रौंदा, 50 मीटर तक घसीटने से दो की जान गई

भानुप्रताप्रतपुर भानुप्रतापुर–दल्ली राजहरा मार्ग पर ग्राम टेकाढ़ोडा (साल्हे) के पास एक भीषण सड़क हादसे में दो युवकों की जान चली गई। दोनों युवक बाइक से जा रहे थे तभी लौह अयस्क से भरे एक ट्रक ने उनकी बाइक को चपेट में ले गया। घटना की सूचना मिलते ही कच्चे पुलिस मौके पर पहुंची। इस दौरान ट्रक के नीचे फंसी बाइक और शव निकालने के लिए पुलिस को जेसीबी मशीन की मदद लेनी पड़ी। जानकारी के मुताबिक, हादसा उस वक्त हुआ जब दोनों मृतक युवक ग्राम साल्हे के निवासी थे और भानुप्रतापपुर की ओर जा रहे थे। ट्रक के संपर्क में आने के बाद एक युवक ट्रक के नीचे फंस गया, जबकि दूसरा ट्रक के पिछले चक्कों में दब गया। ट्रक ने दोनों को लगभग 50 मीटर तक घसीटते हुए आगे बढ़ाया। स्थानीय लोगों ने बताया कि एक युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल दूसरा युवक अस्पताल पहुंचने से पहले दम तोड़ गया। हादसे के कारण लगभग एक घंटे तक मार्ग पर यातायात बाधित रहा। पुलिस ने बताया कि ट्रक चालक हादसे के बाद वाहन छोड़कर फरार हो गया था, लेकिन कुछ समय बाद वह कच्चे पुलिस चौकी में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

तीन बच्चों के साथ महिला अचानक गायब, मायके जाने की कही थी बात

बिलासपुर छत्तीसगढ़ में एक महिला अपने तीन बच्चों के साथ रहस्यमयी तरीके से लापता  हो गई है. महिला कबीरधाम जिले के पांडा तराई क्षेत्र से करीब सात दिन पहले अपने मायके बिलासपुर के अशोकनगर जाने के लिए निकली थी. परिजनों के अनुसार, वह घर से यह कहकर निकली थी कि बच्चों के साथ अस्पताल में इलाज कराने के लिए बिलासपुर जा रही है, लेकिन वहां पहुंचने ही नहीं। घटना के बाद से परिजन परेशान हैं, महिला और बच्चों की तलाश की जा रही है. पांडातराई थाना क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 15 निवासी बिसेन कार्निक पिता राजेन्द्र कार्निक (34 वर्ष) ने पत्नी पुष्पनंदनी कार्निक (26 वर्ष) के तीन बच्चों सहित लापता होने की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई है. बिसेन कार्तिक ने पुलिस को सिविल लाइन पुलिस को बताया कि, 2 फरवरी को दोपहर लगभग 12 बजे उसकी पत्नी तबीयत खराब होने की बात कहकर इलाज कराने मायके बिलासपुर जाने के लिए तीन बच्चों के साथ शारदा बस से रवाना हुई थी. शाम करीब 6 बजे संपर्क करने पर पत्नी के दोनों मोबाइल नंबर बंद मिले. इसके बाद ससुराल पक्ष से संपर्क करने पर जानकारी मिली कि, पुष्पनन्दनी वहां भी नहीं पहुंची है. परिजनों द्वारा देर रात तक रिश्तेदारों, बस स्टैंड एवं रेलवे स्टेशन में तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. अगले दिन बस चालक से पूछताछ करने पर उसने महाराणा प्रताप चौक में महिला और बच्चों को उतारने की जानकारी दी. लापता पति का पुलिस पर आरोप लापता महिला के पति की शिकायत पर पुलिस थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. वहीं पति का आरोप है कि पुलिस  उसकी पत्नी और बच्चों को ढूंढने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही. उसने पुलिस और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई.

नक्सलवाद के खात्मे की तैयारी तेज, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में अहम बैठक, मार्च 2026 पर नजर

रायपुर देश से नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन को लेकर केंद्र और नक्सल प्रभावित राज्यों के बीच आज रायपुर में निर्णायक दौर की बैठकों का सिलसिला शुरू हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित इन बैठकों को मार्च 2026 की तय समय-सीमा से पहले की सबसे अहम रणनीतिक बैठक माना जा रहा है। पहली समीक्षा बैठक सुबह शुरू हुई, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा, गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य के पुलिस महानिदेशक सहित देश के नक्सल प्रभावित राज्यों के डीजीपी, गृह सचिव और शीर्ष सुरक्षा अधिकारी शामिल हैं। बैठक में नक्सल प्रभावित इलाकों की मौजूदा सुरक्षा स्थिति, इंटेलिजेंस नेटवर्क की मजबूती, सुरक्षाबलों के ऑपरेशन की गति और बचे हुए संवेदनशील क्षेत्रों में कार्रवाई को तेज करने पर विस्तृत चर्चा की जा रही है। तय समय-सीमा के भीतर नक्सलवाद के अंतिम गढ़ों को समाप्त करने के लिए ठोस एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। दिनभर चलेगा मंथन पहली बैठक दोपहर 12:45 बजे तक चलेगी। इसके बाद दोपहर 2 बजे तक दूसरी समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। दोपहर 2 से 3 बजे तक लंच ब्रेक रहेगा, जबकि शाम 3 बजे से 4:15 बजे तक एक बार फिर उच्चस्तरीय चर्चा होगी। इसके पश्चात शाम 5 बजे से 6:10 बजे तक “छत्तीसगढ़ @ 25 – शिफ्टिंग द लेंस” विषय पर राष्ट्रीय कॉन्क्लेव का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें राज्य के भविष्य और विकास के नए दृष्टिकोण पर विचार किया जाएगा। दो प्रमुख एजेंडों पर होगा फैसला उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि यह 31 मार्च 2026 की डेडलाइन से पहले की अंतिम बड़ी समीक्षा बैठक है। बैठक में दो मुख्य मुद्दों पर विशेष रूप से चर्चा हो रही है। पहला, देश को तय समय सीमा तक पूरी तरह सशस्त्र नक्सलवाद से मुक्त करने की रणनीति। दूसरा, बस्तर सहित नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लंबे समय से रुके विकास कार्यों को गति देने का रोडमैप।

छत्तीसगढ़ में रेल विकास को मिलेगी तेजी, ₹7,470 करोड़ का बजट और ₹51,080 करोड़ की परियोजनाओं पर काम जारी

रायपुर  छत्तीसगढ़ राज्य में रेल अधोसंरचना के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण को निरंतर गति प्रदान करने के उद्देश्य से भारतीय रेल द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए राज्य को ₹7,470 करोड़ का बजट अनुदान प्रदान किया गया है। इस अनुदान के माध्यम से राज्य में रेल संपर्क को मजबूत करने, यात्री सुविधाओं में सुधार, माल परिवहन क्षमता बढ़ाने तथा सुरक्षा मानकों को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न विकासात्मक कार्य किए जा रहे हैं। वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य में ₹51,080 करोड़ की लागत की रेल परियोजनाएँ विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। इन परियोजनाओं के अंतर्गत नई रेल लाइनों का निर्माण, अतिरिक्त लाइनों का विकास, स्टेशनों का पुनर्विकास, रेल संरक्षा कार्य तथा आधुनिक तकनीक आधारित अवसंरचना का विकास किया जा रहा है, जिससे राज्य के औद्योगिक, सामाजिक एवं आर्थिक विकास को निरंतर बल मिल रहा है। वर्तमान में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में संचालित प्रमुख रेल परियोजनाओं में  बिलासपुर–झारसुगुड़ा चौथी लाइन परियोजना शामिल है, जिसकी कुल लंबाई 206 किलोमीटर तथा लागत ₹2,135.34 करोड़ है। इस परियोजना के अंतर्गत अब तक 175 किलोमीटर से अधिक चौथी रेल लाइन का कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जिससे इस व्यस्त रेलखंड पर परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।  बिलासपुर–नागपुर रेल खंड पर बिलासपुर से गोंदिया के बीच विभिन्न खंडों (पैचों) में चौथी रेल लाइन का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।  दल्लीराझरा–रावघाट नई रेल लाइन परियोजना, जिसकी कुल लंबाई 95 किलोमीटर एवं लागत ₹16,275.56 करोड़ है, के अंतर्गत 77.35 किलोमीटर नई रेल लाइन का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। यह परियोजना विशेष रूप से दुर्गम एवं आदिवासी क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। छत्तीसगढ़ राज्य में खरसिया–नया रायपुर–परमालकसा नई रेल लाइन परियोजना भी प्रगति पर है, जिसकी कुल लंबाई 278 किलोमीटर तथा अनुमानित लागत ₹7,854 करोड़ है। यह परियोजना राज्य की राजधानी क्षेत्र सहित औद्योगिक एवं वाणिज्यिक गतिविधियों को बेहतर रेल संपर्क प्रदान करेगी।  सरदेगा–भालूमाड़ा नई रेल लाइन परियोजना, जिसकी लंबाई 37.24 किलोमीटर एवं लागत ₹1,282 करोड़ है, क्षेत्रीय संपर्क को सुदृढ़ करने के साथ-साथ खनिज परिवहन को अधिक सुगम बनाएगी।  रावघाट–जगदलपुर नई रेल लाइन परियोजना, जिसकी कुल लंबाई 140 किलोमीटर तथा लागत ₹3,513 करोड़ है, बस्तर अंचल को रेल नेटवर्क से जोड़ते हुए क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई दिशा प्रदान करेगी। यात्री सुविधाओं के उन्नयन की दिशा में अमृत स्टेशन योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों का आधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्विकास किया जा रहा है।  राज्य में वर्तमान में वंदे भारत एक्सप्रेस की दो जोड़ी सेवाएँ ( बिलासपुर नागपुर बिलासपुर एवं दुर्ग विशाखापट्टनम दुर्ग ) तथा अमृत भारत एक्सप्रेस की एक जोड़ी सेवा ब्रह्मपुर (ओडिशा)-उधना (सूरत गुजरात) के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन संचालित की जा रही हैं, जिससे यात्रियों को तेज, सुरक्षित एवं आधुनिक रेल यात्रा का लाभ मिल रहा है। इसके साथ ही राज्य में रेल नेटवर्क का निरंतर विस्तार करते हुए पिछले 10-11 वर्षों में नई रेल पटरियों का निर्माण, संपूर्ण रेल विद्युतीकरण तथा 170 फ्लाईओवर एवं अंडरपास का निर्माण किया गया है, जिससे रेल एवं सड़क यातायात अधिक सुरक्षित और सुगम हुआ है।  वर्तमान में छत्तीसगढ़ में कुल 1,083 रेलवे कार्य स्वीकृत हैं, जिनमें से 845 कार्य विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। ये सभी प्रयास छत्तीसगढ़ को एक आधुनिक, सुरक्षित एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित रेल नेटवर्क प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।