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खाद्य गुणवत्ता पर सख्ती, लगातार औचक जांच में कई जिलों में कार्रवाई

रायपुर. खाद्य सामग्रियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने लगातार औचक जांच आमजन को स्वच्छ, सुरक्षित एवं पोषणयुक्त खाद्य सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा प्रदेशभर में लगातार औचक निरीक्षण एवं वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।  धमतरी जिले में 73 परिसरों का निरीक्षण खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला धमतरी द्वारा जनवरी 2026 में कुल 73 खाद्य परिसरों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान 14 परिसरों को आवश्यक सुधार हेतु निर्देशित किया गया। इस अवधि में 1 खाद्य नमूना संग्रहित किया गया तथा 2 प्रकरण एडीएम न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। उपभोक्ताओं से प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर रमन स्वीट्स, बस स्टैंड धमतरी से ‘ढोकना’ का नमूना संकलित कर प्रयोगशाला जांच हेतु भेजा गया। इसके अतिरिक्त खाद्य पदार्थ परोसने में अखबारी कागज के उपयोग को हतोत्साहित करने हेतु प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जनजागरूकता अभियान चलाया गया। सभी खाद्य कारोबारकर्ताओं को फॉसटैक प्रशिक्षण प्राप्त कर प्रमाण-पत्र परिसर में प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं। बलौदाबाजार-भाटापारा में पोहा मिलों पर कार्रवाई जिला बलौदाबाजार-भाटापारा में जनवरी 2026 के दौरान भाटापारा स्थित मातारानी इंडस्ट्रीज (सेमरिया रोड, खोखली), महासती उद्योग (सूरजपुरा रोड) एवं एन.एस. इंडस्ट्रीज (खोखली) का निरीक्षण किया गया। मातारानी इंडस्ट्रीज में खाद्य लेबल पर विनिर्माता के स्थान पर अन्य फर्म का नाम एवं पता अंकित पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की गई।महासती उद्योग से पोहा का विधिक नमूना लिया गया। एन.एस. इंडस्ट्रीज में नवीनीकरण के समय फोरेंकोस में अपलोड किए गए स्व-निरीक्षण प्रतिवेदन में असत्य जानकारी पाए जाने पर निरीक्षण कर पोहा एवं नायलॉन पोहा के विधिक नमूने लिए गए तथा नोटिस जारी किया गया। इस माह जिले में कुल 5 विधिक नमूने संकलित किए गए और 1 प्रकरण एडीएम न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। महासमुंद में गुटखा जब्ती, 15.50 लाख का जुर्माना जिला महासमुंद में जनवरी 2026 के दौरान निरीक्षण के समय कुल 13 नमूने संकलित किए गए, जिनमें 8 विधिक, 4 सर्विलेंस नमूने तथा 1 सूचना सुधार प्रकरण शामिल है। कार्रवाई के दौरान 92,352 पाउच प्रतिबंधित गुटखा, 2 किलोग्राम बेसन एवं 500 ग्राम बारीक सेव (अवमानक तिथि पार) जब्त की गई। न्याय निर्णयन अधिकारी द्वारा संबंधित प्रकरणों में 15,50,000 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया। इसके अतिरिक्त बिना अनुज्ञप्ति/पंजीयन के 2 प्रकरणों में धारा 69 (कंपाउंडिंग) के अंतर्गत 20,100 रुपये का जुर्माना लगाया गया। साथ ही 51 नग अखाद्य रंग नष्ट किए गए। रायगढ़ में संदिग्ध वाहन से दुग्ध उत्पाद जब्त जिला रायगढ़ में संदिग्ध पिकअप वाहन द्वारा शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विक्रय हेतु परिवहन की जा रही लगभग 2 लाख रुपये मूल्य की दुग्ध उत्पाद सामग्री (कॉलेज एनालॉग एवं दही) जब्त की गई। नमूने गुणवत्ता जांच हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजे गए हैं। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के पश्चात संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा प्रदेश के नागरिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु निरंतर सघन निरीक्षण एवं कार्रवाई जारी रखी जाएगी।

औषधीय व सुगंधित फसलों की ओर आकर्षित हुए किसान, मेले में दिखा उत्साह

रायपुर. किसान मेले में औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती के प्रति किसानों में बढ़ी रूझान औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती में किसानों की रुचि तेजी से बढ़ी है, जिसका मुख्य कारण पारंपरिक फसलों की तुलना में अधिक लाभ, कम लागत और बाजार में मांग है। अश्वगंधा, लेमनग्रास, तुलसी और खस जैसी फसलों से किसान प्रति एकड़ अच्छी कमाई कर रहे हैं, जिसमें सरकार की सब्सिडी और तकनीकी सहायता भी मदद कर रही है।   किसान मेले में औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती के प्रति किसानों में बढ़ी रूझान   औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती को बढ़ावा छत्तीसगढ़ युवा प्रगतिशील किसान संघ द्वारा आयोजित किसान मेले में छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड ने सक्रिय सहभागिता की। कुम्हारी, दुर्ग में 30-31 जनवरी को आयोजित दो दिवसीय किसान मेले में बोर्ड द्वारा लगाए गए स्टॉल के माध्यम से औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती को बढ़ावा देने हेतु संचालित शासकीय योजनाओं एवं कार्यों की जानकारी दी गई।  किसान मेले में औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती के प्रति किसानों में बढ़ी रूझान कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा, कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, वन मंत्री  केदार कश्यप, वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी, शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव, सांसद दुर्ग  विजय बघेल सहित कृषि विभाग एवं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। किसानों के विशेष आकर्षण का केंद्र लेमनग्रास की खेती स्टॉल पर विभिन्न आकर्षक मॉडलों के माध्यम से खेती के सफल उदाहरण प्रस्तुत किए गए। इनमें नदी किनारे की रेतीली एवं अनुपयोगी भूमि पर खस की खेती, महिला सशक्तिकरण के लिए घरों की बाड़ी में सिंदूरी, सतावर एवं ब्राह्मी का रोपण तथा धान की खेती के कन्वर्जेंस के रूप में लेमनग्रास की खेती के मिनिएचर मॉडल शामिल रहे। ये मॉडल किसानों एवं आमजनों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने। औषधीय एवं सुगंधित पौधे मच्छर एवं कीट-पतंगों को दूर भगाने में सहायक उल्लेखनीय है कि इस किसान मेले में बोर्ड द्वारा औषधीय एवं सुगंधित पौधों से तैयार उत्पादों का निःशुल्क वितरण भी किया गया। अनंतमूल की जड़ से तैयार नन्नारी शरबत किसानों एवं आमजनों परोसा गया, जो शरीर को आंतरिक रूप से ठंडक प्रदान करता है और ग्रीष्म ऋतु में लू से बचाव में सहायक है। इसके साथ ही लेमनग्रास तेल की 10 मि.ली. शीशियों का निःशुल्क वितरण किया गया। लेमनग्रास तेल का उपयोग मानसिक शांति, सुगंधित वातावरण बनाने, मच्छर एवं कीट-पतंगों को दूर भगाने तथा तेल में मिलाकर मालिश के लिए किया जाता है। किसान मेले में लगभग 1000 से 1500 किसानों एवं आमजनों ने बोर्ड के स्टॉल से जानकारी प्राप्त की तथा नन्नारी शरबत और लेमनग्रास तेल के फायदे के बारे में विस्तृत जानकारी।

आईजीकेवी उत्पाद विक्रय काउंटर का आईसीएआर महानिदेशक ने किया निरीक्षण

रायपुर. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट ने आज यहां इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय  रायपुर के उत्पाद विक्रय काउंटर का दौरा कर विश्वविद्यालय द्वारा विकसित विभिन्न कृषि उत्पादों, तकनीकों एवं मूल्य संवर्धित वस्तुओं का अवलोकन किया।  डॉ जाट ने कृषि विश्वविद्यालय की इस अभिनव पहल की सराहना की. इस अवसर पर उन्होंने वैज्ञानिकों, कृषि उद्यमियों तथा आईजीकेवी से संबद्ध कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) एवं एफपीओ प्रतिनिधियों से संवाद किया। इस विक्रय केंद्र में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित कृषि विज्ञान केंद्रों, कृषक उत्पाद संगठनों तथा महिला स्व सहायता समूहों द्वारा उत्पादित कृषि उत्पादों का विक्रय किया जा रहा है।     भ्रमण के दौरान डॉ. जाट के साथ प्रमुख रूप से डॉ. डी. के. यादव, उप महानिदेशक (फसल विज्ञान), आईसीएआर; डॉ. राजवीर सिंह, उप महानिदेशक (विस्तार), आईसीएआर; डॉ. गिरीश चंदेल, कुलपति, आईजीकेवी; डॉ. पी. के. रॉय, निदेशक, एनआईबीएसएम, रायपुर; डॉ. एस. आर. के. सिंह, निदेशक, अटारी जोन-IX, जबलपुर तथा डॉ. एस. एस. टुटेजा, निदेशक, विस्तार सेवाएं, आईजीकेवी, रायपुर उपस्थित थे।     महानिदेशक ने आईजीकेवी की अनुसंधान, विस्तार एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरण गतिविधियों की समीक्षा की तथा विभिन्न महाविद्यालयों, केवीके एवं केवीके-समर्थित एफपीओ द्वारा तैयार उत्पादों की गुणवत्ता की सराहना की। उन्होंने बाजारोन्मुख कृषि, मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग और व्यावसायीकरण पर विशेष बल देते हुए कहा कि ऐसे प्रयास किसानों की आय वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।     यह भ्रमण नवाचार-आधारित एवं किसान-केंद्रित कृषि विकास के प्रति आईसीएआर की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

संघर्ष से सफलता तक: डस्टबिन से उद्योग खड़ा करने वाली अंजना उरांव

रायपुर. डस्टबिन से उद्योग तक- अंजना उरांव की आत्मनिर्भरता की उड़ान कभी-कभी जीवन की दिशा बदलने के लिए किसी बड़े मंच, बड़े अवसर या बड़े संसाधन की आवश्यकता नहीं होती। कभी-कभी एक डस्टबिन में पड़ा काग़ज़ का टुकड़ा भी जीवन की करवट बदल देता है। कोरिया जिले के बैकुंठपुर विकासखण्ड के ग्राम तोलगा की अंजना उरांव की कहानी इसी सच्चाई को सशक्त रूप से सामने रखती है, जो कड़ी मेहनत और लगन से ही स्थायी सफलता हासिल की।  अंजना उरांव कोई उद्योगपति परिवार से नहीं आतीं, न ही उनके पास पूंजी, सिफ़ारिश या विशेष प्रशिक्षण था। वे जनपद पंचायत खड़गवां में एक अंशकालिक डाटा एंट्री ऑपरेटर हैं। स्नातकोत्तर डिग्री होने के बावजूद मात्र चार हजार रुपये मासिक मानदेय पर कार्यरत हैं। जीवन एक तयशुदा सीमित दायरे में चल रहा था, तभी एक दिन कार्यालय के डस्टबिन में उन्हें एक फटा हुआ पन्ना मिला। उस पन्ने पर लिखा था प्रधानमंत्री सृजन स्वरोजगार योजना वह पन्ना कचरा नहीं था, वह संभावना थी। अंजना ने उसे पढ़ा, समझा और उसी क्षण मन में यह निश्चय किया कि वे सिर्फ़ नौकरी करने वाली नहीं, बल्कि कुछ सृजित करने वाली बनेंगी। विरोध, संदेह और संघर्ष का दौर योजना की जानकारी लेने जब उन्होंने जनपद कार्यालय में चर्चा की तो अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ मिलीं। किसी ने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र जाने की सलाह दी, तो किसी ने यह कहकर हतोत्साहित किया कि बैंक और योजनाओं के चक्कर में पड़ना बेवकूफी है। लेकिन अंजना ने हार नहीं मानी। उन्होंने एक रोचक बात भी बताई कि एक बार मोबाइल व अखबार में जिला कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी का बयान आया था कि महिलाएं किसी से कम नहीं है, अपने हिम्मत से आगे बढ़ सकती हैं। यह वाक्य उनके दिमाग बसा था, इसी जुनून ने आगे बढ़ने के लिए भी प्रेरित किया। अंजना ने जब जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र से जानकारी लेने के बाद जब पोड़ी-बचरा क्षेत्र में फ्लाईऐश ईंट निर्माण इकाई देखी, तो उनके भीतर एक उद्यमिता जन्म लेने लगा। उन्होंने तय किया कि वे भी फ्लाईऐश ईंट उद्योग स्थापित करेंगी। इसके बाद शुरू हुआ असली संघर्ष दस्तावेज़ों की लंबी सूची, बैंकों के बार-बार चक्कर, ऋण अस्वीकृतियाँ और सामाजिक दबाव। मायके और ससुराल दोनों ओर से एक ही सलाह मिली यह लफड़ा मत पालो। अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखें कि आप अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं। अंजना की जुनून के आगे बढ़ने में पति का रहा साथ ऐसे समय में उनके पति अनिल कुमार उनके सबसे बड़े संबल बना। दसवीं तक पढ़े अनिल कुमार को उद्योग का अनुभव नहीं था, लेकिन मेहनत, खेती और परिवार की जिम्मेदारी निभाने का जज्बा भरपूर था। उन्होंने अंजना के सपने को अपना सपना बना लिया। अंततः बैकुंठपुर स्थित एचडीएफसी बैंक से 30 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। कटघोरा से मशीनें मंगाई गईं, शेड का निर्माण हुआ, कोरबा से फ्लाईऐश और स्थानीय स्तर से रेत-सीमेंट की व्यवस्था की गई। सपना बना हकीकत अगस्त 2025 में इकाई का लोकार्पण हुआ और अक्टूबर 2025 से उत्पादन शुरू हुआ है। आज अंजना उरांव की अंजना इंटरप्राइजेज फ्लाईऐश ब्रिक्स इकाई लगातार उत्पादन कर रही है। अब तक लगभग 80 हजार ईंटों का निर्माण हो चुका है। वे प्रतिमाह 60 हजार रुपये की बैंक किश्त नियमित रूप से जमा कर रही हैं, बिना किसी चूक के। संयुक्त परिवार, खेती, बच्चों की परवरिश और उद्योग, सब कुछ संतुलन के साथ चल रहा है। चार एकड़ भूमि पर धान और गेहूं की खेती भी जारी है। अब ईंटों की मांग बढ़ती जा रही है। जल्द ही वे ईंट रखने की लकड़ी की ट्रॉली (पीढ़ा) खरीदने वाली हैं। उनका लक्ष्य है प्रतिदिन 15 हजार ईंट उत्पादन और प्रतिमाह 6 से 7 लाख रुपये का कारोबार । डस्टबिन से मिली पहचान आज वही परिवार और समाज, जिसने कभी उन्हें रोका था, उनके साहस की सराहना करता है। अंजना उरांव स्वयं कहती हैं, श्लोग जिस डस्टबिन को कचरा समझते हैं, उसी डस्टबिन ने मुझे मेरी पहचान दी। इसलिए जहाँ से भी ज्ञान मिले, उसे अपनाइए। मेहनत, जुनून और लगन से कोई भी बाधा पार की जा सकती है।          सकारात्मक और प्रेरणादायक लोगों के साथ रहें, जो आपको आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें। कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी का कहना है कि अंजना उरांव निश्चित ही उन महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं, जो साधनों और संसाधनों के अभाव का हवाला देकर आगे बढ़ने से रुक जाती हैं। सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ लेकर एक सफल उद्यमी बनने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही अंजना पर गर्व किया जाना चाहिए। यह एक कहानी नहीं, बल्कि एक संदेश         अंजना उरांव की यह कहानी सिर्फ़ एक महिला उद्यमी की सफलता नहीं है। यह कहानी है सरकारी योजनाओं के सही उपयोग, ग्रामीण महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर भारत की जमीनी तस्वीर और उस सोच की, जो अवसर को कचरे में भी खोज लेती है। डस्टबिन से उद्योग तक का यह सफ़र बताता है कि सपनों को हकीकत में बदलने के लिए दृढ़ निश्चय, कड़ी मेहनत और अटूट आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है, तभी मजिल को हासिल किया जा सकता है।

कन्नौजिया राठौर समाज भवन का लोकार्पण, तैलिक विकास समिति भवन की आधारशिला : उद्योग मंत्री देवांगन

रायपुर. कैबिनेट मंत्री  लखन लाल देवांगन कोरबा विधायक और छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन ने रविवार को कन्नौजिया राठौर समाज क़े 25 लाख की लागत से बने सामुदायिक भवन के ऊपरी तल का लोकार्पण और साहू समाज, तैलिक विकास समिति बालको नगर क़े भवन एवं अन्य विस्तार कार्य लागत 20 लाख का विधिवत भूमि पूजन कर विकास कार्यों की सौगात दी। उद्योग मंत्री  देवांगन ने कन्नौजिया राठौर समाज क़े 25 लाख क़े भवन का लोकार्पण और तैलिक विकास समिति क़े 20 लाख क़े भवन की रखी आधारशिला मैगजीन भाटा दादर खुर्द स्थित कनौजिया राठौर समाज के वार्षिक सम्मेलन और लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए मंत्री  लखन लाल देवांगन ने नवनिर्मित भवन का फीता काटकर लोकार्पण किया। इस अवसर पर मंत्री  देवांगन ने कहा कि कन्नौजिया राठौर समाज आज हर क्षेत्र में अग्रसर है, समाज का स्नेह और आशीर्वाद प्रारंभ से मुझे मिलता रहा है,महापौर कार्यकाल में इस भवन की नींव रखी गई थी। पिछली बार कार्यक्रम में समाज ने 25 लाख की लागत क़े ऊपरी तल के निर्माण के लिए आग्रह किया था, जिसे सहर्ष स्वीकार करते हुए स्वीकृति दी गई थी। मुझे आज गौरवान्वित महसूस हो रहा है की आज इस परिसर के ऊपरी तल का लोकार्पण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के अवसर पर मंत्री  देवांगन ने मंच की विकास कार्य हेतु 7 लाख की अतिरिक्त घोषणा की। कनौजिया राठौर समाज के जिला अध्यक्ष  सीताराम राठौर ने कहा कि यह हमारे लिए गौरव की बात है की लखन लाल देवांगन जैसा नेतृत्व कर्ता कोरबा नगर का विधायक और छत्तीसगढ़ शासन में कैबिनेट मंत्री हैं। समाज के हर सार्वजनिक कार्यक्रमों में मंत्री  देवांगन आत्मीय रूप से सम्मिलित होते हैं, जब भी समाज ने मांग की है तब तब हर्ष क़े साथ उन्होंने स्वीकृति दी है। कन्नौजिया राठौर समाज का पूरा आशीर्वाद सदैव मंत्री  लखन लाल देवांगन पर बना रहेगा। इसी तरह साहू समाज तैलिक विकास समिति बालकोनगर क़े भवन क़े भूमि पूजन और स्नेह सम्मेलन में शामिल हुए मंत्री  देवांगन ने भक्त  माता कर्मा की पूजा अर्चना कर 20 लाख की लागत से बनने वाले भवन एवं अन्य विकास कार्यों का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर मंत्री  देवांगन ने कहा कि मेहनत और ईमानदारी साहू समाज की पहचान है जिसके कारण समाज आज हर क्षेत्र में तरक्की कर रहा है। उन्होंने कहा कि अन्य समाजों को साथ लेकर चलने की अद्भुत क्षमता साहू समाज में निहित है। साहू समाज तैलिक विकास समिति बालको नगर को आज 20 लाख की सौगात देते हुए हर्ष हो रहा है। समाज का स्नेह और भक्ति माता कर्मा का आशीर्वाद ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी और ताकत है उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी और माननीय मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय जी द्वारा विकास कार्यों क़े लिए लगातार विकास कार्यों के लिए राशि दी जा रही है, शहर के विकास के साथ-साथ हर समाज की मांग अनुरूप विकास कार्य उनकी प्राथमिकता है। इस अवसर पर सभापति नूतन सिंह, पार्षद  नरेंद्र देवांगन , मंडल अध्यक्ष  राजेश राठौर ,  पार्षद  मुकुंद कंवर ,पार्षद  तरुण राठौर ,पार्षद  सुभाष राठौर,कन्हैयालाल राठौर, समाज क़े अध्यक्ष  सीताराम राठौर, हेमचंद राठौर , राघवेंद्र राठौर , श्याम लाल राठौर, कन्हैया राठौर, जिला पंचायत सभापति सु आशा साव,संजय राठौर जी, हीरा राठौर,रामकुमार  राठौर,चेतन राठौर  व जिले भर की इकाईयो से आए समाज क़े गणमान्य जन उपस्थित रहे। इसी तरह बालको नगर में इस अवसर पर पार्षद  सत्येंद्र दुबे ,पार्षद  मंगल बंदे, पार्षद श्रीमती सीमा कंवर ,पार्षद  कृपाराम साहू , पार्षद  मुकुंद कंवर, समिति के संरक्षक  गोरेलाल साहू,अध्यक्ष  अमर दास साहू,डीक़ेश्वर साहू,  शशिकांत साहू ,लेख राम साहू ,लीलकांत साहू सहित अधिक संख्या में समाज क़े पदाधिकारी गण व आमजन उपस्थित रहे। हर समाज की सेवा और विकास ही प्राथमिकता :महापौर श्रींमती संजू देवी राजपूत     उक्त कार्यक्रम में महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने कहा की शहर क़े साथ-साथ हर समाज की सेवा और विकास ही हमारी प्राथमिकता है,  कन्नौजिया राठौर समाज और साहू समाज, तैलिक विकास समिति को आज महत्वपूर्ण कार्यों की सौगात नगर विधायक और छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री  लखन लाल देवांगन द्वारा दी गई है। उन्होंने सिर्फ दो साल में ही विकास कार्यों का नए आयाम स्थापित किए हैं।  

आयोजितकर्मचारियों के क्षमता विकास हेतु मंत्रालय में दो दिवसीय

रायपुर. राज्य शासन के कर्मचारियों को क्षमता निर्माण के लिए मिशन कर्मयोगी के तहत कौशल और योग्यता को बढ़ाने प्रशिक्षिण दिया जा रहा है। मंत्रालय महानदी भवन में आज से दो दिवसीय प्रशिक्षण 2 से 3 फरवरी तक आयोजित किया गया है। जिसमें मंत्रालय महानदी भवन में कार्यरत संयुक्त सचिव से लेकर सभी स्तर के अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के जरिये अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सतत् सीखने की संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है। अधिकारी कर्मचारियों को यह प्रशिक्षण सामान्य प्रशासन विभाग सचिव के मार्गदर्शन में अवर सचिव सुश्री अंजु सिंह द्वारा दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मंत्रालय स्तर पर क्षमता निर्माण एवं डिजीटल दक्षता को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

रतनपुर को धार्मिक कॉरिडोर के रूप में विकसित करने का संकल्प : अरुण साव

रायपुर. रतनपुर में बनेगा भव्य ऑडिटोरियम, उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने की घोषणा उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने 1 फरवरी को रतनपुर में माघी पूर्णिमा एवं आदिवासी विकास मेला वर्ष-2026 का शुभारंभ किया।  साव ने इस अवसर पर ऑडिटोरियम निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपए और नगर पालिका भवन में बाउंड्रीवाल के लिए 20 लाख रुपए देने की घोषणा की।  उप मुख्यमंत्री  साव ने कार्यक्रम में कहा कि रतनपुर पवित्र और पौराणिक नगरी है, इसकी ख्याति दुनिया भर में है। इस ख्याति के अनुरूप यहां बहुत कुछ किया जाना बाकी है। यह कभी छत्तीसगढ़ की राजधानी रही है। इसके अनुरूप गरिमा बढ़ाने का काम करेंगे।  रतनपुर में बनेगा भव्य ऑडिटोरियम,उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने की घोषणा  साव ने बताया कि रतनपुर को कॉरीडोर के रूप में विकसित करने का काम करेंगे। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के धार्मिक स्थलों को सजाने और संवारने का काम हुआ है। मां महामाया की कृपा से रतनपुर को भी संवारेंगे। रतनपुर के तालाबों के सौंदर्यीकरण का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इसे सुंदर बनाने पूरे मन से कार्य करेंगे। विधायक  सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत के अध्यक्ष  राजेश सूर्यवंशी और नगर पालिका के अध्यक्ष  लवकुश कश्यप सहित पार्षदगण एवं नगरवासी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

सेक्स रैकेट का भंडाफोड़: बाहरी महिलाओं से कराया जा रहा था देहव्यापार, 5 गिरफ्तार

रायगढ़  छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस ने अनैतिक देह व्यापार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. शहर के पॉश इलाके केलो विहार में चल रहे एक देह व्यापार गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के सख्त निर्देशों के बाद हुई रेड कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है. किराए के मकान में चल रहा था काला खेल मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को काफी समय से सूचना मिल रही थी कि केलो विहार स्थित एक मकान में बाहर से महिलाओं को लाकर देह व्यापार कराया जा रहा है. इस सूचना पर सीएसपी मयंक मिश्रा के नेतृत्व में चक्रधरनगर थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने सटीक रणनीति बनाकर मकान पर रेड मारी. छापे के दौरान पुलिस को मौके से कई आपत्तिजनक सामग्रियां और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं. पीटा एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो किराए का मकान लेकर इस अवैध कारोबार का संचालन कर रहे थे. थाना चक्रधरनगर में आरोपियों के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार अधिनियम (PITA Act) की धारा 3, 4 और 5 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है. पुलिस अब इस गिरोह के अन्य संपर्कों और इसमें शामिल अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है. SSP का कड़ा संदेश: बर्दाश्त नहीं होगा अनैतिक कार्य इस बड़ी कार्रवाई के बाद एसएसपी शशि मोहन सिंह ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि रायगढ़ जिले में किसी भी प्रकार का अनैतिक कार्य या अवैध गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी. उन्होंने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि आसपास कहीं भी संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें.

केंद्रीय बजट पर सीएम बोले—यह विकास का रोडमैप, राजस्थान को होगा सीधा फायदा

      जयपुर,  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 12 साल से देश वित्तीय अनुशासन और स्थायित्व के साथ विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने रविवार को केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट को आत्मनिर्भर से विकसित, संभावनाओं से उपलब्धियों और संकल्प से सिद्धि की ओर ले जाने वाला बजट बताया। उन्होंने कहा कि इस बजट में नए भारत की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के साथ-साथ अंतिम व्यक्ति को आगे लाने की प्रतिबद्धता का भी पूरा ध्यान रखा गया है।       मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय बजट पर सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति केन्द्रित इस बजट में युवाओं के लिए रोजगार, स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और सर्विस सेक्टर पर फोकस बढ़ाने वाले प्रावधान किए गए हैं, इससे युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। एक लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल, 1 लाख 50 हजार केयर गिवर्स और टूरिस्ट गाइड्स को कौशल प्रशिक्षण से भी युवाओं को फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में  एवीजीसीएक्सआर पॉलिसी पहले ही लागू की जा चुकी है। अब माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों में कंटेट क्रियेटर लैब्स की स्थापना से राजस्थान के युवाओं को दोहरा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि बजट में महिलाओं के लिए सशक्तिकरण, सुरक्षा और आर्थिक भागीदारी को मजबूत करने, कृषि अवसंरचना एवं बाजार तक किसानों की पहुंच बढ़ाने और जोखिम घटाने के लिए भी महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। हैवी मशीनरी निर्माण के लिए प्रदेश में निवेश का किया आह्वान       शर्मा ने कहा यूरोप के साथ ऐतिहासिक समझौता होने के बाद इस बजट ने देश के छोटे-बड़े उद्योगों, मैन्युफैक्चरर्स, कारीगरों और कामगारों को वैश्विक बाजार में जगह बनाने के लिए नई दिशा दिखाई है। बायो फार्मा, केमिकल्स, टेक्सटाइल, हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट जैसे क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए बजट में कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। उन्होंने उद्योग जगत का आह्वान किया कि कंस्ट्रक्शन और इन्फ्रास्ट्रक्चर की हैवी मशीनरी के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए बजट में लाई गई विशेष योजना का लाभ लेते हुए राजस्थान के इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में अपनी इकाइयां लगाएं। उन्होंने कहा कि इस बजट से प्रदेश के निर्यातकों को नए खुल रहे बाजारों में निर्यात वृद्धि  के अवसर भी मिलेंगे। राजस्थान के सोलर सेक्टर को मिलेगी नई गति       मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में राजस्थान की संभावनाओं और आवश्यकताओं को पूरा स्थान मिला है। अक्षय ऊर्जा के लिए 30 प्रतिशत ज्यादा करीब 32 हजार 914 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इसी प्रकार पीएम सूर्यघर योजना को 22 हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं। सोलर ग्लास मैन्युफेक्चरिंग में प्रयोग आने वाले सोडियम एंटीमोनेट के आयात पर कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है। बीईएसएस में उपयोग में आने वाले लीथियम आयन सेल बैटरी निर्माण में प्रयुक्त पूंजीगत सामानों के लिए कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है। राजस्थान सौर ऊर्जा में पहले से ही अग्रणी प्रदेश है, अब इन प्रावधानों से प्रदेश के सौर ऊर्जा क्षेत्र को नई गति मिलेगी। सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर प्रावधानों से प्रदेश होगा लाभान्वित       शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में सेमीकंडक्टर नीति, एआईएमएल नीति और डेटा सेंटर नीति लागू की हैं। इसलिए इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, एआई मिशन, नेशनल क्वांटम मिशन, इलेक्ट्रोनिक कम्पोनेन्ट मेनुफेक्चरिंग स्कीम, डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विसेज को दिए गए इंसेंटिव्स का फायदा लेते हुए सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर हब बनने के लिए प्रदेश पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि एसएमई विकास निधि और आत्मनिर्भर भारत टॉपअप छोटे उद्योगों के लिए बड़ी सौगात हैं। महात्मा गांधी स्वराज योजना और चैम्पियन एमएसएमई बनाने की पहल से राजस्थान के छोटे उद्योगों के ग्लोबल बिजनेस हाउस बनने की राह प्रशस्त होगी। मेगा टैक्सटाइल पार्क, टेक्सटाइल लेबर इंसेंटिव स्कीम और देशभर में 200 इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स को फिर से मजबूत करने की घोषणा भी राजस्थान की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।       मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में अवसंरचना विकास पर विशेष जोर देते हुए 12 लाख 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे प्रदेश के शहरी ढांचे को मजबूत करने के लिए अधिक राशि मिल सकेगी। इनविट बॉन्डस, आरईआईटी और म्युनिसिपल बॉन्डस से मिलने वाले आर्थिक संबल से प्रदेश के शहर बड़े पैमाने पर लाभान्वित होने जा रहे हैं।       इस दौरान मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।  

स्कूटी पाकर खिले लाभार्थियों के चेहरे, उपमुख्यमंत्री को कहा धन्यवाद

रायपुर. उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा की तत्परता से दो दिव्यांगों को मिली स्कूटी, चेहरे पर लौटी मुस्कान उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा ने आज विधायक कार्यालय कवर्धा में दो दिव्यांग लाभार्थियों को स्कूटी का वितरण किया। इस अवसर पर उन्होंने बोड़ला विकासखंड के ग्राम मारियाटोला निवासी  विद्याधा वर्मा तथा ग्राम नेऊरगाँव निवासी  भूपेंद्र चंद्रवंशी को स्कूटी की चाबी सौंपकर उन्हें शुभकामनाएँ दीं। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना और उनके दैनिक जीवन को सुगम करना है। स्कूटी मिलने से लाभार्थियों को आवागमन में सुविधा होगी तथा वे अपने कार्यों को स्वतंत्र रूप से कर सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि समाज के हर वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ना मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय सरकार की प्राथमिकता है। इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  विदेशीराम धुर्वे,  संतोष पटेल, जनपद उपाध्यक्ष कवर्धा  गणेश तिवारी, बोडला  नंद श्रीवास,  नरेंद्र मानिकपुरी,  मनीराम साहू,  अमर कुर्रे सहित जन प्रतिनिधि, क्षेत्र के नागरिक उपस्थित रहे।  उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा की तत्परता से दो दिव्यांगों को मिली स्कूटी, चेहरे पर लौटी मुस्कान उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि दिव्यांगजनों को स्कूटी उपलब्ध कराए जाने से उनके दैनिक आवागमन में सुगमता प्राप्त होगी तथा वे स्वावलंबी जीवन की ओर अग्रसर होंगे। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण, सामाजिक समावेशन एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा निरंतर जनकल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। स्कूटी प्राप्त होने से लाभार्थियों के दैनिक कार्यों के साथ-साथ शिक्षा, रोजगार एवं सामाजिक गतिविधियों में भी सुविधा मिलेगी, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे सम्मानजनक एवं स्वतंत्र जीवन यापन कर सकेंगे। यह पहल सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके अंतर्गत दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का सतत प्रयास किया जा रहा है। बोड़ला विकासखंड के ग्राम मारियाटोला निवासी  विद्याधा वर्मा तथा ग्राम नेऊरगाँव निवासी  भूपेंद्र चंद्रवंशी ने स्कूटी प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा एवं शासन – प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया। लाभार्थियों ने बताया कि उन्होंने स्कूटी के लिए उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा को आवेदन प्रस्तुत किया था, जिसे उन्होंने तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ स्वीकार किया। आवेदन पर शीघ्र कार्रवाई करते हुए आज उन्हें स्कूटी प्रदान की गई, जिससे वे बहुत खुश हैं।