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अवैध हुक्का और गोगो पेपर नेटवर्क का भंडाफोड़

रायपुर. पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के कड़े निर्देशानुसार एवं पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर (IPS) के मार्गदर्शन में पुलिस द्वारा युवाओं में बढ़ते नशे के प्रचलन, विशेषकर गांजा (Marijuana) के सेवन को रोकने के लिए एक बड़ा प्रहार किया गया है। पुलिस ने उन दुकानों और ठेलों को चिन्हित किया जो युवाओं को नशे के लिए घातक सामग्री उपलब्ध करा रहे थे। रोलिंग पेपर (Gogo Paper) के जरिए नशे पर प्रहार जांच में यह तथ्य सामने आया है कि शहर के कई पान ठेले और गुमटियां युवाओं को गांजा पीने हेतु विशेष रूप से उपयोग किए जाने वाले 'गोगो/रोलिंग पेपर' और चिलम बेच रहे थे। पुलिस ने इस नेटवर्क को तोड़ते हुए करीब 2 लाख रुपये मूल्य के भारी मात्रा में रोलिंग पेपर जप्त किए हैं। इनका उपयोग गांजे की सिगरेट (Joints) बनाने में किया जाता है, जो युवाओं के स्वास्थ्य और भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। COTPA एक्ट एवं नगर निगम की संयुक्त कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आकाश मरकाम एवं सहा. पुलिस आयुक्त (उरला) सुश्री पूर्णिमा लामा के नेतृत्व में नॉर्थ जोन की टीमों ने *COTPA*एक्ट (Cigarette and Other Tobacco Products Act)के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की। शैक्षणिक संस्थानों के आसपास और सार्वजनिक क्षेत्रों में अवैध सामग्री बेचने वाले 09 संस्थानों को सील कर बंद कराया गया है। सप्लाई चेन (Backward Linkage) का खुलासा ​नेटवर्क ट्रैकिंग: जप्त रोलिंग पेपर और हुक्का फ्लेवर की खेप कहाँ से आ रही थी, इसके मुख्य स्रोत (Source) का पता लगा लिया गया है। पूछताछ में उन थोक विक्रेताओं और सप्लायरों के नाम सामने आए हैं जो शहर के भीतर इन सामग्रियों की अवैध खेप पहुँचा रहे थे। इन मुख्य कड़ियों के विरुद्ध जल्द ही छापेमारी की जाएगी।

हाईकोर्ट ने कांस्टेबल भर्ती में नियुक्ति पत्र देने पर लगाई रोक

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है। वर्ष 2023 में लगभग 6,000 कांस्टेबल पदों पर हुई भर्ती से जुड़े मामले में हाई कोर्ट ने अगली सुनवाई तक आगे किसी भी प्रकार के नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगा दी है। यह मामला वर्ष 2023 में जारी कांस्टेबल भर्ती विज्ञापन से जुड़ा है। भर्ती प्रक्रिया के दौरान शारीरिक दक्षता परीक्षा (फिजिकल टेस्ट) में गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए थे। फिजिकल टेस्ट के दौरान डेटा रिकार्डिंग का कार्य शासन द्वारा आउटसोर्स पर टाइम्स टेक्नोलाजी प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी को सौंपा गया था। आरोप है कि उक्त कंपनी ने निष्पक्ष तरीके से कार्य नहीं किया और कई अभ्यर्थियों को पैसों के लेनदेन के माध्यम से अनुचित लाभ दिया गया। इससे आहत होकर जिला सक्ती, बिलासपुर, रायगढ़ एवं मुंगेली के निवासी मनोहर पटेल, विवेक दुबे, मृत्युंजय श्रीवास, कामेश्वर प्रसाद, गजराज पटेल, अजय कुमार, जितेश बघेल, अश्वनी कुमार यादव एवं ईशान सहित अन्य याचिकाकर्ताओं ने अधिवक्ता मतीन सिद्दीक़ी के माध्यम से उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई 27 जनवरी को न्यायमूर्ति पार्थ प्रतिम साहू के समक्ष हुई। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी ने दलील दी कि शासन द्वारा की गई जांच रिपोर्ट में स्वयं अधीक्षक पुलिस, जिला बिलासपुर ने स्वीकार किया है कि फिजिकल टेस्ट के दौरान कई गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं और गलत डेटा दर्ज किए गए हैं। यहां तक कि टाइम्स टेक्नोलाजी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा फिजिकल टेस्ट से संबंधित सीसीटीवी फुटेज भी डिलीट कर दिए गए। न्यायमूर्ति पार्थ प्रतिम साहू ने राज्य शासन को अगली सुनवाई तक कांस्टेबल पदों पर कोई भी नया नियुक्ति आदेश जारी न करने के निर्देश दिए। साथ ही उत्तरवादीगण को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस फैसले को राज्य की कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दुर्ग आईजी ने थाना प्रभारियों चेताया- ‘पुलिसिंग में ढिलाई बर्दाश्त नहीं’

दुर्ग. दुर्ग रेंज के नए पुलिस महानिरीक्षक (IG) अभिषेक शांडिल्य ने पदभार ग्रहण करने के बाद मंगलवार को जिले के पुलिस अधिकारियों की पहली अहम बैठक ली। पुलिस नियंत्रण कक्ष में हुई इस बैठक में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना एवं चौकी प्रभारी शामिल हुए। बैठक में थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए गए है। आईजी ने कहा कि थाना प्रभारी पुलिसिंग में ढिलाई नहीं, बल्कि अनुशासन, जवाबदेही के साथ काम करें। इसके साथ ही IG ने कहा कि लुभावने विज्ञापन देकर ठगी करने वालों की सूची बनाई जाए, ऐसे गंभीर मामलों में TI खुद ही FIR दर्ज करें। वहीं उन्होंने 90 दिनों में लंबित मामलों के निराकरण के निर्देश दिए है। बैठक के दौरान आईजी शांडिल्य ने अधिकारियों से परिचय लिया और जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधीनस्थ कर्मचारियों के कार्य, गतिविधियों और आचरण पर प्रभावी नियंत्रण रखने के निर्देश देते हुए कहा कि पुलिस की छवि सीधे तौर पर आम जनता के विश्वास से जुड़ी होती है।

छत्तीसगढ़: युवाओं के लिए सुनहरा अवसर, ओबेरॉय और हयात जैसी बड़ी संस्थाओं में काम करने का मौका

रायपुर : छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए सुनहरा अवसर, ओबेरॉय व हयात जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों में मिलेगा कार्य करने का मौका होटल प्रबंध संस्थान नया रायपुर में तीन वर्षीय डिग्री कोर्स की 80 सीटों के लिए ऑनलाइन आवेदन 25 जनवरी तक आमंत्रित पर्यटन विभाग के तहत संचालित इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट में 100 प्रतिशत प्लेसमेंट रिकॉर्ड रायपुर नया रायपुर स्थित स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (SIHM) ने 2026 सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग के अधीन यह संस्थान राष्ट्रीय होटल प्रबंधन एवं खानपान प्रौद्योगिकी परिषद (NCHMCT) से संबद्ध है, जहां 100 प्रतिशत प्लेसमेंट के साथ युवाओं को राष्ट्रीय स्तर की नौकरियां मिल रही हैं। स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (SIHM)  रायपुर, छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग द्वारा संचालित एक अग्रणी संस्थान है। सभी पाठ्यक्रमों हेतु पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना उपलब्ध है, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता की हॉस्पिटैलिटी शिक्षा प्रदान करती है। संस्थान डिग्री एवं डिप्लोमा कोर्स सहित व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित करता है, जिनमें फूड प्रोडक्शन, बेकरी, हाउसकीपिंग आदि शामिल हैं। डेढ़ वर्ष की डिप्लोमा ट्रेनिंग के बाद छात्र पांच सितारा होटलों में कार्यरत हो जाते हैं। तीन वर्षीय डिग्री पूर्ण करने के पश्चात विद्यार्थियों को शुरूआत में 15-25 हजार स्टाइपेंड मिलता है। संस्थान द्वारा तीन वर्षीय पूर्णकालिक बीएससी हॉस्पिटैलिटी एवं होटल एडमिनिस्ट्रेशन की 80 सीटों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। पर्यटन विभाग के तहत संचालित इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट में 100 प्रतिशत प्लेसमेंट रिकॉर्ड प्रवेश प्रक्रिया व महत्वपूर्ण तिथियां संस्थान में प्रवेश नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (NCHMJEE – 2026) प्रवेश परीक्षा के माध्यम से हो रही है। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। आवेदन अधिकारिक वेबसाइट exams.nta.nic.in/nchm-jee पर न्यू रजिस्ट्रेशन से करना होगा। आवेदन करने की अंतिम तिथि  25 जनवरी  2026 है।  कम्प्यूटर आधारित परीक्षा होगी जिसमें न्यूमेरिकल एबिलिटी 15 अंक, तार्किक क्षमता व लॉजिकल 15 अंक, सामान्य ज्ञान व समसामयिक विषय 15 अंक, इंग्लिश भाषा 45 अंक, सेवा क्षेत्र योग्यता के लिए 30 अंक इस तरह से कुल 120 अंको की परीक्षा होगी।  शैक्षणिक योग्यता किसी भी विषय में 12वीं पास होना चाहिए। 12वीं में अध्ययनरत विद्यार्थी भी आवेदन कर सकते हैं। कक्षा बारहवीं में एक विषय के रूप में अंग्रेजी अनिवार्य है। आयु संबंधी किसी भी प्रकार का प्रतिबंध नहीं है। नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (NCHMJEE) ऑनलाइन वस्तुनिष्ठ आधारित परीक्षा है, जो राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होती है। आवेदन के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरकर शुल्क जमा करना है, और सबमिट करना है। प्रवेश परीक्षा 25 अप्रैल 2026 को होगी, जिसके परिणाम की घोषणा मई 2026 में की जाएगी। ऑनलाइन काउंसलिंग जून 2026 से प्रारंभ होंगे। आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार तिथियों में परिवर्तन किया जा सकता है।  अधोसंरचना व शैक्षणिक सुविधाएं इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट रायपुर छत्तीसगढ़ का प्रमुख होटल प्रबंधन संस्थान है, जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल आधारित प्रशिक्षण एवं उद्योग-अकादमिक समन्वय के माध्यम से आतिथ्य उद्योग के भविष्य को सशक्त रूप से आकार दे रहा है। आईएचएम रायपुर में आधुनिक प्रैक्टिकल लैब्स एवं इंडस्ट्री-ओरिएंटेड पाठ्यक्रम का संचालन किया जा रहा है, साथ ही राष्ट्रीय एवं अंर्तराष्ट्रीय होटल समूहों में प्लेसमेंट की सुविधा भी है। संस्थान में आधुनिक फूड प्रोडक्शन, बेकरी एवं एफ-एंड-बी सर्विस लैब, पूर्णतः सुसज्जित हाउसकीपिंग प्रैक्टिकल लैब, पुस्तकालय एवं कंप्यूटर लैब, खेल एवं मनोरंजन की सुविधाएं तथा पृथक से बालक-बालिका छात्रावास की भी सुविधा है। आईएचएम रायपुर ने अल्प अवधि में ही शतप्रतिशत प्लेसमेंट का रिकॉर्ड स्थापित किया है, जो संस्थान की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। यहां प्रशिक्षित विद्यार्थी देश के प्रतिष्ठित होटल समूहों, कॉर्पोरेट संस्थानों एवं फूड चेन में चयनित हुए हैं, जिनमें ओबेरॉय होटल्स एंड रिसोर्टस, राजसा बाय ताज, कोर्टयार्ड बाय मैरियेट, सयाजी होटल्स, मेफेयर होटल्स एंड रिसोर्ट, फेयरमोन्ट होटल जयपुर, हयात होटल्स, रिलायंस रिटेल, बर्गर किंग, बारबेक्यू नेशन, डोमिनोज एवं हल्दीराम नागपुर प्रमुख हैं।     आईएचएम रायपुर ने विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियागिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, जो इसे राष्ट्रीय स्तर का संस्थान बनाती है। आईएचएम रायपुर ने पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयोजित एडिबल क्रॅाकरी एवं कटलरी डिजाइन चैलेंज में देश के शीर्ष 21 होटल प्रबंधन संस्थानों के बीच कड़ी स्पर्धा में द्धितीय स्थान प्राप्त कर एक लाख पचास हजार रू. का नगद पुरस्कार प्राप्त किया है। आईएचएम हैदराबाद में आयोजित प्रतिष्ठित नेशनल बडिंग शेफ प्रतियोगिता में आईएचएम रायपुर ने लगातार तीन वर्षों तक क्षेत्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर निरंतर उत्कृष्टता का उदाहरण प्रस्तुत किया है। इसी तरह आईएचएम रायपुर ने एवरेस्ट बेटर  किचन कलिनरी चैलेंज प्रतियोगिता में विगत तीन वर्षाें में क्रमशः प्रथम व द्धितीय स्थान प्राप्त कर राज्य को गौरान्वित किया है।  छत्तीसगढ़ के जो बच्चे हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में काम करना चाहते हैं, वह इसमें प्रवेश ले सकते हैं। इससे सबसे ज्यादा फायदा छत्तीसगढ़ सहित रायपुर होटल इंडस्ट्री को हो रहा है। पहले उन्हें बाहर से लोगों को लाना पड़ता था। अब छत्तीसगढ़ के बच्चों को यहां पर रोजगार मिल रहा है, साथ ही होटल इंडस्ट्री को लोकल स्तर पर छत्तीसगढ़ के लोग उपलब्ध हो रहे हैं। उन्हें अन्य राज्यों से स्किल्ड लोगों को नहीं लाना पड़ रहा है। डिप्लोमा कोर्स की खास बात यह है कि महज डेढ़ वर्ष की पढ़ाई के बाद ही छात्र देश के प्रतिष्ठित फाइव स्टार होटलों में कार्य करने लगते हैं। यह युवाओं के लिए एक स्वर्णिम अवसर है, जो उन्हें कम समय में व्यावसायिक सफलता की ओर ले जाता है। प्रवेश प्रक्रिया की अधिक जानकारी के लिए कार्यालयीन समय पर निम्नांकित फोन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है।  फोन नम्बर-0771-2972411,  0771-2990302,  +91-94395-95155,  +91-99770-42905,  +91-78697-83865

बघेल सेक्स सीडी केस: दोबारा ट्रायल के आदेश को हाईकोर्ट में दी जाएगी चुनौती

रायपुर,  छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सेक्स सीडी मामले में रायपुर सेशन कोर्ट द्वारा दोबारा ट्रायल शुरू करने के आदेश के खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल उच्च न्यायालय में चुनौती देने की तैयारी में हैं। गौरतलब है कि मार्च 2025 में सीबीआई की विशेष अदालत ने श्री बघेल को इस प्रकरण में सभी आरोपों से बरी कर दिया था। इसके बाद सीबीआई ने उक्त फैसले को चुनौती देते हुए सेशन कोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दाखिल की थी जिस पर सुनवाई के बाद सेशन कोर्ट ने ट्रायल दोबारा शुरू करने का आदेश दिया। सेशन कोर्ट के निर्णय के बाद मीडिया से बातचीत में श्री बघेल ने कहा कि पूरा मामला न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पहले ही इस प्रकरण में बरी हो चुके हैं लेकिन अब अदालत के ताजा आदेश के खिलाफ कानूनी विकल्प अपनाते हुए उच्च न्यायालय जाएंगे। इस मामले में श्री बघेल के अलावा कारोबारी कैलाश मुरारका, पूर्व मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा, विजय भाटिया और विजय पांडेय को आरोपी बनाया गया है। कारोबारी कैलाश मुरारका और विनोद वर्मा की ओर से आरोपमुक्त किए जाने को लेकर आवेदन प्रस्तुत किया गया था, जिसे सेशन कोर्ट ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध हैं और उन्हें ट्रायल का सामना करना होगा। सेक्स सीडी प्रकरण छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक अहम मोड़ माना जाता है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सितंबर 2018 में तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बघेल और विनोद वर्मा की गिरफ्तारी ने राज्य की राजनीति में भारी हलचल मचा दी थी। यह विवाद अक्टूबर 2017 में शुरू हुआ था जब कथित सेक्स सीडी सार्वजनिक होने के बाद भारतीय जनता पार्टी नेता प्रकाश बजाज ने पंडरी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। एफआईआर में अश्लील वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग और पैसे की मांग करने के आरोप लगाए गए थे। जांच के दौरान पुलिस और बाद में सीबीआई ने दिल्ली की एक दुकान तक सुराग जोड़े, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान हुई। इस केस के एक अन्य आरोपी रिंकू खनूजा ने प्रकरण सामने आने के बाद आत्महत्या कर ली थी।  

सेवा, अनुशासन और संस्कार का संदेश, डीके कॉलेज में राज्य स्तरीय एनएसएस शिविर संपन्न

रायपुर. डीके कॉलेज बलौदाबाजार में राज्य स्तरीय एनएसएस शिविर का हुआ समापन      दाऊ कल्याण शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बलौदाबाजार में आयोजित 7 दिवसीय राज्य स्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) शिविर का मंगलवार को गरिमामय समापन हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री   टंकराम वर्मा रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।      राज्य स्तरीय इस शिविर में प्रदेश के 9 विश्वविद्यालयों एवं उनसे सम्बद्ध महाविद्यालयों के कुल 270 स्वयंसेवकों ने सहभागिता की। सात दिनों तक चले शिविर के दौरान विभिन्न शैक्षणिक, सामाजिक एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़ी गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।       मंत्री   वर्मा ने कहा कि युवाओं में अपार ऊर्जा होती है और यदि इस ऊर्जा को सही दिशा में लगाया जाए तो राष्ट्र को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एनएसएस जैसे शिविर युवाओं को अनुशासन, संयम और सामाजिक जिम्मेदारी का बोध कराते हैं, जो जीवन में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं।       उन्होंने संगत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अच्छी संगत व्यक्ति के व्यक्तित्व को सकारात्मक रूप से गढ़ती है, इसलिए युवाओं को सदैव अच्छे विचारों और मूल्यों से जुड़ना चाहिए। स्वामी विवेकानंद के आदर्शों का स्मरण कराते हुए उन्होंने युवाओं से उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नई पहल कर रही है, ताकि प्रदेश के युवाओं को यहीं उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा एवं संस्थान उपलब्ध हो सकें।      समापन समारोह में पूर्व विधायक   प्रमोद शर्मा, भारत स्काउट एवं गाइड के राज्य उपाध्यक्ष   विजय केशरवानी, नगर पालिका उपाध्यक्ष   जितेन्द्र महले सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी भी शामिल हुए।

सिनेमा में आस्था की नई प्रस्तुति, मुख्यमंत्री ने ‘गोदान’ फिल्म का ट्रेलर किया लॉन्च

रायपुर. मुख्यमंत्री ने गौमाता पर बनी पहली फिल्म-'गोदान' का किया ट्रेलर लॉन्च मुख्यमंत्री   विष्णुदेव साय ने आज  राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में गौमाता पर बनी पहली फिल्म-'गोदान' का ट्रेलर लॉन्च किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री   साय ने कहा कि गौमाता के संरक्षण और संवर्धन के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। गौमाता ना सिर्फ आध्यात्मिक रूप से पूजनीय हैं बल्कि गाय का आर्थिक और वैज्ञानिक दृष्टि से भी बहुत महत्व है। मुख्यमंत्री   साय ने फिल्म-'गोदान' को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री किए जाने की घोषणा की।  मुख्यमंत्री   साय ने फिल्म-'गोदान' के ट्रेलर लॉन्च के अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ में गौ संवर्धन के लिए बहुत कार्य हो रहा है। गौशाला में गायों के चारा के लिए दी जाने वाली अनुदान राशि को 20 रुपए से बढ़ाकर 35 रुपए किया गया है साथ ही गौशाला को अब 25 लाख रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गोधाम भी बनाए जा रहे हैं जहां घुमंतू गौवंश की उचित देखभाल की जा रही है।  मुख्यमंत्री   साय ने कहा कि मान्यता है कि गौमाता में 33 कोटि देवी- देवताओं का वास रहता है। हर अनुष्ठान से पहले पंचगव्य का उपयोग किया जाता है। ये बहुत खुशी की बात है कि गौमाता पर केंद्रित पहली फिल्म-'गोदान' का आज ट्रेलर लॉन्च किया जा रहा है। इस फिल्म के माध्यम से सभी को गौमाता के महत्व को और बेहतर तरीके से समझने का अवसर मिलेगा। मैं इस फिल्म से जुड़े सभी लोगों को बहुत बधाई देता हूं।  मुख्यमंत्री   साय ने कहा कि हमें गौमाता के महत्व के प्रति जन-जन को जागरूक करना है। गाय के गोबर से बनी जैविक खाद ही ऑर्गेनिक खेती का आधार है। दो घंटे 9 मिनट की इस फिल्म के माध्यम से गौ संवर्धन का संदेश दर्शकों तक पहुंचेगा। फिल्म का माध्यम एक बहुत सशक्त माध्यम है जिसके द्वारा एक बड़े दर्शक वर्ग तक सकारात्मक संदेश को पहुंचाया जा सकता है। मुख्यमंत्री   साय ने फिल्म के पोस्टर तथा गीत ' गौमाता के प्राणों को बचा लो देशवासियों' का भी लॉन्च किया। उन्होंने पंचगव्य उत्पाद के गिफ्ट पैक का भी विमोचन किया। गौमाता की महत्ता को अभिव्यक्त करने वाली कामधेनु फिल्म प्रोडक्शंस की फिल्म गोदान 6 फरवरी को भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज होगी।  इस अवसर पर   अजीत महापात्र,   शांतनु शुक्ला, फिल्म के निर्माता एवं निर्देशक   विनोद चौधरी, डॉ आईपी सिंह,   सुबोध राठी सहित अन्य गणमान्यजन और मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने की सौजन्य मुलाकात मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री चौहान का बस्तर आर्ट प्रतीक चिन्ह एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय एवं केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान के मध्य छत्तीसगढ़ के किसानों के सशक्तिकरण, कृषि विकास एवं ग्रामीण आजीविका से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ में  प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित अंचलों में संचालित ‘नियद नेल्लानार’ योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास से वंचित परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराने की पहल की प्रशंसा की। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की झांकी कलाकारों का सम्मान

रायपुर. गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की झांकी में शामिल कलाकारों को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात का गौरव प्राप्त हुआ। राष्ट्रपति से स्नेहपूर्ण मुलाकात के दौरान कलाकार भावविभोर और अभिभूत नजर आए। राष्ट्रपति   द्रौपदी मुर्मु ने छत्तीसगढ़ की झांकी की प्रशंसा करते हुए कहा कि झांकी के माध्यम से देश की समृद्ध जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का प्रभावशाली प्रदर्शन हुआ है। उन्होंने कलाकारों के समर्पण, मेहनत और जीवंत प्रस्तुति की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया भी कहा। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले से आए जनजातीय कलाकारों ने गणतंत्र दिवस परेड के दौरान छत्तीसगढ़ की झांकी के साथ पारंपरिक मंदार नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति दी थी, जिसने कर्तव्य पथ पर मौजूद दर्शकों के साथ-साथ देश-दुनिया का ध्यान आकर्षित किया। कलाकारों ने राष्ट्रपति से मुलाकात को अपने जीवन का अविस्मरणीय क्षण बताते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें अपनी कला, संस्कृति और परंपराओं को और अधिक निष्ठा के साथ आगे बढ़ाने की नई प्रेरणा देगा। राष्ट्रपति से मुलाकात करने वालों में टीम लीडर तेज बहादुर भुवाल के नेतृत्व में नारायणपुर जिले के ग्राम नयनार से आए 13 सदस्यीय दल में जेनू राम सलाम, लच्छू राम, जैतू राम सलाम, राजीम सलाम, दिनेश करंगा, जयनाथ सलाम, मानसिंग करंगा, चन्द्रशेखर पोटाई, धनश्याम सलाम, जगनाथ सलाम, सुरेश सलाम तथा घोड़लापारा, ग्राम नयनार निवासी दिलीप गोटा शामिल रहे। उल्लेखनीय है कि बस्तर अंचल की इस पारंपरिक कला टोली ने अपनी लोक-संस्कृति और नृत्य शैली से राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया।

बस्तर विकासखंड में विकास की रफ्तार तेज, वन मंत्री केदार कश्यप ने दी 5.84 करोड़ की सौगात

रायपुर. वन मंत्री  केदार कश्यप ने बस्तर विकासखंड को दी 5.84 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री   केदार कश्यप ने आज कहा कि बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ प्राचीन सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, जीर्णोंद्धार और संवर्धन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। मंत्री   कश्यप ने आज नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बस्तर विकासखंड में 5 करोड़ 84 लाख 76 हजार रूपए के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। उन्होंने फरसागुड़ा, सोरगांव, चेराकुर और छोटेअलनार में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुई और ग्रामीणों को विकास योजनाओं की सौगात दी। कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।             कश्यप ने कहा कि चेराकुर क्लस्टर के लिए सबसे अधिक 4 करोड़ 85 लाख 98 हजार रुपए के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 4 करोड़ 64 लाख 98 हजार रुपए की लागत से बनने वाली चेराकुर से कोलेबेडा सड़क निर्माण प्रमुख है। यह सड़क क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी और ग्रामीणों के आवागमन को सुगम बनाएगी। साथ ही जल निकासी एवं यातायात सुधार के लिए विभिन्न स्थानों पर पुलिया निर्माण कार्यों का भी भूमिपूजन किया गया। सोरगांव और छोटेअलनार में भी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत की गई। सोरगांव क्लस्टर में 30 लाख 38 हजार रुपए की लागत से केशरपाल में सांस्कृतिक भवन, नयागुड़ापारा में सांस्कृतिक मंच, कुच्चीगुड़ा में सामुदायिक भवन और बनियागांव में हाई मास्क लाइट लगाने के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इसी प्रकार छोटेअलनार में 50 लाख 50 हजार रुपए की लागत से धवड़ागुड़ा, मांझीपारा और टेमरुगुड़ा में सामुदायिक भवनों का निर्माण प्रारंभ किया गया। ग्राम पंचायत छोटेअलनार की पेयजल समस्या को दूर करने हेतु पानी टैंकर का वितरण भी किया गया। देवड़ा और तारागांव में पुलिया निर्माण का भूमिपूजन किया गया।           कार्यक्रम की शुरुआत फरसागुड़ा से हुई, जहाँ 17 लाख 90 हजार रुपए की लागत से आंगनबाड़ी केंद्र में अहाता निर्माण, शिवगुड़ी तालाब के पास मंडली भवन और भानपुरी में माता मंदिर के पास पुलिया निर्माण कार्यों का शुभारंभ किया गया। मंत्री   कश्यप ने कहा कि सुदूर वनांचल क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और संस्कृति का संरक्षण सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चेराकुर-कोलेबेडा सड़क को क्षेत्र की प्रगति का आधार बताते हुए कहा कि 4.80 किलोमीटर लंबी यह सड़क ग्रामीणों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में सहायक होगी। उन्होंने बताया कि चेराकुर में जल निकासी सुधार हेतु पुलिया निर्माण भी कराया जा रहा है।          वनमंत्री   कश्यप ने कहा कि आदिवासी संस्कृति और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने हेतु सांस्कृतिक भवन एवं सामुदायिक भवन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सोरगांव और छोटेअलनार में इन भवनों के निर्माण से सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम के अंत में मंत्री   कश्यप ने कहा कि स्वीकृत सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराए जाएंगे ताकि ग्रामीणों को शीघ्र लाभ मिल सके। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष  मती वेदवती कश्यप, जनपद पंचायत अध्यक्ष   संतोष बघेल, जिला पंचायत सदस्य   निर्देश दीवान सहित जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।