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ईडी का बड़ा एक्शन: छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में IAS निरंजन दास और 31 आबकारी अधिकारियों की संपत्ति कुर्क

रायपुर  छत्तीसगढ़ में चर्चित शराब घोटाले में ईडी ने आईएएस निरंजन दास समेत 30 आबकारी अधिकारियों की 38.21 करोड़ की संपत्ति कुर्क की है। ईडी, रायपुर आंचलिक कार्यालय ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की चल रही जांच के तहत 2002 के पीएमएलए के तहत आईएएस निरंजन दास (तत्कालीन आबकारी आयुक्त) और 30 अन्य आबकारी अधिकारियों की 38.21 करोड़ रुपये की संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है।  इस घोटाले में राज्य के खजाने को 2,800 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ (आगे के खुलासों के आधार पर संशोधित गणना)। इसमें 78 अचल संपत्तियां शामिल हैं जिनमें आलीशान बंगले, प्रीमियम कॉम्प्लेक्स में फ्लैट, व्यावसायिक दुकानें और विशाल कृषि भूमि शामिल हैं। इसके अलावा, 197 चल संपत्तियां भी शामिल हैं जिनमें उच्च मूल्य की सावधि जमा (एफडी), कई बैंक खातों में शेष राशि, जीवन बीमा पॉलिसियां ​​और इक्विटी शेयर और म्यूचुअल फंड का एक विविध पोर्टफोलियो शामिल है।  ईडी का दावा है कि इस घोटाले से राज्य के राजस्व को 2,800 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है, जिसकी राशि आगे की जांच में और बढ़ सकती है। 275 संपत्तियां ईडी के रडार पर ईडी द्वारा कुर्क की गई कुल 275 संपत्तियों में 78 अचल और 197 चल संपत्तियां शामिल हैं। अचल संपत्तियों की अनुमानित कीमत 21.64 करोड़ रुपये है, जिनमें आलीशान बंगले, प्रीमियम रिहायशी कॉलोनियों में फ्लैट, व्यावसायिक दुकानें और बड़े पैमाने पर कृषि भूमि शामिल है। 16.56 करोड़ रुपये मूल्य की चल संपत्तियों में एफडी, बैंक खातों में जमा राशि, जीवन बीमा पॉलिसियां, इक्विटी शेयर और म्यूचुअल फंड में निवेश शामिल हैं। समानांतर आबकारी व्यवस्था का खुलासा ईडी की जांच में सामने आया है कि वरिष्ठ अधिकारियों और राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोगों से जुड़ा एक आपराधिक सिंडिकेट छत्तीसगढ़ के आबकारी विभाग को नियंत्रित कर रहा था। तत्कालीन आबकारी आयुक्त निरंजन दास और तत्कालीन सीईओ अरुण पति त्रिपाठी ने मिलकर एक समानांतर आबकारी व्यवस्था खड़ी की, जिसके जरिए सरकारी नियमों को दरकिनार कर अवैध कमाई की गई। 38.21 करोड़ रुपये मूल्य की अटैच की गई संपतियों की जानकारी ''अचल संपतियां (21,64,65,015 रुपये): 78 संपत्तियां जिनमें आलीशान बंगले, प्रीमियम कॉम्प्लेक्स में फ्लैट, व्यावसायिक दुकानें और विस्तृत कृषि भूमि शामिल हैं। चल संपत्तियां (16,56,54,717 रुपये): 197 वस्तुएं जिनमें उच्च मूल्य की सावधि जमा (एफडी), कई बैंक खातों में शेष राशि, जीवन बीमा पॉलिसियां और इक्विटी शेयरों और म्यूचुअल फंडों का विविध पोर्टफोलियो शामिल है। ईडी द्वारा की गई जांच से पता चला है कि वरिष्ठ नौकरशाहों और राजनीतिक हस्तियों से जुड़े एक आपराधिक सिंडिकेट ने छतीसगढ़ आबकारी विभाग को पूरी तरह से अपने कब्जे में ले लिया था। निरंजन दास (तत्कालीन आबकारी आयुक्त) और अरुण पति त्रिपाठी (तत्कालीन मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सीएसएमसीएल) ने एक समानांतर आबकारी प्रणाली चलाई, जिसने राज्य के नियंत्रणों को दरकिनार करते हुए भारी मात्रा में अवैध कमाई की। इस सिंडिकेट ने सरकारी दुकानों के जरिए अवैध, गैर-कानूनी देसी शराब बनाने और बेचने की "पार्ट-बी" योजना चलाई। इस अवैध शराब का उत्पादन और बिक्री नकली होलोग्राम और गैर-कानूनी बोतलों का इस्तेमाल करके की जाती थी और इसे सरकारी गोदामों को दरकिनार करते हुए सीधे शराब बनाने की भ‌ट्टियों से दुकानों तक पहुंचाया जाता था। यह धोखाधड़ी उक्त उत्पाद शुल्क अधिकारियों की सक्रिय मिलीभगत और साजिश से की गई थी। जांच में यह साबित हुआ कि आबकारी अधिकारियों को उनके अधिकार क्षेत्र में पार्ट-बी शराब की बिक्री की अनुमति देने के लिए प्रति मामले 140 रुपये का निश्चित कमीशन दिया जाता था। अकेले निरंजन दास ने ही 18 करोड़ रुपये से अधिक की पीओसी अर्जित की, जिसके लिए उसे इस घोटाले को अंजाम देने में मदद करने के लिए प्रति माह 50 नाख रुपये की रिश्वत मिलती थी। कुल मिलाकर, 31 आबकारी अधिकारियों ने 89.56 करोड़ रुपये की पीओसी बटोरी/अर्जित की। रायपुर स्थित एसीबी ईओडब्ल्यू द्वारा आईपीसी, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने अपनी जांच शुरू की। पुलिस जांच में पता चला है कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और आरोपियों को इसके बराबर लाभ मिला। वर्तमान कुकर्की राज्य के राजस्व की रक्षा करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की गहरी मिलीभगत को उजागर करती है।'' ‘पार्ट-बी’ योजना से अवैध शराब बिक्री जांच के अनुसार, सरकारी शराब दुकानों के जरिए ‘पार्ट-बी’ योजना चलाई गई। इसके तहत अवैध देसी शराब का निर्माण और बिक्री की गई। नकली होलोग्राम, गैर-कानूनी बोतलों का उपयोग किया गया और सरकारी गोदामों को बायपास कर सीधे भट्टियों से दुकानों तक शराब पहुंचाई गई। यह पूरी प्रक्रिया आबकारी अधिकारियों की मिलीभगत से संचालित होती थी। कमीशन सिस्टम से करोड़ों की कमाई ईडी की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों को प्रति केस 140 रुपये का कमीशन दिया जाता था। अकेले निरंजन दास ने 18 करोड़ रुपये से अधिक की अपराध से अर्जित आय हासिल की, जबकि कुल 31 अधिकारियों ने मिलकर करीब 89.56 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की।

पीएम सूर्यघर योजना से रोशन हुआ शिक्षक राजेश साहू का घर

रायपुर. बलौदा बाजार भाटापारा जिले के संजय नगर कॉलोनी निवासी और पेशे से शिक्षक राजेश साहू के जीवन में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना एक नई रोशनी लेकर आई है। सोशल मीडिया के माध्यम से इस योजना के विज्ञापन से प्रेरित होकर राजेश ने बिजली विभाग के कार्यालय में जाकर विस्तृत जानकारी प्राप्त की और इस योजना की महत्ता को समझते हुए तत्काल अपने घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर पैनल सिस्टम लगवाने का निर्णय लिया। शासन की इस जनकल्याणकारी योजना के तहत उन्हें न केवल सुलभ किस्तों में सिस्टम लगाने की सुविधा मिली, बल्कि नियमानुसार सरकार से आकर्षक सब्सिडी का लाभ भी प्राप्त हुआ। सोलर पैनल स्थापित होने के बाद अब राजेश साहू का घर पूरी तरह सौर ऊर्जा से ऊर्जित हो रहा है, जिससे उन्हें हर महीने आने वाले भारी-भरकम बिजली बिल की चिंता से हमेशा के लिए छुटकारा मिल गया है। इस सकारात्मक बदलाव और आर्थिक राहत से उत्साहित होकर शिक्षक राजेश साहू ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री के प्रति अपना हार्दिक आभार व्यक्त किया है। उनका मानना है कि यह योजना न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि मध्यमवर्गीय परिवारों को महंगाई के दौर में बिजली खर्च से बचाने का एक बेहतरीन माध्यम भी है।

उत्तर बस्तर कांकेर में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की प्रचार वैन को कलेक्टर ने किया रवाना

उत्तर बस्तर कांकेर. खेल एवं युवा कल्याण विभाग के तत्वावधान में ‘खेलो इंडिया‘ ट्राइबल गेम्स के लिए चयन ट्रायल 6 से 8 जनवरी को रायपुर और बिलासपुर में किया जाएगा। इसके व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु वैन को कांकेर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने आज हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने इसके लिए जिले के अधिकाधिक युवक-युवतियों को पंजीयन कराने के निर्देश दिए हैं। जिला खेल अधिकारी ने बताया कि ‘खेलो इंडिया‘ ट्राइबल गेम्स में हिस्सा लेने के लिए क्यूआर कोड और रजिस्ट्रेशन लिंक से किया जा सकता है। ऑनलाइन पंजीयन, ट्रायल स्थल पर ऑफलाइन पंजीयन भी होगा। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के मूल निवासी जनजातीय खिलाड़ी इसमें भाग ले सकते हैं। चयन ट्रायल में हिस्सा लेने हेतु अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र और आधार कॉर्ड की मूल कॉपी के साथ उपस्थित होना होगा। देश में पहली बार छत्तीसगढ़ की मेजबानी में हो रहे है। यह भी बताया गया कि खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स में राज्य की ओर से खेलने वाली टीमों के चयन के लिए ट्रायल 6 जनवरी से 8 जनवरी तक रायपुर और बिलासपुर में आयोजित किए जा रहे हैं। सात खेल विधाओं में किया जाएगा ट्रायल इस संबंध में बताया गया कि नेशनल ट्राइबल गेम्स में सात खेलों को शामिल किया गया है। इसमें भागीदारी के लिए वेट-लिफ्टिंग, कुश्ती, फुटबॉल और हॉकी के खिलाड़ियों का ट्रायल रायपुर में आयोजित किया गया है। वहीं तीरंदाजी, एथलेटिक्स और तैराकी के खिलाड़ियों के ट्रायल बिलासपुर में होंगे। चयन ट्रायल में शामिल होने के लिए खिलाड़ी अपना ऑनलाइन पंजीयन क्यूआर कोड और रजिस्ट्रेशन लिंक से कर सकते हैं। सभी ट्रायल स्थलों पर ऑफलाइन पंजीयन भी किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ के स्थायी निवासी अनुसूचित जनजाति वर्ग के खिलाड़ी ही चयन ट्रायल में भाग लेने के पात्र होंगे। महिला एवं पुरूष दोनों वर्गों में पात्र खिलाड़ियों के लिए आयु सीमा का कोई बंधन नहीं है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने ट्रायल में हिस्सा लेने पहुंचने वाले सभी खिलाड़ियों से अपने अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र और आधार कॉर्ड/स्थानीय प्रमाण पत्र की मूल कॉपी साथ लाने कहा है। रायपुर में वेट-लिफ्टिंग, कुश्ती, फुटबॉल और हॉकी के ट्रायल रायपुर के स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा में 6 जनवरी को सवेरे 9 बजे से वेट-लिफ्टिंग, 7 जनवरी को सवेरे 9 बजे से कुश्ती तथा 7 जनवरी और 8 जनवरी को सवेरे नौ बजे से फुटबॉल के लिए ट्रायल होंगे। इसी प्रकार 7 जनवरी और 8 जनवरी को सवेरे 09 बजे से रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में हॉकी खिलाड़ियों का ट्रायल होगा। बिलासपुर में 7 से 8 जनवरी तक एथलेटिक्स, तीरंदाजी एवं तैराकी खेलो के लिए चयन ट्रायल होंगे।

हेमचंद के परिवार को मिला प्रधानमंत्री आवास योजना में पक्का घर

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के हर परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास देने के विज़न के अनुरूप प्रधानमंत्री आवास योजना ज़मीनी स्तर पर लोगों की ज़िंदगी बदल रही है। इसी का जीवंत उदाहरण हैं नगर पंचायत फरसगांव, जिला कोंडागांव के वार्ड क्रमांक 4 निवासी हेमचंद नाग, जिन्होंने इस योजना के माध्यम से अपने पिता तिरकू राम नाग को पक्का मकान उपहार में दिया। हेमचंद नाग ने बताया कि उनका पुराना मकान बांस और मिट्टी से बना हुआ था, जो बरसात के दिनों में बार-बार क्षतिग्रस्त हो जाता था। कमजोर दीवार के कारण परिवार के सभी सदस्यों पिता, पत्नी और दो बच्चों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। हालात ऐसे हो गए थे कि सुरक्षा की दृष्टि से उन्हें अपने पिता को कुछ समय के लिए भाई के घर भेजना पड़ा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र हितग्राहियों तक लाभ पहुँचाने की नीति के तहत, वार्ड स्तर पर जानकारी के दौरान हेमचंद नाग को योजना से जोड़ा गया। नगर पंचायत एवं संबंधित अधिकारियों की सक्रिय भूमिका से आवास स्वीकृत हुआ और 29 वर्गमीटर क्षेत्रफल का पक्का मकान 3.05 लाख रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ। गृह प्रवेश के शुभ अवसर पर हेमचंद नाग ने सबसे पहले अपने पिता के हाथों विधिवत पूजा करवाई और भावनाओं के साथ यह पक्का मकान उन्हें समर्पित किया। नया घर देखकर पिता भावुक हो उठे। हेमचंद नाग ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का विज़न केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास पहुँचाना है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए पार्षद, मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं नगर पंचायत के समस्त कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।

बलौदा बाजार कलेक्टर ने की धान खरीदी और उठाव में तेजी लाने के दिए निर्देश

बलौदा बाजार. कलेक्टर दीपक सोनी ने शुक्रवार को खाद्य, सहकारिता,कृषि एवं अन्य सम्बंधित विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर धान खरीदी प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने समिति एवं उपार्जन केंद्रों से तेजी से धान उठाव करने एवं बिचौलियों पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिये। कलेक्टर ने कहा कि उपार्जन केंदो से शीघ्र धान उठाव कराएं ताकि जाम की स्थिति निर्मित न हो। उन्होंने ट्रांसपोर्टर से प्रतिदिन 200 ट्रक धान उठाव के लिये लगाने तथा जो मिलर धान उठाव में रूचि नहीं ले रहे उन पर कार्यवाही करने के निर्देश दिये। सहकारिता एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों को धान खरीदी में पारदर्शिता बनाए रखने के लिये बिचौलियों पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिये। बताया गया कि जिले के सभी 166 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी जारी है एवं अब तक 92505 किसानों से 445876 मेट्रिक टन धान खरीदी एवं 163617मीट्रिक टन का उठाव किया गया है।

रायपुर में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कबीरधाम में रेंज का पहला साइबर थाने का उद्घाटन, डिजिटल सुरक्षा को मिली नई दिशा

रायपुर : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कबीरधाम में रेंज के पहले साइबर थाने का किया शुभारंभ डिजिटल अपराधों पर सख्त नियंत्रण और नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा को मिली मजबूती रायपुर कबीरधाम जिले में साइबर अपराधों के विरुद्ध निर्णायक और दूरदर्शी कदम उठाते हुए उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने आज पूरे राजनांदगांव रेंज एवं जिले के प्रथम साइबर थाने का शुभारंभ किया। इस थाने को कवर्धा के पुराने पुलिस लाइन में स्थापित किया गया है, इस थाने के जिले में स्थापना को जिले की कानून-व्यवस्था एवं डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र एक ऐतिहासिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।        इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आज का युग डिजिटल है और शासन से लेकर आम नागरिक तक ऑनलाइन माध्यमों पर निर्भर होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल सुविधाओं के साथ-साथ साइबर अपराधों की चुनौती भी बढ़ी है, जिससे आम नागरिक, महिलाएं, वरिष्ठजन और युवा वर्ग प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में साइबर थाना की स्थापना आम जनता को त्वरित न्याय, सुरक्षा और भरोसा देने की दिशा में एक मजबूत कदम है।      उप मुख्यमंत्री शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि साइबर अपराधों में समय सबसे अहम होता है। यदि शुरुआती घंटों में सही कार्रवाई हो जाए तो ठगी की राशि रोकी जा सकती है और अपराधियों तक शीघ्र पहुंचा जा सकता है। साइबर थाना के माध्यम से शिकायतों का तत्काल पंजीकरण, ऑनलाइन फ्रॉड की राशि को समय रहते होल्ड करना, डिजिटल साक्ष्यों का वैज्ञानिक संकलन और अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी। उन्होंने कहा कि यह थाना न केवल अपराध नियंत्रण का केंद्र बनेगा, बल्कि नागरिकों में डिजिटल जागरूकता और विश्वास भी बढ़ाएगा।       कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि साइबर थाना में एक निरीक्षक प्रभारी सहित कुल 30 प्रशिक्षित अधिकारी एवं कर्मचारियों की पदस्थापना की गई है। थाना के प्रभावी पर्यवेक्षण के लिए उप पुलिस अधीक्षक स्तर के राजपत्रित अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे साइबर अपराधों की विवेचना उच्च गुणवत्ता और पेशेवर तरीके से की जा सके।       पुलिस अधीक्षक ने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में कबीरधाम पुलिस की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद जिले में साइबर तकनीक के माध्यम से 112 ऑनलाइन ठगी मामलों में लगभग 50 लाख रुपये पीड़ितों को वापस कराए गए हैं। इसके साथ ही सीईआईआर पोर्टल की सहायता से 872 गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर नागरिकों को लौटाए गए हैं, जो साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण का प्रमाण है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की इस पहल से कबीरधाम जिले में साइबर अपराधों की रोकथाम, त्वरित विवेचना और डिजिटल सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी।        उन्होंने बताया कि गंभीर अपराधों की विवेचना में कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन ट्रैकिंग और डिजिटल साक्ष्यों का उपयोग कर आरोपियों तक शीघ्र पहुंच बनाई गई है। महिलाओं और बच्चों से जुड़े साइबर अपराधों में विशेष संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ कार्रवाई की जा रही है। इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित पटेल, डीएसपी कृष्ण कुमार चंद्राकर, डीएसपी आशीष शुक्ला, साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक महेश प्रधान, थाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक योगेश कश्यप सहित अन्य पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक संघर्ष, CM विष्णु देव साय ने रणनीति और समन्वय पर जोर दिया

रायपुर   छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिल्ली में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत की. इस दौरान उन्होंने पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास और नक्सलवाद उन्मूलन पर विस्तार से चर्चा की. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने तीन दिवसीय दिल्ली दौरे के अंतिम दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन और अन्य नेताओं से मुलाकात की. मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बार-बार "डबल इंजन की सरकार" की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि अब नक्सलवाद के खिलाफ स्पष्ट रणनीति, समन्वय और समयबद्ध लक्ष्य के साथ काम हो रहा है. केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता से जमीनी स्तर पर प्रभाव दिख रहा है. उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में नक्सलवाद को लेकर स्पष्ट रणनीति और केंद्र-राज्य समन्वय की कमी थी. संसाधन, सुरक्षा सहयोग और विकास कार्यों में गंभीरता नहीं थी. अब केंद्र सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ राज्यों के साथ मिलकर नक्सलवाद को पूरी तरह से खत्म कर रही है. साथ ही मुख्यमंत्री साय ने ये भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प से मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य तय समय में पूरा होगा. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में यह लड़ाई निर्णायक मोड़ पर है. मुख्यमंत्री साय ने ये भी दावा किया कि बस्तर में शांति, विश्वास और विकास का स्थायी सूर्योदय हो रहा है. सुरक्षा बलों की कार्रवाइयों से हिंसा अब एकमात्र विकल्प नहीं रही. अबूझमाड़ जैसे क्षेत्रों में प्रशासनिक पहुंच बढ़ रही है. पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास विकास परियोजनाओं पर बात करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार ने पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास के लिए 1.25 लाख करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई है, जिसके तहत अबूझमाड़ जैसे क्षेत्रों का सर्वे और मैपिंग शुरू कर दिया गया है. नक्सलवाद के खत्म होने पर निवेशकों ने वहां निवेश करने के लिए रुचि दिखाई है. इसका जवाब देते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पिछले एक साल में 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं. साथ ही सेमीकंडक्टर और एआई डेटा सेंटर पर भी काम शुरू कर दिया गया है. डबल इंजन की सरकार में मिली स्पष्ट दिशा नक्सलवाद खत्म करने में केंद्र सरकार ने जितनी रुचि अब दिखाई है, क्या वो पहले भी इतनी सचेत थी? इस सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब देश और प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है, इसलिए नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई को स्पष्ट दिशा, निरंतरता और समयबद्ध लक्ष्य मिला है. केंद्र सरकार ने नक्सल समस्या को जड़ से खत्म करने का जो संकल्प लिया है, वह अब जमीन पर प्रभावी रूप से दिखाई दे रहा है और तय समय में लक्ष्य पूरा होने की दिशा में काम तेजी से हो रहा है. उन्होंने आगे कहा कि पहले नक्सलवाद के खिलाफ न तो इतनी स्पष्ट रणनीति थी और न ही केंद्र-राज्य के बीच ऐसा समन्वय दिखता था. संसाधन, सुरक्षा सहयोग और विकास कार्यों में भी वह गंभीरता नहीं थी, जिसकी जरूरत इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए होती है. अब केंद्र सरकार पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ राज्यों के साथ मिलकर नक्सलवाद के समूल निवारण के लिए काम कर रही है. मुख्यमंत्री साय ने अपने जवाब में केंद्र की वर्तमान सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए "डबल इंजन" मॉडल की सफलता को रेखांकित किया.

दिल्ली यात्रा के बाद सीएम विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को छत्तीसगढ़ में स्वागत करने का न्योता दिया

रायपुर  छत्तीसगढ़  के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दो दिवसीय CM Vishnudev Sai Delhi Visit के बाद देर रात राजधानी रायपुर लौटे। एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने अपने दिल्ली प्रवास को राज्य हित में महत्वपूर्ण बताया और दौरे की प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े आगामी बस्तर पंडुम कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण दिया, जिसे राष्ट्रपति ने सहर्ष स्वीकार कर लिया है। मुख्यमंत्री साय ने इसे राज्य के लिए गौरव का क्षण बताते हुए कहा कि राष्ट्रपति की उपस्थिति से बस्तर की आदिवासी परंपराओं और लोक संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। CM Vishnudev Sai Delhi Visit के दौरान खेल और युवा विकास से जुड़े विषय भी प्रमुखता से उठे। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को खेलो इंडिया और राष्ट्रीय ट्राइबल गेम्स जैसी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी का अवसर मिलना राज्य के युवाओं के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मंच मिलेगा। दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री साय ने भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से भी मुलाकात की और उन्हें नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान संगठनात्मक मजबूती और राज्य विकास को लेकर चर्चा हुई। नक्सलवाद पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में 31 मार्च तक नक्सलवाद के खात्मे का संकल्प लिया गया है। छत्तीसगढ़ इस दिशा में निर्णायक भूमिका निभा रहा है और सुरक्षा बलों व प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से ठोस परिणाम सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह CM Vishnudev Sai Delhi Visit छत्तीसगढ़ के विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक उत्थान के लिए बेहद लाभकारी रहा है, जिससे राज्य को केंद्र का निरंतर सहयोग मिल रहा है।  

“परीक्षा पे चर्चा 2026” में पालकों की भागीदारी में छत्तीसगढ़ रहा प्रथम

रायपुर. पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा परीक्षा को तनावमुक्त उत्सव के रूप में मनाने की पहल “परीक्षा पे चर्चा 2026” में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। छत्तीसगढ़ ने पालकों की भागीदारी में प्रथम स्थान हासिल कर पूरे देश में उदाहरण प्रस्तुत किया है। अब तक छत्तीसगढ़ से 25.16 लाख प्रतिभागियों ने पंजीयन किया है, जिनमें 22.75 लाख विद्यार्थी, 1.55 लाख शिक्षक और 81,533 पालक शामिल हैं। यह उपलब्धि राज्य में परीक्षा प्रबंधन, समय प्रबंधन, पालकों को अपने बच्चों को परीक्षा में अधिक अंक लाने हेतु अनावश्यक दबाव देने से बचने तथा उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए किए जा रहे सुनियोजित प्रयासों को दर्शाती है। 'परीक्षा पे चर्चा' में पालकों की भागीदारी के मामले में छत्तीसगढ़ पूरे देश में प्रथम स्थान पर है। कुल पंजीयन के मामले में छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर चौथे स्थान पर है। बलोदाबाजार जिले में 14,658 तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 9,952 पालकों द्वारा पंजीयन किया गया है, जो इस अभियान के प्रति अभिभावकों की बढ़ती जागरूकता, सहभागिता और विश्वास का स्पष्ट प्रमाण है। यह उपलब्धि केवल संख्यात्मक सफलता नहीं है, बल्कि यह परीक्षा के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव का भी संकेत देती है। इस उल्लेखनीय सफलता के पीछे राज्य में अपनाई गई नवाचारपूर्ण रणनीतियाँ महत्वपूर्ण रही हैं। जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों के माध्यम से अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित की गई, शिक्षक प्रशिक्षण केंद्रों पर ऑन-साइट पंजीयन की व्यवस्था की गई तथा युवा क्लब और “अंगना म शिक्षा कार्यक्रम” के माध्यम से समुदाय को बड़े पैमाने पर जोड़ा गया। सारंगढ़-बिलाईगढ़ में आयोजित “परीक्षा पे चर्चा मेला” से एक ही दिन में 10,000 से अधिक पंजीयन दर्ज हुए, जबकि इससे पहले प्रतिदिन औसत पंजीयन लगभग 1500 के आसपास था। पिछले प्रयासों के रूप में आयोजित शिक्षक-पालक सम्मेलन और मेगा पीटीएम ने भी अभिभावकों की सजगता और सहभागिता को नई दिशा दी है। परीक्षा पे चर्चा से जुड़े प्रेरक अनुभव भी लगातार सामने आ रहे हैं। पिछले वर्ष इस कार्यक्रम में शामिल हुई कु. युक्तामुखी ने अपने अनुभव साझा करते हुए इस वर्ष अधिक से अधिक विद्यार्थियों से पंजीयन कर अपने प्रश्न पूछने की अपील की है। उनका प्रेरक संदेश विद्यार्थियों में उत्साह, आत्मविश्वास और सक्रिय सहभागिता की भावना जागृत कर रहा है। इसी प्रकार सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में शीतकालीन अवकाश के दौरान आयोजित “परीक्षा पे चर्चा मेला” में सभी विद्यालयों, समुदाय, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की और इस आयोजन के परिणामस्वरूप एक ही दिन में 10,000 से अधिक पंजीयन हुए। इस सफलता से प्रेरित होकर छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी परीक्षा पे चर्चा मेलों का आयोजन किया जा रहा है और लोग उत्साहपूर्वक इस अभियान से जुड़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ में परीक्षा पे चर्चा में शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए शिक्षक प्रशिक्षण स्थलों पर ही पंजीयन की व्यवस्था की गई। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को पंजीयन प्रक्रिया विस्तारपूर्वक समझाई गई और वहीं पर पंजीयन कराने में सहयोग दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप शिक्षकों द्वारा बहुत बड़ी संख्या में पंजीयन किया गया। पंजीयन प्रक्रिया 11 जनवरी 2026 तक खुली रहेगी और इस बात की पूरी संभावना है कि छत्तीसगढ़ में 30 लाख से अधिक पंजीयन का लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि “परीक्षा पे चर्चा” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का वार्षिक संवाद कार्यक्रम है, जिसमें वे विद्यार्थियों, शिक्षकों और पालकों से सीधे संवाद करते हैं। इस संवाद में परीक्षा से जुड़ी चुनौतियों, तनाव प्रबंधन, आत्मविश्वास बढ़ाने के उपायों पर मार्गदर्शन दिया जाता है तथा पालकों को यह संदेश भी दिया जाता है कि वे अधिक अंक लाने के लिए अनावश्यक दबाव न डालें, बल्कि बच्चों का मनोबल और आत्मविश्वास बढ़ाएँ। यह पहल अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुकी है और परीक्षा को तनाव का विषय न मानकर उत्सव के रूप में मनाने की व्यापक सामाजिक चेतना विकसित कर रही है। सामूहिक प्रयास का परिणाम – “परीक्षा पे चर्चा 2026 में छत्तीसगढ़ द्वारा प्राप्त की गई यह उपलब्धि पूरे राज्य के विद्यार्थियों, शिक्षकों और पालकों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा परीक्षा को तनाव नहीं बल्कि उत्सव के रूप में मनाने का जो संदेश दिया गया है, उसे छत्तीसगढ़ ने दिल से अपनाया है। कुल पंजीयन में देश में चौथा स्थान और पालक सहभागिता में प्रथम स्थान प्राप्त करना इस बात का प्रमाण है कि हमारे यहां अभिभावकों में भी जागरूकता बढ़ी है और वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव डालने के बजाय उनका आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए आगे आ रहे हैं। मुझे विश्वास है कि इसी उत्साह के साथ हम 30 लाख से अधिक पंजीयन के लक्ष्य को भी प्राप्त करेंगे और परीक्षा को तनावमुक्त बनाने के इस अभियान को जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाते रहेंगे।” – विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री

‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ में छत्तीसगढ़ ने बनाई नई मिसाल, सीएम विष्णदेव साय बोले- राज्य बना रोल मॉडल

रायपुर  छत्तीसगढ़ में ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ के लिए आवेदन जारी हैं. अभिभावक 11 जनवरी तक आवेदन भर सकते हैं. देश में सबसे ज्यादा आवेदन छत्तीसगढ़वासियों ने भरे हैं. अब तक 81,533 से अधिक अभिभावकों ने सक्रिय भागीदारी दिखाई है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि राज्य ने परीक्षा को तनाव नहीं, बल्कि उत्सव बनाने की सोच अपनाई है. छत्तीसगढ़ इस मामले में देश का रोल मॉडल बन गया है. सीएम साय ने कहा कि पालक अब सिर्फ अंकों के दबाव में नहीं, बल्कि बच्चों के आत्मविश्वास और मानसिक सशक्तिकरण पर ध्यान दे रहे हैं.     परीक्षा को तनाव नहीं, उत्सव बनाने की सोच- छत्तीसगढ़ बना देश का रोल मॉडल।     ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ में पालक सहभागिता के पंजीयन में अब तक देश में प्रथम स्थान पर बने रहना छत्तीसगढ़वासी के लिए गर्व का विषय है।     81,533 से अधिक अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि हमारे पालक… प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में परीक्षा को सकारात्मक अनुभव बनाने के इस अभियान को छत्तीसगढ़ ने पूरी संवेदनशीलता के साथ लागू किया है. इस पहल में विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक की साझा भागीदारी राज्य की सबसे बड़ी उपलब्धि है. अभिभावक 11 जनवरी 2026 तक आवेदन कर सकते हैं और इस अभियान को और मजबूत बना सकते हैं. मुख्यमंत्री साय का जनदर्शन कार्यक्रम रायपुर में 8 जनवरी को मुख्यमंत्री निवास पर CM साय जनता की समस्याएं सुनेंगे और छत्तीसगढ़वासियों से सीधा संवाद करेंगे. इस कार्यक्रम में जनता की समस्याओं का निराकरण भी किया जाएगा.