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कमरौद में ग्रामीणों से आत्मीय संवाद, योजनाओं की जमीनी स्थिति का लिया फीडबैक

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार-2026 के अंतर्गत महासमुंद जिले के विकासखंड बागबाहरा स्थित ग्राम कमरौद पहुंचकर विशाल बरगद के पेड़ के नीचे चौपाल लगाई और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति की जानकारी ली। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने मां दुर्गा मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।  बरगद के पेड़ की छांव में आयोजित चौपाल में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि सरकार गांव-गांव पहुंचकर यह सुनिश्चित कर रही है कि लोगों को राशन, बिजली, प्रधानमंत्री आवास, महतारी वंदन योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ सही तरीके से मिल रहा है या नहीं। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन और प्रशासन को जनता के द्वार तक पहुंचाकर समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वे अब तक प्रदेश के 16 जिलों का दौरा कर लोगों से सीधे संवाद कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से महतारी वंदन योजना की जानकारी ली, जिस पर महिलाओं ने बताया कि उन्हें नियमित रूप से राशि मिल रही है। ग्राम की मती देव कुमारी साहू ने बताया कि वह योजना से मिलने वाली राशि अपनी बेटी के भविष्य के लिए बचा रही हैं।  चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने पांचवीं कक्षा के छात्र पूर्वांश साहू से मुस्कुराते हुए पूछा—“सेल्फी लेंगे क्या?” जिसके बाद छात्र ने उत्साहपूर्वक मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी ली।  यह आत्मीय क्षण चौपाल का विशेष आकर्षण बना। मुख्यमंत्री ने बिजली बिल समाधान योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा पंचायत स्तर पर संचालित अटल डिजिटल सेवा केंद्रों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं और अतिरिक्त 10 लाख आवासों का निर्माण भी प्रारंभ हो गया है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर नागरिक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए अब तक लगभग 6000 अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार शीघ्र ही ऑनलाइन शिकायत समाधान व्यवस्था शुरू करने जा रही है, जिसके माध्यम से नागरिक घर बैठे मोबाइल फोन से अपनी समस्याएं दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए टोल फ्री नंबर भी प्रारंभ किया जाएगा। किसानों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने नैनो यूरिया के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही।  सिंचाई सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिरपुर बैराज तथा सिकासेर से कोडार परियोजना महासमुंद जिले के लिए जीवनदायिनी साबित होगी। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उल्लेखनीय है कि जिले में सिंचाई क्षमता विस्तार के लिए सिकासेर बांध (गरियाबंद) से शहीद वीर नारायण सिंह जलाशय कोडार तक पानी पहुंचाने की लगभग 3200 करोड़ रुपये की परियोजना पर कार्य किया जा रहा है। राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा ने कहा कि सरकार गांव-गांव पहुंचकर जनता की बात सुन रही है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय स्वयं गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार पारदर्शी और जनहित में कार्य करने वाली सरकार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना और अन्य योजनाओं से प्रदेश के गरीब और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है।  बस्तर जैसे क्षेत्रों में जहां पहले हिंसा का माहौल था, वहां अब खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित हो रही हैं। चौपाल के दौरान ग्राम की मती लता साहिस ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास, महतारी वंदन योजना तथा गैस सिलेंडर का लाभ मिला है। वहीं मती मधु साहू ने मछली पालन से जुड़ाव और गर्मी के दौरान पानी की समस्या बताई, जिस पर मुख्यमंत्री ने सोलर आधारित बोर सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बिहान योजना से जुड़ी परी साहू ने बताया कि स्व-सहायता समूह से जुड़कर वे आत्मनिर्भर बनी हैं और अब फैंसी एवं किराना दुकान संचालित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद वे “लखपति दीदी” कहलाने लगी हैं।  ग्रामीण  मोहन कुलदीप ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का अनुभव साझा करते हुए बताया कि दिसंबर 2025 में सोलर पैनल लगवाने पर उन्हें एक लाख आठ हजार रुपये की सब्सिडी मिली और पहले जहां उनका बिजली बिल लगभग 3500 रुपये आता था, अब शून्य हो गया है। मुख्यमंत्री ने उपस्थित ग्रामीणों को इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। दिव्यांग हितग्राहियों के चेहरे पर खिली मुस्कान चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने तीन दिव्यांग हितग्राहियों को सहायक उपकरण प्रदान किए। भारती मारकण्डेय को व्हीलचेयर तथा रवि कुमार पटेल और यादराम साहू को ट्रायसिकल प्रदान की गई। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे उनके दैनिक जीवन और आवागमन में काफी सुविधा होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के जीवन को सहज, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा अधिकारियों को जरूरतमंद हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से पहुंचाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने मातृशक्ति के लिए सर्वसुविधायुक्त भवन निर्माण की घोषणा की, जहां सामाजिक, सांस्कृतिक एवं स्व-सहायता समूहों की गतिविधियां संचालित की जा सकेंगी। मुख्यमंत्री ने कमरौद से चरोदा तक लगभग चार किलोमीटर सड़क निर्माण तथा ग्राम में मुक्ति धाम निर्माण की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं से ग्रामीणों में खुशी का माहौल देखा गया और ग्रामीणों ने उनका आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सांसद मती रूपकुमारी चौधरी, विधायक  योगेश्वर राजू सिन्हा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण,  अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से किया संवाद

रायपु मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार-2026 के अंतर्गत बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के विकासखंड भाटापारा स्थित ग्राम करहीबाजार में आयोजित समाधान शिविर में शामिल होकर क्षेत्रवासियों को विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने ग्राम करहीबाजार में सर्व समाज हेतु 25 लाख रुपये की लागत से सांस्कृतिक भवन निर्माण तथा सुकालू के घर से सिद्ध बाबा मार्ग तक 25 लाख रुपये की लागत से सी.सी. रोड निर्माण कार्य की घोषणा की। उन्होंने करहीबाजार एवं कोदवा के हायर सेकेंडरी स्कूलों में भवन निर्माण की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने ग्राम विटकुली में 20 लाख रुपये की लागत से मांगलिक भवन निर्माण तथा ग्राम पंचायत कोठमी, मोपका, कोनी, बोरसी, कोदवा, पाटन एवं रामपुर में 10-10 लाख रुपये की लागत से सी.सी. रोड निर्माण कार्यों की घोषणा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने माँ महामाया मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की तथा स्थानीय महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं से मुलाकात कर उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिर पहुंचकर धात्री माताओं को किट वितरित की और विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए हितग्राहीमूलक स्टॉलों का अवलोकन कर योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने फुटबॉल खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा उनके अनुरोध पर फुटबॉल को किक लगाई। उन्होंने “हम होंगे कामयाब 2.0” पोर्टल का शुभारंभ भी किया। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक खुमरी पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नवजात बच्चों को अन्नप्राशन कराया तथा सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हेलमेट वितरित किए। प्रधानमंत्री आवास योजना की हितग्राही  राजकुमारी के गृह प्रवेश कार्यक्रम में शामिल होकर मुख्यमंत्री ने भगवान  गणेश की प्रतिमा भेंट की और परिवार के सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने “मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0” के अंतर्गत सोखता पिट निर्माण में श्रमदान कर जल संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने जल संचयन के क्षेत्र में कार्य कर रही जल संचयन दीदी  बेबी सेन एवं  अम्बे मानिकपुरी से बातचीत कर उनके प्रयासों की सराहना की। समाधान शिविर में हितग्राहियों ने शासन की योजनाओं से मिले लाभ साझा किए।  नंद कुमार ध्रुव ने बताया कि सुशासन तिहार के दौरान मोटराइज्ड वाहन संबंधी समस्या के निराकरण हेतु दिए गए आवेदन का त्वरित समाधान हुआ, जिसके लिए उन्होंने शासन-प्रशासन का आभार जताया।  दिलीप कुमार वर्मा ने बताया कि स्वामित्व पट्टा योजना के तहत भूमि मिलने से उन्हें आवास निर्माण में सुविधा मिली है।  अनीता निषाद ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पहले उन्हें कच्चे मकान के कारण कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें सुरक्षित आवास प्राप्त हुआ है। वहीं  पिंकी बंजारे ने महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्राप्त आर्थिक सहायता के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है।

हादसा, पंचर या मेडिकल इमरजेंसी… हाईवे पर हर परेशानी का भरोसेमंद साथी है 1033

रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर संजीवनी बना डायल 1033 कल्पना कीजिए, आप एक खूबसूरत सफर पर हैं। खुली सड़क, रफ्तार पकड़ती गाड़ी और सुहाना मौसम—सब कुछ शानदार चल रहा है। लेकिन अचानक अगले ही मोड़ पर कोई हादसा हो जाए, तो पलभर में खुशियां मातम में बदल सकती हैं। ऐसे सुनसान हाईवे पर, जहां दूर-दूर तक कोई मदद नजर नहीं आती, वहां मोबाइल स्क्रीन पर चमकता एक नंबर उम्मीद की सबसे बड़ी किरण बनकर सामने आता है—1033। आज राष्ट्रीय राजमार्गों पर यह नंबर लाखों यात्रियों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। संकट की घड़ी में फरिश्ता बनती है एक कॉल हाइवे दुर्घटना के बाद का पहला घंटा चिकित्सा विज्ञान में “गोल्डन ऑवर” कहलाता है। इस दौरान घायल को सही इलाज मिल जाए तो उसकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। डायल 1033 इसी गोल्डन ऑवर का सबसे बड़ा सहारा बन चुका है। जैसे ही कोई व्यक्ति 1033 पर कॉल करता है, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) का कंट्रोल रूम तुरंत सक्रिय हो जाता है। जीपीएस तकनीक के जरिए हादसे की लोकेशन ट्रेस की जाती है और कुछ ही मिनटों में एम्बुलेंस, पेट्रोलिंग वाहन और जरूरत पड़ने पर क्रेन मौके पर पहुंच जाती है। घायलों को नजदीकी ट्रॉमा सेंटर पहुंचाने के साथ-साथ रास्ता भी साफ कराया जाता है। “7 से 10 मिनट में पहुंच गई एम्बुलेंस” रायपुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हादसे का शिकार हुए श्री नितिन वर्मा बताते हैं, “दोपहर करीब 2 बजे मेरी गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया। मोबाइल नेटवर्क भी कमजोर था और मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं कहां हूं। मैंने 1033 पर कॉल किया और महज 7 से 10 मिनट में एम्बुलेंस मौके पर पहुंच गई। मेरे लिए वह नंबर किसी संजीवनी से कम नहीं था।” सिर्फ एक्सीडेंट नहीं, हर परेशानी का साथी है 1033 अक्सर लोग समझते हैं कि 1033 सिर्फ सड़क हादसों में मदद करता है, जबकि यह हाइवे पर हर तरह की परेशानी में आपका भरोसेमंद साथी है। अगर रात में गाड़ी पंचर हो जाए, इंजन खराब हो जाए, सड़क पर पेड़ या मलबा गिर जाए, मवेशी आ जाएं, किसी सहयात्री की तबीयत बिगड़ जाए, टोल या फास्टैग संबंधी समस्या हो या हाइवे पर असुरक्षा महसूस हो—हर स्थिति में 1033 मदद के लिए उपलब्ध है। रात के सन्नाटे में 1033 बना सहारा ट्रक ड्राइवर श्री गुरदीप सिंह बताते हैं, “रात करीब 9:45 बजे रायपुर से बिलासपुर जाते समय ट्रक का टायर फट गया। सुनसान हाईवे पर भारी वाहन के साथ फंस जाना बहुत मुश्किल स्थिति थी। मैंने 1033 पर कॉल किया। कुछ ही देर में हाईवे पेट्रोलिंग टीम पहुंच गई। उन्होंने तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई और पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा भी सुनिश्चित की।” जब जाम हो गया चक्का, पेट्रोलिंग टीम ने बढ़ाया हाथ बिलासपुर-नागपुर रूट पर सफर कर रहे श्री एस.पी. चौबे ने बताया कि उनकी कार पंचर होने के बाद स्टेपनी बदलने के दौरान पहिया जाम हो गया था। काफी कोशिशों के बावजूद चक्का नहीं खुल रहा था। तभी वहां से गुजर रही 1033 की रूट पेट्रोलिंग टीम रुकी और अपने हैवी टूल्स की मदद से चक्का खोलकर टायर बदला। टीम की तत्परता और मदद ने यात्रियों का दिल जीत लिया। मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा बिलासपुर से महासमुंद जा रहे एक भारी ट्रेलर का ब्रेक अचानक जाम हो गया। बीच हाइवे पर इतने बड़े वाहन का रुकना बड़ा खतरा बन सकता था। सूचना मिलते ही 1033 टीम मौके पर पहुंची और ट्रेलर के पीछे से आने वाले वाहनों को सतर्क करने के लिए सेफ्टी कोन और चेवरॉन बोर्ड लगाए। टीम की मुस्तैदी से न केवल ट्रैफिक व्यवस्थित रहा, बल्कि एक बड़ा हादसा भी टल गया। 24 घंटे उपलब्ध, हर भाषा में मदद 1033 की सबसे बड़ी खासियत इसकी सरलता और उपलब्धता है। यह सेवा 24×7 सक्रिय रहती है। हिंदी, अंग्रेजी समेत कई स्थानीय भाषाओं में सहायता उपलब्ध है। सबसे अहम बात यह कि यह टोल-फ्री सेवा है, इसलिए मोबाइल में बैलेंस न होने पर भी कॉल किया जा सकता है। आज जब देश के हाईवे आधुनिक और हाई-स्पीड हो रहे हैं, तब सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गई है। ऐसे में हर यात्री को अपने मोबाइल में 1033 जरूर सेव रखना चाहिए। क्योंकि मुश्किल की घड़ी में यही चार अंक जिंदगी की रफ्तार को थमने नहीं देते।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हितग्राहियों को अपने हाथों से पहनाए नजर के चश्मे

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने हितग्राहियों को अपने हाथों से पहनाया नजर का चश्मा सुशासन तिहार शिविर में स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल का किया निरीक्षण रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बलौदाबाजार जिले के करहीबाजार में आयोजित सुशासन तिहार समाधान शिविर में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं और सेवाओं की जानकारी ली। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में मुख्यमंत्री ने 76 वर्षीय श्री गोवर्धन ध्रुव, 65 वर्षीय श्रीमती अनुपकुंवर पाल तथा कक्षा छठवीं के छात्र संजय चक्रधारी एवं जयसेन को अपने हाथों से नजर का चश्मा पहनाया। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें अब पढ़ने-लिखने और दैनिक कार्यों में काफी सुविधा होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर उपचार और आवश्यक सहायता मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।

दंतेवाड़ा में एनएमडीसी के समर कैंप को मिल रहा शानदार प्रतिसाद

दंतेवाड़ा दंतेवाड़ा जिले के जिन गांवों में एनएमडीसी द्वारा समर कैंप शुरू किए गए हैं, वहां बच्चों, अभिभावकों और स्थानीय हितधारकों की ओर से बेहद उत्साहजनक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। इन कैंपों के माध्यम से बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों, खेल, शिक्षा और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिल रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी सकारात्मक माहौल बन रहा है। समर कैंप के प्रति बढ़ती रुचि के चलते सामुदायिक भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है। स्थानीय लोग भी बच्चों के विकास और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए इस पहल में सक्रिय सहयोग दे रहे हैं। कैंपों में बच्चों की बढ़ती उपस्थिति यह दर्शाती है कि यह पहल ग्रामीण समाज में नई ऊर्जा और उत्साह भर रही है। एनएमडीसी ने कहा है कि आने वाले हफ्तों में इस पहल का और अधिक विस्तार किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा गांवों के बच्चे इसका लाभ उठा सकें। संस्था ने एनएमडीसी परिवारों और समुदाय के सदस्यों से अपील की है कि वे दंतेवाड़ा के बच्चों के लिए इस गर्मी को और अधिक आनंददायक, रचनात्मक और यादगार बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार के समाधान शिविर में हुए शामिल

महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं के आत्मविश्वास और बच्चों के भविष्य का सहारा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार के समाधान शिविर में हुए शामिल बलौदबाजार जिले के करहीबाजार में हितग्राहियों से की आत्मीय बातचीत सुशासन तिहार के समाधान शिविर में महिलाओं ने साझा किए अपने अनुभव रायपुर राज्य शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। योजना के माध्यम से मिलने वाली आर्थिक सहायता महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनके परिवार और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने में सहायक सिद्ध हो रही है। सुशासन तिहार के अंतर्गत बलौदबाजार जिले के करहीबाजार में आयोजित समाधान शिविर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने योजना की हितग्राहियों से संवाद कर उनके अनुभव जाने। हितग्राही श्रीमती रुखमनी पाल ने बताया कि उनके पति दिलेश्वर पाल मजदूरी कार्य करते हैं और परिवार की आय सीमित है। महतारी वंदन योजना के तहत प्राप्त होने वाली राशि को वे अपनी दो बेटियों के भविष्य के लिए जमा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि योजना से मिलने वाली सहायता ने उन्हें आर्थिक संबल दिया है तथा बच्चों की पढ़ाई और आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है। इसी तरह योजना की एक अन्य हितग्राही श्रीमती धनमता पाल ने भी बताया कि उन्हें प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि प्राप्त हो रही है। उनके पति होरीलाल पाल मजदूरी का कार्य करते हैं। धनमता पाल ने बताया कि वे इस राशि को अपने दो बच्चों के नाम पर जमा कर रही हैं ताकि भविष्य में उनकी शिक्षा और जरूरतों के लिए आर्थिक परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि पहले छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी चिंता बनी रहती थी, लेकिन अब योजना से मिलने वाली राशि ने परिवार को राहत दी है। बच्चों के भविष्य को लेकर उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है और वे बचत की दिशा में भी आगे बढ़ रही हैं। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रही है।

सेंट जेवियर्स स्कूल पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, यूनिफार्म बेचने वाली दुकान सील

बिलासपुर छत्तीसगढ़ शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद निजी स्कूलों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। अभिभावकों पर तय दुकान से यूनिफार्म और किताबें खरीदने का दबाव बनाने के मामले में प्रशासन ने व्यापार विहार स्थित सेंट जेवियर्स स्कूल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए स्कूल के सामने संचालित दुकान को सील कर दिया। मामले की शिकायत कलेक्टर तक पहुंचने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार टांडे ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। इसके बाद डीईओ स्वयं जांच दल के साथ स्कूल पहुंचे और औचक निरीक्षण किया। जांच टीम में प्राचार्य चंद्रभान सिंह ठाकुर और एपीसी रोहित भांगे भी शामिल रहे। जांच के दौरान स्कूल के ठीक सामने संचालित “साई इंटरप्राइजेज” नामक दुकान में स्कूल यूनिफार्म और किताबों की बिक्री होती मिली। सबसे अहम बात यह रही कि सामान पर स्कूल का आधिकारिक टैग लगा हुआ था। शिकायत सही पाए जाने पर टीम ने तत्काल दुकान को सील कर दिया। स्कूल संरक्षण में दुकान चलने की आशंका जांच के दौरान दुकान संचालक को बुलाया गया तो उसने बताया कि दुकान पहले ही स्कूल से जुड़ी “दिव्या मैडम” को बेच दी गई थी। दस्तावेजों की पड़ताल में यह बयान सही पाया गया। इसके बाद जांच टीम ने आशंका जताई कि अतिरिक्त कमाई के उद्देश्य से स्कूल प्रबंधन के संरक्षण में ही दुकान संचालित की जा रही थी। डीईओ ने दी कड़ी चेतावनी जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार टांडे ने स्पष्ट कहा कि किसी भी निजी स्कूल को अभिभावकों पर विशेष दुकान से किताब या यूनिफार्म खरीदने का दबाव बनाने का अधिकार नहीं है। शासन के नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है। फिलहाल शिक्षा विभाग की टीम पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।

तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिली बड़ी सौगात, मुख्यमंत्री ने 33.40 लाख रुपये भुगतान का किया शुभारंभ

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर मुख्यमंत्री के एमसीबी जिले के प्रवास के दौरान पोंडी स्थित तानसेन भवन परिसर में वन विभाग द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉल का अवलोकन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिले के तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में महत्वपूर्ण पहल करते हुए चार प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के संग्राहकों को कुल 33 लाख 40 हजार 40 रुपये की राशि का प्रतीकात्मक चेक प्रदान कर भुगतान प्रक्रिया का शुभारंभ किया। वन विभाग के स्टॉल में प्रदेश में समर्थन मूल्य पर खरीदी जाने वाली 67 प्रकार की लघु वनोपजों की जानकारी एवं प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा वनौषधीय उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संजीवनी केंद्र के माध्यम से छत्तीसगढ़ हर्बल उत्पादों की बिक्री एवं प्रदर्शनी भी लगाई गई। कार्यक्रम के दौरान हर्बल उत्पादों की 4 हजार 120 रुपये की बिक्री दर्ज की गई। मुख्यमंत्री ने स्टॉल में प्रदर्शित विभिन्न वन उत्पादों एवं जनजातीय आजीविका संवर्धन से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली तथा विभागीय प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ), वन मंडलाधिकारी मनेंद्रगढ़ सहित वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

जनसेवा ही भाजपा की पहचान, कार्यकर्ता रहें हमेशा सक्रिय: किरण सिंह देव

जगदलपुर  भारतीय जनता पार्टी द्वारा अपने कार्यकर्त्ताओं को लगातार प्रशिक्षण वर्ग के माध्यम से प्रशिक्षित किया जा रहा है। पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026 के अन्तर्गत गुरुवार को ग्राम आसना में भाजपा के दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण वर्ग का आरंभ किया गया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव व केबिनेट मंत्री केदार कश्यप प्रशिक्षण वर्ग में विशेष रुप से शामिल हुए और उन्होंने विभिन्न विषयों पर संबोधन भी दिया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने प्रशिक्षण वर्ग के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि भाजपा की पहचान उनके कर्मठ व समर्पित कार्यकर्ता हैं। राष्ट्रसेवा व जनसेवा में भाजपा कार्यकर्ता सदैव अग्रणी भूमिका निभाएं, इस हेतु कार्यकर्ताओं को निपुण, प्रवीण और प्रखर बनाने प्रशिक्षण वर्ग आवश्यक है, जो कि संगठन का नियमित कार्यक्रम है। देव ने कहा कि प्रशिक्षण वर्ग में भाजपा की रीति नीति, सिद्धांत, कार्य पद्धति से कार्यकर्ता पूर्णतः परिचित व प्रशिक्षित होते हैं। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता राष्ट्र सर्वोपरि की भावना से कार्य करता है, संगठन को सशक्त रुप देने सदैव समर्पित भाव रखता है।  केबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने अपनी सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में संगठन की भूमिका विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचे, अंतिम पंक्ति के गरीब परिवार कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हो सके, इस भावना को साकार रुप देने भाजपा के कार्यकर्ता जनता के बीच पहुंच कर कार्य करें। राष्ट्र सर्वप्रथम है और जनता की सेवा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशिक्षण वर्ग को भाजपा प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण पाण्डेय ने हमारा सैद्धांतिक अधिष्ठान विषय पर व प्रदेश प्रवक्ता टेकेश्वर जैन ने भाजपा की कार्यपद्धति विषय पर विस्तार से अपना उद्बोधन दिया।  मीडिया प्रबंधन विषय पर भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक हेमंत पाणिग्रही ने, हमारा इतिहास व विकास विषय पर जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक उपाध्यक्ष श्रीनिवास मिश्रा ने, छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत व धरोहर विषय पर कमलचंद्र भंजदेव ने, सोशल मीडिया के उपयोग पर दिनेश सुंदरानी ने संबोधन दिया। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री रजनीश पाणिग्रही व परिस बेसरा ने किया।प्रशिक्षण वर्ग में प्रमुख रूप से भाजपा जिला उपाध्यक्ष सतीश लाटिया, भाजपा जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय, विधायक विनायक गोयल, डॉ. सुभाऊ कश्यप, बैदूराम कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, सुधीर पाण्डेय, महापौर संजय पाण्डेय, रामाश्रय सिंह, खेमसिंह देवांगन, बलदेव मंडावी, आर्येंद्र सिंह आर्य, नरसिंह राव, ललिता बघेल, सफीरा साहू, रामकुमारी यादव, फूलसिंह सेठिया,किरण सेन, खीतेश मौर्य, प्रकाश झा, अविनाश श्रीवास्तव, संतोष बघेल, माहेश्वरी ठाकुर, योगेश सिंह ठाकुर, अभिलाष यादव, विनय सोना, अजीज खान आदि सहित भाजपा पदाधिकारी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

रायपुर आबकारी कार्यालय में वर्षों से जमे अधिकारियों पर चर्चा तेज, तबादला नीति पर घिरा विभाग

रायपुर छत्तीसगढ़ के आबकारी विभाग में लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक रायपुर आबकारी कार्यालय में पदस्थ एडीओ जेबा खान और एडीओ हरिशंकर पैकरा लगभग तीन वर्षों से एक ही जगह पर कार्यरत हैं। इसे लेकर विभागीय गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। जानकारों का कहना है कि शासन समय-समय पर तबादला नीति लागू करता है, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और किसी अधिकारी का लंबे समय तक एक ही स्थान पर प्रभाव न बढ़े। हालांकि आबकारी विभाग में कुछ अधिकारियों पर यह नीति प्रभावी होती नजर नहीं आ रही है। सूत्रों के अनुसार विभाग में यह चर्चा भी है कि संबंधित अधिकारी खुद को काफी प्रभावशाली बताते हैं और दावा करते हैं कि सरकार किसी की भी आए या जाए, उनसे कोई फर्क नहीं पड़ता। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विभागीय चर्चाओं में यह मुद्दा लगातार बना हुआ है। बताया जा रहा है कि इन अधिकारियों का प्रभाव पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के दौरान भी काफी मजबूत माना जाता था। लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारियों को लेकर विभागीय कर्मचारियों और आम लोगों के बीच भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर तबादला नीति का पालन कब होगा। प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि सुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए समय-समय पर अधिकारियों का स्थानांतरण आवश्यक होता है। इस मामले में आबकारी कमिश्नर एल्मा और एडिशनल कमिश्नर साहू से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। वहीं संबंधित अधिकारियों ने भी कॉल रिसीव नहीं किया। अब देखना होगा कि शासन और वरिष्ठ अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या लंबे समय से जमे अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं।