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जल संरक्षण में छत्तीसगढ़ का उत्कृष्ट प्रदर्शन, राष्ट्रीय स्तर पर मिला सम्मान

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली में राज्य के 12 जिलों को किया सम्मानित प्रदेश का जल भविष्य सुरक्षित करने में यह पुरस्कार होगा प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री साय   रायपुर, जल संरक्षण एवं सामुदायिक भागीदारी के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित कर छत्तीसगढ़ के 12 जिलों रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद, राजनांदगांव, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी, बालोद, बलरामपुर, बिलासपुर, रायगढ़, दुर्ग और सूरजपुर ने राष्ट्रीय स्तर पर नया इतिहास रच दिया है। विज्ञान भवन, नई दिल्ली में कल आयोजित 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार एवं जल संचय जनभागीदारी 1.0 अवार्ड समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने इन जिलों को सम्मानित किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और संवेदनशील प्रशासनिक प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ ने जल संरक्षण की दिशा में देशभर में विशेष पहचान बनाई है। पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार के अभिनव प्रयासों और जनभागीदारी ने जल संचयन की दिशा में नए आयाम हासिल किए हैं। मुख्यमंत्री ने इन जिलों के नागरिकों और जिला प्रशासन को अपनी शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि जल संचयन के प्रति लोगों में आई यह चेतना जल के समुचित उपयोग को बढ़ावा देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का जल भविष्य सुरक्षित करने में यह पुरस्कार प्रेरणादायी होगा। रायपुर जिले को जल संचय जनभागीदारी अभियान में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया है। देशभर के नगर निगमों में रायपुर नगर निगम प्रथम स्थान पर रहा, जबकि पूर्वी जोन कैटेगरी 01 में रायपुर जिला तीसरे स्थान पर रहा। रायपुर जिले और नगर निगम ने मिलकर सामुदायिक सहभागिता को जल संचय का व्यापक अभियान बनाया। रायपुर नगर निगम द्वारा 33,082 कार्य और जिला प्रशासन द्वारा 36,282 कार्य किए गए हैं। राजनांदगांव जिले को ईस्ट जोन के अंतर्गत राष्ट्रीय जल अवार्ड में प्रथम स्थान तथा जनभागीदारी केटेगरी 01 में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है तथा प्रोत्साहन स्वरूप 2 करोड़ रूपए की राशि प्रदान की गई है। यहां 58,967 जल संचय के कार्य जनभागीदारी से पूर्ण किए गए हैं। बालोद जिले को केटेगरी 01 में बेस्ट परफॉर्मिंग के लिए पहला स्थान प्राप्त हुआ है, साथ ही 2 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई। यहां 92,742 नई जल संरचनाएँ निर्मित की गई। महासमुंद जिले को कैटेगरी 2 अंतर्गत प्रथम स्थान के लिए सम्मानित किया है। यहां 35,182 जल संरचनाओं का निर्माण किया गया है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले को कैटेगरी 2 के तहत दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है तथा प्रोत्साहन स्वरूप 01 करोड़ रूपए की पुरस्कार राशि दी गई है। यहां 30,927 संरचनाओं का निर्माण किया गया है। गरियाबंद जिला को केटेगरी-2 में देश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है तथा प्रोत्साहन स्वरूप एक करोड़ रूपए की राशि मिली है। यहां 26,025 सतही जल के बेहतर रख-रखाव के कार्य किए गए हैं।   बिलासपुर को केटेगेरी 03 में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है तथा प्रोत्साहन स्वरूप 25 लाख रूपए की पुरस्कार राशि मिली है। यहां 21,058 जल संरचनाओं का निर्माण कार्य किया गया है। दुर्ग जिले को केटेगरी-03 में 16वां स्थान प्राप्त हुआ है तथा 25 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है। यहां 5010 जल संरक्षण परियोजनाओं का निर्माण किया गया है। बलरामपुर जिले को केटेगरी-03 में 6वें स्थान के लिए सम्मानित किया गया है तथा 25 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है। यहां 8644 जल संरक्षण परियोजनाओं का निर्माण किया गया है। धमतरी जिले को केटेगरी 3 में 8वां स्थान के लिए सम्मानित कर 25 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है। यहां 7674 जन संरक्षण परियोजनाओं का निर्माण किया गया है। रायगढ़ जिले को केटेगरी 3 में द्वितीय स्थान के लिए सम्मानित कर 25 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है। यहां 19088 जल संरक्षण परियोजनाओं का निर्माण किया गया है। सूरजपुर जिले को केटेगरी 3 में 12वां स्थान के लिए सम्मानित कर 25 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है तथा यहां 5797 जल संरक्षण परियोजनाओं का निर्माण किया गया है।

रेलवे की बड़ी पहल: दुर्ग से बंद पड़ी ट्रेनों को फिर शुरू करने पर मंथन

रायपुर रेलवे एक बड़ा फैसला लेने की तैयारी में है. उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक दुर्ग से चलने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस को पिछले दिनों बंद कर दिया गया था, अब उसे फिर से चलाने की तैयारी है. ये ट्रेन कोई और नहीं बल्कि दुर्ग-जगलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस है. विशाल विशाखापट्टनम डिवीजन को दो हिस्से में कर नया रायगढ़ डिवीजन तैयार कर लिया गया है. इस प्रक्रिया के बाद रायगड़ा डिवीजन अपनी आय बढ़ाने नई योजनाओं पर विचार कर रही है. इसके 5 वर्षों से बंद दुर्ग-जगदलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस को नई समय सारणी के साथ जगदलपुर के बजाय किरंदुल से चलाने पर विचार किया जा रहा है. तर्क दिया जा रहा है कि जगदलपुर से किरंदुल के  मध्य रेल दोहरीकरण का कार्य इस वर्ष पूर्ण हो जाएगा. रेलवे के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि विशाखापट्टनम से अलग बनाया गया रायगढ़ डिवीजन अपनी आय बढ़ाने हर संभव विचार कर रही है. उसका पूरा ध्यान बस्तर की तरफ है. सूत्रों ने बताया कि हालांकि रायगढ़ डिवीजन का सारा कार्य फिलहाल विशाखापट्टनम से हो रहा है किंतु नया डिवीजन बनाए जाने के बाद इस डिवीजन का अपना रिकॉर्ड अलग होगा इसलिए रायगढ़ डिवीजन का पूरा ध्यान बस्तर की तरफ है. पूरा ध्यान बस्तर की ओर बचेली किरंदुल लौह अयस्क परियोजनाएं अब रायगड़ा डिविजन अंतर्गत आ गई है और यह परियोजनाएं ही इस डिवीजन की आय का मुख्य स्रोत है. रेल सुविधाओं को तरस रहे बस्तरवासियों को यह डिविजन शांत रखना चाहती है. लौह अयस्क की दुलाई से आशातीश राजस्व प्राप्त करने के अलावा रेलवे बस्तर वालों की सुविधाओं का भी ख्याल रखना चाहती है. चूंकि बैलाडीला प्रक्षेत्र से अब दो निजी कंपनियां भी लौह अयस्क उत्खनन करने जा रही है. दोहरीकरण पूर्ण होने का इंतजार सूत्रों ने बताया कि अपनी आय बढ़ाने के उद्देश्य से ही नया डिवीजन 5 साल से बंद जगदलपुर-दुर्ग इंटरसिटी एक्सप्रेस को फिर से चालू करने गंभीर से विचार कर रही है. यह तर्क दिया जा रहा है कि बचेली, किरंदुल, भांसी, दंतेवाड़ा गीदम क्षेत्र के लोगों को ट्रेन में यात्रा करने के लिए जगदलपुर स्टेशन आना पड़ता है. दुर्ग एक्सप्रेस को किरंदुल से शुरू करने पर इस एक्सप्रेस को पर्याप्त पैसेंजर मिलेंगे. इस तर्क के साथ ही दुर्ग एक्सप्रेस को नई समय सारणी के साथ किरंदुल से शुरू करने व्यापक चर्चा चल रही है. बताया गया कि कामलूर से बचेली के मध्य करीब 40 किमी रेल दोहरीकरण कार्य 2025 के अंत तक पूर्ण कर लिया जाएगा. इसके पूर्ण होते ही दुर्ग एक्सप्रेस को चलाने गंभीरता की चर्चा हो रही है.

TET अनिवार्यता विवाद: हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को भेजा नोटिस, मांगा जवाब

रायपुर/बिलासपुर छत्तीसगढ़ के हजारों शिक्षकों में इन दिनों पदोन्नति को लेकर भारी अनिश्चितता का माहौल है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी टीईटी को पदोन्नति की अनिवार्य योग्यता में शामिल न किए जाने के कारण स्थिति उलझती जा रही है. शिक्षकों ने आरोप लगाया है कि नियमों की अस्पष्टता उनके भविष्य पर सीधा असर डाल रही है, इसी वजह से मामला अब हाईकोर्ट तक पहुंच गया है. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि, स्कूल शिक्षा सेवा भर्ती एवं पदोन्नति नियम 2019 में टीईटी को अनिवार्य बनाने का संशोधन किया जाना था, लेकिन सरकार की चुप्पी ने परेशानी बढ़ा दी. शिक्षकों ने कोर्ट में कहा कि सुप्रीम कोर्ट का 1 सितंबर 2025 का आदेश बिल्कुल स्पष्ट है सेवा में रहना चाहते हैं तो नियमों के हिसाब से अवसर मिलेगा, लेकिन पदोन्नति सिर्फ उन्हीं को मिलेगी जो टीईटी पास करेंगे. याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि, कई राज्यों ने इस आदेश पर तुरंत कार्रवाई की, नियम अपडेट किए और आवश्यकता पड़ने पर पुनर्विचार याचिका भी दायर की. वहीं छत्तीसगढ़ में इस पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. इसी अनिश्चितता के बीच हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर स्पष्ट रूप से स्थिति बताने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने पूछा है कि-टीईटी को पदोन्नति में अनिवार्य बनाने पर राज्य सरकार की राय क्या है?

सर्दी के कारण स्कूल टाइमिंग में बदला, कलेक्टर ने जारी किया आदेश

बलरामपुर छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में पड़ रही कड़ाके की ठंड को देखते हुए सभी शासकीय और निजी स्कूलों के समय में बदलाव का निर्णय लिया गया है. इस संबंध में बलरामपुर कलेक्टर ने आदेश भी जारी कर दिया है. इसमें बताया गया है कि दो पाली में संचालित होने वाले स्कूलों में बदलाव के बाद पहली पाली की कक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक लगेंगी, जबकि शनिवार को कक्षाएं दोपहर 12:45 बजे से शाम 4:15 बजे तक चलेंगी. वहीं दूसरी पाली में संचालित होने वाली कक्षाएं दोपहर 12.45 बजे से 4.15 बजे तक लगेंगी. शनिवार को कक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक संचालित होंगी. एक पाली में संचालित होने वाली स्कूलों की भी बदली टाइमिंग कलेक्टर ऑफिस से जारी आदेश में एक पाली में संचालित होने वाले स्कूल की भी टाइमिंग बदल गई है. सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 10:00 बजे से 4:00 बजे तक कक्षाएं संचालित होंगी. वहीं शनिवार को सुबह 9 बजे से लेकर 12:30 तक कक्षाएं लगेंगी.

CM साय का संदेश: लघु वनोपज से वनवासियों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित के नवनियुक्त अध्यक्ष रूप साय सलाम और उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने नए दायित्वों के लिए अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अध्यक्ष के रूप में रूप साय सलाम को एक अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसे वे अपनी संवेदनशीलता, अनुभव और दक्षता के साथ उत्कृष्ट रूप से निभाएंगे। उन्होंने उल्लेख किया कि रूप साय सलाम स्वयं जनजातीय समुदाय से आते हैं और समुदाय की समस्याओं, अपेक्षाओं एवं आवश्यकताओं को भली-भांति समझते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनवासियों की आय बढ़ाने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रदेश में निवासरत जनजातीय समाज के उत्थान को दृष्टिगत रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया। साथ ही केंद्र में अलग जनजातीय मंत्रालय की स्थापना से समुदाय के विकास को नई गति मिली। उन्होंने कहा कि हमारे वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसी भावना और संकल्प को आगे बढ़ाते हुए ‘धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना’ तथा ‘पीएम जनमन योजना’ लागू की, जिनके माध्यम से जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में तेंदूपत्ता संग्राहकों को देश में सर्वाधिक मूल्य दिया जा रहा है। वनोपजों के वैल्यू एडिशन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि वनवासी समुदाय की आय में वृद्धि हो और उन्हें वास्तविक आर्थिक मजबूती प्राप्त हो। वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यह प्रदेश का सौभाग्य है कि छत्तीसगढ़ के मुखिया विष्णु देव साय स्वयं जनजातीय समुदाय से आते हैं और वनवासी भाई-बहनों की पीड़ा, कठिनाइयों और आकांक्षाओं को गहराई से समझते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की 32% आबादी जनजातीय है तथा 44% क्षेत्र वनाच्छादित है, इसलिए वनोपज ही वनवासियों की आजीविका का प्रमुख स्रोत है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता को ‘हरा सोना’ कहा जाता है और उसके अनुरूप मूल्य देने का कार्य मुख्यमंत्री साय ने किया है। तेंदूपत्ता का प्रति मानक बोरा मूल्य 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है। वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने न केवल चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ किया है, बल्कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से वनोपज संग्राहक परिवारों के जीवन स्तर में सुधार के लिए प्रभावी कदम लगातार उठाए जा रहे हैं। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, नान के चेयरमैन संजय श्रीवास्तव, योग आयोग के अध्यक्ष रूप नारायण सिन्हा, छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम, वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज, वनबल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव सहित लघु वनोपज संघ के सदस्य तथा प्रदेशभर से बड़ी संख्या में पहुंचे वनोपज संग्राहक उपस्थित थे।

नक्सल विरोधी अभियान तेज, CM साय बोले— ‘अब अंत करीब है’

रायपुर छत्तीसगढ़ और सीमावर्ती इलाकों में जारी एंटी नक्सल ऑपरेशन को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को मीडिया से चर्चा में बयान दिया. उन्होंने कहा कि करीब 2 साल होने को आया, हमारे जवान ताकत के साथ नक्सली के खिलाफ लड़ते आ रहे हैं. अब नक्सलवाद का समापन होने वाला है, वह अपनी अंतिम सांस गिन रहा है. केंद्र में हमारी (भाजपा) सरकार है, जिसका लाभ मिल रहा है. प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के नक्सलवाद को समाप्त करने का संकल्प अवश्य पूर्ण होगा. बिजली बिल हाफ योजना के फैसले पर सीएम साय मुख्यमंत्री साय ने बिजली बिल हाफ योजना को लेकर कहा कि मंगलवार को विधानसभा का पुराने भवन, जो 25 वर्षों तक छत्तीसगढ़ की जनता का आशा और विश्वास का प्रतीक रहा, वहां दिनभर चर्चा हुई. इसी के साथ विधानसभा में एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की गई. हाफ बिजली बिल जो 100 यूनिट था, उसमें वृद्धि कर 200 यूनिट किया गया है. इसका काफी लोगों को फायदा मिलेगा, और जो बच गए हैं, उनके लिए प्रधानमंत्री सूर्य मुफ्त योजना से लाभ दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि एक किलोवाट में भारत सरकार की ओर से 30 हजार रुपए और राज्य सरकार की तरफ से 15 हजार रुपए की सब्सिडी दी जा रही है. लगभग लागत का तीन चौथाई सब्सिडी के रूप में कंज्यूमर को मिलेगा. एक चौथाई उनको लगाना पड़ेगा और कुछ वर्षों में उनका पूरा लोन समाप्त हो जाएगा. उसके बाद वह मुफ्त में बिजली का इस्तेमाल कर सकेंगे. साथ ही जो बिजली उत्पन्न करेंगे वह बिजली बेच भी पाएंगे. किसानों के लिए आज सौभाग्य का दिन धमतरी में किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त अंतरण कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री साय ने  कहा कि आज का दिन हमारे छत्तीसगढ़ सहित देश के किसान भाईयों के लिए सौभाग्य का दिन है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोयंबटूर से देश के 9 करोड़ किसानों के खाते में पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त के 18 हजार करोड़ रुपए भेजने वाले हैं. छत्तीसगढ़ के 24 लाख 70 हजार किसानों के खाते में 494 करोड़ दिए जाएंगे. उन्होंने प्रदेश के सभी किसानों को बधाई दी. साथ ही देश के प्रधानमंत्री मोदी और कृषि मंत्री शिवराज को धन्यवाद ज्ञापित किया.

रायपुर ATS की बड़ी कार्रवाई: छत्तीसगढ़ में ISIS नेटवर्क पर शिकंजा, FIR दर्ज

रायपुर  छत्तीसगढ़ में एक बड़ा आतंकी नेटवर्क तैयार करने की कोशिश को एटीएस (Anti-Terrorism Squad) ने समय रहते विफल कर दिया है। रायपुर एटीएस की जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान स्थित इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) मॉड्यूल इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर भारतीय किशोरों को अपने नेटवर्क में जोड़ने की कोशिश कर रहा था। इस मामले में एटीएस ने सोमवार देर रात गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम, 1967 (UAPA) के तहत पहली एफआईआर दर्ज की है। इसकी स्थापना के बाद से पहली बड़ी कार्रवाई है। सूत्रों के अनुसार, एटीएस ने दो नाबालिग लड़कों की पहचान की है, जिनकी उम्र 16 और 17 वर्ष बताई जा रही है। इनमें से एक रायपुर का रहने वाला है और दूसरा भिलाई का। खुफिया एजेंसियां इन दोनों पर पिछले डेढ़ साल से नजर रख रही थीं। जांच के दौरान इनके मोबाइल फोनों से कट्टरपंथ को बढ़ावा देने वाले कई संदेश और वीडियो सामग्री मिली है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि विदेशी हैंडलर्स इन युवाओं को आतंकी विचारधारा की ओर मोड़ने की कोशिश कर रहे थे। फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए गुमराह कर रहा था ISIS मॉड्यूल जांच में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि पाकिस्तानी हैंडलर फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट्स का इस्तेमाल कर भारतीय नाबालिगों से संपर्क साध रहे थे। एटीएस के अधिकारियों के मुताबिक, ये हैंडलर्स पहले किशोरों से दोस्ती करते, फिर धीरे-धीरे उन्हें कट्टरपंथी सामग्री भेजकर उनकी मानसिकता को प्रभावित करते थे। ग्रुप चैट्स के जरिए उन्हें जिहादी वीडियो, कथित धार्मिक संदेश और ISIS से जुड़ी गलत सूचनाएं भेजी जाती थीं। हैंडलर्स का उद्देश्य नाबालिगों को इस कदर ब्रेनवॉश करना था कि वे स्थानीय स्तर पर ISIS की जड़ें फैलाने में मदद कर सकें। इसके तहत उन्हें "अंदरूनी सूचनाएं जुटाने", "स्थानीय समर्थन आधार बनाने" और "छत्तीसगढ़ में ISIS मॉड्यूल खड़ा करने" के लिए प्रेरित किया जा रहा था। एजेंसियों को मिला संदिग्ध डिजिटल सबूत एटीएस और खुफिया एजेंसियों की जांच में यह भी पाया गया कि दोनों नाबालिगों के मोबाइल में ऐसे कई चैट, नोट्स और वीडियो मौजूद हैं जो कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा देते हैं। एजेंसियों को संदेह है कि इन युवाओं को सोशल मीडिया के माध्यम से "लोन वुल्फ" हमलों और स्थानीय स्तर पर अस्थिरता पैदा करने के तरीकों पर भी प्रभावित किया जा रहा था। एटीएस अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान स्थित ISIS नेटवर्क का यह मॉड्यूल भारत में अस्थिरता पैदा करने के लिए किशोरों और युवाओं को सबसे आसान निशाना मानकर उन पर फोकस कर रहा था। स्थापना के बाद ATS की पहली FIR छत्तीसगढ़ एटीएस की स्थापना वर्ष 2017 में की गई थी। हालांकि विशेष मामलों में आमतौर पर स्थानीय पुलिस स्टेशन के माध्यम से UAPA लागू किया जाता था, लेकिन इस बार एटीएस ने स्वयं UAPA की पहली FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई आतंकवाद-रोधी तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।  एटीएस अधिकारियों के अनुसार, राज्य में ऐसे अन्य संभावित संपर्कों की तलाश की जा रही है जो विदेशी आतंकी संगठनों से जुड़े हो सकते हैं। एजेंसियों का कहना है कि आने वाले समय में इस तरह की जांच और सख्ती बढ़ाई जाएगी। राज्य की सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती छत्तीसगढ़ में आतंकवादी संगठनों की ऑनलाइन घुसपैठ सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। सोशल मीडिया के माध्यम से कट्टरपंथ फैलाने की यह नई रणनीति युवा वर्ग को तेजी से प्रभावित कर रही है, जिसे रोकने के लिए एटीएस और साइबर सेल मिलकर रणनीतिक कदम उठा रहे हैं। इस कार्रवाई के बाद राज्य की एजेंसियां अधिक सतर्क हो गई हैं और सोशल मीडिया के माध्यम से आतंकी संगठनों की घुसपैठ रोकने के लिए व्यापक अभियान चलाने की तैयारी कर रही हैं। छत्तीसगढ़ में ISIS मॉड्यूल की यह साजिश बेनकाब होना राज्य की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल बोले—आज का छत्तीसगढ़ अटल बिहारी वाजपेयी की देन

रायपुर : छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की संसदीय यात्रा आज का छत्तीसगढ़ स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की देन: स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल हजारों साल पुरानी है छत्तीसगढ़ की संस्कृति रायपुर  छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की संसदीय यात्रा पर आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने सदन में अपनी बात रखी। उन्होंने सदन में अपनी बात रखते हुए कहा को आज का छत्तीसगढ़ पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय  अटल बिहारी वाजपेयी की देन है। हालांकि छत्तीसगढ़ का इतिहास सिर्फ 25 साल पुराना नहीं है बल्कि ये हजारों साल पुरानी संस्कृति है। पहली बार पंद्रहवीं सदी में कवि दलपत राव ने पहली बार छत्तीसगढ़ का जिक्र किया था।  कल्चुरियों के 1 हजार साल के शासन में रतनपुर और रायपुर के राजधानी रहते हुए 36 गढ़ों की वजह राज्य का नाम छत्तीसगढ़ पड़ा है। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत सदियों पुरानी है जिसको देखकर और सुनकर इस क्षेत्र के विशाल महत्व को समझा जा सकता है।  स्वास्थ्य मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि एक समय ऐसा आया जब मध्य प्रदेश का हिस्सा रहते हुए आज का छत्तीसगढ़ भुखमरी और पलायन के लिए जाना जाता था। लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के शासन काल में छत्तीसगढ़ ने दिनों दिन तरक्की की और 15 वर्षों में ही छत्तीसगढ़ राज्य ने तरक्की की रफ्तार में देश के बड़े राज्यों की बराबरी की। स्वर्गीय  अटल जी ने जिस उद्देश्य के साथ राज्य की स्थापना की थी , ये राज्य उसी दिशा में पिछले 25 वर्षों से लगातार तरक्की कर रहा है।  स्वास्थ्य मंत्री ने छत्तीसगढ़ के उन महान विभूतियों को नमन करते हुए कहा कि उनके संघर्ष के बिना आज के छत्तीसगढ़ का निर्माण कर पाना संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि हम सभी की ये जिम्मेदारी है कि अपनी संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में आगे बढ़ते रहें ताकि आने वाली पीढ़ियों इस विरासत को देख के ये जान सके कि हमारा इतिहास कितना समृद्ध रहा है।

मजबूत अर्थव्यवस्था के लिए उन्नत व्यापार और सहयोगी कर प्रशासन अनिवार्य– वित्त मंत्री ओपी चौधरी

रायपुर : वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने किया राज्य जीएसटी विभाग के नये कार्यालय का शुभारंभ मजबूत अर्थव्यवस्था के लिए उन्नत व्यापार और सहयोगी कर प्रशासन अनिवार्य– वित्त मंत्री ओपी चौधरी घटी GST दरों का लाभ आम जनता तक पहुँचाना विभाग की प्रमुख जिम्मेदारी–वित्त मंत्री रायपुर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने  नवा रायपुर स्थित सीबीडी बिल्डिंग के 5वें एवं 6वें तल पर निर्मित आयुक्त, राज्य कर (GST) के नए अत्याधुनिक कार्यालय भवन का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर वित्त सचिव मुकेश बंसल, चेम्बर ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन सतीश थौरानी एवं प्रतिनिधिगण, CAIT के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर परवानी, CA एसोसिएशन व बार एसोसिएशन के पदाधिकारी सहित रायपुर मुख्यालय एवं विभिन्न संभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि “राज्य की अर्थव्यवस्था तभी मजबूत हो सकती है, जब व्यापार तरक्की करे और व्यापारियों को सरल एवं सहयोगी कर प्रशासन मिले। राज्य सरकार जनकल्याण के कार्यों को प्रभावी ढंग से तभी आगे बढ़ा सकती है, जब राजस्व व्यवस्था सुदृढ़ हो। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि GST विभाग के अधिकारी व्यापारियों की समस्याओं को समर्पण भाव से दूर करें, तकनीकी कठिनाइयों में उनकी सहायता करें और उन्हें नियमों व प्रक्रियाओं को समझने में सहयोग प्रदान करें। GST 2.0: जनता को राहत, व्यवसाय और रोजगार को गति वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि GST 2.0 कर सुधारों का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों पर कर का बोझ कम करना, खपत को बढ़ावा देना, रोजगार सृजित करना और छोटे व्यवसायों व किसानों को मजबूती देना है। उन्होंने बताया कि इन सुधारों से औसत भारतीय परिवार को सालाना 25 हजार से 40 हजार तक की सीधी बचत मिलेगी, वहीं किसानों, छोटे व्यवसायियों और कारीगरों की आय में 10-20% वृद्धि संभव होगी। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवनयापन संबंधी वस्तुओं पर कर घटने से परिवारों पर व्यय का बोझ कम होगा और जीवन अधिक सुरक्षित व सुलभ बनेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि “GST 2.0 से मिलने वाली राहत का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुँचे, यह विभाग की जिम्मेदारी है। वित्त मंत्री ने कहा कि 22 सितंबर से लागू GST 2.0 ने कर संरचना को सरल बनाया है और कई वस्तुओं पर कर दरों में कटौती की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुधारों का लाभ व्यापारियों, मध्यम वर्गीय परिवारों, किसानों, विद्यार्थियों और आम उपभोक्ताओं तक बिना किसी बाधा पहुँचाया जाए। उत्कृष्ट करदाताओं को किया सम्मानित कार्यक्रम में वर्ष 2024-25 के उत्कृष्ट करदाताओं को उच्च कर भुगतान, उत्कृष्ट अनुपालन और निरंतर वृद्धि के लिए Taxpayer Appreciation Award प्रदान किए गए। पुरस्कार पाने वाले प्रमुख संस्थानों में महिन्द्रा एंड महिन्द्रा लिमिटेड, एचडीएफसी बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, एमपीसीजी मोबाइल प्रा. लि., एनटीपीसी, रिलायंस रिटेल लिमिटेड, सारडा एंड मिनरल्स, मिनिस्ट्री ऑफ रेलवे, भिलाई स्टील प्लांट और एबिस फूड्स एंड प्रोटीन प्रा. लि. शामिल हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि यह सम्मान राज्य के अनुकरणीय करदाताओं को प्रोत्साहित करने तथा कर अनुपालन को मजबूत करने का महत्वपूर्ण कदम है। आधुनिक, पारदर्शी व करदाता हितैषी प्रशासन की दिशा में कदम अपने संबोधन के अंत में वित्त मंत्री ने कहा कि नवा रायपुर में निर्मित नया कार्यालय भवन राज्य कर विभाग की पारदर्शिता, कार्यकुशलता और करदाता हितैषी सेवाओं को नई दिशा देगा। यह भवन आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था और सहज कर सेवा प्रणाली का नया प्रतीक है।

रायपुर: प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए CM साय का बड़ा फैसला

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं के लिए की बड़ी घोषणा 200 यूनिट तक मिलेगा हाफ बिजली का लाभ प्रदेश के 42 लाख उपभोक्ता होंगे लाभान्वित प्रधानमंत्री सूर्य घर मुक्त बिजली योजना का लाभ प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं को रायपुर राज्य के विद्युत उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज विधानसभा के विशेष सत्र में नई बिजली योजना की घोषणा की। अब प्रदेश के ऐसे घरेलू उपभोक्ताओं को जिनका 200 यूनिट तक विद्युत खपत है उन्हें 200 यूनिट तक हाफ बिजली का पूरा लाभ प्राप्त होगा। इस निर्णय से राज्य के 36 लाख घरेलू उपभोक्ता  सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। 200 से 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को भी अगले 1 वर्ष तक 200 यूनिट तक हॉफ बिजली बिल का लाभ मिलेगा, इससे 6 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। इन उपभोक्ताओं को 1 वर्ष तक की छूट दी गई है ताकि इस अवधि  में  वे अपने घरों में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट स्थापित करा सके। इस तरह 200 यूनिट तक हॉफ बिजली बिल योजना से प्रदेश के 45 लाख उपभोक्ताओं में से 42 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे, वहीं प्रधानमंत्री सूर्य घर मुक्त बिजली योजना का लाभ प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं को मिलेगा।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता हर उपभोक्ता को सस्ती, सुचारू और भरोसेमंद विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना है। सोलर प्लांट स्थापना प्रक्रिया में समय लगने के कारण घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 1 दिसंबर से नई योजना लागू की जा रही है, जिससे आम जनता के बिजली बिल में महत्वपूर्ण कमी आएगी। मुख्यमंत्री  साय ने यह भी बताया कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य शासन की ओर से सब्सिडी दी जा रही है। जिसके तहत 1 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट पर 15,000 रुपये तथा 2 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता के प्लांट पर 30,000 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है। यह व्यवस्था राज्य में सौर ऊर्जा अपनाने को प्रोत्साहित करेगी और आने वाले समय में उपभोक्ताओं को हाफ बिजली से फ्री बिजली की ओर ले जाएगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह निर्णय न केवल जनता के बिजली बिल को कम करेगा बल्कि राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा।