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मरवाही में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का दौरा, विधायक प्रणव मरपच्ची के परिवार से मुलाकात

रायपुर  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज गौरेला-पेंड्रा- मरवाही जिले के मरवाही के दौरे पर रहेंगे। वे मरवाही विधायक प्रणव मरपच्ची की माता के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने उनके गृहग्राम ऐठी पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदना प्रकट करेंगे। कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री दोपहर 1 बजे रायपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होंगे और करीब 2 बजे मरवाही के ऐठी गांव पहुंचेंगे। वहां वे लगभग 50 मिनट तक रुककर विधायक प्रणव मरपच्ची व उनके परिजनों से भेंट करेंगे। इसके बाद दोपहर 2:55 बजे रायपुर के लिए वापसी करेंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए मरवाही प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। ऐठी गांव में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। प्रशासनिक अधिकारी सुबह से ही गांव में मौजूद हैं और दौरे की तैयारियों पर लगातार नजर रखे हुए हैं। 

रायपुर में गोवर्धन पूजा का उत्सव, मुख्यमंत्री ने गौसेवा कर प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की

रायपुर : गोवर्धन पूजा के अवसर पर मुख्यमंत्री ने किया गौपूजन, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास रायपुर में स्थित गौशाला में गोवर्धन पूजा के अवसर पर गौमाता की पूजा-अर्चना की और गौ माता को खिचड़ी खिलाकर गोसेवा की परंपरा निभाई। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि गोवर्धन पूजा प्रकृति, गौवंश और पर्यावरण के प्रति आभार व्यक्त करने का पावन पर्व है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को गोवर्धन पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं दी। पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद वितरण के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने गौशाला में सेवा कर रहे गौसेवकों को अपने हाथों से मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। उन्होंने गौसेवा के लिए उनकी सराहना करते हुए सभी से गौवंश की रक्षा एवं संरक्षण के कार्यों में आगे आने का आग्रह किया। इस दौरान मुख्यमंत्री  साय ने  गौशाला की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। गौसेवकों ने मुख्यमंत्री को बताया कि गौशाला में गौवंश की देखरेख की सभी व्यवस्था मौजूद है।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि गोवर्धन पूजा हमारे जीवन में प्रकृति, अन्न और पशुधन के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। गाय भारतीय संस्कृति की आधारशिला है, जो न केवल हमारे ग्रामीण जीवन से जुड़ी है, बल्कि हमारी अर्थव्यवस्था और आस्था दोनों का केंद्र भी है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी में गोसेवा और प्रकृति पूजन की भावना गहराई से रची-बसी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गाय, अन्न और धरती का सम्मान करना उस मातृशक्ति को प्रणाम करना है, जिससे हमारा जीवन जुड़ा है। जब हम इन्हें नमन करते हैं, तब हम अपनी संस्कृति की जड़ों, अपनी आत्मा की गहराइयों और समृद्धि के स्रोतों को स्पर्श करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति में गाय गौमाता के रूप में पूजनीय है, और इसी भावना के साथ राज्य सरकार गोसेवा को ग्रामीण विकास की धुरी बनाने के लिए कार्य कर रही है।  

रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गोवर्धन पूजा की, प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने  मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय, बगिया (जशपुर) में सपरिवार गोवर्धन पूजा कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की माता मती जसमनी देवी साय, धर्मपत्नी मती कौशल्या साय एवं परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित थे। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि गोवर्धन पूजा भगवान कृष्ण की उस प्रेरणादायी लीला की स्मृति है, जिसमें उन्होंने गोकुलवासियों को प्रलयकारी वर्षा और संकट से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा उंगली पर उठाकर सभी को शरण दी थी। यह पर्व हमें बताता है कि जब समाज एकजुट होकर विश्वास और सहयोग के साथ कार्य करता है, तब कोई भी संकट अजेय नहीं रहता। उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि कृतज्ञता, सह-अस्तित्व और प्रकृति-पूजन का प्रतीक है। इस दिन गोवंश की पूजा की जाती है, जो भारतीय संस्कृति की आत्मा — गौ-संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण — को जीवंत रखती है।

रायपुर राजभवन में दीपावली मिलन का भव्य आयोजन, स्नेह और सौहार्द का माहौल

रायपुर राजभवन में दीपावली मिलन का भव्य आयोजन, स्नेह और सौहार्द का माहौल दीपों की चमक से सजा रायपुर राजभवन, दीपावली मिलन समारोह में उमड़ा उत्साह मुख्यमंत्री  साय सहित जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित रायपुर राजभवन में आज दीपावली पर्व के अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में दीपावली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। राज्यपाल श्री डेका ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और सभी अतिथियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए उनके सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। समारोह में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय विशेष रूप से उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री सहित आमंत्रित अतिथियों ने भी राज्यपाल श्री डेका को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर राज्य की प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी तथा राज्यपाल के परिजन उपस्थित थे। कार्यक्रम में विविध रंगारंग प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की गौरवशाली संस्कृति को दर्शाया गया।छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोकनृत्य राउत नाच की प्रस्तुति श्री केशव राम यादव एवं उनके दल द्वारा की गई। सूफी गायक पद्मश्री मदन चौहान के मधुर गायन तथा विधायक श्री अनुज शर्मा के भजन प्रस्तुतिकरण ने समारोह के उत्साह को दोगुना कर दिया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, मुख्य सचिव श्री विकासशील, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, विधायकगण, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

सड़क पर कहर: थार की टक्कर से 4 की मौत, 3 गंभीर घायल, देखें वीडियो

जयपुर  राजस्थान की राजधानी जयपुर के चोमू इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर बुधवार तड़के एक भीषण सड़क दुर्घटना में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह भयानक हादसा तब हुआ जब एक तेज रफ्तार थार एसयूवी ने नियंत्रण खोकर तीन मोटरसाइकिलों को टक्कर मार दी। खाटूश्याम दर्शन कर लौट रहा था परिवार पुलिस के अनुसार, दुर्घटना के शिकार सभी पीड़ित सीकर जिले में स्थित खाटूश्याम मंदिर में दर्शन करने के बाद अपने घर लौट रहे थे। दुर्घटना का कारण: तेज गति से चल रही थार वाहन ने नियंत्रण खो दिया और आगे चल रही तीन बाइकों को टक्कर मार दी। टक्कर की तीव्रता: टक्कर इतनी भीषण थी कि मोटरसाइकिलें बुरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर थार के नीचे कुचल गईं। एक व्यक्ति की मौके पर मौत, 3 ने अस्पताल जाते हुए दम तोड़ा दुर्घटना के बाद स्थानीय निवासी तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। मृतक संख्या: चार (एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई।) घायल: तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज एसएमएस अस्पताल में चल रहा है। दुर्घटना का शिकार: सभी सातों पीड़ित एक ही परिवार के सदस्य थे और जयपुर के करधनी थाना क्षेत्र के नांगल जैसा बोहरा के रहने वाले थे। हादसे में घायल छह लोगों को पास के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां एक महिला सहित तीन घायलों ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। मृतकों और घायलों की पहचान मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है: वीरेंद्र श्रीवास्तव (55, मूल निवासी वाराणसी, जयपुर के वैद्यजी का चौराहा निवासी) सुनील श्रीवास्तव (50, मूल निवासी वाराणसी) लकी श्रीवास्तव (30, जयपुर के ब्रजवाड़ी कॉलोनी निवासी) श्वेता श्रीवास्तव (26, जयपुर के ब्रजवाड़ी कॉलोनी निवासी)

दीवाली के धमाकों के बावजूद साफ आसमान! AQI 40 वाला शहर दिखा प्रदूषण में मिसाल, दिल्ली परेशान

रायपुर दिवाली के बाद देश की राजधानी दिल्ली समेत कई बड़े शहरों की हवा तेजी से प्रदूषित हुए, इन शहरों के लोगों को तो सांस लेने तक में दिक्कत रही है। लेकिन वहीं छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कुछ ऐसा हुआ, जिसने सबको हैरान कर दिया। दरअसल दिवाली में जमकर पटाखे फोड़ने के बावजूद रायपुर का आसमान बिल्कुल साफ दिख रहा है, हवा में भी कोई प्रदूषण नहीं है, लोगों को सांस लेने में भी कोई दिक्कत नहीं हो रही है। छत्तीसगढ़ के प्रमुख औद्योगिक और ऊर्जा केंद्रों में इस समय वायु गुणवत्ता बेहद संतोषजनक स्थिति में है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार शाम 4 बजे राज्य के चार बड़े शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) का स्तर कम दर्ज किया गया। दिल्ली की हवा बेहद गंदी राजधानी रायपुर का AQI 40 दर्ज किया गया, जो ‘अच्छी श्रेणी’ में आता है। वहीं इस्पात नगरी भिलाई का AQI 47 रहा — यह आंकड़ा यह दर्शाता है कि भारी उद्योगों की मौजूदगी के बावजूद यहां की हवा काफी स्वच्छ है। राज्य की ‘ऊर्जाधानी’ कही जाने वाली कोरबा में, जहां कोयला खनन, बिजली और एल्यूमीनियम उत्पादन होता है, वहां भी AQI केवल 67 दर्ज हुआ — यानी हवा ‘संतोषजनक श्रेणी’ में है। दुर्ग में भी वायु गुणवत्ता का स्तर AQI 50 के आसपास बना रहा। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि यह आंकड़े छत्तीसगढ़ के लिए उत्साहजनक संकेत हैं। स्वच्छ हवा बनाए रखने के लिए उद्योगों में पर्यावरणीय नियमों का पालन और हरित पहल की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। 

गौसेवा के संकल्प संग मनाई गोवर्धन पूजा, मुख्यमंत्री ने मांगी जनता की खुशहाली की दुआ

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास रायपुर में स्थित गौशाला में गोवर्धन पूजा के अवसर पर गौमाता की पूजा-अर्चना की और गौ माता को खिचड़ी खिलाकर गोसेवा की परंपरा निभाई। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोवर्धन पूजा प्रकृति, गौवंश और पर्यावरण के प्रति आभार व्यक्त करने का पावन पर्व है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को गोवर्धन पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं दी। पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद वितरण के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने गौशाला में सेवा कर रहे गौसेवकों को अपने हाथों से मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। उन्होंने गौसेवा के लिए उनकी सराहना करते हुए सभी से गौवंश की रक्षा एवं संरक्षण के कार्यों में आगे आने का आग्रह किया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने  गौशाला की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। गौसेवकों ने मुख्यमंत्री को बताया कि गौशाला में गौवंश की देखरेख की सभी व्यवस्था मौजूद है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोवर्धन पूजा हमारे जीवन में प्रकृति, अन्न और पशुधन के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। गाय भारतीय संस्कृति की आधारशिला है, जो न केवल हमारे ग्रामीण जीवन से जुड़ी है, बल्कि हमारी अर्थव्यवस्था और आस्था दोनों का केंद्र भी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी में गोसेवा और प्रकृति पूजन की भावना गहराई से रची-बसी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गाय, अन्न और धरती का सम्मान करना उस मातृशक्ति को प्रणाम करना है, जिससे हमारा जीवन जुड़ा है। जब हम इन्हें नमन करते हैं, तब हम अपनी संस्कृति की जड़ों, अपनी आत्मा की गहराइयों और समृद्धि के स्रोतों को स्पर्श करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति में गाय गौमाता के रूप में पूजनीय है, और इसी भावना के साथ राज्य सरकार गोसेवा को ग्रामीण विकास की धुरी बनाने के लिए कार्य कर रही है।

अनुसूचित जाति के मेधावी विद्यार्थियों के लिए ‘श्रेष्ठ योजना’ हेतु आवेदन की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए देश के श्रेष्ठ निजी आवासीय विद्यालयों में मिलेगा प्रवेश अवसर रायपुर अनुसूचित जाति के मेधावी विद्यार्थियों को देश के सर्वश्रेष्ठ निजी आवासीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से भारत सरकार की “श्रेष्ठ योजना” (Scheme for Residential Education for Students in High Schools in Targeted Areas – SHRESHTA) के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर 2025, शाम 5 बजे निर्धारित की गई है। इस योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा के माध्यम से कक्षा 9 और 11 में प्रवेश के लिए 3000 नए विद्यार्थियों का चयन किया जाता है, जो कक्षा 12वीं तक की शिक्षा पूरी करते हैं। स्कूलों का आबंटन योग्यता और विद्यार्थियों की प्राथमिकता के आधार पर आनलाइन काउंसिलिंग के माध्यम से किया जाता है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा वर्ष 2022-23 से संचालित यह योजना राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों के माध्यम से अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं एवं 11वीं में प्रवेश का अवसर प्रदान करती है। इसके लिए राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा “राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा (श्रेष्ठ)” (NETS) का आयोजन किया जाता है। आगामी परीक्षा दिसंबर 2025 में संभावित है। श्रेष्ठ योजना के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष सर्वोत्तम निजी आवासीय विद्यालयों का चयन का मापदंड ऐसे विद्यालय हैं जो न्यूनतम पाँच वर्षों से सतत रूप से संचालित हों, पिछले तीन वर्षों में कक्षा 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाओं में कम से कम 75 प्रतिशत या उससे अधिक उत्तीर्णता दर प्राप्त कर चुके हों, तथा जिनके पास कक्षा 9वीं और 11वीं में अतिरिक्त रूप से कम से कम 10 अनुसूचित जाति विद्यार्थियों को समायोजित करने हेतु आवश्यक एवं उपयुक्त बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध हों। इस योजना के अंतर्गत चुने गए विद्यार्थियों को शिक्षण एवं छात्रावास शुल्क का पूरा व्यय भारत सरकार द्वारा वहन किया जाता है। विद्यार्थियों को किसी प्रकार का शुल्क या अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होता। साथ ही, शैक्षणिक समायोजन में सहायता हेतु ‘ब्रिज कोर्स’ के लिए वार्षिक शुल्क का 10% तक का प्रावधान है। योजना अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन NTA की वेबसाइट पर किया जा सकता है। आवेदन सुधार हेतु विंडो 1 से 2 नवंबर 2025 तक खुली रहेगी। विस्तृत दिशा-निर्देश एवं सार्वजनिक सूचना https://cdnbbsr.s3waas.gov.in/s388a839f2f6f1427879fc33ee4acf4f66/uploads/2025/10/202510101384621454.pdf पर उपलब्ध हैं। राज्य शासन ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि वे अपने जिलों में स्कूलों, वेबसाइटों और सोशल मीडिया के माध्यम से इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें, ताकि पात्र विद्यार्थी समय पर आवेदन कर सकें और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के इस अवसर का लाभ उठा सकें।

छत्तीसगढ़ में पहली बार ‘सूर्यकिरण एरोबैटिक शो’, वायुसेना के जांबाज भरेंगे आसमान में रंगीन उड़ानें

रायपुर छत्तीसगढ़ की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर राजधानी नवा रायपुर का आसमान 5 नवम्बर को एक ऐतिहासिक दृश्य का साक्षी बनेगा। भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (Suryakiran Aerobatic Team – SKAT) अपने रोमांचकारी करतबों से छत्तीसगढ़ और देशवासियों को गर्व, उत्साह और देशभक्ति की भावना से भर देगी। यह शो रजत जयंती समारोह का सबसे विशेष आकर्षण होगा। छत्तीसगढ़ के आकाश में गूंजेगा भारतीय शौर्य राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर आयोजित यह एरोबैटिक शो छत्तीसगढ़ की प्रगति, उपलब्धियों और आत्मविश्वास का प्रतीक बनेगा। नवा रायपुर के आसमान में जब सूर्यकिरण टीम उड़ान भरेगी, तब ‘बॉम्ब बर्स्ट’, ‘हार्ट-इन-द-स्काई’ और ‘एरोहेड’ जैसी प्रसिद्ध फॉर्मेशन्स पूरे दर्शक समुदाय को रोमांच और गर्व से भर देंगी। सूर्यकिरण टीम का यह प्रदर्शन छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। यह दिखाएगा कि अनुशासन, तकनीक और टीमवर्क से कैसे असंभव को संभव बनाया जा सकता है।  राज्य शासन और भारतीय वायुसेना के संयुक्त प्रयास से आयोजन की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं।  जनसहभागिता से सजेगा रजत जयंती का आकाश रायपुर और आसपास के जिलों से हजारों नागरिक, विद्यार्थी और परिवार इस एरोबैटिक शो को देखने नवा रायपुर पहुँचेंगे। यह छत्तीसगढ़ की जनसहभागिता और राष्ट्रीय गर्व का जीवंत उदाहरण बनेगा। ‘सूर्यकिरण एरोबैटिक शो’ केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि यह भारतीय वायुसेना के शौर्य, सटीकता और समर्पण का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ की रजत जयंती पर गर्व की उड़ान 5 नवम्बर को नवा रायपुर का आसमान गर्व, रोमांच और देशभक्ति के रंगों से भर उठेगा। सूर्यकिरण टीम का यह ऐतिहासिक शो छत्तीसगढ़ की रजत जयंती को यादगार बना देगा और हर दर्शक के मन में भारत के वीर वायुसैनिकों के प्रति सम्मान और गर्व की भावना जगाएगा। उल्लेखनीय है कि 1996 में गठित सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम भारतीय वायुसेना की सटीकता, साहस और तकनीकी दक्षता का प्रतीक है। अपने गठन के बाद से इस टीम ने भारत की हवाई क्षमता और अनुशासन का भव्य प्रदर्शन देश-विदेश के अनेक मंचों पर किया है। सूर्यकिरण टीम एशिया की एकमात्र नौ विमान की एरोबैटिक डिस्प्ले टीम है, जो भारतीय वायुसेना की तकनीकी क्षमता, अनुशासन और समन्वय की मिसाल मानी जाती है। इनके विमानों की उड़ानें इतनी सटीक होती हैं कि कभी-कभी पंखों के बीच की दूरी पाँच मीटर से भी कम रह जाती है — यही वह कौशल है जो भारत को वैश्विक स्तर पर अलग पहचान देता है। स्वदेशी तकनीक से आत्मनिर्भर भारत की उड़ान टीम ने अपनी यात्रा की शुरुआत HJT-16 Kiran Mk-II से की थी। वर्ष 2015 में इसने स्वदेशी तकनीक पर आधारित HAL Hawk Mk-132 Advanced Jet Trainer के साथ नई उड़ान भरी। सूर्यकिरण टीम केवल हवाई करतबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं को भारतीय सशस्त्र बलों में सेवा के लिए प्रेरित करती है। देश और दुनिया में 700 से अधिक प्रदर्शन अब तक सूर्यकिरण टीम ने भारत और विदेशों में 700 से अधिक प्रदर्शन किए हैं। श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, ब्रिटेन और थाईलैंड जैसे देशों में इस टीम ने भारत का गौरव बढ़ाया है। टीम ने सिंगापुर एयर शो, दुबई एयर शो और रॉयल थाई एयर फोर्स की 88वीं वर्षगांठ पर भी शानदार प्रस्तुतियाँ दीं। इन प्रदर्शनों ने भारत की तकनीकी क्षमता और रक्षा सहयोग की भावना को दुनिया के सामने रखा है।  खेल और संस्कृति से जुड़ा गौरवपूर्ण अध्याय 2023 में सूर्यकिरण टीम ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में क्रिकेट विश्वकप के दौरान अपने शानदार प्रदर्शन से पूरे विश्व का ध्यान आकर्षित किया था। इस अवसर ने खेल और सैन्य गौरव को एक साथ जोड़ने का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया।  “यह छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गौरव का अवसर है कि भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम हमारे रजत जयंती समारोह का हिस्सा बनेगी। छत्तीसगढ़ की रजत जयंती के इस ऐतिहासिक अवसर पर यह शो राज्य के विकास, आत्मविश्वास और राष्ट्रीय गौरव की उड़ान का प्रतीक बनेगा। यह प्रदर्शन न केवल हमारे युवाओं में देशभक्ति और गर्व की भावना को प्रबल करेगा, बल्कि उन्हें राष्ट्रसेवा की प्रेरणा भी देगा। मैं प्रदेशवासियों से आह्वान करता हूँ कि वे इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनें और हमारे वीर वायुसैनिकों के कौशल को सलाम करें।"- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की गोवर्धन पूजा, बोले—‘प्रदेश में हर ओर शांति और समृद्धि फैले’

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय, बगिया (जशपुर) में सपरिवार गोवर्धन पूजा कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की माता श्रीमती जसमनी देवी साय, धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय एवं परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोवर्धन पूजा भगवान श्रीकृष्ण की उस प्रेरणादायी लीला की स्मृति है, जिसमें उन्होंने गोकुलवासियों को प्रलयकारी वर्षा और संकट से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा उंगली पर उठाकर सभी को शरण दी थी। यह पर्व हमें बताता है कि जब समाज एकजुट होकर विश्वास और सहयोग के साथ कार्य करता है, तब कोई भी संकट अजेय नहीं रहता। उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि कृतज्ञता, सह-अस्तित्व और प्रकृति-पूजन का प्रतीक है। इस दिन गोवंश की पूजा की जाती है, जो भारतीय संस्कृति की आत्मा — गौ-संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण — को जीवंत रखती है।