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जीएसटी बचत उत्सव को लेकर जनभावनाओं से रूबरू होने “के मार्ट” पहुंचे मुख्यमंत्री

  मंथली बजट में आई कमी, कम कीमत में लिया ज्यादा सामान, जीएसटी कटौती नहीं यह "बचत क्रांति" है, मोदी जी ही ले सकते हैं ऐसा साहसिक निर्णय – लोगों ने मुख्यमंत्री को दी ऐसी प्रतिक्रिया जीएसटी दरों में हुए ऐतिहासिक सुधार से बाजारों में बढ़ी रौनक जीएसटी दरों में कमी से रोज़मर्रा के सामान हुए सस्ते प्राइस टैग में सूचित की जा रही है जीएसटी दरों में कमी के बाद नई कीमत रायपुर, राजधानी रायपुर के सरोना स्थित शुभम "के मार्ट" में रोजमर्रा की ज़रूरत का सामान खरीद रहे लोग उस समय सुखद आश्चर्य से भर उठे, जब उन्होंने देखा कि जीएसटी बचत का लाभ उन्हें मिल रहा है या नहीं, इसे देखने स्वयं प्रदेश के मुखिया पहुँचे हैं। दरअसल, जीएसटी बचत उत्सव को लेकर जनभावनाओं से रूबरू होने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय "शुभम के मार्ट" पहुंचे। उन्होंने खुद ग्राहक बनकर 1,645 रुपये के घरेलू सामान की शॉपिंग की और यूपीआई से भुगतान भी किया। इस दौरान उन्होंने खरीदारी कर रहे लोगों से बातचीत की और जीएसटी दरों में कटौती से घरेलू सामानों के मूल्य में आए फर्क के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मार्ट में ज़रूरत के सामान खरीदे और जीएसटी दरों में कमी का लाभ लिया। इस दौरान उन्होंने आत्मीयता से लोगों का हालचाल जाना। उन्होंने खरीदारी कर रही गृहिणियों से घरेलू बजट पर आए असर की जानकारी ली, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों से उनकी दिनचर्या के बारे में पूछताछ की। इस बीच उन्होंने रोजमर्रा का सामान खरीदते हुए अन्य ग्राहकों से आत्मीयतापूर्वक वार्तालाप किया। मुख्यमंत्री का यह आत्मीय व्यवहार देखकर मौजूद लोग गद्गद हो उठे और बोले कि प्रदेश का मुखिया आज हमारे बीच एक आम आदमी की तरह शामिल है। इस दौरान उन्होंने खरीददारों से चर्चा करते हुए जीएसटी सुधारों पर विचार सुने। लोगों ने बताया कि दवाइयों और राशन की कीमत घटने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री मुस्कुराते हुए बोले—“यही तो असली मकसद है कि सुधार की गूंज आम जनता तक पहुँचे।” इसके बाद उन्होंने खुद भी सामान खरीदा और नई कीमतें देखकर कहा—“यह सुधार केवल कागज पर नहीं, बल्कि हर परिवार की ज़िंदगी में दिखाई देने वाला परिवर्तन है।” मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी से स्वदेशी की मुहिम का साथ देने का आग्रह भी किया, जिस पर लोगों ने कहा—“आप आगे बढ़िए, हम आपके साथ हैं।” जीएसटी कटौती नहीं, यह "बचत क्रांति" है मुख्यमंत्री से चर्चा करते हुए खरीदारी कर रहे रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी श्री टी. पी. सिंह ने कहा कि आने वाले समय में जब इस दौर का इतिहास लिखा जाएगा, तब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए जीएसटी सुधार को ऐतिहासिक बजट क्रांति के रूप में दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा—“पहले हम जितने पैसों में 30 दिन का राशन लेते थे, अब उन्हीं पैसों से 40 दिन से अधिक का राशन ले पा रहे हैं। हमारे प्रधानमंत्री ही इतना बड़ा साहसिक निर्णय ले सकते थे, कोई और ऐसा नहीं कर पाता।” स्टेशनरी में 12 प्रतिशत था टैक्स, अब हो गया जीरो राजधानी रायपुर के अवंती विहार निवासी श्री लद्दाराम नैनवानी ने बताया कि जीएसटी सुधार का सकारात्मक प्रभाव शिक्षा से भी जुड़ा है। शुभम "के मार्ट" में मुख्यमंत्री को नोटबुक दिखाते हुए उन्होंने कहा—“पहले इस पर 12 प्रतिशत टैक्स लगता था, लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी जी ने इसे शून्य कर दिया है। इस ऐतिहासिक कदम से कॉपियाँ और आवश्यक स्टेशनरी सस्ती हो गई हैं। ऐसा निर्णय हमारे प्रधानमंत्री ही कर सकते हैं।” उन्होंने आगे बताया—“पहले मैं बच्चों के लिए सालाना लगभग 2,000 रुपये की स्टेशनरी लेता था और अब इसमें लगभग 240 रुपये की बचत हो रही है।” चार ज़रूरी सामान खरीदने आए, जीएसटी छूट से खरीदा 4 गुना अधिक सामान मार्ट में खरीदारी करने पहुंचे श्री मुरलीधर ने मुख्यमंत्री से बातचीत में बताया—“मैं आज केवल 4 ज़रूरी सामान खरीदने आया था, लेकिन जीएसटी दरों में कमी देखकर 4 गुना अधिक सामान खरीद लिया। जीएसटी में व्यापक सुधार से रोजमर्रा की सामग्रियाँ सस्ती हुई हैं और हमें सीधा लाभ मिल रहा है।” देवांगन दंपति ने बताया मंथली बजट में 10 प्रतिशत की कमी शुभम "के मार्ट" में खरीदारी करने पहुंचे चंगोराभाटा निवासी दंपति श्री जितेंद्र और श्रीमती पद्मा देवांगन ने कहा—“हमारे मासिक बजट में 10 प्रतिशत की कमी आई है।” गृहिणी श्रीमती पद्मा ने नए प्राइस टैग देखकर कहा—“पहले यही डिटर्जेंट और मसाले मैं ज्यादा कीमत में खरीदती थी। अब दरों में कटौती के बाद कम दाम देखकर सचमुच खुशी हो रही है। त्योहारी खरीदारी में काफी बचत हो रही है।” बजट से ज्यादा खरीदारी का मिला मौका श्रीमती सविता मौर्य और श्रीमती अनीता साकार नवरात्रि में आयोजित होने वाले कन्या भोज के लिए श्रृंगार सामग्री खरीदने आईं थीं। उन्होंने कहा—“श्रृंगार सामग्री के दाम पहले से कम हो गए हैं। जीएसटी दरों में कटौती ने हमें निर्धारित बजट से अधिक खरीदारी करने का अवसर दिया है। पहली बार लगता है कि त्योहारी सेल केवल विज्ञापन नहीं, बल्कि असल में राहत है।” उल्लेखनीय है कि जीएसटी दरों में हुए ऐतिहासिक सुधारों के बाद बाजारों में रौनक बढ़ी है और लोग लगातार खरीदारी कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में त्योहारी सीजन में लोगों को जीएसटी दरों में कटौती का बड़ा उपहार मिला है और इससे रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुएँ सस्ती हुई हैं।

मुख्यमंत्री साय राष्ट्रीय सेवा योजना के स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह में हुए शामिल

रायपुर, व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर किया गया हर कार्य सेवा और राष्ट्र निर्माण का कार्य होता है। राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक राष्ट्रनिर्माण में महत्वपूर्ण भागीदारी निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत देशभर में 4 लाख से अधिक विद्यार्थी स्वयंसेवक के रूप में कार्य कर रहे हैं। हमारे प्रदेश में भी एक लाख से अधिक विद्यार्थी सक्रिय रूप से अपनी भूमिका निभा रहे हैं, जो छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। आज जिन स्वयंसेवकों को उनके श्रेष्ठ कार्यों के लिए सम्मानित किया जा रहा है, उन्हें हम हार्दिक बधाई देते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज़ादी की लड़ाई के समय यह माना जाता था कि स्वतंत्रता संग्राम में सहयोग देना ही राष्ट्रसेवा है। आज जब देश स्वतंत्र हो चुका है, तो राष्ट्रसेवा का अर्थ है सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में अपना समग्र योगदान देना। एनएसएस के स्वयंसेवक इस दिशा में बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्वयंसेवकों को राष्ट्रसेवा का स्वरूप समझाते हुए कहा कि जब हम एक पेड़ लगाते हैं तो राष्ट्रसेवा करते हैं। जब हम किसी को अस्पताल तक पहुँचाते हैं तो राष्ट्रसेवा करते हैं। किसी की आर्थिक मदद करना, किसी को पढ़ने-लिखने में सहयोग करना भी राष्ट्रसेवा ही है। हर कार्य जो हम अपने व्यक्तिगत स्वार्थ से परे होकर करते हैं, वही सेवा और राष्ट्र निर्माण का कार्य है। उन्होंने कहा कि एनएसएस के स्वयंसेवक पूरे मनोयोग से सेवा करते रहें और शिक्षा के प्रचार-प्रसार में योगदान दें ताकि कोई भी शिक्षा से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। नई औद्योगिक नीति के तहत उद्योगों में रोजगार देने वाले उद्यमियों को सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। पिछले 10 महीनों में लगभग 7.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस निवेश से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सेवा केवल दूसरों की मदद करना ही नहीं है, बल्कि यह चरित्र, सोच और जिम्मेदारी की भावना को आकार देने का माध्यम भी है। युवाओं की ऊर्जा और उत्साह ही समाज और राष्ट्र की असली पूंजी है। एनएसएस स्वयंसेवक जिस लगन और समर्पण से सेवा कार्य कर रहे हैं, वह हमारी युवा शक्ति का परिचायक है। स्वच्छ भारत अभियान की सफलता में एनएसएस स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका रही है। उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य सहित अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना की पत्रिका ‘समर्पण’ और विकसित भारत क्विज कार्यक्रम के पोस्टर का विमोचन किया। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य कर रही संस्थाओं, अधिकारियों और स्वयंसेवकों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर सीएसआईडीसी के अध्यक्ष  राजीव अग्रवाल, सचिव उच्च शिक्षा डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त उच्च शिक्षा संतोष कुमार देवांगन, एनएसएस उप कार्यक्रम सलाहकार डॉ. अशोक कुमार श्रोती, राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. नीता बाजपेयी, सभी जिलों के एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक और प्रदेशभर से बड़ी संख्या में आए स्वयंसेवक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में हुए शामिल

छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट, स्वास्थ्य, वेलनेस और पर्यटन निवेश का नया युग छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट में 3,119 करोड़ का निवेश प्रस्ताव, 7000 से अधिक रोजगार के अवसर होंगे सृजित निवेश अनुकूल नई औद्योगिक नीति से छत्तीसगढ़ बन रहा है निवेशकों का पसंदीदा डेस्टिनेशन पिछले 10 महीने में प्रदेश सरकार को मिला लगभग साढ़े 7 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव पर्यटन के लिए प्रदेश में अधोसंरचनाओं का तेजी से हो रहा विकास हॉस्पिटैलिटी और हेल्थ सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट का आयोजन रायपुर, छत्तीसगढ़ अब केवल कोर सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले समय में यह वेलनेस, हेल्थकेयर और पर्यटन के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय पहचान बनाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज ओमाया गार्डन, रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री  साय ने अपने उद्बोधन की शुरुआत शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाओं से की और कहा कि यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लागू जीएसटी 2.0 ने अर्थव्यवस्था को सरलता, पारदर्शिता और तेजी की दिशा में आगे बढ़ाया है। इस सुधार ने निवेशकों और उद्यमियों के लिए अभूतपूर्व अवसर खोले हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विज़न के साथ कदमताल करते हुए प्रदेश सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को साकार करने के लिए पिछले डेढ़ वर्ष में 350 से अधिक सुधार लागू किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब हम इज ऑफ डूइंग बिज़नेस से आगे बढ़कर स्पीड आफ डूइंग बिज़नेस के युग में प्रवेश कर चुके हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति छत्तीसगढ़ की प्रगति की आधारशिला है। इसी नीति ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है और यही कारण है कि मात्र एक वर्ष के भीतर प्रदेश को लगभग साढ़े 7 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन प्रस्तावों से लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे और सेवा क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट में अस्पतालों और हेल्थकेयर क्षेत्र में 11 बड़े प्रस्ताव सामने आए हैं। इनमें रायपुर का गिन्नी देवी गोयल मणिपाल हॉस्पिटल (500 बेड), नीरगंगा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (450 बेड), बॉम्बे हॉस्पिटल (300 बेड) और माँ पद्मावती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (750 बेड) जैसे बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में कुल मिलाकर 2,466 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 6,000 नए रोजगार सृजित होंगे। मेडिसिटी से बनेगा मेडिकल हब मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नवा रायपुर में विकसित हो रहा मेडिसिटी छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर का बड़ा मेडिकल हब बनाएगा। प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी यहां मरीज आते हैं। मेडिसिटी के निर्माण से स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी और विश्वस्तरीय सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में  फार्मा सेक्टर में भी निवेश की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार फार्मा हब तैयार कर रही है, जहां एक ही स्थान पर अनेक फार्मा इंडस्ट्री अपना संचालन करेंगी। इससे प्रदेश में दवा उद्योग को नई दिशा मिलेगी और सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों के लिए आवश्यक दवाओं की आसान आपूर्ति सुनिश्चित होगी। होटल और पर्यटन क्षेत्र में निवेश मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और जैव विविधता पर्यटन उद्योग के लिए अपार अवसर प्रस्तुत करती है। कार्यक्रम में होटल और पर्यटन क्षेत्र से भी 652 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें वेस्टिन होटल रायपुर (212.7 करोड़ रुपये), होटल जिंजर, इन्फेरियन होटल एंड रिसॉर्ट, अम्यूजोरामा अम्यूज़मेंट पार्क एंड होटल जैसे बड़े नाम शामिल हैं। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और इससे निवेशकों को विशेष लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि होटल, रिसॉर्ट, होम स्टे और मनोरंजन उद्योग से जुड़े उद्यमी प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और प्रकृति का लाभ उठाकर पर्यटन को नई ऊँचाइयों तक ले जाएं। निवेश प्रक्रिया की सरलता मुख्यमंत्री साय ने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सिंगल विंडो 'वन क्लिक' सिस्टम लागू है, जिसके कारण किसी भी उद्यमी को एनओसी के लिए भटकना नहीं पड़ता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दिल्ली में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट के बाद पालीमैटेक कंपनी को तीन माह से भी कम समय में भूमि आवंटन और सभी स्वीकृतियाँ प्रदान कर दी गईं और उन्होंने 1,100 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर कार्य आरंभ कर दिया। नई तकनीक और एआई सेक्टर मुख्यमंत्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ एआई क्रांति का भी स्वागत कर रहा है। नवा रायपुर में एआई डाटा सेंटर पार्क का निर्माण किया जा रहा है, जो भविष्य में प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डाटा मैनेजमेंट का हब बनाएगा। यहां डाटा सेंटर से जुड़े उद्योगों के लिए निवेश की अपार संभावनाएं हैं। पावर हब की ओर कदम उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में ऊर्जा सबसे आवश्यक तत्व है। छत्तीसगढ़ देश का पावर हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कोयला, खनिज और ऊर्जा उत्पादन में छत्तीसगढ़ की भूमिका पहले से ही महत्वपूर्ण रही है और आने वाले वर्षों में यह योगदान और भी बढ़ेगा। कनेक्टिविटी और लोकेशन का लाभ मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सेंट्रल इंडिया लोकेशन इसे विशेष बनाती है। कच्चे माल की प्रचुर उपलब्धता, रेल, सड़क और हवाई मार्ग की मजबूत कनेक्टिविटी तथा प्रशिक्षित मानव संसाधन इसे निवेश के लिए आदर्श गंतव्य बनाते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एयर कार्गो सेवा भी आरंभ हो चुकी है, जिससे व्यापार और तेज़ी से बढ़ेगा। सेवा क्षेत्र की नई पहचान मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि अब छत्तीसगढ़ केवल स्टील, सीमेंट, पावर और एल्युमिनियम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सेवा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों की पहचान भी बनेगा। हेल्थकेयर, होटल, पर्यटन और एआई आधारित इंडस्ट्री आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नए आयाम देंगे।         कार्यक्रम में उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि हेल्थ, पर्यटन के साथ सभी प्रकार के निवेश में सरकार सहूलियतें उपलब्ध कराएगी। नई उद्योग नीति से उद्योगपतियों का आकर्षण प्रदेश की ओर बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रदेशों के साथ ही विदेश जापान और दक्षिण … Read more

छत्तीसगढ़ में ‘महिला स्वास्थ्य सम्मेलन दिवस’ का भव्य आयोजन

हजारों महिलाओं ने स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, पोषण संवाद और जागरूकता गतिविधियों में लिया सक्रिय भाग रायपुर, ‘स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार’ अभियान के अंतर्गत आज पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में महिला स्वास्थ्य सम्मेलन दिवस का राज्यस्तरीय आयोजन बड़े उत्साह और व्यापक सहभागिता के साथ संपन्न हुआ। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और मातृत्व संबंधी समग्र सेवाएं प्रदान करते हुए उन्हें जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना था। राज्य के सुदूर ग्रामीण अंचलों से लेकर नगरीय क्षेत्रों तक फैले इस व्यापक अभियान में हजारों महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। स्वास्थ्य जांच शिविरों, टीकाकरण सत्रों, पोषण संवादों और जनजागरूकता गतिविधियों में महिलाओं की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। कार्यक्रम के तहत आयोजित VHSND (Village Health Sanitation and Nutrition Day) सत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा महिलाओं की हीमोग्लोबिन, रक्तचाप और शर्करा स्तर की जांच की गई। । इस दौरान 1,889 गर्भवती महिलाओं को आवश्यक टीकाकरण, पोषण संबंधी परामर्श तथा आयरन और कैल्शियम की खुराक प्रदान की गई। किशोरी बालिकाओं को मासिक धर्म स्वच्छता, सेनेटरी नैपकिन के प्रयोग और संक्रमण से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि संतुलित आहार, स्वच्छ जल, नियमित जांच और व्यायाम से कैसे अनेक रोगों की रोकथाम संभव है। पोषण शिक्षा, स्वच्छता व्यवहार और मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उपायों पर विशेष बल दिया गया। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार: 6447 शिशुओं की स्वास्थ्य जांच 23,000 से अधिक  टीकाकरण बड़ी संख्या में किशोरी बालिकाओं को मासिक धर्म प्रबंधन पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अनुसार, आगामी सप्ताह तक सभी जिलों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में विशेष रूप से हाई-रिस्क प्रेगनेंसी, कुपोषण और अन्य जटिल स्वास्थ्य स्थितियों से ग्रस्त महिलाओं की गहन जांच की जाएगी। यह कार्यक्रम न केवल चिकित्सकीय सेवाओं का विस्तार करता है, बल्कि महिलाओं को उनके स्वास्थ्य अधिकारों, जरूरतों और आत्मनिर्भरता के प्रति भी सजग करता है। स्वास्थ्य के साथ सामाजिक सशक्तिकरण को जोड़ते हुए यह पहल प्रदेश की महिलाओं के समग्र विकास की दिशा में एक सशक्त कदम है।

संभागायुक्त कावरे का न्याय सुधार अभियान: एक साल में 2000 ज्यादा प्रकरण निराकृत

रायपुर रायपुर संभागायुक्त आईएएस महादेव कावरे ने आयुक्त न्यायालय एवं अपर आयुक्त न्यायालय में अभियान चलाकर 2607 निराकृत प्रकरणों को अभिलेख कोष्ठ जमा कराया है. वर्तमान में संभागायुक्त के प्रयास से दोनों न्यायालयों के सभी प्रकरणों को ऑनलाइन दर्ज कर प्रकरणों से संबंधित सभी कार्यवाही ऑनलाइन की जा रही है. संभागायुक्त प्रकरणों को शीघ्र निराकरण के लिए सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार को आयुक्त और मंगलवार एवं गुरुवार को अपर आयुक्त न्यायालय में पेशी नियत कर सुनवाई की जा रही है. इस तरह से एक वर्ष में कुल 2426 प्रकरण निराकृत किए गए हैं. निराकृत प्रकरणों का आदेश ऑनलाइन अपलोड किया जा रहा है, जिसे केस नम्बर डाल कर अपीलार्थी/उत्तरवारी अवलोकन कर सकते हैं. प्रकरणों की स्थिति देखने हेतु राजस्व विभाग के वेबसाइट-https://revenue.cg.nic.in में जाकर प्रकरण खोजे में प्रकरण क्रमांक डालकर प्रकरण की स्थिति देखा जा सकता है तथा आदेश हुए प्रकरणों की आदेश की कापी डाउनलोड किया जा सकता है. प्रकरण की पंजीयन के दौरान अपीलार्थी, उत्तरवादी एवं अधीवकतागणों का मोबाईल नंबर ऑनलाईन दर्ज किया जा रहा है, जिससे प्रकरण की पंजीयन क्रमांक एवं आगामी देशी तिथियों की जानकारी मेंसेज की माध्यम से उनके रजिस्टर्ड मोबाईल नंबर में सूचना मिल जा रही है. प्रकरण में प्रतिदिन की गई कार्यवाही की आर्डरशीट ऑनलाईन अपलोड किया जा रहा है. न्यायालय में लंबित 5 वर्ष से अधिक अवधि के प्रकरणों को प्राथमिकता देकर प्रति सप्ताह सुनवाई संभागायुक्त द्वारा किया जा रहा है.

नक्सली मरे, लेकिन पोस्टमार्टम नहीं, डॉक्टरों ने किया मना, भत्ता बना मुद्दा

 नारायणपुर  नारायणपुर जिला अस्पताल के डाक्टरों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मारे गए नक्सलियों का पोस्टमार्टम करने से इंकार कर दिया है. बीते 9 महीने से नक्सल प्रोत्साहन क्षेत्र भत्ता (CRMC) नहीं मिलने से आक्रोशित डॉक्टरों ने अपना विरोध दर्ज कराया. नक्सल प्रोत्साहन क्षेत्र भत्ता नहीं मिलने से डॉक्टरों में लंबे समय से पनप रहा गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा, जब 22 सितंबर को अबूझमाड़ में मारे गए दो सेंट्रल कमेटी के सदस्यों के शव को पोस्टमार्टम के लिए लाया गया. डॉक्टरों ने एकजुट होकर पोस्टमार्टम से इंकार करते हुए बीते 9 महीने से अटके नक्सली भत्ते को देने की मांग पर अड़ गए. नारायणपुर जिला अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के तौर पर पदस्थ डॉ. हिमांशु सिन्हा ने बताया कि नक्सल क्षेत्र प्रोत्साहन भत्ता (सीआरएमसी) बीते नौ महीने से हमें नहीं मिला है. जनवरी 2025 से आज तक यह नहीं मिला है. साय सरकार का दावा है कि काम जल्द से जल्द किया जाता है, वह बात हमारे भत्ते को लेकर भी अमल में लाया जाए, और हमें जल्द से जल्द भत्ते का भुगतान किया जाएगा. सीएमएचओ एसएस राज ने बताया कि डॉक्टरों ने नक्सली भत्ता नहीं मिलने की बात कही है. इस पर बताया कि यह राज्य स्तरीय मामला है. अक्टूबर-नवंबर में बजट का आवंटन हो जाएगा, एक हफ्ते के भीतर भुगतान कर दिया जाएगा. आश्वासन पर डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम शुरू कर दिया है.

रेल पुलिस की कार्रवाई: दो वाहन चोर गिरफ्तार, चोरी की दो एक्टिवा मिलीं

रायपुर शासकीय रेल पुलिस (जीआरपी) रायपुर ने दोपहिया वाहन चोरी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपी उड़ीसा के निवासी हैं और उनके कब्जे से 1.60 लाख रुपये कीमत की दो होंडा एक्टिवा गाड़ियां बरामद की गई हैं. पुलिस ने केशबा सोना (32 वर्ष, नुआगांव, थाना कोमना, जिला नुवापाड़ा, उड़ीसा) और दुर्योधन सुनानी (45 वर्ष, उदनबान, थाना कोमना, जिला नुवापाड़ा, उड़ीसा) को 24 सितंबर 2025 को क्रमशः 1:30 बजे और 1:40 बजे गिरफ्तार किया. दोनों का वर्तमान पता रायपुर है. प्रकरण की शुरुआत दीप्ति चौधरी (22 वर्ष, बिलासपुर) की शिकायत से हुई, जिन्होंने बताया कि 23 अगस्त 2025 को उनकी भाभी कंचन पिंजानी की होंडा एक्टिवा (वाहन नंबर CG04CR3570, कीमत 1 लाख रुपये) रायपुर रेलवे स्टेशन के टू-व्हीलर पार्किंग से चोरी हो गई. दीप्ति ने 25 अगस्त को पार्किंग में गाड़ी न पाकर पुलिस में शिकायत दर्ज की. इसके आधार पर जीआरपी ने अपराध क्रमांक 107/2025 के तहत धारा 303(2), 317(2), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की.  पुलिस अधीक्षक (रेल) और उप पुलिस अधीक्षक (रेल) रायपुर के निर्देश पर थाना प्रभारी जीआरपी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई की. पूछताछ में आरोपी केशबा सोना ने दीप्ति की एक्टिवा चोरी करने की बात स्वीकार की. साथ ही, उसने लक्ष्मीनगर, टिकरापारा, रायपुर से एक अन्य एक्टिवा (कीमत 60,000 रुपये) चोरी करने की बात कबूल की, जो थाना टिकरापारा के अपराध क्रमांक 270/2021 से संबंधित थी.  पुलिस ने दोनों आरोपियों से दो चोरी की एक्टिवा गाड़ियां बरामद कीं, जिनकी कुल कीमत 1.60 लाख रुपये है.

भूपेश बघेल सरकार की पूर्व अधिकारी पर ईओडब्ल्यू का शिकंजा, 8 करोड़ की संपत्तियां सीज़

रायपुर छत्तीसगढ़ पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने मंगलवार को राज्य प्रशासनिक सेवा (एसएएस) की अधिकारी सौम्या चौरसिया की 16 संपत्तियां जब्त कर ली। इन संपत्तियों की कीमत करीब 8 करोड़ रुपये बताई जा रही है। आरोप है कि सौम्या ने ये संपत्तियां अपनी आय से अधिक साधनों से जुटाईं। चौरसिया 2018 से 2023 तक तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में उप सचिव के पद पर कार्यरत थीं। यह राज्य में पहला मामला है, जब किसी अधिकारी की आय से अधिक संपत्ति को ईओडब्ल्यू ने जब्त किया है। 2024 में चौरसिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया था।

महिलाओं के सशक्तिकरण का माध्यम बनेगा महतारी सदन : श्याम बिहारी जायसवाल

रायपुर राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना महतारी सदन के तहत आज 23 सितम्बर 2025 को मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रदेशभर में एक साथ 55 महतारी सदनों का लोकार्पण किया। वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 208 महतारी सदनों में से अब तक 55 का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। इसी क्रम में मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के खड़गवां ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत रतनपुर और बरदर में निर्मित महतारी सदनों का भी मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ग्राम पंचायत बरदर और रतनपुर में आयोजित महतारी सदन लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम पंचायत बरदर और रतनपुर ऐतिहासिक और गौरवशाली धरोहरों से जुड़ा हुआ है और आज यहां महतारी सदन का लोकार्पण होना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने महिलाओं को 50% आरक्षण और रजिस्ट्री शुल्क में कमी कर उन्हें सशक्त बनाया, वहीं वर्तमान मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने महतारी वंदन योजना के तहत हर महिला को प्रतिमाह 1000 रुपए की सहायता राशि देकर महिला सशक्तिकरण को नई दिशा दी है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक ‘स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार’ अभियान के तहत महिलाओं और पुरुषों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार कराया जा रहा है। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अब तक केवल एमसीबी जिले में 27 हजार मकान बन चुके हैं और 67 हजार निर्माणाधीन हैं वो भी बहुत जल्द बन जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और जनमन योजना के तहत जिले में 100 से अधिक सड़कों का निर्माण या नवीनीकरण हुआ है। किसानों को धान खरीदी के लिए 3100 रुपए प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य मिल रहा है।  मंत्री  जायसवाल ने इस अवसर पर क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएं कीं जिनमें बरदर डेम में नौका विहार की शुरुआत, बरदर शिव मंदिर के लिए पाँच लाख रुपए की स्वीकृति, 19 ग्राम पंचायतों में पीडीएस भवन निर्माण, 9 स्थानों पर अतिरिक्त महतारी सदन और नई सड़कों के निर्माण कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह महतारी सदन न केवल महिलाओं के आर्थिक उत्थान का केंद्र बनेगा बल्कि पूरे समाज को आत्मनिर्भरता और विकास की राह पर आगे बढ़ाएगा।

जीएसटी सुधार से आर्थिक गतिविधियों में आएगी तेजी, स्थानीय रोजगार को भी मिलेगा फायदा – मुख्यमंत्री साय

रायपुर : जीएसटी बचत उत्सव का जायजा लेने बाजार पहुंचे मुख्यमंत्री  साय जीएसटी बचत उत्सव का जायजा लेने बाजार पहुंचे मुख्यमंत्री  साय जीएसटी सुधार से आर्थिक गतिविधियों में आएगी तेजी, स्थानीय रोजगार को भी मिलेगा फायदा – मुख्यमंत्री  साय जीएसटी बचत उत्सव को लेकर व्यापारियों में दिखा भारी उत्साह रायपुर शहर के जयस्तंभ चौक से लेकर गुरुनानक चौक तक मुख्यमंत्री  साय का गर्मजोशी से हुआ अभूतपूर्व स्वागत नवरात्रि पर्व पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने किया बाजार भ्रमण – जीएसटी 2.0 से व्यापारियों और उपभोक्ताओं में उत्साह रायपुर नवरात्रि पर्व के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के एम.जी. रोड एवं आसपास के प्रमुख बाजारों का भ्रमण कर व्यापारियों और उपभोक्ताओं से आत्मीय संवाद किया। यह अवसर इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लागू जीएसटी 2.0 ने कर प्रणाली को नई सरलता और पारदर्शिता प्रदान की है। मुख्यमंत्री के आगमन से पूरे बाजार का वातावरण उल्लास और उत्साह से भर गया। जगह-जगह व्यापारियों और नागरिकों ने उनका स्वागत किया और “मोदी जी को धन्यवाद” के नारे गूंजते रहे। मुख्यमंत्री ने दुकानदारों से प्रत्यक्ष संवाद करते हुए जाना कि नई कर व्यवस्था से व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को कितना बड़ा लाभ मिला है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने शाम को राजधानी रायपुर स्थित जयस्तंभ चौक से महात्मा गांधी मार्ग होते हुए गुरुनानक चौक तक पैदल बाजार भ्रमण किया और जीएसटी बचत उत्सव का जायजा लेने विभिन्न प्रतिष्ठानों में पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री  साय ने दुकानों में बचत उत्सव के स्टीकर भी लगाए और स्थानीय दुकानदारों एवं ग्राहकों से आत्मीय चर्चा की। बाजार भ्रमण के दौरान व्यापारियों में खासा उत्साह देखने को मिला। विभिन्न व्यापारी संगठनों एवं संचालकों ने मुख्यमंत्री  साय का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जीएसटी सुधार से देश की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी, जिससे स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार द्वारा हाल में किए गए व्यापक जीएसटी सुधारों से टैक्स में कमी आई है और ग्राहकों को इसका सीधा लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने शारदा चौक स्थित  शंकर हनुमान मंदिर में दर्शन कर बाजार भ्रमण की शुरुआत की। मुख्यमंत्री से बातचीत में लीला राम इलेक्ट्रॉनिक्स में खरीददारी करने आई समता कॉलोनी निवासी सु ऋचा ठाकुर ने कहा कि जीएसटी में कटौती से उनकी बड़ी चिंता दूर हुई है। उन्होंने बताया कि उन्हें अपने हॉस्टल के लिए 5 एसी खरीदने थे। पहले 35,000 रुपये प्रति एसी की कीमत वाले उत्पाद अब कटौती और डिस्काउंट के बाद 30,000 रुपये में मिले, जिससे एक बार में ही 25,000 रुपये की बचत हुई। ऋचा ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी को इस निर्णय के लिए धन्यवाद दिया। इसी प्रकार एम.एस. ट्रेडर्स के प्रोप्राइटर  मोहन नेभानी ने बताया कि बचत उत्सव के दौरान मुख्यमंत्री स्वयं उनकी दुकान पर आए और ग्राहकों के लाभ की जानकारी ली। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि जीएसटी में कटौती से ग्राहकों की खरीददारी बढ़ी है और हर सामान पर 1,000 से 2,000 रुपये तक की बचत हो रही है। मुख्यमंत्री  साय ने महात्मा गांधी मार्ग स्थित विभिन्न दुकानों में भ्रमण कर दुकानदारों और ग्राहकों से आत्मीय बातचीत की। बाजार में पैदल भ्रमण के दौरान आमजन ने मुख्यमंत्री पर पुष्पवर्षा कर स्वागत और अभिनंदन किया। जयस्तंभ चौक पर मुख्यमंत्री का स्वागत चैम्बर ऑफ कॉमर्स और पार्टी पदाधिकारियों ने किया। इसके बाद वे शारदा चौक पहुंचे और वहाँ देवी प्रतिमा के दर्शन कर भक्तों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान नवरात्रि की शुभकामनाएँ दीं। इसके पश्चात मुख्यमंत्री पूनम होटल से लेकर मंजू ममता होटल तक पैदल भ्रमण करते हुए आगे बढ़े। सड़क किनारे खड़े छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े प्रतिष्ठानों तक, सभी ने मुख्यमंत्री से संवाद करने की उत्सुकता दिखाई। मुख्यमंत्री ने भी आत्मीयता के साथ सभी की बातें सुनीं और जीएसटी 2.0 के लाभों पर उनकी प्रतिक्रियाएँ जानीं। मुख्यमंत्री  साय ने टिनी टीज़र और किड्स ऑन व्हील साइकिल स्टोर जैसे प्रतिष्ठानों पर जाकर बच्चों से जुड़ी वस्तुओं और घरेलू सामग्री पर घटे कर दरों की जानकारी ली। इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों में जाकर उन्होंने जाना कि उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में कितनी सस्ती दरों पर सामान मिल रहा है। दुकानदारों ने बताया कि नए प्रावधानों से व्यापार करना आसान हुआ है और ग्राहकों का भरोसा भी बढ़ा है। मुख्यमंत्री  साय ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि नवरात्रि पर्व और जीएसटी दरों में ऐतिहासिक कटौती का यह संयोग व्यापार और उपभोक्ताओं दोनों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में कर प्रणाली और अधिक पारदर्शी एवं सरल बनी है। इससे न केवल व्यापारियों को सुविधा होगी बल्कि आम उपभोक्ताओं की जेब में भी प्रत्यक्ष बचत होगी। मुख्यमंत्री ने विस्तार से कहा कि अब केवल दो स्लैब रह गए हैं। आवश्यक वस्तुएँ जैसे साबुन, टूथपेस्ट, साइकिल और रसोई सामग्री अब मात्र 5 प्रतिशत कर पर उपलब्ध होंगी, जिससे हर परिवार को सालाना 3,000 से 5,000 रुपये की बचत होगी। इसी प्रकार ब्रेड, दूध, पैक्ड नमकीन और चना जैसी खाद्य वस्तुएँ पूरी तरह करमुक्त हो गई हैं, जिससे सालाना ढाई से साढ़े तीन हजार रुपये तक की बचत होगी। स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर भी कर हटने से लोगों को 25,000 रुपये की पॉलिसी पर लगभग 4,500 रुपये और वरिष्ठ नागरिक बीमा पर 8 से 10 हजार रुपये सालाना की बचत होगी। मुख्यमंत्री  साय ने अंत में कहा कि जीएसटी 2.0 से व्यापार जगत को भी बड़ा लाभ होगा।  यह सुधार उद्योग, व्यापार, निवेश और रोजगार सभी क्षेत्रों पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों और व्यापारियों से आग्रह किया कि वे स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा दें और उपभोक्ताओं से भी आह्वान किया कि वे गर्व से कहें – “मैं स्वदेशी खरीदता हूँ और स्वदेशी बेचता हूँ।” उन्होंने इसे भारत के आर्थिक भविष्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाने वाला मंत्र बताया। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री  केदार कश्यप, विधायक  सुनील सोनी,  पुरंदर मिश्रा,  मोती लाल साहू, नान के अध्यक्ष  संजय वास्तव, अमित  चिमनानी, रमेश ठाकुर, नंदन जैन सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न व्यापारी संगठन एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।