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महतारी वंदन योजना बनी आर्थिक संबल, महिलाएं गढ़ रहीं बेहतर कल

रायपुर,  छत्तीसगढ़ शासन की महतारी वंदन योजना ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बदलाव की नई इबारत लिख रही है। यह योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि परिवार की जरूरतों में भी सहभागी बन रही हैं। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के ग्राम पंडरीतराई निवासी श्रीमती रबीना पिस्दा जो एक गृहिणी हैं। उन्हें योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। उन्होंने बताया कि इस राशि को वह अपने बेटे की शिक्षा और जरूरी घरेलू कार्यों में उपयोग कर रही हैं। इस वर्ष जब उनके बेटे का पहली कक्षा में प्रवेश हुआ, तो उन्होंने महतारी वंदन योजना की राशि से बेटे के लिए बस्ता, स्लेट, पेंसिल, जूते सहित अन्य शिक्षण सामग्री खरीदी। श्रीमती रबीना बताती हैं कि उनके पति कृषि कार्य करते हैं और वह स्वयं भी खेती में हाथ बंटाती हैं। पहले किसी भी प्रकार की बचत कर पाना मुश्किल था, लेकिन इस योजना से अब हर माह थोड़ी-बहुत राशि बचाकर वह अपने बेटे के उज्जवल भविष्य की नींव मजबूत कर पा रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्रीमती रबीना ने कहा कि महतारी वंदन योजना उनके जैसी हजारों-लाखों महिलाओं के लिए संबल बनी है। इससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने और परिवार में योगदान देने का अवसर मिल रहा है।

बिजली बिल शून्य, आय में वृद्धि : पीएम सूर्य घर योजना बनी आमजनों के लिए वरदान

रायपुर, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए वरदान साबित हो रही है। बलौदाबाजार शहर के सदर रोड निवासी  राजेश केशरवानी ने इस योजना का लाभ उठाकर अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया है।अब उन्हें बिजली का बिल नहीं भरना पड़ता। श्री केशरवानी ने  बताया कि इस योजना की जानकारी उन्हें सोशल मीडिया और समाचार पत्रों से प्राप्त हुई, जिसके बाद उन्होंने बिजली विभाग से संपर्क कर आवश्यक मार्गदर्शन लिया। आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और सरल है, जिसे उन्होंने बिना किसी कठिनाई के पूरा किया। श्री केशरवानी को सोलर सिस्टम स्थापना पर 78,000 की सब्सिडी प्राप्त हुई। पिछले छह महीनों से यह प्रणाली बिना किसी रुकावट के कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि पहले उन्हें हर महीने 2000 से 2500 तक का बिजली बिल भरना पड़ता था, लेकिन अब उनका बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है। उन्होंने कहा कि यह योजना सिर्फ आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि पर्यावरण की दृष्टि से भी अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे भी इस योजना का लाभ उठाकर न केवल बिजली की बचत करें, बल्कि हर महीने की आय में भी सकारात्मक योगदान प्राप्त करें। श्री केशरवानी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना आमजन के जीवन में सच्चे अर्थों में बदलाव ला रही है और देश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रही है।

चिरायु योजना: पहाड़ी कोरवाओं को मिला स्वास्थ्य सुरक्षा का संबल

  इस योजना से देश भर के अच्छे निजी अस्पतालों में कराया जाता है निःशुल्क इलाज रायपुर,  चिरायु योजना बच्चों के लिए वरदान बन गई है। खासकर ऐसे परिवार जिनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, जो दूसरे शहरों में जाकर किसी निजी अस्पताल में इलाज नहीं करा सकते। आदिवासी बाहुल्य जशपुर जहां विशेष पिछड़ी जनजाति  के लोग भी निवास करते हैं। यह योजना गरीब और जरूरतमंदों के लिए सहारा बन रही है। दिल की बीमारी से जूझ रही पहाड़ी कोरवा अंजलि बाई, अंशिका, रितेश या इनके जैसे कई ऐसे बच्चे हैं जो दिल या किसी अन्य बीमारी से जूझ रहे थे। चिरायु योजना ने उन्हें नवजीवन देने का काम किया है।       जशपुर जिले के मनोरा विकासखण्ड के जंगलों के बीच बसे एक छोटे से ग्राम सोनक्यारी में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवार में जन्मी अंजली बाई। जिनका दिल की बीमारी का इलाज चिरायु योजना से किया गया है। छोटे छोटे काम कर घर का गुजारा चलाने वाले पिता नान्हू राम को जब पता चला की अंजली के दिल में छेद है तो उन्हें समझ ही नहीं आ रहा था वह क्या करे। प्रारंभिक जांच मनोरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में होने के बाद चिरायु टीम के द्वारा उनका जांच किया गया। जिसमें पता चला कि अंजली के दिल में छेद है। अंजलि का रायपुर के एक बड़े निजी संस्थान में ले जाकर का उपचार किया गया। जहां सफल ऑपरेशन के बाद अंजली ठीक हो गयी।      इसी तहत जिले में कई गरीब परिवारों के बच्चे हैं जिनका सफल इलाज इस योजना के माध्यम से हुआ है। जिला मुख्यालय के पुरानीटोली निवासी सुदर्शन चौहान के पुत्र रितेश का निजी अस्पताल में जांच के बाद पता चला कि उसके दिल में छेद है। निजी अस्पताल में इलाज कराना मजदूरी करके अपने परिवार का जीवन-यापन करने वाले उनके पिता के लिए काफी मुश्किल था। फिर वे अपने बच्चे को जिला अस्पताल ले गए। जहां अस्पताल में डॉक्टरों के द्वारा चिरायु योजना की जानकारी दी गई और बेहतर इलाज के लिए रायपुर भेजा गया, जहां ऑपरेशन और बेहतर इलाज के बाद आज बच्चा स्वस्थ है। इसी तरह विकासखण्ड कुनकुरी के ग्राम बेहराटोली के निवासी कृतिबाई और धनेश्वर यादव की पुत्री  अंशिका की दिल की गंभीर बीमारी का प्रारंभिक इलाज रायपुर के मेडिकल कॉलेज, सत्यसाईं चिकित्सा संस्थान एवं भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में कराने के बाद चेन्नई स्थित अपोलो अस्पताल में अंशिका का दिल का ऑपरेशन किया गया। जिसमें कुल 14.50 लाख रुपयों का खर्च आया, जिसका वहन चिरायु योजना के अंतर्गत शासन द्वारा किया गया।       इसी प्रकार चिरायु अंतर्गत अपोलो चिल्ड्रन हॉस्पिटल चेन्नई में जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित 2 वर्षीय अन्वी बाई, 9 वर्षीय अनंत नाायक, 9 वर्षीय कुमार नायक का सफल ईलाज किया गया। इस योजना से जिला मुख्यालय स्थित चीरबगीचा निवासी नोवेल भगत, बीटीआई पारा के गर्वित सिंह का भी रायपुर के निजी अस्पताल में जन्मजात होंठ व तालू के विकृति का निःशुल्क सफल इलाज किया गया है। उल्लेखनीय है कि चिरायु योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों में जाकर बच्चों की संपूर्ण स्वास्थ्य की जांच की जाती है। जांच के उपरांत 44 प्रकार की बीमारी तथा विकृति की जानकारी होने के बाद चिरायु योजना से बच्चों का इलाज कराया जाता है। आवश्यकता होने पर बच्चों को देश भर के अच्छे हॉस्पिटल में ले जाकर उपचार भी कराया जाता है।

आत्मदाह की दर्दनाक घटना: मां और मासूम की अधजली लाश ने खड़ा किया कई सवाल

दुर्ग छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां घर में मां-बेटी की अधजली लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है. मां ने 8 साल की बेटी के साथ आत्मदाह किया है. यह घटना नंदनी थाना क्षेत्र के बीएसपी टाउनशिप क्षेत्र की है. घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची है. जानकारी के मुताबिक, मृतिका जागेश्वरी साहू टाउनशिप स्थित अपने बीएसपी रिटायर्ड पिता के घर में रहती थी. पति से उनका विवाद चल रहा था. धमतरी जिला न्यायालय में तलाक का मामला लंबित था. महिला ने घर में आग लगाकर अपनी मासूम बच्ची के साथ स्वयं को आग के हवाले कर दिया. इस घटना में जागेश्वरी साहू और बेटी दिव्यांशी साहू की मौत हो गई है. नंदनी थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर घटना की जांच कर रही.

करोड़ों के शराब घोटाले में नया मोड़, EOW ने कसा शिकंजा, तीन गिरफ्तार

रायपुर शराब घोटाला मामले में EOW ने बड़ी कार्रवाई की है. EOW ने मनीष मिश्रा, संजय कुमार मिश्रा और अभिषेक सिंह को गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा कि संजय और मनीष नेक्सजेन पॉवर कंपनी बनाकर FL 10 लाइसेंस लेकर प्रदेश में महंगी ब्रांडेड अंग्रेजी शराब की सप्लाई करते थे. बता दें कि मनीष और संजय कुमार आपस में सगे भाई हैं. संजय कुमार पेशे से चार्टड अकाउंटेंट हैं. अभिषेक सिंह पूर्व में आबकारी घोटाले के आरोपी अरविंद सिंह का भतीजा है. तीनों आरोपियों को EOW की विशेष कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां से तीनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा सकती है. बता दें कि हाल ही में ईडी ने शराब घोटाला मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था. उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है. क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामला वर्ष 2019 से 2023 के बीच, राज्य के 15 बड़े जिलों में पदस्थ आबकारी अधिकारी और अन्य प्रशासनिक पदाधिकारियों द्वारा बिना ड्यूटी चुकाई गई देसी शराब (B-Part शराब) की शासकीय दुकानों में समानांतर अवैध बिक्री की गई. बस्तर और सरगुजा संभाग को छोड़कर चयनित जिलों में अधिक खपत वाली देसी शराब दुकानों को डिस्टलरी से सीधे अतिरिक्त अवैध शराब भेजी जाती थी, जिसे वैध शराब के साथ समानांतर बेचा जाता था. इस पूरे नेटवर्क में डिस्टलरी, ट्रांसपोर्टर, सेल्समैन, सुपरवाइजर, आबकारी विभाग के जिला प्रभारी अधिकारी, मंडल व वृत्त प्रभारी, और मैन पावर एजेंसी के अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे. अवैध शराब को “बी-पार्ट शराब” कहा जाता था, और इससे अर्जित रकम सीधे सिंडीकेट के पास पहुंचाई जाती थी. 2174 से बढ़कर 3200 करोड़ का हुआ घोटाला EOW/ACB द्वारा अब तक की गई जांच और 200 से अधिक व्यक्तियों के बयान एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अनुमान है कि लगभग 60,50,950 पेटी बी-पार्ट शराब की अवैध बिक्री हुई है, जिसकी अनुमानित कीमत 2174 करोड़ रुपये से अधिक है. पहले इस घोटाले का अनुमान 2174 करोड़ रुपये था, लेकिन नवीनतम आंकड़ों के अनुसार घोटाले की कुल राशि 3200 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है. अब तक हुई प्रमुख गिरफ्तारियां इस प्रकरण में अब तक अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर, अरुणपति त्रिपाठी, कवासी लखमा, विजय भाटिया सहित कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. FIR के अनुसार 70 आरोपी नामजद हैं. चतुर्थ पूरक चालान की प्रस्तुति हेतु न्यायालय ने आरोपियों को नोटिस जारी किए थे, लेकिन वे न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए. EOW/ACB की जांच जारी EOW/ACB द्वारा अब भी इस मामले की गहन जांच जारी है, जिसमें विदेशी शराब में लिये गये सिंडीकेट कमीशन, धन शोधन के नेटवर्क और राज्य स्तरीय समन्वय तंत्र की परतें खोली जा रही हैं. पूर्व मंत्री को घोटाले में मिले 64 करोड़ रुपये शराब घोटाला मामले की जांच में अब तक यह सामने आया है कि पूर्व मंत्री कवासी लखमा के संरक्षण में विभागीय अधिकारियों, सहयोगियों और ठेकेदारों के माध्यम से यह सुनियोजित घोटाला किया गया. इस घोटाले से प्राप्त रकम को व्यक्तिगत और पारिवारिक हितों में खर्च किया गया, जिससे उन्हें अनुचित आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ. अब तक तीन पूरक अभियोग पत्रों सहित कुल चार अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं. इस मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. जांच जारी है.  शराब घोटाला मामले में 22 अफसर निलंबित बीती 11 जुलाई को छत्तीसगढ़ सरकार ने शराब घोटाला मामले में कुल 22 अधिकारियों को निलंबित किया था. यह कार्रवाई पूर्ववर्ती भूपेश सरकार के दौरान हुए 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले की जांच के आधार पर की गई है. वर्ष 2019 से 2023 के बीच हुए इस घोटाले में आबकारी विभाग के इन अधिकारियों की संलिप्तता पाई गई थी, जिन्होंने अवैध रूप से अर्जित धन से संपत्तियां बनाई थी.

अमरकंटक से भोरमदेव तक: भावना बोहरा की आस्था की 151 किमी लंबी कांवड़ यात्रा शुरू

कवर्धा सावन के दूसरे सोमवार को शिवभक्ति की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली, जब पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने मां नर्मदा के जल के साथ 151 किलोमीटर लंबी पदयात्रा की शुरुआत की। अमरकंटक से कांवड़ लेकर निकलीं विधायक बोहरा इस कठिन यात्रा के दौरान जंगल, पहाड़, नदी-नाले पार करते हुए डोंगरिया स्थित जलेश्वर महादेव और प्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर में जलाभिषेक करेंगी। बता दें कि आज सुबह अमरकंटक पहुंचकर विधायक भावना बोहरा ने विधि-विधान से मां नर्मदा की पूजा की और छत्तीसगढ़ राज्य की सुख-शांति व समृद्धि की कामना करते हुए संकल्प के साथ यात्रा का शुभारंभ किया। इस दौरान ‘बोल बम’ और ‘हर हर नर्मदे’ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। इस यात्रा में उनके साथ सैकड़ों शिवभक्त भी कांवड़ उठाकर निकल चुके हैं। यह जत्था सात दिनों की कठिन यात्रा के बाद अपने गंतव्य तक पहुंचेगा, रास्ते में पहाड़ी इलाके, बीहड़ और घने जंगल होंगे, लेकिन श्रद्धा की ताकत हर बाधा को पार कर रही है। 4 वर्षों से कांवड़ियों के लिए कर रहीं भंडारे का आयोजन विधायक भावना बोहरा पिछले चार वर्षों से अमरकंटक में छत्तीसगढ़ से आने वाले कांवड़ियों के लिए नि:शुल्क भंडारे का आयोजन करती आ रही हैं। इसमें ठहरने, भोजन और जरूरी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की जाती है। इस निःस्वार्थ सेवा से प्रेरित होकर उन्होंने इस वर्ष स्वयं कांवड़ यात्रा पर निकलने का निर्णय लिया। जनआस्था का महापर्व सावन के इस पावन माह में पूरे कवर्धा जिले से लेकर अमरकंटक तक हर दिशा में “हर हर महादेव” की गूंज सुनाई दे रही है। पंचमुखी बूढ़ा महादेव और भोरमदेव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। यह पदयात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि जनसेवा, सामाजिक एकता और प्रकृति से जुड़ाव की सशक्त मिसाल भी बन रही है।

दफ्तर में फंदे से लटका मिला युवक, शादी को हुए थे सिर्फ 6 महीने

बालोद छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के बीईओ कार्यालय में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब युवक की फांसी के फंदे पर लाश लटकी हुई मिली. मृतक की पहचान सफाईकर्मी के बेटे सतीश यादव के रूप में हुई है. घटना से दफ्तर में हड़ंकप मच गया. सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. घटना गरूर थाना क्षेत्र की है. जानकारी के मुताबिक, सतीश की मां लक्ष्मी यादव हड़ताल पर गई थी, जिसके चलते सतीश पिछले तीन-चार दिनों से बीईओ कार्यालय में काम करने आ रहा था. उसी के पास कार्यालय की चाबी थी. रविवार-सोमवार की दरमियानी रात सतीश ने कार्यालय में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. सतीश की 6 महीने पहले ही शादी हुई थी. सोमवार सुबह दफ्तर खुलते ही कर्मचारियों को सतीश का फांसी के फंदे पर लटका हुआ शव मिला, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया. घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतारकर पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया. फिलहाल आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं है. गुरूर पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है.

उप मुख्यमंत्री साव ने 30 करोड़ रुपए के कार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन

शहर को भी अपना घर समझें और स्वच्छ रखे :  अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने अटल परिसर का किया लोकार्पण, पूर्व प्रधानमंत्री  अटल बिहारी बाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण भी किया उप मुख्यमंत्री साव ने 30 करोड़ रुपए के कार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन बिलासपुर  उप मुख्यमंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने आज कोरबा नगर निगम कोरबा में लगभग 30 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें भूमिपूजन के 74 कार्य, राशि 24 करोड़ 76 लाख रुपए और लोकार्पण के 19 कार्य राशि चार करोड़ 60 लाख रुपए शामिल हैं। श्री साव ने विवेकानंद उद्यान के सामने अटल परिसर का लोकार्पण किया। उन्होंने अटल परिसर में स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण भी किया। कार्यक्रम में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, विधायक श्री प्रेमचंद पटेल, कोरबा नगर निगम की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत और सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर भी शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह गौरव की बात है कि अब प्रदेश के नगरीय निकायों को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त होने लगा है। कोरबा नगर निगम को भी स्वच्छता के लिए पुरस्कार मिलना गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि कोरबा में तेज गति से स्वच्छता के काम हो रहे हैं। आने वाले समय में कोरबा नम्बर वन पर रहे, इसके लिए आमजनों का सहयोग जरूरी है। श्री साव ने कहा कि जिस तरह हर व्यक्ति अपने घर को स्वच्छ रखता है, उसी तरह शहर को भी अपना घर समझें और स्वच्छ रखें। कोरबा शहर साफ-सुथरा हो, इसके लिए सभी का सहयोग आवश्यक है।  श्री साव ने कोरबा के विकास के लिए नगर निगम में 72 कार्यों हेतु 18 करोड़ रुपए और देने की घोषणा करते हुए कहा कि कोरबा ऊर्जाधानी है और यहाँ के लोगों में ऊर्जा बनी रहे, इस दिशा में कार्य करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में विकास के लिए राशि उपलब्ध कराई जा रही है। अकेले कोरबा नगर निगम को 280 करोड़ की राशि विकास कार्यों के लिए दी गई है। उन्होंने कहा कि कोरबा जिले में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) की राशि से भी विकास के कार्य कराए जा रहे हैं।  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उद्योग व वाणिज्य तथा श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कोरबा के विकास के लिए पर्याप्त राशि प्रदान की है। इसके अलावा डीएमएफ और अन्य मद से भी कोरबा को विभिन्न कार्यों के लिए राशि दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जिले से प्राप्त राशि को जिले में ही खर्च करने की व्यवस्था प्रदान की है। इससे कोरबा में लगातार विकास के कार्य कराए जा रहे हैं।  श्री देवांगन ने शहर के सभी 67 वार्डों में समग्र विकास कार्य कराने के लिए संकल्पित होने की बात कही और स्वच्छता के मामले में देश की रैंकिंग में नम्बर वन बनाने की दिशा में कार्य करने और आम नागरिकों से भी इसके लिए सहयोग की अपील की। उन्होंने अटल परिसर के निर्माण और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी की प्रतिमा के अनावरण होने पर इसे कोरबा के लिए गौरव बताया। कार्यक्रम को महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने भी सम्बोधित किया। कलेक्टर श्री अजीत वसंत, एसपी श्री सिद्दार्थ तिवारी और निगम आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय सहित पार्षदगण और अन्य जनप्रतिनिधिगण बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

राजस्थान टेबल टेनिस विवाद: संघ पर साजिश के आरोप, खिलाड़ियों का भविष्य अधर में

जयपुर राजस्थान टेबल टेनिस संघ (RTTA) के वैध प्रबंधन को अस्थिर करने के प्रयासों को लेकर संघ के अध्यक्ष मुकुल गुप्ता और उपाध्यक्ष ललित सिंह ने जयपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि संघ के खिलाफ एक सुनियोजित षड्यंत्र रचा जा रहा है, जिससे न केवल संस्था की वैधानिकता पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं, बल्कि राज्य के खिलाड़ियों का भविष्य भी संकट में डाल दिया गया है। गुप्ता ने बताया कि 11 फरवरी 2023 को हुए संघ के चुनाव राजस्थान ओलंपिक संघ, राज्य खेल परिषद और अधिकृत निर्वाचन अधिकारी की देखरेख में पूरी तरह पारदर्शी तरीके से सम्पन्न हुए थे। चुनाव प्रक्रिया में राजस्थान खेल अधिनियम 2005 का पूरी तरह पालन किया गया और इसे संबंधित सभी प्राधिकरणों से मान्यता प्राप्त है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रमाण पत्रों की प्रतियां भी साझा कीं। हालांकि, हाल ही में चल रहे षड्यंत्रों के कारण खिलाड़ियों को "राजस्थान" के नाम से प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहे हैं। इसका सीधा असर खिलाड़ियों की राष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी पर पड़ा है, जिससे उनकी प्रतियोगिताओं में मान्यता प्रभावित हो रही है। इससे न केवल खिलाड़ियों का मनोबल गिरा है, बल्कि उनके खेल करियर पर भी गंभीर संकट मंडरा रहा है। उपाध्यक्ष ललित सिंह ने कहा कि यदि यह स्थिति शीघ्र नहीं सुलझी, तो राज्य के कई होनहार टेबल टेनिस खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित करने से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने राज्य सरकार और खेल विभाग से अपील की कि वे इस मुद्दे पर गंभीरता से संज्ञान लें और खिलाड़ियों के हितों की रक्षा करें। संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि वे कानूनी और वैधानिक स्तर पर इस षड्यंत्र का मुकाबला करेंगे और खिलाड़ियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाएंगे।

खेलों से युवा बनते हैं मजबूत और आत्मविश्वासी: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : खेल युवाओं में साहस, शक्ति और दृढ़ संकल्प का विकास करते हैं : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय खेल युवाओं में साहस, शक्ति और दृढ़ संकल्प का विकास करते हैं मुख्यमंत्री साय वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग चैम्पियनशिप 2025 के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में हुए शामिल रायपुर मुख्यमंत्री साय वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग चैम्पियनशिप 2025 के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में हुए शामिल मुख्यमंत्री साय वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग चैम्पियनशिप 2025 के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में हुए शामिल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज देर शाम राजधानी रायपुर स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग चैम्पियनशिप 2025 के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर देश के 28 राज्यों से आए लगभग 1200 प्रतिभागियों और 300 कोचों का भगवान श्रीराम की ननिहाल और माता कौशल्या की पावन धरती छत्तीसगढ़ में हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि यह राज्य का सौभाग्य है कि वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग फेडरेशन ने इस प्रतिष्ठित आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ को चुना। मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों को छत्तीसगढ़ राज्य की विशेषताओं से अवगत कराते हुए बताया कि यह देश के हृदयस्थल पर स्थित एक छोटा, परंतु अत्यंत समृद्ध प्रदेश है, जिसका 44 प्रतिशत भूभाग सुरम्य वनों से आच्छादित है। यहाँ 5,000 वर्ग किलोमीटर में फैला सघन अबूझमाड़ क्षेत्र है, जहाँ सूर्य की किरणें तक नहीं पहुँचतीं। राज्य में मनोरम जलप्रपात, सुंदर गुफाएँ, समृद्ध खनिज संपदा और सांस्कृतिक विविधता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है। उन्होंने देशभर से आए खिलाड़ियों को आग्रहपूर्वक छत्तीसगढ़ घूमने का निमंत्रण भी दिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किक बॉक्सिंग जैसे खेल युवाओं में साहस, शक्ति और दृढ़ संकल्प का विकास करते हैं। उन्होंने कहा कि “यह आयोजन निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर और अधिक सशक्त स्थान प्रदान करेगा।” मुख्यमंत्री ने किक बॉक्सिंग एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ को इस भव्य आयोजन के लिए साधुवाद देते हुए कहा कि खेल जीवन का अभिन्न अंग हैं, जो केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और समर्पण का भी पाठ सिखाते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे मेहनत, लगन और जुनून के साथ अपने लक्ष्यों की दिशा में निरंतर अग्रसर रहें। मुख्यमंत्री ने कहा, “जीत और हार जीवन का हिस्सा हैं, लेकिन असली लक्ष्य अपनी क्षमता को पहचानना और उसे निखारना होना चाहिए।” मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित खेलो इंडिया कार्यक्रम की सराहना करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों को इस योजना से जोड़ा गया है, ताकि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के खिलाड़ियों को समान अवसर प्राप्त हो सकें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास, प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन योजनाओं पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने यह भी बताया कि ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 1 से 3 करोड़ रुपये तक की पुरस्कार राशि देने की योजना सरकार की प्रतिबद्धता का परिचायक है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि इस योजना के तहत खेल मैदानों का उन्नयन, उच्च स्तरीय उपकरणों की व्यवस्था, खेल क्लबों को आर्थिक सहायता तथा पारंपरिक खेलों के आयोजन सुनिश्चित किए गए हैं। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को प्रतिस्पर्धा में भागीदारी के लिए शुभकामनाएँ दीं और आशा जताई कि आगामी वर्षों में छत्तीसगढ़ देश में खेलों के क्षेत्र में नेतृत्वकारी भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि किक बॉक्सिंग जैसे खेल विशेष रूप से बालिकाओं की आत्मरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने सभी स्कूली छात्र-छात्राओं से पढ़ाई के साथ-साथ खेलों को भी अपनी दिनचर्या में शामिल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में खेलों को हर स्तर पर प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में खेल अकादमियों और आधारभूत संरचनाओं का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है। महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग फेडरेशन के अध्यक्ष संतोष अग्रवाल, छत्तीसगढ़ किक बॉक्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष छगन मुंदड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, ऑब्जर्वर श्रीमती रेणु पारीख, मुरली शर्मा, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं खेलप्रेमीजन उपस्थित रहे। प्रतियोगिता में 22 स्वर्ण, 18 रजत एवं 26 कांस्य पदकों के साथ पंजाब ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। 21 स्वर्ण, 16 रजत एवं 29 कांस्य पदकों के साथ महाराष्ट्र द्वितीय और 12 स्वर्ण, 14 रजत एवं 15 कांस्य पदकों के साथ तमिलनाडु तृतीय स्थान पर रहा। इस चैम्पियनशिप में छत्तीसगढ़ ने 8 स्वर्ण, 13 रजत और 37 कांस्य पदक प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर पर छठवाँ स्थान अर्जित किया, जो राज्य के लिए गर्व का विषय है। इसके साथ ही असम रायफल्स को सर्वश्रेष्ठ अनुशासित टीम के रूप में सम्मानित किया गया।